-->
Editor: Naresh Prasad Soni
Follow Us: Facebook YouTube Instagram Twitter
Showing posts with label Central Jail Hazaribagh. Show all posts
Showing posts with label Central Jail Hazaribagh. Show all posts

हजारीबाग की हाई सिक्योरिटी जेल में सेंधमारी: ग्रिल काटकर 3 कैदी फरार, दो हेड वार्डन सस्पेंड, खाली हाथ अंधेरे में तीर चला रही पुलिस

हजारीबाग की हाई सिक्योरिटी जेल में सेंधमारी: ग्रिल काटकर 3 कैदी फरार, दो हेड वार्डन सस्पेंड, खाली हाथ अंधेरे में तीर चला रही पुलिस

​HAZARIBAGH: झारखंड की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली हजारीबाग स्थित लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा (जेपी कारा) की अभेद्य सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है। जेल से तीन खूंखार कैदियों के फिल्मी स्टाइल में फरार होने के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस और प्रशासन के हाथ पूरी तरह खाली हैं। हालांकि, प्रथम दृष्टया घोर लापरवाही सामने आने पर जेल प्रशासन ने कड़ा एक्शन लेते हुए ड्यूटी पर तैनात दो हेड वार्डन हरेंद्र महतो और उमेश सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। इन दोनों कर्मियों की ड्यूटी उसी वार्ड नंबर 4 में थी, जहां से कैदी ग्रिल काटकर भागने में सफल रहे। इसके अलावा सुरक्षा में तैनात 18 अन्य जवानों पर भी जांच की तलवार लटक रही है और उन पर भी कभी भी गाज गिर सकती है।

​इस दुस्साहसिक कांड को अंजाम देने के लिए कैदियों ने मौसम और अंधेरे का पूरा फायदा उठाया। जेल सुपरिटेंडेंट चंद्रशेखर प्रसाद सुमन द्वारा लोहसिंघना थाना में दर्ज कराई गई प्राथमिकी के मुताबिक, बैरक नंबर 6 की खिड़की संख्या 4 का ग्रिल काटकर ये कैदी रात के सन्नाटे में फरार हुए। सीसीटीवी फुटेज की जांच में पता चला है कि घटना को रात करीब 1:36 से 2:45 बजे के बीच अंजाम दिया गया। उस वक्त घना कोहरा था और जेल परिसर में बिजली गुल थी, जिसका फायदा उठाकर अपराधी सुरक्षा चक्र को भेदने में कामयाब रहे। घटना के बाद जैप-7 के डीएसपी ने जेल पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की, लेकिन सवाल यह उठ रहा है कि हर पोस्ट पर चार जवानों की तैनाती के बावजूद ग्रिल काटने की भनक किसी को क्यों नहीं लगी।

​फरार कैदियों की धरपकड़ के लिए हजारीबाग एसपी ने एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया है जो युद्धस्तर पर छापेमारी कर रही है। पुलिस की पांच अलग-अलग टीमें धनबाद, रांची और यहां तक कि बिहार के संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं। फॉरेंसिक टीम सबूत जुटा रही है और कॉल डिटेल्स खंगाले जा रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा है। फरार अपराधियों में कुख्यात देवा भुईया शामिल है, जिसका जेल तोड़ने का पुराना इतिहास रहा है। वह 2021 में भी धनबाद जेल से शौचालय की खिड़की तोड़कर भाग चुका था और हजारीबाग के रास्तों से अच्छी तरह वाकिफ है। उसके साथ पोक्सो एक्ट के सजायाफ्ता जीतेंद्र रवानी और राहुल रजवार भी फरार हैं, जो पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गए हैं।

© 2025 News Prahari. All Rights Reserved. | Reg No: JH-11-0021972