श्रद्धापूर्वक मनाई गई राष्ट्रनायक नेताजी की जयंती
यूनियन क्लब के ऐतिहासिक केशव हॉल में गूंजा कदम-कदम बढ़ाए जा
श्रद्धापूर्वक मनाई गई राष्ट्रनायक नेताजी की जयंती
हजारीबाग: भारतीय स्वाधीनता संग्राम के देदीप्यमान नक्षत्र और अदम्य साहस के प्रतीक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती शुक्रवार को हजारीबाग के ऐतिहासिक यूनियन क्लब एंड लाइब्रेरी के केशव हॉल में अत्यंत गरिमामय और उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाई गई। बंगाली एसोसिएशन हजारीबाग और यूनियन क्लब एंड लाइब्रेरी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस गौरवमयी समारोह में समाज के विभिन्न वर्गों ने शिरकत कर नेताजी के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा निवेदित की। कार्यक्रम का शुभारंभ बंगाली एसोसिएशन के सचिव सोमनाथ कुनार, पूजा समिति के सचिव रजत नाग और हिमांशु भट्टाचार्य द्वारा नेताजी के चित्र पर संयुक्त रूप से माल्यार्पण कर किया गया। इसके उपरांत उपस्थित विशिष्ट जनों और गणमान्य नागरिकों ने बारी-बारी से पुष्प अर्पित कर देश की आजादी के लिए उनके सर्वस्व त्याग को स्मरण किया।
समारोह की महत्ता उस समय और बढ़ गई जब संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव के तकनीकी सलाहकार अमिताभ मुखर्जी, अन्नदा उच्च विद्यालय के प्रधानाचार्य दशरथ महतो और पूर्व पार्षद निवेदिता राय ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को सुशोभित किया। श्रद्धांजलि सभा के दौरान पूरा हॉल राष्ट्रभक्ति के गीतों और गगनभेदी नारों से गुंजायमान रहा। मधुच्छंदा मुखर्जी के नेतृत्व में उपस्थित जनसमूह ने जब नेताजी का प्रिय गीत 'कदम-कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा' सामूहिक स्वर में गाया, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति का हृदय देशभक्ति की हिलोरों से भर उठा। 'जय हिंद', 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारों ने न केवल वातावरण को ऊर्जामय बना दिया, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन के उस गौरवशाली कालखंड की स्मृतियों को भी जीवंत कर दिया।
श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में बंगाली एसोसिएशन और यूनियन क्लब के वरिष्ठ पदाधिकारी विकास चौधरी, रूपा चटर्जी, सुतानु राय, चिन्मय सरकार सहित ध्रुव चक्रवर्ती, उज्जवल आयकत, आशीष चक्रवर्ती और सुजीत भट्टाचार्य जैसे कई गणमान्य सदस्य शामिल थे। कार्यक्रम में महिला शक्ति की भी व्यापक सहभागिता रही, जिसमें बर्षा दे, दोला गुहा, सुपर्णा सरकार और अन्य महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वक्ताओं ने नेताजी के विचारों को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताते हुए कहा कि उनका शौर्य और अनुशासन आज भी युवाओं के लिए पथ-प्रदर्शक है। इस आयोजन ने शहर में एक बार फिर राष्ट्रीय चेतना का संचार किया और नई पीढ़ी को देश के महानायकों के संघर्ष से परिचित कराया।
विरासत और अनुशासन का नया अध्याय 'टास्क मास्टर' डॉ. प्रणिता ने संभाली विनोबा भावे विश्वविद्यालय की कमान
विरासत और अनुशासन का नया अध्याय 'टास्क मास्टर' डॉ. प्रणिता ने संभाली विनोबा भावे विश्वविद्यालय की कमान
हजारीबाग/रांची। विनोबा भावे विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक बदलाव देखने को मिला। रांची स्थित लोकभवन सचिवालय के आदेशानुसार रसायनशास्त्र विभाग की विदुषी प्राध्यापिका डॉ. प्रणिता को विश्वविद्यालय का नया कुलसचिव (रजिस्ट्रार) नियुक्त किया गया है। इस अहम जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए डॉ. प्रणिता ने गुरुवार को तत्काल प्रभाव से अपना पदभार ग्रहण कर लिया, जिसके बाद कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने उन्हें बधाई देते हुए सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं प्रेषित कीं।
डॉ. प्रणिता का यह चयन न केवल उनकी वरिष्ठता बल्कि उनकी कार्यशैली का भी सम्मान है। वर्ष 2008 में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की अनुशंसा पर विश्वविद्यालय सेवा में आईं डॉ. प्रणिता की छवि एक बेहद अनुशासित और सख्त प्रशासक की रही है। अकादमिक गलियारों में उन्हें एक 'टास्क मास्टर' के रूप में जाना जाता है, जो समयबद्धता और नियमों के अनुपालन में कोई समझौता नहीं करतीं। उनकी नियुक्ति से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन अब अपनी कार्यप्रणाली में कसावट और पारदर्शिता लाने के प्रति गंभीर है।
नव-नियुक्त कुलसचिव को शैक्षणिक और प्रशासनिक दक्षता विरासत में मिली है। वे रसायन शास्त्र के मूर्धन्य विद्वान और लब्धप्रतिष्ठित प्राध्यापक स्वर्गीय प्रो. राम यतन प्रसाद की सुपुत्री हैं। उनके पिता ने उस दौर में छात्रों के लिए रसायन शास्त्र की सुलभ पुस्तकें लिखी थीं, जब अध्ययन सामग्री का घोर अभाव था। बाद में उन्होंने कुलपति और प्रतिकुलपति के रूप में विभिन्न विश्वविद्यालयों को अपनी सेवाएं दीं। आज डॉ. प्रणिता अपने पिता की उसी समृद्ध शैक्षणिक विरासत और प्रशासनिक मूल्यों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार हैं। पदभार ग्रहण करने के साथ ही विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने उन्हें बधाइयां दीं और उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय नए कीर्तिमान स्थापित करे
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केमिस्ट्री हब के होनहारों पर बरसे लैपटॉप और मेडल, युवा नेता गौतम बोले- बेरोजगारी का दर्द समझता हूं, इसलिए शिक्षा ही एकमात्र हथियार
केमिस्ट्री हब के होनहारों पर बरसे लैपटॉप और मेडल, युवा नेता गौतम बोले- बेरोजगारी का दर्द समझता हूं, इसलिए शिक्षा ही एकमात्र हथियार
हजारीबाग। शहर के पैराडाइज रिजॉर्ट में रविवार को प्रतिभा और परिश्रम का अनूठा संगम देखने को मिला, मौका था 'केमिस्ट्री हब' कोचिंग सेंटर द्वारा आयोजित भव्य विदाई सह सम्मान समारोह का। इस रंगारंग कार्यक्रम में संस्थान के 11वीं और 12वीं कक्षा के सैकड़ों विद्यार्थियों को न केवल विदाई दी गई, बल्कि उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए उन्हें सम्मानित भी किया गया। समारोह का मुख्य आकर्षण वे मेधावी छात्र रहे जिन्होंने केमिस्ट्री में 98 से 99 प्रतिशत अंक हासिल कर संस्थान का मान बढ़ाया है; इन होनहारों को मुख्य अतिथियों ने लैपटॉप, मेडल और शील्ड देकर पुरस्कृत किया।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित आदर्श युवा संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष और चर्चित युवा नेता गौतम कुमार ने विद्यार्थियों में जोश भरते हुए एक भावुक अपील की। उन्होंने कहा कि वे खुद एक युवा हैं और बेरोजगारी के दंश को बखूबी समझते हैं, इसलिए उनका मानना है कि कड़ी शिक्षा ही वह एकमात्र हथियार है जिससे भविष्य की चुनौतियों को जीता जा सकता है। गौतम कुमार ने अपने संघर्षों को साझा करते हुए कहा कि यदि उन्होंने कम उम्र में समाज सेवा और आंदोलनों की राह न चुनी होती, तो आज उन्हें युवाओं के बीच खड़ा होने का यह सौभाग्य नहीं मिलता। डाढ़ा पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि दयानand मेहता ने भी मंच साझा किया और संस्थान के निदेशक बसंत मेहता की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि इतनी कम उम्र में एक शिक्षक के रूप में हजारों बच्चों का भविष्य संवारना और गुरु का दर्जा प्राप्त करना किसी स्टारडम से कम नहीं है, यह पूरे क्षेत्र के लिए गौरव की बात है।
संस्थान के निदेशक बसंत कुमार मेहता ने अपनी सफलता का श्रेय कड़े संघर्ष को देते हुए बताया कि वे स्वयं एक बेहद गरीब परिवार से आते हैं, लेकिन आज हजारों बच्चों को शिक्षित होते देख उन्हें आत्मसंतुष्टि मिलती है। समारोह के दौरान विद्यार्थियों ने एक से बढ़कर एक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, जिससे पूरा माहौल उत्सवमय हो गया। अंत में अतिथियों ने छात्रों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और पढ़ाई के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े रहने का आह्वान किया।
जीएम कॉलेज इचाक में खेल महाकुंभ का आगाज, 200 मीटर दौड़ में बालिकाओं ने दिखाया दम, प्राचार्य ने कहा- देश में गूंज रहा हमारे छात्रों का नाम
जीएम कॉलेज इचाक में खेल महाकुंभ का आगाज, 200 मीटर दौड़ में बालिकाओं ने दिखाया दम, प्राचार्य ने कहा- देश में गूंज रहा हमारे छात्रों का नाम
इचाक। किताबी ज्ञान के साथ-साथ शारीरिक दक्षता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जीएम महाविद्यालय, इचाक में तीन दिवसीय वार्षिक खेलकूद प्रतियोगिता का भव्य शुभारंभ सोमवार को हुआ। महाविद्यालय परिसर में उत्साह और प्रतिस्पर्धा का अद्भुत नजारा तब देखने को मिला जब प्राचार्य शंभू कुमार ने 200 मीटर बालिका दौड़ को हरी झंडी दिखाकर प्रतियोगिता का विधिवत आगाज किया। पहले ही दिन विद्यार्थियों ने ट्रैक एंड फील्ड से लेकर पारंपरिक खेलों में जमकर पसीना बहाया। बालिकाओं की दौड़ के साथ शुरू हुए इस आयोजन में रस्सी कूद, भाला फेंक, चक्का फेंक, गोला फेंक और कबड्डी जैसी विधाओं में छात्र-छात्राओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया।
खेलकूद के महत्व पर प्रकाश डालते हुए प्राचार्य शंभू कुमार ने कहा कि खेल केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि बौद्धिक और मानसिक विकास की कुंजी है। उन्होंने गर्व के साथ कहा कि महाविद्यालय के छात्र-छात्राएं अपनी खेल प्रतिभा के दम पर अब पूरे देश में संस्थान का नाम रोशन कर रहे हैं। वहीं, खेलकूद प्रभारी शिक्षक संजीत कुमार यादव ने प्रतिभागियों को अनुशासन का पाठ पढ़ाया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में जब युवा मोबाइल और किताबों में सिमट कर रह गए हैं, ऐसे आयोजन उन्हें सक्रिय जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करते हैं। खेल से एकाग्रता, निर्णय लेने की क्षमता और टीम भावना का विकास होता है, जो भविष्य में उन्हें एक जिम्मेदार नागरिक बनाने में सहायक सिद्ध होगा।
आयोजन समिति ने बताया कि यह प्रतियोगिता अगले दो दिनों तक जारी रहेगी, जिसमें जीत-हार से परे आपसी भाईचारे और नेतृत्व क्षमता को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। इस तीन दिवसीय खेल महाकुंभ को सफल बनाने में महाविद्यालय प्रभारी पंकज कुमार, शिक्षक रत्नेश कुमार राणा, अजीत हंसदा, संगम कुमारी, संजीत यादव, रवि कुमार महतो, पार्वती कुमारी, विनोद कुमार, कृष्ण कुमार, राजकुमार, प्रिया कुमारी और सुनीता टोप्पो सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।
ज्ञान के साथ संस्कारों की नींव पर खड़ा होगा विकसित भारत, रावण और दुर्योधन के पास कौशल था पर मूल्य नहीं- स्वामी भावेशानंद
ज्ञान के साथ संस्कारों की नींव पर खड़ा होगा विकसित भारत, रावण और दुर्योधन के पास कौशल था पर मूल्य नहीं: स्वामी भावेशानंद
हजारीबाग। विनोबा भावे विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में सोमवार को विवेकानंद जयंती पखवाड़ा के तहत एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जहां शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण पर गंभीर मंथन हुआ। कार्यक्रम में विवि का माहौल तब और भी आध्यात्मिक हो गया जब मुख्य वक्ता रामकृष्ण मिशन रांची के सचिव स्वामी भावेशानंद जी महाराज ने तीन बार ओमकार के उद्घोष के साथ अपना संबोधन शुरू किया। उन्होंने सभागार में मौजूद सैकड़ों विद्यार्थियों और शिक्षाविदों को स्पष्ट संदेश दिया कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवाओं में केवल ज्ञान और कौशल का होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मूल्यों का विकास अनिवार्य है। उन्होंने रावण और दुर्योधन का उदाहरण देते हुए कहा कि इन पौराणिक पात्रों में ज्ञान और कौशल की कोई कमी नहीं थी, लेकिन मूल्यों के अभाव ने उनका पतन किया, इसलिए आज के युवाओं को चरित्र निर्माण पर जोर देना होगा।
स्वामी भावेशानंद ने भारत के गौरवशाली अतीत को याद करते हुए नालंदा विश्वविद्यालय का जिक्र किया, जहां कभी 82 राष्ट्रों के 9000 से अधिक विद्यार्थी एक ही परिसर में ज्ञान अर्जित करते थे और वहां इतना विशाल पुस्तक भंडार था कि उसे जलने में नौ महीने लग गए। उन्होंने कहा कि एक हजार वर्षों के विदेशी शासन ने हमारी स्थिति बदल दी, लेकिन अब भारत दुनिया का सबसे युवा राष्ट्र है। स्वामी विवेकानंद ने कन्याकुमारी में जिस दिव्य दृष्टि से भारत के पुनरुत्थान को देखा था, उसे आज की युवा पीढ़ी को ही साकार करना है। उनके अनुसार, सच्ची शिक्षा वही है जो व्यक्ति में आत्मविश्वास भरे, उसे स्वावलंबी बनाए और मस्तिष्क की शक्ति में वृद्धि करे। सही और गलत का भेद समझने वाली विवेकपूर्ण बुद्धि ही भारत को पुनः विश्वगुरु के पद पर आसीन करेगी।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने विद्यार्थियों में साहस भरने का काम किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका के शिकागो में जब 'सिस्टर्स एंड ब्रदर्स ऑफ अमेरिका' कहा, तो वहां बजी तालियों की गूंज आज भी सुनाई देती है। कुलपति ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे विवेकानंद की तरह हवा के विपरीत खड़े होने का साहस विकसित करें। उन्होंने कहा कि दुनिया ने भारत से ही चरित्र और नीति का पाठ पढ़ा है, लेकिन आज विडंबना है कि हम अपनी ही शक्तियों को भूलकर पश्चिम की ओर देख रहे हैं। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे उठें, जागें और तब तक न रुकें जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए। कुलपति ने विद्यार्थियों को अर्थपूर्ण सवाल पूछने और सही के लिए खड़े होने की सलाह दी, साथ ही आश्वस्त किया कि जब छात्र जागृत हो जाएंगे तो शिक्षक अपना सर्वस्व न्योछावर करने को तैयार मिलेंगे।
इस वैचारिक महाकुंभ में स्वामी विवेकानंद युवा महामंडल के गजानन पाठक, धर्मेंद्र सिंह, डॉ. राजकुमार चौबे और डॉ. अरुण कुमार मिश्रा ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में एक रोचक प्रश्नोत्तरी सत्र का भी आयोजन हुआ, जिसने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को नया आयाम दिया। इसके पूर्व, भाषण प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को कुलपति ने प्रमाण पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया। मां संगीतायन संगीत महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने भक्ति गीतों से पूरे वातावरण को रसमय बना दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. मृत्युंजय प्रसाद ने और स्वागत भाषण डॉ. सुबोध कुमार सिंह ने किया।
विनोबा भावे विश्वविद्यालय में गूंजेगा स्वामी विवेकानंद के विचारों का शंखनाद
विनोबा भावे विश्वविद्यालय में गूंजेगा स्वामी विवेकानंद के विचारों का शंखनाद
19 जनवरी को रांची रामकृष्ण मिशन के सचिव देंगे चरित्र निर्माण का मंत्र
हजारीबाग: विनोबा भावे विश्वविद्यालय का स्वामी विवेकानंद सभागार आगामी 19 जनवरी को आध्यात्म, राष्ट्रभक्ति और युवा चेतना के ओजस्वी विचारों से गुंजायमान होने वाला है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्वामी विवेकानंद जयंती समारोह को भव्य और प्रेरणादायक बनाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है, जिसमें मुख्य वक्ता के तौर पर रांची मोराबादी स्थित रामकृष्ण मिशन के सचिव स्वामी भवेशानंद जी महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर चंद्र भूषण शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न होगा, जिनकी विशेष पहल पर हजारीबाग के विद्यार्थियों को रामकृष्ण मिशन के सानिध्य में जीवन दर्शन सीखने का यह दुर्लभ अवसर मिल रहा है।
राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुकल्याण मोइत्रा ने आयोजन की पृष्ठभूमि स्पष्ट करते हुए बताया कि यद्यपि स्वामी जी की जयंती 12 जनवरी को मनाई जाती है, लेकिन उस दिन रामकृष्ण मिशन में व्यस्तता के चलते संन्यासियों का आगमन संभव नहीं हो पाता। कुलपति की यह प्रबल इच्छा थी कि विश्वविद्यालय के छात्र सीधे किसी विद्वान संन्यासी के मुख से स्वामी जी के आदर्शों को सुनें और आत्मसात करें, इसी उद्देश्य से यह विशेष आयोजन 19 जनवरी को पूर्वाहन 11 बजे निर्धारित किया गया है। इस गरिमामयी समारोह में 'विकसित भारत' की संकल्पना और भारतीय दृष्टिकोण में स्वामी विवेकानंद के विचारों की प्रासंगिकता पर गहन मंथन किया जाएगा।
समारोह का एक और प्रमुख आकर्षण हजारीबाग विवेकानंद युवा महामंडल के सहयोग से आयोजित होने वाला चरित्र निर्माण विषयक प्रशिक्षण और प्रश्नोत्तरी सत्र होगा, जो युवाओं को अनुशासित जीवन जीने की कला सिखाएगा। कार्यक्रम के समापन बेला में युवा सप्ताह के दौरान विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में आयोजित भाषण प्रतियोगिताओं के प्रतिभाशाली विजेताओं को मंच पर पुरस्कृत कर उनका मान बढ़ाया जाएगा। आयोजन समिति के संयोजक डॉ. सुबोध कुमार सिंह 'शिवगीत' और यूसेट के प्राध्यापक डॉ. अरुण कुमार मिश्रा ने विश्वविद्यालय परिवार समेत सभी शिक्षण प्रेमियों को इस ज्ञानयज्ञ में शामिल होने के लिए सादर आमंत्रित किया है।
ज्ञान ज्योति पैरामेडिकल स्कूल में नवागंतुक छात्रों का आत्मीय स्वागत, रवि मिस्टर और सानिया चुनी गईं मिस फ्रेशर
ज्ञान ज्योति पैरामेडिकल स्कूल में नवागंतुक छात्रों का आत्मीय स्वागत, रवि मिस्टर और सानिया चुनी गईं मिस फ्रेशर
हजारीबाग: पी.डब्ल्यू.डी. चौक स्थित ज्ञान ज्यो
ति पैरामेडिकल स्कूल के प्रांगण में नए शैक्षणिक सत्र के विद्यार्थियों के लिए एक भव्य स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। सीनियर छात्रों द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में चारों ओर उत्साह और हर्षोल्लास का माहौल रहा। दीप प्रज्वलन और मनमोहक स्वागत नृत्य के साथ शुरू हुए इस समारोह ने नए छात्रों को संस्थान की संस्कृति और शैक्षणिक वातावरण से रूबरू कराया। कार्यक्रम के दौरान छात्र-छात्राओं ने नृत्य और गायन की शानदार प्रस्तुतियाँ देकर उपस्थित अतिथियों का मन मोह लिया।
समारोह में मुख्य रूप से मौजूद विद्यालय के सचिव बिनय कुमार ने स्वास्थ्य सेवाओं में पैरामेडिकल स्टाफ की महत्ता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा के क्षेत्र में पैरामेडिकल कर्मी रीढ़ की हड्डी के समान होते हैं, जो डॉक्टरों के साथ मिलकर मरीजों की सेवा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने नवागंतुक छात्रों को अनुशासन और ईमानदारी के साथ अपने कौशल को निखारने के लिए प्रेरित किया। वहीं प्राचार्य डॉ. संजय कुमार ने छात्रों को जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने की सलाह देते हुए कहा कि निरंतर मेहनत और सही दिशा ही सफलता की कुंजी है। विभागाध्यक्ष अनीता कुमारी ने भी नए विद्यार्थियों का मनोबल बढ़ाते हुए उन्हें व्यावहारिक प्रशिक्षण और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
समारोह का मुख्य आकर्षण मिस्टर और मिस फ्रेशर प्रतियोगिता रही, जिसमें छात्रों के बीच दिलचस्प मुकाबले देखने को मिले। पुश-अप चैलेंज और साड़ी पहनाने जैसे रोचक खेलों में अपनी प्रतिभा और सूझबूझ दिखाकर रवि कुमार ने मिस्टर फ्रेशर और सानिया ने मिस फ्रेशर का खिताब अपने नाम किया। कार्यक्रम के अंत में नए और पुराने छात्रों ने एक साथ थिरकते हुए आपसी सौहार्द की मिसाल पेश की। इस आयोजन को सफल बनाने में कुनाल गोस्वामी, प्रीति, अंकिता रानी, सौम्या सोनल, पूजा कुमारी और सुजीत कुमार सहित अन्य शिक्षकों एवं छात्रों का विशेष सहयोग रहा।
JAC Board परीक्षा 2026 का शंखनाद: 3 फरवरी से शुरू होगा मैट्रिक और इंटर का महाकुंभ, दो पालियों में जांची जाएगी राज्य के लाखों मेधावियों की तैयारी
JAC Board परीक्षा 2026 का शंखनाद: 3 फरवरी से शुरू होगा मैट्रिक और इंटर का महाकुंभ, दो पालियों में जांची जाएगी राज्य के लाखों मेधावियों की तैयारी
रांची: झारखंड एकेडमिक काउंसिल (JAC) ने वर्ष 2026 की वार्षिक माध्यमिक और इंटरमीडिएट परीक्षाओं का आधिकारिक कार्यक्रम घोषित कर विद्यार्थियों का इंत
ज़ार खत्म कर दिया है। राज्य भर में शिक्षा का यह सबसे बड़ा आयोजन आगामी 3 फरवरी 2026 से प्रारंभ होने जा रहा है, जिसमें माध्यमिक और इंटरमीडिएट की कला, विज्ञान एवं वाणिज्य संकायों की सैद्धांतिक व व्यावहारिक परीक्षाएं आयोजित की जाएंगी। इस घोषणा के साथ ही पूरे प्रदेश में शैक्षणिक गतिविधियों में तेजी आ गई है और परीक्षार्थियों के बीच अंतिम समय की तैयारियों का दौर शुरू हो गया है।
परीक्षाओं के व्यवस्थित संचालन हेतु बोर्ड ने दो अलग-अलग पालियों का निर्धारण किया है। मैट्रिक यानी 10वीं की परीक्षाएं प्रथम पाली में सुबह 9:45 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक चलेंगी, जिनका समापन 17 फरवरी 2026 को अंतिम भाषा विषयों के साथ होगा। वहीं दूसरी ओर, इंटरमीडिएट की परीक्षाएं द्वितीय पाली में दोपहर 2:00 बजे से शाम 5:15 बजे तक आयोजित की जाएंगी, जो 23 फरवरी 2026 तक संचालित होंगी। विद्यार्थियों के मानसिक तनाव को कम करने और उन्हें बेहतर प्रदर्शन का अवसर देने के लिए बोर्ड ने प्रत्येक परीक्षा में प्रश्न पत्र पढ़ने हेतु 15 मिनट का अतिरिक्त समय देने का विशेष प्रावधान किया है।
प्रशासनिक स्तर पर बोर्ड ने उत्तरपुस्तिकाओं के उपयोग और लिपि के संबंध में भी कड़े निर्देश जारी किए हैं। इंटरमीडिएट स्तर पर गैर-भाषाई विषयों की उत्तरपुस्तिकाएं देवनागरी, रोमन, बंगला, उर्दू या ओड़िया लिपि में ही मान्य होंगी। साथ ही, कुछ विशेष विषयों जैसे बायोलॉजी के लिए एक ही उत्तरपुस्तिका और कतिपय भाषा विषयों के लिए अलग-अलग सादी उत्तरपुस्तिकाओं के उपयोग का निर्देश दिया गया है। शिक्षा विभाग अब केंद्रों पर कड़ी निगरानी और कदाचार मुक्त परीक्षा सुनिश्चित करने के लिए कमर कस चुका है ताकि राज्य के युवाओं का भविष्य पारदर्शी तरीके से संवारा जा सके।
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विभावि में गूंजा स्वामी विवेकानंद का संदेश, दीक्षारम्भ में विशेषज्ञों ने कहा- अध्यात्म और आत्म-समीक्षा से ही गढ़ी जाएगी विकसित भारत की नींव
विभावि में गूंजा स्वामी विवेकानंद का संदेश, दीक्षारम्भ में विशेषज्ञों ने कहा- अध्यात्म और आत्म-समीक्षा से ही गढ़ी जाएगी विकसित भारत की नींव
हजारीबाग:विनोबा भावे विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग में स्वामी विवेकानंद की जयंती और नव-नामांकित छात्रों के लिए आयोजित दीक्षारम्भ कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर अकादमिक सत्र और आध्यात्मिक चिंतन का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ विभागाध्यक्ष डॉ. किशोर कुमार गुप्ता और विभागीय शिक्षकों ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्पार्चन कर किया, जिसके बाद नए सत्र के छात्रों और अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया।
समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पधारे अभिषेक कुमार ने स्नातकोत्तर जंतु विज्ञान और एमसीए के छात्रों को जीवन प्रबंधन के सूत्र दिए। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले समय में विकसित भारत की इबारत यही युवा पीढ़ी लिखेगी, लेकिन इसके लिए उन्हें अध्यात्म से जुड़ना होगा। उन्होंने छात्रों को 'आत्मबोध' और 'तत्वबोध' का मंत्र देते हुए समझाया कि प्रत्येक सुबह को नया जन्म मानकर दिनचर्या की योजना बनानी चाहिए और रात को सोने से पहले उसे मृत्यु मानकर दिनभर के कर्मों की निष्पक्ष आत्म-समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यही साधना युवाओं को आत्मसंयमी और आत्मविश्वास से परिपूर्ण बनाएगी।
इस मौके पर विभागाध्यक्ष डॉ. किशोर कुमार गुप्ता ने दीक्षारम्भ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यूजीसी द्वारा निर्धारित यह एक नियोजित कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें उन क्रियाकलापों के प्रति जागरूक करना है जो उनके समग्र व्यक्तित्व निर्माण में सहायक हों, साथ ही उन्हें विषय से संबंधित संस्थानों का भ्रमण भी कराया जाता है। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन सहायक शिक्षिका मोहसिना और कपिल ने किया, जबकि डॉ. राजेंद्र मिस्त्री ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। आयोजन को सफल बनाने में संजू, प्रभात, ईशा, अर्पिता, राज और दिलीप की भूमिका सराहनीय रही।
रोजगार की दिशा में हजारीबाग के युवाओं की ऊंची उड़ान, अमीन ट्रेनिंग में महादेव सर संस्थान के सभी 23 विद्यार्थियों ने लहराया सफलता का परचम
रोजगार की दिशा में हजारीबाग के युवाओं की ऊंची उड़ान, अमीन ट्रेनिंग में महादेव सर संस्थान के सभी 23 विद्यार्थियों ने लहराया सफलता का परचम
हजारीबाग: शहर के कोरा रोड स्थित महादेव सर अमीन ट्रेनिंग सेंटर ने एक बार फिर कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता साबित की है। संस्थान के संस्थापक महादेव कुमार साव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर बताया कि 10 जनवरी 2026 को घोषित हुए परीक्षा परिणामों में संस्थान के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इस परीक्षा में कुल 23 विद्यार्थी शामिल हुए थे और सभी ने अपनी मेहनत और उचित मार्गदर्शन के दम पर सफलता हासिल की है। महादेव डिग्री कॉलेज चतरा और झारखंड राज्य खुला विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त इस संस्थान ने हजारीबाग में अमीन और लैंड सर्वेयर की ट्रेनिंग में एक नया मानक स्थापित किया है। संस्थापक ने उत्तीर्ण सभी छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि यह परिणाम संस्थान की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रमाण है।
प्रेस वार्ता के दौरान संस्थान की विश्वसनीयता और रोजगार के अवसरों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि यह केंद्र भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है और इसका पंजीकरण संख्या SCPR068 है। यहाँ शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों और किसानों को भू-मापक, सर्वे नियम और भूमि चकबंदी का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। संस्थान में दो महीने, तीन महीने और एक साल के डिप्लोमा कोर्स उपलब्ध हैं, जो छात्रों को अमीन बनने का सुनहरा अवसर प्रदान करते हैं। यहाँ से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवा न केवल अपना स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं, बल्कि सरकारी और गैर-सरकारी विभागों जैसे राजस्व विभाग, वन विभाग, अंचल अमीन, और सीसीएल, बीसीसीएल, एनटीपीसी जैसी बड़ी परियोजनाओं में भी सेवा दे सकते हैं। संस्थान का दावा है कि उनके यहाँ से प्रशिक्षित सैकड़ों छात्र आज हजारीबाग, रांची और दुमका समेत कई जिलों में बंदोबस्त कार्यालयों में अमीन के पद पर कार्यरत हैं।
विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संस्थान ने हजारीबाग में बड़कागांव रोड और कोरा पोस्ट ऑफिस के पास अपनी शाखाओं का विस्तार किया है। यहाँ ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई की व्यवस्था है, साथ ही मेधावी और जरूरतमंद छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। संस्थान आधुनिक तरीके से जमीन बंटवारा और मापी का प्रशिक्षण देता है और प्लेसमेंट की गारंटी के साथ सीमित सीटों पर नामांकन लेता है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जो युवा हुनरमंद बनकर अपने पैरों पर खड़ा होना चाहते हैं, उनके लिए अमीन ट्रेनिंग एक बेहतरीन विकल्प है, जहाँ रविवार को विशेष कक्षाओं की भी व्यवस्था है ताकि कामकाजी लोग भी इसका लाभ उठा सकें।
युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं स्वामी विवेकानंद, उनके बताए मार्ग पर चलकर ही संवरेगा भविष्य- शंभू कुमार
युवाओं के प्रेरणास्रोत हैं स्वामी विवेकानंद, उनके बताए मार्ग पर चलकर ही संवरेगा भविष्य- शंभू कुमार
इचाक/हजारीबाग। जी.एम. संध्याकालीन महाविद्यालय इचाक में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई के तत्वावधान में स्वामी विवेकानंद जी की जयंती हर्षोल्लास और गरिमापूर्ण वातावरण में मनाई गई। कार्यक्रम का औपचारिक शुभारंभ महाविद्यालय के निदेशक शंभू कुमार ने स्वामी विवेकानंद के छायाचित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर किया। इस अवसर पर महाविद्यालय परिवार ने स्वामी जी के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।
मुख्य अतिथि के रूप में छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए निदेशक शंभू कुमार ने कर्म के सिद्धांत पर विशेष जोर दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि जीवन में कर्म की प्रधानता होती है और हम जैसा कर्म करते हैं, कालांतर में हमें वैसा ही फल प्राप्त होता है। उन्होंने युवा पीढ़ी का आह्वान करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन अनमोल है, इसलिए अपनी शिक्षा-दीक्षा सदैव सद्मार्ग पर चलते हुए ग्रहण करें। जब युवा सही रास्ते पर चलेंगे और अपने भविष्य को उज्ज्वल बनाएंगे, तभी वे सच्चे अर्थों में एक सार्थक और जिम्मेदार भारतीय युवा कहलाएंगे।
समारोह में उपस्थित महाविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक रंजन कुमार ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद जी का संपूर्ण जीवन वर्तमान समय में युवाओं के लिए एक प्रकाश स्तंभ की तरह है। उनकी जीवनी हमें सदैव सत्य, पवित्रता और निस्वार्थ भाव से समाज सेवा करने की प्रेरणा देती है। युवाओं को उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारने की महती आवश्यकता है। यह पूरा आयोजन एनएसएस इकाई के कार्यक्रम पदाधिकारी डॉ. उमेश ठाकुर के कुशल नेतृत्व में संपन्न हुआ। वहीं कार्यक्रम को सफल बनाने में शिक्षक विनय कुमार, पूनम कुमारी, प्रिया कुमारी, मुस्कान कुमारी और उर्मिला राणा ने अपनी सक्रिय और महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राजभवन के आदेश पर विनोबा भावे विश्वविद्यालय में बड़ा फेरबदल, डॉ. कुमार विकास और सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा पदमुक्त
राजभवन के आदेश पर विनोबा भावे विश्वविद्यालय में बड़ा फेरबदल, डॉ. कुमार विकास और सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा पदमुक्त
नरेश सोनी विशेष संवाददाता
हजारीबाग: विनोबा भावे विश्वविद्यालय में शनिवार को एक बड़े प्रशासनिक घटनाक्रम के तहत प्रभारी कुलसचिव और वित्त पदाधिकारी को उनके पदों से हटा दिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने शनिवार को इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना जारी कर दी है। यह कार्रवाई राज्यपाल सचिवालय, झारखंड (रांची) से प्राप्त पत्र के आलोक में की गई है।
विश्वविद्यालय द्वारा जारी अधिसूचना (संख्या 89/2026) के अनुसार, वित्त पदाधिकारी सुरेंद्र प्रसाद कुशवाहा को दिए गए सेवा विस्तार को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया गया है। ज्ञात हो कि उन्हें 3 दिसंबर 2025 को सेवा विस्तार दिया गया था। इसके अलावा, सहायक कुलसचिव डॉ. कुमार विकास, जिन्हें 23 दिसंबर 2025 को कुलसचिव (प्रभारी) के पद पर नियुक्त किया गया था, उनकी उस नियुक्ति संबंधी अधिसूचना को भी रद्द कर दिया गया है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने दोनों अधिकारियों को 10 जनवरी 2026 के अपराह्न से कार्यमुक्त करते हुए उन्हें अपने पैतृक विभाग में योगदान देने का निर्देश दिया है। यह आदेश कुलपति के निर्देशानुसार सहायक कुलसचिव द्वारा जारी किया गया है।
विश्वविद्यालय में चर्चाओं का बाजार गर्म
बीते कुछ दिनों में विश्वविद्यालय में उच्च पदस्थ अधिकारियों को हटाए जाने की यह लगातार दूसरी बड़ी घटना है। उल्लेखनीय है कि हाल ही में कुलाधिपति और उच्च शिक्षा मंत्री के कार्यक्रमों और आदेशों के बाद विश्वविद्यालय में प्रशासनिक फेरबदल का दौर जारी है। 5 जनवरी 2026 को राजभवन से जारी आदेश के अनुपालन में शनिवार को यह कड़ी कार्रवाई की गई, जिससे विश्वविद्यालय के प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है।
15 दिनों में रोशन होंगे जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र, डीडीसी ने अधिकारियों को दिया अल्टीमेटम
15 दिनों में रोशन होंगे जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र, डीडीसी ने अधिकारियों को दिया अल्टीमेटम
हजारीबाग। जिले के नौनिहालों को अब अंधेरे या बिजली के अभाव में समय नहीं बिताना पड़ेगा। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के निर्देश पर जिला प्रशासन ने आंगनबाड़ी केंद्रों की सूरत बदलने की कवायद तेज कर दी है। इसी कड़ी में शनिवार को समाहरणालय सभाकक्ष में उप विकास आयुक्त रिया सिंह ने एक अहम समीक्षा बैठक की, जिसमें बिजली विभाग और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए। डीडीसी ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए। इसके लिए उन्होंने बिजली विभाग के अभियंताओं को महज 15 दिनों का समय दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी केंद्रों तक बिजली पहुंच जानी चाहिए। कनेक्शन स्थापित होने की पुष्टि के लिए सीडीपीओ और बिजली विभाग के अभियंताओं को एक संयुक्त रिपोर्ट (ज्वाइंट रिपोर्ट) भी सौंपनी होगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि धरातल पर काम पूरा हो चुका है।
बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त ने सिर्फ बिजली ही नहीं, बल्कि अन्य बुनियादी सुविधाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन केंद्रों पर शौचालय निर्माण या रेन वाटर हार्वेस्टिंग का काम अधूरा है, वहां युद्धस्तर पर काम करते हुए उसे समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। डीडीसी ने चेतावनी देते हुए कहा कि बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़े इन मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि आंगनबाड़ी केंद्र सर्वसुविधायुक्त हों ताकि वहां आने वाले बच्चों को बेहतर माहौल मिल सके। इस समीक्षा बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी शिप्रा सिन्हा, बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सीडीपीओ और महिला पर्यवेक्षिकाओं ने भाग लिया और मौजूदा स्थिति से प्रशासन को अवगत कराया।
चरित्र निर्माण से ही रखी जाएगी विकसित भारत की नींव', भाषण प्रतियोगिता में शारदा ने मारी बाजी, ज्योति दूसरे और सोनू तीसरे स्थान पर
चरित्र निर्माण से ही रखी जाएगी विकसित भारत की नींव', भाषण प्रतियोगिता में शारदा ने मारी बाजी, ज्योति दूसरे और सोनू तीसरे स्थान पर
हजारीबाग। विनोबा भावे विश्वविद्यालय के अर्थशास्त्र विभाग में शुक्रवार को शैक्षणिक वातावरण के बीच एक भव्य भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। 'चरित्र निर्माण: विकसित भारत की पृष्ठभूमि' विषय पर आयोजित इस प्रतियोगिता में छात्र-छात्राओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया और अपने तर्कों से यह साबित किया कि एक सशक्त राष्ट्र के निर्माण में ईंट-पत्थर से ज्यादा अहमियत नागरिकों के चरित्र और नैतिकता की होती है। प्रतियोगिता में अपनी बेहतरीन वाकपटुता और तार्किक प्रस्तुति के दम पर शारदा कुमारी ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि ज्योति कुमारी दूसरे और सोनू कुमार तीसरे स्थान पर रहे।
कार्यक्रम के दौरान कुल दस प्रतिभागियों ने मंच साझा किया और विकसित भारत की परिकल्पना में नैतिक मूल्यों, सामाजिक जिम्मेदारियों और व्यक्तिगत चरित्र की भूमिका पर अपने विचार रखे। वक्ताओं ने जोर देकर कहा कि तकनीकी विकास के साथ-साथ मानवीय संवेदनाओं और चरित्र का उत्थान ही भारत को विश्व गुरु बना सकता है। प्रतियोगिता में निर्णायक की भूमिका विभाग के शोधार्थी अम्शा अहमद, पल्लवी कुमारी और अनुप कुमार ने निभाई, जिन्होंने प्रतिभागियों की विषय-वस्तु और प्रस्तुतीकरण का बारीकी से मूल्यांकन किया।
कार्यक्रम का सफल संचालन और समन्वय डॉ. पुष्कर कुमार पुष्प द्वारा किया गया। उन्होंने छात्रों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निखार और सर्वांगीण विकास के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। इस अवसर पर अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एस. एम. कैसर, डॉ. उमेन्द्र सिंह और डॉ. इफ्शा खुर्शीद की गरिमामय उपस्थिति रही, जिन्होंने छात्रों का मार्गदर्शन किया। अंत में मानसी कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापन कर कार्यक्रम का समापन किया।
शीतलहर का प्रकोप: केजी से 12वीं तक के सभी स्कूल कल रहेंगे बंद, उपायुक्त ने जारी किया आदेश
शीतलहर का प्रकोप
- केजी से 12वीं तक के सभी स्कूल कल रहेंगे बंद, उपायुक्त ने जारी किया आदेश
हजारीबाग। जिले में बढ़ती ठंड और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य के हित में बड़ा फैसला लिया है। मौसम विभाग द्वारा जारी की गई भारी ठंड की चेतावनी के बाद हजारीबाग के उपायुक्त ने जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया है। यह आदेश कक्षा केजी से लेकर 12वीं तक के सभी विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा।
उपायुक्त कार्यालय के शिक्षा शाखा से जारी आदेश के अनुसार भारत मौसम विज्ञान विभाग रांची के विशेष बुलेटिन में भारी ठंड और शीतलहर की चेतावनी दी गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 34 के तहत 9 जनवरी 2026 को स्कूलों में पठन-पाठन का कार्य पूरी तरह स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने सभी निजी, सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालय प्रबंधन को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है ताकि बच्चों को ठंड के दुष्प्रभाव से बचाया जा सके।
हालांकि इस दौरान बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को लेकर प्रशासन ने थोड़ी राहत दी है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि इस अवधि में किसी विद्यालय में 10वीं अथवा 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षा पूर्व से निर्धारित है तो उनका संचालन किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए शर्त यह होगी कि परीक्षा का आयोजन सुबह 10 बजे के बाद ही किया जाएगा। प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया है और सभी संबंधित अधिकारियों को भी इस आदेश की सूचना दे दी गई है।
हजारीबाग के पुस्तकालयों में अब सिर्फ किताबें नहीं बल्कि संवरगा युवाओं का भविष्य, विधानसभा समिति ने दिया आधुनिकीकरण और स्थानीय इतिहास से जोड़ने का कड़ा निर्देश
हजारीबाग के पुस्तकालयों में अब सिर्फ किताबें नहीं बल्कि संवरगा युवाओं का भविष्य, विधानसभा समिति ने दिया आधुनिकीकरण और स्थानीय इतिहास से जोड़ने का कड़ा निर्देश
हजारीबाग: जिले में शिक्षा की लौ को और तेज करने तथा युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल शुरू हो गई है। झारखंड विधानसभा की पुस्तकालय विकास समिति ने गुरुवार को हजारीबाग का दौरा कर जिले में शैक्षणिक माहौल को बदलने की प्रतिबद्धता दोहराई। समिति की सभापति और कोडरमा विधायक डॉ. नीरा यादव ने स्पष्ट शब्दों में निर्देश दिया है कि पुस्तकालय केवल किताबों का संग्रह केंद्र नहीं, बल्कि युवाओं के सर्वांगीण विकास का आधार बनने चाहिए। परिसदन भवन में आयोजित उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में उन्होंने और समिति के सदस्य शिकारीपाड़ा विधायक आलोक कुमार सोरेन ने जिला प्रशासन के साथ मिलकर पुस्तकालयों के कायाकल्प का खाका खींचा।
बैठक के दौरान सभापति ने पुस्तकालयों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रखंड से लेकर पंचायत स्तर तक के पुस्तकालयों और ज्ञान केंद्रों में केवल आधारभूत ढांचा ही नहीं, बल्कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए उच्च स्तरीय पुस्तकें, पत्र-पत्रिकाएं और डिजिटल दुनिया से जुड़ने के लिए सुचारू इंटरनेट व वाई-फाई की सुविधा अनिवार्य रूप से होनी चाहिए। उनका विजन स्पष्ट है कि गांव का गरीब से गरीब छात्र भी संसाधनों के अभाव में पीछे न रहे। इसके लिए उन्होंने डीएमएफटी और सीएसआर फंड का उपयोग कर उपयोगी पुस्तकों का भंडार बढ़ाने का सुझाव दिया। एक महत्वपूर्ण और भावुक पहल करते हुए डॉ. यादव ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि पुस्तकालयों में हजारीबाग के गौरवशाली इतिहास और धरोहर से जुड़ी किताबें जरूर रखी जाएं ताकि नई पीढ़ी अपनी जड़ों और संस्कृति पर गर्व कर सके।
पुस्तकालयों को सामुदायिक सहभागिता का केंद्र बनाने के लिए समिति ने एक अनूठा सुझाव दिया है जिसके तहत अब सेवानिवृत्त सरकारी कर्मियों, बुद्धिजीवियों और पंचायत प्रतिनिधियों को बच्चों के मेंटर के रूप में जिम्मेदारी दी जाएगी ताकि उनके अनुभवों का लाभ छात्रों को मिल सके। इसके अलावा शिक्षा के अधिकार के तहत निजी विद्यालयों में बीपीएल कोटे की 25 प्रतिशत सीटों पर गरीब बच्चों का नामांकन सुनिश्चित कराने पर भी कड़ा रुख अपनाया गया। बैठक में नियोजन पदाधिकारी को राज्य से बाहर रोजगार के लिए भेजे गए युवाओं की सुरक्षा और स्थिति पर लगातार नजर रखने की हिदायत भी दी गई। उप विकास आयुक्त रिया सिंह ने समिति को आश्वस्त किया कि इन निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा और जल्द ही हजारीबाग के पुस्तकालय बदलाव की नई कहानी लिखेंगे।
हजारीबाग में शीतलहर का प्रकोप! नौनिहालों की सुरक्षा के लिए प्रशासन का बड़ा फैसला, 10 जनवरी तक आंगनबाड़ी केंद्रों में नहीं लगेगी क्लास
हजारीबाग में शीतलहर का प्रकोप! नौनिहालों की सुरक्षा के लिए प्रशासन का बड़ा फैसला, 10 जनवरी तक आंगनबाड़ी केंद्रों में नहीं लगेगी क्लास
नरेश सोनी विशेष संवाददाता
हजारीबाग: जिले में हाड़ कंपा देने वाली ठंड और लगातार जारी शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने नौनिहालों के स्वास्थ्य को लेकर एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले 3 से 6 वर्ष के बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 'शाला पूर्व शिक्षा' यानी प्री-स्कूल गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के निर्देशों के आलोक में लिया गया यह फैसला 10 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि इस कड़ाके की ठंड में बच्चों को केंद्रों तक बुलाना उनके स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है।
हालांकि राहत की खबर यह है कि पढ़ाई स्थगित होने के बावजूद बच्चों के पोषण से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि बच्चों को मिलने वाला पूरक पोषाहार निर्बाध रूप से जारी रहेगा। आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाएं अब बच्चों के माता-पिता या अभिभावकों को केंद्र पर बुलाकर यह राशन सामग्री उपलब्ध कराएंगी ताकि घर पर रहने के दौरान भी बच्चों के आहार में कोई कमी न आए। इस आदेश का पालन सख्ती से हो इसके लिए सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों और महिला पर्यवेक्षिकाओं को नियमित निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। जिला प्रशासन ने दोहराया है कि बच्चों की सेहत उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम के मिजाज पर लगातार नजर रखी जा रही है।
हजारीबाग अन्नदा महाविद्यालय में रेबीज व स्नेक अवेयरनेस कार्यक्रम, विद्यार्थियों को दी गई जीवनरक्षक जानकारियाँ
हजारीबाग अन्नदा महाविद्यालय में रेबीज व स्नेक अवेयरनेस कार्यक्रम, विद्यार्थियों को दी गई जीवनरक्षक जानकारियाँ
हजारीबाग: अन्नदा महाविद्यालय, हजारीबाग परिसर में आज W.P.R.G (Wildlife Protection and Rescue Group) टीम द्वारा पर्यावरण संरक्षण, रेबीज जागरूकता एवं स्नेक अवेयरनेस को लेकर एक महत्वपूर्ण जनजागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सुबह 11 बजे महाविद्यालय के विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता के साथ हुआ।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में समाजसेवी भैया अभिमन्यु प्रसाद उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथि के रूप में अन्नदा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ नीलमणि मुखर्जी एवं नगर पालिका से संबद्ध वेटरनरी चिकित्सक डॉ. दीपक यादव ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। इस अवसर पर W.P.R.G टीम के सक्रिय सदस्य देव प्रताप सिंह, अभिमन्यु राय, सुरंजना घोष, प्रियल सिंह, प्रीतम जी, आकाश सहित महाविद्यालय के शिक्षकगण भी मौजूद रहे।कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को सांप के काटने से होने वाले खतरों, विषैले एवं गैर-विषैले सांपों की पहचान, स्नेक बाइट की स्थिति में प्राथमिक उपचार, रेबीज रोग की गंभीरता, रेबीज वैक्सीन की अनिवार्यता, रेबीज से बचाव के उपाय तथा पशुओं के व्यवहार (Animal Behaviour) से जुड़ी वैज्ञानिक जानकारियाँ देना रहा। वक्ताओं ने बताया कि गलत धारणाओं और देरी के कारण रेबीज व स्नेक बाइट जैसी घटनाएँ जानलेवा साबित हो जाती हैं, जबकि समय पर सही उपचार से जान बचाई जा सकती है।W.P.R.G टीम ने वन्यजीव संरक्षण, मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने तथा प्रकृति के साथ संतुलित सह-अस्तित्व की आवश्यकता पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। विद्यार्थियों से अपील की गई कि वे स्वयं जागरूक बनें और समाज में सही व वैज्ञानिक जानकारी का प्रसार करें।कार्यक्रम के अंत में महाविद्यालय की ओर से डॉ नीलमणि मुखर्जी ने W.P.R.G टीम एवं अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की आवश्यकता पर बल दिया गया।


















