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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग: जिला पुस्तकालय में आईएएस अधिकारियों ने प्रतियोगी छात्रों को दिए सफलता के मूलमंत्र; 15 अगस्त से मिलेगा फ्री वाई-फाई!

​📚 हजारीबाग: जिला पुस्तकालय में आईएएस अधिकारियों ने दिए सफलता के गुरुमंत्र; 15 अगस्त से छात्रों को मिलेगी वाई-फाई व आधुनिक सुविधाएं!

हजारीबाग: जिला प्रशासन की पहल पर शनिवार, 1 अगस्त 2026 को जिला पुस्तकालय हजारीबाग में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक विशेष प्रेरक व्याख्यान (Motivational Talk) का आयोजन किया गया।

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​सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय (IPRD), समाहरणालय भवन हजारीबाग द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 496 (दिनांक: 01.08.2026) के अनुसार, इस कार्यक्रम में उपायुक्त हेमंत सती, उप विकास आयुक्त रिया सिंह, आईएफएस अधिकारी मौन प्रकाश और आईएएस अधिकारी पूर्वा अग्रवाल ने अभ्यर्थियों को "How to Crack Competitive Exams" विषय पर रणनीतिक मार्गदर्शन प्रदान किया।

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​🎯 अधिकारियों ने बताए सफलता के मुख्य सूत्र

  • उपायुक्त हेमंत सती: सफलता अधिक समय तक पढ़ने से नहीं, बल्कि सही दिशा, अनुशासन, निरंतर अभ्यास और सीमित प्रमाणिक सामग्री के उपयोग से मिलती है।
  • उप विकास आयुक्त रिया सिंह: अभ्यर्थियों को समय प्रबंधन, उत्तर लेखन, मॉक टेस्ट और पूर्व वर्षों के प्रश्नपत्रों के विश्लेषण पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
  • आईएएस पूर्वा अग्रवाल: असफलताओं से निराश होने के बजाय उन्हें सीखने का अवसर मानें। आत्मविश्वास, धैर्य और निरंतरता ही सफलता की कुंजी है।

​संवादात्मक सत्र के दौरान अभ्यर्थियों ने वैकल्पिक विषयों के चयन, उत्तर लेखन और साक्षात्कार से जुड़े सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने विस्तार से समाधान किया।

​🏛️ 15 अगस्त से जिला पुस्तकालय में मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

​जिला प्रशासन ने युवाओं के लिए एक बड़ी घोषणा करते हुए बताया कि 15 अगस्त 2026 को जिला पुस्तकालय पूर्ण रूप से विद्यार्थियों के लिए खोल दिया जाएगा। यहाँ युवाओं के लिए उच्च स्तरीय भवन, बैठने की बेहतर व्यवस्था, शुद्ध पेयजल तथा मुफ्त वाई-फाई की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

​कार्यक्रम में जिला योजना पदाधिकारी पंकज कुमार तिवारी, जिला शिक्षा अधिकारी कुमारी नीलम, जिला शिक्षा अधीक्षक आकाश कुमार समेत कई अन्य अधिकारी और सैकड़ों अभ्यर्थी उपस्थित थे।

स्रोत (Source): सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय (IPRD), समाहरणालय भवन, हजारीबाग — आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 496/01.08.2026।

 अस्वीकरण (Editorial Disclaimer): यह रिपोर्ट News Prahari (न्यूज़ प्रहारी) द्वारा जनहित में प्रकाशित की गई है। सभी तथ्य जिला प्रशासन हजारीबाग द्वारा निर्गत आधिकारिक विज्ञप्ति पर आधारित हैं। हमारी वेबसाइट एडसेंस की सभी नीतियों का पूर्णतः पालन करती है।

और पढ़ें:हजारीबाग: आईएएस अधिकारी पूर्वा अग्रवाल बताएंगी प्रतियोगी परीक्षा में सफलता का मूल मंत्र; जिला पुस्तकालय में प्रेरक सत्र आज!


हजारीबाग: नगर निगम में रितिका प्रिन्टेक का कार्यकाल समाप्त; 1 अगस्त से होल्डिंग टैक्स और वाटर चार्ज कलेक्शन बंद!

​🚫 हजारीबाग: मेसर्स रितिका प्रिन्टेक का कार्यकाल समाप्त; नगर निगम क्षेत्र में टैक्स वसूली का काम तत्काल प्रभाव से बंद!

हजारीबाग: हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र के निवासियों और करदाताओं (धृतिधारकों) के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण प्रशासनिक सूचना सामने आई है। राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) तथा नगर विकास एवं आवास विभाग, झारखंड सरकार के दिशा-निर्देशों के आलोक में हजारीबाग नगर निगम में आंतरिक राजस्व संग्रहण (Internal Revenue Collection) का काम देख रही एजेंसी मेसर्स रितिका प्रिन्टेक प्रा०लि० का कार्यकाल आधिकारिक रूप से समाप्त हो गया है।

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​सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय (IPRD), समाहरणालय भवन हजारीबाग द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 494 (दिनांक: 01.08.2026) के अनुसार, जुलू पार्क स्थित मेसर्स रितिका प्रिन्टेक प्रा०लि० की शाखा का अनुबंध दिनांक 31 जुलाई 2026 की मध्यरात्रि से समाप्त हो चुका है। इसके बाद नगर निगम प्रशासन ने आम जनता के हित में तत्काल प्रभाव से वसूली कार्यों पर रोक लगा दी है।

​🏛️ 1 अगस्त से टैक्स कलेक्शन पूरी तर ​जिन प्रमुख शुल्कों/टैक्स वसूली पर रोक लगाई गई है, उनमें शामिल हैं: ह बंद; आदेश जारी

​राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के कार्यालय आदेश पत्रांक संख्या-60 (दिनांक: 31.07.2026) में दिए गए कड़े प्रशासनिक निर्देशों के आलोक में यह फैसला लिया गया है। दिनांक 01 अगस्त 2026 से अगले आदेश तक हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत मेसर्स रितिका प्रिन्टेक प्रा०लि० द्वारा किए जाने वाले सभी प्रकार के आंतरिक राजस्व संग्रहण कार्यों पर पूर्णतः प्रतिबंध लगा दिया गया है।

जिन प्रमुख शुल्कों/टैक्स वसूली पर रोक लगाई गई है, उनमें शामिल हैं:

  • ​🏠 होल्डिंग टैक्स (Holding Tax)
  • ​💧 वाटर यूजर चार्ज (Water User Charge)
  • ​📜 अनुज्ञप्ति शुल्क / ट्रेड लाइसेंस फीस (Licence Fee)
  • ​📢 होर्डिंग शुल्क / विज्ञापन टैक्स (Hoarding Fee)

​🛑 एंजेसी कर्मियों को भुगतान न करने की सख्त हिदायत

​हजारीबाग नगर प्रशासन एवं सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय ने नगर निगम के सभी धृतिधारकों (मकान मालिकों, दुकानदारों व व्यवसायियों) को सतर्क करते हुए स्पष्ट निर्देश दिया है कि वे अगले आदेश तक मेसर्स रितिका प्रिन्टेक प्रा०लि० के किसी भी कर्मचारी या प्रतिनिधि को किसी भी प्रकार का नकद या चेक भुगतान न करें।

​यदि कोई व्यक्ति उक्त एजेंसी का प्रतिनिधि बनकर टैक्स वसूली का दावा करता है या भुगतान मांगता है, तो उसे अवैध माना जाएगा। प्रशासन ने नागरिकों को किसी भी तरह की धोखाधड़ी से बचने की सलाह दी है।

​💻 टैक्स जमा करने के दो आधिकारिक और सुरक्षित विकल्प

​प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि एजेंसी का कार्यकाल समाप्त होने के बावजूद आम जनता को अपना टैक्स जमा करने में कोई कठिनाई न हो, इसके लिए दो आधिकारिक माध्यम उपलब्ध रहेंगे:

  1. ऑनलाइन भुगतान माध्यम (Online Portal): करदाता राज्य शहरी विकास अभिकरण (SUDA) के आधिकारिक पोर्टल suda.jharkhand.in के माध्यम से घर बैठे ऑनलाइन होल्डिंग टैक्स, वाटर चार्ज और अन्य शुल्क का भुगतान सुरक्षित रूप से कर सकते हैं।
  2. एकल खिड़की प्रणाली (Single Window Counter): जो लोग ऑफलाइन भुगतान करना चाहते हैं, वे नगर निगम हजारीबाग कार्यालय परिसर में स्थापित एकाधिक एकल खिड़की (Single Window System) पर जाकर अपना बकाया टैक्स सीधे जमा कर सकते हैं। 
अस्वीकरण (Editorial Disclaimer): यह सार्वजनिक हित से जुड़ी प्रशासनिक रिपोर्ट News Prahari (न्यूज़ प्रहारी) डिजिटल पोर्टल द्वारा नागरिकों की जागरूकता हेतु संकलित एवं प्रकाशित की गई है। इस आलेख में शामिल सभी तथ्य राज्य शहरी विकास अभिकरण और जिला प्रशासन हजारीबाग द्वारा निर्गत आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति पर आधारित हैं। हमारी वेबसाइट एडसेंस की सभी नीतियों (Unique High Quality Content, Copyright Safety & User Safety Guidelines) का पूर्णतः पालन करती है।

स्रोत (Source): सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय (IPRD), समाहरणालय भवन, हजारीबाग — आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 494/01.08.2026 [कार्यालय आदेश पत्रांक संख्या-60, SUDA]।

Hazaribagh Health News: ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी में मौसमी बीमारियों से बचाव हेतु जागरूकता अभियान; पढ़ें मानसून हेल्थ टिप्स

 

Hazaribagh Health Awareness: ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी में मौसमी बीमारियों से बचाव हेतु जागरूकता अभियान; रणजीत कुमार ने दिए स्वास्थ्य टिप्स

हजारीबाग (News Prahari Desk): मानसून के मौसम में तेजी से पनपने वाली बीमारियों और स्वास्थ्य संबंधी खतरों को देखते हुए हजारीबाग स्थित ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी (Gyan Jyoti College of Pharmacy) की ओर से एक विशेष स्वास्थ्य जागरूकता अभियान का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों, भावी फार्मासिस्टों और आम लोगों को वर्षा ऋतु के दौरान फैलने वाले संक्रमणों और जलजनित रोगों के प्रति जागरूक करना था।

Health awareness campaign on seasonal diseases organized at Gyan Jyoti College of Pharmacy Hazaribagh

​कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के वक्ता रणजीत कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मौसमी बीमारियों के मुख्य कारणों, उनके लक्षणों और रोकथाम के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

"मानसून में बढ़ता है डेंगू, मलेरिया और जलजनित रोगों का खतरा": रणजीत कुमार

​विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए रणजीत कुमार ने कहा कि मानसून के आगमन के साथ ही वातावरण में नमी बढ़ती है, जिससे बैक्टीरिया, वायरस और मच्छरों का प्रकोप तेजी से फैलता है। इस मौसम में लापरवाही बरतने पर डेंगू, मलेरिया, टाइफाइड, वायरल फीवर, हैजा (Cholera) और गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसी गंभीर जलजनित व कीटजनित बीमारियों की चपेट में आने की संभावना काफी बढ़ जाती है।

​उन्होंने कहा कि यदि हम अपनी दैनिक जीवनशैली में व्यक्तिगत स्वच्छता, सुरक्षित पेयजल, संतुलित आहार और आसपास की साफ-सफाई पर थोड़ा सा ध्यान दें, तो 90% से अधिक मौसमी बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है।

संक्रमण और बीमारियों से बचाव के लिए प्रमुख सुझाव

​ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी द्वारा आयोजित इस सत्र में विद्यार्थियों और आमजन के लिए निम्नलिखित महत्वपूर्ण स्वास्थ्य दिशानिर्देश जारी किए गए:

  1. सुरक्षित पेयजल और खान-पान: केवल उबला हुआ या अच्छे से फिल्टर किया गया पानी ही पिएं। ताजा और स्वच्छ भोजन ग्रहण करें तथा बाजारों में खुले में बिकने वाले खाद्य पदार्थों व कटे हुए फलों के सेवन से पूरी तरह बचें।
  2. मच्छरों से सुरक्षा: घर, छत, कूलरों और आसपास के बर्तनों में पानी जमा न होने दें। मच्छरों के काटने से बचने के लिए मच्छरदानी का प्रयोग करें, मॉस्किटो रिपेलेंट लगाएं और पूरी बाजू के कपड़े पहनें।
  3. व्यक्तिगत स्वच्छता: खाना खाने से पहले और बाहर से आने के बाद नियमित रूप से साबुन से हाथ धोएं। खांसी या छींक आते समय मुंह और नाक को रुमाल या टिशू से ढकें।
  4. प्रतिरोधक क्षमता (Immunity): शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं, नियमित हल्का व्यायाम करें और आहार में हरी सब्जियाँ व ताजे फल शामिल करें।

​उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी व्यक्ति को तेज बुखार, लगातार खांसी, उल्टी-दस्त या सांस लेने में तकलीफ जैसे लक्षण दिखाई दें, तो वे बिना डॉक्टरी सलाह के खुद से दवा (Self-Medication) न लें और तुरंत किसी qualified चिकित्सक से संपर्क करें।

"स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने में शिक्षण संस्थानों की अहम भूमिका": कॉलेज प्रबंधन

​कॉलेज प्रबंधन ने कार्यक्रम के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि फार्मेसी के छात्र भविष्य के स्वास्थ्य योद्धा (Healthcare Professionals) हैं। इस तरह के जागरूकता अभियानों से न केवल विद्यार्थियों में स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है, बल्कि वे समाज में भी सही और वैज्ञानिक स्वास्थ्य जानकारियों का प्रसार करने में सक्षम बनते हैं।

​कार्यक्रम का समापन एक सशक्त सामाजिक संदेश के साथ किया गया:

"इलाज से बेहतर है बचाव — स्वच्छ रहें, सुरक्षित रहें, स्वस्थ रहें।"

Gyan Jyoti College of Pharmacy Hazaribagh Official Press Release & Event Outline

और पढ़ें : GM Inter College Ichak: जी.एम. इंटर कॉलेज इचाक में गुरु पूर्णिमा पर संगोष्ठी; जानें गुरु-शिष्य परंपरा पर क्या बोले वक्ता


VBU Hazaribagh Seminar: विभावि फिजियोथेरेपी विभाग में राष्ट्रीय संगोष्ठी; पार्किंसनिज्म के इलाज पर एम्स के डॉ. प्रभात रंजन का व्याख्यान

 

VBU Hazaribagh: विभावि फिजियोथेरेपी विभाग में राष्ट्रीय संगोष्ठी; एम्स के डॉ. प्रभात रंजन ने पार्किंसनिज्म और आधुनिक इलाज पर दिए टिप्स

हजारीबाग (News Prahari Desk): विनोबा भावे विश्वविद्यालय (VBU), हजारीबाग के भौतिक चिकित्सा (फिजियोथेरेपी) विभाग द्वारा 27 जुलाई 2026 को विश्वविद्यालय परिसर स्थित सी.वी. रमन साइंस ब्लॉक-1 के आर्यभट्ट सेमिनार हॉल में एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी का सफल आयोजन किया गया।

National seminar on Parkinsonism and Physiotherapy at Vinoba Bhave University Hazaribagh Aryabhatta Hall

​इस राष्ट्रीय संगोष्ठी का मुख्य विषय “पार्किंसनिज़्म” एवं “आधुनिक युग में फिजियोथेरेपी की भूमिका” रखा गया था। कार्यक्रम में देश के प्रतिष्ठित चिकित्सा संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने फिजियोथेरेपी के बढ़ते महत्व, न्यूरो रिहैबिलिटेशन और आधुनिक उपचार पद्धतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला।

कार्यक्रम की शुरुआत और प्रशासनिक संबोधन

​संगोष्ठी का शुभारंभ विभागाध्यक्ष डॉ. उमेन्द्र सिंह के स्वागत भाषण के साथ हुआ। उन्होंने विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. (डॉ.) चन्द्र भूषण शर्मा के दूरदर्शी नेतृत्व और विभाग को मिलने वाले निरंतर प्रोत्साहन के प्रति आभार व्यक्त किया। विभागाध्यक्ष ने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन के सहयोग से आने वाले समय में भी फिजियोथेरेपी के अत्याधुनिक और समसामयिक विषयों पर ऐसे शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे।

​विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. सुरेन्द्र कुमार कुशवाहा ने विभाग को इस सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि इस तरह की राष्ट्रीय संगोष्ठियाँ विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान, क्लिनिकल रिसर्च और व्यावसायिक दक्षता को निखारने में बेहद अहम भूमिका निभाती हैं।

​कार्यक्रम का संचालन डॉ. अम्बिका गुप्ता द्वारा किया गया। वहीं डॉ. मेराज नबी सिद्दीकी ने फिजियोथेरेपी विभाग का संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत करते हुए विभाग की स्थापना, उपलब्धियों और देश-विदेश में कार्यरत पूर्व विद्यार्थियों (Alumni) की सफलताओं पर प्रकाश डाला।

एम्स नई दिल्ली के विशेषज्ञ का 'पार्किंसनिज्म' पर मुख्य व्याख्यान

​संगोष्ठी के मुख्य वक्ता एम्स (AIIMS), नई दिल्ली के न्यूरो रिहैबिलिटेशन विभाग के वरिष्ठ फिजियोथेरेपिस्ट डॉ. प्रभात रंजन (पी.टी.) थे। उन्होंने 'पार्किंसनिज्म' (Parkinsonism) बीमारी के लक्षणों और फिजियोथेरेपी आधारित पुनर्वास पर विस्तृत तकनीकी व्याख्यान दिया।

​डॉ. प्रभात रंजन ने कहा:

"पार्किंसनिज्म से पीड़ित मरीजों में मांसपेशियों की अकड़न, हाथों में कंपन और संतुलन बिगड़ने की समस्या मुख्य रूप से देखने को मिलती है। समय पर बीमारी की प्रारंभिक पहचान, वैज्ञानिक मूल्यांकन, बैलेंस ट्रेनिंग (सुलतान प्रशिक्षण) और एविडेंस-बेस्ड (साक्ष्य-आधारित) फिजियोथेरेपी के जरिए मरीजों के जीवन की गुणवत्ता में काफी सुधार लाया जा सकता है।"


झारखंड स्टेट काउंसिल और अन्य विशेषज्ञों के विचार

​द्वितीय वक्ता झारखंड स्टेट काउंसिल ऑफ फिजियोथेरेपी (JSCPT) के रजिस्ट्रार एवं इंडियन एसोसिएशन ऑफ फिजियोथेरेपिस्ट्स (IAP) झारखंड के संयोजक डॉ. अजीत कुमार (पी.टी.) थे। उन्होंने “आधुनिक युग में फिजियोथेरेपी की भूमिका” विषय पर विचार रखते हुए कहा कि आज फिजियोथेरेपी केवल ऑर्थोपेडिक समस्याओं तक सीमित नहीं है, बल्कि कार्डियाक, न्यूरो और स्पोर्ट्स मेडिसिन में भी इसका दायरा तेजी से बढ़ा है। उन्होंने शोध आधारित उपचार और प्रोफेशनल एथिक्स पर जोर दिया।

​विशिष्ट वक्ता रांची की डॉ. आयुषी (पी.टी.) ने “थिंक बियॉन्ड द शोल्डर” विषय पर अपनी प्रस्तुति दी। उन्होंने कंधे की जटिल समस्याओं के समग्र मूल्यांकन और आधुनिक रिहैबिलिटेशन तकनीकों की जानकारी छात्रों के साथ साझा की।

राष्ट्रगान के साथ समापन

​कार्यक्रम के अंतिम चरण में डॉ. राहुल कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। उन्होंने मुख्य अतिथियों, वक्ताओं, विश्वविद्यालय प्रशासन, संकाय सदस्यों, कर्मचारियों एवं छात्र-छात्राओं के प्रति आभार प्रकट किया। उन्होंने विश्वास जताया कि यह आयोजन विद्यार्थियों की मेडिकल समझ को गहरा करने में उपयोगी साबित होगा। संगोष्ठी का समापन राष्ट्रगान के साथ किया गया।

Department of Physiotherapy - Vinoba Bhave University (VBU) Press Release & Desk Analysis

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GM Inter College Ichak: जी.एम. इंटर कॉलेज इचाक में गुरु पूर्णिमा पर संगोष्ठी; जानें गुरु-शिष्य परंपरा पर क्या बोले वक्ता

 

Hazaribagh News: इचाक के जी.एम. इंटर महाविद्यालय में गुरु पूर्णिमा पर संगोष्ठी; गुरु-शिष्य परंपरा और नैतिक मूल्यों पर हुआ मंथन

इचाक/हजारीबाग (News Prahari Desk): हजारीबाग जिले के इचाक प्रखंड स्थित जी.एम. इंटर महाविद्यालय में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर 'गुरु-शिष्य परंपरा एवं आधुनिक शिक्षा प्रणाली' विषय पर एक दिवसीय भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति में गुरु के सर्वोच्च स्थान, उनके आदर्शों, चरित्र निर्माण तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालना था।

Seminar on Guru Shishya Parampara at GM Inter College Ichak Hazaribagh on Guru Purnima

​संगोष्ठी में महाविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और भारतीय सनातन ज्ञान परंपरा में गुरु की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श किया।

"गुरु केवल ज्ञान के प्रदाता नहीं, बल्कि जीवन के मार्गदर्शक हैं"

​कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक परंपरा के अनुसार किया गया। इसके बाद मुख्य वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए जी.एम. इंटर महाविद्यालय के प्रभारी पंकज कुमार ने गुरु पूर्णिमा के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व को रेखांकित किया।

​अपने संबोधन में पंकज कुमार ने कहा:

"भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊपर माना गया है। गुरु केवल किताबी ज्ञान देने वाले शिक्षक नहीं होते, बल्कि वे छात्र के व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं, उसमें नैतिक एवं सामाजिक मूल्यों का बीजारोपण करते हैं और जीवन को सही दिशा प्रदान करने वाले सच्चे मार्गदर्शक होते हैं। आधुनिक दौर में जहाँ इंटरनेट और तकनीक से सूचनाएँ तो मिल सकती हैं, लेकिन संस्कार, जीवन दर्शन और सही मार्ग केवल गुरु के सानिध्य से ही प्राप्त होता है।"


​उन्होंने आगे कहा कि गुरु पूर्णिमा का यह पर्व सभी को अपने गुरुओं के प्रति अपार श्रद्धा, सम्मान, निष्ठा एवं कृतज्ञता व्यक्त करने की प्रेरणा देता है।

छात्रों की वक्तृत्व प्रतियोगिता: साक्षी कुमारी को मिला प्रथम स्थान

​संगोष्ठी के दौरान विद्यार्थियों के लिए 'आधुनिक समाज में गुरु-शिष्य संबंधों की प्रासंगिकता' विषय पर विचार अभिव्यक्ति प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने विचार रखे।

​सटीक तर्क, बेहतरीन भाषण शैली और विषय की स्पष्ट समझ के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया:

  • प्रथम स्थान: साक्षी कुमारी
  • द्वितीय स्थान: मासूम कुमारी
  • तृतीय स्थान: संगम कुमारी

​सभी विजेता छात्राओं को महाविद्यालय प्रशासन की ओर से सराहा गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

मंच संचालन और आयोजन समिति की भूमिका

​कार्यक्रम का कुशल और प्रभावपूर्ण मंच संचालन शिक्षक रत्नेश कुमार राणा ने किया। उन्होंने संगोष्ठी के दौरान गुरु-शिष्य परंपरा के पौराणिक संदर्भों (जैसे द्रोणाचार्य-अर्जुन और रामकृष्ण परमहंस-स्वामी विवेकानंद) का उल्लेख कर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

​इस एक दिवसीय शैक्षणिक आयोजन को सुचारू और सफल बनाने में महाविद्यालय परिवार के शिक्षक अजीत हांसदा, रवि कुमार महतो, संजीत कुमार यादव, संगम कुमारी तथा पार्वती कुमारी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ संगोष्ठी का समापन हुआ।

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VBU Sanskrit Department Teacher Parent Meet Farewell Ceremony

 

विभावि संस्कृत विभाग में शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी सह विदाई समारोह का आयोजन: बोले वक्ता—'संस्कृत में हैं अपार संभावनाएं'

हजारीबाग: विनोबा भावे विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर संस्कृत विभाग में गुरुवार (23 जुलाई 2026) को विभागाध्यक्ष अंजुम आरा की अध्यक्षता में शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी एवं विदाई समारोह का भव्य आयोजन किया गया।

VBU Hazaribagh News: संस्कृत विभाग में हुआ विदाई समारोह व Parent-Teacher Meet, विद्यार्थियों को मिली शुभकामनाएं!

​संगोष्ठी में अभिभावकों ने अपने विचार साझा किए। विभागाध्यक्ष अंजुम आरा ने विद्यार्थियों की शत-प्रतिशत उपस्थिति पर बल देते हुए अभिभावकों से बच्चों को नियमित रूप से विश्वविद्यालय भेजने की अपील की और दैनिक कक्षाओं के लाभ बताए।

​"संस्कृत क्षेत्र में भविष्य बनाने की अपार संभावनाएं"

​कार्यक्रम के दौरान पूर्व विभागाध्यक्ष नकुल पाण्डेय ने अभिभावकों को संबोधित करते हुए कहा कि संस्कृत विषय में अपार संभावनाएं मौजूद हैं और छात्र इस क्षेत्र में बेहतर भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। उन्होंने जानकारी दी कि संत कोलंबा कॉलेज और केबी महिला कॉलेज में संस्कृत की पढ़ाई पुनः शुरू हो चुकी है।

​चतुर्थ समसत्र के विद्यार्थियों और शोधार्थी को दी गई विदाई

​संगोष्ठी के उपरांत द्वितीय समसत्र के विद्यार्थियों द्वारा चतुर्थ समसत्र (सेमेस्टर) के छात्र-छात्राओं और शोधार्थी हिमांशु कुमार के सम्मान में विदाई समारोह आयोजित किया गया।

​विभागाध्यक्ष अंजुम आरा, पूर्व विभागाध्यक्ष नकुल पाण्डेय और पूर्व विभागाध्यक्ष अखिलेश्वर पाठक ने सभी निवर्तमान विद्यार्थियों तथा शोधार्थी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इस अवसर पर द्वितीय समसत्र के छात्रों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए।

​कार्यक्रम में विभाग के शिक्षक, विद्यार्थी तथा शिक्षण सहायक सुधांशु पाण्डेय और मनीषा सिंह सहित कई लोग उपस्थित रहे।

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GM College Hazaribagh Seminar on National Flag Adoption Day: तिरंगे के सम्मान में सेमिनार

 

​जी.एम महाविद्यालय में राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस पर सेमिनार आयोजित: वक्ताओं ने कहा—'तिरंगा हमारे स्वाभिमान, एकता और बलिदान का अमर प्रतीक'

हजारीबाग: जी.एम महाविद्यालय में सोमवार को राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस के अवसर पर एक विशेष विचार गोष्ठी (सेमिनार) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय गीत के गरिमामय गायन के साथ हुई, जिसके बाद शिक्षकों और विद्यार्थियों ने राष्ट्रीय ध्वज के ऐतिहासिक महत्व और देशभक्ति के संदेश पर अपने विचार साझा किए।

GM College Hazaribagh: राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस पर सेमिनार! वक्ताओं ने तिरंगे के इतिहास पर डाला प्रकाश।

​22 जुलाई 1947: संविधान सभा ने तिरंगे को दी थी आधिकारिक पहचान

​राजनीति विज्ञान के शिक्षक कुंदन शशि शर्मा ने विषय प्रवेश कराते हुए बताया कि वर्ष 1947 में संविधान सभा द्वारा भारत के राष्ट्रीय ध्वज को अंगीकृत करने की ऐतिहासिक स्मृति में प्रतिवर्ष 22 जुलाई को यह दिवस मनाया जाता है।

​कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के विभिन्न वक्ताओं ने तिरंगे के महत्व पर प्रकाश डाला:

  • एकता और स्वाभिमान का प्रतीक: महाविद्यालय के प्राचार्य शंभू कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि राष्ट्रीय ध्वज अंगीकरण दिवस देशवासियों में एकता, अखंडता और देशभक्ति की भावना को और अधिक मजबूत करने की प्रेरणा देता है।
  • बलिदान की गाथा: वरिष्ठ शिक्षक विनय कुमार मेहता ने कहा कि 22 जुलाई 1947 को संविधान सभा ने तिरंगे को भारत के राष्ट्रीय ध्वज के रूप में आधिकारिक रूप से स्वीकार किया था। यह केवल तीन रंगों का संयोजन नहीं, बल्कि देश के गौरव, स्वाभिमान और बलिदान का अमर प्रतीक है।
  • राष्ट्र निर्माण का संकल्प: शिक्षक रेयाज अहमद ने विद्यार्थियों से राष्ट्र की एकता, अखंडता और निरंतर प्रगति के लिए सदैव समर्पित रहने का आह्वान किया।
  • संप्रभुता का जीवंत प्रतीक: डॉ. उमेश ठाकुर ने कहा कि हमारा तिरंगा देश के स्वतंत्रता संग्राम, संप्रभुता और विविधता में एकता का जीवंत प्रतीक है।

​विद्यार्थियों ने भी रखे अपने विचार

​सेमिनार में महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। आशीष पांडे, मनोज राणा, पवन सिंह और अमित कुमार सहित कई छात्र-छात्राओं ने राष्ट्रीय ध्वज के प्रति अपने सम्मान और विचारों को प्रस्तुत किया।

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Hazaribagh NEET Success: मुन्ना सिंह पहुंचे संजीत कुमार के घर, अंग वस्त्र देकर किया सम्मानित

 NEET में संजीत कुमार की सफलता पर घर पहुंचे मुन्ना सिंह: अंग वस्त्र देकर किया सम्मानित, उज्ज्वल भविष्य की कामना की

NEET में संजीत कुमार की सफलता पर घर पहुंचे मुन्ना सिंह: अंग वस्त्र देकर किया सम्मानित, उज्ज्वल भविष्य की कामना की

हजारीबाग: राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) में उत्कृष्ट सफलता हासिल कर जिले का नाम रोशन करने वाले सदर प्रखंड के नगवां गांव निवासी संजीत कुमार को बधाई देने वालों का सिलसिला जारी है।

Hazaribagh NEET Topper: संजीत कुमार के घर पहुंचे पूर्व सदर प्रत्याशी मुन्ना सिंह, अंग वस्त्र देकर किया सम्मानित!

​संजीत कुमार (सुपुत्र स्व. मंटू प्रसाद मेहता) की इस उल्लेखनीय उपलब्धि पर पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह मंगलवार को उनके नगवां स्थित आवास पहुंचे। वहां उन्होंने संजीत कुमार और उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें अंग वस्त्र भेंट किया तथा मिठाई खिलाकर बधाई व शुभकामनाएं दीं।

​"संजीत की सफलता कठिन परिश्रम और संकल्प का परिणाम": मुन्ना सिंह

​इस अवसर पर पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने कहा कि संजीत कुमार ने अपनी लगन, अनुशासन और कठिन परिश्रम के बल पर यह ऐतिहासिक मुकाम हासिल किया है।

​उन्होंने कहा कि संजीत की यह उपलब्धि हजारीबाग जिले के साथ-साथ पूरे ग्रामीण क्षेत्र के युवाओं के लिए एक बड़ा प्रेरणास्रोत है। संजीत ने सीमित साधनों के बावजूद अपनी मेहनत से न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे हजारीबाग जिले का मान बढ़ाया है।

​चिकित्सा क्षेत्र में उत्कृष्ट सेवा का जताया विश्वास

​मुन्ना सिंह ने संजीत कुमार के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए ईश्वर से उनके उत्तम स्वास्थ्य और निरंतर प्रगति के लिए प्रार्थना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संजीत भविष्य में एक कुशल एवं संवेदनशील चिकित्सक बनकर समाज और देश के विकास में अपना महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

​मुलाकात के दौरान संजीत कुमार के परिवार के सदस्यों सहित स्थानीय गणमान्य नागरिक भी मौजूद रहे।

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Dharmendra Pradhan attacks Rahul Gandhi over NEET protest and Parliament debate

 

NEET और संसद सत्र में हंगामा: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का राहुल गांधी पर हमला—'छात्रों के मुद्दे पर राजनीति कर रही कांग्रेस'

नई दिल्ली/हजारीबाग: संसद के मानसून सत्र के दौरान नीट (NEET) परीक्षा प्रणाली और अभ्यर्थियों के आंदोलन को लेकर राजनीतिक गतिरोध गहरा गया है। विपक्षी नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री आवास के समीप किए गए प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा निशाना साधा है।

NEET विवाद पर Dharmendra Pradhan की तीखी प्रतिक्रिया! Rahul Gandhi और कांग्रेस पर बोला हमला।

​21 जुलाई 2026 को अपने आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट जारी करते हुए शिक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी देश के अभ्यर्थियों व युवाओं को अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए मोहरा बना रहे हैं।

​शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बयान के प्रमुख बिंदु

​सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी बात रखते हुए शिक्षा मंत्री ने निम्नलिखित मुख्य बातें रखीं:

  • सुरक्षा नियमों की अनदेखी: राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देकर आम नागरिकों के लिए बाधा उत्पन्न की और स्थापित सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया।
  • संसदीय बहस से दूरी का आरोप: सरकार ने सदन के पटल पर नीट परीक्षा से जुड़े सभी विषयों पर विस्तृत चर्चा की पूर्ण सहमति और तैयारी जताई थी। इसके बावजूद विपक्ष ने लोकतांत्रिक चर्चा के स्थान पर राजनीतिक प्रदर्शन का रास्ता चुना।
  • मुद्दों के समाधान के स्थान पर सुर्खियों की होड़: मंत्री के अनुसार, राहुल गांधी का प्राथमिक उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का ठोस समाधान खोजना नहीं, बल्कि केवल राजनीतिक विवाद खड़ा कर सुर्खियां बटोरना है।
  • सदन में जवाबदेही के लिए प्रतिबद्धता: केंद्र सरकार युवाओं और अभ्यर्थियों की प्रत्येक वाजिब चिंता पर संसद में चर्चा करने के लिए पूरी तरह (100%) तैयार है।
  • पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधार का आश्वासन: उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के छात्र राजनीतिक अभियान का साधन नहीं हैं। उन्हें नारों के स्थान पर ठोस समाधान, अव्यवस्था की जगह स्पष्टता और हंगामे के स्थान पर संस्थागत सुधार की आवश्यकता है।

​परीक्षा प्रणाली में सुधार का भरोसा

​धर्मेंद्र प्रधान ने अपने वक्तव्य में कहा कि सरकार देश के अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अभ्यर्थियों को केवल विरोध नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, स्पष्ट उत्तर और स्थायी प्रशासनिक सुधार उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

​उल्लेखनीय है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता के आरोपों को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है, जबकि सरकार का रुख है कि वह नियमों के तहत संसद के भीतर सभी प्रश्नों के उत्तर देने को तत्पर है।

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KGBV इचाक और डाढ़ी में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ शिविर; साइबर सुरक्षा और स्वास्थ्य जांच पर जोर

 

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान: इचाक और डाढ़ी कस्तूरबा बालिका विद्यालय में जागरूकता सत्र व स्वास्थ्य जांच शिविर आयोजित

हजारीबाग: महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के तत्वावधान में मंगलवार को कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (इचाक एवं डाढ़ी) में 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत विशेष जागरूकता सत्र और स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया।

बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ

​इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किशोरियों को उनके स्वास्थ्य, सुरक्षा, शिक्षा और अधिकारों के प्रति जागरूक बनाते हुए उन्हें आत्मनिर्भर, सशक्त और स्वस्थ जीवन जीने के लिए प्रेरित करना था।

​साइबर सुरक्षा, जेंडर समानता और कल्याणकारी योजनाओं की मिली जानकारी

​जागरूकता सत्र के दौरान विषय-विशेषज्ञों द्वारा छात्राओं को डिजिटल और सामाजिक सुरक्षा के प्रति विस्तार से जानकारी दी गई:

  • साइबर सुरक्षा और डिजिटल सुरक्षा: विशेषज्ञों ने छात्राओं को इंटरनेट के सुरक्षित और जिम्मेदार उपयोग, ऑनलाइन उत्पीड़न या साइबर अपराध की स्थिति में सतर्क रहने और समय पर मदद पाने के उपाय बताए।
  • सामाजिक अधिकार एवं कानून: बाल विवाह निषेध, चाइल्ड हेल्पलाइन (Child Helpline), बाल संरक्षण और जेंडर समानता के प्रति छात्राओं को जागरूक किया गया।
  • सरकारी योजनाएं: छात्राओं को राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी 'सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना' सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं के फायदों के बारे में जानकारी दी गई।

​स्वास्थ्य जांच: छात्राओं का मापा गया BMI, बांटी गईं IFA गोलियां

​सत्र के उपरांत आयोजित स्वास्थ्य जांच शिविर में विद्यालय की छात्राओं की शारीरिक जांच की गई:

  • हीमोग्लोबिन और BMI जांच: शिविर में डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा छात्राओं का बॉडी मास इंडेक्स (BMI) मापा गया और खून में हीमोग्लोबिन के स्तर की जांच की गई।
  • दवाइयों का वितरण: जांच के दौरान जिन बालिकाओं में हीमोग्लोबिन का स्तर कम (एनीमिया के लक्षण) पाया गया, उन्हें तुरंत आयरन एवं फोलिक एसिड (IFA) की गोलियां उपलब्ध कराई गईं।
  • स्वास्थ्य परामर्श: छात्राओं को संतुलित आहार, व्यक्तिगत स्वच्छता और नियमित स्वास्थ्य जांच के महत्व को समझाया गया।

​कार्यक्रम में विद्यालय की छात्राओं ने काफी उत्साह दिखाया और विशेषज्ञों से अपनी शंकाओं व प्रश्नों के उत्तर प्राप्त कर जानकारी हासिल की।

Hazaribagh: ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी के छात्रों ने तैयार किए औषधीय गार्गल, जन-जागरूकता अभियान के जरिए लोगों को मिलेगी राहत

 

व्यावहारिक प्रशिक्षण और समाज सेवा का संगम: फार्मेसी छात्रों की पहल से सुधरेगी मौखिक स्वास्थ्य जागरूकता

हजारीबाग: ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी के डी.फार्मा विद्यार्थियों ने अपनी शैक्षणिक कुशलता का परिचय देते हुए औषधीय गार्गल का सफलतापूर्वक निर्माण किया है। सामुदायिक स्वास्थ्य सेवा के उद्देश्य से तैयार किए गए ये गार्गल—'पोविडोन-आयोडीन गार्गल' (Povidone-Iodine Gargle) और 'सलाइन गार्गल' (Saline Gargle)—आगामी स्वास्थ्य जागरूकता अभियानों में आमजन के बीच वितरण और प्रदर्शन के लिए उपयोग किए जाएंगे।

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स्वास्थ्य के लिए लाभ और उपयोग

कॉलेज में आयोजित सत्र के दौरान विद्यार्थियों को इन गार्गलों के वैज्ञानिक महत्व के बारे में विस्तार से बताया गया:

  • पोविडोन-आयोडीन गार्गल: यह गले के संक्रमण, खराश को दूर करने और मुंह एवं गले के बैक्टीरिया व वायरस को कम करने में अत्यंत प्रभावी है। यह मौखिक स्वच्छता बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

  • सलाइन गार्गल: यह गले की खराश, सूजन और हल्के संक्रमण के लिए एक सुरक्षित व प्रभावी घरेलू उपाय है। यह मौखिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाने का सरल साधन है।

छात्रों को मिला कुशल मार्गदर्शन

कॉलेज के निदेशक शंभू कुमार ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि फार्मेसी शिक्षा का मूल उद्देश्य दवाओं के सैद्धांतिक ज्ञान के साथ-साथ समाज के प्रति सेवा और स्वास्थ्य जागरूकता की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यावहारिक प्रशिक्षण छात्रों को भविष्य में एक जिम्मेदार फार्मेसी प्रोफेशनल के रूप में स्थापित करने में सहायक होते हैं।

इस प्रक्रिया में शिक्षिका शिल्पा कुमारी, शिक्षक मणिरत्नम भारद्वाज और शिक्षक अभिक पाल ने विद्यार्थियों को गार्गल निर्माण की सटीक प्रक्रिया, गुणवत्ता मानक, सुरक्षा और जनस्वास्थ्य में इसकी उपयोगिता के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। उन्होंने छात्रों को प्रेरित किया कि स्वास्थ्य संबंधी वैज्ञानिक जानकारी को जिम्मेदारी के साथ समाज तक पहुँचाना उनका मुख्य दायित्व है।

कॉलेज प्रबंधन ने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व और व्यावहारिक ज्ञान विकसित करने के लिए इस प्रकार की गतिविधियों का आयोजन निरंतर किया जाता रहेगा, ताकि फार्मेसी के छात्र न केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रहें, बल्कि धरातल पर जनस्वास्थ्य सुधार में भी योगदान दे सकें।

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व्यावहारिक शिक्षा का महत्व: जी.एम. इंटर कॉलेज के वाणिज्य विद्यार्थियों ने जाना 'न्यू आइडिया फॉर बिजनेस', बाजार भ्रमण से सीखीं स्टार्टअप की बारीकियां

 

विद्यार्थी जीवन में ही स्टार्टअप और उद्यमिता की समझ विकसित करना है मुख्य उद्देश्य

संवाददाता, हजारीबाग:

जी.एम. इंटर महाविद्यालय के वाणिज्य विभाग के प्रथम और द्वितीय वर्ष के विद्यार्थियों के लिए एक व्यावहारिक शैक्षणिक भ्रमण का आयोजन किया गया। इस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को 'न्यू आइडिया फॉर बिजनेस' और स्टार्टअप की जमीनी हकीकत से रूबरू कराना था। शिक्षकों के मार्गदर्शन में छात्रों ने हजारीबाग नगर के विभिन्न प्रमुख व्यापारिक प्रतिष्ठानों का दौरा किया।

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शैक्षणिक मार्गदर्शन और प्रेरणा

​भ्रमण के पूर्व महाविद्यालय के सचिव विनय कुमार ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि वर्तमान समय कॉमर्स के छात्रों के लिए अवसरों से भरा है। उन्होंने ई-कॉमर्स, सोशल मीडिया मार्केटिंग और क्लाउड किचन जैसे कम निवेश वाले बिजनेस आइडियाज पर चर्चा की। प्राचार्य शम्भू कुमार ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि विद्यार्थी जीवन से ही अकाउंटिंग, टैक्स रिटर्न (ITR) फाइलिंग और जीएसटी (GST) जैसे कार्यों में फ्रीलांसिंग शुरू करके भविष्य की नींव रखी जा सकती है।

​बाजार की हकीकत और सीखने का अनुभव

​वाणिज्य विभाग के शिक्षक आशीष पांडे, मनोज राणा और पूजा कुमारी के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने व्यापारिक प्रतिष्ठानों के संचालकों के साथ सीधा संवाद किया। छात्रों ने व्यावसायिक संचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां जुटाईं, जिनमें शामिल थे:

  • पूंजी निवेश (Capital): व्यापार शुरू करने के लिए आवश्यक शुरुआती निवेश।
  • लाभ का गणित (Profit Analysis): व्यापारिक लाभ और उससे जुड़ी अनिश्चितताएं।
  • कर्मचारी प्रबंधन: प्रतिष्ठान के कार्य बल और कार्य संस्कृति का संचालन।
  • समस्या समाधान: व्यापार के दौरान आने वाली व्यावहारिक चुनौतियों का सामना कैसे किया जाए।

​सेल्स और कस्टमर डीलिंग की बारीकियां

​विद्यार्थियों ने प्रतिष्ठानों के सेल्स डिपार्टमेंट में जाकर यह भी समझा कि किसी वस्तु की मांग (Market Demand) कैसे तय होती है। वहां कार्यरत कर्मियों ने छात्रों को ग्राहकों से बातचीत करने, उन्हें मोटिवेट करने और उत्पादों को प्रभावी ढंग से बेचने (Sales Pitching) के गुर सिखाए। छात्रों के लिए यह भ्रमण केवल किताबी ज्ञान तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बाजार की मांग और ग्राहक की पसंद को समझने का एक जीवंत अनुभव रहा।

​यह शैक्षणिक पहल विद्यार्थियों को भविष्य में एक सफल उद्यमी या कुशल प्रोफेशनल बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है।

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विनोबा भावे विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान विद्यार्थियों का रांची में शैक्षणिक परिभ्रमण: सुधा डेयरी और गुरु नानक होम का किया दौरा

 

व्यावहारिक ज्ञान और सेवा भाव का अनुभव: गृह विज्ञान के विद्यार्थियों ने डेयरी उत्पादन और सामाजिक कार्यों को करीब से समझा

संवाददाता, हजारीबाग:

विनोबा भावे विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर गृह विज्ञान विभाग द्वारा विद्यार्थियों के लिए एक दिवसीय शैक्षणिक परिभ्रमण का आयोजन किया गया। इस दौरे का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान से परे व्यावहारिक और औद्योगिक प्रक्रियाओं से रूबरू कराना था। विभागाध्यक्ष सह समाज विज्ञान संकायाध्यक्ष डॉ. रेणु बोस ने बताया कि यह परिभ्रमण विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास और भविष्य की कार्य-कुशलता के दृष्टिकोण से अत्यंत महत्वपूर्ण रहा।

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सेवा और मानवीय मूल्यों का अनुभव

​परिभ्रमण के प्रथम चरण में विद्यार्थियों ने रांची स्थित 'गुरु नानक होम फॉर हैंडिकैप्ड एंड अदर डिसेबल्ड चिल्ड्रन' का दौरा किया। वहां के अधिकारियों और कर्मियों ने विद्यार्थियों को संस्था की कार्यप्रणाली, आवासीय व्यवस्थाओं और दिव्यांगजनों के प्रति की जा रही सेवा संबंधी गतिविधियों से परिचित कराया। विद्यार्थियों ने देखा कि किस प्रकार संस्थागत सहयोग के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर को सुधारा जा रहा है। इस अनुभव ने विद्यार्थियों में सेवा भाव और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति गहरी संवेदना जागृत की।

​दुग्ध उत्पादन की औद्योगिक प्रक्रिया को समझा

​भ्रमण के दूसरे भाग में विद्यार्थियों ने रांची स्थित सुधा डेयरी प्लांट का अवलोकन किया। इस तकनीकी दौरे में विद्यार्थियों को दुग्ध उत्पादन, प्रसंस्करण (Processing), गुणवत्ता परीक्षण और पैकेजिंग की संपूर्ण आधुनिक व्यवस्थाओं की बारीकियों को समझने का अवसर मिला। डेयरी के अधिकारियों ने प्लांट का भ्रमण कराते हुए उत्पादन चक्र के हर चरण की तकनीकी जानकारी दी, जिससे विद्यार्थियों को खाद्य प्रसंस्करण और पोषण विज्ञान के औद्योगिक पहलुओं को समझने में सहायता मिली।

​यह शैक्षणिक परिभ्रमण विद्यार्थियों के लिए ज्ञानवर्धक साबित हुआ। इस दौरान विभाग के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। शैक्षणिक संस्थानों द्वारा आयोजित ऐसे परिभ्रमण न केवल पाठ्यक्रम का हिस्सा हैं, बल्कि छात्रों के भविष्य के करियर निर्माण में भी मील का पत्थर सिद्ध होते हैं।

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फार्मेसी के क्षेत्र में व्यावहारिक ज्ञान की पहल: ज्ञान ज्योति कॉलेज हजारीबाग के छात्र औद्योगिक भ्रमण के लिए रुड़की रवाना

 

उत्पादन प्रक्रिया, गुणवत्ता नियंत्रण और जीएमपी की बारीकियों को समझेंगे बी.फार्मा एवं डी.फार्मा के विद्यार्थी

संवाददाता, हजारीबाग: तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा के क्षेत्र में व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ावा देने के उद्देश्य से ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी, हजारीबाग में एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक गतिविधि का आयोजन किया गया है। संस्थान के बी.फार्मा (B.Pharma) एवं डी.फार्मा (D.Pharma) के छात्र-छात्राओं का एक संयुक्त दल शनिवार, 11 जुलाई 2026 को आधिकारिक रूप से शैक्षणिक औद्योगिक भ्रमण (Industrial Visit) के लिए उत्तराखंड के प्रमुख औद्योगिक केंद्र रुड़की के लिए रवाना हुआ। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को दवाओं के निर्माण से जुड़ी अत्याधुनिक औद्योगिक तकनीकों और प्रक्रियाओं से रूबरू कराना है।

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​औद्योगिक कार्यप्रणाली और वैश्विक मानकों का व्यावहारिक अध्ययन

​महाविद्यालय प्रशासन के अनुसार, इस प्रकार के औद्योगिक दौरों का मुख्य लक्ष्य किताबी ज्ञान को धरातलीय कार्यप्रणाली से जोड़ना है। रुड़की प्रवास के दौरान विद्यार्थी देश की प्रतिष्ठित फार्मास्यूटिकल कंपनियों के विनिर्माण संयंत्रों (Manufacturing Plants) का दौरा करेंगे। इस दौरान उन्हें निम्नलिखित महत्वपूर्ण तकनीकी पहलुओं की व्यावहारिक जानकारी प्रदान की जाएगी:

  • गुड मैन्युफैक्चरिंग प्रैक्टिसेज (GMP): दवा निर्माण के दौरान अपनाए जाने वाले अंतरराष्ट्रीय स्वच्छता और विधिक मानकों का लाइव अध्ययन।
  • गुणवत्ता नियंत्रण (Quality Control - QC): दवाओं के रसायनों की शुद्धता और मानकों की जांच करने वाली प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली को समझना।
  • गुणवत्ता आश्वासन (Quality Assurance - QA): उत्पादन से लेकर पैकेजिंग तक हर स्तर पर गुणवत्ता को अक्षुण्ण रखने की विधिक प्रक्रियाओं का विश्लेषण।
  • उत्पादन प्रक्रिया (Production Process): आधुनिक स्वचालित मशीनों द्वारा बड़े पैमाने पर दवाओं और कैप्सूल के निर्माण की कड़ियों को देखना।

​करियर निर्माण और कौशल विकास में मिलेगी सहायता

​औद्योगिक भ्रमण के महत्व पर प्रकाश डालते हुए महाविद्यालय प्रबंधन शंभू कुमार, निदेशक बिनय कुमार एवं विभागाध्यक्ष नीतू सिन्हा ने संयुक्त रूप से बताया कि वर्तमान समय की प्रतिस्पर्धी दुनिया में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है। ऐसे आयोजनों से विद्यार्थियों को फार्मा उद्योग की वास्तविक कार्यशैली और कॉर्पोरेट संस्कृति को सूक्ष्मता से समझने का सीधा अवसर मिलता है। यह अनुभव उनके करियर निर्माण, तकनीकी कौशल विकास (Skill Development) और अंतिम वर्ष के बाद होने वाले प्लेसमेंट (रोजगार) के अवसरों में मील का पत्थर साबित होगा।

​प्रबंधन ने यह भी स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों के समग्र शैक्षणिक और व्यावसायिक विकास को गति देने के लिए भविष्य में भी समय-समय पर इस प्रकार के उच्च स्तरीय औद्योगिक और विनिर्माण क्षेत्रों के भ्रमण आयोजित किए जाते रहेंगे। विद्यार्थियों के इस दल को रवाना करने और उनके मार्गदर्शन के लिए महाविद्यालय के शिक्षक असलम, रंजीत कुमार एवं गुड्डू कुमार सहित संस्थान के अन्य शिक्षणकर्मी और प्रबुद्ध प्रभाग प्रमुख भी साथ में उपस्थित हैं।

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Hazaribagh News:​दवाओं का अनियंत्रित सेवन बन रहा धीमा जहर: ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी ने चलाया वृहद जन-जागरूकता अभियान

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सेल्फ-मेडिकेशन और प्रिसक्रिप्शन दवाओं के अनियंत्रित उपयोग पर फार्मेसी छात्रों ने समाज को किया जागरूक

संवाददाता, हजारीबाग:

आधुनिक समाज में स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही और बिना चिकित्सीय परामर्श के दवाओं का सेवन एक गंभीर संकट बनता जा रहा है। इसी संवेदनशील विषय को केंद्र में रखकर ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी द्वारा समाज में दवाओं के सुरक्षित, विवेकपूर्ण एवं जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक विस्तृत जन-जागरूकता अभियान का संचालन किया गया। इस अभियान का मुख्य विषय 'दवाओं का दुरुपयोग (ड्रग एब्यूज) एवं प्रिस्क्रिप्शन दवाओं का तार्किक उपयोग' था, जिसके माध्यम से जनमानस को जागरूक करने का प्रयास किया गया।

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​बिना परामर्श दवाएं लेने के घातक परिणाम

​अभियान के अंतर्गत फार्मेसी संकाय के भावी फार्मासिस्टों और छात्रों ने विभिन्न सार्वजनिक स्थलों पर आम नागरिकों से प्रत्यक्ष संवाद स्थापित किया। छात्रों ने वैज्ञानिक तथ्यों के साथ यह स्पष्ट किया कि बिना किसी पंजीकृत चिकित्सक (रजिस्टर्ड मेडिकल प्रैक्टिशनर) की लिखित संस्तुति और वैध प्रिस्क्रिप्शन के औषधियों का स्व-सेवन (सेल्फ-मेडिकेशन) करना स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आत्मघाती सिद्ध हो सकता है। वर्तमान में इंटरनेट आधारित अधकचरी जानकारी के आधार पर दवाएं खरीदने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है, जो सीधे तौर पर मानव अंगों को क्षति पहुँचा रही है।

​एंटीबायोटिक्स और दर्द निवारक दवाओं का बढ़ता संकट

​फार्मेसी विशेषज्ञों और छात्रों ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि:

  • एंटीबायोटिक्स का अनियंत्रित उपयोग: बिना आवश्यकता के एंटीबायोटिक्स खाने से शरीर में 'एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस' (AMR) उत्पन्न हो रहा है, जिससे भविष्य में सामान्य संक्रमण होने पर भी दवाएं बेअसर हो जाती हैं।
  • दर्द निवारक (Painkillers) और निद्राकारी औषधियां (Sedatives): चिकित्सक के नियंत्रण के बिना इन दवाओं का दीर्घकालिक उपयोग किडनी, लीवर और हृदय को स्थायी रूप से क्षतिग्रस्त कर देता है। इसके अतिरिक्त, यह धीरे-धीरे मानसिक निर्भरता और गंभीर नशे की लत में परिवर्तित हो जाता है।

​संस्थान का सामाजिक संकल्प

​जागरूकता कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित नागरिकों को यह संकल्प दिलाया गया कि वे किसी अन्य व्यक्ति के लिए निर्धारित की गई दवाओं का उपयोग स्वयं नहीं करेंगे और न ही किसी को ऐसा करने की सलाह देंगे। प्रत्येक नागरिक को केवल योग्य और प्रमाणित चिकित्सक के परामर्श पर ही औषधियां क्रय करनी चाहिए।

​ज्ञान ज्योति कॉलेज ऑफ फार्मेसी के प्रशासनिक प्रबंधन और संकाय सदस्यों ने इस सफल आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान केवल अकादमिक शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि एक स्वस्थ, नशामुक्त और जागरूक समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है। आने वाले समय में भी इस प्रकार के लोक-कल्याणकारी और स्वास्थ्य-जागरूकता अभियानों का निरंतर विस्तार किया जाएगा।

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Hazaribagh: जी.एम. संध्याकालीन कॉलेज के NSS स्वयंसेवकों ने भरी हुंकार; नशा मुक्ति के लिए निकाली भव्य प्रभात फेरी, चौराहों पर रुककर लोगों को किया जागरूक!

🏫 हजारीबाग: जी.एम. संध्याकालीन महाविद्यालय के NSS का बड़ा संदेश; नशा मुक्त भारत के लिए छात्रों ने निकाली भव्य प्रभात फेरी

हजारीबाग: देश की युवा पीढ़ी को नशा मुक्त करने और एक स्वच्छ व स्वस्थ समाज के निर्माण के संकल्प के साथ शुक्रवार को जी.एम. संध्याकालीन महाविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) इकाई द्वारा एक भव्य प्रभात फेरी सह जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य युवाओं और आम नागरिकों को नशीले पदार्थों के सेवन से होने वाले दुष्परिणामों के प्रति सचेत करना था। कार्यक्रम की शुरुआत महाविद्यालय के सचिव और प्राचार्य ने संयुक्त रूप से हरी झंडी दिखाकर प्रभात फेरी को रवाना करके की।

HAZARIBAGH: College Secretary Shambhu Kumar and Principal Vinay Kumar flagging off the NSS awareness rally against drug abuse at GM Evening College. (Photo: News Prahari)

🚫 "नशा को ना और जीवन को हाँ": गूंजे नशा मुक्ति के नारे

महाविद्यालय परिसर से शुरू हुई यह प्रभात फेरी आस-पास के विभिन्न प्रमुख मार्गों और चौक-चौराहों से होकर गुजरी। इस दौरान रैली में शामिल सैकड़ों छात्र-छात्राओं के हाथों में नशा मुक्ति और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी प्रेरक तख्तियां (स्लोगन बोर्ड) थीं। विद्यार्थी पूरे उत्साह के साथ:

  • "नशा को ना और जीवन को हाँ"

  • "नशा छोड़ो और परिवार जोड़ो"

जैसे गगनभेदी नारे लगा रहे थे। इन नारों और संदेशों के माध्यम से विद्यार्थियों ने राहगीरों और स्थानीय निवासियों को नशे के खिलाफ जागरूक किया। प्रभात फेरी के दौरान छात्र-छात्राओं ने विभिन्न चौक-चौराहों पर रुककर आम नागरिकों से धूम्रपान, सिगरेट, शराब, पान मसाला और गुटखा जैसे जानलेवा व्यसनों से पूरी तरह दूर रहने की भावुक अपील भी की।

👥 गलत संगति से बचें और भविष्य निर्माण में जुटें युवा: शम्भू कुमार

इससे पूर्व, प्रभात फेरी की रवानगी से पहले महाविद्यालय के सचिव शम्भू कुमार ने उपस्थित छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए एक बेहद महत्वपूर्ण सीख दी। उन्होंने कहा कि— "अक्सर नशे की शुरुआत दोस्तों के दबाव या गलत संगति के कारण अनजाने में होती है, जो आगे चलकर एक गंभीर और जानलेवा लत के रूप में तब्दील हो जाती है। इसलिए सभी विद्यार्थियों और युवाओं को ऐसी गलत संगति से खुद को बचाना चाहिए और अपना पूरा ध्यान करियर व उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में लगाना चाहिए।"

वहीं, महाविद्यालय के प्राचार्य विनय कुमार ने नशे के सामाजिक और आर्थिक पहलुओं पर प्रकाश डालते हुए कहा कि— "नशा न केवल मानव स्वास्थ्य के लिए अत्यंत हानिकारक है, बल्कि यह पूरे परिवार और समाज के आर्थिक व मानसिक विकास में सबसे बड़ा बाधक है। यदि हमारी युवा पीढ़ी नशे की सामाजिक बुराई से दूर रहकर शिक्षा, खेलकूद और अपने स्वास्थ्य पर ध्यान केंद्रित करे, तो एक सशक्त, समृद्ध और उन्नत राष्ट्र का निर्माण संभव है।"

👮 प्रोफेसर्स और नोडल पदाधिकारी के नेतृत्व में सफल रहा अभियान

इस पूरे जागरूकता अभियान और प्रभात फेरी को अनुशासित व सफल बनाने में महाविद्यालय के कार्यक्रम पदाधिकारी सह राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के हजारीबाग जिला नोडल पदाधिकारी डॉ. उमेश ठाकुर ने मुख्य भूमिका निभाई। उन्होंने खुद रैली में उपस्थित रहकर छात्रों का मार्गदर्शन किया और अपनी सक्रिय सहभागिता दर्ज कराई।

इसके साथ ही शिक्षक विनय कुमार मेहता, रेयाज अहमद, आशीष पांडे, कुंदन शशि शर्मा एवं मनोज राणा के कुशल नेतृत्व में इस पूरी प्रभात फेरी का व्यवस्थित संचालन किया गया। विभिन्न मार्गों का भ्रमण करने के पश्चात यह जागरूकता रैली पुनः महाविद्यालय परिसर में पहुंचकर एक संकल्प सभा के साथ संपन्न हुई, जहां सभी ने जीवनभर नशे से दूर रहने की शपथ ली।

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जीएम इंटर महाविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न: जे.गुरुजी ऐप और रेल प्रोजेक्ट के जरिए बदलेगा शिक्षण का तरीका

 

जीएम इंटर महाविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 पर दो दिवसीय कार्यशाला संपन्न: जे.गुरुजी ऐप और रेल प्रोजेक्ट के जरिए बदलेगा शिक्षण का तरीका

"प्रशिक्षक डॉ. पुरुषोत्तम कुमार सिंह और गगन कुमार ने डिजिटल टूल्स, ई-विद्यावाहिनी और वोकेशनल कोर्सेज पर दिया विशेष प्रशिक्षण; प्राचार्य शंभू कुमार ने जताया आभार"— न्यूज़ प्रहरी विशेष

शिक्षा संवाददाता, हजारीबाग

  • रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
  • समाचार स्रोत (Source): मीडिया प्रभारी, जीएम इंटर महाविद्यालय (दिनांक: 10 जून 2026)

हजारीबाग:

हजारीबाग के प्रतिष्ठित जीएम इंटर महाविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP 2020) के सफल क्रियान्वयन को लेकर आयोजित दो दिवसीय सघन प्रशिक्षण शिविर का शानदार समापन हो गया। इस विशेष कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों को आधुनिक और डिजिटल शिक्षण पद्धतियों से अवगत कराना था, ताकि क्लासरूम के भीतर बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और वैश्विक स्तर की शिक्षा प्रदान की जा सके। इस दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में महाविद्यालय के प्राचार्य शंभू कुमार समेत कॉलेज के समस्त शिक्षक और शिक्षिकाएं मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

🏫 एजुकेशन अपडेट: हजारीबाग के जीएम इंटर कॉलेज में दो दिवसीय एनईपी 2020 शिक्षक कार्यशाला संपन्न; सीखे डिजिटल टूल्स।

NEP 2020 और 'जे.गुरुजी ऐप' के हर पहलू पर विस्तार से चर्चा

​कार्यशाला के दौरान मुख्य प्रशिक्षकों ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत स्कूली और इंटर स्तरीय शिक्षा में आए क्रांतिकारी बदलावों के प्रत्येक पहलू पर विस्तार से जानकारी दी। इसके साथ ही, झारखंड सरकार और शिक्षा विभाग के डिजिटल प्लेटफॉर्म 'जे.गुरुजी ऐप' (J.Guruji App) की बारीकियों को समझाया गया। शिक्षकों को ऐप के अंतर्गत संचालित होने वाले महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की ट्रेनिंग दी गई, जिसमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • रेल प्रोजेक्ट (Project RAIL): बच्चों के नियमित मूल्यांकन और लर्निग आउटकम को सुधारने की तकनीक।
  • ई-विद्यावाहिनी (E-Vidyavahini): शिक्षकों और छात्रों की डिजिटल उपस्थिति तथा डेटा प्रबंधन।
  • उल्लास (ULLAS Initiative): नव-साक्षरों और सार्वजनिक शिक्षा के तहत जीवन कौशल सिखाने की पद्धति।
  • वोकेशनल कोर्सेज (Vocational Courses): बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ हुनरमंद और रोजगारपरक बनाने के तरीके।
  • डिजिटल टीचर नोट्स (Teacher Notes): क्लासरूम में जाने से पहले आधुनिक और प्रभावी पाठ योजना तैयार करना।

शिक्षकों के लिए 'मील का पत्थर' साबित होगी यह कार्यशाला

​प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए मुख्य वक्ता और प्रशिक्षक के रूप में उपस्थित डॉ. पुरुषोत्तम कुमार सिंह एवं गगन कुमार ने क्लासरूम मैनेजमेंट से लेकर महाविद्यालय प्रबंधन तक के सफर पर प्रकाश डाला। दोनों विशेषज्ञों ने जोर देकर कहा कि आधुनिक युग में बच्चों के सर्वांगीण (सार्वजनिक) विकास के लिए पारंपरिक तरीकों के साथ-साथ डिजिटल टूल्स का समावेश बेहद जरूरी है।

​महाविद्यालय प्रबंधन के अनुसार, जीएम इंटर महाविद्यालय के शिक्षकों के लिए यह कार्यशाला एक मील का पत्थर साबित होगी। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों ने न केवल नई तकनीकों और सरकारी पोर्टल्स को चलाना सीखा, बल्कि इस बात का संकल्प भी लिया कि वे इस दो दिवसीय ज्ञान का शत-प्रतिशत उपयोग अपने दैनिक शिक्षण कक्ष (क्लासरूम) में करेंगे।

धन्यवाद ज्ञापन के साथ समापन

​कार्यशाला के अंतिम सत्र में शिक्षकों के प्रदर्शन और उनके उत्साह की सराहना की गई। इसके बाद, जीएम इंटर महाविद्यालय के प्राचार्य शंभू कुमार ने दोनों प्रशिक्षकों को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया और अपने धन्यवाद ज्ञापन के साथ इस दो दिवसीय ऐतिहासिक प्रशिक्षण शिविर के समापन की आधिकारिक घोषणा की।

📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव गाइड ( विधिक व तकनीकी ज्ञान / Educational Tools Knowledge)

​📌 जानिए क्या हैं जे.गुरुजी ऐप, ई-विद्यावाहिनी और रेल प्रोजेक्ट?

  • जे.गुरुजी (J.Guruji) मोबाइल ऐप: झारखंड शिक्षा परियोजना परिषद (JEPC) द्वारा विकसित एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां कक्षा 1 से 12वीं तक के छात्रों के लिए ई-बुक्स, वीडियो लेक्चर्स, क्विज़ और शिक्षकों के लिए पाठ्य सामग्रियां उपलब्ध हैं।
  • प्रोजेक्ट रेल (Regular Assessment for Improved Learning - RAIL): यह शिक्षा की गुणवत्ता को मापने का एक राज्यव्यापी पैमाना है, जिसके तहत विद्यालयों में हर सप्ताह या निश्चित अंतराल पर वस्तुनिष्ठ परीक्षाएं ली जाती हैं, ताकि यह पता चल सके कि बच्चे क्लास में क्या सीख रहे हैं।
  • ई-विद्यावाहिनी पोर्टल: यह झारखंड सरकार का एक सेंट्रलाइज्ड स्कूल मॉनिटरिंग सिस्टम है, जो बायोमेट्रिक अटेंडेंस, स्कूल फंड ट्रैकिंग और छात्रवृत्ति के डेटा को पूरी पारदर्शिता के साथ प्रबंधित करता है।

🔍 संपादकीय विश्लेषण: डिजिटल युग में शिक्षकों का अपग्रेड होना वक्त की मांग (Editorial)

सिर्फ इंफ्रास्ट्रक्चर नहीं, शिक्षकों का मानसिक अपग्रेडेशन ही बदलेगा शिक्षा का स्तर: जीएम इंटर कॉलेज की पहल सराहनीय

अक्सर देखा जाता है कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 (NEP) की बातें कागजों और बड़े सेमिनारों तक सीमित रह जाती हैं, लेकिन हजारीबाग के जीएम इंटर महाविद्यालय ने अपने शिक्षकों को सीधे जमीन पर उतारकर ट्रेनिंग दी है, जो जिला शिक्षा जगत के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण है। 'जे.गुरुजी ऐप' और 'ई-विद्यावाहिनी' जैसे टूल्स आज के समय में अनिवार्य हो चुके हैं। लेकिन असली चुनौती यह है कि क्या सरकारी और एडेड कॉलेजों के शिक्षक इस तकनीकी बदलाव को खुले दिल से अपना पाते हैं या नहीं। डॉ. पुरुषोत्तम कुमार सिंह और गगन कुमार जैसे प्रशिक्षकों की यह पहल तभी सफल मानी जाएगी, जब क्लासरूम के भीतर छात्र सचमुच 'प्रोजेक्ट रेल' और वोकेशनल कोर्सेज का लाभ उठा सकेंगे। कॉलेज के प्राचार्य शंभू कुमार इस दूरदर्शी आयोजन के लिए बधाई के पात्र हैं।

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सभी 16 प्रखंडों में गूंजा DLSA का संदेश; पंचायतों से लेकर स्कूलों तक 'अधिकार मित्रों' ने पढ़ाया कानून का पाठ

सभी 16 प्रखंडों में गूंजा DLSA का संदेश; पंचायतों से लेकर स्कूलों तक 'अधिकार मित्रों' ने पढ़ाया कानून का पाठ

प्रधान जि
SaraiyaDih.

ला न्यायाधीश ध्रुव चंद्र मिश्रा के निर्देश पर महा-अभियान: चौक-चौराहों पर सजी विधिक चौपाल, टोल-फ्री नंबर 15100 के जरिए घर बैठे मुफ्त कानूनी सलाह की दी गई जानकारी।

हजारीबाग। हजारीबाग जिले के शहरी क्षेत्रों से लेकर सुदूर ग्रामीण इलाकों तक आम नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति सजग और विधिक रूप से साक्षर बनाने के लिए एक बड़ा महा-अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JALSA) के तत्वाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), हजारीबाग के बैनर तले 90 दिवसीय विशेष कानूनी जागरूकता अभियान के तहत बुधवार को पूरे जिले में एक साथ विधिक साक्षरता की बयार बही।

यह वृहद कार्यक्रम प्रधान जिला न्यायाधीश (PDJ) सह अध्यक्ष ध्रुव चंद्र मिश्रा के कुशल दिशा-निर्देशन में तथा सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी की सीधी मॉनिटरिंग में आयोजित किया गया। इसी कड़ी में बुधवार को हजारीबाग जिला अंतर्गत सभी 16 प्रखंडों की विभिन्न पंचायतों, प्रमुख चौक-चौराहों और विद्यालयों में सघन जागरूकता सत्र चलाए गए।

मीडिएटर्स और अधिकार मित्रों ने संभाली कमान, जनता को किया जागरूक

जिले के सभी 16 प्रखंडों में प्राधिकार द्वारा प्रतिनियुक्त प्रशिक्षित मीडिएटर्स (मध्यस्थों) और 'अधिकार मित्रों' ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर कमान संभाली। उन्होंने स्कूली बच्चों, ग्रामीणों और राहगीरों को कानून की बुनियादी और आवश्यक धाराओं की जानकारी दी।

शिविरों के दौरान मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई:

नालसा और झालसा की कल्याणकारी योजनाएं: समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंद, शोषित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए सरकारी स्तर पर चलाई जा रही विधिक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

सिर्फ एक आवेदन पर मुफ्त वकील: अधिकार मित्रों ने उपस्थित लोगों को बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार एक ऐसा सुलभ माध्यम है, जहां कोई भी गरीब व्यक्ति केवल एक साधारण आवेदन देकर कोर्ट-कचहरी के मामलों के लिए निःशुल्क सरकारी अधिवक्ता (वकील) की सेवा प्राप्त कर सकता है।

टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की दी गई जानकारी

ग्रामीणों को कानूनी रूप से सशक्त बनाने के लिए राष्ट्रीय विधिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया गया। लोगों को बताया गया कि यदि उन्हें कोई कानूनी समस्या है या वे किसी विषय पर विधिक परामर्श चाहते हैं, तो वे इस नंबर पर कॉल करके घर बैठे पूरी तरह निःशुल्क और प्रामाणिक कानूनी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

'मध्यस्थता केंद्र' से मुकदमों के बोझ और खर्च से मिल रही राहत

शिविर में उपस्थित लोगों को न्याय सदन परिसर में संचालित मध्यस्थता केंद्र (Mediation Centre) की कार्यशैली और फायदों से अवगत कराया गया। प्रबुद्ध वक्ताओं ने बताया कि:

इस केंद्र में प्रतिदिन अनेकों दीवानी, पारिवारिक और छोटे-मोटे आपसी वादों का निपटारा दोनों पक्षों की आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण बातचीत के आधार पर कराया जाता है।

सुलह-समझौते के आधार पर मामलों के निष्पादन से सालों-साल चलने वाले मुकदमों की प्रताड़ना, पैसों के भारी खर्च और कीमती समय की बर्बादी से आम जनता को सीधी राहत मिल रही है।

सैकड़ों महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की रही उपस्थिति

जिलेभर में एक साथ आयोजित इस महा-अभियान में विभिन्न स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं, पंचायतों के प्रतिनिधि और सैकड़ों की संख्या में स्थानीय महिला-पुरुष शामिल हुए। कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग के अधीन कार्यरत सभी समर्पित अधिकार मित्रों और मीडिएटर्स ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए समाज को विधिक रूप से सशक्त करने का संकल्प दोहराया।

संपादकीय संदेश: हजारीबाग के सभी 16 प्रखंडों में एक ही दिन व्यापक स्तर पर कानूनी साक्षरता शिविर लगाना जिला विधिक सेवा प्राधिकार की एक अदभुत और ऐतिहासिक संगठनात्मक सफलता है। कानून की जानकारी का अभाव ही अक्सर ग्रामीणों के शोषण और अदालतों में बढ़ते मुकदमों का मुख्य कारण होता है। जब समाज का हर वर्ग टोल-फ्री नंबर 15100 और मध्यस्थता केंद्र जैसी सुविधाओं से अवगत होगा, तभी त्वरित और सुलभ न्याय का सपना साकार हो सकेगा।

प्रस्तुति: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग।

रिपोर्ट: न्यूज़ प्रहरी डेस्क।

जिला स्कूल के रिजल्ट पर DC हेमंत सती गंभीर, क्लासरूम में पहुँचकर छात्रों को दिए 'सफलता के मंत्र'

जिला स्कूल के रिजल्ट पर DC हेमंत सती गंभीर, क्लासरूम में पहुँचकर छात्रों को दिए 'सफलता के मंत्र'

हजारीबाग: शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और छात्रों के उज्ज्वल भविष्य को लेकर हजारीबाग जिला प्रशासन अब एक्शन मोड में है। इसी कड़ी में शुक्रवार (15 मई) को उपायुक्त हेमन्त सती ने 'सीएम उत्कृष्ट विद्यालय' (जिला स्कूल) का औचक निरीक्षण किया। 12वीं की परीक्षा में उम्मीद के मुताबिक बेहतर प्रदर्शन नहीं होने पर उपायुक्त ने गहरी चिंता व्यक्त की और विद्यालय की प्राचार्या निकिता कुमारी को शिक्षण व्यवस्था में तत्काल सुधार के कड़े निर्देश दिए।

DC Hazaribagh,

क्लासरूम में 'टीचर' की भूमिका में दिखे उपायुक्त

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त केवल एक प्रशासक ही नहीं, बल्कि एक मार्गदर्शक की भूमिका में नजर आए। उन्होंने विभिन्न कक्षाओं में जाकर विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया और उनसे उनके लक्ष्यों के बारे में जानकारी ली। उपायुक्त ने बच्चों को सफलता के 'गोल्डन टिप्स' भी दिए:

Vidharthiyon se sedha samwad.

पुराने प्रश्नपत्रों का अभ्यास: उन्होंने छात्रों को पिछले 10 से 12 वर्षों के प्रश्नपत्रों (Previous Years Papers) को हल करने की सलाह दी।

विषय की गहराई: किसी भी विषय को रटने के बजाय उसकी बुनियादी समझ विकसित करने पर जोर दिया।

मोबाइल का सही उपयोग: उपायुक्त ने छात्रों को मोबाइल का उपयोग केवल गेम या सोशल मीडिया के लिए नहीं, बल्कि गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री और ऑनलाइन लर्निंग के लिए करने को प्रेरित किया।

शिक्षकों को निर्देश: 'पढ़ाओ और टेस्ट लो'

विद्यालय की समीक्षा करते हुए उपायुक्त को बताया गया कि कक्षा 6 से 12 तक कुल 520 छात्र अध्ययनरत हैं, जिनके लिए 28 शिक्षक कार्यरत हैं। उपायुक्त ने शिक्षकों को निर्देश दिया कि:

प्रत्येक अध्याय (Chapter) खत्म होने के बाद अनिवार्य रूप से नियमित टेस्ट आयोजित किए जाएं।

छात्रों में लिखकर अभ्यास करने की आदत डाली जाए, ताकि परीक्षा में उनकी सटीकता बढ़े।

कमजोर विषयों वाले छात्रों के लिए विशेष सत्र (Extra Classes) आयोजित हों।

संसाधनों और सफाई पर जोर

निरीक्षण के अंत में सती ने विद्यालय परिसर का अवलोकन किया। उन्होंने प्राचार्या को निर्देश दिया कि परिसर में साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। उन्होंने यह भी भरोसा दिया कि संसाधनों से संबंधित किसी भी समस्या को प्रशासन के संज्ञान में लाएं, उसका त्वरित समाधान किया जाएगा। उन्होंने छात्रों को संदेश दिया कि अनुशासन और कड़ी मेहनत ही सफलता की एकमात्र चाबी है।

क्या आपको लगता है कि नियमित टेस्ट से सरकारी स्कूलों के रिजल्ट में सुधार होगा? अपनी राय कमेंट में दें।

NEET परीक्षा रद्द होने के विरोध में JMM का हल्ला बोल, कल जिला मुख्यालय पर फूंका जाएगा केंद्रीय मंत्री का पुतला

NEET परीक्षा रद्द होने के विरोध में JMM का हल्ला बोल, कल जिला मुख्यालय पर फूंका जाएगा केंद्रीय मंत्री का पुतला

हजारीबाग: देश की प्रतिष्ठित मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET (UG) 2026 में कथित पेपर लीक और भारी अनियमितताओं के बाद परीक्षा रद्द किए जाने के मामले ने अब राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। इस मुद्दे पर केंद्र सरकार और केंद्रीय मानव संसाधन मंत्रालय (शिक्षा मंत्रालय) को घेरने के लिए झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने प्रदेश व्यापी आंदोलन का बिगुल फूंक दिया है।

Neet UG 2026 kathik paper lik. Jmm ka dharma kal 

इसी कड़ी में कल, 15 मई 2026 (शुक्रवार) को हजारीबाग के डिस्ट्रिक्ट मोड़ पर शाम 4 बजे केंद्र सरकार और संबंधित मंत्रालय के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन और पुतला दहन किया जाएगा।

छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं: JMM

पार्टी के महासचिव विनोद कुमार पाण्डेय द्वारा जारी कार्यालय आदेश के अनुसार, 3 मई को आयोजित परीक्षा को NTA द्वारा रद्द किए जाने की घोषणा 12 मई को की गई। JMM का आरोप है कि यह मामला पूरी तरह से लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ा है और इसमें केंद्रीय मंत्रालय का रवैया गैर-जिम्मेदाराना रहा है। पार्टी ने इसे राष्ट्रीय स्तर की विफलता बताते हुए सभी जिला और महानगर समितियों को सड़कों पर उतरने का निर्देश दिया है।

हजारीबाग में आंदोलन की रूपरेखा

झामुमो के केंद्रीय कार्यकारिणी सदस्य सह जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बेदिया और जिला सचिव नीलकंठ महतो ने संयुक्त रूप से बताया कि हजारीबाग में इस विरोध प्रदर्शन को ऐतिहासिक बनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।

एकजुटता: पार्टी के सभी कार्यकर्ता और नेता पहले पार्टी कार्यालय में एकत्रित होंगे, जहाँ से वे जुलूस की शक्ल में डिस्ट्रिक्ट मोड़ के लिए प्रस्थान करेंगे।

भागीदारी: इस कार्यक्रम में युवा मोर्चा, अल्पसंख्यक मोर्चा, किसान मोर्चा, छात्र मोर्चा, महिला मोर्चा सहित सभी प्रखंडों के अध्यक्ष, सचिव और सक्रिय कार्यकर्ता भाग लेंगे।

प्रमुख मांगें

JMM नेताओं का कहना है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक ने देश की परीक्षा प्रणाली पर सवालिया निशान खड़े कर दिए हैं। उनकी मांग है कि:

छात्रों के मानसिक और आर्थिक नुकसान की भरपाई की जाए।

दोषियों पर कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित हो।

भविष्य में पारदर्शी परीक्षा प्रणाली के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।

क्या आप NEET परीक्षा दोबारा कराने के फैसले से संतुष्ट हैं?

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