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Editor: Naresh Prasad Soni
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वैश्विक क्षितिज पर झारखंड का उदय- दावोस और लंदन से लौटे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भरी हुंकार, कहा- राज्य की नैसर्गिक संपदा और युवा शक्ति को अब मिलेंगे विकास के अंतहीन आकाश


वैश्विक क्षितिज पर झारखंड का उदय- दावोस और लंदन से लौटे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भरी हुंकार, कहा- राज्य की नैसर्गिक संपदा और युवा शक्ति को अब मिलेंगे विकास के अंतहीन आकाश

नरेश सोनी विशेष संवाददाता झारखंड 

रांची | 28 जनवरी 2026

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी विदेश यात्रा से लौटने के पश्चात रांची हवाई अड्डे पर एक अभूतपूर्व और उत्साहजनक वातावरण के बीच मीडिया से मुखातिब हुए। समर्थकों के गगनभेदी नारों और 'जय झारखंड' के उद्घोष के मध्य मुख्यमंत्री ने अपनी दावोस और लंदन यात्रा को राज्य के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड ने पहली बार वैश्विक पटल पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है और दुनिया के सामने अपनी बात को पूरी प्रबलता के साथ रखा है।

मुख्यमंत्री ने अपनी यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि राज्य गठन के बाद यह प्रथम अवसर है जब झारखंड ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान को इतनी गंभीरता से स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि वे दावोस और लंदन से केवल यादें नहीं, बल्कि राज्य के विकास के लिए "बेहतर अनुभव" और "अपार संभावनाएं" लेकर स्वदेश लौटे हैं। श्री सोरेन ने विश्वास दिलाया कि इन वैश्विक अनुभवों के आधार पर झारखंड के 'जल, जंगल और जमीन' तथा यहाँ की नैसर्गिक संपदा को विकास का एक नया आयाम देने की दिशा में ठोस पहल की जाएगी, जिससे राज्य की आर्थिक रीढ़ और मजबूत होगी।

विशेष रूप से शिक्षा और युवा सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रतिमान गढ़ने का प्रयास किया है, जो सीधे तौर पर राज्य की आने वाली पीढ़ी को मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने उपस्थित जनसमूह और मीडिया को आश्वस्त किया कि इस विदेश यात्रा के दौरान तलाशी गई सभी संभावनाओं का सूक्ष्मता से आकलन कर उन्हें धरातल पर उतारा जाएगा, ताकि झारखंड के युवाओं के लिए एक उज्ज्वल और स्वर्णिम भविष्य का मार्ग प्रशस्त हो सके। हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री के स्वागत में उमड़ा जनसैलाब और उनके वक्तव्य में झलकता आत्मविश्वास यह बताने के लिए पर्याप्त था कि झारखंड अब अपनी स्थानीय सीमाओं से निकलकर वैश्विक मानचित्र पर अपनी अमिट छाप छोड़ने को तत्पर है।





पथ-सुरक्षा की प्रेरक प्रस्तुति- गणतंत्र दिवस समारोह में हजारीबाग परिवहन विभाग की झांकी ने फहराया विजय परचम

पथ-सुरक्षा की प्रेरक प्रस्तुति- गणतंत्र दिवस समारोह में हजारीबाग परिवहन विभाग की झांकी ने फहराया विजय परचम

हजारीबाग: गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आयोजित भव्य जिला स्तरीय समारोह में परिवहन विभाग की झांकी ने अपनी रचनात्मकता और जन-जागरूकता के अनूठे संगम से प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर गौरवशाली उपलब्धि हासिल की है। जिला परिवहन कार्यालय द्वारा प्रस्तुत इस झांकी का मूल उद्देश्य न केवल यातायात नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना था, बल्कि आधुनिक सुरक्षा उपकरणों और सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक प्रभावी ढंग से संप्रेषित करना भी था। समारोह के दौरान इस झांकी ने दर्शकों और निर्णायक मंडल का ध्यान अपनी ओर विशेष रूप से आकर्षित किया, जहाँ सड़क सुरक्षा के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।

इस पुरस्कृत झांकी की सबसे बड़ी विशेषता इसका जीवंत प्रदर्शन रहा, जिसमें सड़क दुर्घटना के दृश्यों का अत्यंत मार्मिक और सजीव चित्रण कर आम नागरिकों को यातायात के कड़े नियमों के प्रति सचेत किया गया। विभाग ने विभिन्न कट-आउट्स और कलाकृतियों के माध्यम से 'हिट एंड रन' के कड़े प्रावधानों, दुर्घटना में घायलों की सहायता करने वाले 'नेक मददगार' (गुड सेमेरिटन) और 'सड़क सुरक्षा दूत' जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। झांकी की इस संवेदनात्मक प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा मात्र एक नियम नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा का एक अनिवार्य संकल्प है।

समारोह के मुख्य अतिथियों और उच्चाधिकारियों ने परिवहन विभाग के इस नवाचार की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए इसे सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम बताया। झांकी के माध्यम से राहगीरों को यह बोध कराया गया कि उनकी एक सतर्कता किसी परिवार के चिराग को बुझने से बचा सकती है। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली इस झांकी ने गणतंत्र दिवस की गरिमा को बढ़ाते हुए हजारीबाग वासियों को यह संदेश दिया कि नियमबद्ध परिवहन ही एक सुरक्षित राष्ट्र की नींव है।

लंदन की धरती से गूँजी झारखंड की गौरवगाथा,मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रखा समावेशी और हरित भविष्य का रोडमैप

लंदन की धरती से गूँजी झारखंड की गौरवगाथा,मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रखा समावेशी और हरित भविष्य का रोडमैप

देश-विदेश: झारखंड की स्थापना के गौरवशाली रजत जयंती वर्ष के पावन अवसर पर सात समंदर पार लंदन की धरती एक ऐतिहासिक पल की साक्षी बनी। मुख्यमंत्री  हेमंत सोरेन ने 'Jharkhand@25' के वैश्विक मंच से राज्य की अद्वितीय सांस्कृतिक विरासत, समृद्ध लोक परंपराओं और अदम्य जनजातीय अस्मिता का उद्घोष किया। यह आयोजन मात्र एक उत्सव की औपचारिकता नहीं था, बल्कि दुनिया के सामने एक सशक्त और आत्मनिर्भर झारखंड की संकल्पना को प्रस्तुत करने का एक प्रभावी माध्यम सिद्ध हुआ। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष बल दिया कि झारखंड का विकास उसकी जड़ों को संरक्षित रखते हुए ही संभव है। उन्होंने वैश्विक समुदाय को यह संदेश दिया कि झारखंड की शक्ति उसके प्राकृतिक संसाधनों और जुझारू मानव श्रम में निहित है, जिसे अब आधुनिक तकनीक और सतत विकास के नए आयामों से जोड़ा जा रहा है।





मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर स्पष्ट किया कि झारखंड आगामी वर्षों में न केवल आर्थिक उन्नति के पथ पर अग्रसर होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समावेश के क्षेत्र में भी विश्व के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य का भविष्य प्रकृति और प्रगति के बीच एक सुंदर संतुलन स्थापित करने की दिशा में बढ़ रहा है, जहाँ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। लंदन में उमड़े इस जनसैलाब और मुख्यमंत्री के ओजस्वी विचारों ने यह प्रमाणित कर दिया है कि झारखंड अब केवल खनिज संपदा का केंद्र नहीं, बल्कि वैश्विक निवेश और नवाचार का एक नया केंद्र बनने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है। अतीत के प्रति कृतज्ञता और भविष्य के प्रति अडिग विश्वास के साथ शुरू हुई यह यात्रा राज्य के सर्वांगीण उत्थान का नया अध्याय लिखने को आतुर है।

दावोस में गूँजी झारखण्ड की गूँज, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वैश्विक मंच पर रखा 'समृद्ध झारखण्ड 2050' का विजन


दावोस में गूँजी झारखण्ड की गूँज, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वैश्विक मंच पर रखा 'समृद्ध झारखण्ड 2050' का विजन


देश/विदेश: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक झारखण्ड के विकास इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इंडिया पेवेलियन के उद्घाटन समारोह में शिरकत कर राज्य की ओर से वैश्विक निवेश और विकास की नई इबारत लिखी। यह पहला अवसर है जब झारखण्ड ने इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, जिसे मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया। भारत सरकार के प्रतिनिधियों और विभिन्न राज्यों के दिग्गजों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि झारखण्ड अब केवल खनिज संसाधनों तक सीमित नहीं है, बल्कि हरित ऊर्जा और आधुनिक निवेश के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है।


मुख्यमंत्री ने वैश्विक नेताओं और दिग्गज कंपनियों के साथ संवाद करते हुए प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को दोहराया और इसके साथ ही 'समृद्ध झारखण्ड 2050' का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य दुनिया के सामने रखा। उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखण्ड की प्राकृतिक संपदा और यहाँ की कार्यशील शक्ति औद्योगिक क्रांति के अगले चरण के लिए पूरी तरह तैयार है। दावोस में हुई इन सार्थक चर्चाओं से राज्य में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश आने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय रोजगार और बुनियादी ढांचे को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस वैश्विक समागम में शामिल सभी प्रतिभागियों का आभार जताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यहाँ से शुरू हुआ संवाद झारखण्ड को एक नई वैश्विक पहचान दिलाएगा और राज्य की प्रगति के पहिये को और भी तेज करेगा। 

हजारीबाग में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी छापेमारी, एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक्स नष्ट, फर्जी लेवलिंग और अवैध संचालन का भंडाफोड़

हजारीबाग में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी छापेमारी, एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक्स नष्ट, फर्जी लेवलिंग और अवैध संचालन का भंडाफोड़

हजारीबाग। मिलावटखोरों और नियमों की अनदेखी करने वाले खाद्य कारोबारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शशि जायसवाल के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी मोहम्मद मंजर हुसैन ने इंद्रपुरी चौक और आसपास के क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर हड़कंप मचा दिया। जांच के दौरान यश जायसवाल के किराना स्टोर से भारी मात्रा में एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक्स बरामद की गईं, जिसे विभाग ने मौके पर ही नष्ट करवा दिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि उक्त प्रतिष्ठान बिना किसी वैध लाइसेंस या पंजीकरण के संचालित हो रहा था। प्रशासन की इस कार्रवाई से बाजार के अन्य दुकानदारों में भी हड़कंप की स्थिति बनी रही।


निरीक्षण के दौरान धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला उमेश कुमार नामक व्यक्ति की मिल में पकड़ा गया। यहाँ बिना किसी एफएसएसएआई लाइसेंस के बेसन की पिसाई की जा रही थी और उसे उज्जैन की एक प्रसिद्ध कंपनी 'ऐरावत फूड इंडस्ट्रीज' के फर्जी रैपर में पैक कर बाजार में खपाया जा रहा था। विभाग ने इस फर्जीवाड़े को पकड़ते हुए बेसन के नमूने जब्त किए हैं। इसके अलावा गुरु गोविंद सिंह रोड स्थित भारत बेकरी से मेघा दूध के सैंपल भी लिए गए। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने बताया कि सभी एकत्रित नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला, नामकुम भेजा गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले इन कारोबारियों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



हजारीबाग के हुरहुरू में 'ब्रॉन्ज बेले' सैलून का भव्य शुभारंभ

हजारीबाग के हुरहुरू में 'ब्रॉन्ज बेले' सैलून का भव्य शुभारंभ

विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा- युवाओं की ऐसी पहल ही बनाएगी आत्मनिर्भर भारत

​हजारीबाग: शहर के हुरहुरू रोड पर आधु

निक सुविधाओं से सुसज्जित 'ब्रॉन्ज बेले' यूनिसेक्स सैलून का विधिवत उद्घाटन समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। सदर प्रखंड के ग्राम पंचायत पौता निवासी रामचंद्र ठाकुर के पुत्र और युवा उद्यमी दीपक कुमार शर्मा द्वारा स्थापित इस नए प्रतिष्ठान का उद्घाटन हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर स्थानीय गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों और शुभचिंतकों की गरिमामयी उपस्थिति रही जिन्होंने संचालक को इस नई शुरुआत के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।

​समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि आज के दौर में युवाओं द्वारा स्वरोजगार की दिशा में बढ़ाया गया हर कदम सराहनीय है। उन्होंने दीपक शर्मा के प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि युवाओं की ऐसी उद्यमशील पहल ही प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के सपने को धरातल पर उतार रही है। विधायक ने जोर देकर कहा कि ऐसे व्यवसाय न केवल संचालक को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित करते हैं। उन्होंने वहां मौजूद अन्य युवाओं को भी नौकरी के पीछे भागने के बजाय उद्यमिता अपनाकर स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया।

​कार्यक्रम के समापन पर सैलून संचालक दीपक शर्मा और उनके पूरे परिवार ने विधायक की उपस्थिति और उनके आशीर्वचन के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विधायक प्रदीप प्रसाद का मार्गदर्शन उन्हें भविष्य में और बेहतर करने की प्रेरणा देता रहेगा। शहर के बीचों-बीच एक स्तरीय यूनिसेक्स सैलून खुलने से स्थानीय लोगों में भी काफी उत्साह देखा गया।

वैश्विक पटल पर अपनी नई पहचान गढ़ने को तैयार झारखण्ड, 25 वर्षों बाद दावोस में गूंजेगी हेमंत सरकार की विकास

वैश्विक पटल पर अपनी नई पहचान गढ़ने को तैयार झारखण्ड, 25 वर्षों बाद दावोस में गूंजेगी हेमंत सरकार की विकास


गाथा

दावोस/रांची। झारखण्ड राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे करने के बाद अब एक नए आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने को तैयार है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल पहली बार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 में हिस्सा लेने के लिए स्विट्जरलैंड के दावोस पहुंच चुका है। शनिवार को इस प्रतिनिधिमंडल ने वहां पहुंचकर इंडिया पवेलियन परिसर में विशेष रूप से तैयार किए गए 'झारखण्ड पवेलियन' का भ्रमण और निरीक्षण किया, जहां से राज्य अपनी असीम संभावनाओं को दुनिया के सामने रखेगा।

​दावोस की बर्फीली वादियों में 19 से 23 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित आर्थिक महाकुंभ में झारखण्ड की भागीदारी ऐतिहासिक मानी जा रही है। मुख्यमंत्री और उनका दल इस वैश्विक मंच का उपयोग राज्य को एक निवेश गंतव्य और सतत विकास के मॉडल के रूप में पेश करने के लिए करेंगे। इस दौरान झारखण्ड सरकार का पूरा जोर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, वन एवं जैव-अर्थव्यवस्था तथा महिला सशक्तिकरण जैसे समसामयिक और गंभीर विषयों पर रहेगा।

​राज्य सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि झारखण्ड को केवल खनिज संसाधनों वाले राज्य के रूप में न देखा जाए, बल्कि इसे सतत विकास, न्यायसंगत परिवर्तन और समावेशी विकास के रास्ते पर चलने वाले एक अग्रणी राज्य के रूप में वैश्विक पहचान मिले। दावोस में दुनिया भर के दिग्गज नेताओं और उद्योगपतियों के बीच झारखण्ड की यह दस्तक राज्य में निवेश और रोजगार के नए द्वार खोलने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। शनिवार को पवेलियन के निरीक्षण के साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने यह संकेत दे दिया है कि झारखण्ड अब दुनिया के साथ कदमताल करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

विधायक ने फोड़ा नारियल, अधिकारियों ने जड़ा ताला

 विधायक ने फोड़ा नारियल, अधिकारियों ने जड़ा ताला


धान बेचने को दर-दर भटक रहे अन्नदाता, चूहों का निवाला बन रही गाढ़ी कमाई

हजारीबाग/दारू। सदर विधायक


प्रदीप प्रसाद द्वारा बीते 15 दिसंबर को जिस दारू खरिका पैक्स का भव्य उद्घाटन कर किसानों को बड़ी राहत देने का दावा किया गया था, वह आज विभागीय उदासीनता और अफसरशाही के चलते महज एक दिखावा बनकर रह गया है। उद्घाटन के चंद दिनों बाद ही इस पैक्स भवन पर लटका ताला प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल रहा है। हालात यह हैं कि अपनी ही उपज बेचने के लिए क्षेत्र के किसान मारे-मारे फिर रहे हैं। शनिवार को किसानों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया और उन्होंने पैक्स भवन के समक्ष प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।

​हरली पंचायत और आसपास के गांवों से आए किसानों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि वे भारी भरकम भाड़ा चुकाकर गाड़ियों में धान लादकर केंद्र तक पहुंचते हैं, लेकिन यहां ताला बंद देख उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ता है। इस प्रक्रिया में न केवल उनका आर्थिक नुकसान हो रहा है बल्कि लाने-ले जाने के दौरान बोरियां फटने से अनाज सड़कों पर बिखर कर बर्बाद हो रहा है। किसानों का दर्द यह है कि घर में रखा अनाज चूहों का निवाला बन रहा है और उनकी लागत तक नहीं निकल पा रही है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद सोए हुए हैं।

​प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने 'दारू प्रखंड के बीडीओ होश में आओ' और 'किसानों का शोषण बंद करो' के गगनभेदी नारे लगाए। किसानों का सीधा आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत और लापरवाही के कारण जानबूझकर पैक्स को बंद रखा गया है। उन्होंने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द पैक्स को सुचारू रूप से नहीं खोला गया और धान की खरीदारी शुरू नहीं हुई, तो वे प्रखंड कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना देने को बाध्य होंगे जिसकी पूरी जवाबदेही शासन और प्रशासन की होगी।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेगा मत्स्य पालन: बरही में चीफ जस्टिस ने केज कल्चर को सराहा, मछलियों को खिलाया दाना

ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेगा मत्स्य पालन,


बरही में चीफ जस्टिस ने केज कल्चर को सराहा, मछलियों को खिलाया दाना

हजारीबाग/बरही। झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश महेश शरदचंद्र सोनक शनिवार को हजारीबाग दौरे के दौरान एक अलग अंदाज में नजर आए। अदालती कार्यवाही और निरीक्षण से इतर वे बरही क्षेत्र के जलाशय पहुंचे, जहां उन्होंने मत्स्य पालन की आधुनिक तकनीक 'केज कल्चर' का बारीकी से अवलोकन किया। मुख्य न्यायाधीश ने न केवल जल के बीच स्थापित केज व्यवस्था को देखा, बल्कि वहां मौजूद मत्स्य पालकों से आत्मीय संवाद कर उनकी कार्यशैली और अनुभवों को भी साझा किया।

​जलाशय के नैसर्गिक वातावरण के बीच मुख्य न्यायाधीश ने मत्स्य पालन की इस उन्नत विधि की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि केज कल्चर जैसी पहल ग्रामीण आजीविका के संवर्धन और मत्स्य उत्पादन को बढ़ाने में क्रांतिकारी भूमिका निभा रही है। उनका मानना था कि यह तकनीक न केवल रोजगार के नए द्वार खोलेगी, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी एक नई मजबूती प्रदान करेगी। निरीक्षण के दौरान एक सुखद दृश्य तब देखने को मिला जब मुख्य न्यायाधीश ने स्वयं अपने हाथों से मछलियों को दाना खिलाया और किसानों का उत्साहवर्धन किया।

​इस मौके पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार और जिला मत्स्य पदाधिकारी प्रदीप कुमार भी उनके साथ मौजूद रहे। मुख्य न्यायाधीश ने मत्स्य पालकों को निरंतर प्रगति और नवाचार के लिए शुभकामनाएं दीं। अधिकारियों का मानना है कि राज्य के सर्वोच्च न्यायिक पद पर आसीन व्यक्ति द्वारा किए गए इस निरीक्षण और प्रोत्साहन से क्षेत्र के किसानों में नई ऊर्जा का संचार होगा।

एमएसएमई मंत्रालय ने डिजिटल क्रांति और खादी को दी नई रफ्तार, साइबर सुरक्षा से लेकर वैश्विक पटल तक भारत का डंका










एमएसएमई मंत्रालय ने डिजिटल क्रांति और खादी को दी नई रफ्तार, साइबर सुरक्षा से लेकर वैश्विक पटल तक भारत का डंका

नई दिल्ली। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने वर्ष 2025 में तकनीक और परंपरा के अद्भुत संगम के साथ विकास की नई इबारत लिखी है। एक तरफ जहां मंत्रालय ने साइबर सुरक्षा और डिजिटल डैशबोर्ड के जरिए उद्यमों को हाईटेक बनाया है, वहीं दूसरी तरफ खादी और ग्रामोद्योग को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है। मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट बताती है कि यह साल न केवल डिजिटल सशक्तिकरण का रहा बल्कि जमीनी स्तर पर कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी ऐतिहासिक साबित हुआ है।

अक्टूबर 2025 को राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के रूप में मनाते हुए मंत्रालय ने 'साइबर जागृत भारत' अभियान के तहत व्यापक पहल की। इसमें इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के सहयोग से अधिकारियों और उद्यमियों को साइबर हमलों से बचने, पासवर्ड सुरक्षा और साइबर स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में मंत्रालय ने एक आधुनिक परफॉर्मेंस स्मार्टबोर्ड विकसित किया है। यह केंद्रीकृत डैशबोर्ड अब एक ही क्लिक पर बाजार समर्थन, ऋण सुविधा और प्रमुख योजनाओं की जानकारी आम जनता और हितधारकों तक पहुंचा रहा है, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया पारदर्शी और त्वरित हुई है। इसके साथ ही पीएम गति शक्ति योजना के तहत लाखों संपत्तियों का डिजिटल मानचित्रण कर बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ किया गया है।

ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र ने भी इस वर्ष बेहतरीन प्रदर्शन किया है। कारीगरों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए सरकार ने कताई और बुनाई की मजदूरी में बढ़ोतरी की, जिसका सीधा लाभ जमीनी स्तर पर काम करने वाले शिल्पकारों को मिला है। खादी महोत्सव और वोकल फॉर लोकल अभियान ने स्वदेशी उत्पादों की मांग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया, जिसके परिणामस्वरूप खादी की बिक्री और उत्पादन के आंकड़ों में भारी उछाल दर्ज किया गया। इसी तरह नारियल रेशा क्षेत्र ने भी पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात कर वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। नई मशीनों के विकास और कौशल उन्नयन कार्यक्रमों ने इस क्षेत्र को और अधिक प्रतिस्पर्धी बना दिया है।

उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए चैंपियंस पोर्टल एक वरदान साबित हुआ है, जहां प्राप्त शिकायतों में से निन्यानवे प्रतिशत से अधिक का समयबद्ध निवारण किया गया। नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई हैकाथॉन का पांचवां संस्करण और विलंबित भुगतान की समस्या सुलझाने के लिए ऑनलाइन विवाद समाधान पोर्टल की शुरुआत की गई है। महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए यशस्विनी अभियान के तहत लाखों महिलाओं का उद्यम और उद्यम असिस्ट पोर्टल पर पंजीकरण कराया गया है, जो लैंगिक समानता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

मंत्रालय ने अपनी पहुंच को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देते हुए मॉरीशस, थाईलैंड, स्लोवाकिया और मलेशिया जैसे देशों के साथ कई महत्वपूर्ण समझौते किए हैं। बोधगया में आयोजित पीएम विश्वकर्मा सम्मेलन और वाराणसी में एमएसएमई सेवा पर्व जैसे भव्य आयोजनों ने कारीगरों को आधुनिक टूलकिट और ऋण सुविधा उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर भारत का सारथी बनाया है। साल के अंत में विशेष स्वच्छता अभियान के तहत सरकारी कार्यालयों से कबाड़ हटाकर न केवल लाखों रुपये का राजस्व कमाया गया, बल्कि कार्यस्थलों को स्वच्छ और ऊर्जावान बनाकर 'वेस्ट टू वेल्थ' का संदेश भी दिया गया। मंत्रालय की ये पहल स्पष्ट करती हैं कि भारत का एमएसएमई क्षेत्र अब अपनी विरासत को सहेजते हुए आधुनिक विकास की दौड़ में सबसे आगे खड़ा है।


बालू तस्करों पर पुलिस का बड़ा प्रहार, कटकमसांडी के जंगल से 7 ट्रैक्टर जब्त, तीन तस्कर गिरफ्तार

 

बालू तस्करों पर पुलिस का बड़ा प्रहार, कटकमसांडी के जंगल से 7 ट्रैक्टर जब्त, तीन तस्कर गिरफ्तार


हजारीबाग/कटकमसांडी। अवैध बालू खनन और परिवहन के खिलाफ हजारीबाग जिला प्रशासन और पुलिस ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। चतरा-कटकमसांडी मुख्य मार्ग पर पुलिस ने छापेमारी अभियान चलाते हुए बालू से लदे सात ट्रैक्टरों को एक साथ जब्त किया है, जिससे बालू माफियाओं में हड़कंप मच गया है। घटनाक्रम के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि चतरा रोड के रास्ते अवैध रूप से बालू की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कटकमसांडी अंचलाधिकारी अनिल कुमार गुप्ता और थाना प्रभारी शिवम गुप्ता के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने हट कौना जंगल के पास घेराबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की।

​जांच के दौरान कतारबद्ध तरीके से आ रहे सात ट्रैक्टरों को रोका गया, जिनकी तलाशी लेने पर सभी में अवैध रूप से बालू लदा पाया गया। प्रत्येक ट्रैक्टर पर करीब 100 सीएफटी बालू लोड था। मौके से पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया है, जिनकी पहचान चतरा जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र निवासी संतोष कुमार, करण भुइयां और मो. साफिक के रूप में हुई है। प्रशासन की इस सख्ती से अवैध कारोबारियों के मंसूबों पर पानी फिर गया है। छापेमारी दल में अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी के साथ एसआई मनोज कुजूर और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस ने सभी जब्त वाहनों और गिरफ्तार व्यक्तियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के हक में संसद में गूंजी राघव चड्ढा की आवाज, कॉपीराइट एक्ट में बदलाव की जोरदार मांग


 यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के हक में संसद में गूंजी राघव चड्ढा की आवाज, कॉपीराइट एक्ट में बदलाव की जोरदार मांग

दिल्ली:  दिनांक 18 दिसंबर 2025 को आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में देश के लाखों कंटेंट क्रिएटर्स, यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के हितों की रक्षा के लिए एक अहम मुद्दा उठाया है। उन्होंने सदन में स्पष्ट कहा कि आज के दौर में ये क्रिएटर्स भारत के जमीनी स्तर के संचारक बन चुके हैं और इनके डिजिटल प्लेटफॉर्म केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि उनकी आजीविका और कड़ी मेहनत का परिणाम हैं।

सांसद ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स द्वारा मनमाने ढंग से दी जाने वाली कॉपीराइट स्ट्राइक ने क्रिएटर्स के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा कर दिया है। अक्सर महज कुछ सेकंड के वीडियो या ऑडियो क्लिप का इस्तेमाल करने पर, चाहे वह शिक्षा, समाचार या व्यंग्य के उद्देश्य से ही क्यों न हो, क्रिएटर्स के चैनल और सालों की मेहनत को एक झटके में खत्म कर दिया जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आजीविका का फैसला कानून के द्वारा होना चाहिए न कि किसी मनमाने एल्गोरिदम के आधार पर।

राघव चड्ढा ने तर्क दिया कि भारत का कॉपीराइट अधिनियम 1957 उस दौर में बना था जब इंटरनेट और डिजिटल मीडिया का कोई अस्तित्व नहीं था। यह कानून किताबों और पत्रिकाओं के लिए तो फेयर डीलिंग की बात करता है लेकिन आज के डिजिटल क्रिएटर्स को परिभाषित करने में विफल है। उन्होंने सदन को याद दिलाया कि फेयर यूज़ पाइरेसी नहीं है और रचनात्मकता डर के माहौल में पनप नहीं सकती।

इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए उन्होंने सरकार के समक्ष प्रमुख मांगे रखी हैं जिनमें सबसे महत्वपूर्ण कॉपीराइट अधिनियम में संशोधन कर डिजिटल फेयर यूज़ को परिभाषित करना है। इसके अलावा उन्होंने मांग की कि कॉपीराइट उल्लंघन के मामलों में सजा या कार्रवाई का पैमाना गलती के अनुपात में होना चाहिए और किसी भी कंटेंट को हटाने से पहले एक निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन अनिवार्य किया जाना चाहिए ताकि देश के युवाओं के रोजगार और रचनात्मकता को सुरक्षित रखा जा सके।


हजारीबाग पुलिस का नशा तस्करों पर बड़ा प्रहार: चौपारण के जंगलों में 50 एकड़ में लहलहा रही अवैध अफीम की फसल को किया नष्ट, तस्करों में मचा हड़कंप

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 हजारीबाग पुलिस का नशा तस्करों पर बड़ा प्रहार: चौपारण के जंगलों में 50 एकड़ में लहलहा रही अवैध अफीम की फसल को किया नष्ट, तस्करों में मचा हड़कंप

चौपारण/हजारीबाग: हजारीबाग जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने अब आर-पार की लड़ाई शुरू कर दी है। इसी कड़ी में गुरुवार को पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने चौपारण थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती इलाकों में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने ग्राम मुरानिया और दुरागाढा के जंगलों में छापेमारी की, जहां लगभग 50 एकड़ के विशाल भू-भाग में अवैध रूप से लगाई गई अफीम की फसल को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया। पुलिस की इस दबिश से अवैध कारोबार में लिप्त माफियाओं के बीच हड़कंप मच गया है।

अभियान का नेतृत्व बरही एसडीपीओ अजीत कुमार विमल कर रहे थे। घने जंगलों के बीच चल रही इस अवैध खेती को नष्ट करने के साथ ही पुलिस ने मौके से सिंचाई के लिए उपयोग में लाए जा रहे 10 सक्शन पाइप और 4 डिलीवरी पाइप भी बरामद किए, जिन्हें घटनास्थल पर ही नष्ट कर दिया गया। प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि अफीम की खेती करने वाले सिंडिकेट और इससे जुड़े लोगों की पहचान की प्रक्रिया तेज कर दी गई है। सत्यापन के बाद दोषियों के विरुद्ध कठोर कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। पुलिस अधीक्षक ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि जिले में नशा का कारोबार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में भी इस तरह की सख्त कार्रवाई निरंतर जारी रहेगी।

इस सफल अभियान में बरही अंचल के पुलिस निरीक्षक चंद्रशेखर, चौपारण थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी, वनपाल कुलदीप महतो, एसआई सुबिन्दर राम, एसआई दिव्य प्रकाश, एएसआई बादल महतो, श्रवण कुमार सहित वन विभाग और पुलिस के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र के ग्रामीणों में भी सुरक्षा का भाव जागा है और प्रशासन ने आम लोगों से भी अपील की है कि वे इस तरह की अवैध गतिविधियों की सूचना पुलिस को दें ताकि नशामुक्त समाज का निर्माण किया जा सके।


केंद्र सरकार की बड़ी सौगात, उज्ज्वला योजना के तहत 25 लाख परिवारों को मिलेगा मुफ्त गैस कनेक्शन, चूल्हा और पहली रिफिल भी पूरी तरह फ्री



केन्द्र सरकार की बड़ी सौगात, उज्ज्वला योजना के तहत 25 लाख परिवारों को मिलेगा मुफ्त गैस कनेक्शन, चूल्हा और पहली रिफिल भी पूरी तरह फ्री

हजारीबाग/रांची/नई दिल्ली: देश की गरीब महिलाओं को धुएं से मुक्ति दिलाने और स्वच्छ ईंधन के उपयोग को बढ़ावा देने की दिशा में केंद्र सरकार ने एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के विस्तार को मंजूरी देते हुए सरकार ने देश भर में 25 लाख अतिरिक्त मुफ्त एलपीजी कनेक्शन जारी करने का निर्णय लिया है। इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड द्वारा जारी जानकारी के मुताबिक, इस फैसले से उन वंचित परिवारों को सीधा लाभ मिलेगा जिनके पास अब तक रसोई गैस की सुविधा नहीं थी। सरकार की यह पहल न केवल महिलाओं के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखेगी बल्कि उनके जीवन स्तर में भी व्यापक सुधार लाएगी। तेल विपणन कंपनियों ने इस योजना को और अधिक कल्याणकारी बनाते हुए घोषणा की है कि नए नामांकित होने वाले सभी लाभार्थियों को गैस कनेक्शन के साथ एलपीजी स्टोव और पहली रिफिल भी पूरी तरह मुफ्त दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, लाभार्थियों को जमा-मुक्त सिलेंडर, प्रेशर रेगुलेटर, सुरक्षा पाइप और डीजीसीसी कार्ड के लिए कोई भी प्रशासनिक शुल्क नहीं देना होगा।

​योजना का लाभ लेने के लिए प्रक्रिया को बेहद सरल और पारदर्शी बनाया गया है। इच्छुक आवेदक अपने नजदीकी एलपीजी वितरक, सामान्य सेवा केंद्र (सीएससी) या विभागीय वेबसाइट के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन के लिए व्यस्क सदस्यों के आधार कार्ड, बैंक खाता विवरण और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज अनिवार्य होंगे, साथ ही बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण भी जरूरी होगा। सरकार ने प्रवासी मजदूरों के लिए विशेष राहत देते हुए घोषणा की है कि यदि उनके पास पते का प्रमाण नहीं है, तो वे केवल एक स्व-घोषणा पत्र जमा करके इस योजना का लाभ उठा सकते हैं। यह योजना जाति के बंधन से मुक्त है, यानी आवेदन के लिए किसी भी जाति प्रमाण पत्र की आवश्यकता नहीं है। गौरतलब है कि मई 2016 में शुरू हुई इस योजना ने अब तक 10 करोड़ से अधिक परिवारों की रसोई की तस्वीर बदल दी है। आंकड़े बताते हैं कि उज्ज्वला लाभार्थियों के बीच एलपीजी की खपत में लगातार वृद्धि हो रही है, जो इस योजना की सफलता का प्रमाण है। लाभार्थी अपनी सुविधानुसार 14.2 किलोग्राम या 5 किलोग्राम के सिलेंडर का विकल्प भी चुन सकते हैं।

हजारीबाग में 'सेहत के सौदागरों' पर प्रशासन का डंडा - एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक्स और गंदगी देख भड़के अधिकारी, मौके पर ही नष्ट कराया सामान

 हजारीबाग में 'सेहत के सौदागरों' पर प्रशासन का डंडा - एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक्स और गंदगी देख भड़के अधिकारी, मौके पर ही नष्ट कराया सामान


हजारीबाग: जिले लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने वालों की अब खैर नहीं है क्योंकि जिला प्रशासन ने मिलावटखोरों और लापरवाह होटल संचालकों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। गुरुवार को शहर के मटवरी और गांधी मैदान इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया जब खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने अचानक विभिन्न प्रतिष्ठानों पर धावा बोल दिया। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शशि जायसवाल के कड़े निर्देशों पर खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी मो. मंजर हुसैन के नेतृत्व में चले इस औचक निरीक्षण अभियान ने शहर के कई नामचीन प्रतिष्ठानों की व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी है।

जांच के दौरान जो तस्वीरें सामने आईं वे बेहद चौंकाने वाली थीं। मेसर्स ओम शांति स्टोर और रॉयल दिल्ली बिरयानी जैसे प्रतिष्ठान बिना किसी आवश्यक फूड लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन के ही धड़ल्ले से संचालित होते पाए गए जो नियमों का सीधा उल्लंघन है। वहीं मेसर्स एस.एन. चाइनीज में तो लापरवाही की हदें पार होती दिखीं जहां ग्राहकों को परोसने के लिए रखी गई कोल्ड ड्रिंक्स एक्सपायर्ड पाई गईं। अधिकारी ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इसे मौके पर ही नष्ट करा दिया और प्रतिष्ठान में फैली गंदगी को लेकर कड़ी फटकार लगाई। यहां से पनीर का नमूना भी जांच के लिए जब्त किया गया है। अधिकारियों ने सभी दुकानदारों को दो टूक शब्दों में चेतावनी दी है कि खाना बनाते और परोसते समय मास्क, कैप और एप्रन का इस्तेमाल अनिवार्य है और अगर भविष्य में सफाई में कोताही मिली तो सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई के साथ ही प्रशासन ने आम जनता को भी जागरूक प्रहरी बनने का अधिकार सौंपा है। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने लोगों से अपील की है कि अगर उन्हें कहीं भी मिलावटी या खराब गुणवत्ता का खाना मिले तो वे खामोश न रहें बल्कि तुरंत 'फूड सेफ्टी कनेक्ट' ऐप पर इसकी शिकायत दर्ज करें। अब शहर के सभी होटलों, रेस्टोरेंट्स और मिठाई दुकानों के लिए अपने काउंटर पर सार्वजनिक रूप से इस ऐप का क्यूआर कोड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है ताकि ग्राहक आसानी से अपनी बात विभाग तक पहुंचा सकें। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) द्वारा जारी इस डिजिटल पहल के जरिए अब विभाग को तत्काल सूचना मिलेगी और दोषियों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी।


बिजली चोरों पर सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी, नौ महीने में 23 हजार मामले दर्ज, अब मुखबिरों की पहचान रहेगी पूरी तरह गुप्त

 

बिजली चोरों पर सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी, नौ महीने में 23 हजार मामले दर्ज, अब मुखबिरों की पहचान रहेगी पूरी तरह गुप्त


हजारीबाग। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने राज्य भर में बिजली चोरी के खिलाफ एक निर्णायक युद्ध छेड़ दिया है जिसके तहत अब बिजली चोरी करने वालों की खैर नहीं होगी। निगम द्वारा जारी हालिया आंकड़ों ने चौंकाने वाली तस्वीर पेश की है जिसमें बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान केवल अप्रैल से दिसंबर महीने के बीच तेइस हजार चार सौ चौरानवे परिसरों में बिजली चोरी पकड़ी गई है। जांच में पाया गया कि लोग हुक (टोका) फंसाकर, मीटर को बाईपास करके या उसके साथ छेड़छाड़ कर बड़े पैमाने पर बिजली का अवैध इस्तेमाल कर रहे हैं। विभाग ने अब इस प्रवृत्ति पर पूर्ण विराम लगाने के लिए कमर कस ली है और मुख्यालय स्तर पर हर महीने औसतन पांच दिन सघन छापेमारी अभियान चलाने का निर्णय लिया है।

​बिजली विभाग ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि चोरी पकड़े जाने पर न केवल भारी-भरकम जुर्माना वसूला जाएगा और बिजली कनेक्शन काटा जाएगा, बल्कि संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अधिकतम पांच साल तक की जेल भी हो सकती है। इस मुहिम को एक जन-आंदोलन बनाने के लिए विभाग ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है ताकि ईमानदार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जा सके। अब राज्य के चौबीसों जिलों में कहीं भी—चाहे वह शहर हो, गांव हो, कोई फैक्ट्री हो या दुकान—बिजली चोरी की सूचना देने के लिए एक विशेष गुप्त हेल्पलाइन जारी की गई है।

​कोई भी जागरूक नागरिक जीएम (एंटी-पावर थेफ्ट) के मोबाइल नंबर 9431135515 पर व्हॉट्सएप या मैसेज के जरिए बिजली चोरी की सटीक पते के साथ जानकारी दे सकता है। विभाग ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले का नाम और मोबाइल नंबर पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा ताकि लोग निडर होकर इस गलत कार्य के खिलाफ आवाज उठा सकें। यह कदम न केवल राजस्व बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण है बल्कि राज्य की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने में भी मील का पत्थर साबित होगा।

हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट के प्रतिनिधिमंडल ने झारखण्ड राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर से की औपचारिक मुलाक़ात

 हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट के प्रतिनिधिमंडल ने झारखण्ड राज्य के वित्त मंत्री  राधा कृष्ण किशोर से की औपचारिक मुलाक़ात


हजारीबाग: हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट के एक प्रतिनिधिमंडल ने झारखण्ड राज्य के वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर से औपचारिक मुलाक़ात की। इस अवसर पर जनहित, सामाजिक न्याय एवं समाज के वंचित वर्गों से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर सकारात्मक और सार्थक चर्चा की गई।

मुलाक़ात के दौरान हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट ने राज्य में शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक सुरक्षा, गरीबों एवं जरूरतमंदों के कल्याण से संबंधित मुद्दों को प्रमुखता से रखा। ट्रस्ट ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक प्रभावी ढंग से पहुंचे, इसके लिए प्रशासन और सामाजिक संगठनों के बीच समन्वय अत्यंत आवश्यक है।

वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि समाजसेवी संस्थाएं शासन और आम जनता के बीच एक मजबूत सेतु का कार्य करती हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि राज्य सरकार जनहित से जुड़े मुद्दों पर पूरी संवेदनशीलता के साथ सकारात्मक पहल करेगी।

हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट ने भी वित्त मंत्री को आश्वस्त किया कि ट्रस्ट भविष्य में भी पूरी निष्ठा, पारदर्शिता और प्रतिबद्धता के साथ समाजसेवा, मानवता और जनकल्याण के कार्यों में निरंतर सक्रिय रहेगा।

इस अवसर पर हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट के संस्थापक सह अध्यक्ष शाहिद हुसैन सहित ट्रस्ट के सदस्य एज़ाज़ ख़ान, ग़ज़ाली ख़ान एवं ज़मील ख़ान उपस्थित थे।

मुलाक़ात सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुई और इसे जनहित की दिशा में एक सकारात्मक पहल माना जा रहा है।

दुबई से बांग्लादेश होते हुए दिल्ली तक फैला था जाल, डीआरआई ने 40 करोड़ के सोने के साथ दबोचा इंटरनेशनल सिंडिकेट


 दुबई से बांग्लादेश होते हुए दिल्ली तक फैला था जाल, डीआरआई ने 40 करोड़ के सोने के साथ दबोचा इंटरनेशनल सिंडिकेट

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

दिल्ली: राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने देश की आर्थिक सुरक्षा में सेंध लगाने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है। सीमा पार से चल रहे सोने की तस्करी के इस काले कारोबार पर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए डीआरआई ने दिल्ली और अगरतला में एक साथ छापेमारी कर 40 करोड़ रुपये से अधिक का सोना और लगभग तीन करोड़ रुपये की नकदी बरामद की है। यह कार्रवाई दुबई और बांग्लादेश में बैठे आकाओं द्वारा संचालित नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है जो त्रिपुरा सीमा का इस्तेमाल कर भारत में सोने की खेप भेज रहे थे।

इस ऑपरेशन की पटकथा 6 जनवरी को तब लिखी गई जब खुफिया जानकारी के आधार पर डीआरआई की टीम ने एक घरेलू लॉजिस्टिक्स गोदाम पर दबिश दी। वहां अगरतला से आई दो खेप की डिलीवरी लेते वक्त सिंडिकेट के एक अहम सदस्य को रंगे हाथों दबोचा गया। उस पार्सल की जांच करने पर करीब 15 किलो विदेशी सोना मिला जिस पर अंतरराष्ट्रीय रिफाइनरी की मुहर लगी थी। इसके बाद कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए दिल्ली और अगरतला में तस्करों के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई जहां से अतिरिक्त 14.2 किलो सोना और भारी मात्रा में भारतीय व बांग्लादेशी मुद्रा बरामद हुई। कुल मिलाकर डीआरआई ने 29.2 किलोग्राम सोना और 2.9 करोड़ रुपये नकद जब्त किया है।

जांच में इस नेटवर्क की गहरी जड़ों का खुलासा हुआ है। यह सिंडिकेट त्रिपुरा से सटी भारत-बांग्लादेश सीमा के जरिए सोने की तस्करी कर रहा था। अगरतला में ज्वेलरी की दुकान चलाने वाले स्थानीय ऑपरेटर्स और दुबई-बांग्लादेश में बैठे हैंडलर्स की मिलीभगत से इस सोने को घरेलू कार्गो सेवाओं के माध्यम से दिल्ली भेजा जाता था ताकि किसी को शक न हो। इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनसे पूछताछ जारी है। डीआरआई की इस कार्रवाई ने अवैध सोने की आपूर्ति श्रृंखला को ध्वस्त कर निष्पक्ष व्यापार और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक कड़ा संदेश दिया है।

हजारीबाग में धान खरीद पर डीसी का 'हंटर' खुले में अनाज रखने पर होगी कार्रवाई, बिचौलियों की एंट्री पर लगा पूर्ण प्रतिबंध

हजारीबाग में धान खरीद पर डीसी का 'हंटर' खुले में अनाज रखने पर होगी कार्रवाई, बिचौलियों की एंट्री पर लगा पूर्ण प्रतिबंध


नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग में धान खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाने के लिए उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने सख्त तेवर अपना लिए हैं। आज एक विशेष वेबिनार के माध्यम से जिले के सभी पैक्सों में तैनात दंडाधिकारियों, अपर समाहर्ता और जिला आपूर्ति पदाधिकारी की क्लास लगाते हुए उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि धान खरीद में किसी भी तरह की लापरवाही या बिचौलियों का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपायुक्त ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिया है कि आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े किसानों के धान की खरीद को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए ताकि उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए भटकना न पड़े।

खरीद के बाद धान की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन बेहद गंभीर है। डीसी ने सख्त लहजे में कहा कि खरीदा गया धान किसी भी सूरत में खुले आसमान के नीचे नहीं रखा जाना चाहिए। इसकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी वहां तैनात दंडाधिकारी की होगी और अगर खुले में अनाज पड़ा मिला तो संबंधित के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई होगी। साथ ही प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि छुट्टियों के दिन धान खरीद का कार्य पूरी तरह बंद रहेगा। किसानों के भुगतान में देरी न हो इस पर विशेष जोर देते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि यदि किसी किसान को समय पर पैसा नहीं मिलता है तो इसकी सूचना तुरंत जिला आपूर्ति पदाधिकारी को दी जाए।

समीक्षा बैठक के दौरान आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में साढ़े तीन लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित है जिसके विरुद्ध अब तक एक लाख तीन हजार क्विंटल यानी लगभग 30 प्रतिशत खरीद पूरी कर ली गई है। उपायुक्त ने शेष लक्ष्य को भी सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा करने का आदेश दिया है ताकि जिले के हर पात्र किसान को योजना का लाभ मिल सके।

से नो टू ड्रग्स' और 'गो ग्रीन' के संदेश के साथ डॉल्फिनोज प्रीमियर लीग-2 का शंखनाद, 18 जनवरी से मैदान पर उतरेगी 9 टीमें

से नो टू ड्रग्स' और 'गो ग्रीन' के संदेश के साथ डॉल्फिनोज प्रीमियर लीग-2 का शंखनाद, 18 जनवरी से मैदान पर उतरेगी 9 टीमें

हजारीबाग:  हजारीबाग की धरती पर एक बार फिर क्रिकेट का रोमांच अपने चरम पर होगा, लेकिन इस बार खेल का मकसद सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि समाज को एक नई दिशा देना है। वर्ष 2022 में शुरू हुए डॉल्फिनोज प्रीमियर लीग (DPL) ने दो साल के अंतराल के बाद भव्य वापसी की है। डीपीएल की आयोजन समिति के सदस्य कुणाल कुमार ने घोषणा की है कि डॉल्फिनोज प्रीमियर लीग का दूसरा सीजन आगामी 18 जनवरी 2026 से शुरू होने जा रहा है, जो हजारीबाग के गांधी मैदान और दिल्ली पब्लिक स्कूल ग्राउंड में खेला जाएगा। इस बार का टूर्नामेंट मुख्य रूप से दो बड़े सामाजिक उद्देश्यों, 'गो ग्रीन' और 'से नो टू ड्रग्स' को समर्पित किया गया है, जिसका लक्ष्य शहर के पर्यावरण को संरक्षित करना और युवा पीढ़ी को नशे के चंगुल से बाहर निकालना है।

आयोजन समिति ने इस टूर्नामेंट को सिर्फ एक खेल आयोजन तक सीमित न रखते हुए इसे एक सामाजिक आंदोलन का रूप देने का प्रयास किया है। कुणाल कुमार ने वर्तमान दौर की गंभीर समस्या पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज 12 से 18 वर्ष के किशोर खेल के मैदानों से दूर होते जा रहे हैं। नशा सिर्फ मादक पदार्थों का ही नहीं है, बल्कि मोबाइल की लत और घर के कमरों में बंद रहना भी एक प्रकार का नशा है जो युवाओं के भविष्य को अंधकारमय बना रहा है। डीपीएल के माध्यम से अभिभावकों से यह विशेष अपील की गई है कि वे अपने बच्चों को घर से बाहर निकालें और उन्हें किसी भी आउटडोर खेल, चाहे वह क्रिकेट हो, फुटबॉल हो या वॉलीबॉल, उससे जोड़ें ताकि वे शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ रह सकें।

इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट को पेशेवर रूप देने के लिए खिलाड़ियों का चयन एक व्यवस्थित प्रक्रिया के तहत किया जा रहा है। खिलाड़ियों को फॉर्म भरकर डॉल्फिनोज रिसॉर्ट में जमा करना होगा, जिसके बाद शॉर्टलिस्ट किए गए खिलाड़ियों की सूची तैयार कर उनकी बोली (ऑक्शन) लगाई जाएगी। टूर्नामेंट में कुल 9 फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा ले रही हैं, जिनमें आरोग्यम, राइडर प्वाइंट, क्रॉप्स एंड बॉबर्स, इंद्रलोक, एलसीएम फ्लोरेस्टा, गैलेक्सी स्कूल, हिंदुस्तान, बुल फाइटर और हजारीबाग पुलिस की टीमें शामिल हैं। इन टीमों में मुख्य रूप से हजारीबाग और चतरा के खिलाड़ियों को मौका दिया जाएगा, जबकि रामगढ़ से प्रत्येक टीम में एक खिलाड़ी को शामिल करने की अनुमति दी गई है। यह आयोजन निश्चित रूप से स्थानीय प्रतिभाओं को तराशने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में मील का पत्थर साबित होगा।
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