-->
होम राशिफल
YouTube
ई-पेपर राज्य चुनें
✥ Drag to Move
▶ WATCH
EDITOR: NARESH PRASAD SONI
--:--
...
🌤
--°C
Showing posts with label Business. Show all posts
Showing posts with label Business. Show all posts

Hazaribagh News:​ सौर ऊर्जा से आत्मनिर्भर बनेगा झारखंड: हजारीबाग में 'पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' कार्यालय का उद्घाटन, ₹78 हजार तक की सब्सिडी

घरों की छतों पर सोलर सिस्टम लगाने से बिजली बिल होगा शून्य, अतिरिक्त बिजली बेचकर नागरिक कमा सकेंगे आर्थिक लाभ

संवाददाता, हजारीबाग:

ऊर्जा संरक्षण और नवीकरणीय ऊर्जा (रिन्यूएबल एनर्जी) को बढ़ावा देने की दिशा में हजारीबाग जिले में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। शहर के बंशीलाल चौक, मंगल बाजार के समीप गुरुवार को केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी 'प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना' के क्षेत्रीय कार्यालय का आधिकारिक शुभारंभ किया गया। इस कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल उपस्थित थे, जिन्होंने फीता काटकर कार्यालय का उद्घाटन किया। इस अवसर पर सौर ऊर्जा के तकनीकी व आर्थिक लाभों को लेकर एक विस्तृत कार्यशाला भी आयोजित की गई।

Hazaribag-MP-Manish-Jaiswal-inaugurating-PM-Surya-Ghar-Yojana-office-at-Banshilal-Chowk

बिहार और झारखंड के लिए फ्रेंचाइजी मॉडल तैयार

​इस जनहितकारी योजना के सुचारू क्रियान्वयन के लिए हेमंत कुमार ने फ्रेंचाइजी ली है, जिनके पास बिहार और झारखंड दोनों राज्यों की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। कार्यक्रम की शुरुआत में सांसद मनीष जायसवाल का गुलदस्ता भेंट कर स्वागत किया गया। इसके उपरांत, सांसद ने इस योजना के क्षेत्र के प्रथम लाभार्थी सुनील केशरी को सम्मानित करते हुए उनकी पर्यावरण-अनुकूल पहल की सराहना की। इस दौरान कार्यालय में उपस्थित अनेक स्थानीय नागरिकों ने अपने आवासीय परिसरों में सोलर रूफटॉप सिस्टम स्थापित करने के प्रति गहरी रुचि दिखाई।

​राष्ट्रीय स्तर पर सौर ऊर्जा के आंकड़ों का उल्लेख

​अपने संबोधन में सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना देश को ऊर्जा क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक युगांतकारी कदम है। उन्होंने वैश्विक और राष्ट्रीय उदाहरण देते हुए बताया कि गुजरात के अहमदाबाद में लगभग 90 प्रतिशत घरों की छतों पर सोलर पैनल कार्य कर रहे हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में भी करीब 45 प्रतिशत परिवार सौर ऊर्जा का सफलतापूर्वक उपयोग कर रहे हैं। झारखंड में भी इस योजना का तेजी से प्रसार आवश्यक है ताकि यहाँ के नागरिक पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने के साथ-साथ सस्ती व निर्बाध बिजली का लाभ उठा सकें।

​₹78 हजार की सब्सिडी और वित्तीय लाभ

​सांसद ने योजना के वित्तीय पहलुओं की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया कि:

  • आर्थिक बचत: घरों में सोलर सिस्टम लगाने से पारंपरिक ग्रिड बिजली पर निर्भरता समाप्त हो जाएगी, जिससे मासिक बिजली बिल लगभग शून्य हो जाएगा।
  • अतिरिक्त आय: उपभोक्ता अपनी आवश्यकता से अधिक उत्पादित बिजली को सीधे विद्युत विभाग (ग्रिड) को वापस बेच सकते हैं, जिससे उन्हें नियमित आर्थिक लाभ प्राप्त होगा।
  • सरकारी अनुदान: केंद्र सरकार इस योजना के तहत सुपात्र लाभार्थियों को ₹78 हजार तक की वित्तीय सब्सिडी प्रदान कर रही है, जिससे सौर उपकरणों की स्थापना लागत बेहद कम हो गई है।

​सीमित समय के लिए सब्सिडी का लाभ उठाने की अपील

​कार्यक्रम के दौरान नीलेंदु जयपुरियार ने तकनीकी सत्र को संबोधित करते हुए एक महत्वपूर्ण बिंदु साझा किया। उन्होंने सचेत किया कि इस योजना के तहत मिलने वाली भारी सब्सिडी को आगामी समय में समाप्त या कम किया जा सकता है। इसलिए, हजारीबाग और आसपास के नागरिकों को समय रहते इस विधिक और आर्थिक छूट का लाभ उठाकर अपने घरों को सौर ऊर्जा से सुसज्जित कर लेना चाहिए।

​इस उद्घाटन समारोह में योजना का लाभ सुनिश्चित कराने वाले राहुल राणा, राजीव सिन्हा और प्रभात कुमार सहित कई प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त, कार्यक्रम को सफल बनाने में बबलू सिंह, विजय श्री, हरीश श्रीवास्तव, के.पी.ओझा, किशोरी राणा, रंजन चौधरी, सिब्रोटी चेटरजी, सुनील सिन्हा, अमरेंद्र कुमार, पंचम, विशाल और सनी सहित सैकड़ों स्थानीय निवासियों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई।

और अधिक पढ़ें: भीषण गर्मी में भी थमा नहीं सांसद मनीष जायसवाल का जनसंवाद; भरी दुपहरिया में पैदल घूमकर जानीं खिरगांव की समस्याएं, ढोल-ताशों से हुआ स्वागत

हजारीबाग के श्रृंगार जगत में स्वर्णिम अध्याय का सूत्रपात - कल्याण ज्वेलर्स के भव्य शोरूम का करिश्मा कपूर ने किया उद्घाटन


हजारीबाग के श्रृंगार जगत में स्वर्णिम अध्याय का सूत्रपात - कल्याण ज्वेलर्स के भव्य शोरूम का करिश्मा कपूर ने किया उद्घाटन



हजारीबाग। भारतीय आभूषण शिल्प की अनन्य धरोहर और अटूट विश्वास का पर्याय बन चुके कल्याण ज्वेलर्स ने झारखंड के हृदय स्थल हजारीबाग में अपने भव्य शोरूम का पदार्पण कर राज्य के आभूषण बाज़ार में अपनी प्रभुसत्ता का विस्तार किया है। मटवारी स्थित पीटीसी चौक के समीप स्वदेशी एनएक्सटी मॉल के निकट उद्घाटित यह नूतन शोरूम पारंपरिक कला और आधुनिक शिल्प कौशल का एक ऐसा अनुपम संगम है जो क्षेत्र के सौंदर्य प्रेमियों को खरीदारी का एक अलौकिक और विलासितापूर्ण अनुभव प्रदान करेगा। इस प्रतिष्ठित प्रतिष्ठान का शुभारंभ सुप्रसिद्ध बॉलीवुड अभिनेत्री करिश्मा कपूर के कर-कमलों द्वारा संपन्न हुआ जिनकी उपस्थिति ने इस समारोह की आभा में चार चाँद लगा दिए।
उद्घाटन के उपलक्ष्य में जनसमूह को संबोधित करते हुए अभिनेत्री करिश्मा कपूर ने ब्रांड के प्रति अपनी गहरी निष्ठा प्रकट की। उन्होंने रेखांकित किया कि कल्याण ज्वेलर्स जैसे मूल्यों पर आधारित ब्रांड के साथ जुड़ना उनके लिए गौरव का विषय है क्योंकि यह संस्थान पारदर्शिता और उपभोक्ता विश्वास को सर्वोपरि मानता है। उन्होंने पूर्ण विश्वास जताया कि हजारीबाग की जनता न केवल यहाँ की उत्कृष्ट सेवाओं से अभिभूत होगी बल्कि यहाँ प्रदर्शित अद्वितीय आभूषण संग्रह उनकी सौंदर्य चेतना को भी तृप्त करेंगे।
इस गौरवशाली विस्तार पर अपने विचार साझा करते हुए कल्याण ज्वेलर्स के अधिशासी निदेशक श्री रमेश कल्याणरमन ने कहा कि हजारीबाग में इस शोरूम का संचालन उनके उस दूरगामी संकल्प का हिस्सा है जिसके अंतर्गत वे ग्राहकों की सूक्ष्म आवश्यकताओं को समझते हुए एक उत्कृष्ट पारिस्थितिकी तंत्र निर्मित करना चाहते हैं। उन्होंने प्रतिबद्धता जताई कि ब्रांड विश्वस्तरीय परिवेश प्रदान करने के साथ-साथ शुद्धता और सत्यनिष्ठा के अपने मूल सिद्धांतों पर सदैव अडिग रहेगा।
हजारीबाग का यह नवीन शोरूम कल्याण के विख्यात इन-हाउस ब्रांड्स की पूरी शृंखला से सुसज्जित है। यहाँ वैवाहिक गौरव को दर्शाती 'मुहूर्त' शृंखला, हस्तशिल्प की सूक्ष्मता समेटे 'मुद्रा', मंदिर शिल्प से प्रेरित 'निमाह' और नृत्य करते हीरों की जादुई 'ग्लो' शृंखला उपलब्ध है। इसके साथ ही सोलिटेयर की 'ज़ियाह', अनगढ़ हीरों की 'अनोखी', विशेष अवसरों की 'अपूर्वा', वैवाहिक हीरों की 'अंतरा', नित्य उपयोग हेतु 'हेरा' और बहुमूल्य रत्नों की 'रंग' व हालिया प्रदर्शित 'लीला' शृंखला का वृहद संग्रह ग्राहकों के स्वागत हेतु तैयार है।
इस मंगल अवसर पर संस्थान ने विशेष उपभोक्ता लाभों की भी वर्षा की है। स्वर्ण आभूषणों, प्रीमियम स्टडेड ज्वेलरी और एंटीक गहनों के मेकिंग चार्ज व वैल्यू एडिशन पर अत्यंत आकर्षक रियायतें दी जा रही हैं। इसके अतिरिक्त कल्याण ज्वेलर्स का विशिष्ट 'गोल्ड बोर्ड रेट' जो संपूर्ण देश में समान और न्यूनतम है सीमित समय के लिए प्रभावी रहेगा। शुद्धता की कसौटी पर खरा उतरने हेतु यहाँ प्रत्येक आभूषण बीआईएस हॉलमार्क प्रमाणित है। साथ ही ग्राहकों को 'फोर-लेवल एश्योरेंस सर्टिफिकेट' प्रदान किया जा रहा है जो स्वर्ण की शुद्धता, आजीवन निःशुल्क रखरखाव और पारदर्शी विनिमय व बाय-बैक नीति की सशक्त गारंटी देता है जो ब्रांड की व्यावसायिक शुचिता का प्रमाण है।

भारत-अमेरिका व्यापारिक संधि: वैश्विक कूटनीति के क्षितिज पर देदीप्यमान होता सशक्त भारत

भारत-अमेरिका व्यापारिक संधि: वैश्विक कूटनीति के क्षितिज पर देदीप्यमान होता सशक्त भारत


हजारीबाग। स्थानीय लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद मनीष जायसवाल ने भारत और अमेरिका के मध्य संपन्न ऐतिहासिक व्यापार समझौते का उल्लासपूर्ण अभिनंदन करते हुए इसे द्विपक्षीय आर्थिक संबंधों के युग में एक 'स्वर्णिम प्रतिमान' के रूप में प्रतिष्ठित किया है। इस युगान्तकारी उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के विजनरी नेतृत्व की सराहना करते हुए सांसद ने कहा कि यह मील का पत्थर दोनों महाशक्तियों के मध्य पारस्परिक विश्वास और दीर्घकालिक सामरिक विमर्श को अभूतपूर्व विस्तार प्रदान करेगा।


सांसद मनीष जायसवाल ने प्रधानमंत्री मोदी के दृढ़ संकल्प और साहसिक नेतृत्व की भूरि-भूरि प्रशंसा की। उन्होंने रेखांकित किया कि वैश्विक पटल पर भारत ने आज एक 'सर्वाधिक विश्वसनीय और सुदृढ़ आर्थिक साझेदार' के रूप में अपनी धाक जमाई है। यह प्रधानमंत्री द्वारा प्रवर्तित ढांचागत सुधारों और स्पष्ट वैचारिक दृष्टिकोण का ही सुफल है कि भारत आज वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain), नवाचार और निवेश का निर्विवाद केंद्र बन चुका है।


इस समझौते के दूरगामी निहितार्थों का विश्लेषण करते हुए सांसद ने कहा कि यह संधि 'मेक इन इंडिया' की संकल्पना को वैश्विक ऊर्जा प्रदान करेगी। इससे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भारतीय उत्पादों की साख और स्वदेशी उद्यमिता के प्रति वैश्विक विश्वास और अधिक गहरा होगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस ऐतिहासिक सहयोग से न केवल उच्च तकनीक और पूंजी निवेश के नए क्षितिज खुलेंगे, बल्कि देश के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों (MSMEs), स्टार्टअप्स और ग्रामीण उद्योगों को सीधे वैश्विक मंचों से जुड़ने का सुअवसर मिलेगा। यह प्रगाढ़ आर्थिक युति भविष्य में समावेशी विकास और साझा समृद्धि की दिशा में एक 'निर्णायक स्तंभ' सिद्ध होगी, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था में नव-चेतना का संचार होगा और युवा शक्ति के लिए वृहद रोजगार सृजन के द्वार प्रशस्त होंगे।

हजारीबाग में नोटों के खेल पर प्रशासन की टेढ़ी नजर, नकदी लेकर चलने वालों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी

हजारीबाग में नोटों के खेल पर प्रशासन की टेढ़ी नजर, नकदी लेकर चलने वालों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी


हजारीबाग: नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 के शंखनाद के साथ ही जिला प्रशासन ने निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। लोकतंत्र के इस महापर्व की पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि मतदाताओं को लुभाने के लिए नकदी, शराब या किसी भी प्रकार का उपहार वितरित करना न केवल अनैतिक है बल्कि एक गंभीर एवं दंडनीय अपराध भी है। चुनाव की पारदर्शिता पर किसी भी तरह का दाग न लगे, इसके लिए प्रत्येक थाना क्षेत्र में उड़नदस्ता टीमों को सक्रिय कर दिया गया है जो चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रख रही हैं।

​प्रशासन ने आम नागरिकों और व्यापारियों से विशेष अपील करते हुए सचेत किया है कि यदि वे इस चुनावी माहौल में बड़ी धनराशि लेकर यात्रा कर रहे हैं, तो उन्हें उड़नदस्ता दल की सघन चेकिंग के दौरान अपनी राशि का स्रोत और उसके उपयोग का पुख्ता प्रमाण देना अनिवार्य होगा। जांच के दौरान राशि की जब्ती जैसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए नागरिकों को अपने साथ पैन कार्ड और उसकी प्रतिलिपि रखना आवश्यक है। यदि यह राशि किसी व्यापारिक उद्देश्य से ले जाई जा रही है, तो व्यापार पंजीकरण प्रमाण पत्र और नियमित लेन-देन दर्शाने वाली कैश बुक की प्रति साथ रखना बुद्धिमानी होगी।

​इसके अतिरिक्त, सामान्य नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे बैंक से निकासी की स्थिति में पासबुक या बैंक विवरण की प्रति अपने साथ अवश्य रखें ताकि धन के स्रोत की पुष्टि हो सके। मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने विवाह समारोह या चिकित्सा आपातकाल जैसी परिस्थितियों में छूट तो दी है, लेकिन इसके लिए भी व्यक्ति को विवाह का निमंत्रण पत्र या अस्पताल में दाखिले से संबंधित कागजात बतौर सबूत प्रस्तुत करने होंगे। संक्षेप में कहें तो इस चुनावी समर में यदि आप नकदी लेकर घर से निकल रहे हैं, तो अपनी जेब में नोटों के साथ-साथ उसकी वैधता सिद्ध करने वाले दस्तावेज रखना न भूलें अन्यथा प्रशासन की सख्ती का सामना करना पड़ सकता है।

वैश्विक चुनौतियों को ठेंगा दिखा कुलांचे भर रही भारतीय अर्थव्यवस्था, बजट 2026 ने खींचा 10 फीसदी विकास दर का 'सुपर ब्लूप्रिंट'

वैश्विक चुनौतियों को ठेंगा दिखा कुलांचे भर रही भारतीय अर्थव्यवस्था, बजट 2026 ने खींचा 10 फीसदी विकास दर का 'सुपर ब्लूप्रिंट'




नई दिल्ली: संसद के पटल पर आज एक ऐसे सशक्त और आत्मनिर्भर भारत की तस्वीर उभरी है जिसने तमाम वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच अपनी आर्थिक संप्रभुता का लोहा मनवाया है। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट 2026-27 के साथ जो वृहद आर्थिक रूपरेखा प्रस्तुत की है वह स्पष्ट संकेत है कि भारतीय अर्थव्यवस्था केवल चल नहीं रही है बल्कि दौड़ने के लिए पूरी तरह तैयार है। जहाँ दुनिया की बड़ी ताकतें मंदी और महंगाई के भंवर में फंसी हैं वहीं भारत ने 7.4 प्रतिशत की वास्तविक जीडीपी वृद्धि दर का अनुमान लगाकर यह साबित कर दिया है कि विकास का असली इंजन अब एशिया के इसी उपमहाद्वीप में धड़क रहा है।

वित्त मंत्री ने आंकड़ों के जरिए देश को आश्वस्त किया है कि आगामी वित्त वर्ष में नॉमिनल जीडीपी 10 प्रतिशत की दर से छलांग लगाएगी। यह बजट केवल बही-खाते का हिसाब नहीं है बल्कि 'विकसित भारत' के संकल्प की एक ठोस प्रतिज्ञा है। सेवा क्षेत्र 9.1 प्रतिशत की रफ़्तार से विस्तार करते हुए विकास का प्रमुख सारथी बना हुआ है। सबसे सुखद पहलू यह है कि भारतीय उपभोक्ताओं का आत्मविश्वास 2012 के बाद अपने चरम पर है। निजी खपत व्यय जीडीपी का 61.5 प्रतिशत हो गया है जो यह दर्शाता है कि आम भारतीय की क्रय शक्ति बढ़ी है और घरेलू मांग ही हमारी अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनी हुई है। यूपीआई से लेकर हवाई और रेल यात्राओं तक के आंकड़े गवाही दे रहे हैं कि शहरी और ग्रामीण भारत दोनों में जबरदस्त आर्थिक हलचल है।

सरकार ने अपनी तिजोरी का मुंह बुनियादी ढांचे के विकास के लिए पूरी तरह खोल दिया है। प्रभावी पूंजीगत व्यय के लिए 17.15 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम प्रावधान किया गया है जो जीडीपी का 4.4 प्रतिशत है। इसका सीधा अर्थ है कि देश में सड़कों, पुलों और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का ऐसा जाल बिछेगा जो रोजगार और तरक्की के नए द्वार खोलेगा। इतना ही नहीं केंद्र सरकार ने राजकोषीय अनुशासन का एक बेहतरीन उदाहरण पेश करते हुए राजकोषीय घाटे को 4.3 प्रतिशत पर सीमित रखने और सरकारी कर्ज को घटाकर 55.6 प्रतिशत पर लाने का लक्ष्य रखा है जो वित्तीय समझदारी का परिचायक है।

सहकारी संघवाद की भावना को प्रबल करते हुए वित्त आयोग के माध्यम से राज्यों को 16.56 लाख करोड़ रुपये हस्तांतरित करने का प्रस्ताव है जिससे राज्य भी विकास की इस दौड़ में कदम से कदम मिलाकर चल सकें। वैश्विक व्यापार के मोर्चे पर भी भारत ने अपनी धमक बरकरार रखी है। अनिश्चित शुल्क परिदृश्यों और अमेरिकी प्रतिबंधों की आशंकाओं के बावजूद भारत का कुल निर्यात 825.3 बिलियन डॉलर के ऐतिहासिक स्तर पर पहुंच गया है और प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) का 81 बिलियन डॉलर का आंकड़ा यह बताता है कि दुनिया भर के निवेशकों का भरोसा भारत की विकास गाथा पर अटूट है। कुल मिलाकर यह बजट दस्तावेज भारत के आर्थिक उत्कर्ष का वह घोषणापत्र है जो आने वाले समय में विश्व पटल पर भारत की स्थिति को और अधिक सुदृढ़ और अजेय बनाएगा।


डेढ़ दशक का इंतजार खत्म, सांसद मनीष जायसवाल की पहल पर चौपारण फ्लाईओवर निर्माण ने पकड़ी रफ्तार

डेढ़ दशक का इंतजार खत्म, सांसद मनीष जायसवाल की पहल पर चौपारण फ्लाईओवर निर्माण ने पकड़ी रफ्तार

हजारीबाग। विकास की बाट जोह रहे हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के लिए शनिवार का दिन नई उम्मीद लेकर आया। जीटी रोड स्थित एनएच-2 पर चौपारण


से गोरहर सिक्स लेन परियोजना के तहत वर्षों से लंबित चौपारण-बरकट्ठा फ्लाईओवर का निर्माण कार्य अब आधिकारिक रूप से पुनः आरंभ हो गया है। यह उपलब्धि स्थानीय सांसद मनीष जायसवाल के पिछले डेढ़ वर्षों के अनवरत संघर्ष और केंद्रीय स्तर पर की गई सतत पैरवी का सुखद परिणाम है।

विगत बारह वर्षों से अधर में लटकी इस महत्वाकांक्षी परियोजना ने स्थानीय जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर रखा था। निर्माण कार्य ठप होने के कारण उड़ती धूल, जगह-जगह जलभराव और जर्जर सड़कों ने आम नागरिकों का जीना मुहाल कर दिया था। इसके साथ ही, आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाएं क्षेत्र में एक गंभीर चिंता का विषय बनी हुई थीं। स्थानीय प्रशासन स्तर पर जब कोई ठोस समाधान नहीं निकला, तो सांसद मनीष जायसवाल ने इस मुद्दे को अपनी प्राथमिकता सूची में शामिल किया। उन्होंने इस गंभीर समस्या को सीधे केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी और भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के उच्चाधिकारियों के समक्ष पुरजोर तरीके से रखा।

सांसद द्वारा वस्तुस्थिति की गंभीरता और जनता की पीड़ा को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने के बाद केंद्रीय मंत्रालय ने इस पर त्वरित संज्ञान लिया। इसी के फलस्वरूप अब फ्लाईओवर निर्माण ने पुनः गति पकड़ ली है और शेष बचे कार्यों को शीघ्रता से पूरा करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस फ्लाईओवर के पूर्ण होने से न केवल लाखों यात्रियों को सुगम यातायात की सुविधा प्राप्त होगी, बल्कि स्थानीय निवासियों को प्रदूषण, जाम और दुर्घटनाओं के भय से भी स्थाई मुक्ति मिल सकेगी। सांसद मनीष जायसवाल ने इसे विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता का प्रमाण बताते हुए कहा कि क्षेत्रवासियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए उनका यह प्रयास भविष्य में भी निरंतर जारी रहेगा।

हाईकोर्ट का सख्त फरमान: हजारीबाग की सभी औद्योगिक इकाइयों को कराना होगा अनिवार्य पंजीकरण, 30 जून तक की समयसीमा तय

हाईकोर्ट का सख्त फरमान: हजारीबाग की सभी औद्योगिक इकाइयों को कराना होगा अनिवार्य पंजीकरण, 30 जून तक की समयसीमा तय

हजारीबाग। जिले में संचालित तमाम औद्योगिक इकाइयों के वैधानिक अस्तित्व और उनके सुचारू संचालन के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण फरमान जारी हुआ है। माननीय झारखंड उच्च न्यायालय द्वारा पंकज कुमार वर्णवाल बनाम झारखंड राज्य मामले में पारित सख्त न्यायादेश के अनुपालन में, जिले की प्रत्येक छोटी-बड़ी औद्योगिक इकाई का सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज होना अब अनिवार्य कर दिया गया है। न्यायालय द्वारा निर्धारित समयसीमा और उद्योग विभाग के निर्देशों के आलोक में, सभी असंगठित और गैर-पंजीकृत इकाइयों को आगामी 30 जून 2026 तक हर हाल में अपनी वैधता सिद्ध करते हुए पंजीकरण की प्रक्रिया पूर्ण करनी होगी।

इस न्यायिक आदेश को अमलीजामा पहनाने और औद्योगिक क्षेत्र में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से हजारीबाग जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वे तमाम औद्योगिक प्रतिष्ठान, जो अब तक उद्योग विभाग, झारखंड के अंतर्गत पंजीकृत नहीं हैं, उन्हें 'सिंगल विंडो पोर्टल' के माध्यम से डिजिटल रूप से अपना पंजीकरण सुनिश्चित करना होगा। विभाग ने इसके लिए ऑनलाइन पोर्टल पर विशेष व्यवस्था (स्पेस जेनरेट) की है, ताकि उद्यमी बिना किसी परेशानी के विभागीय वेबसाइट https://advantage.jharkhand.gov.in/Single के जरिए अपनी इकाई को सूचीबद्ध करा सकें। यह कदम न केवल न्यायालय के आदेश का पालन है, बल्कि राज्य में औद्योगिक गतिविधियों का एक व्यवस्थित और प्रमाणित ढांचा तैयार करने की दिशा में एक अहम पहल है।

उद्यमियों की सुविधा और तकनीकी अड़चनों के त्वरित समाधान के लिए जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक कार्यालय को सक्रिय किया गया है। प्रशासन ने आह्वान किया है कि विशेष जानकारी या प्रक्रियागत जटिलता की स्थिति में संचालक सीधे महाप्रबंधक से संपर्क स्थापित कर सकते हैं। यह आदेश एक चेतावनी भी है कि 30 जून की समयसीमा बीतने के बाद पंजीकृत न होने वाली इकाइयों को वैधानिक कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है, अतः सभी हितधारक समय रहते इस अनिवार्य प्रक्रिया को पूर्ण कर लें ताकि भविष्य में किसी भी प्रकार की प्रशासनिक या न्यायिक बाधा उत्पन्न न हो।

बाजार में खौफनाक मंजर , सड़ा फल लेने से मना किया तो दुकानदार ने महिला का सिर फोड़ा! सोने की चेन और पैसे लूटने का भी आरोप


बाजार में खौफनाक मंजर , सड़ा फल लेने से मना किया तो दुकानदार ने महिला का सिर फोड़ा! सोने की चेन और पैसे लूटने का भी आरोप



हजारीबाग (झारखंड): शहर के डेली मार्केट में एक मामूली बात ने उस वक्त हिंसक रूप ले लिया, जब एक फल दुकानदार ने महिला ग्राहक पर जानलेवा हमला कर दिया। वजह सिर्फ इतनी थी कि महिला ने दुकानदार द्वारा दिए जा रहे सड़े हुए फल लेने से इनकार कर दिया था।

क्या है पूरा मामला?

घटना हजारीबाग के व्यस्त डेली मार्केट की है। पीड़ित महिला फल खरीदने गई थी। महिला के मुताबिक, उसने दुकानदार से अच्छे फल मांगे, लेकिन दुकानदार सड़े हुए फल तौलने लगा। जब महिला ने टोका और कहा, "सड़ा है, नहीं लेंगे," तो दुकानदार भड़क गया।

दुकानदार ने जबरदस्ती करते हुए कहा कि जब फल तौल दिया गया है, तो उसे लेना ही पड़ेगा। महिला के मना करने पर दुकानदार ने आव देखा न ताव, दुकान से नीचे उतरकर महिला पर हमला कर दिया।

हमले के बाद लूटपाट का भी आरोप

पीड़ित महिला, जो खून से लथपथ थी, ने रोते हुए बताया कि दुकानदार ने न सिर्फ उसका सिर फोड़ा बल्कि मौके का फायदा उठाते हुए लूटपाट भी की। महिला का आरोप है कि:

 * दुकानदार ने उसके गले से सोने की चेन खींच ली।

 * उसके पर्स में रखे 5,000 रुपये भी छीन लिए।

चश्मदीदों ने क्या देखा?

मौके पर मौजूद चश्मदीदों के अनुसार, बाजार में अचानक शोर हुआ और उन्होंने महिला को खून से लथपथ देखा। एक चश्मदीद ने बताया, "महिला ने सिर्फ सड़ा फल लेने से मना किया था, जिस पर दुकानदार ने किसी भारी चीज (संभवतः बाट या किसी औजार) से उसके सिर पर वार कर दिया।" भीड़ ने तुरंत महिला की मदद की और पुलिस को सूचित किया।

पुलिस की त्वरित कार्रवाई

मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर थाना पुलिस ने तुरंत संज्ञान लिया। पुलिस ने आरोपी दुकानदार को गिरफ्तार कर लिया है और कानूनी कार्रवाई करते हुए उसे न्यायिक हिरासत (जेल) भेज दिया गया है।

जनहित में सवाल: क्या एक ग्राहक को अपनी पसंद का सामान खरीदने का हक नहीं? और क्या बाजार में अब महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं?

वैश्विक क्षितिज पर झारखंड का उदय- दावोस और लंदन से लौटे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भरी हुंकार, कहा- राज्य की नैसर्गिक संपदा और युवा शक्ति को अब मिलेंगे विकास के अंतहीन आकाश


वैश्विक क्षितिज पर झारखंड का उदय- दावोस और लंदन से लौटे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भरी हुंकार, कहा- राज्य की नैसर्गिक संपदा और युवा शक्ति को अब मिलेंगे विकास के अंतहीन आकाश

नरेश सोनी विशेष संवाददाता झारखंड 

रांची | 28 जनवरी 2026

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी विदेश यात्रा से लौटने के पश्चात रांची हवाई अड्डे पर एक अभूतपूर्व और उत्साहजनक वातावरण के बीच मीडिया से मुखातिब हुए। समर्थकों के गगनभेदी नारों और 'जय झारखंड' के उद्घोष के मध्य मुख्यमंत्री ने अपनी दावोस और लंदन यात्रा को राज्य के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड ने पहली बार वैश्विक पटल पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है और दुनिया के सामने अपनी बात को पूरी प्रबलता के साथ रखा है।

मुख्यमंत्री ने अपनी यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि राज्य गठन के बाद यह प्रथम अवसर है जब झारखंड ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान को इतनी गंभीरता से स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि वे दावोस और लंदन से केवल यादें नहीं, बल्कि राज्य के विकास के लिए "बेहतर अनुभव" और "अपार संभावनाएं" लेकर स्वदेश लौटे हैं। श्री सोरेन ने विश्वास दिलाया कि इन वैश्विक अनुभवों के आधार पर झारखंड के 'जल, जंगल और जमीन' तथा यहाँ की नैसर्गिक संपदा को विकास का एक नया आयाम देने की दिशा में ठोस पहल की जाएगी, जिससे राज्य की आर्थिक रीढ़ और मजबूत होगी।

विशेष रूप से शिक्षा और युवा सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रतिमान गढ़ने का प्रयास किया है, जो सीधे तौर पर राज्य की आने वाली पीढ़ी को मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने उपस्थित जनसमूह और मीडिया को आश्वस्त किया कि इस विदेश यात्रा के दौरान तलाशी गई सभी संभावनाओं का सूक्ष्मता से आकलन कर उन्हें धरातल पर उतारा जाएगा, ताकि झारखंड के युवाओं के लिए एक उज्ज्वल और स्वर्णिम भविष्य का मार्ग प्रशस्त हो सके। हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री के स्वागत में उमड़ा जनसैलाब और उनके वक्तव्य में झलकता आत्मविश्वास यह बताने के लिए पर्याप्त था कि झारखंड अब अपनी स्थानीय सीमाओं से निकलकर वैश्विक मानचित्र पर अपनी अमिट छाप छोड़ने को तत्पर है।





पथ-सुरक्षा की प्रेरक प्रस्तुति- गणतंत्र दिवस समारोह में हजारीबाग परिवहन विभाग की झांकी ने फहराया विजय परचम

पथ-सुरक्षा की प्रेरक प्रस्तुति- गणतंत्र दिवस समारोह में हजारीबाग परिवहन विभाग की झांकी ने फहराया विजय परचम

हजारीबाग: गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आयोजित भव्य जिला स्तरीय समारोह में परिवहन विभाग की झांकी ने अपनी रचनात्मकता और जन-जागरूकता के अनूठे संगम से प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर गौरवशाली उपलब्धि हासिल की है। जिला परिवहन कार्यालय द्वारा प्रस्तुत इस झांकी का मूल उद्देश्य न केवल यातायात नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना था, बल्कि आधुनिक सुरक्षा उपकरणों और सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक प्रभावी ढंग से संप्रेषित करना भी था। समारोह के दौरान इस झांकी ने दर्शकों और निर्णायक मंडल का ध्यान अपनी ओर विशेष रूप से आकर्षित किया, जहाँ सड़क सुरक्षा के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।

इस पुरस्कृत झांकी की सबसे बड़ी विशेषता इसका जीवंत प्रदर्शन रहा, जिसमें सड़क दुर्घटना के दृश्यों का अत्यंत मार्मिक और सजीव चित्रण कर आम नागरिकों को यातायात के कड़े नियमों के प्रति सचेत किया गया। विभाग ने विभिन्न कट-आउट्स और कलाकृतियों के माध्यम से 'हिट एंड रन' के कड़े प्रावधानों, दुर्घटना में घायलों की सहायता करने वाले 'नेक मददगार' (गुड सेमेरिटन) और 'सड़क सुरक्षा दूत' जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। झांकी की इस संवेदनात्मक प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा मात्र एक नियम नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा का एक अनिवार्य संकल्प है।

समारोह के मुख्य अतिथियों और उच्चाधिकारियों ने परिवहन विभाग के इस नवाचार की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए इसे सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम बताया। झांकी के माध्यम से राहगीरों को यह बोध कराया गया कि उनकी एक सतर्कता किसी परिवार के चिराग को बुझने से बचा सकती है। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली इस झांकी ने गणतंत्र दिवस की गरिमा को बढ़ाते हुए हजारीबाग वासियों को यह संदेश दिया कि नियमबद्ध परिवहन ही एक सुरक्षित राष्ट्र की नींव है।

लंदन की धरती से गूँजी झारखंड की गौरवगाथा,मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रखा समावेशी और हरित भविष्य का रोडमैप

लंदन की धरती से गूँजी झारखंड की गौरवगाथा,मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रखा समावेशी और हरित भविष्य का रोडमैप

देश-विदेश: झारखंड की स्थापना के गौरवशाली रजत जयंती वर्ष के पावन अवसर पर सात समंदर पार लंदन की धरती एक ऐतिहासिक पल की साक्षी बनी। मुख्यमंत्री  हेमंत सोरेन ने 'Jharkhand@25' के वैश्विक मंच से राज्य की अद्वितीय सांस्कृतिक विरासत, समृद्ध लोक परंपराओं और अदम्य जनजातीय अस्मिता का उद्घोष किया। यह आयोजन मात्र एक उत्सव की औपचारिकता नहीं था, बल्कि दुनिया के सामने एक सशक्त और आत्मनिर्भर झारखंड की संकल्पना को प्रस्तुत करने का एक प्रभावी माध्यम सिद्ध हुआ। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष बल दिया कि झारखंड का विकास उसकी जड़ों को संरक्षित रखते हुए ही संभव है। उन्होंने वैश्विक समुदाय को यह संदेश दिया कि झारखंड की शक्ति उसके प्राकृतिक संसाधनों और जुझारू मानव श्रम में निहित है, जिसे अब आधुनिक तकनीक और सतत विकास के नए आयामों से जोड़ा जा रहा है।





मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर स्पष्ट किया कि झारखंड आगामी वर्षों में न केवल आर्थिक उन्नति के पथ पर अग्रसर होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समावेश के क्षेत्र में भी विश्व के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य का भविष्य प्रकृति और प्रगति के बीच एक सुंदर संतुलन स्थापित करने की दिशा में बढ़ रहा है, जहाँ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। लंदन में उमड़े इस जनसैलाब और मुख्यमंत्री के ओजस्वी विचारों ने यह प्रमाणित कर दिया है कि झारखंड अब केवल खनिज संपदा का केंद्र नहीं, बल्कि वैश्विक निवेश और नवाचार का एक नया केंद्र बनने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है। अतीत के प्रति कृतज्ञता और भविष्य के प्रति अडिग विश्वास के साथ शुरू हुई यह यात्रा राज्य के सर्वांगीण उत्थान का नया अध्याय लिखने को आतुर है।

दावोस में गूँजी झारखण्ड की गूँज, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वैश्विक मंच पर रखा 'समृद्ध झारखण्ड 2050' का विजन


दावोस में गूँजी झारखण्ड की गूँज, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वैश्विक मंच पर रखा 'समृद्ध झारखण्ड 2050' का विजन


देश/विदेश: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक झारखण्ड के विकास इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इंडिया पेवेलियन के उद्घाटन समारोह में शिरकत कर राज्य की ओर से वैश्विक निवेश और विकास की नई इबारत लिखी। यह पहला अवसर है जब झारखण्ड ने इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, जिसे मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया। भारत सरकार के प्रतिनिधियों और विभिन्न राज्यों के दिग्गजों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि झारखण्ड अब केवल खनिज संसाधनों तक सीमित नहीं है, बल्कि हरित ऊर्जा और आधुनिक निवेश के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है।


मुख्यमंत्री ने वैश्विक नेताओं और दिग्गज कंपनियों के साथ संवाद करते हुए प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को दोहराया और इसके साथ ही 'समृद्ध झारखण्ड 2050' का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य दुनिया के सामने रखा। उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखण्ड की प्राकृतिक संपदा और यहाँ की कार्यशील शक्ति औद्योगिक क्रांति के अगले चरण के लिए पूरी तरह तैयार है। दावोस में हुई इन सार्थक चर्चाओं से राज्य में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश आने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय रोजगार और बुनियादी ढांचे को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस वैश्विक समागम में शामिल सभी प्रतिभागियों का आभार जताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यहाँ से शुरू हुआ संवाद झारखण्ड को एक नई वैश्विक पहचान दिलाएगा और राज्य की प्रगति के पहिये को और भी तेज करेगा। 

हजारीबाग में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी छापेमारी, एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक्स नष्ट, फर्जी लेवलिंग और अवैध संचालन का भंडाफोड़

हजारीबाग में खाद्य सुरक्षा विभाग की बड़ी छापेमारी, एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक्स नष्ट, फर्जी लेवलिंग और अवैध संचालन का भंडाफोड़

हजारीबाग। मिलावटखोरों और नियमों की अनदेखी करने वाले खाद्य कारोबारियों के खिलाफ जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और अपर मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. शशि जायसवाल के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी मोहम्मद मंजर हुसैन ने इंद्रपुरी चौक और आसपास के क्षेत्रों में औचक निरीक्षण कर हड़कंप मचा दिया। जांच के दौरान यश जायसवाल के किराना स्टोर से भारी मात्रा में एक्सपायर्ड कोल्ड ड्रिंक्स बरामद की गईं, जिसे विभाग ने मौके पर ही नष्ट करवा दिया। चौंकाने वाली बात यह रही कि उक्त प्रतिष्ठान बिना किसी वैध लाइसेंस या पंजीकरण के संचालित हो रहा था। प्रशासन की इस कार्रवाई से बाजार के अन्य दुकानदारों में भी हड़कंप की स्थिति बनी रही।


निरीक्षण के दौरान धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला उमेश कुमार नामक व्यक्ति की मिल में पकड़ा गया। यहाँ बिना किसी एफएसएसएआई लाइसेंस के बेसन की पिसाई की जा रही थी और उसे उज्जैन की एक प्रसिद्ध कंपनी 'ऐरावत फूड इंडस्ट्रीज' के फर्जी रैपर में पैक कर बाजार में खपाया जा रहा था। विभाग ने इस फर्जीवाड़े को पकड़ते हुए बेसन के नमूने जब्त किए हैं। इसके अलावा गुरु गोविंद सिंह रोड स्थित भारत बेकरी से मेघा दूध के सैंपल भी लिए गए। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी ने बताया कि सभी एकत्रित नमूनों को जांच के लिए राज्य खाद्य जांच प्रयोगशाला, नामकुम भेजा गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले इन कारोबारियों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।



हजारीबाग के हुरहुरू में 'ब्रॉन्ज बेले' सैलून का भव्य शुभारंभ

हजारीबाग के हुरहुरू में 'ब्रॉन्ज बेले' सैलून का भव्य शुभारंभ

विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा- युवाओं की ऐसी पहल ही बनाएगी आत्मनिर्भर भारत

​हजारीबाग: शहर के हुरहुरू रोड पर आधु

निक सुविधाओं से सुसज्जित 'ब्रॉन्ज बेले' यूनिसेक्स सैलून का विधिवत उद्घाटन समारोह हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। सदर प्रखंड के ग्राम पंचायत पौता निवासी रामचंद्र ठाकुर के पुत्र और युवा उद्यमी दीपक कुमार शर्मा द्वारा स्थापित इस नए प्रतिष्ठान का उद्घाटन हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने फीता काटकर किया। इस अवसर पर स्थानीय गणमान्य नागरिकों, समाजसेवियों और शुभचिंतकों की गरिमामयी उपस्थिति रही जिन्होंने संचालक को इस नई शुरुआत के लिए अपनी शुभकामनाएं दीं।

​समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि आज के दौर में युवाओं द्वारा स्वरोजगार की दिशा में बढ़ाया गया हर कदम सराहनीय है। उन्होंने दीपक शर्मा के प्रयास की प्रशंसा करते हुए कहा कि युवाओं की ऐसी उद्यमशील पहल ही प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के सपने को धरातल पर उतार रही है। विधायक ने जोर देकर कहा कि ऐसे व्यवसाय न केवल संचालक को आर्थिक रूप से सशक्त बनाते हैं, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित करते हैं। उन्होंने वहां मौजूद अन्य युवाओं को भी नौकरी के पीछे भागने के बजाय उद्यमिता अपनाकर स्वावलंबी बनने के लिए प्रेरित किया।

​कार्यक्रम के समापन पर सैलून संचालक दीपक शर्मा और उनके पूरे परिवार ने विधायक की उपस्थिति और उनके आशीर्वचन के लिए हृदय से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि विधायक प्रदीप प्रसाद का मार्गदर्शन उन्हें भविष्य में और बेहतर करने की प्रेरणा देता रहेगा। शहर के बीचों-बीच एक स्तरीय यूनिसेक्स सैलून खुलने से स्थानीय लोगों में भी काफी उत्साह देखा गया।

वैश्विक पटल पर अपनी नई पहचान गढ़ने को तैयार झारखण्ड, 25 वर्षों बाद दावोस में गूंजेगी हेमंत सरकार की विकास

वैश्विक पटल पर अपनी नई पहचान गढ़ने को तैयार झारखण्ड, 25 वर्षों बाद दावोस में गूंजेगी हेमंत सरकार की विकास


गाथा

दावोस/रांची। झारखण्ड राज्य अपनी स्थापना के 25 वर्ष पूरे करने के बाद अब एक नए आत्मविश्वास के साथ वैश्विक मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराने को तैयार है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में राज्य सरकार का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल पहली बार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (WEF) 2026 में हिस्सा लेने के लिए स्विट्जरलैंड के दावोस पहुंच चुका है। शनिवार को इस प्रतिनिधिमंडल ने वहां पहुंचकर इंडिया पवेलियन परिसर में विशेष रूप से तैयार किए गए 'झारखण्ड पवेलियन' का भ्रमण और निरीक्षण किया, जहां से राज्य अपनी असीम संभावनाओं को दुनिया के सामने रखेगा।

​दावोस की बर्फीली वादियों में 19 से 23 जनवरी 2026 तक आयोजित होने वाले इस प्रतिष्ठित आर्थिक महाकुंभ में झारखण्ड की भागीदारी ऐतिहासिक मानी जा रही है। मुख्यमंत्री और उनका दल इस वैश्विक मंच का उपयोग राज्य को एक निवेश गंतव्य और सतत विकास के मॉडल के रूप में पेश करने के लिए करेंगे। इस दौरान झारखण्ड सरकार का पूरा जोर इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, ऊर्जा सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण, वन एवं जैव-अर्थव्यवस्था तथा महिला सशक्तिकरण जैसे समसामयिक और गंभीर विषयों पर रहेगा।

​राज्य सरकार का स्पष्ट उद्देश्य है कि झारखण्ड को केवल खनिज संसाधनों वाले राज्य के रूप में न देखा जाए, बल्कि इसे सतत विकास, न्यायसंगत परिवर्तन और समावेशी विकास के रास्ते पर चलने वाले एक अग्रणी राज्य के रूप में वैश्विक पहचान मिले। दावोस में दुनिया भर के दिग्गज नेताओं और उद्योगपतियों के बीच झारखण्ड की यह दस्तक राज्य में निवेश और रोजगार के नए द्वार खोलने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकती है। शनिवार को पवेलियन के निरीक्षण के साथ ही प्रतिनिधिमंडल ने यह संकेत दे दिया है कि झारखण्ड अब दुनिया के साथ कदमताल करने के लिए पूरी तरह तैयार है।

विधायक ने फोड़ा नारियल, अधिकारियों ने जड़ा ताला

 विधायक ने फोड़ा नारियल, अधिकारियों ने जड़ा ताला


धान बेचने को दर-दर भटक रहे अन्नदाता, चूहों का निवाला बन रही गाढ़ी कमाई

हजारीबाग/दारू। सदर विधायक


प्रदीप प्रसाद द्वारा बीते 15 दिसंबर को जिस दारू खरिका पैक्स का भव्य उद्घाटन कर किसानों को बड़ी राहत देने का दावा किया गया था, वह आज विभागीय उदासीनता और अफसरशाही के चलते महज एक दिखावा बनकर रह गया है। उद्घाटन के चंद दिनों बाद ही इस पैक्स भवन पर लटका ताला प्रशासनिक व्यवस्था की पोल खोल रहा है। हालात यह हैं कि अपनी ही उपज बेचने के लिए क्षेत्र के किसान मारे-मारे फिर रहे हैं। शनिवार को किसानों के सब्र का बांध आखिरकार टूट गया और उन्होंने पैक्स भवन के समक्ष प्रशासन के खिलाफ जमकर भड़ास निकाली।

​हरली पंचायत और आसपास के गांवों से आए किसानों ने अपनी व्यथा सुनाते हुए बताया कि वे भारी भरकम भाड़ा चुकाकर गाड़ियों में धान लादकर केंद्र तक पहुंचते हैं, लेकिन यहां ताला बंद देख उन्हें बैरंग वापस लौटना पड़ता है। इस प्रक्रिया में न केवल उनका आर्थिक नुकसान हो रहा है बल्कि लाने-ले जाने के दौरान बोरियां फटने से अनाज सड़कों पर बिखर कर बर्बाद हो रहा है। किसानों का दर्द यह है कि घर में रखा अनाज चूहों का निवाला बन रहा है और उनकी लागत तक नहीं निकल पा रही है, जबकि जिम्मेदार अधिकारी कुंभकर्णी नींद सोए हुए हैं।

​प्रदर्शन के दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने 'दारू प्रखंड के बीडीओ होश में आओ' और 'किसानों का शोषण बंद करो' के गगनभेदी नारे लगाए। किसानों का सीधा आरोप है कि अधिकारियों की मिलीभगत और लापरवाही के कारण जानबूझकर पैक्स को बंद रखा गया है। उन्होंने प्रशासन को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि जल्द से जल्द पैक्स को सुचारू रूप से नहीं खोला गया और धान की खरीदारी शुरू नहीं हुई, तो वे प्रखंड कार्यालय के समक्ष अनिश्चितकालीन धरना देने को बाध्य होंगे जिसकी पूरी जवाबदेही शासन और प्रशासन की होगी।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेगा मत्स्य पालन: बरही में चीफ जस्टिस ने केज कल्चर को सराहा, मछलियों को खिलाया दाना

ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ बनेगा मत्स्य पालन,


बरही में चीफ जस्टिस ने केज कल्चर को सराहा, मछलियों को खिलाया दाना

हजारीबाग/बरही। झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश महेश शरदचंद्र सोनक शनिवार को हजारीबाग दौरे के दौरान एक अलग अंदाज में नजर आए। अदालती कार्यवाही और निरीक्षण से इतर वे बरही क्षेत्र के जलाशय पहुंचे, जहां उन्होंने मत्स्य पालन की आधुनिक तकनीक 'केज कल्चर' का बारीकी से अवलोकन किया। मुख्य न्यायाधीश ने न केवल जल के बीच स्थापित केज व्यवस्था को देखा, बल्कि वहां मौजूद मत्स्य पालकों से आत्मीय संवाद कर उनकी कार्यशैली और अनुभवों को भी साझा किया।

​जलाशय के नैसर्गिक वातावरण के बीच मुख्य न्यायाधीश ने मत्स्य पालन की इस उन्नत विधि की मुक्तकंठ से प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि केज कल्चर जैसी पहल ग्रामीण आजीविका के संवर्धन और मत्स्य उत्पादन को बढ़ाने में क्रांतिकारी भूमिका निभा रही है। उनका मानना था कि यह तकनीक न केवल रोजगार के नए द्वार खोलेगी, बल्कि क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी एक नई मजबूती प्रदान करेगी। निरीक्षण के दौरान एक सुखद दृश्य तब देखने को मिला जब मुख्य न्यायाधीश ने स्वयं अपने हाथों से मछलियों को दाना खिलाया और किसानों का उत्साहवर्धन किया।

​इस मौके पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार और जिला मत्स्य पदाधिकारी प्रदीप कुमार भी उनके साथ मौजूद रहे। मुख्य न्यायाधीश ने मत्स्य पालकों को निरंतर प्रगति और नवाचार के लिए शुभकामनाएं दीं। अधिकारियों का मानना है कि राज्य के सर्वोच्च न्यायिक पद पर आसीन व्यक्ति द्वारा किए गए इस निरीक्षण और प्रोत्साहन से क्षेत्र के किसानों में नई ऊर्जा का संचार होगा।

एमएसएमई मंत्रालय ने डिजिटल क्रांति और खादी को दी नई रफ्तार, साइबर सुरक्षा से लेकर वैश्विक पटल तक भारत का डंका










एमएसएमई मंत्रालय ने डिजिटल क्रांति और खादी को दी नई रफ्तार, साइबर सुरक्षा से लेकर वैश्विक पटल तक भारत का डंका

नई दिल्ली। सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्रालय ने वर्ष 2025 में तकनीक और परंपरा के अद्भुत संगम के साथ विकास की नई इबारत लिखी है। एक तरफ जहां मंत्रालय ने साइबर सुरक्षा और डिजिटल डैशबोर्ड के जरिए उद्यमों को हाईटेक बनाया है, वहीं दूसरी तरफ खादी और ग्रामोद्योग को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाकर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान की है। मंत्रालय की ओर से जारी रिपोर्ट बताती है कि यह साल न केवल डिजिटल सशक्तिकरण का रहा बल्कि जमीनी स्तर पर कारीगरों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में भी ऐतिहासिक साबित हुआ है।

अक्टूबर 2025 को राष्ट्रीय साइबर सुरक्षा जागरूकता माह के रूप में मनाते हुए मंत्रालय ने 'साइबर जागृत भारत' अभियान के तहत व्यापक पहल की। इसमें इंडियन कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पांस टीम और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल के सहयोग से अधिकारियों और उद्यमियों को साइबर हमलों से बचने, पासवर्ड सुरक्षा और साइबर स्वच्छता के प्रति जागरूक किया गया। पारदर्शिता सुनिश्चित करने की दिशा में मंत्रालय ने एक आधुनिक परफॉर्मेंस स्मार्टबोर्ड विकसित किया है। यह केंद्रीकृत डैशबोर्ड अब एक ही क्लिक पर बाजार समर्थन, ऋण सुविधा और प्रमुख योजनाओं की जानकारी आम जनता और हितधारकों तक पहुंचा रहा है, जिससे निर्णय लेने की प्रक्रिया पारदर्शी और त्वरित हुई है। इसके साथ ही पीएम गति शक्ति योजना के तहत लाखों संपत्तियों का डिजिटल मानचित्रण कर बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ किया गया है।

ग्रामीण भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कहे जाने वाले खादी और ग्रामोद्योग क्षेत्र ने भी इस वर्ष बेहतरीन प्रदर्शन किया है। कारीगरों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए सरकार ने कताई और बुनाई की मजदूरी में बढ़ोतरी की, जिसका सीधा लाभ जमीनी स्तर पर काम करने वाले शिल्पकारों को मिला है। खादी महोत्सव और वोकल फॉर लोकल अभियान ने स्वदेशी उत्पादों की मांग को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया, जिसके परिणामस्वरूप खादी की बिक्री और उत्पादन के आंकड़ों में भारी उछाल दर्ज किया गया। इसी तरह नारियल रेशा क्षेत्र ने भी पांच हजार करोड़ रुपये से अधिक का निर्यात कर वैश्विक बाजार में भारतीय उत्पादों की मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई है। नई मशीनों के विकास और कौशल उन्नयन कार्यक्रमों ने इस क्षेत्र को और अधिक प्रतिस्पर्धी बना दिया है।

उद्यमियों की समस्याओं के समाधान के लिए चैंपियंस पोर्टल एक वरदान साबित हुआ है, जहां प्राप्त शिकायतों में से निन्यानवे प्रतिशत से अधिक का समयबद्ध निवारण किया गया। नवाचार को बढ़ावा देने के लिए एमएसएमई हैकाथॉन का पांचवां संस्करण और विलंबित भुगतान की समस्या सुलझाने के लिए ऑनलाइन विवाद समाधान पोर्टल की शुरुआत की गई है। महिला उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए यशस्विनी अभियान के तहत लाखों महिलाओं का उद्यम और उद्यम असिस्ट पोर्टल पर पंजीकरण कराया गया है, जो लैंगिक समानता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है।

मंत्रालय ने अपनी पहुंच को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विस्तार देते हुए मॉरीशस, थाईलैंड, स्लोवाकिया और मलेशिया जैसे देशों के साथ कई महत्वपूर्ण समझौते किए हैं। बोधगया में आयोजित पीएम विश्वकर्मा सम्मेलन और वाराणसी में एमएसएमई सेवा पर्व जैसे भव्य आयोजनों ने कारीगरों को आधुनिक टूलकिट और ऋण सुविधा उपलब्ध कराकर उन्हें आत्मनिर्भर भारत का सारथी बनाया है। साल के अंत में विशेष स्वच्छता अभियान के तहत सरकारी कार्यालयों से कबाड़ हटाकर न केवल लाखों रुपये का राजस्व कमाया गया, बल्कि कार्यस्थलों को स्वच्छ और ऊर्जावान बनाकर 'वेस्ट टू वेल्थ' का संदेश भी दिया गया। मंत्रालय की ये पहल स्पष्ट करती हैं कि भारत का एमएसएमई क्षेत्र अब अपनी विरासत को सहेजते हुए आधुनिक विकास की दौड़ में सबसे आगे खड़ा है।


बालू तस्करों पर पुलिस का बड़ा प्रहार, कटकमसांडी के जंगल से 7 ट्रैक्टर जब्त, तीन तस्कर गिरफ्तार

 

बालू तस्करों पर पुलिस का बड़ा प्रहार, कटकमसांडी के जंगल से 7 ट्रैक्टर जब्त, तीन तस्कर गिरफ्तार


हजारीबाग/कटकमसांडी। अवैध बालू खनन और परिवहन के खिलाफ हजारीबाग जिला प्रशासन और पुलिस ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। चतरा-कटकमसांडी मुख्य मार्ग पर पुलिस ने छापेमारी अभियान चलाते हुए बालू से लदे सात ट्रैक्टरों को एक साथ जब्त किया है, जिससे बालू माफियाओं में हड़कंप मच गया है। घटनाक्रम के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि चतरा रोड के रास्ते अवैध रूप से बालू की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कटकमसांडी अंचलाधिकारी अनिल कुमार गुप्ता और थाना प्रभारी शिवम गुप्ता के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने हट कौना जंगल के पास घेराबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की।

​जांच के दौरान कतारबद्ध तरीके से आ रहे सात ट्रैक्टरों को रोका गया, जिनकी तलाशी लेने पर सभी में अवैध रूप से बालू लदा पाया गया। प्रत्येक ट्रैक्टर पर करीब 100 सीएफटी बालू लोड था। मौके से पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया है, जिनकी पहचान चतरा जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र निवासी संतोष कुमार, करण भुइयां और मो. साफिक के रूप में हुई है। प्रशासन की इस सख्ती से अवैध कारोबारियों के मंसूबों पर पानी फिर गया है। छापेमारी दल में अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी के साथ एसआई मनोज कुजूर और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस ने सभी जब्त वाहनों और गिरफ्तार व्यक्तियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के हक में संसद में गूंजी राघव चड्ढा की आवाज, कॉपीराइट एक्ट में बदलाव की जोरदार मांग


 यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर के हक में संसद में गूंजी राघव चड्ढा की आवाज, कॉपीराइट एक्ट में बदलाव की जोरदार मांग

दिल्ली:  दिनांक 18 दिसंबर 2025 को आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने राज्यसभा में देश के लाखों कंटेंट क्रिएटर्स, यूट्यूबर और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स के हितों की रक्षा के लिए एक अहम मुद्दा उठाया है। उन्होंने सदन में स्पष्ट कहा कि आज के दौर में ये क्रिएटर्स भारत के जमीनी स्तर के संचारक बन चुके हैं और इनके डिजिटल प्लेटफॉर्म केवल मनोरंजन का साधन नहीं बल्कि उनकी आजीविका और कड़ी मेहनत का परिणाम हैं।

सांसद ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स द्वारा मनमाने ढंग से दी जाने वाली कॉपीराइट स्ट्राइक ने क्रिएटर्स के सामने अस्तित्व का संकट खड़ा कर दिया है। अक्सर महज कुछ सेकंड के वीडियो या ऑडियो क्लिप का इस्तेमाल करने पर, चाहे वह शिक्षा, समाचार या व्यंग्य के उद्देश्य से ही क्यों न हो, क्रिएटर्स के चैनल और सालों की मेहनत को एक झटके में खत्म कर दिया जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आजीविका का फैसला कानून के द्वारा होना चाहिए न कि किसी मनमाने एल्गोरिदम के आधार पर।

राघव चड्ढा ने तर्क दिया कि भारत का कॉपीराइट अधिनियम 1957 उस दौर में बना था जब इंटरनेट और डिजिटल मीडिया का कोई अस्तित्व नहीं था। यह कानून किताबों और पत्रिकाओं के लिए तो फेयर डीलिंग की बात करता है लेकिन आज के डिजिटल क्रिएटर्स को परिभाषित करने में विफल है। उन्होंने सदन को याद दिलाया कि फेयर यूज़ पाइरेसी नहीं है और रचनात्मकता डर के माहौल में पनप नहीं सकती।

इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए उन्होंने सरकार के समक्ष प्रमुख मांगे रखी हैं जिनमें सबसे महत्वपूर्ण कॉपीराइट अधिनियम में संशोधन कर डिजिटल फेयर यूज़ को परिभाषित करना है। इसके अलावा उन्होंने मांग की कि कॉपीराइट उल्लंघन के मामलों में सजा या कार्रवाई का पैमाना गलती के अनुपात में होना चाहिए और किसी भी कंटेंट को हटाने से पहले एक निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का पालन अनिवार्य किया जाना चाहिए ताकि देश के युवाओं के रोजगार और रचनात्मकता को सुरक्षित रखा जा सके।


© 2025 News Prahari. All Rights Reserved. | Reg No: JH-11-0021972