बिजली चोरों पर सर्जिकल स्ट्राइक की तैयारी, नौ महीने में 23 हजार मामले दर्ज, अब मुखबिरों की पहचान रहेगी पूरी तरह गुप्त
हजारीबाग। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड ने राज्य भर में बिजली चोरी के खिलाफ एक निर्णायक युद्ध छेड़ दिया है जिसके तहत अब बिजली चोरी करने वालों की खैर नहीं होगी। निगम द्वारा जारी हालिया आंकड़ों ने चौंकाने वाली तस्वीर पेश की है जिसमें बताया गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान केवल अप्रैल से दिसंबर महीने के बीच तेइस हजार चार सौ चौरानवे परिसरों में बिजली चोरी पकड़ी गई है। जांच में पाया गया कि लोग हुक (टोका) फंसाकर, मीटर को बाईपास करके या उसके साथ छेड़छाड़ कर बड़े पैमाने पर बिजली का अवैध इस्तेमाल कर रहे हैं। विभाग ने अब इस प्रवृत्ति पर पूर्ण विराम लगाने के लिए कमर कस ली है और मुख्यालय स्तर पर हर महीने औसतन पांच दिन सघन छापेमारी अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
बिजली विभाग ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि चोरी पकड़े जाने पर न केवल भारी-भरकम जुर्माना वसूला जाएगा और बिजली कनेक्शन काटा जाएगा, बल्कि संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर अधिकतम पांच साल तक की जेल भी हो सकती है। इस मुहिम को एक जन-आंदोलन बनाने के लिए विभाग ने आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है ताकि ईमानदार उपभोक्ताओं के हितों की रक्षा की जा सके। अब राज्य के चौबीसों जिलों में कहीं भी—चाहे वह शहर हो, गांव हो, कोई फैक्ट्री हो या दुकान—बिजली चोरी की सूचना देने के लिए एक विशेष गुप्त हेल्पलाइन जारी की गई है।
कोई भी जागरूक नागरिक जीएम (एंटी-पावर थेफ्ट) के मोबाइल नंबर 9431135515 पर व्हॉट्सएप या मैसेज के जरिए बिजली चोरी की सटीक पते के साथ जानकारी दे सकता है। विभाग ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले का नाम और मोबाइल नंबर पूरी तरह गुप्त रखा जाएगा ताकि लोग निडर होकर इस गलत कार्य के खिलाफ आवाज उठा सकें। यह कदम न केवल राजस्व बचाने की दिशा में महत्वपूर्ण है बल्कि राज्य की विद्युत व्यवस्था को सुदृढ़ करने में भी मील का पत्थर साबित होगा।

No comments
Post a Comment