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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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झारखंड ई-कल्याण पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप 2025-26 और 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन 25 अगस्त से शुरू, जानें अंतिम तिथि व पूरी प्रक्रिया

Jharkhand e-Kalyan Scholarship: एसटी, एससी व ओबीसी छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का शेड्यूल जारी, 25 अगस्त से भरें फॉर्म

रांची/हजारीबाग: झारखंड सरकार के आदिवासी कल्याण आयुक्त कार्यालय ने राज्य के अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) एवं पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी राहत दी है। "झारखण्ड राज्य पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना नियमावली, 2022" के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 और 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन का आधिकारिक कार्यक्रम जारी कर दिया गया है।

Jharkhand e-Kalyan Post Matric Scholarship 2025-26 and 2026-27 Notification Official Notice News Prahari

​योग्य एवं इच्छुक विद्यार्थी ई-कल्याण (e-Kalyan) पोर्टल के माध्यम से 25 अगस्त 2026 से अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकेंगे।

ई-कल्याण छात्रवृत्ति 2025-26 एवं 2026-27: महत्वपूर्ण तिथियां

​आदिवासी कल्याण आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार दोनों सत्रों के लिए समय-सीमा निम्न प्रकार तय की गई है:

शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए:

  • ​छात्र/छात्राओं द्वारा ऑनलाइन आवेदन की तिथि: 25 अगस्त 2026 से 25 सितंबर 2026 तक
  • ​संस्थान के नोडल ऑफिसर (INO) द्वारा सत्यापन: अगले आदेश तक
  • ​जिला नोडल ऑफिसर (DNO) द्वारा सत्यापन: अगले आदेश तक

शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए:

  • ​शैक्षणिक संस्थानों द्वारा ई-कल्याण पोर्टल पर पंजीकरण की तिथि: 25 अगस्त 2026 से 25 सितंबर 2026 तक
  • ​छात्र/छात्राओं द्वारा ऑनलाइन आवेदन की तिथि: 25 अगस्त 2026 से 20 नवंबर 2026 तक
  • ​संस्थान (INO) एवं जिला (DNO) सत्यापन: अगले आदेश तक

कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता)

  1. ​आवेदक झारखंड राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  2. ​छात्र/छात्रा अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) या पिछड़ा वर्ग (BC-I / BC-II) श्रेणी से संबंधित हों।
  3. ​विद्यार्थी मान्यता प्राप्त कॉलेज/विश्वविद्यालय में पोस्ट-मैट्रिक (11वीं, 12वीं, ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, मेडिकल, इंजीनियरिंग आदि) पाठ्यक्रम में अध्ययनरत हों।
  4. ​परिवार की वार्षिक आय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा (नियमावली 2022 के प्रावधानों) के भीतर होनी चाहिए।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज (Checklist)

  • ​सक्षम प्राधिकारी (CO/SDO/DC स्तर) द्वारा निर्गत डिजिटल जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate)
  • ​सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्गत वैध आय प्रमाण पत्र (Income Certificate)
  • ​झारखंड का डिजिटल स्थानीय/आवासीय प्रमाण पत्र (Residential Certificate)
  • ​संस्थान द्वारा जारी बोनाफाइड सर्टिफिकेट (Bonafide Certificate) एवं फीस रसीद
  • ​पूर्व उत्तीर्ण परीक्षा की अंकतालिका (Marksheet)
  • ​बैंक खाता विवरण (आधार से लिंक होना अनिवार्य)
  • ​आवेदक का पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Guide)

  1. ​सबसे पहले ई-कल्याण की आधिकारिक वेबसाइट (ekalyan.cgg.gov.in) पर जाएं।
  2. ​'Candidate Registration' लिंक पर क्लिक कर अपना आधार व व्यक्तिगत विवरण दर्ज करें।
  3. ​लॉगिन करने के बाद संबंधित सत्र (2025-26 या 2026-27) का चयन करें।
  4. ​शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत विवरण सही-सही भरें।
  5. ​सभी आवश्यक प्रमाण पत्रों की स्कैन कॉपी निर्धारित साइज में अपलोड करें।
  6. ​फॉर्म को सबमिट करें और भविष्य के संदर्भ के लिए रसीद (Acknowledgment Slip) डाउनलोड कर सुरक्षित रख लें।

​(छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना समय पर अपना ऑनलाइन आवेदन पूरा कर लें।)

Jharkhand Cabinet Big Decision: JSSC CGL व TDPL की परीक्षाएं रद्द, CM हेमंत सोरेन का बड़ा ऐलान

 

झारखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला: JSSC-CGL परीक्षा और TDPL की सभी प्रक्रियाएं रद्द, 2014 से अब तक की नियुक्तियों की होगी विस्तृत जांच

राँची/हजारीबाग। झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और युवाओं के भारी आक्रोश के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में आयोजित विशेष कैबिनेट बैठक में कई बड़े निर्णय लिए गए हैं। कैबिनेट ने छात्रों के हितों को सर्वोपरि रखते हुए JSSC CGL परीक्षा और TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित सभी परीक्षाएं, प्रकाशित रिजल्ट व संबंधित प्रक्रियाएं तत्काल प्रभाव से रद्द करने का फैसला किया है।

CM Hemant Soren Press Conference on JSSC CGL cancellation Jharkhand Cabinet.

​प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ कोई समझौता नहीं होगा। राज्य में वर्ष 2014 से लेकर अब तक हुई प्रतियोगी परीक्षाओं और नियुक्तियों में सामने आई गड़बड़ियों की जांच की जाएगी। इसके अलावा, भर्ती प्रक्रियाओं में सुधार व पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए पूर्व आईएएस अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय सुधार कमेटी (Reforms Committee) का गठन किया गया है। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर MMDR एक्ट संशोधन के संदर्भ में विधानसभा का विशेष सत्र भी बुलाया जा सकता है।

कैबिनेट बैठक के प्रमुख बिंदु

  • JSSC-CGL व TDPL प्रक्रियाएं रद्द: TDPL एजेंसी द्वारा आयोजित कराई गई परीक्षाएं, रिजल्ट और सभी संबंधित गतिविधियों को पूरी तरह रद्द करने का निर्णय लिया गया।
  • 2014 से अब तक की जांच: वर्ष 2014 से लेकर अब तक की भर्ती परीक्षाओं में हुई अनियमितताओं और संदिग्ध नेटवर्क की विस्तृत जांच SIT और CID के माध्यम से जारी रहेगी।
  • रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में जांच: 14वीं JPSC और अन्य विवादित मामलों में रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में पारदर्शी जांच का आश्वासन।
  • अमिताभ कौशल कमेटी का गठन: परीक्षाओं के संचालन और सुधार (Reforms) के लिए पूर्व आईएएस अधिकारी अमिताभ कौशल की अध्यक्षता में कमेटी गठित।
  • जनता और छात्रों से सुझाव: परीक्षा सुधारों को लेकर एक ऑनलाइन पोर्टल खोला गया है, जहां छात्र, शिक्षक और अभिभावक अपने सुझाव सीधे सरकार तक पहुंचा सकेंगे।

रांची में JPSC-JSSC अभ्यर्थियों का बड़ा आंदोलन: 2,000 जवानों की मौजूदगी और मूसलाधार बारिश के बीच विधानसभा घेराव

 

जेपीएससी-जेएसएससी धांधली के खिलाफ भारी बारिश में भी डटे छात्र; विधानसभा गेट नंबर-1 के बाहर नारेबाजी, कहा- 'रांची पुलिस, छाता दो'

रांची। जेपीएससी (JPSC) और जेएसएससी (JSSC) की विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली एवं अनियमितताओं के विरोध में छात्रों का आंदोलन उग्र होता जा रहा है। सोमवार को मूसलाधार बारिश और खराब मौसम के बावजूद सैकड़ों की संख्या में छात्र-युवा झारखंड विधानसभा के मुख्य प्रवेश द्वार (गेट नंबर-1) के सामने डटे रहे और सरकार व परीक्षा एजेंसियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।

JPSC and JSSC aspirants protesting in heavy rain near Ranchi Assembly Gate Number 1

'रांची पुलिस, छाता दो': बारिश के बीच गूंजे अनोखे नारे

​आंदोलन के दौरान मूसलाधार बारिश होने पर भी छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। भीगते हुए छात्रों ने अपनी मांगों के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। इस दौरान छात्रों ने रांची पुलिस से मुखातिब होकर अनोखा नारा लगाते हुए कहा, "रांची पुलिस, छाता दो!"

​खराब मौसम और लगातार हो रही बारिश के बावजूद अभ्यर्थियों का हौसला कम नहीं हुआ। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट कहा कि परीक्षाओं में पारदर्शिता और अपनी मांगों पर ठोस प्रशासनिक कार्रवाई होने तक उनका यह शांतिपूर्ण आंदोलन अनवरत जारी रहेगा।

विधानसभा क्षेत्र में 2,000 सुरक्षाकर्मी तैनात

​छात्रों के बड़े आंदोलन और विधानसभा घेराव की चेतावनी को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त रखने के लिए विधानसभा गेट और आसपास के संवेदनशील इलाकों में करीब 2,000 सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई थी। पुलिस बल पूरी स्थिति पर मुस्तैदी से नजर बनाए हुए था।

Source of Information: ग्राउंड रिपोर्टिंग / रांची संवाददाता (दिनांक: 11.08.2026)

Ranchi Traffic Police Campaign: रांची में यातायात पुलिस की बड़ी कार्रवाई; 1 लाख से अधिक चालान कटे, फर्जी नंबर प्लेट पर दर्ज होगी FIR

 

Ranchi Traffic Police Action: रांची में यातायात पुलिस का सख्त अभियान; जुलाई महीने में कटे 1.20 लाख से अधिक चालान, फर्जी नंबर प्लेट पर होगी FIR

रांची (News Prahari Desk): राजधानी रांची की सड़कों पर यातायात व्यवस्था को दुरुस्त करने और सड़क हादसों पर अंकुश लगाने के लिए रांची पुलिस प्रशासन पूरी तरह सख्त रुख अपनाए हुए है। वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) रांची के निर्देशानुसार पुलिस अधीक्षक (यातायात) के नेतृत्व में शहर के सभी यातायात थाना क्षेत्रों में मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicles Act) के नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के खिलाफ एक विशेष जांच अभियान चलाया गया।

https://www.newsprahari.in/2026/07/ranchi-traffic-police-drive-1-lakh-challan-july-2026-fake-number-plate-warning.html

​इस विशेष अभियान के तहत नियम तोड़ने वाले दोपहिया व चारपहिया वाहन चालकों के खिलाफ मौके पर ही फाइन वसूलने के साथ-साथ ई-चालान निर्गत किए गए।

Ranchi Traffic Police checking vehicles during a special drive against traffic rule violators in Ranchi city

जुलाई महीने में रिकॉर्ड 1,20,197 चालान निर्गत

​रांची यातायात पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 1 जुलाई 2026 से 31 जुलाई 2026 तक पूरे महीने चलाए गए विशेष चेकिंग अभियान में कुल 1,20,197 चालान काटे गए हैं।

​यातायात पुलिस के अनुसार, ये चालान मुख्य रूप से निम्नलिखित नियमों के उल्लंघन पर निर्गत किए गए:

  • ​बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना
  • ​कार चलाते समय सीटबेल्ट न लगाना
  • ​ओवरस्पीडिंग (तेज रफ्तार) और खतरनाक ड्राइविंग
  • ​लाल बत्ती (रेड लाइट) का उल्लंघन करना
  • ​वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करना
  • ​नो-पार्किंग क्षेत्र में वाहन खड़ा करना
  • ​बिना वैध लाइसेंस, इंश्योरेंस या प्रदूषण प्रमाणपत्र के वाहन चलाना

फर्जी नंबर प्लेट लगाने वालों पर सीधी FIR और जेल भेजने की चेतावनी

​इस चेकिंग अभियान के दौरान रांची यातायात पुलिस ने वाहन मालिकों और चालकों को एक बेहद सख्त चेतावनी जारी की है। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया है कि कई मामलों में यह देखा गया है कि चालान और पुलिस से बचने के लिए कुछ चालक अपने वाहनों पर किसी अन्य वाहन का फर्जी रजिस्ट्रेशन नंबर लगाकर परिचालन कर रहे हैं।

​यातायात पुलिस अधिकारी ने चेतावनी देते हुए कहा:

"कोई भी वाहन चालक अपने वाहन पर किसी दूसरे वाहन का नंबर लगाकर परिचालन न करे। चेकिंग के दौरान यदि कोई भी वाहन चालक फर्जी या बदला हुआ नंबर प्लेट इस्तेमाल करते हुए पकड़ा गया, तो उस वाहन को तुरंत जब्त कर लिया जाएगा। साथ ही संबंधित चालक के खिलाफ सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर उसे सीधे जेल भेजा जाएगा।"


रांची यातायात पुलिस की आम जनता से अपील

​रांची ट्रैफिक पुलिस ने राजधानी के सभी नागरिकों और वाहन चालकों से अपील की है कि वे सड़कों पर वाहन चलाते समय यातायात नियमों का कड़ाई से अनुपालन करें। पुलिस ने कहा कि यह चेकिंग अभियान जनता को प्रताड़ित करने के लिए नहीं, बल्कि सड़कों को सुरक्षित बनाने और हादसों में होने वाली अकाल मौतों को रोकने के लिए चलाया जा रहा है।

​यातायात पुलिस ने चालकों से अपील की है कि वे हमेशा अपनी गाड़ी के वैध कागजात साथ रखें, गति सीमा का ध्यान रखें और जिम्मेदार नागरिक की तरह यातायात व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस का सहयोग करें।

Office of Senior Superintendent of Police (SSP) & Traffic SP Ranchi Official Press Release (Dated 31.07.2026)

और पढ़ें: Ranchi Traffic News: रांची में ट्रैफिक पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 28 दिन में कटे 1 लाख से अधिक चालान; फर्जी नंबर प्लेट पर होगी FIR और जेल


Ranchi Traffic News: रांची में ट्रैफिक पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 28 दिन में कटे 1 लाख से अधिक चालान; फर्जी नंबर प्लेट पर होगी FIR और जेल

 

Ranchi Traffic Police Drive: रांची में यातायात नियमों के उल्लंघन पर पुलिस की बड़ी कार्रवाई; 28 दिनों में कटे 1 लाख से अधिक चालान, फर्जी नंबर प्लेट पर सीधी जेल

रांची (News Prahari Desk): राजधानी रांची की ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने और सड़क हादसों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए रांची पुलिस प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है।

Ranchi Traffic Police inspecting vehicles and issuing challans during special traffic safety drive

वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) रांची के निर्देश पर पुलिस अधीक्षक (यातायात) रांची के नेतृत्व में शहर के सभी यातायात थाना क्षेत्रों में वाहन चेकिंग का विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान मोटर वाहन अधिनियम (Motor Vehicle Act) के नियमों का उल्लंघन करने वाले दोपहिया व चारपहिया वाहन चालकों और मालिकों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की गई।

Ranchi Traffic Police inspecting vehicles and issuing challans during special traffic safety drive

​शहर के प्रमुख चौराहों, मुख्य मार्गों और संवेदनशील ट्रैफिक प्वाइंट्स पर यातायात पुलिस बलों द्वारा सघन जांच अभियान चलाकर चालान काटे गए और चालकों को यातायात नियमों के प्रति सख्त चेतावनी दी गई।

जुलाई महीने में 1,09,397 चालान निर्गत; आंकड़े देख उड़े होश

​रांची यातायात पुलिस द्वारा जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, चालू माह में नियम तोड़ने वालों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की गई है।

  • कार्रवाई की समय-सीमा: 01 जुलाई 2026 से 28 जुलाई 2026 तक।
  • कुल निर्गत चालान: 1,09,397 (एक लाख नौ हजार तीन सौ संतानवे) चालान।

​पुलिस प्रशासन के अनुसार, चालान की यह बड़ी संख्या स्पष्ट करती है कि शहर में हेलमेट न पहनना, सीट बेल्ट का प्रयोग न करना, ओवरस्पीडिंग, सिग्नल तोड़ना, ट्रिपल राइडिंग और गलत दिशा (Wrong Side) में वाहन चलाना जैसी लापरवाहियां बड़े पैमाने पर की जा रही हैं। यातायात विभाग ने स्पष्ट किया है कि नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

फर्जी नंबर प्लेट लगाने वालों पर सीधी FIR और जेल भेजने की चेतावनी

​विशेष अभियान के दौरान रांची यातायात पुलिस ने वाहन चालकों के लिए एक अत्यंत गंभीर और महत्वपूर्ण सार्वजनिक चेतावनी (Public Alert) जारी की है। पुलिस के संज्ञान में आया है कि कुछ असामाजिक तत्व या चालक चालान और पुलिस कार्रवाई से बचने के लिए अपने वाहनों पर दूसरे वाहनों की नंबर प्लेट (Fake/Duplicate Registration Number) लगाकर सड़कों पर परिचालन कर रहे हैं।

​यातायात पुलिस ने सख्त लहजे में अपील और निर्देश जारी करते हुए कहा:

"कोई भी वाहन चालक अपने वाहन में किसी दूसरे वाहन का नंबर लगाकर परिचालन न करें। चेकिंग के दौरान यदि कोई भी वाहन इस प्रकार के फर्जीवाड़े में पकड़ा जाता है, तो संबंधित वाहन को मौके पर ही जब्त कर लिया जाएगा। इसके साथ ही दोषी वाहन चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की सुसंगत धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर उसे सीधे जेल भेजा जाएगा।"


ट्रैफिक नियमों के अनुपालन की अपील

​रांची यातायात पुलिस ने शहर के सभी नागरिकों और वाहन चालकों से जिम्मेदार नागरिक बनने का आह्वान किया है। पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि:

  1. ​अपनी और दूसरों की सुरक्षा के लिए वाहनों का परिचालन हमेशा मोटर वाहन अधिनियम के तहत तय मानकों के अनुरूप ही करें।
  2. ​दुपहिया वाहन चलाते समय गुणवत्तापूर्ण हेलमेट अनिवार्य रूप से पहनें तथा चारपहिया वाहन में सीट बेल्ट का प्रयोग करें।
  3. ​वाहन के सभी वैध कागजात और असली नंबर प्लेट ही प्रदर्शित करें।

​यातायात पुलिस का यह विशेष अभियान आने वाले दिनों में भी रांची शहर के सभी थाना क्षेत्रों में लगातार जारी रहेगा।

Office of Senior Superintendent of Police (SSP) & Superintendent of Police (Traffic), Ranchi Official Press Briefing (Dated: 28.07.2026)

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Ranchi News: राँची में ट्रैफिक पुलिस का महा-अभियान! 1 महीने में कटे सवा लाख से अधिक चालान, 765 DL रद्द करने के लिए कोर्ट भेजे गए!

​🏛️ राँची: यातायात पुलिस की बड़ी कार्रवाई; एक महीने में कटे सवा लाख से अधिक चालान, बिना हेलमेट और नो पार्किंग पर सबसे कड़ा प्रहार

राँची: राजधानी राँची में यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने और मोटरयान अधिनियम के नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों पर नकेल कसने के लिए पुलिस ने एक बड़ा विशेष अभियान चलाया है। वरीय पुलिस अधीक्षक, राँची के निर्देशानुसार और पुलिस अधीक्षक, यातायात, राँची के नेतृत्व में शहर के सभी यातायात थाना क्षेत्रों में दिनांक 01.06.2026 से 30.06.2026 तक पूरे एक महीने का सघन चेकिंग अभियान चलाया गया। इस अभियान के तहत राँची यातायात पुलिस ने नियमों को ताक पर रखने वाले वाहन मालिकों और चालकों के खिलाफ सख्त रुख अख्तियार करते हुए कुल 1,24,144 चालान निर्गत किए हैं, जबकि कुल 831 मामलों को अभियोजन हेतु माननीय न्यायालय भेजा गया है। इस कार्रवाई से पूरे शहर के वाहन चालकों में हड़कंप मचा हुआ है।

राँची: मुख्य चौक-चौराहों पर मुस्तैद राँची यातायात पुलिसकर्मी, जिन्होंने विशेष अभियान चलाकर एक महीने के भीतर सवा लाख से अधिक नियम तोड़ने वाले वाहनों पर कार्रवाई की।

🏬 हेलमेट और अवैध पार्किंग के खिलाफ फूटा पुलिसिया कार्रवाई का बम

​आधिकारिक दस्तावेज से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, इस पूरे अभियान के दौरान सबसे बड़ी कार्रवाई बिना हेलमेट दुपहिया वाहन चलाने वालों और सड़कों पर अवैध तरीके से गाड़ी खड़ी करने वालों के खिलाफ हुई है। राँची यातायात पुलिस ने बिना हेलमेट गाड़ी चलाने वाले 58,743 चालकों का चालान काटा, जो कि इस अभियान की सबसे बड़ी संख्या है। इसके बाद दूसरे स्थान पर सड़कों को जाम की स्थिति में धकेलने वाली नो पार्किंग या रोड पर की गई पार्किंग पर कार्रवाई हुई, जिसके तहत 50,500 वाहनों पर जुर्माना लगाया गया। नियमों का उल्लंघन करने की इस सूची में रेड लाइट जंप करने वाले 4,612 चालक शामिल रहे, जबकि रफ्तार का शौक पालने वाले 2,118 ओवर स्पीड चालकों को भी पुलिस ने रसीद थमाई। इसके अतिरिक्त, क्षमता से अधिक सवारी यानी एक्स्ट्रा पैसेंजर बैठाने के आरोप में 1,359 और नो एंट्री नियमों को तोड़ने पर 1,312 वाहनों के खिलाफ चालान की कार्रवाई की गई।

​🛑 गलत दिशा में ड्राइविंग और बिना लाइसेंस वालों पर भी कसा शिकंजा

​यातायात पुलिस की इस चौतरफा कार्रवाई से गलत दिशा में वाहन चलाने वाले (रॉन्ग साइड ड्राइव) 866 और बिना ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) के सड़कों पर दौड़ने वाले 823 चालक भी नहीं बच सके। वर्दी के बिना व्यावसायिक वाहन चलाने वाले 601 चालकों, बिना पिलियन राइड नियमों के 547 लोगों, अवैध फिक्सचर लाइट लगाने वाले 456 चालकों तथा बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र के गाड़ी चलाने वाले 271 लोगों पर भी जुर्माना लगाया गया। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले सीट बेल्ट के 265 मामले, वाहनों पर फैंसी नंबर प्लेट के 257 मामले, बिना बीमा के 236 मामले, प्रतिबंधित प्रेशर हॉर्न के 197 मामले, शीशों पर ब्लैक फिल्म के 137 मामले, टो किए गए 121 वाहन, शराब पीकर गाड़ी चलाने (ड्रंकन ड्राइव) के 99 मामले, ट्रिपल राइडिंग के 83 मामले और मॉडिफाइड साइलेंसर का उपयोग करने वाले 36 चालकों पर कार्रवाई हुई, जबकि 505 अन्य प्रकार के चालान भी काटे गए।

​प्रशासनिक स्तर पर कड़ा रुख अपनाते हुए कुल 831 मामलों को सीधे न्यायालय भेजा गया है, जिसमें 765 ड्राइविंग लाइसेंस रद्द करने की अनुशंसा शामिल है। इसके अलावा 44 ऑटो और टोटो चालकों तथा 22 गलत नंबर प्लेट वाले वाहनों को भी अभियोजन हेतु माननीय न्यायालय भेजा गया है। राँची यातायात पुलिस ने इस कार्रवाई के बाद सभी वाहन मालिकों और चालकों से अपील की है कि वे सड़कों पर चलते समय मोटरयान अधिनियम के नियमों का पूरी निष्ठा से अनुपालन करें, ताकि शहर की यातायात व्यवस्था सुगम बनी रहे और सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।


झामुमो की बड़ी बैठक: हेमंत सोरेन ने कार्यकर्ताओं को दिया 'वोटर जागरूकता' का मंत्र, बोले— एक भी पात्र मतदाता छूटने न पाए

झामुमो की बड़ी बैठक: हेमंत सोरेन ने कार्यकर्ताओं को दिया 'वोटर जागरूकता' का मंत्र, बोले— एक भी पात्र मतदाता छूटने न पाए

मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) को लेकर 12 जिलों के पदाधिकारियों के साथ सीएम आवास पर मंथन; भाजपा की नीतियों पर झामुमो ने जताया कड़ा ऐतराज।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।

रांची। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) ने आगामी चुनावों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को देखते हुए अपने सांगठनिक ढांचे को धार देना शुरू कर दिया है। बुधवार को कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवास पर पार्टी के 12 जिलों के पदाधिकारियों, सांसदों और विधायकों के साथ एक विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। बैठक की अध्यक्षता झामुमो के केंद्रीय अध्यक्ष सह मुख्यमंत्री  हेमंत सोरेन ने की।

CM Hemant Soren.

लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा सर्वोपरि

बैठक को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि मतदाता सूची पुनरीक्षण (SIR) केवल एक सरकारी प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक के लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का आधार है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से आग्रह किया कि वे बूथ स्तर पर सक्रिय हों और सुनिश्चित करें कि हर योग्य नागरिक का नाम मतदाता सूची में जुड़े। उन्होंने नारा दिया— "एक भी वोटर छूटे नहीं।"

Ek Bhi Bhoter Chhutne Na Paaye.

संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का निर्देश

मुख्यमंत्री ने बिहार और बंगाल जैसे पड़ोसी राज्यों में हुए एसआईआर (SIR) का उदाहरण देते हुए संगठन को हर परिस्थिति के लिए तैयार रहने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि बूथ, पंचायत, प्रखंड और जिला स्तर पर पार्टी के ढांचे को इतना सशक्त बनाया जाए कि वह जनता की समस्याओं का त्वरित समाधान कर सके। विशेषकर नगर और महानगर कमेटियों को और अधिक सक्रिय बनाने पर जोर दिया गया।

भाजपा पर साधा निशाना: अधिकारों के हनन का आरोप

बैठक के दौरान झामुमो पदाधिकारियों ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नीतियों पर गंभीर सवाल उठाए। पार्टी का आरोप है कि एसआईआर की आड़ में भाजपा आदिवासी, मूलवासी, पिछड़े और वंचित समाज के मताधिकार छीनने का षड़यंत्र रच रही है। झामुमो नेताओं ने आशंका जताई कि इसका उद्देश्य इन वर्गों को राशन कार्ड और पेंशन जैसे बुनियादी अधिकारों से वंचित करना है।

प्रमुख नेताओं की उपस्थिति

इस उच्च स्तरीय बैठक का संचालन महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने किया। बैठक में झामुमो उपाध्यक्ष मथुरा प्रसाद महतो, बैद्यनाथ राम, सुप्रियो भट्टाचार्य, कल्पना सोरेन, और अभिषेक प्रसाद 'पिंटू' सहित कई दिग्गज नेता शामिल हुए। रांची, धनबाद, बोकारो, गिरिडीह, हजारीबाग और पलामू सहित 12 जिलों के चुनिंदा पदाधिकारियों ने रणनीति पर अपनी राय साझा की।

राँची: उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अनूठी पहल, अब हर मंगलवार आपके अंचल में लग रहा है 'जनता दरबार'

राँची: उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री की अनूठी पहल, अब हर मंगलवार आपके अंचल में लग रहा है 'जनता दरबार'

भूमि विवाद से लेकर पेंशन तक की समस्याओं का मौके पर निपटारा; लापरवाही बरतने वाले कर्मियों पर DC ने दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी।

राँची: राँची जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान के लिए जिला दंडाधिकारी सह उपायुक्त मंजूनाथ भजन्त्री के नेतृत्व में प्रशासन 'जनता के द्वार' पहुँच रहा है। उपायुक्त की इस विशेष पहल के तहत अब न केवल जिला स्तर पर, बल्कि अंचल स्तर पर भी नियमित रूप से जन शिकायतों की सुनवाई की जा रही है।

राँची जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान
 

अंचल स्तरीय जनता दरबार: प्रशासन आपके द्वार उपायुक्त के दिशा-निर्देशानुसार, राँची जिले के सभी अंचलों में प्रत्येक मंगलवार को अंचल स्तरीय जनता दरबार का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में आज, 21 अप्रैल 2026 को जिले के विभिन्न अंचलों में शिविर लगाकर ग्रामीणों की समस्याओं को सुना गया। इन दरबारों में मुख्य रूप से निम्नलिखित मामलों का निष्पादन किया जा रहा है:

  • राजस्व मामले: दाखिल-खारिज (Mutation), पंजी-II सुधार और भूमि विवाद।

  • प्रमाण पत्र: आवासीय, जाति, आय, जन्म-मृत्यु और तत्काल प्रमाण पत्र।

  • सामाजिक सुरक्षा: सर्वजन पेंशन योजना, पारिवारिक सदस्यता और अन्य सरकारी लाभ।

  • बुनियादी सुविधाएं: जल, बिजली, सड़क और आवास योजना से जुड़ी शिकायतें।

DC का कड़ा रुख: दोहराई गई शिकायत तो होगी कार्रवाई उपायुक्त श्री मंजूनाथ भजन्त्री स्वयं हर सोमवार को समाहरणालय में जनता दरबार लगाते हैं। उन्होंने स्पष्ट रूप से सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को चेतावनी दी है कि जनहित के कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने निर्देश दिया है कि यदि जनता दरबार में कोई पुरानी शिकायत दोबारा आती है, तो संबंधित दोषी कर्मचारी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

राँची जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान-2

पारदर्शिता और विश्वास का नया अध्याय इस पहल का उद्देश्य प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ाना और जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास को मजबूत करना है। अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन (Time-bound Redressal) सुनिश्चित करें। मौके पर ही समस्याओं के निपटारे से ग्रामीणों को अब जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ रहे हैं, जिससे उनके समय और धन दोनों की बचत हो रही है।

राँची जिले में आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित, पारदर्शी और प्रभावी समाधान-3

जिला प्रशासन का संकल्प है कि हर नागरिक को न्याय और सरकारी सुविधाएं समय पर मिलें, ताकि कोई भी व्यक्ति अपनी समस्या के समाधान के लिए दर-दर न भटके।

झारखण्ड उत्पाद सिपाही परीक्षा: राँची में सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम, DC मंजूनाथ भजन्त्री ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

झारखण्ड उत्पाद सिपाही परीक्षा: राँची में सुरक्षा के अभेद्य इंतजाम, DC मंजूनाथ भजन्त्री ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश

12 अप्रैल को तीन पालियों में होगी परीक्षा | परीक्षा केंद्रों के 500 मीटर के दायरे में धारा 144 लागू | नकल रोकने के लिए उड़नदस्ता टीमें तैनात

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक, न्यूज़ प्रहरी।

राँची: झारखण्ड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) द्वारा आगामी 12 अप्रैल 2026 को आयोजित होने वाली 'उत्पाद सिपाही प्रतियोगिता परीक्षा-2023' को लेकर जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। राजधानी राँची में परीक्षा के सफल और शांतिपूर्ण संचालन को सुनिश्चित करने के लिए उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी  मंजूनाथ भजन्त्री ने आर्यभट्ट सभागार में एक उच्चस्तरीय ब्रीफिंग बैठक की। इस बैठक में सुरक्षा व्यवस्था से लेकर अभ्यर्थियों की सुविधाओं तक पर विस्तृत चर्चा की गई।

DC Manjunath Bhajantri meeting with Ranchi officials for Jharkhand Excise Constable Exam 2023 security.

सुरक्षा के कड़े पहरे में होगी परीक्षा

उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि परीक्षा की गरिमा और पारदर्शिता के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती हो। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए पेट्रोलिंग मजिस्ट्रेट और उड़न दस्ता (Flying Squad) की टीमें पूरे समय सक्रिय रहेंगी।

DC Manjunath Bhajantri meeting with Ranchi officials for Jharkhand Excise Constable Exam 2023 security_२

इन नियमों का पालन होगा अनिवार्य

प्रशासन ने परीक्षा के दिन विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए निम्नलिखित प्रतिबंध और नियम लागू किए हैं:

निषिद्ध क्षेत्र: सभी केंद्रों की 500 मीटर की परिधि में धारा 144 के तहत निषिद्ध क्षेत्र रहेगा।

गैजेट्स पर रोक: मोबाइल फोन, ब्लूटूथ, स्मार्ट वॉच और किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्र के भीतर ले जाना पूरी तरह प्रतिबंधित होगा।

कड़ी कार्रवाई: यदि कोई अभ्यर्थी या बाहरी व्यक्ति अनुचित साधनों (नकल) का उपयोग करते हुए पाया गया, तो उसके खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

अभ्यर्थियों की सुविधा का भी रखा गया ध्यान

DC ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि गर्मी और अन्य परिस्थितियों को देखते हुए केंद्रों पर पेयजल, प्राथमिक चिकित्सा (First Aid) और बैठने की समुचित व्यवस्था हो। केंद्र अधीक्षकों को यह सुनिश्चित करने को कहा गया है कि अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

युवाओं के भविष्य से जुड़ा है मामला

बैठक को संबोधित करते हुए मंजूनाथ भजन्त्री ने कहा कि यह परीक्षा हजारों युवाओं के भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने अधिकारियों से अपील की कि वे पूर्ण सतर्कता और समर्पण के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाएं ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता की गुंजाइश न रहे।

महत्वपूर्ण जानकारी

परीक्षा की तिथि: 12 अप्रैल 2026 (रविवार)

स्थान: राँची के विभिन्न परीक्षा केंद्र

शिफ्ट: तीन पालियों में परीक्षा आयोजित होगी

जिला प्रशासन ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे अपने एडमिट कार्ड पर दिए गए निर्देशों को ध्यान से पढ़ें और निर्धारित समय से पहले केंद्रों पर पहुंचें।

Voter Registration and Voter Registers पर राँची में आयोजित होगा दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन

Voter Registration and Voter Registers पर राँची में आयोजित होगा दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन

आगामी 2 और 3 सितम्बर 2026 को राँची में आयोजित होगा सम्मेलन

हजारीबाग के शोधार्थी और विद्यार्थी 30 अप्रैल तक भेज सकते हैं अपने शोध का सार

हजारीबाग: झारखण्ड की राजधानी राँची में आगामी 2 और 3 सितम्बर 2026 को "Voter Registration and Voter Registers" विषय पर दो दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा है। इस संबंध में जिला निर्वाचन पदाधिकारी-सह-उपायुक्त  शशि प्रकाश सिंह ने विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति एवं जिले के सभी महाविद्यालयों के प्राचार्यों को पत्र लिखकर अवगत कराया है।

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इस अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन का प्राथमिक उद्देश्य मतदाता डेटाबेस और पंजीकरण से संबंधित संस्थागत संवाद को वैश्विक स्तर पर बढ़ावा देना है। सम्मेलन के माध्यम से विश्व भर की सर्वोत्तम प्रथाओं को साझा करने के साथ-साथ उभरती चुनौतियों, तकनीकी नवाचारों और प्रशासनिक अनुभवों पर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा।

उपायुक्त ने विभावि एवं जिले के सभी महाविद्यालयों के शिक्षाविदों, विषय विशेषज्ञों, विद्वानों और छात्र-छात्राओं से इस शैक्षणिक अवसर का लाभ उठाने की अपील की है। इच्छुक प्रतिभागी उपरोक्त विषय से संबंधित अपने शोध का सार आगामी 30 अप्रैल 2026 तक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखण्ड (राँची) के कार्यालय में भेज सकते हैं।

यह सम्मेलन राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चुनाव प्रशासन, अभ्यासकर्ताओं और विषय विशेषज्ञों के बीच ज्ञान और अनुभवों के आदान-प्रदान हेतु एक साझा मंच प्रदान करेगा। इसका मुख्य लक्ष्य सहयोगात्मक शिक्षण के माध्यम से चुनावी प्रक्रियाओं को अधिक पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाना है।

सम्मेलन से जुड़ी विस्तृत जानकारी और विवरण हेतु इच्छुक प्रतिभागी आधिकारिक वेबसाइट www.icvrr.org पर लॉगिन कर सकते हैं।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।

झारखंड पुलिस का 'मेगा अपग्रेड': मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 1495 नए वाहनों को दिखाई हरी झंडी, सुरक्षा चक्र होगा और मजबूत

झारखंड पुलिस का 'मेगा अपग्रेड': मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 1495 नए वाहनों को दिखाई हरी झंडी, सुरक्षा चक्र होगा और मजबूत

नरेश सोनी विशेष संवाददाता झारखंड 
रांची के प्रोजेक्ट भवन में नए पुलिस वाहनों को हरी झंडी दिखाते मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उपस्थित वरीय पुलिस अधिकारी।

रांची: झारखंड की सुरक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में आज एक ऐतिहासिक अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने झारखंड पुलिस के बेड़े में भारी विस्तार करते हुए 636 महिंद्रा बोलेरो और 859 टीवीएस अपाचे बाइकों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। राज्य गठन के बाद यह पहला मौका है जब इतनी बड़ी संख्या में संसाधन एक साथ थानों को सौंपे गए हैं।

तकनीक और संसाधनों से लैस होगी पुलिस

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम के दौरान स्पष्ट किया कि बदलते समय के साथ अपराध का स्वरूप भी बदल रहा है। अब अपराधी नई तकनीकों का सहारा ले रहे हैं, जिसका मुकाबला करने के लिए झारखंड पुलिस को 'हाई-टेक' बनाना अनिवार्य है। इस पहल के तहत न केवल वाहन दिए गए, बल्कि राज्य विधि विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) के लिए 9 वैज्ञानिक सहायकों को नियुक्ति पत्र भी सौंपे गए, जो वैज्ञानिक जांच में तेजी लाएंगे।

प्रमुख घोषणाएं और कदम:

इंफ्रास्ट्रक्चर विकास: जिलों में नए संयुक्त थाना भवनों का ऑनलाइन शिलान्यास किया गया।

प्रतिक्रिया समय (Response Time): नई बोलेरो और अपाचे बाइकों से पुलिस की 'क्विक रिस्पॉन्स टीम' (QRT) अब दुर्गम क्षेत्रों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में तेजी से पहुंच सकेगी।

अगला चरण: सीएम ने भरोसा दिलाया कि यह केवल पहला चरण है; जल्द ही दूसरे चरण में और अधिक संसाधन जुटाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने पुलिस बल के साहस की सराहना करते हुए कहा कि इन नए संसाधनों से अपराधियों में कानून का भय बढ़ेगा और आम जनता खुद को अधिक सुरक्षित महसूस करेगी।

सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा कदम: झारखंड में बागवानी को मिलेगा बढ़ावा, IIHR बेंगलुरु के साथ हुआ अहम समझौता

सीएम हेमंत सोरेन का बड़ा कदम: झारखंड में बागवानी को मिलेगा बढ़ावा, IIHR बेंगलुरु के साथ हुआ अहम समझौता

रांची: झारखंड में कृषि और किसानों के विकास को एक नई दिशा देने के लिए राज्य सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

(MoU) पर हस्ताक्षर किए गए.

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की गरिमामयी उपस्थिति में आज झारखंड विधानसभा स्थित मुख्यमंत्री कक्ष में एक अहम समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता झारखंड के उद्यान निदेशालय (Directorate of Horticulture) और भारतीय बागवानी अनुसंधान संस्थान (IIHR), बेंगलुरु के बीच संपन्न हुआ है।

इस ऐतिहासिक पहल का मुख्य उद्देश्य राज्य में उद्यानिकी (Horticulture) क्षेत्र का तेज़ी से विकास और विस्तार करना है, ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मज़बूत किया जा सके और किसानों की आय में ठोस वृद्धि हो सके।

आधुनिक तकनीक से बदलेगी खेती की तस्वीर

इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट किया कि यह एमओयू राज्य के किसानों के लिए मील का पत्थर साबित होगा। झारखंड की भौगोलिक स्थिति और जलवायु बागवानी के लिए बेहद अनुकूल है। IIHR, बेंगलुरु जैसे प्रतिष्ठित संस्थान के साथ जुड़ने से अब राज्य के किसानों को बागवानी के क्षेत्र में हो रहे नए अनुसंधानों, आधुनिक तकनीकों और उन्नत सेवाओं का सीधा लाभ मिल सकेगा।

समझौते के मुख्य फायदे और विशेषताएं

उत्पादकता में वृद्धि: फल, हरी सब्जियां, सजावटी पौधे, औषधीय फसलें और मशरूम के उत्पादन और उनकी गुणवत्ता को वैज्ञानिक तरीके से बढ़ाया जाएगा।

तकनीकी प्रशिक्षण: किसानों को पारंपरिक खेती से आगे निकालकर आधुनिक और वैज्ञानिक बागवानी का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

वैल्यू एडिशन (Value Addition): फसलों की उचित कीमत और बाज़ार में उनकी मांग बढ़ाने के लिए किसानों को उनके उत्पादों का 'मूल्य संवर्धन' (Value Addition) करने की तकनीक सिखाई जाएगी।

शोध और अनुसंधान: झारखंड की मिट्टी और जलवायु के अनुकूल नई किस्मों के विकास के लिए सीधा अनुसंधान सहयोग प्राप्त होगा।

कृषि क्षेत्र में मील का पत्थर

झारखंड में अक्सर किसान पारंपरिक फसलों पर निर्भर रहते हैं, जिससे उनकी आय सीमित रह जाती है। बागवानी और नकदी फसलों (Cash Crops) की ओर रुख करने से उनकी आर्थिक स्थिति में तेज़ी से सुधार होगा। यह समझौता किसानों को नई तकनीकी जानकारी देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार का एक दूरदर्शी कदम माना जा रहा है।

इस महत्वपूर्ण एमओयू हस्ताक्षर कार्यक्रम में कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की, राज्य के मुख्य सचिव अविनाश कुमार, कृषि विभाग के सचिव अबू बकर सिद्दीकी सहित कई अन्य वरीय अधिकारी मौजूद रहे।

Ranchi: डॉन बनने की चाहत में शराब दुकान पर की थी फायरिंग, मैकलुस्कीगंज हत्याकांड के आरोपी सहित 3 कुख्यात गिरफ्तार

Ranchi: डॉन बनने की चाहत में शराब दुकान पर की थी फायरिंग, मैकलुस्कीगंज हत्याकांड के आरोपी सहित 3 कुख्यात गिरफ्तार

Ranchi: रांची पुलिस ने अनगड़ा थाना क्षेत्र के गेतलसूद बाजार में एक शराब की दुकान पर फायरिंग करने के मामले का सफल उद्भेदन करते हुए तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है।

 पुलिस के अधिकारी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अनगड़ा शराब दुकान फायरिंग और मैकलुस्कीगंज हत्याकांड के आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी देते हुए।

यह घटना 3 मार्च को होली से ठीक एक शाम पहले हुई थी। पुलिस ने इनके पास से अवैध हथियार और भारी मात्रा में जिंदा कारतूस भी बरामद किए हैं।

शराब न मिलने से हुए थे आहत, रात में की फायरिंग

पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, घटना से कुछ दिन पहले ये अपराधी शराब की दुकान पर गए थे और वहां मौजूद स्टाफ से शराब की मांग की थी। स्टाफ द्वारा शराब देने से इंकार करने पर वे आहत हो गए थे। इसी का बदला लेने और दहशत फैलाने के उद्देश्य से उन्होंने रात में दुकान पर फायरिंग की और जाते-जाते एक शराब की बोतल भी अपने साथ ले गए।

SIT का गठन और पोल्ट्री फार्म से हुई गिरफ्तारी

मामले की गंभीरता को देखते हुए रांची पुलिस ने डीएसपी सिल्ली के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। इस टीम में अनगड़ा, टाटीसिलवे, सिकिदिरी और मुरी के थाना प्रभारियों को शामिल किया गया था। टीम ने लगातार छापेमारी की और अंततः अनगड़ा थाना क्षेत्र स्थित एक पोल्ट्री फार्म के पास से तीनों आरोपियों को दबोच लिया।

मैकलुस्कीगंज में विजय केसरी हत्याकांड में भी थे वांछित

गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

देव सिंह मुंडा: अनगड़ा का निवासी।

गौतम यादव: मैकलुस्कीगंज का निवासी।

भोलू सोनी: सिकिदिरी थाना क्षेत्र का निवासी।

पुलिस ने खुलासा किया कि देव सिंह मुंडा और गौतम यादव कुछ दिन पूर्व मैकलुस्कीगंज के बाजार टांड़ में हुई विजय केसरी की हत्या के मामले में भी मुख्य आरोपी थे और तब से फरार चल रहे थे। इन अपराधियों के पास से फायरिंग में इस्तेमाल किया गया एक सिक्सर, एक देसी कट्टा और 19 गोलियां बरामद की गई हैं।

मीडिया में फेमस होकर लेवी (रंगदारी) वसूलने का था प्लान

प्रेस वार्ता में पुलिस ने बताया कि ये अपराधी इलाके में अपना वर्चस्व कायम कर खुद को बड़े गैंगस्टर के रूप में स्थापित करना चाहते थे। इनका काम करने का तरीका यह था कि ये कोई भी घटना को अंजाम देने के बाद तुरंत उसकी सूचना मीडिया को देते थे, ताकि वे सुर्खियों में आ सकें। इस प्रसिद्धि और खौफ का फायदा उठाकर वे भविष्य में व्यवसायियों से लेवी (रंगदारी) वसूलना चाहते थे।

इन अपराधियों का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। देव सिंह मुंडा के खिलाफ 9 मामले दर्ज हैं और वह 2015 से अपराध की दुनिया में है। वहीं, गौतम यादव पर 12 गंभीर मामले दर्ज हैं और वह 2016 से सक्रिय है। इन पर लूट, डकैती, चोरी, हत्या, आर्म्स एक्ट और रंगदारी जैसे कई गंभीर मामले पहले से चल रहे हैं।

Note: यह खबर रांची पुलिस के आधिकारिक ट्विटर हैंडल से प्राप्त वीडियो के आधार पर संकलित की गई है।

'क्रांतिकारी मरते नहीं, विचार अमर रहते हैं', अंगद नायक की पुण्यतिथि पर जयराम महतो ने किया नमन, कहा- हमेशा खलेगी कमी

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 


झारखंड की माटी के संघर्ष और आंदोलनों में अपनी अमिट छाप छोड़ने वाले अंगद नायक (Angad Nayak) की आज दूसरी पुण्यतिथि है। इस मौके पर राज्य भर के युवाओं और आंदोलनकारियों ने उन्हें याद करते हुए अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। अपने क्रांतिकारी तेवरों के लिए 'डायनामाइट' के नाम से मशहूर अंगद नायक को याद करते हुए उनके पुराने साथी और युवा नेता जयराम कुमार महतो (Jairam Kumar Mahto) ने एक बेहद भावुक और क्रांतिकारी संदेश जारी किया है।

​'शरीर कुचल सकते हैं, विचार नहीं'

अंगद नायक को श्रद्धांजलि देते हुए जयराम महतो ने भगत सिंह की विचारधारा को दोहराया। उन्होंने सोशल मीडिया पर अपने संदेश में लिखा कि क्रांतिकारी भले ही शरीर त्याग दें, लेकिन उनके विचार कभी नहीं मरते। उन्होंने अंगद नायक के उस जज्बे को याद किया जो आंदोलन के दौरान साथियों में जोश भर देता था।

​जयराम महतो ने लिखा, "आंदोलन के दौरान अंगद भाई अक्सर कहते थे— "वे मेरे शरीर को कुचल सकते हैं, लेकिन मेरी आत्मा को नहीं कुचल सकते।"

​रांची की शान और संघर्ष के साथी

अंगद नायक को 'रांची की शान' बताते हुए उनके समर्थकों का कहना है कि झारखंड के हक-अधिकार की लड़ाई में उनकी कमी हमेशा खलती रहेगी। दूसरी पुण्यतिथि पर उन्हें नमन करते हुए जयराम महतो ने कहा कि ऐसे व्यक्तित्व को कभी भुलाया नहीं जा सकता। उन्होंने अपने संदेश में लिखा, "Miss You डायनामाइट अंगद भाई। आपके आदर्श और विचारधारा हम सभी के दिलों में हमेशा जीवित रहेंगे।"

युवाओं के प्रेरणास्रोत

विदित हो कि अंगद नायक झारखंड के उन सक्रिय चेहरों में से थे, जिन्होंने जमीनी संघर्ष में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी।  #AngadNayak और #Jharkhand के हैशटैग के साथ हजारों युवा उन्हें अपनी श्रद्धांजलि दे रहे हैं।

मंईयां सम्मान योजना से स्वावलंबन की नई राह - झारखंड की महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार हेतु सुलभ ऋण

मंईयां सम्मान योजना से स्वावलंबन की नई राह - झारखंड की महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार हेतु सुलभ ऋण

रांची। महिला सशक्तिकरण के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए झारखंड सरकार ने राज्य की नारी शक्ति को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक युगांतरकारी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में संचालित 'मंईयां सम्मान योजना' अब केवल मासिक आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि यह प्रदेश की लाखों बहनों के लिए स्वरोजगार का प्रवेश द्वार बनेगी। राज्य सरकार ने योजना की लाभार्थियों को बैंकों के माध्यम से बीस हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराने की व्यापक कार्ययोजना तैयार की है ताकि वे लघु उद्योग अथवा छोटे व्यवसाय के माध्यम से अपने भविष्य को स्वर्णिम रूप दे सकें।
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने इस दूरगामी पहल की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया है कि महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने वाली इस व्यवस्था को आगामी वित्तीय बजट में प्रमुखता से सम्मिलित किया जाएगा। सरकार का यह कदम उन महिलाओं के लिए संजीवनी सिद्ध होगा जो कम पूंजी के अभाव में अपने हुनर को व्यवसाय में परिवर्तित नहीं कर पा रही थीं। प्रति माह दी जाने वाली पच्चीस सौ रुपये की सम्मान राशि के साथ-साथ अब ऋण की यह सुविधा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को स्वावलंबी बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।
इस ऐतिहासिक निर्णय का मूल उद्देश्य प्रदेश की मातृशक्ति को ऋण के बोझ से मुक्त रखते हुए उन्हें उद्यमिता की मुख्यधारा से जोड़ना है। सरकार की इस पहल से न केवल महिलाओं का आत्मविश्वास जागृत होगा बल्कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्राप्त होगी। मंईयां सम्मान योजना के माध्यम से सशक्त होती ये बहनें अब स्वयं के कौशल से अपने परिवार की आर्थिक सुदृढ़ता का आधार बनेंगी। यह कदम झारखंड सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जहाँ जनकल्याणकारी नीतियों के केंद्र में नारी शक्ति का उत्थान और सर्वांगीण विकास समाहित है।

त्वरित न्याय और सुदृढ़ व्यवस्था पर जोर: चीफ जस्टिस ने जांची हजारीबाग सिविल कोर्ट की नब्ज, दिया अनुशासन

त्वरित न्याय और सुदृढ़ व्यवस्था पर जोर,


चीफ जस्टिस ने जांची हजारीबाग सिविल कोर्ट की नब्ज, दिया अनुशासन का मंत्र

हजारीबाग। झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश महेश शरदचंद्र सोनक ने शनिवार को हजारीबाग जिले का महत्वपूर्ण दौरा किया। अपने इस भ्रमण के दौरान उन्होंने हजारीबाग सिविल कोर्ट का औचक निरीक्षण और अवलोकन किया। मुख्य न्यायाधीश का यह दौरा न्यायिक कार्यप्रणाली में तेजी लाने और आधारभूत सुविधाओं को परखने के लिहाज से बेहद अहम माना जा रहा है। सिविल कोर्ट परिसर में आगमन पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार ने पौधा भेंट कर उनका आत्मीय और सम्मानपूर्ण स्वागत किया, जिसके उपरांत पुलिस बल द्वारा उन्हें विधिवत गार्ड ऑफ ऑनर देकर सलामी दी गई।

​निरीक्षण के दौरान मुख्य न्यायाधीश ने सिविल कोर्ट परिसर का बारीकी से जायजा लिया। उन्होंने न्यायिक कार्यप्रणाली और वहां उपलब्ध संसाधनों की समीक्षा करते हुए न्याय वितरण प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। मुख्य न्यायाधीश ने अधीनस्थ न्यायालयों की कार्यक्षमता को सुदृढ़ करने के साथ-साथ न्यायालयीन अनुशासन के पालन पर विशेष बल दिया। उन्होंने न्यायिक अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि त्वरित न्याय सुनिश्चित करना और वादियों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए।

​इस महत्वपूर्ण अवसर पर न्यायिक और प्रशासनिक अधिकारियों का जमावड़ा रहा। झारखंड उच्च न्यायालय के महानिबंधक सत्य प्रकाश सिन्हा, हजारीबाग के उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह और पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन समेत जिला प्रशासन एवं पुलिस प्रशासन के कई वरीय पदाधिकारी मुख्य न्यायाधीश के साथ मौजूद रहे। इस दौरे ने जिले में न्यायिक सक्रियता और प्रशासनिक सजगता का एक कड़ा संदेश दिया है।

मनरेगा की आत्मा से छेड़छाड़ कतई स्वीकार नहीं, गरीबों के हक पर हमला कर रहा केंद्र: हेमंत सोरेन

 मनरेगा की आत्मा से छेड़छाड़ कतई स्वीकार नहीं, गरीबों के हक पर हमला कर रहा केंद्र: हेमंत सोरेन

रांची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने मनरेगा योजना में केंद्र सरकार द्वारा किए जा रहे बदलावों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए इसे ग्रामीण गरीबों के अधिकारों पर सीधा हमला करार दिया है। मंगलवार को प्रख्यात अर्थशास्त्री ज्यां द्रेज़े के साथ हुई एक महत्वपूर्ण मुलाकात के बाद मुख्यमंत्री ने दो टूक शब्दों में कहा कि मनरेगा की आत्मा के साथ किसी भी तरह की छेड़छाड़ कतई स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने स्पष्ट कर दिया है कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली इस योजना के मूल ढांचे को कमजोर करने की किसी भी कोशिश का राज्य सरकार पुरजोर विरोध करेगी।

मुख्यमंत्री ने केंद्र की नीतियों पर निशाना साधते हुए कहा कि दिल्ली से किए जा रहे बदलाव जमीन पर काम करने वाले मजदूरों के हितों के खिलाफ हैं। ज्यां द्रेज़े से चर्चा के दौरान सीएम सोरेन ने साफ किया कि मनरेगा सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि ग्रामीण भारत के लिए जीवन जीने का सहारा है। उन्होंने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि मजदूरों की मजदूरी, काम की गारंटी और संघीय ढांचे में राज्यों के अधिकारों के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं किया जाएगा।

हेमंत सोरेन के इस बयान ने यह साफ कर दिया है कि झारखंड सरकार मनरेगा के मुद्दे पर केंद्र के सामने झुकने को तैयार नहीं है। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि वे राज्य के गरीबों और मजदूरों के हक की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ेंगे और किसी भी ऐसी नीति को लागू नहीं होने देंगे जो ग्रामीणों के संवैधानिक और कानूनी अधिकारों का हनन करती 

हो।


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