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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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जी एम इंटर कॉलेज इचाक में नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ

जी एम इंटर कॉलेज इचाक में नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ ।

Hazaribagh: जी एम इंटर कॉलेज इचाक में नए सत्र 2026-28 के लिए ग्यारहवीं कक्षा में नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है।यह महाविद्यालय हजारीबाग जिले में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने और उनके सर्वांगीण विकाश के लिए महत्वपूर्ण एवं प्रतिष्ठित संस्थान है।कॉलेज के प्राचार्य शंभू कुमार ने माध्यमिक ( मैट्रिक) परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए बताया कि हमारे संस्थान में आधुनिक स्मार्ट क्लासरूम, समृद्ध पुस्तकालय, प्रयोगशालाएँ, कंप्यूटर लैब तथा अनुभवी एवं योग्य शिक्षकों की टीम उपलब्ध है, जो छात्रों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

Shambhu sir gm college 

 प्राचार्य ने यह भी बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं मेधावी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति (Scholarship) की विशेष व्यवस्था की गई है। आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े विद्यार्थियों को नामांकन में विशेष छूट प्रदान की जाती है साथ ही समय समय पर प्रतियोगिता परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को विशेषज्ञ टीम के द्वारा करियर काउंसलिंग कराई जाती है,जिसका परिणाम है कि इस संस्थान के बच्चे सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में अपना भविष्य बना रहे हैं

Admission chalu.

 🎓 कॉलेज की प्रमुख विशेषताएँ:

(1) कॉलेज में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान की जाती है।

(2) अनुभवी एवं योग्य शिक्षकों द्वारा पढ़ाई कराई जाती है।

(3) स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब एवं आधुनिक प्रयोगशालाओं की सुविधा उपलब्ध है।

(4) समृद्ध पुस्तकालय में विभिन्न विषयों की पुस्तकें एवं डिजिटल सामग्री उपलब्ध है।

(4) खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सेमिनार जैसी गतिविधियों का आयोजन होता है।

(5) मेधावी एवं आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की सुविधा है।

(6) अनुशासित एवं सुरक्षित परिसर, जो अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।

(7) करियर मार्गदर्शन एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

कॉलेज के प्राचार्य ने यह भी बताया कि संस्थान में छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने सभी छात्रों से समय पर आवेदन करने की अपील की।

अधिक जानकारी के लिए छात्र कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट या कॉलेज कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।📌 

यह नामांकन प्रक्रिया छात्रों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। सभी इच्छुक छात्रों को समय सीमा के भीतर नामांकन लेने की अपील की।

पुलिस अधीक्षक द्वारा सिविल कोर्ट का औचक निरीक्षण; सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिए कड़े निर्देश

पुलिस अधीक्षक द्वारा सिविल कोर्ट का औचक निरीक्षण; सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिए कड़े निर्देश

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।

हजारीबाग:

सुरक्षा संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग द्वारा आज स्थानीय सिविल कोर्ट परिसर का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया और वहां तैनात पुलिस बल को अलर्ट रहने का निर्देश दिया।

Hazaribagh court parisar ka nirakshan karte jila prasaasan

सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने कोर्ट परिसर के प्रवेश और निकास द्वारों, चहारदीवारी और सीसीटीवी निगरानी तंत्र की स्थिति को देखा। सुरक्षा में तैनात पुलिस पदाधिकारियों और जवानों से संवाद करते हुए उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:

सतर्कता: ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिसकर्मी पूरी तरह मुस्तैद रहें और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखें।

जांच प्रक्रिया: परिसर में आने-जाने वाले व्यक्तियों की सघन जांच सुनिश्चित की जाए ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो।

आपातकालीन तैयारी: किसी भी विषम परिस्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को हमेशा तैयार रहने का निर्देश दिया गया।

Suraksha Me chuk nahi

कार्यालय कार्यों का निरीक्षण

कोर्ट परिसर में स्थित विभिन्न पुलिस कार्यालयों के निरीक्षण के दौरान एसपी ने वहां पदस्थापित पदाधिकारियों और कर्मियों के साथ बैठक की। उन्होंने कार्यालयी कामकाज की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि:

दस्तावेजों का रखरखाव: सभी महत्वपूर्ण फाइलों और रिकॉर्ड्स को व्यवस्थित और अपडेट रखा जाए।

समयबद्धता: न्यायिक कार्यों से संबंधित प्रक्रियाओं को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।

अनुशासन: कार्यालय में कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने और अनुशासन बनाए रखने के लिए कड़े निर्देश दिए गए।

निष्कर्ष:

पुलिस अधीक्षक के इस औचक निरीक्षण से कोर्ट परिसर में तैनात कर्मियों के बीच हड़कंप की स्थिति रही, वहीं दूसरी ओर इसका उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को दूर करना और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

हजारीबाग में सियासत और सुरक्षा का शंखनाद, एक ओर दम्पति ने भरी हुंकार तो दूसरी ओर पुलिस ने तोड़ी अपराधियों की कमर

हजारीबाग में सियासत और सुरक्षा का शंखनाद, एक ओर दम्पति ने भरी हुंकार तो दूसरी ओर पुलिस ने तोड़ी अपराधियों की कमर

हजारीबाग: जिले के प्रशासनिक और सामाजिक पटल पर आज दो बड़ी घटनाओं ने हलचल मचा दी जहाँ एक तरफ लोकतंत्र के महापर्व में एक दम्पति ने विकास के वैश्विक दावों के साथ अपनी दावेदारी पेश की वहीं दूसरी तरफ पुलिस प्रशासन ने तत्परता दिखाते हुए एक शातिर अपराधी गिरोह का पर्दाफाश कर आमजन को राहत की सांस दी है। चुनावी सरगर्मियों के बीच मेयर पद के लिए शहादत अंसारी और उनकी धर्मपत्नी नाजमा खातून ने समर्थकों के हुजूम और गेंदे के फूलों की मालाओं से लदे होकर जब नामांकन दाखिल किया तो कलेक्ट्रेट परिसर नारों से गूंज उठा। शहादत अंसारी ने मीडिया से मुखातिब होते हुए हजारीबाग की तुलना दुबई और सिंगापुर जैसे अंतरराष्ट्रीय शहरों से करने का साहस दिखाया और यह संकल्प दोहराया कि यदि जनता ने उन्हें मौका दिया तो वे शहर की सूरत बदल देंगे। शिक्षा और रोजगार को अपनी प्राथमिकता बताते हुए उन्होंने अभिभावकों की पीड़ा और युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने का वचन दिया। इसी कड़ी में उनकी पत्नी नाजमा खातून ने एक अत्यंत संवेदनशील और जमीनी मुद्दा उठाते हुए प्रशासन की पोल खोल दी। उन्होंने लाखे क्षेत्र में मंदिर और मजार जैसे पवित्र धार्मिक स्थलों के बीच बहती गंदे पानी की नाली का जिक्र करते हुए कहा कि श्रद्धालुओं को गंदगी से होकर गुजरना पड़ता है जो व्यवस्था पर एक बदनुमा दाग है।

​वहीं दूसरी ओर शहर की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करते हुए हजारीबाग पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। सदर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अमित आनंद के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बड़ा बाजार ओपी क्षेत्र में सक्रिय मोबाइल छिनतई करने वाले एक संगठित गिरोह का उद्भेदन किया है। दिनांक 2 फरवरी 2026 को हुई एक छिनतई की घटना पर त्वरित संज्ञान लेते हुए पुलिस ने छापेमारी अभियान चलाया और छह शातिर अपराधियों को धर दबोचा। गिरफ्तार अभियुक्तों में राहुल कुमार गुप्ता, देव कुमार गुप्ता, अमर कुमार उर्फ बबलू, पवन कुमार, मो० हसनैन और सुमित कुमार शामिल हैं जो शहर के विभिन्न इलाकों के निवासी हैं। पुलिस की इस मुस्तैदी से न केवल अपराधियों की गिरफ्तारी हुई बल्कि उनके पास से लूट के 19 मोबाइल फोन और घटना में प्रयुक्त दो दुपहिया वाहन (स्कूटी और मोटरसाइकिल) भी बरामद किए गए हैं। इनमें से कई अपराधियों का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है और वे सदर थाना तथा अन्य थाना क्षेत्रों में कई कांडों में संलिप्त पाए गए हैं। एक ही दिन में घटित ये दोनों घटनाएं यह दर्शाती हैं कि हजारीबाग अब बदलाव की दहलीज पर खड़ा है जहाँ एक तरफ जनप्रतिनिधि विकास के नए स्वप्न दिखा रहे हैं तो दूसरी तरफ प्रशासन कानून व्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए कृतसंकल्पित है।

साहस और आत्मविश्वास के साथ रचें सफलता का नया इतिहास- उपायुक्त

साहस और आत्मविश्वास के साथ रचें सफलता का नया इतिहास- उपायुक्त

हजारीबाग। माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट की वार्षिक परीक्षाओं के भव्य शुभारंभ के अवसर पर हजारीबाग के उपायुक्त ने जिले के परीक्षार्थियों के नाम एक अत्यंत प्रेरक और ऊर्जावान शुभकामना संदेश प्रेषित किया है। उन्होंने ज्ञान के इस महाकुंभ में सम्मिलित हो रहे सभी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि परीक्षा केवल अंकों का खेल नहीं बल्कि धैर्य और एकाग्रता की कसौटी है। उपायुक्त ने युवा मस्तिष्क को संबोधित करते हुए आग्रह किया कि वे किसी भी प्रकार के मानसिक दबाव और भय का परित्याग कर पूर्णतः तनावमुक्त वातावरण में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करें।


उन्होंने रेखांकित किया कि विद्यार्थियों को अपनी वर्षभर की कठिन साधना और तैयारी पर अडिग विश्वास रखना चाहिए क्योंकि आत्मविश्वास ही सफलता की प्रथम सोपान है। उपायुक्त ने अपने संदेश में यह भावपूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि हजारीबाग की युवा शक्ति अपने अथक परिश्रम और मेधा के बल पर न केवल उत्कृष्ट परीक्षा फल प्राप्त करेगी वरन अपने परिवार, शिक्षण संस्थान और संपूर्ण जिले के गौरव को वैश्विक क्षितिज पर देदीप्यमान करेगी। उन्होंने विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्हें निर्भीक होकर परीक्षा रूपी इस अनुष्ठान में अपनी आहुति देने के लिए प्रेरित किया।

कटकमसांडी में शौडिक समाज का महाजुटान : विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा- आपसी संवाद और संस्कार ही सुदृढ़ समाज की नींव

कटकमसांडी में शौडिक समाज का महाजुटान : विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा- आपसी संवाद और संस्कार ही सुदृढ़ समाज की नींव


हजारीबाग/कटकमसांडी। हजारीबाग के कटकमसांडी प्रखंड की सुरम्य वादियों में रविवार को शौडिक (सुंडी) समाज द्वारा आयोजित प्रखंड स्तरीय वनभोजन सह मिलन समारोह सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक चेतना का अनूठा संगम बन गया। इस भव्य आयोजन में हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न हुए इस समारोह में विधायक ने स्वजातीय बंधुओं और स्थानीय नागरिकों के साथ आत्मीय संवाद स्थापित करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज को एकता के सूत्र में पिरोने और संगठन को वज्र जैसा कठोर बनाने में संजीवनी का कार्य करते हैं।

​विधायक प्रदीप प्रसाद ने अपने ओजस्वी संबोधन में प्रतिपादित किया कि किसी भी समाज की उन्नति की आधारशिला उसका आपसी भाईचारा और निरंतर संवाद है। उन्होंने जोर देकर कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी में ऐसे मिलन समारोह हमें अपनी जड़ों से जोड़ते हैं और सुख-दुख साझा करने का एक सशक्त मंच प्रदान करते हैं। विधायक ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि ये आयोजन हमारी नई पीढ़ी को अपनी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और संस्कारों से अवगत कराने का माध्यम भी हैं। शौडिक समाज की एकजुटता की भूरी-भूरी प्रशंसा करते हुए उन्होंने कहा कि जब समाज संगठित होता है, तो राष्ट्र निर्माण में उसकी भागीदारी और भी प्रबल हो जाती है।

​समारोह में विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित अशोक प्रसाद, जिला परिषद सदस्य कुमकुम देवी, जिला परिषद सदस्य संतोष मंडल और प्रख्यात समाजसेवी सनत मंडल ने भी अपने विचार रखे और समाज की इस पहल को अनुकरणीय बताया। वक्ताओं ने एक स्वर में कहा कि सहभागिता और सहकार की भावना ही क्षेत्र के सर्वांगीण विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। इस दौरान बड़ी संख्या में समाज के गणमान्य नागरिकों, बुजुर्गों, युवाओं और महिलाओं की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को ऐतिहासिक बना दिया। वनभोजन के दौरान सभी ने एक पंगत में बैठकर सादगी और प्रेम के साथ भोजन ग्रहण किया जो सामाजिक समानता का परिचायक बना।

रांची के खादगढ़ा बस स्टैंड में धू-धू कर जलीं 6 बसें, धमाकों से गूंजा पूरा इलाका


रांची के खादगढ़ा बस स्टैंड में धू-धू कर जलीं 6 बसें, धमाकों से गूंजा पूरा इलाका

रांची: झारखंड की राजधानी रांची स्थित खादगढ़ा बस स्टैंड पर उस वक्त अफरा-तफरी का माहौल बन गया जब वहां खड़ी कई बसों में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप धारण कर लिया और कतार में खड़ी एक के बाद एक कुल छह बसें पूरी तरह से आग की लपटों में घिर गईं। आग इतनी भयावह थी कि घटनास्थल से काले धुएं का गुबार दूर-दूर तक देखा जा सकता था और जलती हुई बसों के टायर फटने की तेज आवाजों से पूरा परिसर दहल उठा।

​घटना की गंभीरता को देखते हु


ए बस स्टैंड पर मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों में भगदड़ मच गई। आनन-फानन में दमकल विभाग को सूचित किया गया जिसके बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और आग पर काबू पाने की मशक्कत शुरू की। इस दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने सूझबूझ दिखाते हुए आग की चपेट में आने से बचने के लिए बगल में खड़ी अन्य बसों को धक्का देकर सुरक्षित दूरी पर हटाया ताकि नुकसान को बढ़ने से रोका जा सके। हालांकि आग लगने के स्पष्ट कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है लेकिन स्थानीय लोगों के अनुसार इस बस स्टैंड पर पहले भी इस तरह की आगजनी की घटनाएं हो चुकी हैं जिसने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

'विकसित भारत' के विराट संकल्प को धरातल पर उतारने वाला ऐतिहासिक दस्तावेज है बजट 2026

'विकसित भारत' के विराट संकल्प को धरातल पर उतारने वाला ऐतिहासिक दस्तावेज है बजट 2026


- मनीष जायसवाल

हजारीबाग/संवाददाता: हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने केंद्रीय बजट 2026 को राष्ट्र के नव-निर्माण की दिशा में एक युगांतकारी अध्याय और 'विकसित भारत' के स्वप्न को साकार करने वाला एक सशक्त रोडमैप करार दिया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में संसद के पटल पर रखे गए इस बजट की सराहना करते हुए सांसद ने स्पष्ट किया कि यह केवल वित्तीय आय-व्यय का पारंपरिक विवरण मात्र नहीं है, बल्कि यह आत्मनिर्भरता और समावेशी विकास की ओर बढ़ते भारत के दृढ़ संकल्पों का एक ऐतिहासिक दस्तावेज है।

​सांसद जायसवाल ने बजट के आर्थिक प्रावधानों का विश्लेषण करते हुए कहा कि सरकार ने राजकोषीय अनुशासन और विकास की तीव्र गति के मध्य एक आदर्श संतुलन स्थापित किया है। सार्वजनिक पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) में अभूतपूर्व वृद्धि करते हुए इसे 12.2 लाख करोड़ रुपये तक ले जाना, देश के बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर का बनाने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सड़क, रेल, मेट्रो और बंदरगाहों के विस्तार के साथ-साथ 'इन्फ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड' जैसी अभिनव पहल न केवल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स की दक्षता में गुणात्मक सुधार लाएगी, बल्कि यह दीर्घकालिक आर्थिक उन्नति और व्यापक रोजगार सृजन की धुरी भी सिद्ध होगी।

​औद्योगिक और तकनीकी क्षेत्र में भारत की बढ़ती साख को रेखांकित करते हुए श्री जायसवाल ने 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0' और एमएसएमई क्षेत्र के लिए 10,000 करोड़ रुपये के ग्रोथ फंड की घोषणा को गेम-चेंजर बताया है। उनका मानना है कि इन प्रावधानों से छोटे और मध्यम उद्यमी वैश्विक प्रतिस्पर्धा में मजबूती से खड़े हो सकेंगे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर बल देते हुए कहा कि यह बजट लघु एवं सीमांत किसानों तथा पारंपरिक हस्तशिल्प को नई ऊर्जा प्रदान कर गांवों में समृद्धि के नए द्वार खोलेगा। स्वास्थ्य क्षेत्र में 'बायोफार्मा शक्ति' और शिक्षा व कौशल विकास पर केंद्रित योजनाएं देश की युवा शक्ति को नवाचार के माध्यम से नई उड़ान भरने का अवसर प्रदान करेंगी। सांसद ने इस सर्वस्पर्शी, सर्वसमावेशी और जनहितकारी बजट के लिए हजारीबाग की जनता की ओर से प्रधानमंत्री और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के प्रति हार्दिक कृतज्ञता ज्ञापित की है।

कानून के लंबे हाथ: विस्फोटकों और हथियारों का जखीरा रखने वाला दो दशकों से फरार कुख्यात ‘लाल वारंटी’ सुबोध सिंह उर्फ मामा जी अंततः पुलिस की गिरफ्त में

कानून के लंबे हाथ


: विस्फोटकों और हथियारों का जखीरा रखने वाला दो दशकों से फरार कुख्यात ‘लाल वारंटी’ सुबोध सिंह उर्फ मामा जी अंततः पुलिस की गिरफ्त में

हजारीबाग/दारू: दारू थाना प्रभारी इक़बाल हुसैन ने अपराध जगत पर शिकंजा कसते हुए एक बड़ी कामयाबी हासिल की है, जिसके तहत दो दशकों से अधिक समय से कानून की आंखों में धूल झोंक रहे एक दुर्दांत अपराधी को अंततः दबोच लिया गया है। यह मामला वर्ष 2004 का है जो सत्र वाद संख्या 564/2004(ए) के रूप में दर्ज था और जिसमें भारतीय दंड विधान की धारा 399 एवं 402 के तहत डकैती की तैयारी और डकैतों के जमावड़े जैसे गंभीर आरोपों के साथ-साथ आर्म्स एक्ट और विस्फोटक अधिनियम की अत्यंत संगीन धाराएं भी शामिल थीं। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान सुबोध सिंह उर्फ दारा सिंह उर्फ मामा जी, पिता बैजनाथ साहू उर्फ बैजनाथ सिंह के रूप में हुई है जो मूल रूप से हजारीबाग जिले के दारू थाना अंतर्गत ग्राम कनौदी का निवासी है। यह अपराधी एक लाल वारंटी था जिसकी पुलिस को अरसे से तलाश थी और जो लगातार अपनी पहचान और ठिकाने बदलकर पुलिस को चकमा दे रहा था। इस गिरफ्तारी को पुलिस प्रशासन की सतर्कता और सक्रियता का परिणाम माना जा रहा है। कानूनी औपचारिकताओं और कागजी कार्रवाई को पूर्ण करने के पश्चात पुलिस ने अभियुक्त को रांची स्थित माननीय न्यायालय के समक्ष उपस्थापन हेतु भेज दिया है जहाँ अब उसे अपने किए गए कृत्यों का हिसाब देना होगा।

बड़कागांव में 'कंपनी राज' और पुलिसिया दमन के विरुद्ध राजभवन पहुंची विस्थापितों की आवाज, राज्यपाल ने दिया त्वरित न्याय का भरोसा

बड़कागांव में 'कंपनी राज' और पुलिसिया दमन के विरुद्ध राजभवन पहुंची विस्थापितों की आवाज, राज्यपाल ने दिया त्वरित न्याय का भरोसा



राँची: बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र में चल रहे औद्योगिक उपक्रमों की आड़ में कॉर्पोरेट मनमानी और प्रशासनिक दमन के खिलाफ अब विस्थापितों का आक्रोश राजभवन की दहलीज तक जा पहुंचा है। पूर्व कृषि मंत्री एवं बिरसा विस्थापन यूनियन के केंद्रीय अध्यक्ष योगेंद्र साव तथा पूर्व विधायक अंबा प्रसाद के नेतृत्व में आज एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने झारखंड के राज्यपाल संतोष गंगवार से मुलाकात कर क्षेत्र में व्याप्त अराजकता और मानवाधिकार हनन के मामलों में तत्काल हस्तक्षेप की गुहार लगाई। यह मुलाकात 31 दिसंबर से पगार स्थित कर्बला मैदान में चल रहे अनवरत आंदोलन की अगली कड़ी थी, जहाँ विस्थापित भू-रैयत अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहे हैं।

​राज्यपाल को सौंपे गए विस्तृत ज्ञापन में प्रतिनिधिमंडल ने एनटीपीसी और उसकी सहयोगी कंपनियों—अडानी, ऋत्विक माइनिंग, बीजीआर और एनएमडीसी—पर गंभीर आरोप लगाए हैं। ज्ञापन में उल्लेख किया गया है कि पकरी बरवाडीह, गोंदलपुरा, मोइत्रा, बादाम, केरेडारी और चट्टी बारियातु जैसे कोल ब्लॉकों में जिला प्रशासन और पुलिस तंत्र पूरी तरह से कंपनियों के प्रभाव में कार्य कर रहा है। आरोप है कि आर्थिक प्रलोभन के वशीभूत होकर स्थानीय प्रशासन ग्रामीणों पर कहर बरपा रहा है, जिसमें फर्जी मुकदमे लादना, निर्दोष ग्रामीणों के साथ मारपीट, संपत्ति की लूट और यहाँ तक कि महिलाओं के साथ अभद्रता व राष्ट्रीय ध्वज का अपमान जैसी शर्मनाक घटनाएं शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल ने स्पष्ट किया कि भूमि अधिग्रहण अधिनियम 2013 की धज्जियां उड़ाते हुए अवैध रूप से जमीनों पर कब्जा किया जा रहा है, जिससे क्षेत्र में भय और दहशत का माहौल व्याप्त है।

​मुलाकात के दौरान पूर्व मंत्री योगेंद्र साव ने महामहिम के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि यह संघर्ष मात्र जमीन के टुकड़े का नहीं, बल्कि ग्रामीणों के मौलिक अधिकारों, उनकी अस्मिता और जीवन की गरिमा को बचाने का है। उन्होंने जोर देकर कहा कि कानून बदल चुका है, लेकिन कंपनियों की मानसिकता और पुलिसिया बर्बरता बदस्तूर जारी है। वहीं, पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने क्षेत्र की भयावह स्थिति का चित्रण करते हुए कहा कि बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं को योजनाबद्ध तरीके से प्रताड़ित किया जा रहा है ताकि उनकी आवाज दबाई जा सके। उन्होंने मांग की कि वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी श्री अनिल पलटा के नेतृत्व में एक स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच समिति गठित की जाए जो दोषी अधिकारियों और कंपनी के कारिंदों पर कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करे, साथ ही विस्थापितों को उचित मुआवजा और पुनर्वास का हक मिले।

​प्रतिनिधिमंडल की व्यथा को गंभीरता से सुनते हुए राज्यपाल संतोष गंगवार ने आश्वस्त किया है कि सोमवार को कार्यालय खुलते ही इस संवेदनशील मामले पर त्वरित संज्ञान लिया जाएगा और उचित वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। राजभवन से मिले इस आश्वासन के बाद हताश ग्रामीणों में न्याय की एक नई उम्मीद जागी है। इस प्रतिनिधिमंडल में अधिवक्ता तापेश्वर कुमार, मोहम्मद दिलदार अंसारी, संजय कुमार और संजीत सहित कई प्रभावित भू-रैयत शामिल थे। अब देखना यह होगा कि राजभवन के हस्तक्षेप के बाद क्या बड़कागांव के विस्थापितों को भूमि अधिग्रहण कानून 2013 के तहत उनका वाजिब हक मिल पाता है और क्या बेलगाम नौकरशाही पर नकेल कसी जा सकेगी।

निरामय हजारीबाग की दिशा में सार्थक पहल, विधायक प्रदीप प्रसाद ने किया 6 दिवसीय एक्यूप्रेशर चिकित्सा शिविर का शंखनाद

निरामय हजारीबाग की दिशा में सार्थक पहल,


विधायक प्रदीप प्रसाद ने किया 6 दिवसीय एक्यूप्रेशर चिकित्सा शिविर का शंखनाद

हजारीबाग | जनसेवा के ध्येय को चरितार्थ करते हुए रोटरी क्लब ऑफ हजारीबाग जागृति के तत्वावधान में शनिवार को एक वृहद स्वास्थ्य अनुष्ठान का आरंभ हुआ। झिनझरिया पुल स्थित विधायक जनसेवा कार्यालय परिसर में आयोजित इस छह दिवसीय निःशुल्क एक्यूप्रेशर स्वास्थ्य शिविर का विधिवत उद्घाटन हजारीबाग के विधायक श्री प्रदीप प्रसाद ने किया। 31 जनवरी से 05 फरवरी 2026 तक चलने वाले इस शिविर में ख्यातिप्राप्त चिकित्सक डॉ. एम.ए. चायनन और डॉ. पी.के. पहाड़िया अपनी विशेषज्ञ टीम के साथ सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। यहाँ आधुनिक जीवनशैली से उत्पन्न जटिल व्याधियों जैसे माइग्रेन, सर्वाइकल, मधुमेह, उच्च रक्तचाप तथा जोड़ों के दर्द का उपचार एक्यूप्रेशर, सुजोक, वाइब्रेशन एवं मैग्नेट थेरेपी जैसी वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों के माध्यम से किया जाएगा।

​उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए विधायक श्री प्रसाद ने कहा कि वर्तमान की आपाधापी भरी दिनचर्या में 'बिना औषधि के उपचार' की यह पद्धति आम जनमानस के लिए संजीवनी समान है। उन्होंने रोटरी क्लब के इस पुनीत कार्य की भूरि-भूरि प्रशंसा करते हुए इसे समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक स्वास्थ्य लाभ पहुँचाने का सशक्त माध्यम बताया। विधायक ने स्पष्ट किया कि स्वस्थ नागरिक ही एक सशक्त समाज की नींव रखते हैं, अतः जनस्वास्थ्य से जुड़े ऐसे आयोजन उनकी प्राथमिकता सूची में सर्वोपरि रहेंगे। उन्होंने समस्त नगरवासियों से आह्वान किया कि वे प्रातः 10 बजे से दोपहर 1 बजे और अपराह्न 3 बजे से संध्या 6 बजे के मध्य संचालित इस शिविर में उपस्थित होकर स्वास्थ्य लाभ अर्जित करें और इस स्वर्णिम अवसर का लाभ उठाएं।

जी.एम. इंटर कॉलेज में भावनाओं के ज्वार के बीच विज्ञान के सितारों को दी गई विदाई, भविष्य की चुनौतियों को फतह करने का भरा जोश

जी.एम. इंटर कॉलेज में भावनाओं के ज्वार के बीच विज्ञान के सितारों को दी गई विदाई, भविष्य की चुनौतियों को फतह करने का भरा जोश


हजारीबाग: प्रतिष्ठित जी.एम. इंटर कॉलेज का प्रांगण उस वक्त भावनाओं और उत्साह के अद्भुत संगम का साक्षी बना, जब विज्ञान संकाय के विद्यार्थियों के लिए एक भव्य एवं हृदयस्पर्शी विदाई समारोह का आयोजन किया गया। पुरातन और नूतन छात्रों के मिलन का यह अवसर केवल एक औपचारिक विदाई नहीं, बल्कि यादों के झरोखों से सुनहरे भविष्य की ओर कदम बढ़ाने का एक प्रेरणादायी पड़ाव सिद्ध हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ संस्थान के निदेशक विनय कुमार एवं प्राचार्य शंभू कुमार द्वारा पारंपरिक दीप प्रज्वलन एवं माँ शारदे की वंदना के साथ किया गया, जिससे संपूर्ण वातावरण में आध्यात्मिक चेतना और सकारात्मकता का संचार हुआ।

संबोधन की कड़ी में निदेशक विनय कुमार ने विद्यार्थियों को जीवन के यथार्थ से परिचित कराते हुए कहा कि विदाई किसी अध्याय की समाप्ति नहीं बल्कि एक अनंत संभावनाओं वाले नए युग का सूत्रपात है। उन्होंने विज्ञान के छात्रों को राष्ट्र की बौद्धिक संपदा बताते हुए कड़ी मेहनत, अटूट अनुशासन और शुचितापूर्ण आचरण को सफलता का आधारभूत स्तंभ बताया। प्राचार्य शंभू कुमार ने भी विद्यार्थियों के मानस पटल पर आत्मविश्वास की अलख जगाते हुए कहा कि महाविद्यालय परिसर में अर्जित ज्ञान और अनुभव उनके जीवन की सबसे मूल्यवान थाती है, जो आगामी परीक्षाओं और जीवन के संघर्षों में उनका संबल बनेगी।

समारोह के सांस्कृतिक खंड ने उपस्थित जनसमूह को मंत्रमुग्ध कर दिया, जहाँ कनिष्ठ विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत विदाई गीतों और नृत्य की प्रस्तुतियों ने माहौल को अत्यंत भावपूर्ण बना दिया। कई छात्र अपने बिताए हुए पलों को साझा करते हुए अश्रुपूर्ण नजर आए, जो गुरु-शिष्य परंपरा के प्रगाढ़ स्नेह को प्रदर्शित कर रहा था। इस अवसर पर रंजीत कुमार, सुशीला कुमारी, जयराज कुमार, नितीश कुमार एवं सुधाकर मिश्रा जैसे समर्पित शिक्षकों ने अपने शिष्यों को आशीष देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उत्कृष्ट शैक्षणिक कीर्तिमान स्थापित करने वाले मेधावी छात्रों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिससे उनके आत्मविश्वास को नवीन ऊंचाइयां मिलीं। स्मृति चिन्हों के वितरण और सामूहिक प्रीतिभोज के साथ संपन्न हुए इस समारोह ने विद्यार्थियों के हृदय में अपने संस्थान के प्रति कृतज्ञता और भविष्य के प्रति एक नई संकल्पशक्ति का बीजारोपण किया।


77वां गणतंत्र दिवस, हजारीबाग में विधायक प्रदीप प्रसाद ने किया ध्वजारोहण, संविधान की रक्षा और सशक्त भारत निर्माण का लिया गया संकल्प

 77वां गणतंत्र दिवस, हजारीबाग में विधायक प्रदीप प्रसाद ने किया ध्वजारोहण, संविधान की रक्षा और सशक्त भारत निर्माण का लिया गया संकल्प

हजारीबाग। 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली अवसर पर समूचा हजारीबाग जिला देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। इस राष्ट्रीय महापर्व पर जिले भर में उल्लास और उमंग का वातावरण रहा, जहां आन-बान और शान के साथ तिरंगा फहराया गया। हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने इस ऐतिहासिक दिन की गरिमा को बढ़ाते हुए सांसद सेवा कार्यालय, भाजपा जिला अध्यक्ष के आवासीय कार्यालय और अपने विधायक जनसेवा कार्यालय समेत कई प्रमुख संस्थानों में आयोजित समारोहों में शिरकत कर राष्ट्रध्वज फहराया। ध्वजारोहण के पश्चात सामूहिक राष्ट्रगान ने वातावरण को राष्ट्रप्रेम की भावना से ओतप्रोत कर दिया।

गणतंत्र दिवस समारोह केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह भारतीय संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी निष्ठा को पुन: स्थापित करने का एक सशक्त मंच बना। विधायक जनसेवा कार्यालय में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान विधायक प्रदीप प्रसाद ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा संविधान महज एक वैधानिक दस्तावेज नहीं, अपितु भारत की आत्मा है जो हमें न्याय, स्वतंत्रता और समानता का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना तभी साकार होगी जब समाज का प्रत्येक नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी निष्ठापूर्वक निर्वहन करेगा।

आयोजन के दौरान स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों और संविधान निर्माताओं के त्याग व बलिदान को कृतज्ञतापूर्वक स्मरण किया गया। विभिन्न स्थानों पर आयोजित इन कार्यक्रमों में सांसद मनीष जयसवाल और भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानंद सिंह की विशेष उपस्थिति रही, जिन्होंने कार्यकर्ताओं और आम जनों के साथ मिलकर राष्ट्र की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने का संकल्प दोहराया। समारोह में केपी ओझा, पूर्व जिला अध्यक्ष टुन्नू गोप, अशोक यादव, हरीश श्रीवास्तव, महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष मनोरमा राणा, शैफाली गुप्ता, दिनेश सिंह राठौर और कुणाल दुबे सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, मोर्चा अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष और बड़ी संख्या में स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।

पूरे कार्यक्रम के दौरान युवाओं में विशेष उत्साह परिलक्षित हुआ। ‘जय हिंद’ और ‘वंदे मातरम्’ के गगनभेदी उद्घोष के साथ संपन्न हुए इन समारोहों ने हजारीबाग की फिजा में राष्ट्रवाद की एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया, जहां हर वर्ग ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुदृढ़ करने और सामाजिक समरसता बनाए रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का वचन दिया।


सड़क हादसे की सूचना पर दौड़ पड़े ग्रामीण, शव की हालत देख जताई हत्या की आशंका; हजारीबाग में दशरथ महतो की मौत पर गहराया रहस्य

सड़क हादसे की सूचना पर दौड़ पड़े ग्रामीण, शव की हालत देख जताई हत्या की आशंका, हजारीबाग में दशरथ महतो की मौत पर गहराया रहस्य

हजारीबाग: दारू थान क्षेत्र में नानु ओरिया क्षेत्र के एक युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई, जिसे लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताई है। मृतक की पहचान दशरथ महतो उर्फ बिट्टू के रूप में हुई है। शुरू में इसे एक सड़क दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन घटना स्थल पर पहुंचे परिजनों ने शव की स्थिति और घटनाक्रम को देखते हुए इसे सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या करार दिया है। घटना की सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया और करीब डेढ़ से दो सौ की संख्या में ग्रामीण कड़कड़ाती ठंड में घटनास्थल पर पहुंच गए।

मृतक के चाचा और भाई ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्हें फोन पर सूचना मिली थी कि बिट्टू का एक्सीडेंट हो गया है। आनन-फानन में जब परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो उन्होंने पाया कि शव सड़क के किनारे पड़ा था। परिजनों का आरोप है कि शव को देखने से ऐसा प्रतीत ही नहीं हो रहा था कि यह कोई साधारण दुर्घटना है। मृतक के शरीर के अगले हिस्से पर खरोंच के निशान नहीं थे, जिससे यह संदेह गहरा गया कि उसे पीछे से वार कर मारा गया है और फिर हादसे का रूप देने के लिए शव को सड़क किनारे फेंक दिया गया। मृतक के चाचा ने भावुक होते हुए बताया कि जिस व्यक्ति ने बिट्टू को फोन कर घर से बुलाया था, उसी पर उन्हें शक है।

परिजनों के अनुसार, मौके पर पहुंची पुलिस और थाना प्रभारी ने भी प्रथम दृष्टया इसे संदिग्ध माना है। आक्रोशित परिजनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। अस्पताल परिसर के पोस्टमार्टम हाउस से बोड़ी को सहर के डिस्टीक मोड़ पर ला कर मृतक के परिवार और ग्रामीणों के भारी भीड़ज्ञ ने सड़क जमा किया है, जिससे माहौल गमगीन बना हुआ है।


शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में 'नौकरी के बदले नोट' का खेल!



शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज में 'नौकरी के बदले नोट' का खेल!

आरक्षण दरकिनार, आउटसोर्सिंग एजेंसी पर पैसे लेकर बहाली करने का सनसनीखेज आरोप

हजारीबाग। हजारीबाग के प्रतिष्ठित शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एसबीएमसीएच) की साख पर एक बार फिर बट्टा लगा है। अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की लचर व्यवस्था के बाद अब आउटसोर्सिंग के जरिए हो रही नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार और धांधली का मामला उजागर हुआ है। अस्पताल में आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के तहत कंप्यूटर ऑपरेटरों की बहाली प्रक्रिया में सरकारी नियमों और आरक्षण रोस्टर की खुलेआम धज्जियां उड़ाने की बात सामने आई है, जिसने प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मचा दिया है। इस गंभीर अनियमितता को लेकर कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं सदर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह के मीडिया सलाहकार विक्की धान ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने उपायुक्त को लिखित शिकायत सौंपते हुए आउटसोर्सिंग एजेंसी 'राइडर सिक्योरिटी सर्विसेज' पर पैसे लेकर अवैध रूप से नियुक्तियां करने का सीधा और गंभीर आरोप लगाया है।

​मामले की गहराई में जाने पर एक सुनियोजित धांधली की तस्वीर उभरती है। दस्तावेजों के अनुसार, मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक ने पत्रांक 3480 (दिनांक 17/12/2025) के जरिए रांची स्थित एजेंसी मेसर्स राइडर सिक्योरिटी सर्विसेज प्रा. लि. को आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन के सुचारू संचालन हेतु 10 अतिरिक्त कंप्यूटर ऑपरेटरों की नियुक्ति का आदेश दिया था। इस आदेश में अधीक्षक ने स्पष्ट और कड़े शब्दों में हिदायत दी थी कि बहाली प्रक्रिया में झारखंड सरकार की आरक्षण नियमावली और रोस्टर का अक्षरशः पालन सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, लेबर लॉ का पालन करते हुए पारदर्शी तरीके से वैकेंसियाँ निकालने और कॉलेज की जांच कमेटी द्वारा दक्षता परीक्षण के बाद ही अंतिम चयन करने का निर्देश था।

​बावजूद इसके, उपायुक्त को सौंपी गई शिकायत में दावा किया गया है कि एजेंसी ने अपनी मनमानी करते हुए अस्पताल प्रबंधन और जिला प्रशासन के इन निर्देशों को रद्दी की टोकरी में डाल दिया। विक्की धान ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि एजेंसी ने आरक्षण रोस्टर को पूरी तरह दरकिनार कर दिया, जिससे एससी, एसटी और ओबीसी वर्ग के योग्य अभ्यर्थी अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित रह गए। शिकायत में यह भी कहा गया है कि यह पूरी नियुक्ति प्रक्रिया योग्यता या मेरिट के आधार पर नहीं, बल्कि 'पैसे लेकर' की गई है, जो कि सीधे तौर पर भ्रष्टाचार है।

​इस खुलासे ने सरकारी संस्थानों में आउटसोर्सिंग व्यवस्था की पारदर्शिता और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिकायतकर्ता ने उपायुक्त से मांग की है कि संदिग्ध तरीके से हुई इन नियुक्तियों पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाए और पूरे मामले की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही, आरक्षण नियमों का पालन करते हुए नए सिरे से पारदर्शी बहाली प्रक्रिया शुरू करने की मांग की गई है ताकि गरीब और जरूरतमंद मेधावी छात्रों को न्याय मिल सके। अब सबकी निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं कि वे इस 'भर्ती घोटाले' पर क्या कार्रवाई करते हैं।

जनहित में प्रशासन का सारथी बनेगा एसबीएफ, मेडिकल कॉलेज अधीक्षक व सहायक नगर आयुक्त को भेंट किया कैलेंडर

जनहित में प्रशासन का सारथी बनेगा एसबीएफ, मेडिकल कॉलेज अधीक्षक व सहायक नगर आयुक्त को भेंट किया कैलेंडर


हजारीबाग। नववर्ष के उपलक्ष्य में सामाजिक संस्था सोसाइटी फॉर ब्राइट फ्यूचर (एसबीएफ) ने हजारीबाग में सेवा और सहयोग की नई मिसाल पेश करने का संकल्प लिया है। संस्था के प्रतिनिधिमंडल ने शहर की प्रशासनिक और स्वास्थ्य व्यवस्था की धुरी माने जाने वाले शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के अधीक्षक और नगर निगम के सहायक नगर आयुक्त से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान अधिकारियों को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए संस्था का वार्षिक कैलेंडर भेंट किया गया और जनहित के कार्यों में प्रशासन के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने की प्रतिबद्धता जताई गई।

​संस्था के झारखंड सह-संयोजक मो. अयातुल्लाह इरफान और हजारीबाग क्षेत्र संयोजक कामिल अख्तर के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों के साथ शहर के विकास और जनसुविधाओं पर सकारात्मक चर्चा की। एसबीएफ के सदस्यों ने मेडिकल कॉलेज द्वारा मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं और नगर निगम द्वारा शहर में चलाए जा रहे स्वच्छता अभियानों की सराहना की। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नए वर्ष में प्रशासनिक और सामाजिक प्रयासों के समन्वय से हजारीबाग की जनता को और अधिक उन्नत व सुगम सुविधाएं प्राप्त होंगी।

​मुलाकात के दौरान एसबीएफ ने स्पष्ट किया कि उनकी संस्था का उद्देश्य केवल औपचारिकताओं तक सीमित रहना नहीं है। संस्था ने संकल्प दोहराया कि स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में वे प्रशासन के सहयोगी बनकर काम करेंगे। इस पहल का मुख्य ध्येय सरकारी तंत्र के साथ मिलकर समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सेवा और सुधार का लाभ पहुंचाना है, ताकि एक स्वस्थ और जागरूक समाज का निर्माण हो सके।

हजारीबाग की सड़कों पर गूंजा 'नशा छोड़ो' का नारा, डीएलएसए और एनएसएस ने निकाली भव्य जागरूकता रैली

 

हजारीबाग की सड़कों पर गूंजा 'नशा छोड़ो' का नारा, डीएलएसए और एनएसएस ने निकाली भव्य जागरूकता रैली


हजारीबाग। नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए शनिवार को हजारीबाग की सड़कों पर एक सशक्त आवाज उठी। गौतम बुद्ध शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय की एनएसएस इकाई और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई, जिसने शहर के प्रमुख मार्गों पर भ्रमण कर आमजनों को नशे के दलदल से दूर रहने का संदेश दिया। हेड पोस्ट ऑफिस चौक से शुरू होकर सिद्धु-कान्हू चौक और जुलू पार्क होते हुए कैथोलिक आश्रम तक गई इस रैली में युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। हाथों में तख्तियां थामे प्रशिक्षु और पारा लीगल वालंटियर्स "उम्मीद न कोई आशा है, चारों ओर निराशा है, बर्बाद तुम्हें यह कर देगा, नशे की यही परिभाषा है" जैसे गगनभेदी नारे लगा रहे थे।

​रैली में विशेष रूप से शामिल हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव गौरव खुराना ने प्रशिक्षुओं का उत्साह बढ़ाते हुए बताया कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार के मार्गदर्शन में चल रहा यह नशामुक्त भारत अभियान 12 जनवरी तक जारी रहेगा। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि नशा न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे परिवार को नष्ट कर देता है, इसलिए इससे तौबा करना ही बेहतर भविष्य की कुंजी है। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. बसुंधरा कुमारी और सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर संतोष कुमार की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में एलएडीसी के अधिकारियों और महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और शहरवासियों को नशामुक्ति का संकल्प दिलाया।

हाथी-मानव संघर्ष थामने को सड़क पर उतरा जागरूकता रथ, विधायक प्रदीप प्रसाद ने दिखाई हरी झंडी

हाथी-मानव संघर्ष थामने को सड़क पर उतरा जागरूकता रथ, विधायक प्रदीप प्रसाद ने दिखाई हरी झंडी


नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग। जिले में हाथी और इंसान के बीच बढ़ते संघर्ष पर विराम लगाने और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में शनिवार को एक ठोस पहल की गई। कार्मल चौक स्थित वन विभाग के प्रमंडल कार्यालय से सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने जन-जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह विशेष रथ केवल एक वाहन नहीं बल्कि सुरक्षा का संदेश है जो जिले के सुदूर ग्रामीण इलाकों में घूम-घूमकर लोगों को सतर्क करेगा। इसका मुख्य काम ग्रामीणों को यह बताना है कि हाथियों की आहट मिलने पर उन्हें क्या करना चाहिए, किस तरह का सुरक्षित व्यवहार अपनाना चाहिए और आपातकालीन स्थिति में वन विभाग से कैसे संपर्क साधा जाए। प्रशासन का लक्ष्य स्पष्ट है कि सही समय पर सही जानकारी देकर किसी भी संभावित अनहोनी को टाला जा सके ताकि जनहानि और संपत्ति के नुकसान को रोका जा सके।

​इस मौके पर विधायक प्रदीप प्रसाद ने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा केवल एक वन्यजीव समस्या नहीं है बल्कि यह सीधे तौर पर जन-सुरक्षा और सामाजिक चेतना से जुड़ा विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जागरूकता ही बचाव का सबसे बड़ा हथियार है और जब ग्रामीण सशक्त होंगे तभी वे आपात स्थिति में सही निर्णय लेकर अपने परिवार की सुरक्षा कर पाएंगे। विधायक ने वन विभाग और आम जनता के बीच तालमेल पर जोर देते हुए कहा कि संयुक्त प्रयासों से ही सह-अस्तित्व का वातावरण बन सकता है। साथ ही उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे केवल जागरूकता तक सीमित न रहें बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखें और किसी भी सूचना पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराएं। कार्यक्रम के दौरान पूर्वी डीएफओ समेत वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, भाजपा नेता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे जिन्होंने इस पहल को जिले में पर्यावरणीय संतुलन के लिए एक मील का पत्थर बताया।

सड़क सुरक्षा माह-हजारीबाग में नशेड़ी चालकों पर नकेल, नगवां टोल पर चला सघन जांच अभियान, दफ्तरों में गूंजी सुरक्षा की शपथ

सड़क सुरक्षा माह-हजारीबाग में नशेड़ी चालकों पर नकेल, नगवां टोल पर चला सघन जांच अभियान, दफ्तरों में गूंजी सुरक्षा की शपथ

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग: सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत हजारीबाग प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया


है। अभियान के छठे दिन आज शहर से लेकर नेशनल हाईवे तक सुरक्षा और सतर्कता का अनूठा संगम देखने को मिला। जिला परिवहन कार्यालय और मोटर यान निरीक्षक की संयुक्त टीम ने नगवां टोल प्लाजा के समीप एक आकस्मिक और विशेष जांच अभियान चलाया जिससे वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। इस अभियान की कमान खुद जिला परिवहन पदाधिकारी बैद्यनाथ कामती और मोटर यान निरीक्षक विजय गौतम ने संभाल रखी थी। जांच के दौरान टीम ने विशेष रूप से नशे की हालत में वाहन चलाने वाले चालकों पर शिकंजा कसा। खास बात यह रही कि अधिकारियों ने पकड़े गए चालकों के खिलाफ न केवल सख्त कानूनी कार्रवाई की बल्कि मौके पर ही उनकी काउंसलिंग भी की। उन्हें समझाया गया कि उनकी एक लापरवाही कैसे न केवल उनकी जान ले सकती है बल्कि किसी हंसे-खेलते परिवार को भी उजाड़ सकती है।

वहीं दूसरी ओर जागरूकता की मुहिम के तहत जिले के सभी सरकारी और निजी कार्यालयों में आज एक अलग ही नजारा देखने को मिला। सड़क सुरक्षा माह के छठे दिन अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से यातायात नियमों के पालन की शपथ ली। जिला परिवहन कार्यालय में आयोजित मुख्य समारोह में एक सुखद तस्वीर तब उभरी जब कार्यालय कर्मियों के साथ-साथ वहां लर्निंग लाइसेंस बनवाने आए युवाओं और आवेदकों ने भी जीवन रक्षा का संकल्प लिया। प्रशासन की इस दोहरी रणनीति यानी हाईवे पर सख्ती और दफ्तरों में जागरूकता का एकमात्र उद्देश्य जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ को नीचे लाना और आम जनता को एक जिम्मेदार नागरिक बनाना है ताकि सड़कों पर सफर सुरक्षित हो सके।

हजारीबाग सदर अस्पताल की बदहाली पर भड़के विधायक, डीसी को फोन कर जताई नाराजगी और अधिकारियों को दी सीधी चेतावनी

हजारीबाग सदर अस्पताल की बदहाली पर भड़के विधायक, डीसी को फोन कर जताई नाराजगी और अधिकारियों को दी सीधी चेतावनी

हजारीबाग: सदर अस्पताल की लचर व्यवस्था और मरीजों की फजीहत देखकर सदर विधायक प्रदीप प्रसाद का गुस्सा सोमवार को सातवें आसमान पर पहुंच गया। भाजपा कार्यकर्ता गंगा साव और बीरेंद्र बीरू पासवान के पिता स्व. सरजू पासवान के निधन के बाद पोस्टमार्टम प्रक्रिया को लेकर अचानक अस्पताल पहुंचे विधायक ने जब वहां का नजारा देखा तो वे दंग रह गए और मौके पर ही अधिकारियों की क्लास लगा दी। विधायक ने दो टूक शब्दों में कहा कि अस्पताल में इलाज और मूलभूत सुविधाओं में लापरवाही किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं है।

​अस्पताल पहुंचते ही विधायक ने सबसे पहले आम मरीजों और उनके परिजनों से सीधा संवाद कर व्यवस्थाओं की जमीनी हकीकत जानी। पर्ची काउंटर पर घोर अव्यवस्था, कर्मचारियों की कमी और मरीजों की लंबी कतार देखकर वे खासे नाराज हुए। दूर-दराज से आए मरीज घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर थे, लेकिन उनकी सुनवाई करने वाला कोई नहीं था। विधायक ने मौके पर ही पर्ची व्यवस्था का निरीक्षण किया और संबंधित कर्मचारियों को सख्त निर्देश दिया कि मरीजों को अनावश्यक परेशान न किया जाए। उन्होंने कहा कि पर्ची बनवाने की प्रक्रिया सरल, तेज और पारदर्शी होनी चाहिए ताकि गंभीर मरीजों को समय पर इलाज मिल सके।

​अस्पताल की बदहाल स्थिति को गंभीर बताते हुए विधायक प्रदीप प्रसाद ने तत्काल जिला उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह से दूरभाष पर बातचीत कर उन्हें पूरे हालात से अवगत कराया। विधायक की नाराजगी के बाद उपायुक्त ने व्यवस्था में शीघ्र सुधार का भरोसा दिलाया और कुछ ही देर बाद सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडे अस्पताल परिसर पहुंचे। विधायक ने एसडीओ को पर्ची व्यवस्था, मरीजों की अनियंत्रित भीड़ और इलाज की प्रक्रिया में हो रही लेतलाली के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा तत्काल सुधारात्मक कदम उठाने को कहा। विधायक ने शोकाकुल परिजनों की परेशानी को देखते हुए पोस्टमार्टम प्रक्रिया सुबह 8 बजे से ही प्रारंभ कराने की पहल की ताकि शव ले जाने के लिए लोगों को अनावश्यक इंतजार न करना पड़े।

​निरीक्षण के दौरान विधायक ने अस्पताल में भर्ती मरीजों को दिए जा रहे भोजन की गुणवत्ता की भी जांच की। उन्होंने कर्मचारियों और आउटसोर्सिंग एजेंसियों को सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा कि आउटसोर्सिंग कंपनियां सेवा भावना से कार्य करें न कि केवल कमाई के उद्देश्य से। उन्होंने निर्देश दिया कि मरीजों के भोजन का प्रतिदिन का चार्ट अनिवार्य रूप से तैयार किया जाए और शीतकालीन मौसम को देखते हुए मरीजों को पर्याप्त मात्रा में गर्म और पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाए। मीडिया से मुखातिब होते हुए विधायक ने स्पष्ट किया कि सदर अस्पताल आम जनता की उम्मीद का केंद्र है और यहां की व्यवस्थाओं पर अब उनकी लगातार नजर रहेगी। जहां भी कमी पाई जाएगी, वहां तत्काल सुधार और कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

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