77वां गणतंत्र दिवस, हजारीबाग में विधायक प्रदीप प्रसाद ने किया ध्वजारोहण, संविधान की रक्षा और सशक्त भारत निर्माण का लिया गया संकल्प
हजारीबाग। 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली अवसर पर समूचा हजारीबाग जिला देशभक्ति के रंग में रंगा नजर आया। इस राष्ट्रीय महापर्व पर जिले भर में उल्लास और उमंग का वातावरण रहा, जहां आन-बान और शान के साथ तिरंगा फहराया गया। हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने इस ऐतिहासिक दिन की गरिमा को बढ़ाते हुए सांसद सेवा कार्यालय, भाजपा जिला अध्यक्ष के आवासीय कार्यालय और अपने विधायक जनसेवा कार्यालय समेत कई प्रमुख संस्थानों में आयोजित समारोहों में शिरकत कर राष्ट्रध्वज फहराया। ध्वजारोहण के पश्चात सामूहिक राष्ट्रगान ने वातावरण को राष्ट्रप्रेम की भावना से ओतप्रोत कर दिया।
गणतंत्र दिवस समारोह केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह भारतीय संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के प्रति अपनी निष्ठा को पुन: स्थापित करने का एक सशक्त मंच बना। विधायक जनसेवा कार्यालय में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान विधायक प्रदीप प्रसाद ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि हमारा संविधान महज एक वैधानिक दस्तावेज नहीं, अपितु भारत की आत्मा है जो हमें न्याय, स्वतंत्रता और समानता का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि एक विकसित और आत्मनिर्भर भारत की परिकल्पना तभी साकार होगी जब समाज का प्रत्येक नागरिक अपने संवैधानिक अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों का भी निष्ठापूर्वक निर्वहन करेगा।
आयोजन के दौरान स्वतंत्रता संग्राम के अमर सेनानियों और संविधान निर्माताओं के त्याग व बलिदान को कृतज्ञतापूर्वक स्मरण किया गया। विभिन्न स्थानों पर आयोजित इन कार्यक्रमों में सांसद मनीष जयसवाल और भाजपा जिलाध्यक्ष विवेकानंद सिंह की विशेष उपस्थिति रही, जिन्होंने कार्यकर्ताओं और आम जनों के साथ मिलकर राष्ट्र की एकता और अखंडता को अक्षुण्ण बनाए रखने का संकल्प दोहराया। समारोह में केपी ओझा, पूर्व जिला अध्यक्ष टुन्नू गोप, अशोक यादव, हरीश श्रीवास्तव, महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष मनोरमा राणा, शैफाली गुप्ता, दिनेश सिंह राठौर और कुणाल दुबे सहित पार्टी के कई वरिष्ठ पदाधिकारी, मोर्चा अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष और बड़ी संख्या में स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे।
पूरे कार्यक्रम के दौरान युवाओं में विशेष उत्साह परिलक्षित हुआ। ‘जय हिंद’ और ‘वंदे मातरम्’ के गगनभेदी उद्घोष के साथ संपन्न हुए इन समारोहों ने हजारीबाग की फिजा में राष्ट्रवाद की एक नई ऊर्जा का संचार कर दिया, जहां हर वर्ग ने लोकतांत्रिक संस्थाओं को सुदृढ़ करने और सामाजिक समरसता बनाए रखने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का वचन दिया।



