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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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Hazaribagh DLSA Assistance: घर से बेदखल 70 वर्षीय बुजुर्ग को हजारीबाग DLSA ने दिलाया वृद्धाश्रम में आश्रय

 

Hazaribagh DLSA Old Age Home Assistance: बेघर 70 वर्षीय बुजुर्ग के लिए मसीहा बना हजारीबाग DLSA, सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी की पहल पर मिला वृद्धाश्रम में आश्रय

हजारीबाग: जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), हजारीबाग ने एक बार फिर संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों की मिसाल पेश की है। अपने ही अपनों द्वारा घर से बेदखल कर दर-दर भटकने को मजबूर एक 70 वर्षीय असहाय वृद्ध व्यक्ति को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की त्वरित पहल पर आश्रय दिलाया गया।

Hazaribagh DLSA Adhikar Mitra escorting 70-year-old elderly person to old age home under directions of Secretary Dr. Ravi Prakash Tiwari

​प्राधिकार के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी के निर्देशानुसार, अधिकार मित्र दीपक कुमार ने बुजुर्ग को सकुशल हजारीबाग स्थित वृद्धा आश्रम पहुँचाया और वहाँ उनके रहने तथा भोजन की समुचित व्यवस्था कराई।

"घर से बेदखल कर दिया गया, दर-दर भटक रहा था": पीड़ित बुजुर्ग का दर्द

​सोमवार (27 जुलाई 2026) को 70 वर्षीय बुजुर्ग अपनी फरियाद लेकर न्याय की उम्मीद में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) कार्यालय पहुँचे।

  • आँखों में आँसू और व्यथा: वृद्ध व्यक्ति ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्हें उनके ही परिवार द्वारा घर से बेदखल कर दिया गया है।
  • भटकने को थे मजबूर: पिछले कई दिनों से उनके पास रहने और खाने का कोई ठिकाना नहीं था और वे भोजन व छत की तलाश में दर-दर भटक कर अपना जीवन यापन करने को मजबूर थे।

DLSA सचिव ने तुरंत लिया संज्ञान, अधिकार मित्र ने पहुँचाया वृद्धाश्रम

​मामले की गंभीरता और बुजुर्ग की दयनीय स्थिति को देखते हुए DLSA सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने तुरंत संज्ञान लिया:

  • तत्परता से कार्रवाई: सचिव के निर्देश पर DLSA के अधिकार मित्र दीपक कुमार ने बुजुर्ग की देखभाल की और उन्हें तुरंत स्थानीय वृद्धाश्रम ले जाकर नामांकित कराया।
  • कानूनी व सामाजिक सुरक्षा: प्राधिकार द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बुजुर्ग को वृद्धाश्रम में सभी मूलभूत सुविधाएँ मिलें। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर उन्हें कानूनी सहायता (Maintenance & Welfare of Parents and Senior Citizens Act) भी प्रदान की जाएगी।

​DLSA हजारीबाग की इस मानवीय पहल की स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भूरि-भूरि प्रशंसा की है।

और पढ़ें:हजारीबाग: अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर श्रमिकों को किया गया जागरूक, DLSA सचिव ने कहा— "समान काम के लिए समान मजदूरी श्रमिकों का अधिकार"

Hazaribagh DLSA Legal Camp: सिविल कोर्ट में कानूनी परामर्श शिविर, पुलिस अधिकारियों को POCSO और मोटर दुर्घटना कानून का दिया गया प्रशिक्षण

 

Hazaribagh DLSA Legal Camp: हजारीबाग सिविल कोर्ट में हितधारक कानूनी परामर्श शिविर, POCSO और मोटर दुर्घटना अधिनियम की बारीकियों पर दिया गया प्रशिक्षण

हजारीबाग:

झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (JHALSA) के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) हजारीबाग के बैनर तले शनिवार को सिविल कोर्ट परिसर में एक दिवसीय जिला स्तरीय हितधारक कानूनी परामर्श शिविर (District Level Stakeholder Legal Consultation Camp) का आयोजन किया गया।

​Hazaribagh Civil Court stakeholder legal consultation camp inauguration by Principal District and Sessions Judge Dhruv Chandra Mishra

​प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुव चन्द्र मिश्रा की देखरेख और अगुवाई में आयोजित इस शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस विशेष प्रशिक्षण सह परामर्श शिविर में जिले भर के थानों के अनुसंधानकर्ताओं (Investigating Officers), थाना प्रभारियों, एलएडीसी (LADC) सदस्यों तथा मध्यस्थों ने हिस्सा लिया।

अनुसंधानकर्ता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण: प्रधान जिला जज ध्रुव चन्द्र मिश्रा

​शिविर को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुव चन्द्र मिश्रा ने कहा कि किसी भी आपराधिक या कानूनी मामले में निष्पक्ष और सटीक न्याय सुनिश्चित करने में अनुसंधानकर्ता (Investigator) की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों और हितधारकों को हमेशा विधि सम्मत (कानून के दायरे में) कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

  • बार संघ का आश्वासन: हजारीबाग बार संघ के अध्यक्ष राजकुमार और सचिव सुमन कुमार सिंह ने भी अपने संबोधन में न्याय प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए अधिवक्ताओं और बार संघ की ओर से हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
  • समस्याओं का समाधान: शिविर के दौरान विभिन्न थानों से आए अनुसंधानकर्ताओं ने जांच के दौरान आने वाली व्यावहारिक और तकनीकी कठिनाइयों को रखा, जिनका न्यायिक पदाधिकारियों द्वारा सटीक कानूनी समाधान बताया गया।

POCSO Act और Motor Accident Laws पर दी गई विस्तृत जानकारी

​प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से पोक्सो (POCSO) एक्ट और मोटर वाहन दुर्घटना अधिनियम (Motor Vehicle Accident Act) के कानूनी पहलुओं और बारीकियों से अनुसंधानकर्ताओं को अवगत कराया गया:

विशेषज्ञों द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश:

  • POCSO Act की प्रक्रियाएं: विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) सह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मो. आशिफ इकबाल ने अनुसंधानकर्ताओं को पोक्सो कानून के तहत पीड़िता का त्वरित बयान दर्ज करने, समय पर मेडिकल जांच कराने और निर्धारित समय सीमा के भीतर अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल करने की पूरी कानूनी प्रक्रिया समझाई।
  • मोटर यान दुर्घटना अधिनियम: प्रशिक्षण दाता अधिवक्ता मो. मोअज्जम ने मोटर वाहन दुर्घटना से संबंधित नए कानूनों और समय सीमा पर बल दिया। उन्होंने अनुसंधानकर्ताओं को निर्देशित किया कि दुर्घटना मामलों में समय पर डिटेल एक्सीडेंट रिपोर्ट (DAR) अदालत में अनिवार्य रूप से जमा करें ताकि पीड़ितों को शीघ्र मुआवजा मिल सके।

कार्यक्रम में ये प्रमुख हस्तियां रहीं उपस्थित

​कार्यक्रम का सफल मंच संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने किया।

​इस परामर्श शिविर में मुख्य रूप से न्यायिक पदाधिकारी मो. आशिफ इकबाल, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) राजीव त्रिपाठी, हजारीबाग बार संघ अध्यक्ष राजकुमार, सचिव सुमन कुमार सिंह, DLSA सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी, निबंधक (Registrar) दिव्यम चौधरी तथा जिले के लगभग सभी थानों के थाना प्रभारी व अनुसंधानकर्ता उपस्थित थे।

Press Release - District Legal Services Authority (DLSA), Hazaribagh

और पढ़ें: डालसा के तत्वाधान में आंगो और टाटीझरिया पंचायत में कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन, टोल फ्री नंबर 15100 जारी

हजारीबाग: सुरक्षा व्यवस्था परखने सिविल कोर्ट पहुंचे SP अमन कुमार, प्रधान जिला जज के साथ किया पूरे परिसर का निरीक्षण

हजारीबाग: सुरक्षा व्यवस्था परखने सिविल कोर्ट पहुंचे SP अमन कुमार, प्रधान जिला जज के साथ किया पूरे परिसर का निरीक्षण

मुख्य द्वार से लेकर बंदी हाजत तक की सुरक्षा का लिया जायजा; एटीएम, पोस्ट ऑफिस और DLSA कार्यालय की व्यवस्थाओं का किया अवलोकन।

नरेश सोनी प्रधान संपादक न्यूज़ प्रहरी  

हजारीबाग: जिले की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से हजारीबाग के पुलिस अधीक्षक (SP) अमन कुमार ने बुधवार को हजारीबाग सिविल कोर्ट परिसर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सुरक्षा मानकों और प्रशासनिक व्यवस्थाओं का बारीकी से जायजा लिया।

court pariser ka nirakshan karte

प्रधान जिला जज से औपचारिक मुलाकात कोर्ट परिसर पहुँचने पर पुलिस अधीक्षक ने प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार से उनके कार्यालय कक्ष में औपचारिक मुलाकात की। इस शिष्टाचार भेंट के दौरान सिविल कोर्ट की आंतरिक एवं बाह्य सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया गया। दोनों अधिकारियों ने न्यायिक परिसर की गरिमा और सुरक्षा बनाए रखने के लिए समन्वय पर जोर दिया।

sp aman kuamr aur nyaydhish ranjit kumar

परिसर का सघन भ्रमण और निरीक्षण मुलाकात के उपरांत प्रधान जिला जज और पुलिस अधीक्षक ने संयुक्त रूप से पूरे कोर्ट परिसर का भ्रमण किया। एसपी ने मुख्य प्रवेश द्वार की सुरक्षा जांच प्रक्रिया से लेकर गेट नंबर 3 तक का मुआयना किया। इस दौरान उन्होंने हाल ही में स्थापित एटीएम और उप डाकघर (Post Office) की सुरक्षा स्थिति को भी देखा।

बंदी हाजत और DLSA कार्यालय का जायजा सुरक्षा की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण 'बंदी हाजत' का निरीक्षण करते हुए एसपी ने वहां तैनात पुलिस बल को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। इसके पश्चात वे जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के कार्यालय पहुंचे। यहाँ उन्होंने एलएडीसी (LADC) ऑफिस और मध्यस्थता केंद्र (Mediation Centre) में चल रही प्रक्रियाओं और सुरक्षा व्यवस्था का अवलोकन किया।

इनकी रही मौजूदगी निरीक्षण के दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी और सिविल कोर्ट के निबंधक (Registrar) दिव्यम चौधरी भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक को कोर्ट परिसर की विभिन्न गतिविधियों और आने वाले वादियों की सुविधाओं के बारे में जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक ने सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक चाक-चौबंद करने का भरोसा दिलाया।


हजारीबाग की सड़कों पर गूंजा 'नशा छोड़ो' का नारा, डीएलएसए और एनएसएस ने निकाली भव्य जागरूकता रैली

 

हजारीबाग की सड़कों पर गूंजा 'नशा छोड़ो' का नारा, डीएलएसए और एनएसएस ने निकाली भव्य जागरूकता रैली


हजारीबाग। नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए शनिवार को हजारीबाग की सड़कों पर एक सशक्त आवाज उठी। गौतम बुद्ध शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय की एनएसएस इकाई और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई, जिसने शहर के प्रमुख मार्गों पर भ्रमण कर आमजनों को नशे के दलदल से दूर रहने का संदेश दिया। हेड पोस्ट ऑफिस चौक से शुरू होकर सिद्धु-कान्हू चौक और जुलू पार्क होते हुए कैथोलिक आश्रम तक गई इस रैली में युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। हाथों में तख्तियां थामे प्रशिक्षु और पारा लीगल वालंटियर्स "उम्मीद न कोई आशा है, चारों ओर निराशा है, बर्बाद तुम्हें यह कर देगा, नशे की यही परिभाषा है" जैसे गगनभेदी नारे लगा रहे थे।

​रैली में विशेष रूप से शामिल हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव गौरव खुराना ने प्रशिक्षुओं का उत्साह बढ़ाते हुए बताया कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार के मार्गदर्शन में चल रहा यह नशामुक्त भारत अभियान 12 जनवरी तक जारी रहेगा। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि नशा न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे परिवार को नष्ट कर देता है, इसलिए इससे तौबा करना ही बेहतर भविष्य की कुंजी है। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. बसुंधरा कुमारी और सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर संतोष कुमार की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में एलएडीसी के अधिकारियों और महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और शहरवासियों को नशामुक्ति का संकल्प दिलाया।

हजारीबाग डालसा ने नशाखोरी के खिलाफ छेड़ी निर्णायक जंग

 हजारीबाग डालसा ने नशाखोरी के खिलाफ छेड़ी निर्णायक जंग


नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग: मुकुंदगंज स्थित गौतम बुद्ध शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में गुरुवार को एक गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर मंथन हुआ जहां जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रधान जिला जज रंजीत कुमार के निर्देश पर आयोजित इस नशामुक्त जागरूकता कार्यशाला में नशाखोरी को वर्तमान समाज और युवा पीढ़ी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए डालसा सचिव गौरव खुराना ने बेहद भावुक और सचेत करने वाले अंदाज में कहा कि नशा केवल एक आदत नहीं बल्कि अपराध की दुनिया का प्रवेश द्वार है। उन्होंने एक नाबालिग बच्चे का उदाहरण साझा करते हुए बताया कि कैसे ब्राउन शुगर की लत ने एक मासूम को चोरी के रास्ते पर धकेल दिया था लेकिन जिला विधिक सेवा प्राधिकार और प्रशासन के समय रहते हस्तक्षेप और ऑब्जर्वेशन होम में मिले सुधार के माहौल ने आज उसे एक नई और सम्मानजनक जिंदगी दी है।

सचिव ने अभिभावकों को भी कड़े शब्दों में सलाह दी कि वे अपनी जिम्मेदारियों से मुंह न मोड़ें और बच्चों की हर गतिविधि पर बारीक नजर रखें क्योंकि बढ़ती नशाखोरी ही बढ़ते अपराधों की मुख्य जड़ है। युवाओं को अब खुद आगे आकर अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके। वहीं पैनल अधिवक्ता गौरव सहाय ने मंच से हुंकार भरते हुए कहा कि हमें अपने शहर को नशा मुक्त रखना है और इसे 'उड़ता पंजाब' जैसी स्थिति में जाने से बचाना है। उन्होंने नशा और उससे पनपते अपराधों के आंकड़ों और भयावहता को विस्तार से रखा।

इस जागरूकता अभियान को रचनात्मक रूप देने के लिए प्रशिक्षुओं के बीच एक पेंटिंग प्रतियोगिता भी कराई गई जिसके माध्यम से युवाओं ने कैनवास पर नशे के खिलाफ अपना आक्रोश और संदेश उकेरा। डालसा सचिव ने घोषणा की है कि इस प्रतियोगिता के शीर्ष तीन विजेताओं को गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. बसुंधरा कुमारी, सहायक प्राध्यापिका सुष्मिता घोषाल और पीएलवी दीपक कुमार समेत पूरे कॉलेज परिवार ने इस मुहिम में अपनी सहभागिता दर्ज कराई और राष्ट्रगान के साथ इस संकल्प को दोहराया गया कि हजारीबाग नशे के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी र

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