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Editor: Naresh Prasad Soni
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हजारीबाग की सड़कों पर गूंजा 'नशा छोड़ो' का नारा, डीएलएसए और एनएसएस ने निकाली भव्य जागरूकता रैली

 

हजारीबाग की सड़कों पर गूंजा 'नशा छोड़ो' का नारा, डीएलएसए और एनएसएस ने निकाली भव्य जागरूकता रैली


हजारीबाग। नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए शनिवार को हजारीबाग की सड़कों पर एक सशक्त आवाज उठी। गौतम बुद्ध शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय की एनएसएस इकाई और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई, जिसने शहर के प्रमुख मार्गों पर भ्रमण कर आमजनों को नशे के दलदल से दूर रहने का संदेश दिया। हेड पोस्ट ऑफिस चौक से शुरू होकर सिद्धु-कान्हू चौक और जुलू पार्क होते हुए कैथोलिक आश्रम तक गई इस रैली में युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। हाथों में तख्तियां थामे प्रशिक्षु और पारा लीगल वालंटियर्स "उम्मीद न कोई आशा है, चारों ओर निराशा है, बर्बाद तुम्हें यह कर देगा, नशे की यही परिभाषा है" जैसे गगनभेदी नारे लगा रहे थे।

​रैली में विशेष रूप से शामिल हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव गौरव खुराना ने प्रशिक्षुओं का उत्साह बढ़ाते हुए बताया कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार के मार्गदर्शन में चल रहा यह नशामुक्त भारत अभियान 12 जनवरी तक जारी रहेगा। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि नशा न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे परिवार को नष्ट कर देता है, इसलिए इससे तौबा करना ही बेहतर भविष्य की कुंजी है। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. बसुंधरा कुमारी और सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर संतोष कुमार की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में एलएडीसी के अधिकारियों और महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और शहरवासियों को नशामुक्ति का संकल्प दिलाया।

हजारीबाग डालसा ने नशाखोरी के खिलाफ छेड़ी निर्णायक जंग

 हजारीबाग डालसा ने नशाखोरी के खिलाफ छेड़ी निर्णायक जंग


नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग: मुकुंदगंज स्थित गौतम बुद्ध शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में गुरुवार को एक गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर मंथन हुआ जहां जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रधान जिला जज रंजीत कुमार के निर्देश पर आयोजित इस नशामुक्त जागरूकता कार्यशाला में नशाखोरी को वर्तमान समाज और युवा पीढ़ी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए डालसा सचिव गौरव खुराना ने बेहद भावुक और सचेत करने वाले अंदाज में कहा कि नशा केवल एक आदत नहीं बल्कि अपराध की दुनिया का प्रवेश द्वार है। उन्होंने एक नाबालिग बच्चे का उदाहरण साझा करते हुए बताया कि कैसे ब्राउन शुगर की लत ने एक मासूम को चोरी के रास्ते पर धकेल दिया था लेकिन जिला विधिक सेवा प्राधिकार और प्रशासन के समय रहते हस्तक्षेप और ऑब्जर्वेशन होम में मिले सुधार के माहौल ने आज उसे एक नई और सम्मानजनक जिंदगी दी है।

सचिव ने अभिभावकों को भी कड़े शब्दों में सलाह दी कि वे अपनी जिम्मेदारियों से मुंह न मोड़ें और बच्चों की हर गतिविधि पर बारीक नजर रखें क्योंकि बढ़ती नशाखोरी ही बढ़ते अपराधों की मुख्य जड़ है। युवाओं को अब खुद आगे आकर अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके। वहीं पैनल अधिवक्ता गौरव सहाय ने मंच से हुंकार भरते हुए कहा कि हमें अपने शहर को नशा मुक्त रखना है और इसे 'उड़ता पंजाब' जैसी स्थिति में जाने से बचाना है। उन्होंने नशा और उससे पनपते अपराधों के आंकड़ों और भयावहता को विस्तार से रखा।

इस जागरूकता अभियान को रचनात्मक रूप देने के लिए प्रशिक्षुओं के बीच एक पेंटिंग प्रतियोगिता भी कराई गई जिसके माध्यम से युवाओं ने कैनवास पर नशे के खिलाफ अपना आक्रोश और संदेश उकेरा। डालसा सचिव ने घोषणा की है कि इस प्रतियोगिता के शीर्ष तीन विजेताओं को गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. बसुंधरा कुमारी, सहायक प्राध्यापिका सुष्मिता घोषाल और पीएलवी दीपक कुमार समेत पूरे कॉलेज परिवार ने इस मुहिम में अपनी सहभागिता दर्ज कराई और राष्ट्रगान के साथ इस संकल्प को दोहराया गया कि हजारीबाग नशे के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी र

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