हजारीबाग की सड़कों पर गूंजा 'नशा छोड़ो' का नारा, डीएलएसए और एनएसएस ने निकाली भव्य जागरूकता रैली
हजारीबाग। नशा मुक्त समाज के निर्माण के लिए शनिवार को हजारीबाग की सड़कों पर एक सशक्त आवाज उठी। गौतम बुद्ध शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय की एनएसएस इकाई और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के संयुक्त तत्वावधान में एक विशाल जागरूकता रैली निकाली गई, जिसने शहर के प्रमुख मार्गों पर भ्रमण कर आमजनों को नशे के दलदल से दूर रहने का संदेश दिया। हेड पोस्ट ऑफिस चौक से शुरू होकर सिद्धु-कान्हू चौक और जुलू पार्क होते हुए कैथोलिक आश्रम तक गई इस रैली में युवाओं का उत्साह देखते ही बन रहा था। हाथों में तख्तियां थामे प्रशिक्षु और पारा लीगल वालंटियर्स "उम्मीद न कोई आशा है, चारों ओर निराशा है, बर्बाद तुम्हें यह कर देगा, नशे की यही परिभाषा है" जैसे गगनभेदी नारे लगा रहे थे।
रैली में विशेष रूप से शामिल हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव गौरव खुराना ने प्रशिक्षुओं का उत्साह बढ़ाते हुए बताया कि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार के मार्गदर्शन में चल रहा यह नशामुक्त भारत अभियान 12 जनवरी तक जारी रहेगा। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि नशा न केवल व्यक्ति बल्कि पूरे परिवार को नष्ट कर देता है, इसलिए इससे तौबा करना ही बेहतर भविष्य की कुंजी है। महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. बसुंधरा कुमारी और सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर संतोष कुमार की देखरेख में आयोजित इस कार्यक्रम में एलएडीसी के अधिकारियों और महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और शहरवासियों को नशामुक्ति का संकल्प दिलाया।
