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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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जी एम इंटर कॉलेज इचाक में नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ

जी एम इंटर कॉलेज इचाक में नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ ।

Hazaribagh: जी एम इंटर कॉलेज इचाक में नए सत्र 2026-28 के लिए ग्यारहवीं कक्षा में नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हो गई है।यह महाविद्यालय हजारीबाग जिले में विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने और उनके सर्वांगीण विकाश के लिए महत्वपूर्ण एवं प्रतिष्ठित संस्थान है।कॉलेज के प्राचार्य शंभू कुमार ने माध्यमिक ( मैट्रिक) परीक्षा में उत्तीर्ण विद्यार्थियों को बधाई दी और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए बताया कि हमारे संस्थान में आधुनिक स्मार्ट क्लासरूम, समृद्ध पुस्तकालय, प्रयोगशालाएँ, कंप्यूटर लैब तथा अनुभवी एवं योग्य शिक्षकों की टीम उपलब्ध है, जो छात्रों के शैक्षणिक एवं व्यक्तित्व विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।

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 प्राचार्य ने यह भी बताया कि आर्थिक रूप से कमजोर एवं मेधावी छात्रों के लिए छात्रवृत्ति (Scholarship) की विशेष व्यवस्था की गई है। आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े विद्यार्थियों को नामांकन में विशेष छूट प्रदान की जाती है साथ ही समय समय पर प्रतियोगिता परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए विद्यार्थियों को विशेषज्ञ टीम के द्वारा करियर काउंसलिंग कराई जाती है,जिसका परिणाम है कि इस संस्थान के बच्चे सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों में अपना भविष्य बना रहे हैं

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 🎓 कॉलेज की प्रमुख विशेषताएँ:

(1) कॉलेज में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान की जाती है।

(2) अनुभवी एवं योग्य शिक्षकों द्वारा पढ़ाई कराई जाती है।

(3) स्मार्ट क्लासरूम, कंप्यूटर लैब एवं आधुनिक प्रयोगशालाओं की सुविधा उपलब्ध है।

(4) समृद्ध पुस्तकालय में विभिन्न विषयों की पुस्तकें एवं डिजिटल सामग्री उपलब्ध है।

(4) खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सेमिनार जैसी गतिविधियों का आयोजन होता है।

(5) मेधावी एवं आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की सुविधा है।

(6) अनुशासित एवं सुरक्षित परिसर, जो अध्ययन के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है।

(7) करियर मार्गदर्शन एवं व्यक्तित्व विकास पर विशेष ध्यान दिया जाता है।

कॉलेज के प्राचार्य ने यह भी बताया कि संस्थान में छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए उत्कृष्ट शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराया गया है। उन्होंने सभी छात्रों से समय पर आवेदन करने की अपील की।

अधिक जानकारी के लिए छात्र कॉलेज की आधिकारिक वेबसाइट या कॉलेज कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।📌 

यह नामांकन प्रक्रिया छात्रों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। सभी इच्छुक छात्रों को समय सीमा के भीतर नामांकन लेने की अपील की।

🌩️ मौसम की चेतावनी । 🌩️ मौसम की चेतावनी येलो अलर्ट।

 🌩️ मौसम की चेतावनी येलो अलर्ट

हजारीबाग: आने वाले दिनों में राज्य के विभिन्न हिस्सों में गर्जन और वज्रपात के साथ तेज हवाओं का दौर जारी रहेगा

29 अप्रैल: पूर्वी और मध्य झारखण्ड (रांची, बोकारो, हजारीबाग आदि) में 50-60 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं और वज्रपात की संभावना। शेष भागों में 40-50 किमी/घंटा की हवाएं।

Dpro prastuti

30 अप्रैल: मध्य और पूर्वी भागों में ओलावृष्टि (Hailstorm) की भी संभावना है। तेज हवाएं (50-60 किमी/घंटा) जारी रहेंगी।

01 से 05 मई: राज्य के लगभग सभी हिस्सों में गर्जन के साथ तेज हवाएं (40-50 किमी/घंटा) और वज्रपात का सिलसिला बना रहेगा।

🌧️ वर्षा का पूर्वानुमान

29 अप्रैल से 01 मई: पूरे राज्य में आंशिक बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश या गर्जन के साथ छींटे पड़ सकते हैं।

02 और 03 मई: उत्तर-पश्चिमी भाग (पलामू प्रमंडल) को छोड़कर शेष राज्य में बारिश की संभावना है।

04 और 05 मई: राज्य के कुछ स्थानों पर हल्के से मध्यम दर्जे की बारिश जारी रहने का अनुमान है।

🌡️ तापमान में गिरावट

राज्यवासियों को गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। अगले 3 दिनों के दौरान अधिकतम तापमान में 2°C से 4°C की गिरावट दर्ज की जा सकती है, जिसके बाद अगले 2 दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।

📍 रांची और आसपास का हाल

रांची में 29 अप्रैल से 05 मई तक आसमान में बादल छाए रहेंगे और गर्जन के साथ बारिश होने की पूरी संभावना है।

अधिकतम तापमान: 39°C (आज) से गिरकर 35°C (03 मई) तक जाने का अनुमान है।

न्यूनतम तापमान: 23°C से 25°C के बीच रहेगा।

सावधानी: खराब मौसम और वज्रपात की स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर शरण लें और पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे खड़े न हों।

अन्नपूर्णा देवी ने विजय कुमार महतो को दारू प्रखंड का सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया

अन्नपूर्णा देवी ने विजय कुमार महतो को दारू प्रखंड का सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया

हजारीबाग/दारू:

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री सह कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी ने सांगठनिक विस्तार और क्षेत्र की समस्याओं के त्वरित निष्पादन के लिए दारू प्रखंड में अपना नया सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया है। आधिकारिक पत्र के माध्यम से  विजय कुमार महतो (पिता- प्रमेश्वर महतो, ग्राम+पोस्ट- पुनाई, थाना- दारू) को इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

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अधिकारियों को दी गई सूचना

सांसद अन्नपूर्णा देवी ने इस संबंध में उपायुक्त, हजारीबाग को पत्र प्रेषित कर सूचित किया है कि कोडरमा संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत हजारीबाग जिला के दारू प्रखंड के लिए विजय कुमार महतो को सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया जाता है। पत्र में आग्रह किया गया है कि इसकी सूचना सभी संबंधित विभागों को दी जाए ताकि प्रशासनिक समन्वय बेहतर हो सके।

स्थानीय विकास को मिलेगी गति

इस नियुक्ति पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने खुशी जाहिर की है। नवनियुक्त सांसद प्रतिनिधि विजय कुमार महतो अब प्रखंड क्षेत्र में सांसद की ओर से विभिन्न सरकारी योजनाओं की निगरानी करेंगे और जनसमस्याओं को सीधे सांसद कार्यालय तक पहुँचाने का कार्य करेंगे।

सांसद द्वारा जारी ज्ञापांक 505/को, दिनांक 24/04/2026 के अनुसार, इस नियुक्ति की प्रतिलिपि आवश्यक सूचना हेतु श्री विजय कुमार महतो को भी भेज दी गई है।

पुलिस अधीक्षक द्वारा सिविल कोर्ट का औचक निरीक्षण; सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिए कड़े निर्देश

पुलिस अधीक्षक द्वारा सिविल कोर्ट का औचक निरीक्षण; सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दिए कड़े निर्देश

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।

हजारीबाग:

सुरक्षा संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग द्वारा आज स्थानीय सिविल कोर्ट परिसर का औचक निरीक्षण किया गया। इस दौरान उन्होंने कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था का बारीकी से जायजा लिया और वहां तैनात पुलिस बल को अलर्ट रहने का निर्देश दिया।

Hazaribagh court parisar ka nirakshan karte jila prasaasan

सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक ने कोर्ट परिसर के प्रवेश और निकास द्वारों, चहारदीवारी और सीसीटीवी निगरानी तंत्र की स्थिति को देखा। सुरक्षा में तैनात पुलिस पदाधिकारियों और जवानों से संवाद करते हुए उन्होंने निम्नलिखित बिंदुओं पर जोर दिया:

सतर्कता: ड्यूटी पर तैनात सभी पुलिसकर्मी पूरी तरह मुस्तैद रहें और संदिग्ध गतिविधियों पर पैनी नजर रखें।

जांच प्रक्रिया: परिसर में आने-जाने वाले व्यक्तियों की सघन जांच सुनिश्चित की जाए ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो।

आपातकालीन तैयारी: किसी भी विषम परिस्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम (QRT) को हमेशा तैयार रहने का निर्देश दिया गया।

Suraksha Me chuk nahi

कार्यालय कार्यों का निरीक्षण

कोर्ट परिसर में स्थित विभिन्न पुलिस कार्यालयों के निरीक्षण के दौरान एसपी ने वहां पदस्थापित पदाधिकारियों और कर्मियों के साथ बैठक की। उन्होंने कार्यालयी कामकाज की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि:

दस्तावेजों का रखरखाव: सभी महत्वपूर्ण फाइलों और रिकॉर्ड्स को व्यवस्थित और अपडेट रखा जाए।

समयबद्धता: न्यायिक कार्यों से संबंधित प्रक्रियाओं को समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।

अनुशासन: कार्यालय में कार्य संस्कृति को बेहतर बनाने और अनुशासन बनाए रखने के लिए कड़े निर्देश दिए गए।

निष्कर्ष:

पुलिस अधीक्षक के इस औचक निरीक्षण से कोर्ट परिसर में तैनात कर्मियों के बीच हड़कंप की स्थिति रही, वहीं दूसरी ओर इसका उद्देश्य सुरक्षा व्यवस्था की खामियों को दूर करना और कार्यप्रणाली में पारदर्शिता लाना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

हजारीबाग: दहेज मुक्त झारखंड सेवा संघ ने समाज को दी नई दिशा, जागरूकता सह सम्मान समारोह में गूंजी कुप्रथा मिटाने की आवाज

 हजारीबाग: दहेज मुक्त झारखंड सेवा संघ ने समाज को दी नई दिशा, जागरूकता सह सम्मान समारोह में गूंजी कुप्रथा मिटाने की आवाज

पूर्व विधायक जयप्रकाश वर्मा और समाजसेवियों ने भरी हुंकार; बोले—दहेज समाज के लिए अभिशाप, शिक्षा और कानून का कड़ा पालन ही समाधान।

Naresh Soni editor in chief.

हजारीबाग। समाज में फैली दहेज की कुप्रथा को जड़ से समाप्त करने और लोगों को इस सामाजिक बुराई के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से 'दहेज मुक्त झारखंड सेवा संघ' द्वारा एक भव्य 'दहेज मुक्त जागरूकता सह सम्मान समारोह' का आयोजन किया गया।

Dahej mukt jharkhand 

हजारीबाग स्थित जन विकास केंद्र में आयोजित इस कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इस अवसर पर समाज सुधार की दिशा में कार्य करने वाले विभिन्न व्यक्तित्वों को मोमेंटो प्रदान कर सम्मानित भी किया गया।

दहेज मुक्त जागरूकता सह सम्मान समारोह

दहेज एक सामाजिक अभिशाप: जयप्रकाश वर्मा

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए गांडेय के पूर्व विधायक जयप्रकाश वर्मा ने दो टूक शब्दों में कहा कि दहेज प्रथा आधुनिक समाज के माथे पर एक कलंक है। यह न केवल परिवारों को आर्थिक रूप से तोड़ती है, बल्कि समाज को भीतर से खोखला कर रही है। उन्होंने युवाओं से आगे आकर बिना दहेज के विवाह का संकल्प लेने की अपील की।

बिना दहेज के विवाह का संकल्प

शिक्षा और कानून की भूमिका पर जोर

संस्था के संरक्षक प्रणव वर्मा ने शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जब तक समाज का हर व्यक्ति शिक्षित और जागरूक नहीं होगा, तब तक इस प्रथा को पूरी तरह खत्म करना कठिन है। वहीं, बरकट्ठा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी बटेश्वर मेहता ने सुझाव दिया कि इस अभियान को केवल शहरों तक सीमित न रखकर हर गांव और टोले तक पहुंचाना होगा। संस्था के संगठन मंत्री राजेश कुमार वर्मा ने मांग की कि सरकार को दहेज विरोधी कानूनों को और अधिक सख्ती से लागू करना चाहिए।

विवाह प्रमाण पत्र की अनिवार्यता पर सुझाव

संस्था के प्रदेश अध्यक्ष अमरदीप कुमार ने एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक बदलाव का सुझाव देते हुए कहा कि जिस प्रकार सरकार जाति और मृत्यु प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से बनाती है, ठीक उसी प्रकार शादी के समय विवाह प्रमाण पत्र (Marriage Certificate) को अनिवार्य और सुलभ बनाया जाना चाहिए, ताकि कानूनी प्रक्रिया पारदर्शी रहे।

संस्था की उपलब्धियां और संकल्प

सहरसा से आए राष्ट्रीय अध्यक्ष मोतीलाल एस. पंडित ने 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' के साथ 'दहेज हटाओ' का नारा बुलंद किया। संस्थापक जितेंद्र बी. यादव ने बताया कि इस अभियान की गूंज अब पूरे झारखंड में सुनाई दे रही है। राष्ट्रीय सचिव सुरेंद्र प्रसाद वर्मा ने गर्व के साथ साझा किया कि संस्था के प्रयासों से अब तक 250 से अधिक शादियाँ बिना दहेज के संपन्न कराई जा चुकी हैं। राष्ट्रीय कार्यकारिणी अध्यक्ष नरेश यादव ने कहा कि इस लड़ाई में पूरे समाज को एकजुट होकर आगे आना होगा।

Bhari Sankhya me Upasthit Janmanya Jan

विशिष्ट अतिथियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस कार्यक्रम में मुख्य रूप से कोडरमा जिला प्रभारी अशोक मेहता, नव झारखंड फाउंडेशन के किशोरी राणा, सुधीर कुमार, रामस्वरूप मिस्त्री, राधा देवी, राजेश कुमार कुशवाहा, सीताराम महतो, सूर्यभान मौर्य, और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। कार्यक्रम में सैकड़ों की संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया और समाज को दहेज मुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

हजारीबाग: दनुआ घाटी में सड़क हादसों पर लगाम की तैयारी, जिला प्रशासन और NHAI ने लिया बड़ा फैसला

Hazaribagh: दनुआ घाटी में सड़क हादसों पर लगाम की तैयारी, जिला प्रशासन और NHAI ने लिया बड़ा फैसला

जिला परिवहन पदाधिकारी और NHAI के अधिकारियों ने किया निरीक्षण, सुरक्षा के लिए दिए 8 अहम निर्देश।

हजारीबाग: जिले के चौपारण थाना अंतर्गत दनुआ घाटी, जो अपनी खतरनाक ढलानों और तीखे मोड़ों के लिए जानी जाती है, वहां बढ़ते सड़क हादसों को रोकने के लिए जिला प्रशासन अब सख्त कदम उठा रहा है। हाल के दिनों में इस क्षेत्र में हुई दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए हजारीबाग के जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) और NHAI (भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण) के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से दनुआ घाटी का विस्तृत निरीक्षण किया। इस दौरान सुरक्षा मानकों की कमियों को चिह्नित किया गया और मौके पर ही अधिकारियों को सुधार के कड़े निर्देश दिए गए।


Dhanuwa Ghati ka Jaija lete Hazaribagh Cuptaan,

ब्लैक स्पॉट की होगी जांच, अवैध कट पर लगेगा ताला

निरीक्षण के दौरान यह पाया गया कि घाटी क्षेत्र में कई स्थानों पर स्थानीय लोगों या व्यावसायिक प्रतिष्ठानों द्वारा अवैध रूप से 'कट' बना लिए गए हैं, जो तेज रफ्तार वाहनों के लिए बेहद खतरनाक साबित होते हैं। जिला प्रशासन ने इन सभी अवैध कट (Illegal Cuts) को तत्काल प्रभाव से बंद करने का आदेश दिया है। इसके साथ ही, दनुआ घाटी के उन क्षेत्रों को 'ब्लैक स्पॉट' के रूप में चिह्नित कर जांच करने को कहा गया है जहाँ बार-बार हादसे होते हैं।

Black Spot Chinhit

यातायात सुरक्षा के लिए अपनाई जाएगी 8-सूत्रीय रणनीति

सड़क सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए प्रशासन ने निम्नलिखित 8 बिंदुओं पर कार्ययोजना तैयार की है:

साइन बोर्ड और स्पीड लिमिट: घाटी के प्रवेश और निकास द्वारों पर एडवांस साइन बोर्ड लगाए जाएंगे। साथ ही, निर्धारित गति सीमा (Speed Limit) के बोर्ड स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किए जाएंगे ताकि चालक सतर्क रहें।

मैनपावर और इंफ्रास्ट्रक्चर: सभी वैध कटों पर 'लाइन मैन' की नियुक्ति की जाएगी ताकि यातायात व्यवस्थित रहे। 'बॉटल नेक' (संकरे रास्ते) वाली जगहों को दुरुस्त कर चौड़ा किया जाएगा और आवश्यकतानुसार वैज्ञानिक तरीके से स्पीड ब्रेकर बनाए जाएंगे।

आपातकालीन सेवा: NHAI के एम्बुलेंस ड्राइवरों को 24x7 अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए गए हैं ताकि 'गोल्डन ऑवर' में घायलों को मदद मिल सके।

प्रदूषण और सुरक्षा: निर्माण कार्य वाले क्षेत्रों में धूल कम करने के लिए दिन में कम से कम दो बार पानी का छिड़काव अनिवार्य कर दिया गया है।

निष्कर्ष

दनुआ घाटी में सुरक्षा के ये उपाय न केवल हादसों में कमी लाएंगे, बल्कि झारखंड-बिहार सीमा पर होने वाले सुगम यातायात को भी सुनिश्चित करेंगे। जिला प्रशासन की इस सक्रियता से स्थानीय लोगों और लंबी दूरी के चालकों ने राहत की सांस ली है।

हजारीबाग उपायुक्त का समाहरणालय में औचक निरीक्षण: कार्यालयों की कार्यप्रणाली परखी, अधिकारियों को समयबद्ध निष्पादन के दिए निर्देश

 हजारीबाग उपायुक्त का समाहरणालय में औचक निरीक्षण: कार्यालयों की कार्यप्रणाली परखी, अधिकारियों को समयबद्ध निष्पादन के दिए निर्देश

डीसी हेमंत सती ने फाइलों के रख-रखाव और जनहित के कार्यों की प्रगति का लिया जायजा; लापरवाह कार्यशैली पर सुधार के सख्त निर्देश।

हजारीबाग, झारखंड:

हजारीबाग के नवपदस्थापित उपायुक्त हेमंत सती ने आज जिला प्रशासन की कार्यशैली को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाने के उद्देश्य से समाहरणालय स्थित विभिन्न सरकारी कार्यालयों का व्यापक निरीक्षण किया। शनिवार, 25 अप्रैल 2026 को हुए इस औचक निरीक्षण से समाहरणालय परिसर में दिनभर हलचल मची रही। उपायुक्त ने एक-एक कर विभिन्न विभागों का जायजा लिया और अधिकारियों व कर्मचारियों की उपस्थिति के साथ-साथ फाइलों के निष्पादन की स्थिति को देखा।

Upaukt Hemant Sati 

कार्यप्रणाली की बारीकी से जांच

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त हेमंत सती ने कार्यालयों में संचालित दैनिक कार्यों की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने व्यक्तिगत रूप से कर्मियों से संवाद किया और उनके दायित्वों व कार्यप्रणाली के संबंध में पूछताछ की। उपायुक्त ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि सरकारी योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुँचने में किसी भी स्तर पर देरी नहीं होनी चाहिए।

Karyalayon ka nirakshan

अभिलेखों के संधारण पर जो

डीसी ने निरीक्षण के क्रम में कार्यालयों में संधारित किए जा रहे अभिलेखों (Records) और रजिस्टरों की जांच की। उन्होंने पाया कि कुछ स्थानों पर फाइलों के रख-रखाव में सुधार की आवश्यकता है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि:

सभी महत्वपूर्ण फाइलों और अभिलेखों का संधारण सुव्यवस्थित तरीके से किया जाए।

लंबित मामलों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित हो ताकि फरियादियों को बार-बार कार्यालय के चक्कर न लगाने पड़ें।

कार्यालय परिसर में स्वच्छता और अनुशासित कार्य संस्कृति को बढ़ावा दिया जाए।

पदाधिकारियों को सख्त निर्देश

उपायुक्त ने मौके पर उपस्थित संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि कार्य की प्रगति की नियमित समीक्षा की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्यों में शिथिलता बरतने वाले कर्मियों को बख्शा नहीं जाएगा। सती ने कहा कि "प्रशासन का मुख्य उद्देश्य जनता की सेवा करना है, और इसके लिए कार्यालयों का सुचारू रूप से चलना अनिवार्य है।"

इस निरीक्षण के दौरान उपायुक्त के साथ जिला स्तर के कई अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे। जिला प्रशासन के सूत्रों का कहना है कि आने वाले दिनों में उपायुक्त द्वारा प्रखंड स्तरीय कार्यालयों का भी इसी प्रकार निरीक्षण किया जा सकता है।

बोकारो जोन में अपराध और नशाखोरी पर पुलिस का कड़ा प्रहार: आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने जारी किए सख्त निर्देश, CCA और NSA के तहत होगी कार्रवाई

बोकारो जोन में अपराध और नशाखोरी पर पुलिस का कड़ा प्रहार: आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने जारी किए सख्त निर्देश, CCA और NSA के तहत होगी कार्रवाई

हजारीबाग में उत्तरी छोटा नागपुर प्रक्षेत्र के पुलिस कप्तानों के साथ हाई-प्रोफाइल बैठक; महिला सुरक्षा, साइबर क्राइम और अवैध खनन पर जीरो टॉलरेंस की नीति।

हजारीबाग, झारखंड: उत्तरी छोटा नागपुर प्रक्षेत्र, बोकारो के पुलिस महानिरीक्षक (IG) शैलेंद्र कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में शनिवार, 25 अप्रैल 2026 को हजारीबाग पुलिस अधीक्षक कार्यालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में बोकारो जोन के अंतर्गत आने वाले सभी जिलों के वरीय पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाना, लंबित कांडों का त्वरित निष्पादन और संगठित अपराध पर लगाम लगाना रहा।

इस महत्वपूर्ण बैठक में उत्तरी छोटा नागपुर क्षेत्र के पुलिस उप-महानिरीक्षक अंजनी कुमार झा, हजारीबाग एसपी अमन कुमार, धनबाद एसएसपी प्रभात कुमार, बोकारो एसपी नाथू सिंह मीणा, गिरिडीह एसपी डॉ. विमल कुमार, रामगढ़ एसपी मुकेश लुनायत, चतरा एसपी अनिमेष नैथानी, कोडरमा एसपी कुमार शिवाशीष समेत कई अन्य पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।

आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा

बैठक के मुख्य निर्णय और दिशा-निर्देश:

आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने अपराध नियंत्रण को लेकर 11 सूत्रीय कार्ययोजना पर जोर दिया, जिसके प्रमुख बिंदु निम्नलिखित हैं:

लंबित कांडों का निष्पादन: पिछले 6 महीनों में घटित सभी महत्वपूर्ण आपराधिक घटनाओं की समीक्षा की गई। आईजी ने निर्देश दिया कि इन सभी कांडों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।

Mahesputn Mudde

महिला सुरक्षा सर्वोपरि: महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों को लेकर पुलिस बेहद गंभीर है। बैठक में निर्देश दिया गया कि महिला अपराध से संबंधित जितने भी लंबित मामले हैं, उन्हें 60 दिनों के भीतर हर हाल में निष्पादित किया जाए।

नक्सल और वारंट की समीक्षा: जिले के लंबित नक्सल मामलों की समीक्षा कर उन्हें जल्द समाप्त करने और जमानती/गैर-जमानती वारंट, इश्तेहार एवं कुर्की-जब्ती की कार्रवाई में तेजी लाने का आदेश दिया गया।

नशाखोरी के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस': स्कूल-कॉलेजों के पास संचालित दुकानों में ड्रग्स की सघन छापेमारी के निर्देश दिए गए हैं। नशा बेचने वाले गिरोहों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध CCA (क्राइम कंट्रोल एक्ट) के तहत कार्रवाई की जाएगी।

सोशल मीडिया और अफवाहों पर नजर: सोशल मीडिया प्लेटफार्म्स की निगरानी के निर्देश दिए गए हैं। अफवाह फैलाने वाले तत्वों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

संगठित अपराध और अवैध खनन: संगठित अपराधियों, अवैध खनन माफियाओं और सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने वालों के खिलाफ पुलिस अब CCA और NSA (राष्ट्रीय सुरक्षा कानून) जैसे कड़े कानूनों का सहारा लेगी।

साइबर और एंटी-क्राइम चेकिंग: जिले में साइबर अपराध पर अंकुश लगाने और प्रतिदिन एंटी-क्राइम चेकिंग अभियान चलाने का निर्देश दिया गया ताकि अपराधियों में भय पैदा हो।

निष्कर्ष:

इस बैठक के माध्यम से पुलिस महानिरीक्षक ने स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराधियों और असामाजिक तत्वों के लिए पुलिस की कार्यप्रणाली अब अधिक सख्त और तकनीक आधारित होगी। सभी एसपी को अपने-अपने जिलों में इन निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

हज़ारीबाग में अवैध शराब माफियाओं पर पुलिस का बड़ा प्रहार: 53 ठिकानों पर छापेमारी, हज़ारों लीटर जावा महुआ नष्ट

हज़ारीबाग में अवैध शराब माफियाओं पर पुलिस का बड़ा प्रहार: 53 ठिकानों पर छापेमारी, हज़ारों लीटर जावा महुआ नष्ट

पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर 36 टीमों ने चलाया विशेष अभियान; 8435 लीटर अवैध सामग्री ज़ब्त, हज़ारीबाग पुलिस की आम जन से खास अपील।

हज़ारीबाग, झारखंड: झारखंड के हज़ारीबाग जिले में अवैध शराब के फलते-फूलते कारोबार पर लगाम कसने के लिए जिला पुलिस ने एक बड़ी और निर्णायक कार्रवाई की है। हज़ारीबाग पुलिस अधीक्षक (SP) के कड़े रुख के बाद, जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर विशेष छापामारी अभियान चलाया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र में अवैध रूप से निर्मित और बेची जा रही शराब के नेटवर्क को पूरी तरह ध्वस्त करना है।

Java Mahua Nast.

36 टीमों का गठन, 166 जांबाज पुलिसकर्मी शामिल

प्राप्त जानकारी के अनुसार, दिनांक 24 और 25 अप्रैल 2026 की मध्य रात्रि से शुरू हुए इस ऑपरेशन के लिए पुलिस प्रशासन ने पुख्ता रणनीति तैयार की थी। अभियान को सफल बनाने के लिए जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक (DSP) और पुलिस निरीक्षकों के नेतृत्व में 36 विशेष टीमों का गठन किया गया। इस महा-अभियान में कुल 166 पुलिस पदाधिकारियों एवं जवानों ने हिस्सा लिया, जिन्होंने जिले के दुर्गम और चिन्हित इलाकों में एक साथ दबिश दी।

Crime control 

भारी मात्रा में शराब और जावा महुआ बरामद

हज़ारीबाग पुलिस द्वारा दी गई आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, गठित टीमों ने जिले के कुल 53 संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। इस दौरान पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी:

कुल 8435 लीटर जावा महुआ (शराब बनाने की कच्ची सामग्री) को मौके पर ही नष्ट किया गया।

80 लीटर तैयार देशी शराब को विधिवत ज़ब्त किया गया है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस ने अलग-अलग थानों में 14 सन्हा (Sanha) और 01 प्राथमिकी (Case) दर्ज की है।

शराब माफियाओं में हड़कंप, पुलिस की चेतावनी

इस बड़ी कार्रवाई के बाद जिले के अवैध शराब संचालकों में हड़कंप मच गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से स्पष्ट संदेश दिया गया है कि समाज में जहर घोलने वाले इस अवैध कारोबार के खिलाफ आने वाले दिनों में भी इसी प्रकार की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस का उद्देश्य न केवल शराब को पकड़ना है, बल्कि इसके निर्माण स्थलों को पूरी तरह नेस्तनाबूद करना है।

जनता से सहयोग की अपील

हज़ारीबाग पुलिस ने इस अभियान की सफलता के साथ-साथ आम नागरिकों से भी सहयोग की अपील की है। पुलिस ने कहा है कि यदि आपके आसपास कहीं भी अवैध शराब का निर्माण या बिक्री हो रही है, तो उसकी सूचना तत्काल नजदीकी थाने को दें। सूचना देने वाले की पहचान गुप्त रखी जाएगी और त्वरित सत्यापन के बाद कड़ी कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

हजारीबाग के नवपदस्थापित उपायुक्त हेमंत सती ने प्रमंडलीय आयुक्त से की शिष्टाचार भेंट; जिले के विकास कार्यों पर लिया मार्गदर्शन

 हजारीबाग के नवपदस्थापित उपायुक्त हेमंत सती ने प्रमंडलीय आयुक्त से की शिष्टाचार भेंट; जिले के विकास कार्यों पर लिया मार्गदर्शन

पदभार ग्रहण करने के बाद पहली औपचारिक मुलाकात: आयुक्त मनोज कुमार ने दी शुभकामनाएं, जनहित के मुद्दों पर हुई विस्तृत चर्चा।

हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी डेस्क)।

हजारीबाग जिले के प्रशासनिक ढांचे में हालिया बदलाव के बाद विकास कार्यों को गति देने की कवायद शुरू हो गई है। इसी कड़ी में, जिले के नवपदस्थापित उपायुक्त (DC) हेमंत सती ने शुक्रवार, 24 अप्रैल 2026 को उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के आयुक्त मनोज कुमार से उनके आवास पर शिष्टाचार भेंट की। यह मुलाकात एक औपचारिक परिचय के साथ-साथ जिले की भविष्य की कार्ययोजनाओं को लेकर काफी महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

शिष्टाचार भेंट 

जनहित के मुद्दों पर हुआ मंथन

मुलाकात के दौरान उपायुक्त हेमंत सती ने प्रमंडलीय आयुक्त से जिले की वर्तमान स्थिति और जनहित से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के सफल क्रियान्वयन को लेकर मार्गदर्शन प्राप्त किया। चर्चा के केंद्र में हजारीबाग की प्रमुख समस्याएं, लंबित विकास परियोजनाएं और आम जनता तक सरकारी सुविधाओं की सुगम पहुंच सुनिश्चित करना रहा।

उपायुक्त ने अपनी प्राथमिकताएं स्पष्ट करते हुए बताया कि उनका मुख्य ध्यान पारदर्शी प्रशासन और जिले के समग्र विकास पर रहेगा। उन्होंने आयुक्त को आश्वस्त किया कि वे जिले की प्रशासनिक टीम के साथ तालमेल बिठाकर शासन की प्राथमिकताओं को धरातल पर उतारने का प्रयास करेंगे।

आयुक्त ने दी शुभकामनाएं

प्रमंडलीय आयुक्त मनोज कुमार ने नए उपायुक्त हेमंत सती का स्वागत किया और उन्हें हजारीबाग जिले जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्र की जिम्मेदारी संभालने के लिए शुभकामनाएं दीं। आयुक्त ने उम्मीद जताई कि हेमंत सती के नेतृत्व में जिला प्रशासन नई ऊर्जा के साथ काम करेगा और जनसमस्याओं के त्वरित निष्पादन में सफल होगा। उन्होंने प्रशासनिक समन्वय और अनुशासन बनाए रखने पर भी विशेष जोर दिया।

प्रशासनिक सक्रियता का संकेत

एक युवा और ऊर्जावान अधिकारी के रूप में हेमंत सती का आगमन हजारीबाग के लिए नई उम्मीदें लेकर आया है। पदभार संभालते ही प्रमंडलीय आयुक्त से मार्गदर्शन लेना यह दर्शाता है कि आने वाले दिनों में जिले में प्रशासनिक सक्रियता और कड़े फैसले देखने को मिल सकते हैं।

इस शिष्टाचार भेंट को लेकर जिले के प्रशासनिक गलियारों में भी चर्चा तेज है। जानकारों का मानना है कि नए उपायुक्त के अनुभव और आयुक्त के मार्गदर्शन का लाभ हजारीबाग की जनता को शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास के रूप में मिलेगा।

निष्कर्ष

हजारीबाग समाहरणालय और सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय द्वारा जारी इस विज्ञप्ति के अनुसार, जिला प्रशासन अब अपनी पूरी क्षमता के साथ जनसेवा में जुटने को तैयार है। आगामी दिनों में विभिन्न विभागों की समीक्षा बैठकें होने की संभावना है, जिससे जिले की प्रशासनिक कार्यप्रणाली में और अधिक स्पष्टता आएगी।

प्रस्तुति: सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, हजारीबाग।

रिपोर्ट: न्यूज़ प्रहरी डेस्क।

हजारीबाग: जब सिस्टम 'मर' जाए तो बस 'आह' निकलती है! 70 दिन तक बुजुर्ग पिता को भटकाया, सांसद की फटकार के बाद 3 घंटे में मिला मृत्यु प्रमाण पत्र

 हजारीबाग: जब सिस्टम 'मर' जाए तो बस 'आह' निकलती है! 70 दिन तक बुजुर्ग पिता को भटकाया, सांसद की फटकार के बाद 3 घंटे में मिला मृत्यु प्रमाण पत्र

डाड़ी प्रखंड कार्यालय की शर्मनाक कार्यशैली: 34 वर्षीय पुत्र को खोने वाले पिता की लाचारी पर भारी पड़ी अफसरशाही, सांसद मनीष जायसवाल ने दी 24 घंटे की चेतावनी।

हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी डेस्क)।

झारखंड की प्रशासनिक व्यवस्था आज किस कदर संवेदनहीन हो चुकी है, इसकी एक बानगी उत्तरी छोटानागपुर प्रमंडल के हजारीबाग जिले में देखने को मिली। जिस सिस्टम को जनता का 'सेवक' होना चाहिए था, वही सिस्टम एक शोकाकुल पिता के लिए प्रताड़ना का केंद्र बन गया। मामला डाड़ी प्रखंड कार्यालय का है, जहाँ एक बुजुर्ग पिता को अपने जवान बेटे के मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए करीब 70 दिनों तक दफ्तरों की खाक छाननी पड़ी।

रंजन चौधरी (सांसद मीडिया प्रतिनिधि, हजारीबाग)

घटना का हृदयविदारक पहलू

​गिद्दी-ए निवासी सियाराम सिंह ने बीते 16 फरवरी 2026 को एक सड़क दुर्घटना में अपने 34 वर्षीय पुत्र गौरव कुमार को खो दिया। जवान बेटे की अर्थी को कंधा देने वाले पिता के लिए सरकारी तंत्र संबल बनने के बजाय दीवार बन गया। सभी कानूनी और विभागीय प्रक्रियाएं पूरी होने के बावजूद, ब्लॉक के कर्मचारी उन्हें चक्कर कटवाते रहे। सवाल यह उठता है कि क्या सरकारी मशीनरी किसी 'सुविधा शुल्क' के इंतजार में थी या बुजुर्गों की बेबसी अफसरों के लिए महज एक फाइल थी?

Death certificate issued.

सांसद मनीष जायसवाल का कड़ा रुख और 3 घंटे का 'चमत्कार'

​जब यह मामला हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के संज्ञान में आया, तो वे स्वयं डाड़ी प्रखंड कार्यालय पहुँचे। वहां का नजारा भयावह था—कुर्सियां खाली थीं, सन्नाटा पसरा था और बीडीओ द्वारा जनप्रतिनिधि का फोन तक नहीं उठाया जा रहा था। सांसद ने इसे अफसरशाही की पराकाष्ठा बताते हुए प्रशासन को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया।

​आश्चर्य की बात यह है कि जो काम पिछले 70 दिनों से अटका हुआ था, वह सांसद की एक डांट के बाद महज 3 घंटे के भीतर पूरा हो गया और पीड़ित परिवार को व्हाट्सएप पर प्रमाण पत्र मिल गया।

व्यवस्था के 'आईसीयू' में होने का प्रमाण

​सांसद प्रतिनिधि रंजन चौधरी द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में झारखंड की वर्तमान शासन व्यवस्था पर कड़े सवाल उठाए गए हैं। यह घटना स्पष्ट करती है कि बिना किसी रसूख या जनप्रतिनिधि के हस्तक्षेप के, एक साधारण नागरिक के लिए अपना हक पाना भी दूभर है। क्या हर नागरिक को अपना हक पाने के लिए सांसद का दरवाजा खटखटाना पड़ेगा?

अधिकारी या लोक सेवक?

​सांसद मनीष जायसवाल ने स्पष्ट किया है कि वे इस निकम्मेपन के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे। जनता अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि उन दोषी बाबुओं और अधिकारियों पर कार्रवाई चाहती है जिन्होंने एक बुजुर्ग को अपमानित किया। इस घटना ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया है कि झारखंड के ब्लॉक कार्यालयों में 'रिश्वतखोरी और लेटलतीफी' एक स्थायी शिष्टाचार बन चुकी है।

संपादकीय टिप्पणी:

अगर एक मृत्यु प्रमाण पत्र के लिए भी किसी सांसद को धरने पर बैठने की चेतावनी देनी पड़े, तो यह मान लेना चाहिए कि सरकारी तंत्र पूरी तरह विफल हो चुका है। सरकार को चाहिए कि ऐसे लापरवाह कर्मचारियों को तत्काल बर्खास्त करे ताकि भविष्य में किसी 'सियाराम सिंह' को सिस्टम के आगे घुटने न टेकने पड़ें।

"कुर्सी का गुरूर नहीं, सेवा का संकल्प महान होना चाहिए, तुम्हारी कलम की स्याही में गरीब का सम्मान होना चाहिए।"


प्रस्तुति: रंजन चौधरी (सांसद मीडिया प्रतिनिधि, हजारीबाग)

रिपोर्ट: न्यूज़ प्रहरी प्रधान सम्पादक।

हजारीबाग: 13 माइल पुल के पास हाईवा जलाने वाले राहुल दुबे गैंग के 4 गुर्गे गिरफ्तार, हथियार और पर्चा बरामद

हजारीबाग: 13 माइल पुल के पास हाईवा जलाने वाले राहुल दुबे गैंग के 4 गुर्गे गिरफ्तार, हथियार और पर्चा बरामद 

बड़कागांव पुलिस और SIT की बड़ी कार्रवाई; कोल माइनिंग क्षेत्र में दहशत फैलाने की साजिश नाकाम, गिरफ्तार अपराधियों का रहा है पुराना आपराधिक इतिहास।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।

Hazaribagh: झारखंड के हजारीबाग जिले में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। बड़कागांव थाना क्षेत्र के अंतर्गत 13 माइल पुल के पास बीते 22 अप्रैल को एक हाईवा गाड़ी में पेट्रोल छिड़ककर आग लगाने की घटना का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर उद्भेदन कर दिया है। पुलिस ने इस कांड में संलिप्त कुख्यात राहुल दुबे गिरोह के चार सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है।

Sp Hazaribagh press conference karte.

SIT की त्वरित कार्रवाई

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SADAR) अमित आनंद और बड़कागांव एसडीपीओ पवन कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। 23 अप्रैल को गुप्त सूचना मिली कि चन्दौल हथिया पत्थर जंगल के पास कुछ अपराधी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए जुटे हैं। सूचना के आधार पर SIT ने घेराबंदी कर चारों संदिग्धों को खदेड़कर पकड़ लिया।

Press Release.

गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण

गिरफ्तार किए गए अपराधियों में मोहम्मद एजाज (21 वर्ष), मोहम्मद आफताब (22 वर्ष), मोहम्मद सलामत अंसारी (24 वर्ष) और तुसार सिन्हा (22 वर्ष) शामिल हैं। ये सभी अपराधी हजारीबाग जिले के बड़कागांव थाना अंतर्गत ग्राम पुन्दौल के रहने वाले हैं।

हथियार और अन्य सामान बरामद

पुलिस ने अपराधियों के पास से भारी मात्रा में अवैध हथियार और आपत्तिजनक सामान बरामद किया है, जिसका विवरण निम्नलिखित है:

  • ​7.65 MM देशी पिस्टल: 02
  • ​09 MM देशी पिस्टल: 01
  • ​जिंदा गोली: 11
  • ​हस्तलिखित पर्चा (राहुल दुबे गैंग): 09
  • ​एंड्रॉयड मोबाइल: 04

पूछताछ में हुए चौंकाने वाले खुलासे

पुलिस पूछताछ में अपराधियों ने स्वीकार किया कि वे लंबे समय से राहुल दुबे गैंग के लिए काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि 22 अप्रैल को राहुल दुबे के कहने पर ही उन्होंने एनटीपीसी कंपनी के कोल माइनिंग क्षेत्र में दहशत फैलाने के लिए हाईवा में आग लगाई थी। अपराधियों ने यह भी कबूल किया कि वे आज फिर से कोल एरिया में किसी अन्य हाईवा को निशाना बनाने की योजना बना रहे थे।

पुराना आपराधिक इतिहास

पुलिस के अनुसार, मोहम्मद सलामत और मोहम्मद एजाज का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। ये दोनों पहले भी उरीमारी थाना क्षेत्र में गाड़ी में आग लगाने के मामले में जेल जा चुके हैं। इनके विरुद्ध बड़कागांव और उरीमारी थाने में कई गंभीर मामले दर्ज हैं।

​इस छापामारी दल में थाना प्रभारी दीपक कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक राकेश खवास, अभिषेक कुमार और तकनीकी शाखा के पुलिसकर्मी शामिल थे। हजारीबाग पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से कोयलांचल क्षेत्र के व्यवसायियों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है।

भीषण गर्मी और "लू" का कहर: झारखंड सरकार ने जारी की नई हेल्थ गाइडलाइन, हजारीबाग प्रशासन ने आमजन से की सावधानी बरतने की अपील

भीषण गर्मी और "लू" का कहर: झारखंड सरकार ने जारी की नई हेल्थ गाइडलाइन, हजारीबाग प्रशासन ने आमजन से की सावधानी बरतने की अपील

दोपहर 12 से 3 बजे तक बाहर निकलने से बचें; स्कूलों के समय में हुआ बदलाव और स्वास्थ्य केंद्रों पर विशेष इंतजाम।

हजारीबाग:

झारखंड में पारा लगातार चढ़ने के साथ ही भीषण गर्मी और 'लू' (Heatstroke) का खतरा बढ़ गया है। जनहित को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग, झारखंड सरकार और हजारीबाग जिला प्रशासन (सूचना एवं जनसंपर्क विभाग) ने संयुक्त रूप से एक विस्तृत एडवाइजरी जारी की है। इस प्रेस विज्ञप्ति का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को लू के जानलेवा प्रभावों से बचाना और उन्हें प्राथमिक उपचार के प्रति जागरूक करना है।

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दोपहर में बाहर निकलने पर पाबंदी

प्रशासन ने स्पष्ट रूप से सलाह दी है कि तेज धूप से बचने के लिए दोपहर 12:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक घर से बाहर न निकलें। विशेष परिस्थितियों में यह समय सुबह 11:00 बजे से शाम 4:00 बजे तक भी बढ़ाया जा सकता है।

झारखंड सरकार के विशेष उपाय और स्कूलों में बदलाव

बढ़ती गर्मी को देखते हुए मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार स्कूली शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। छात्रों को दोपहर की तपिश से बचाने के लिए कक्षाओं को सुबह के सत्र में संचालित करने का आदेश दिया गया है। यह नई व्यवस्था 21 अप्रैल 2026 से प्रभावी कर दी गई है। इसके साथ ही:

चिकित्सीय तैयारी: सभी अस्पतालों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को निर्देशित किया गया है कि वे लू से निपटने के लिए पर्याप्त मात्रा में ORS, IV Fluids और आवश्यक दवाइयां स्टॉक में रखें।

हेल्पलाइन सुविधा: किसी भी स्वास्थ्य सहायता या लू के लक्षणों की जानकारी देने के लिए 104 हेल्पलाइन नंबर को 24/7 सक्रिय कर दिया गया है।

पेयजल उपलब्धता: जिला प्रशासन को सार्वजनिक स्थानों पर ठंडे पानी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।

क्या खाएं और कैसे रहें सुरक्षित?

स्वास्थ्य विभाग ने हाइड्रेशन (शरीर में पानी की मात्रा) बनाए रखने पर जोर दिया है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे प्यास न लगने पर भी पर्याप्त पानी पीते रहें। इसके अलावा नियमित रूप से नींबू-पानी, छाछ, नारियल पानी, आम का पन्ना और ओआरएस (ORS) का सेवन करें। भोजन में तरबूज, खरबूज, खीरा और ककड़ी जैसे मौसमी फलों को शामिल करें।

सावधानी के प्रमुख बिंदु:

पहनावा: हमेशा हल्के रंग के, ढीले और सूती कपड़े पहनें। बाहर निकलते समय धूप का चश्मा, टोपी या छाते का प्रयोग करें।

परहेज: भारी भोजन, अधिक प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ, शराब और कैफीन (चाय-कॉफी) से बचें, क्योंकि ये शरीर को डिहाइड्रेट करते हैं।

संवेदनशील वर्ग: बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार व्यक्तियों का विशेष ध्यान रखें। पालतू जानवरों को कभी भी बंद गाड़ी में अकेला न छोड़ें।

लू (Heatstroke) के लक्षण पहचानें

यदि आपको चक्कर आना, अत्यधिक कमजोरी, मतली (उल्टी जैसा महसूस होना) या तेज सिरदर्द हो, तो इसे हल्के में न लें। यह हीट एग्जॉशन या लू का संकेत हो सकता है। ऐसी स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।

हजारीबाग जिला प्रशासन ने आम जनता से आग्रह किया है कि सावधानी ही बचाव है। नेशनल प्रोग्राम ऑन क्लाइमेट चेंज एंड ह्यूमन हेल्थ (NPCCHH) के तहत जारी इन निर्देशों का पालन कर हम स्वयं और अपने परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।

प्रसारित: जिला प्रशासन (सूचना एवं जनसंपर्क विभाग), हजारीबाग।

हजारीबाग पुलिस पर बर्बरता का आरोप: दलित महिला और मासूम को 38 घंटे तक थाने में रखने पर भड़के सांसद मनीष जायसवाल

हजारीबाग पुलिस पर बर्बरता का आरोप: दलित महिला और मासूम को 38 घंटे तक थाने में रखने पर भड़के सांसद मनीष जायसवाल

नए एसपी के आगमन के बीच खाकी पर लगा दाग; सांसद ने डीआईजी से की दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग, दी उग्र आंदोलन की चेतावनी।

हजारीबाग: झारखंड के हजारीबाग जिले से खाकी को शर्मसार करने वाला एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है। मुफ्फसिल थाना पुलिस पर एक गरीब दलित महिला और उसके दो साल के मासूम बच्चे को 38 घंटे तक अवैध हिरासत में रखने और उनके साथ मारपीट व अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगा है। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब जिले में नए पुलिस कप्तान (SP) ने कार्यभार संभाला है।

एक गरीब दलित महिला और उसके दो साल के मासूम बच्चे को 38 घंटे तक अवैध हिरासत में रखने और उनके साथ मारपीट व अभद्र व्यवहार करने का आरोप
 

अवैध हिरासत और मारपीट का आरोप पीड़िता के अनुसार, मुफ्फसिल थाने के पुरुष पुलिसकर्मी बिना वर्दी के उसके घर पहुंचे थे। आरोप है कि नोटिस देने की प्रक्रिया के दौरान पुलिसकर्मियों ने न केवल गाली-गलौज की, बल्कि महिला के साथ मारपीट भी की। इसके बाद उसे उसके मासूम बच्चे के साथ करीब 38 घंटे तक थाने में रखा गया। पीड़िता ने पुलिसकर्मियों पर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने और अवैध वसूली का दबाव बनाने का भी संगीन आरोप लगाया है।

डीआईजी से मिले सांसद, कार्रवाई की मांग

 
सांसद मनीष जायसवाल ने संभाला मोर्चा संसद के विशेष सत्र से दिल्ली से लौटते ही स्थानीय सांसद मनीष जायसवाल ने इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। मंगलवार को उन्होंने अपने सेवा कार्यालय में पीड़िता और सिंघानी के ग्रामीणों से मुलाकात कर पूरी जानकारी ली। सांसद ने इस कृत्य को लोकतंत्र पर कलंक बताते हुए कहा, "वर्दी का दुरुपयोग कर एक बेकसूर महिला और मासूम बच्चे को प्रताड़ित करना मानवाधिकारों का खुला उल्लंघन है। इसे कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।"

डीआईजी से मिले सांसद, कार्रवाई की मांग न्याय की मांग को लेकर सांसद मनीष जायसवाल स्वयं पीड़िता को लेकर डीआईजी अंजनी झा के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने डीआईजी को पूरी घटना से अवगत कराते हुए दोषियों के खिलाफ तत्काल प्राथमिकी दर्ज करने और उन्हें निलंबित करने की मांग की।

सांसद ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में निष्पक्ष जांच नहीं हुई और दोषियों को सजा नहीं मिली, तो वे जनता के साथ मिलकर जिला प्रशासन के खिलाफ उग्र आंदोलन शुरू करेंगे। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीआईजी ने निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है। 

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हजारीबाग यूथ विंग के सेवा कार्यों के मुरीद हुए सांसद मनीष जायसवाल, प्रशस्ति पत्र देकर टीम को किया सम्मानित

हजारीबाग यूथ विंग के सेवा कार्यों के मुरीद हुए सांसद मनीष जायसवाल, प्रशस्ति पत्र देकर टीम को किया सम्मानित

326 यूनिट रक्तदान का बनाया रिकॉर्ड; सांसद ने हजारीबाग यूथ विंग को बताया जिले की सर्वश्रेष्ठ प्रेरणादायक संस्था।

हजारीबाग: सामाजिक सरोकारों और जनसेवा के क्षेत्र में मिसाल पेश कर रही संस्था 'हजारीबाग यूथ विंग' की उपलब्धियों को अब राजकीय स्तर पर पहचान मिल रही है। मंगलवार को सांसद सेवा कार्यालय परिसर में आयोजित एक भव्य सम्मान समारोह के दौरान स्थानीय सांसद मनीष जायसवाल ने संस्था के पदाधिकारियों और सदस्यों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।

सांसद मनीष जायसवाल ने संस्था के पदाधिकारियों और सदस्यों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया।
 

365 दिन सेवा करने वाली सर्वश्रेष्ठ संस्था समारोह को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने हजारीबाग यूथ विंग की कार्यशैली की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा, "हजारीबाग यूथ विंग केवल विशेष अवसरों पर ही नहीं, बल्कि वर्ष के 365 दिन समाज की सेवा में तत्पर रहती है। युवाओं का ऐसा समर्पण दुर्लभ है। यह संस्था हजारीबाग जिले की अब तक की सर्वश्रेष्ठ संस्था बनकर उभरी है।" उन्होंने युवाओं को समाज में सकारात्मक बदलाव का सबसे मजबूत स्तंभ बताया।

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रक्तदान शिविर की ऐतिहासिक सफलता यह सम्मान समारोह मुख्य रूप से 13 अप्रैल को आयोजित विशाल रक्तदान शिविर की सफलता के उपलक्ष्य में आयोजित था। इस शिविर में हजारीबाग यूथ विंग ने रिकॉर्ड 326 यूनिट रक्त संग्रह किया था, जो जिले के जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदान साबित हो रहा है। इस पुनीत कार्य में हजारीबाग पुलिस का भी विशेष सहयोग रहा था।

टीम वर्क और समर्पण की जीत संस्था के संरक्षक चंद्र प्रकाश जैन ने इस सम्मान को सदस्यों के निस्वार्थ भाव का परिणाम बताया। वहीं, अध्यक्ष करण जायसवाल ने कहा कि यह उपलब्धि प्रत्येक सदस्य के अनुशासन और टीम वर्क की जीत है। उन्होंने भविष्य में और भी बड़े स्तर पर जनहित के कार्यक्रम चलाने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम का सफल संचालन सचिव रितेश खण्डेलवाल ने किया।

भविष्य की योजनाओं पर चर्चा सम्मान समारोह के दौरान सांसद मनीष जायसवाल और विंग के सदस्यों के बीच आगामी सामाजिक परियोजनाओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्रदान किए गए प्रशस्ति पत्रों पर सांसद के साथ-साथ संरक्षक और अध्यक्ष के भी हस्ताक्षर थे, जो संस्था की एकता को दर्शाते हैं।


कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित:

समारोह में मुख्य रूप से उपाध्यक्ष विकास तिवारी, सह सचिव अभिषेक पांडे, कोषाध्यक्ष गुंजन मद्धेशिया, मार्गदर्शक संजय कुमार एवं विकास केशरी, कार्यकारिणी सदस्य मोहम्मद ताजुद्दीन, सत्यनारायण सिंह, प्रवेक जैन, प्रणीत जैन, रोहित बजाज, प्रमोद खण्डेलवाल, सेजल सिंह, खुशी कुमारी, प्रज्ञा कुमारी सहित रंजन चौधरी, प्रिंस कसेरा, अजीत चंद्रवंशी, सनी सलूजा और अन्य गणमान्य सदस्य उपस्थित थे।

हजारीबाग: 'मेहमान-ए-खुदा' की रवानगी पर उमड़ा जनसैलाब, एकता मंच ने फूल-मालाओं और दुआओं के साथ दी भावभीनी विदाई

हजारीबाग: 'मेहमान-ए-खुदा' की रवानगी पर उमड़ा जनसैलाब, एकता मंच ने फूल-मालाओं और दुआओं के साथ दी भावभीनी विदाई

लोहसिंघना मैदान में रूहानी माहौल: 50 हज यात्रियों के जत्थे को इत्र, तस्बीह और नाश्ते के साथ किया गया रुखसत, अमन-चैन की मांगी गई दुआ।

हजारीबाग:

झारखंड के हजारीबाग जिले में आज इंसानियत और मजहबी रवादारी की एक बेहद खूबसूरत तस्वीर पेश की गई। शहर के लोहसिंघना मैदान स्थित निदान नर्सिंग होम के समीप 'एकता मंच' और 'हजारीबाग सामाजिक कार्यकर्ता मंच' के तत्वावधान में करीब 50 हज यात्रियों के लिए एक भव्य विदाई समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान पूरा इलाका 'लब्बैक अल्लाहुम्मा लब्बैक' की गूंज और रूहानी दुआओं से सराबोर नजर आया।

फूल-मालाओं और इत्र से हुआ इस्तकबाल

फूल-मालाओं और इत्र से हुआ इस्तकबाल

हज यात्रा 2026 के इस मुकद्दस सफर पर जा रहे 'मेहमान-ए-खुदा' का स्वागत करने के लिए एकता मंच के पदाधिकारियों ने पलकें बिछा दीं। मंच के सदर तारिक आलम उर्फ मुफीज़ और सेक्रेटरी मशकूर अहमद (माको) की अगुवाई में सभी हाजियों को फूल-मालाएं पहनाई गईं। खिदमत की मिसाल पेश करते हुए यात्रियों को इत्र (खुशबू) लगाया गया और उन्हें सफर के लिए तस्बीह व हल्का नाश्ता भेंट किया गया।

उलमा-ए-किराम की मौजूदगी में हुई विशेष दुआ

कार्यक्रम में शहर के प्रतिष्ठित उलमा-ए-किराम, मस्जिदों के इमाम और हाफिज-ए-कुरआन ने शिरकत की। विदाई से पूर्व नात-ए-पाक और सलातो-सलाम का नजराना पेश किया गया, जिससे माहौल पूरी तरह इबादत के रंग में रंग गया। उलमाओं ने मुल्क में अमन, चैन, भाईचारे और यात्रियों की सलामती के लिए सामूहिक दुआ कराई। हाजियों से अपील की गई कि वे मक्का और मदीना की सरजमीं पर देश की खुशहाली के लिए विशेष प्रार्थना करें।

नम आंखों से कोलकाता के लिए हुए रवाना

दुआओं के दौर के बाद सभी 50 यात्रियों को बेहद अदब और एहतियात के साथ विशेष बस में बैठाया गया। जैसे ही बस कोलकाता के लिए रवाना हुई, वहां मौजूद परिजनों और शहरवासियों की आंखें नम हो गईं। यह विदाई केवल एक सफर की शुरुआत नहीं, बल्कि अकीदत और मोहब्बत का एक ऐसा संगम था जिसने हजारीबाग की गंगा-जमुनी तहजीब को और मजबूती दी।

इनकी रही मुख्य भूमिका

इस सफल आयोजन में एकता मंच के नायब सदर औसाफ खान (प्रिंस), इश्तियाक खान, कलाम खान (भुट्टू) और इरफान खान (छोटू) ने सक्रिय भूमिका निभाई। साथ ही काशिफ खान, गनी हैदर, तस्लीम खान, राजा खान, वासिफ खान, मोहम्मद सिद्दीक, कलीमुल्ला खान, हाजी शाहजहां, मोहम्मद तौफीक, वसीम आरिफ, नसीम आरिफ (सोनू), नसीमुल्लाह खान, जकी खान और मुजाहिद खान समेत सैकड़ों नौजवानों ने मुस्तैदी से अपनी सेवाएं दीं।

एकता मंच के इस प्रयास की पूरे शहर में सराहना हो रही है। लोगों का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से समाज में एकता और खिदमत-ए-खल्क (मानव सेवा) का संदेश दूर तक जाता है।

झारखंड में जनगणना 2027 का बिगुल: 16 मई से शुरू होगा मकान सूचीकरण का कार्य, जानें ऑनलाइन 'Self-Enumeration' की पूरी प्रक्रिया

झारखंड में जनगणना 2027 का बिगुल: 16 मई से शुरू होगा मकान सूचीकरण का कार्य, जानें ऑनलाइन 'Self-Enumeration' की पूरी प्रक्रिया

झारखंड सरकार ने जारी की अधिसूचना; डिजिटल माध्यम से खुद की गणना करने के लिए मिलेगा 15 दिनों का विशेष समय।

रांची, झारखंड: भारत की आगामी जनगणना 2027 को लेकर झारखंड सरकार के राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग ने महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी कर दी है। केंद्र सरकार के जनगणना नियम 1990 और जनगणना अधिनियम 1948 की शक्तियों का प्रयोग करते हुए, राज्य में मकान सूचीकरण (House Listing) और आवास गणना के कार्यों की समय-सीमा निर्धारित कर दी गई है।

Jaari Aadhikarik patra

झारखंड में कब से शुरू होगा काम?

आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, झारखंड राज्य में मकान सूचीकरण का कार्य 16 मई 2026 से शुरू होकर 14 जून 2026 तक चलेगा। इस एक महीने की अवधि के दौरान प्रगणक (Enumerators) घर-घर जाकर जानकारी एकत्रित करेंगे। यह प्रक्रिया जनगणना 2027 का आधार बनेगी, जिससे राज्य के विकास कार्यों और भविष्य की योजनाओं का खाका तैयार किया जाएगा।

'स्व-गणना' (Self-Enumeration) का मिला विकल्प

डिजिटल इंडिया की दिशा में एक बड़ा कदम बढ़ाते हुए, इस बार नागरिकों को 'स्व-गणना' का विकल्प भी दिया जा रहा है। यदि आप चाहते हैं कि आपको घर आए प्रगणकों को लंबी जानकारी न देनी पड़े, तो आप खुद ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपनी जानकारी दर्ज कर सकते हैं।

स्व-गणना की अवधि: 01 मई 2026 से 15 मई 2026 तक।

यह सुविधा घर-घर जाकर किए जाने वाले सर्वेक्षण से ठीक 15 दिन पहले उपलब्ध कराई जाएगी।

क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रक्रिया?

जनगणना केवल जनसंख्या की गिनती नहीं है, बल्कि यह देश के आर्थिक और सामाजिक ढांचे को समझने का सबसे बड़ा जरिया है। इसी डेटा के आधार पर निर्वाचन क्षेत्रों का परिसीमन, आरक्षण का निर्धारण और सरकारी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक पहुँचाया जाता है।

अधिकारियों की मुस्तैदी

इस अधिसूचना पर सरकार के संयुक्त सचिव, मंजू रानी स्वांसी के हस्ताक्षर हैं। इसकी प्रतियाँ मुख्य सचिव, विकास आयुक्त और सभी संबंधित विभागों को भेज दी गई हैं ताकि जमीनी स्तर पर जनगणना कर्मियों का प्रशिक्षण और संसाधनों की उपलब्धता समय पर सुनिश्चित की जा सके।

झारखंड के नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस राष्ट्रीय कार्य में अपना सहयोग प्रदान करें और सटीक जानकारी साझा करें।


हजारीबाग में मानवता की मिसाल: JPSC परीक्षार्थियों के लिए आधी रात को मसीहा बने सांसद प्रतिनिधि और डिप्टी मेयर

 हजारीबाग में मानवता की मिसाल: JPSC परीक्षार्थियों के लिए आधी रात को मसीहा बने सांसद प्रतिनिधि और डिप्टी मेयर

बोकारो से आए छात्रों को बस स्टैंड पर भटकता देख प्रशासन ने खोला आश्रय गृह, भीषण गर्मी में पंखों का भी किया इंतजाम।

JPSC परीक्षार्थियों की मदद के लिए आगे आए जनप्रतिनिधि

हजारीबाग: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) द्वारा आयोजित संयुक्त असैनिक सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2025 के दौरान शनिवार की रात हजारीबाग की सड़कों पर मानवता और तत्परता की एक प्रेरणादायक तस्वीर देखने को मिली। परीक्षा देने आए दूर-दराज के छात्रों की कठिनाइयों को देखते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने न केवल उनके ठहरने की व्यवस्था की, बल्कि भीषण गर्मी में उन्हें हर संभव सुविधा प्रदान की।

JPSC परीक्षार्थियों की मदद के लिए आगे आए जनप्रतिनिधि

बोकारो से आए छात्रों को बसस्टैंड पर भटक रहे थे बोकारो के परीक्षार्थी

प्राप्त जानकारी के अनुसार, झारखंड के बोकारो जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में परीक्षार्थी शनिवार रात हजारीबाग पहुंचे थे। बस स्टैंड के समीप रुकने की उचित जगह न होने और होटलों में भारी भीड़ के कारण कई परीक्षार्थी आश्रय के अभाव में इधर-उधर भटकने को मजबूर थे। आधी रात के समय परीक्षार्थियों को परेशान देख स्थानीय दुकानदार मुन्ना कुमार ने संवेदनशीलता दिखाते हुए इसकी सूचना तत्काल हजारीबाग लोकसभा सांसद मनीष जायसवाल के मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी को दी।

सांसद प्रतिनिधि और डिप्टी मेयर की त्वरित कार्रवाई

सांसद प्रतिनिधि और डिप्टी मेयर की त्वरित कार्रवाई

मामले की गंभीरता को समझते हुए रंजन चौधरी ने तुरंत नगर निगम के डिप्टी मेयर अविनाश कुमार यादव से संपर्क साधा। सूचना मिलते ही दोनों प्रतिनिधि रात में ही बस स्टैंड पहुंचे। परीक्षार्थियों की समस्या को देखते हुए तत्काल नगर निगम के आश्रय गृह (Shelter Home) को खुलवाया गया, ताकि परीक्षार्थियों को सुरक्षित और आरामदायक स्थान मिल सके।

भीषण गर्मी में की गई पंखों की वैकल्पिक व्यवस्था

रात में एक और चुनौती सामने आई जब तकनीकी खराबी के कारण आश्रय गृह के पंखे नहीं चल सके। वर्तमान में पड़ रही भीषण गर्मी को देखते हुए छात्रों का वहां रुकना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में रंजन चौधरी ने पैराडाइज रिसॉर्ट के संचालक सोनू कुमार से सहयोग मांगा। सोनू कुमार के सहयोग से तुरंत स्टैंड फैन और अन्य उपकरणों की व्यवस्था की गई, जिसके बाद परीक्षार्थियों ने राहत की सांस ली।

डिप्टी मेयर ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा

इस दौरान नगर निगम के डिप्टी मेयर अविनाश कुमार यादव ने स्वयं आश्रय गृह का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां मौजूद छात्रों से बातचीत की और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने आश्वासन दिया कि आश्रय गृह में जो भी तकनीकी कमियां हैं, उन्हें जल्द ही दूर किया जाएगा ताकि भविष्य में आने वाले यात्रियों और छात्रों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।

छात्रों ने जताया आभार

इस त्वरित सहायता से अभिभूत होकर बोकारो से आए परीक्षार्थियों ने रंजन चौधरी, अविनाश यादव और स्थानीय सहयोगियों का हृदय से आभार व्यक्त किया। छात्रों का कहना था कि अनजान शहर में इस तरह की मदद मिलना उनके मनोबल को बढ़ाने वाला है।

झारखंड में बड़ा एनकाउंटर: 15 लाख का इनामी नक्सली शहदेव महतो समेत 4 ढेर, हजारीबाग-चतरा बॉर्डर पर कोबरा का एक्शन

झारखंड में बड़ा एनकाउंटर: 15 लाख का इनामी नक्सली शहदेव महतो समेत 4 ढेर, हजारीबाग-चतरा बॉर्डर पर कोबरा का एक्शन

हजारीबाग अब हुआ 'नक्सल मुक्त'; मुठभेड़ स्थल से AK-47 और भारी मात्रा में हथियार बरामद, सर्च ऑपरेशन जारी।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।

रांची/चतरा: झारखंड में सुरक्षा बलों को नक्सलियों के खिलाफ एक ऐतिहासिक सफलता मिली है। चतरा और हजारीबाग जिले की सीमा पर सुरक्षा बलों और प्रतिबंधित संगठन के नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में चार कुख्यात नक्सली मारे गए हैं। इस कार्रवाई की सबसे बड़ी उपलब्धि 15 लाख रुपये के इनामी नक्सली शहदेव महतो का खात्मा है।

चतरा और हजारीबाग जिले की सीमा पर सुरक्षा बलों और प्रतिबंधित संगठन के नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में चार कुख्यात नक्सली मारे गए हैं।

इंटेलिजेंस इनपुट और कोबरा का जॉइंट ऑपरेशन

पुलिस सूत्रों के अनुसार, हजारीबाग पुलिस को नक्सलियों के मूवमेंट की सटीक खुफिया जानकारी मिली थी। इसके तुरंत बाद चतरा पुलिस और कोबरा (COBRA) कमांडो की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया। बताया जा रहा है कि शहदेव महतो अपने दस्ते के साथ हजारीबाग के केराडरी जंगल क्षेत्र से गुजर रहा था। जैसे ही वे चतरा जिले की सीमा में दाखिल हुए, पहले से तैनात जवानों ने उन्हें घेर लिया।

जंगल में गूँजी गोलियां, इनामी नक्सली ढेर

जंगल में आमना-सामना होते ही नक्सलियों ने फायरिंग शुरू कर दी, जिसके जवाब में सुरक्षा बलों ने भी मोर्चा संभाला। काफी देर तक चली इस तीव्र मुठभेड़ में चार नक्सली मौके पर ही ढेर हो गए। मारे गए नक्सलियों में:

शहदेव महतो: 15 लाख का इनामी कमांडर।

नताशा: महिला नक्सली।

बुद्धदेव: सक्रिय सदस्य।

चौथे नक्सली की शिनाख्त की प्रक्रिया फिलहाल जारी है।

मुठभेड़ स्थल से पुलिस ने दो एके-47 राइफल समेत कुल चार आधुनिक हथियार और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया है।

हजारीबाग के लिए ऐतिहासिक दिन: जिला अब 'नक्सल मुक्त'

इस सफल अभियान के साथ ही हजारीबाग जिले के लिए एक नया अध्याय शुरू हुआ है। पुलिस मुख्यालय के सूत्रों का दावा है कि हजारीबाग और चतरा के सीमावर्ती इलाकों में शहदेव महतो का दस्ता ही अंतिम सक्रिय समूह था। इस दस्ते के सफाए के साथ ही अब हजारीबाग जिले को पूरी तरह नक्सल मुक्त माना जा सकता है। यह झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के लिए रणनीतिक रूप से बहुत बड़ी जीत है।

इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी

मुठभेड़ के बाद पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों को मौके पर भेजा गया है। पूरे केराडरी और चतरा बॉर्डर के जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि दस्ते का कोई अन्य सदस्य छिपा न हो। पुलिस महानिदेशक (DGP) कार्यालय इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है और जल्द ही आधिकारिक प्रेस वार्ता कर विस्तृत जानकारी साझा की जा सकती है।

झारखंड में फिर गूँजा 'बाहरी भाषा नाय चलतो': JLKM ने फूंका CM हेमंत सोरेन का पुतला, J-TET नियमावली पर आर-पार की जंग

झारखंड में फिर गूँजा 'बाहरी भाषा नाय चलतो': JLKM ने फूंका CM हेमंत सोरेन का पुतला, J-TET नियमावली पर आर-पार की जंग

टाइगर जयराम महतो की पार्टी का सरकार पर बड़ा हमला; कहा- 10 साल से परीक्षा नहीं और अब भाषा विवाद से युवाओं को ठग रही सरकार।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक न्यूज़ प्रहरी।

रांची/झारखंड: झारखंड की राजनीति में एक बार फिर 'भाषा' और 'स्थानीयता' का जिन्न बाहर निकल आया है। डूमरी विधायक टाइगर जयराम कुमार महतो के नेतृत्व वाली पार्टी झारखंड लोकतांत्रिक क्रांतिकारी मोर्चा (JLKM) ने राज्य सरकार की नई J-TET (झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा) नियमावली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।

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सड़कों पर उतरा आक्रोश: मुख्यमंत्री का पुतला दहन

झारखंड के विभिन्न हिस्सों में JLKM कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का पुतला दहन कर अपना विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि सरकार झारखंडी युवाओं के साथ वादाखिलाफी कर रही है। 'बाहरी भाषा नाय चलतो' के नारों से पूरा माहौल गरमा गया। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि क्षेत्रीय भाषाओं की अनदेखी और बाहरी भाषाओं को प्राथमिकता देना स्थानीय युवाओं के अधिकारों पर सीधा हमला है।

10 साल से परीक्षा नहीं और अब भाषा विवाद से युवाओं को ठग रही सरकार।

10 साल का इंतजार और 'ठगी' का आरोप

JLKM के प्रवक्ताओं और कार्यकर्ताओं ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि झारखंड में पिछले 10 वर्षों से J-TET की परीक्षा आयोजित नहीं की गई है। हजारों युवा शिक्षक बनने की योग्यता रखते हुए भी उम्र सीमा पार कर रहे हैं। सरकार से उम्मीद थी कि वह जल्द से जल्द बहाली प्रक्रिया शुरू करेगी, लेकिन इसके उलट नियमावली में भाषा विवाद पैदा कर प्रक्रिया को और पेचीदा बना दिया गया है।

पार्टी कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि, "यह सरकार युवाओं को रोजगार देने के बजाय उन्हें नए-नए विवादों में उलझाकर ठगने का काम कर रही है। भाषा का विवाद खड़ा करना केवल परीक्षा को टालने और बाहरी लोगों को रास्ता देने की एक साजिश है।"

आर-पार की लड़ाई का ऐलान

टाइगर जयराम महतो की पार्टी ने साफ कर दिया है कि यह लड़ाई अब थमने वाली नहीं है। युवाओं के भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। JLKM ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर J-TET नियमावली में संशोधन कर स्थानीय और क्षेत्रीय भाषाओं को उनका उचित हक नहीं दिया गया, तो आने वाले दिनों में यह आंदोलन और भी उग्र होगा।

युवाओं में भारी निराशा

झारखंडी युवा लंबे समय से रिक्त पदों पर बहाली का इंतजार कर रहे हैं। शिक्षा विभाग में हजारों पद खाली हैं, लेकिन नियमावली की खामियों और कानूनी अड़चनों के कारण नियुक्तियां रुकी हुई हैं। युवाओं का कहना है कि सरकार संवेदनहीन बनी हुई है और उनकी जायज मांगों को अनसुना किया जा रहा है।

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