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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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शिक्षा के गिरते स्तर पर उपायुक्त की भृकुटी तनी, हजारीबाग को शैक्षणिक मानचित्र पर अग्रणी बनाने हेतु अधिकारियों को अल्टीमेटम

शिक्षा के गिरते स्तर पर उपायुक्त की भृकुटी तनी, हजारीबाग को शैक्षणिक मानचित्र पर अग्रणी बनाने हेतु अधिकारियों को अल्टीमेटम


हजारीबाग समाहरणालय सभाकक्ष में गुरुवार को आयोजित समीक्षा बैठक में उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह का कड़ा और सख्त तेवर देखने को मिला। जिले की शैक्षणिक व्यवस्था को नई ऊर्जा देने और व्यवस्थागत खामियों को जड़ से मिटाने के उद्देश्य से आहूत इस बैठक में उपायुक्त ने दोटूक शब्दों में स्पष्ट कर दिया कि शिक्षा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी। उन्होंने जिले के सभी वरीय पदाधिकारियों और शिक्षा विभाग के तंत्र को निर्देशित किया कि सरकारी विद्यालयों में पठन-पाठन का स्तर ऐसा हो कि हजारीबाग पूरे राज्य के लिए एक प्रतिमान स्थापित कर सके। केवल कागजी घोड़े दौड़ाने के बजाय धरातल पर सुधार लाने के लिए उन्होंने शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यालयों में बुनियादी ढाँचे को सुदृढ़ करने पर विशेष बल दिया।

​बैठक के दौरान नियुक्ति प्रक्रिया, पाठ्य-पुस्तक वितरण और मध्याह्न भोजन जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की बारीकी से पड़ताल की गई। उपायुक्त ने शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु बायोमेट्रिक अपडेट और जय गुरुजी ऐप की नियमित निगरानी के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी कि निपुण भारत अभियान जैसे महत्वपूर्ण प्रकल्पों में लापरवाही बरतने वाले कर्मियों के विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। विद्यालयों में पेयजल की उपलब्धता, जर्जर कमरों की मरम्मत और पीएम स्कूलों की गुणवत्ता को लेकर उन्होंने अधिकारियों को क्षेत्र भ्रमण की आवृत्ति बढ़ाने का निर्देश दिया ताकि समस्याओं का त्वरित निराकरण हो सके।

​विद्यार्थियों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए उन्होंने पीवीटीजी क्षेत्रों के विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में विशेष स्वास्थ्य निगरानी रखने तथा आईएफए टैबलेट का शत-प्रतिशत वितरण सुनिश्चित करने को कहा। डीएमएफटी मद से होने वाले आधारभूत कार्यों में समन्वय की कमी पर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने विकास कार्यों में गति लाने की बात कही। बैठक में उपविकास आयुक्त रिया सिंह समेत जिले के तमाम आला अधिकारी उपस्थित रहे, जिन्हें उपायुक्त ने सामूहिक उत्तरदायित्व के साथ शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने का संकल्प दिलाया। प्रशासन के इस रुख से स्पष्ट है कि अब जिले की शिक्षा व्यवस्था में आमूल-चूल परिवर्तन की पटकथा लिखी जा चुकी है।

ड्रोन की पैनी नजर और पुलिस का प्रहार- चौपारण के दुर्गम जंगलों में 10 एकड़ अफीम की खेती जमींदोज

ड्रोन की पैनी नजर और पुलिस का प्रहार- चौपारण के दुर्गम जंगलों में 10 एकड़ अफीम की खेती जमींदोज

हजारीबाग। मादक पदार्थों के काले साम्राज्य के विरुद्ध हजारीबाग पुलिस ने एक बार फिर अपनी संकल्पबद्धता दोहराते हुए चौपारण के दुर्गम इलाकों में बड़े पैमाने पर सर्जिकल स्ट्राइक की है। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वन विभाग और चौपारण पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर मुर्तिया ग्राम के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध रूप से लहलहा रही लगभग 10 एकड़ अफीम की फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया। इस विशेष कार्रवाई की सबसे अहम कड़ी आधुनिक तकनीक का उपयोग रहा जहाँ ड्रोन कैमरों के जरिए उन दुर्गम और पहाड़ी रास्तों को चिन्हित किया गया जहाँ तस्करों ने कानून की नजरों से बचकर जहर की खेती बोई थी।






बरही एसडीपीओ अजीत कुमार बिमल के नेतृत्व में चली इस दबिश ने तस्करों के मंसूबों को मिट्टी में मिला दिया है। पुलिस की भारी मौजूदगी के बीच अफीम के पौधों को मौके पर ही रौंद दिया गया और खेती के लिए इस्तेमाल किए जा रहे चार डिलीवरी पाइपों को भी बरामद कर नष्ट कर दिया गया। इस संयुक्त छापेमारी दल में पुलिस निरीक्षक चंद्रशेखर, थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी सहित कई सब-इंस्पेक्टर और वनपाल कुलदीप कुमार ने दुर्गम पहाड़ियों पर मोर्चा संभाला।


प्रशासन अब उन सफेदपोश चेहरों और भू-स्वामियों के सत्यापन में जुट गया है जिनके संरक्षण में वन भूमि पर नशे का यह कारोबार फल-फूल रहा था। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने दोहराया है कि ड्रोन की निगरानी और पुलिस का यह प्रहार आगे भी निरंतर जारी रहेगा ताकि हजारीबाग की पावन धरती को मादक पदार्थों के इस अभिशाप से मुक्त रखा जा सके।

हजारीबाग ने साधा स्वस्थ समाज का लक्ष्य: टीबी मुक्त भारत अभियान में तेजी और स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान के माध्यम से मिटेगा बीमारी का दंश

हजारीबाग ने साधा स्वस्थ समाज का लक्ष्य,


टीबी मुक्त भारत अभियान में तेजी और स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान के माध्यम से मिटेगा बीमारी का दंश

हजारीबाग: जिले को रोगों के अभिशाप से मुक्त कर एक स्वस्थ और सशक्त समाज के निर्माण की दिशा में जिला प्रशासन ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के मार्गदर्शन में समाहरणालय सभागार में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक के दौरान उपविकास आयुक्त श्रीमती रिया सिंह ने जिला टीबी फोरम की गतिविधियों की व्यापक समीक्षा की। इस विमर्श का मुख्य केंद्र वर्ष 2026 तक 'टीबी मुक्त भारत' के संकल्प को जिले में शत-प्रतिशत धरातल पर उतारना रहा। बैठक में जिला यक्ष्मा पदाधिकारी डॉ. आर.के. जायसवाल ने वर्ष 2025 के दौरान यक्ष्मा उन्मूलन की दिशा में हुई प्रगति का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया, जिस पर उपविकास आयुक्त ने संतोष व्यक्त करते हुए आगामी रणनीतियों को और अधिक प्रभावी बनाने का निर्देश दिया।

स्वास्थ्य सेवाओं के इसी सुदृढ़ीकरण की कड़ी में प्रशासन ने 'स्पर्श कुष्ठ जागरूकता अभियान 2026' की घोषणा की है, जो राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की पुण्यतिथि 30 जनवरी से प्रारंभ होकर 13 फरवरी तक जिले के प्रत्येक ग्राम में संचालित होगा। इसके पश्चात 9 मार्च से 23 मार्च 2026 तक द्वितीय चक्र के तहत सघन 'कुष्ठ रोगी खोज अभियान' चलाया जाएगा। इस अभियान की विशेषता यह है कि स्वास्थ्य कर्मी उन सुदूर गांवों में भी घर-घर जाकर सर्वेक्षण करेंगे जहाँ पिछले सात वर्षों से कोई कुष्ठ रोगी चिन्हित नहीं हुआ है। उपविकास आयुक्त ने स्पष्ट संदेश दिया कि कुष्ठ रोग कोई छुआछूत की व्याधि नहीं है, बल्कि नियमित चिकित्सकीय परामर्श और निःशुल्क सरकारी दवाओं के सेवन से यह पूर्णतः साध्य है।

रोग उन्मूलन के इस महाभियान में जनभागीदारी को अनिवार्य बताते हुए जिला प्रशासन ने ग्राम गोष्ठियों, विद्यालयों और आंगनबाड़ियों के माध्यम से शपथ ग्रहण एवं जागरूकता कार्यक्रमों की रूपरेखा तैयार की है। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य न केवल रोगियों की शीघ्र पहचान कर उन्हें उपचार उपलब्ध कराना है, बल्कि समाज में कुष्ठ रोगियों के प्रति व्याप्त भेदभाव और भ्रांतियों को जड़ से समाप्त करना भी है। सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क जांच और औषधि की उपलब्धता सुनिश्चित कर दी गई है, ताकि जिले का कोई भी नागरिक उचित उपचार से वंचित न रहे और हजारीबाग स्वास्थ्य के मानचित्र पर एक आदर्श जिले के रूप में उभर सके।


शहीद शेख भिखारी की प्रपोती ने वीर शहीदों की धरती से झारखण्डवासियों को किया भावुक आह्वान

शहीद शेख भिखारी की प्रपोती ने वीर शहीदों की धरती से झारखण्ड - वासियों को किया भावुक आह्वान

हजारीबाग: भारत की आज़ादी के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद शेख भिखारी एवं शहीद उमराव सिंह टिकैत के शहादत दिवस के पावन अवसर पर 8 जनवरी को चूटूपालू में भव्य श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर शहीद शेख भिखारी की प्रपौती शेख इम्तेशाम अली ने समस्त झारखण्ड-


वासियों से भावपूर्ण अपील करते हुए कार्यक्रम में सहभागी बनने का आह्वान किया है।

शेख इम्तेशाम अली ने कहा कि शहीद शेख भिखारी और शहीद उमराव सिंह टिकैत केवल इतिहास के पन्नों में दर्ज नाम नहीं, बल्कि संघर्ष, साहस और स्वाभिमान की जीवंत मिसाल हैं। उनका बलिदान आज भी हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और देश व समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि यह शहादत दिवस समारोह नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने झारखण्ड के युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में चूटूपालू पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करें और उनके सपनों के भारत के निर्माण का संकल्प लें।

हजारीबाग के पूर्व डीडीसी इश्तियाक अहमद के अचानक तबादले से जिले में मायूसी।


 हजारीबाग के पूर्व डीडीसी इश्तियाक अहमद के अचानक तबादले से जिले में मायूसी।


हजारीबाग:  जिले के डिप्टी डेवलपमेंट कमिश्नर (डीडीसी) इश्तियाक अहमद के अचानक तबादले की खबर से पूरे जिले में निराशा और चिंता का माहौल है। सामाजिक, प्रशासनिक और आम नागरिकों के बीच यह चर्चा आम है कि एक सक्रिय, गंभीर और विकासोन्मुख अधिकारी का तबादला ऐसे समय में किया गया है, जब उनके नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण योजनाएं सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही थीं।

जिले के वरिष्ठ लोगों ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही इश्तियाक अहमद ने हजारीबाग में बतौर डीडीसी केवल एक वर्ष दो माह की अवधि तक सेवा दी, लेकिन इस अल्पकाल में उन्होंने जिले के लिए जो ठोस और प्रभावी कार्य किए, वे लंबे समय तक याद रखे जाएंगे।

उन्होंने कहा कि इश्तियाक अहमद ने जिले के सभी प्रखंडों को समान महत्व दिया, नियमित दौरे कर जमीनी हकीकत को समझा और सरकारी विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में विशेष गंभीरता दिखाई। उनके नेतृत्व में कई योजनाओं को गति मिली और प्रशासन के प्रति आम जनता का भरोसा मजबूत हुआ।

उल्लेखनीय है कि इश्तियाक अहमद के कार्यकाल के दौरान उन्हें जिले के दो उपायुक्तों का पूरा मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त रहा। पूर्व उपायुक्त श्रीमती नैन्सी सहाय और वर्तमान उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह ने उनकी कार्यशैली और कार्यक्षमता की सराहना करते हुए हर स्तर पर सकारात्मक सहयोग दिया, जिसके परिणामस्वरूप जिले में कई विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी रूप से पूरी हुईं या सफलतापूर्वक संचालित होती रहीं। इश्तियाक अहमद की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि वे केवल कार्यालयी कार्यों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि ग्रामीण, पिछड़े और दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंचकर आम लोगों की समस्याओं को समझा और उनके समाधान के लिए व्यावहारिक कदम उठाए। यही कारण है कि उनके तबादले से जिले के विभिन्न वर्गों में गहरी निराशा देखी जा रही है।


जनता और सामाजिक संगठनों का कहना है कि तबादला भले ही एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया हो, लेकिन इश्तियाक अहमद जैसे मेहनती और जनहितैषी अधिकारी की सेवाएं हजारीबाग के लिए अत्यंत लाभकारी रहीं। लोगों को उम्मीद है कि सरकार आगे भी उनकी क्षमताओं का भरपूर उपयोग करेगी और हजारीबाग में प्रारंभ किए गए विकास कार्यों की निरंतरता बनी रहेगी।


वहीं, डीडीसी इश्तियाक अहमद ने कहा कि फिलहाल वे रांची में अपनी सेवाएं देंगे और हजारीबाग जिले में उन्हें जो अपार स्नेह और सहयोग मिला है, उसे वे कभी नहीं भूल पाएंगे।

भारी ठंड एवं शीतलहरी के मद्देनज़र हजारीबाग जिले के सभी विद्यालयों में कक्षाएं स्थगित


भारी ठंड एवं शीतलहरी के मद्देनज़र हजारीबाग जिले के सभी विद्यालयों में कक्षाएं स्थगित


हजारीबाग: भारत मौसम विज्ञान विभाग, भारत मौसम विज्ञान केन्द्र, झारखण्ड (राँची) द्वारा जारी विशेष बुलेटिन के अनुसार राज्य में भारी ठंड एवं शीतलहरी की चेतावनी दी गई है। उक्त चेतावनी के तहत हजारीबाग जिले को येलो जोन की श्रेणी में चिन्हित करते हुए अत्यधिक ठंड एवं शीतलहरी की संभावना व्यक्त की गई है।

मौसम की इस प्रतिकूल स्थिति को देखते हुए तथा विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के मद्देनज़र आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा-34 के अंतर्गत हजारीबाग जिला अंतर्गत संचालित सभी सरकारी, गैर-सरकारी एवं निजी विद्यालयों में कक्षा KG से 12वीं तक की पठन-पाठन गतिविधियां दिनांक 05 जनवरी 2026 से 06 जनवरी 2026 तक स्थगित रखने का आदेश दिया गया है।

विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि वे इस आदेश का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।

हालांकि, यदि उक्त अवधि में किसी विद्यालय में कक्षा 10वीं अथवा 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षा पूर्व से निर्धारित है, तो ऐसी स्थिति में परीक्षा का संचालन पूर्वाह्न 10:00 बजे के बाद ही किया जाएगा।

जिला प्रशासन द्वारा अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन एवं आमजन से अपील की गई है कि बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सतर्कता बरतें एवं प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

विधायक प्रदीप प्रसाद ने झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र को जनभावनाओं की अभिव्यक्ति का मंच बना दिया।

​विधायक प्रदीप प्रसाद ने झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र को जनभावनाओं की अभिव्यक्ति का मंच बना दिया।

हजारीबाग : उन्होंने केवल हजारीबाग ही नहीं, बल्कि संपूर्ण राज्य की व्यवस्थागत खामियों को अत्यंत प्रखरता और तथ्यात्मक मजबूती के साथ सदन के पटल पर रखा। उनकी सक्रियता ने यह स्पष्ट कर दिया कि जनहित के मुद्दों पर वे किसी भी प्रकार के समझौते के पक्ष में नहीं हैं।

​राज्य की प्रशासनिक पारदर्शिता पर प्रहार करते हुए विधायक ने सूचना आयोग की शिथिलता और नियुक्तियों में हो रही देरी को एक गंभीर लोकतांत्रिक संकट बताया। इसी कड़ी में, उन्होंने पुलिस आधुनिकीकरण की कछुआ चाल पर भी सरकार को घेरा, जहां थानों में बुनियादी सुरक्षा तकनीक और सीसीटीवी की कमी कानून-व्यवस्था की संवेदनशीलता पर प्रश्नचिह्न लगाती है।

​विकास और पर्यावरण के बीच के असंतुलन को उजागर करते हुए उन्होंने एनटीपीसी कोल साइडिंग से होने वाले प्रदूषण का मुद्दा उठाया। यह केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि बिरहोर जनजाति के अस्तित्व और उनके स्वास्थ्य से जुड़ा मानवीय संकट है, जिसे विधायक ने पूरी संवेदनशीलता के साथ सदन में रखा। स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, विशेषकर अस्पतालों में स्टाफ की कमी और आउटसोर्सिंग के नाम पर हो रही अनियमितताओं को लेकर उन्होंने सरकार से दो-टूक जवाब मांगा।

​हजारीबाग की बुनियादी ढांचागत समस्याओं पर उन्होंने निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। विशेषकर एलएंडटी जैसी बड़ी कंपनियों द्वारा पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कों को जर्जर छोड़ने की लापरवाही पर उन्होंने कड़ा रुख अख्तियार किया। मरहेता-पौंता और केसुरा मोड़ जैसी सड़कों की बदहाली जनता के दैनिक जीवन का अभिशाप बन चुकी है, जिसे दूर करना विधायक ने अपनी प्राथमिकता बताया।

​कृषि प्रधान क्षेत्र के लिए सिंचाई की महत्ता को समझते हुए उन्होंने गोंदा डैम जैसे पुराने जलाशयों के पुनरुद्धार की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि गिरते जलस्तर और घटती सिंचाई क्षमता को संभाला जा सके। वहीं, पशुधन योजना में व्याप्त बिचौलिया संस्कृति पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने सीधे तौर पर सरकारी तंत्र की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए।

​सत्र का सबसे ज्वलंत मुद्दा ३७ करोड़ की लागत से बने सिलवार स्थित पॉलिटेक्निक भवन का रहा। वर्ष २०१५ से धूल फांक रही यह विशाल इमारत सरकारी उदासीनता का प्रतीक बन चुकी है। विधायक ने इस बर्बादी को हजारीबाग की बेटियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए इसे तत्काल बालिका महाविद्यालय के रूप में संचालित करने की पुरजोर वकालत की।

​विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन से लेकर सदन के भीतर तार्किक बहस तक, प्रदीप प्रसाद ने यह सिद्ध किया कि वे जनता की समस्याओं के प्रति न केवल सजग हैं, बल्कि उनके समाधान के लिए सरकार को विवश करने का साहस भी रखते हैं।

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