-->
Editor: Naresh Prasad Soni
Follow Us: Facebook YouTube Instagram Twitter
Showing posts with label हजारीबाग. Show all posts
Showing posts with label हजारीबाग. Show all posts

शहीद शेख भिखारी की प्रपोती ने वीर शहीदों की धरती से झारखण्डवासियों को किया भावुक आह्वान

शहीद शेख भिखारी की प्रपोती ने वीर शहीदों की धरती से झारखण्ड - वासियों को किया भावुक आह्वान

हजारीबाग: भारत की आज़ादी के लिए अपने प्राणों का सर्वोच्च बलिदान देने वाले शहीद शेख भिखारी एवं शहीद उमराव सिंह टिकैत के शहादत दिवस के पावन अवसर पर 8 जनवरी को चूटूपालू में भव्य श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया जा रहा है। इस ऐतिहासिक आयोजन को लेकर शहीद शेख भिखारी की प्रपौती शेख इम्तेशाम अली ने समस्त झारखण्ड-


वासियों से भावपूर्ण अपील करते हुए कार्यक्रम में सहभागी बनने का आह्वान किया है।

शेख इम्तेशाम अली ने कहा कि शहीद शेख भिखारी और शहीद उमराव सिंह टिकैत केवल इतिहास के पन्नों में दर्ज नाम नहीं, बल्कि संघर्ष, साहस और स्वाभिमान की जीवंत मिसाल हैं। उनका बलिदान आज भी हमें अन्याय के विरुद्ध खड़े होने और देश व समाज के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाने की प्रेरणा देता है।

उन्होंने कहा कि यह शहादत दिवस समारोह नई पीढ़ी को स्वतंत्रता संग्राम की गौरवशाली विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। उन्होंने झारखण्ड के युवाओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों एवं आम नागरिकों से अपील की कि वे अधिक से अधिक संख्या में चूटूपालू पहुंचकर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करें और उनके सपनों के भारत के निर्माण का संकल्प लें।

हजारीबाग के पूर्व डीडीसी इश्तियाक अहमद के अचानक तबादले से जिले में मायूसी।


 हजारीबाग के पूर्व डीडीसी इश्तियाक अहमद के अचानक तबादले से जिले में मायूसी।


हजारीबाग:  जिले के डिप्टी डेवलपमेंट कमिश्नर (डीडीसी) इश्तियाक अहमद के अचानक तबादले की खबर से पूरे जिले में निराशा और चिंता का माहौल है। सामाजिक, प्रशासनिक और आम नागरिकों के बीच यह चर्चा आम है कि एक सक्रिय, गंभीर और विकासोन्मुख अधिकारी का तबादला ऐसे समय में किया गया है, जब उनके नेतृत्व में कई महत्वपूर्ण योजनाएं सफलतापूर्वक आगे बढ़ रही थीं।

जिले के वरिष्ठ लोगों ने प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि भले ही इश्तियाक अहमद ने हजारीबाग में बतौर डीडीसी केवल एक वर्ष दो माह की अवधि तक सेवा दी, लेकिन इस अल्पकाल में उन्होंने जिले के लिए जो ठोस और प्रभावी कार्य किए, वे लंबे समय तक याद रखे जाएंगे।

उन्होंने कहा कि इश्तियाक अहमद ने जिले के सभी प्रखंडों को समान महत्व दिया, नियमित दौरे कर जमीनी हकीकत को समझा और सरकारी विकास एवं कल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में विशेष गंभीरता दिखाई। उनके नेतृत्व में कई योजनाओं को गति मिली और प्रशासन के प्रति आम जनता का भरोसा मजबूत हुआ।

उल्लेखनीय है कि इश्तियाक अहमद के कार्यकाल के दौरान उन्हें जिले के दो उपायुक्तों का पूरा मार्गदर्शन और सहयोग प्राप्त रहा। पूर्व उपायुक्त श्रीमती नैन्सी सहाय और वर्तमान उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह ने उनकी कार्यशैली और कार्यक्षमता की सराहना करते हुए हर स्तर पर सकारात्मक सहयोग दिया, जिसके परिणामस्वरूप जिले में कई विकासात्मक एवं जनकल्याणकारी योजनाएं प्रभावी रूप से पूरी हुईं या सफलतापूर्वक संचालित होती रहीं। इश्तियाक अहमद की सबसे बड़ी विशेषता यह रही कि वे केवल कार्यालयी कार्यों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि ग्रामीण, पिछड़े और दूर-दराज के क्षेत्रों तक पहुंचकर आम लोगों की समस्याओं को समझा और उनके समाधान के लिए व्यावहारिक कदम उठाए। यही कारण है कि उनके तबादले से जिले के विभिन्न वर्गों में गहरी निराशा देखी जा रही है।


जनता और सामाजिक संगठनों का कहना है कि तबादला भले ही एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया हो, लेकिन इश्तियाक अहमद जैसे मेहनती और जनहितैषी अधिकारी की सेवाएं हजारीबाग के लिए अत्यंत लाभकारी रहीं। लोगों को उम्मीद है कि सरकार आगे भी उनकी क्षमताओं का भरपूर उपयोग करेगी और हजारीबाग में प्रारंभ किए गए विकास कार्यों की निरंतरता बनी रहेगी।


वहीं, डीडीसी इश्तियाक अहमद ने कहा कि फिलहाल वे रांची में अपनी सेवाएं देंगे और हजारीबाग जिले में उन्हें जो अपार स्नेह और सहयोग मिला है, उसे वे कभी नहीं भूल पाएंगे।

भारी ठंड एवं शीतलहरी के मद्देनज़र हजारीबाग जिले के सभी विद्यालयों में कक्षाएं स्थगित


भारी ठंड एवं शीतलहरी के मद्देनज़र हजारीबाग जिले के सभी विद्यालयों में कक्षाएं स्थगित


हजारीबाग: भारत मौसम विज्ञान विभाग, भारत मौसम विज्ञान केन्द्र, झारखण्ड (राँची) द्वारा जारी विशेष बुलेटिन के अनुसार राज्य में भारी ठंड एवं शीतलहरी की चेतावनी दी गई है। उक्त चेतावनी के तहत हजारीबाग जिले को येलो जोन की श्रेणी में चिन्हित करते हुए अत्यधिक ठंड एवं शीतलहरी की संभावना व्यक्त की गई है।

मौसम की इस प्रतिकूल स्थिति को देखते हुए तथा विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के मद्देनज़र आपदा प्रबंधन अधिनियम-2005 की धारा-34 के अंतर्गत हजारीबाग जिला अंतर्गत संचालित सभी सरकारी, गैर-सरकारी एवं निजी विद्यालयों में कक्षा KG से 12वीं तक की पठन-पाठन गतिविधियां दिनांक 05 जनवरी 2026 से 06 जनवरी 2026 तक स्थगित रखने का आदेश दिया गया है।

विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया गया है कि वे इस आदेश का शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करेंगे।

हालांकि, यदि उक्त अवधि में किसी विद्यालय में कक्षा 10वीं अथवा 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षा पूर्व से निर्धारित है, तो ऐसी स्थिति में परीक्षा का संचालन पूर्वाह्न 10:00 बजे के बाद ही किया जाएगा।

जिला प्रशासन द्वारा अभिभावकों, विद्यालय प्रबंधन एवं आमजन से अपील की गई है कि बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सतर्कता बरतें एवं प्रशासन द्वारा जारी निर्देशों का पालन करें।

विधायक प्रदीप प्रसाद ने झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र को जनभावनाओं की अभिव्यक्ति का मंच बना दिया।

​विधायक प्रदीप प्रसाद ने झारखंड विधानसभा के शीतकालीन सत्र को जनभावनाओं की अभिव्यक्ति का मंच बना दिया।

हजारीबाग : उन्होंने केवल हजारीबाग ही नहीं, बल्कि संपूर्ण राज्य की व्यवस्थागत खामियों को अत्यंत प्रखरता और तथ्यात्मक मजबूती के साथ सदन के पटल पर रखा। उनकी सक्रियता ने यह स्पष्ट कर दिया कि जनहित के मुद्दों पर वे किसी भी प्रकार के समझौते के पक्ष में नहीं हैं।

​राज्य की प्रशासनिक पारदर्शिता पर प्रहार करते हुए विधायक ने सूचना आयोग की शिथिलता और नियुक्तियों में हो रही देरी को एक गंभीर लोकतांत्रिक संकट बताया। इसी कड़ी में, उन्होंने पुलिस आधुनिकीकरण की कछुआ चाल पर भी सरकार को घेरा, जहां थानों में बुनियादी सुरक्षा तकनीक और सीसीटीवी की कमी कानून-व्यवस्था की संवेदनशीलता पर प्रश्नचिह्न लगाती है।

​विकास और पर्यावरण के बीच के असंतुलन को उजागर करते हुए उन्होंने एनटीपीसी कोल साइडिंग से होने वाले प्रदूषण का मुद्दा उठाया। यह केवल पर्यावरण का विषय नहीं, बल्कि बिरहोर जनजाति के अस्तित्व और उनके स्वास्थ्य से जुड़ा मानवीय संकट है, जिसे विधायक ने पूरी संवेदनशीलता के साथ सदन में रखा। स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली, विशेषकर अस्पतालों में स्टाफ की कमी और आउटसोर्सिंग के नाम पर हो रही अनियमितताओं को लेकर उन्होंने सरकार से दो-टूक जवाब मांगा।

​हजारीबाग की बुनियादी ढांचागत समस्याओं पर उन्होंने निर्माण एजेंसियों की जवाबदेही तय करने की मांग की। विशेषकर एलएंडटी जैसी बड़ी कंपनियों द्वारा पाइपलाइन बिछाने के नाम पर सड़कों को जर्जर छोड़ने की लापरवाही पर उन्होंने कड़ा रुख अख्तियार किया। मरहेता-पौंता और केसुरा मोड़ जैसी सड़कों की बदहाली जनता के दैनिक जीवन का अभिशाप बन चुकी है, जिसे दूर करना विधायक ने अपनी प्राथमिकता बताया।

​कृषि प्रधान क्षेत्र के लिए सिंचाई की महत्ता को समझते हुए उन्होंने गोंदा डैम जैसे पुराने जलाशयों के पुनरुद्धार की आवश्यकता पर बल दिया, ताकि गिरते जलस्तर और घटती सिंचाई क्षमता को संभाला जा सके। वहीं, पशुधन योजना में व्याप्त बिचौलिया संस्कृति पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्होंने सीधे तौर पर सरकारी तंत्र की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए।

​सत्र का सबसे ज्वलंत मुद्दा ३७ करोड़ की लागत से बने सिलवार स्थित पॉलिटेक्निक भवन का रहा। वर्ष २०१५ से धूल फांक रही यह विशाल इमारत सरकारी उदासीनता का प्रतीक बन चुकी है। विधायक ने इस बर्बादी को हजारीबाग की बेटियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बताते हुए इसे तत्काल बालिका महाविद्यालय के रूप में संचालित करने की पुरजोर वकालत की।

​विधानसभा परिसर में विरोध प्रदर्शन से लेकर सदन के भीतर तार्किक बहस तक, प्रदीप प्रसाद ने यह सिद्ध किया कि वे जनता की समस्याओं के प्रति न केवल सजग हैं, बल्कि उनके समाधान के लिए सरकार को विवश करने का साहस भी रखते हैं।

© 2025 News Prahari. All Rights Reserved. | Reg No: JH-11-0021972