-->
Editor: Naresh Prasad Soni
Follow Us: Facebook YouTube Instagram Twitter
Showing posts with label Jharkhand police. Show all posts
Showing posts with label Jharkhand police. Show all posts

13 दिनों का वनवास खत्म: रांची से लापता अंश और अंशिका रामगढ़ के रजरप्पा से सकुशल बरामद, युवाओं की सूझबूझ और पुलिस की तत्परता लाई रंग


 

13 दिनों का वनवास खत्म: रांची से लापता अंश और अंशिका रामगढ़ के रजरप्पा से सकुशल बरामद, युवाओं की सूझबूझ और पुलिस की तत्परता लाई रंग


रांची/रामगढ़:झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र स्थित मल्लार टोली मौसीबाड़ी से पिछले 13 दिनों से लापता दो मासूम बच्चों, पांच वर्षीय अंश और चार वर्षीय अंशिका को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। बच्चों के मिलने की खबर से न सिर्फ उनके परिजनों ने बल्कि पूरे रांची शहर ने राहत की सांस ली है। रांची पुलिस और रामगढ़ पुलिस के संयुक्त अभियान में स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं की भूमिका बेहद अहम रही, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है। बच्चों को रामगढ़ जिले के चितरपुर स्थित लाइन पार पहाड़ी इलाके से बरामद किया गया है।

​प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की रात पुलिस को सूचना मिली थी कि लापता बच्चों को चितरपुर क्षेत्र में देखा गया है। इस सूचना के आधार पर रांची और रामगढ़ पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया, वहीं स्थानीय युवाओं ने भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए रात भर इलाके में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान डब्लू साहू, सचिन कुमार, सुनील कुमार, संत्री नायक और अंशु कुमार जैसे युवाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। बुधवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे चितरपुर के पहाड़ी क्षेत्र में एक घर के बाहर दोनों बच्चे बैठे हुए मिले। युवाओं ने तुरंत इसकी जानकारी रजरप्पा पुलिस और रांची पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया।

​मौके से पुलिस ने बच्चों के साथ मौजूद एक महिला और पुरुष को भी हिरासत में लिया है, जिनसे रामगढ़ एसपी कार्यालय में पूछताछ की जा रही है। बच्चों को वापस लाने के लिए रांची के एसएसपी, सिटी एसपी और ग्रामीण एसपी खुद रामगढ़ पहुंचे। इस पूरे मामले का खुलासा करने के लिए पुलिस मुख्यालय में डीजीपी द्वारा प्रेस वार्ता आयोजित की जा रही है। गौरतलब है कि इन बच्चों की बरामदगी के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी थी। इसके लिए एसआईटी का गठन किया गया था और बिहार व बंगाल समेत देश के 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में छापेमारी की गई थी। बचपन बचाओ आंदोलन और अन्य संगठनों की मदद से देश भर के 439 जिलों में खोजबीन चल रही थी, साथ ही सूचना देने वाले के लिए पुलिस ने चार लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था। अंततः पुलिस की मेहनत और स्थानीय लोगों की जागरूकता से दोनों बच्चे सुरक्षित मिल गए हैं।

घर से निकलीं तीन नाबालिग बच्चियां रहस्यमय ढंग से लापता, अनहोनी की आशंका में परिजन, पुलिस जांच में जुटी

घर से निकलीं तीन नाबालिग बच्चियां रहस्यमय ढंग से लापता, अनहोनी की आशंका में परिजन, पुलिस जांच में जुटी
हजारीबाग/टाटीझरिया: टाटीझरिया थाना क्षेत्र के अमनारी गांव में शनिवार की सुबह एक गम्भीर और चिंताजनक मामला सामने आया है जहां एक ही घर की तीन बच्चियां संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई हैं। प्राप्त जानकारी के अनुसार अमनारी निवासी आरती देवी और उनके पति परमेश्वर महतो की 15 वर्षीय पुत्री समेत 13 और 11 वर्ष की दो नतनी 3 जनवरी की सुबह करीब 10 बजे घर से निकली थीं लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटीं। बच्चियों के घर न लौटने पर परिजनों ने अपने स्तर पर सगे - संबंधियों के यहां और आस-पास के संभावित स्थानों पर काफी खोजबीन किया परंतु  कहीं कोई सुराग नहीं मिल सका।

काफी खोजबीन के बाद जब बच्चियों की कोई जानकारी नहीं मिली तो परेशान परिजनों ने टाटीझरिया थाने में लिखित आवेदन देकर पुलिस से मदद की गुहार लगाई है। पीड़ित परिवार ने अपने आवेदन में आशंका जताई है, कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बच्चियों को बहला-फुसलाकर कहीं ले जाया गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए टाटीझरिया थाना प्रभारी इंद्रजीत कुमार ने बताया कि परिजनों का आवेदन प्राप्त हो गया है और पुलिस ने त्वरित जांच शुरू कर दी है। पुलिस तकनीकी सहायता लेते हुए बच्चियों के मोबाइल लोकेशन और कॉल डिटेल्स खंगाल रही है ताकि उनकी लोकेशन का पता लगाया जा सके। थाना प्रभारी ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही बच्चियों को सकुशल बरामद कर लिया जाएगा।

खूँटी पुलिस ने चलाया सुरक्षा और सेवा का महाअभियान, कंबल बाँटकर जीता दिल और अफीम के खिलाफ फूँका बिगुल

खूँटी पुलिस ने चलाया सुरक्षा और सेवा का महाअभियान: कंबल बाँटकर जीता दिल और अफीम के खिलाफ फूँका बिगुल

​खूँटी जिला पुलिस ने सामुदायिक पुलिसिंग के जरिए मारंगहादा थाना क्षेत्र में मानवीय सेवा और कानून के प्रति जागरूकता की एक नई मिसाल पेश की है। मारंगहादा और तिलमा पंचायत में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान पुलिस ने कड़ाके की ठंड को देखते हुए जरूरतमंद ग्रामीणों के बीच कंबलों का वितरण किया जिससे ग्रामीणों के चेहरे पर मुस्कान लौट आई। इस मौके पर पुलिस के अधिकारियों ने न केवल सेवा का हाथ बढ़ाया बल्कि समाज में फैली अफीम पोस्ता की खेती जैसी कुरीतियों के विरुद्ध एक निर्णायक जागरूकता अभियान भी चलाया। ग्राम प्रधानों, वार्ड सदस्यों और बड़ी संख्या में मौजूद ग्रामीणों को संबोधित करते हुए पुलिस प्रशासन ने अफीम की खेती से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान और मानव जीवन पर इसके घातक प्रभावों की विस्तार से जानकारी दी।

​जागरूकता अभियान के दौरान पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी देते हुए बताया कि अफीम की खेती न केवल कानूनी रूप से अपराध है बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को भी अंधकारमय बना रही है। इसके साथ ही सड़क सुरक्षा के

नियमों, आपातकालीन नंबर डायल 112 और साइबर अपराध से बचाव के लिए डायल 1930 की उपयोगिता के बारे में भी ग्रामीणों को शिक्षित किया गया। महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों सहित ह्यूमन ट्रैफिकिंग जैसे गंभीर विषयों पर चर्चा करते हुए पुलिस ने लोगों से सजग रहने की अपील की। इस पहल का मुख्य उद्देश्य पुलिस और जनता के बीच की दूरी को कम करना और एक अपराध मुक्त समाज की स्थापना करना रहा। पुलिस की इस दोहरी मुहिम की क्षेत्र में काफी सराहना की जा रही है जहाँ एक ओर ठंड से राहत मिली वहीं दूसरी ओर कानून के प्रति ग्रामीण समाज सशक्त हुआ है।

© 2025 News Prahari. All Rights Reserved. | Reg No: JH-11-0021972