13 दिनों का वनवास खत्म: रांची से लापता अंश और अंशिका रामगढ़ के रजरप्पा से सकुशल बरामद, युवाओं की सूझबूझ और पुलिस की तत्परता लाई रंग
रांची/रामगढ़:झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र स्थित मल्लार टोली मौसीबाड़ी से पिछले 13 दिनों से लापता दो मासूम बच्चों, पांच वर्षीय अंश और चार वर्षीय अंशिका को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। बच्चों के मिलने की खबर से न सिर्फ उनके परिजनों ने बल्कि पूरे रांची शहर ने राहत की सांस ली है। रांची पुलिस और रामगढ़ पुलिस के संयुक्त अभियान में स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं की भूमिका बेहद अहम रही, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है। बच्चों को रामगढ़ जिले के चितरपुर स्थित लाइन पार पहाड़ी इलाके से बरामद किया गया है।
प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की रात पुलिस को सूचना मिली थी कि लापता बच्चों को चितरपुर क्षेत्र में देखा गया है। इस सूचना के आधार पर रांची और रामगढ़ पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया, वहीं स्थानीय युवाओं ने भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए रात भर इलाके में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान डब्लू साहू, सचिन कुमार, सुनील कुमार, संत्री नायक और अंशु कुमार जैसे युवाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। बुधवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे चितरपुर के पहाड़ी क्षेत्र में एक घर के बाहर दोनों बच्चे बैठे हुए मिले। युवाओं ने तुरंत इसकी जानकारी रजरप्पा पुलिस और रांची पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया।
मौके से पुलिस ने बच्चों के साथ मौजूद एक महिला और पुरुष को भी हिरासत में लिया है, जिनसे रामगढ़ एसपी कार्यालय में पूछताछ की जा रही है। बच्चों को वापस लाने के लिए रांची के एसएसपी, सिटी एसपी और ग्रामीण एसपी खुद रामगढ़ पहुंचे। इस पूरे मामले का खुलासा करने के लिए पुलिस मुख्यालय में डीजीपी द्वारा प्रेस वार्ता आयोजित की जा रही है। गौरतलब है कि इन बच्चों की बरामदगी के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी थी। इसके लिए एसआईटी का गठन किया गया था और बिहार व बंगाल समेत देश के 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में छापेमारी की गई थी। बचपन बचाओ आंदोलन और अन्य संगठनों की मदद से देश भर के 439 जिलों में खोजबीन चल रही थी, साथ ही सूचना देने वाले के लिए पुलिस ने चार लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था। अंततः पुलिस की मेहनत और स्थानीय लोगों की जागरूकता से दोनों बच्चे सुरक्षित मिल गए हैं।
