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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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Hazaribagh Police Crime Review: IG शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने हजारीबाग में ली पुलिस अधिकारियों की बैठक, महिला अपराध के मामले 60 दिन में निपटाने के निर्देश

 

Hazaribagh Police Review Meeting: आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने हजारीबाग में ली उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक; अपराध नियंत्रण और लंबित कांडों के त्वरित निष्पादन के निर्देश

हजारीबाग (News Prahari Desk): हजारीबाग जिला में विधि-व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और अपराध नियंत्रण को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह रेस नजर आ रहा है। मंगलवार, 28 जुलाई 2026 को पुलिस अधीक्षक कार्यालय, हजारीबाग में उत्तरी छोटानागपुर प्रक्षेत्र बोकारो के पुलिस महानिरीक्षक (IG) शैलेंद्र कुमार सिन्हा की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण और उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई।

IG Shailendra Kumar Sinha presiding over crime review meeting with Hazaribagh Police Officers at SP Office

​इस बैठक में हजारीबाग जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक (DSP), पुलिस निरीक्षक (Inspector), थाना प्रभारी तथा आपराधिक कांडों के अनुसंधानकर्ताओं (Investigating Officers) ने भाग लिया। बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में विधि-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा करना और संगीन अपराधों पर लगाम लगाना था।

IG Shailendra Kumar Sinha presiding over crime review meeting with Hazaribagh Police Officers at SP Office

बैठक में शामिल वरिष्ठ पुलिस अधिकारी

​उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में प्रक्षेत्रीय व जिला स्तर के निम्नलिखित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मुख्य रूप से उपस्थित रहे:

  1. अंजनी कुमार झा (पुलिस उप-महानिरीक्षक, उत्तरी छोटानागपुर क्षेत्र, हजारीबाग)
  2. अमन कुमार (पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग)
  3. अमित कुमार (अपर पुलिस अधीक्षक, मुख्यालय हजारीबाग)
  4. राधा प्रेम किशोर (अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, बरही)
  5. ज्ञान रंजन (पुलिस उपाधीक्षक, मुख्यालय हजारीबाग)
  6. फैजान अहमद (अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, विष्णुगढ़)
  7. रूपक कुमार सिंह (अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, सदर)
  8. अरमानुल हक (पुलिस उपाधीक्षक, सी.सी.आर., हजारीबाग)

अपराध नियंत्रण और कांडों के निपटारे के लिए दिए गए 8 प्रमुख निर्देश

​आईजी शैलेंद्र कुमार सिन्हा ने समीक्षा के दौरान अनुसंधानकर्ताओं और थाना प्रभारियों को स्पष्ट और कड़े दिशा-निर्देश जारी किए:

  1. विगत 6 माह के कांडों का निष्पादन: पिछले छह महीनों के दौरान जिले में घटित सभी महत्वपूर्ण आपराधिक घटनाओं की समीक्षा की गई और उनके त्वरित निष्पादन के सख्त निर्देश दिए गए।
  2. महिला अपराध पर 60 दिनों की समय-सीमा: महिला उत्पीड़न और महिला अपराध से संबंधित जितने भी कांड लंबित हैं, उन्हें हर हाल में 60 दिनों के भीतर वैज्ञानिक अनुसंधान पूरा कर निष्पादित करने का आदेश दिया गया।
  3. एससी/एसटी मामलों का त्वरित निष्पादन: अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (SC/ST) से जुड़े सभी लंबित मामलों का त्वरित और निष्पक्ष निष्पादन सुनिश्चित करने के लिए कहा गया।
  4. नक्सल मामलों की समीक्षा: जिले में लंबित सभी नक्सल संबंधी कांडों की बिंदुवार समीक्षा की गई और जांच प्रक्रिया पूरी कर जल्द से जल्द रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया गया।
  5. जन-मैत्रीपूर्ण पुलिसिंग (Public Friendly Behaviour): सभी थाना प्रभारियों को निर्देश दिया गया कि वे थानों में आने वाले आम नागरिकों के साथ सौहार्दपूर्ण और संवेदनशील व्यवहार करें तथा उनकी समस्याओं को सुनकर त्वरित समाधान निकालें।
  6. मादक पदार्थों के तस्करों पर CCA की कार्रवाई: नशाखोरी और अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री में संलिप्त गिरोहों को चिन्हित कर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करने और संगठित तस्करों पर क्राइम कंट्रोल एक्ट (CCA) के तहत कार्रवाई करने का आदेश दिया गया।
  7. संगठित आपराधिक गिरोहों पर नकेल: संगठित अपराध (Organized Crime) में लिप्त अपराधियों को चिन्हित कर उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने और कठोरतम दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
  8. क्षेत्रीय विधि-व्यवस्था का संधारण: सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्राधिकार में गश्ती बढ़ाने, आसूचना संकलन (Intelligence Gathering) मजबूत करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
Office of the Superintendent of Police, Hazaribagh / Official Police Press Briefing (Dated: 28.07.2026)

Jamshedpur IDTR MoU: जमशेदपुर में स्थापित होगा ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट, झारखंड सरकार और टाटा मोटर्स के बीच MoU साइन

 

Jamshedpur IDTR MoU: जमशेदपुर में खुलेगा आधुनिक 'ड्राइविंग ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट'; हेमंत सोरेन सरकार और टाटा मोटर्स के बीच MoU साइन

रांची : झारखंड में युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित करने और सड़क सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक और ऐतिहासिक कदम उठाया है। माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और परिवहन मंत्री दीपक बिरुआ की गरिमामयी उपस्थिति में झारखंड सरकार के परिवहन विभाग और टाटा मोटर्स लिमिटेड (Tata Motors Limited) के बीच जमशेदपुर में IDTR (Institute of Driving Training and Research) की स्थापना के लिए आधिकारिक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए हैं।

Official poster of Jharkhand Govt and Tata Motors MoU for IDTR Jamshedpur featuring CM Hemant Soren and Transport Minister Deepak Birua

इस महत्वपूर्ण समझौते का मुख्य उद्देश्य राज्य के युवाओं को विश्वस्तरीय एवं अत्याधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग प्रदान कर उन्हें रोजगार से जोड़ना तथा राज्य में सुरक्षित सड़क यातायात संस्कृति को बढ़ावा देना है।

Official poster of Jharkhand Govt and Tata Motors MoU for IDTR Jamshedpur featuring CM Hemant Soren and Transport Minister Deepak Birua

जमशेदपुर IDTR की स्थापना से होंगे ये 4 बड़े फायदे

​झारखंड सरकार और टाटा मोटर्स की इस संयुक्त पहल से राज्य को बहुआयामी लाभ मिलने वाले हैं:

  1. युवाओं को मिलेगी आधुनिक ड्राइविंग ट्रेनिंग: संस्थान में आधुनिक सिमुलेटर, ट्रैक और व्यावसायिक प्रशिक्षकों के माध्यम से युवाओं को भारी व हल्के वाहनों के संचालन के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
  2. रोजगार के नए अवसरों का सृजन: ट्रेंड ड्राइवरों की देश-विदेश में बढ़ती मांग को देखते हुए यह संस्थान युवाओं के लिए सीधे रोजगार के नए द्वार खोलेगा।
  3. सड़क सुरक्षा को मिलेगा मजबूत आधार: वैज्ञानिक दृष्टिकोण और यातायात नियमों के कड़े प्रशिक्षण से राज्य में सड़क दुर्घटनाओं में कमी आएगी और सड़क सुरक्षा मजबूत होगी।
  4. झारखंड बनेगा ट्रेंड स्किल और टेक्नोलॉजी का हब: परिवहन क्षेत्र में उन्नत तकनीक और कुशल जनशक्ति तैयार करने के मामले में झारखंड एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरेगा।

"कुशल युवा - सशक्त झारखंड, सुरक्षित सफर - समृद्ध भविष्य"

​समझौते के दौरान राज्य सरकार ने युवाओं के उज्ज्वल कल के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि यह पहल "कुशल युवा - सशक्त झारखंड" और "सुरक्षित सफर - समृद्ध भविष्य" के संकल्प को साकार करने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

​कार्यक्रम के दौरान परिवहन विभाग और टाटा मोटर्स के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे, जिन्होंने इस परियोजना के त्वरित क्रियान्वयन की योजना पर चर्चा की।

और पढ़ें: संतोष कुमार चौधरी ने संभाला हजारीबाग जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) का पदभार, जानें क्या हैं प्राथमिकताएं

Hazaribagh: बरकट्ठा में पुलिस की ऐतिहासिक कार्रवाई; 12 चक्का ट्रक से 935 पेटी चंडीगढ़ की शराब जब्त, उत्तराखंड का चालक गिरफ्तार

 

हजारीबाग: बरकट्ठा में शराब माफिया के खिलाफ बड़ी कार्रवाई; 12 चक्का ट्रक से 935 कार्टन अवैध अंग्रेजी शराब जब्त, उत्तराखंड का चालक दलजीत सिंह गिरफ्तार

हजारीबाग: पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, हजारीबाग जिला अंतर्गत बरकट्ठा थाना पुलिस और मद्यनिषेध विभाग की संयुक्त टीम ने अवैध शराब की तस्करी के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाइयों में से एक को अंजाम दिया है। पुलिस ने जीटी रोड पर स्थित ग्राम झुरझुरी के पास छापामारी कर एक 12 चक्का ट्रक से भारी मात्रा में अवैध विदेशी अंग्रेजी शराब बरामद की है। इस काले कारोबार में शामिल ट्रक चालक को मौके से गिरफ्तार कर लिया गया है, जो उत्तराखंड का रहने वाला है।

Barkatha police team led by station in-charge Ashish Kumar Bhagat standing with the seized 12-wheeler truck (UK18CA-6133) loaded with 935 cartons of illegal liquor.

​🕵️ मद्यनिषेध ब्यूरो पटना की गुप्त सूचना पर बरकट्ठा पुलिस ने की घेराबंदी

​इस पूरी कार्रवाई की पृष्ठभूमि मद्यनिषेध एवं राज्य स्वापक नियंत्रण ब्यूरो, पटना से मिली एक अत्यंत सटीक और गुप्त सूचना पर आधारित है। सूचना में बताया गया था कि बरकट्ठा थाना क्षेत्र के ग्राम झुरझुरी में स्थित 'झारखंड होटल' के समीप एक संदिग्ध 12 चक्का ट्रक काफी देर से लावारिस और संदेहास्पद स्थिति में खड़ा है, जिसमें भारी मात्रा में तस्करी के लिए ले जाई जा रही विदेशी शराब लोड है।

​इस इनपुट के आधार पर हजारीबाग पुलिस अधीक्षक को तुरंत मामले से अवगत कराया गया। उनके कड़े दिशा-निर्देश और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) बरही की देखरेख में बरकट्ठा थाना प्रभारी के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। सशस्त्र बल के जवानों ने बिना समय गंवाए चिन्हित स्थान की घेराबंदी कर दी।

​🚛 होटल के पास खड़ा मिला संदिग्ध 12 चक्का ट्रक, जांच में खुली पोल

​जब पुलिस टीम झारखंड होटल के पास पहुंची, तो वहां पंजीकरण संख्या UK18CA-6133 वाला एक विशाल 12 चक्का ट्रक खड़ा पाया गया। पुलिस बल को देखकर ट्रक के पास मौजूद व्यक्ति ने भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने उसे चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया।

​पूछताछ में पकड़े गए व्यक्ति ने अपना नाम दलजीत सिंह (उम्र लगभग 38 वर्ष), पिता का नाम हरभजन सिंह बताया। वह मूल रूप से सुभाष कॉलोनी, रुद्रपुर सिटी (सागर होटल के पास), थाना रुद्रपुर, जिला उद्यम सिंह नगर, उत्तराखंड का निवासी है। पुलिस की कड़ी पूछताछ में उसने स्वीकार किया कि ट्रक के भीतर गुप्त रूप से भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब छिपाई गई है, जिसे अवैध रूप से खपाने के लिए ले जाया जा रहा था।

​🍾 935 पेटियों में भरी थीं 33,240 बोतलें; चंडीगढ़ में बिक्री के लिए थी निर्मित

​ट्रक को कब्जे में लेकर बरकट्ठा थाना परिसर लाया गया, जहां स्थानीय मजदूरों की मदद से तिरपाल हटाकर अनलोडिंग की प्रक्रिया शुरू की गई। ट्रक के भीतर से कुल 935 कार्टन (पेटी) अवैध अंग्रेजी शराब बरामद हुई, जिसका ब्यौरा इस प्रकार है:

  1. इम्पीरियल ब्लू (180 ML): कुल 450 पेटी शराब बरामद की गई। प्रत्येक पेटी में 48 बोतलें थीं, जिससे कुल बोतलों की संख्या 21,600 हुई। इस शराब की कुल मात्रा 3,888 लीटर है, जिसके बैच नंबर 024 पर निर्माण तिथि 09.02.2026 अंकित है और यह 'Fore sale in U.T. Chandigarh' (चंडीगढ़ में बिक्री के लिए) हेतु अधिकृत थी।
  2. इम्पीरियल ब्लू (375 ML): इसके अलावा 485 पेटी शराब बरामद हुई। प्रत्येक पेटी में 24 बोतलें थीं, जिससे कुल बोतलों की संख्या 11,640 हुई। इस शराब की कुल मात्रा 4,365 लीटर है। इसके विभिन्न बैच नंबरों (010, 012, 014, 015) पर निर्माण तिथियां क्रमशः 18.05.2026, 22.05.2026, 04.06.2026 और 14.02.2026 अंकित थीं। यह भी चंडीगढ़ क्षेत्र के लिए निर्मित की गई थी।

​इस प्रकार, पुलिस ने ट्रक से कुल 8,253 लीटर अवैध विदेशी शराब जब्त करने में सफलता पाई है, जिसकी बाजार में कीमत लाखों रुपये आंकी जा रही है।

​⚖️ बीएनएस और उत्पाद अधिनियम के तहत केस दर्ज, चालक गया जेल

​इस सनसनीखेज तस्करी मामले को लेकर बरकट्ठा थाना में कांड संख्या 101/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने आरोपी चालक दलजीत सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 274, 275, 3(5) एवं 47(a) उत्पाद अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैज्ञानिक जांच शुरू कर दी है। गिरफ्तार आरोपी को कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद न्यायिक हिरासत में (जेल) भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात का पता लगा रही है कि शराब की यह खेप झारखंड में किसे डिलीवर की जानी थी और इस अंतरराज्यीय सिंडिकेट के पीछे मुख्य सरगना कौन है।

​इस बेहद सफल और बड़े ऑपेरशन को अंजाम देने वाली टीम में मुख्य रूप से बरकट्ठा अंचल के पुलिस अवर निरीक्षक इमदाद अंसारी, बरकट्ठा थाना प्रभारी सह पुलिस अवर निरीक्षक आशीष कुमार भगत, पुलिस अवर निरीक्षक देवदत्त कुमार सिंह, पुलिस अवर निरीक्षक खालिद इकबाल और बरकट्ठा थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल रहे।

और पढ़ें: चौपारण: शराब माफियाओं पर उत्पाद विभाग का बड़ा प्रहार; जंगलों में ध्वस्त कीं भट्टियां, 8,800 KG जावा महुआ नष्ट, 1200 लीटर अवैध शराब जब्त

हजारीबाग के युवाओं के लिए बड़ा अवसर: आरसेटी (RSETI) में 5 तकनीकी ट्रेडों के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण शुरू, मुफ्त रहने और खाने की व्यवस्था के साथ मिलेगा सर्टिफिकेट; आज ही कराएं नामांकन

हजारीबाग के युवाओं के लिए बड़ा अवसर: आरसेटी (RSETI) में 5 तकनीकी ट्रेडों के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण शुरू, मुफ्त रहने और खाने की व्यवस्था के साथ मिलेगा सर्टिफिकेट; आज ही कराएं नामांकन

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक।

हजारीबाग। झारखंड सरकार के कौशल विकास मिशन को धरातल पर उतारने और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से एक बड़ा कदम उठाया गया है। जिला जनसंपर्क कार्यालय (समाहरणालय भवन, हजारीबाग) और ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थान (RSETI) के संयुक्त तत्वावधान में जिले के बेरोजगार युवाओं और युवतियों के लिए निःशुल्क प्रशिक्षण कार्यक्रम 2026 की शुरुआत की जा रही है।

RSETI

आरसेटी हजारीबाग द्वारा जारी आधिकारिक सूचना के अनुसार, इस विशेष प्रशिक्षण सत्र के दौरान न केवल उच्च स्तरीय तकनीकी कौशल सिखाया जाएगा, बल्कि सुदूर क्षेत्रों से आने वाले प्रशिक्षणार्थियों के लिए संस्थान परिसर में ही रहने (Hostel) और भोजन की उत्तम व्यवस्था पूरी तरह से निःशुल्क रहेगी।

क्यों खास है आरसेटी (RSETI) का यह प्रशिक्षण कार्यक्रम?

आमतौर पर तकनीकी और व्यावसायिक कोर्स करने के लिए युवाओं को मोटी फीस देनी पड़ती है, लेकिन इंडियन बैंक द्वारा संचालित आरसेटी संस्थान में यह पूरी तरह मुफ्त है। कोर्स की समाप्ति के बाद सभी सफल अभ्यर्थियों को आधिकारिक एवं सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त प्रमाण पत्र (Certificate) दिया जाएगा।

इस सर्टिफिकेट की मदद से युवा भविष्य में प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP) या मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना के तहत अपने व्यवसाय के लिए बेहद कम ब्याज दर पर सरकारी बैंकों से लोन भी प्राप्त कर सकेंगे।

प्रशिक्षण कार्यक्रम और महत्वपूर्ण तिथियों का विवरण (Training Schedule 2026)

संस्थान में अलग-अलग ट्रेडों के लिए सीमित सीटें निर्धारित हैं। पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर नामांकन लिया जा रहा है। सभी कोर्स की विस्तृत जानकारी नीचे दी गई है:

1. प्लंबिंग एवं सैनेटरी कार्य (Plumbing & Sanitary)

प्रारंभ तिथि: 08.06.2026

समाप्ति तिथि: 07.07.2026

कोर्स की अवधि: 30 दिन

कुल उपलब्ध सीटें: 28 सीटें

2. घरेलू विद्युत उपकरण सेवा उद्यमी (Electrician)

प्रारंभ तिथि: 08.07.2026

समाप्ति तिथि: 06.08.2026

कोर्स की अवधि: 30 दिन

कुल उपलब्ध सीटें: 26 सीटें

3. हल्के मोटर वाहन चालक (Four Wheeler Driving)

प्रारंभ तिथि: 10.08.2026

समाप्ति तिथि: 08.09.2026

कोर्स की अवधि: 30 दिन

कुल उपलब्ध सीटें: 28 सीटें

4. सौर ऊर्जा उपकरण तकनीशियन (Solar Technician)

प्रारंभ तिथि: 09.09.2026

समाप्ति तिथि: 21.09.2026

कोर्स की अवधि: 13 दिन

कुल उपलब्ध सीटें: 35 सीटें

5. लघु उद्यमी (फास्ट फूड स्टॉल प्रबंधन)

प्रारंभ तिथि: 22.09.2026

समाप्ति तिथि: 03.10.2026

कोर्स की अवधि: 12 दिन

कुल उपलब्ध सीटें: 28 सीटें

कक्षाओं का समय: प्रशिक्षण प्रतिदिन सुबह 09:30 बजे से शाम 05:30 बजे तक संस्थान के मुख्य परिसर में संचालित किया जाएगा।

पात्रता और आवश्यक मानदंड (Eligibility Criteria)

आयु सीमा: आवेदन करने वाले युवक या युवती की उम्र 18 वर्ष से 45 वर्ष के बीच होनी चाहिए।

स्थानीय निवासी: यह प्रशिक्षण मुख्य रूप से हजारीबाग जिले के ग्रामीण क्षेत्रों के निवासियों तथा गरीबी रेखा के नीचे (BPL) जीवन यापन करने वाले परिवारों के युवाओं के लिए आरक्षित है।

योग्यता: अलग-अलग ट्रेड के अनुसार न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता (साक्षर से लेकर मैट्रिक पास) होना अनिवार्य है।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज (Important Documents)

नामांकन प्रक्रिया को पूरा करने के लिए इच्छुक अभ्यर्थियों को अपने साथ निम्नलिखित दस्तावेजों की मूल प्रति (Original) और दो सेट छायाप्रति (Photocopy) लाना आवश्यक है:

आधार कार्ड

बैंक खाता पासबुक (ताकि सरकारी रिकॉर्ड में एंट्री हो सके)

शैक्षणिक योग्यता से जुड़े प्रमाण पत्र / अंक पत्र (Mark sheet)

राशन कार्ड / जॉब कार्ड / या स्वयं सहायता समूह (SHG) से जुड़े होने का प्रमाण पत्र

जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो)

स्थानीय आवासीय प्रमाण पत्र

हाल ही में खींची गई 4 पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो

नामांकन के लिए कहाँ और कैसे संपर्क करें?

इस प्रशिक्षण कार्यक्रम से जुड़ी किसी भी अन्य जानकारी या सीधे रजिस्ट्रेशन के लिए युवा सीधे संत कोलंबस कॉलेज के समीप स्थित आरसेटी कार्यालय में संपर्क कर सकते हैं:

संस्थान का पता: इंडियन बैंक आरसेटी (RSETI), संत कोलंबस कॉलेज के समीप, नीलाम्बर-पीताम्बर चौक, साकेतपुरी, हजारीबाग (झारखंड) – 825301

आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर: 7797143309, 9973222146

हजारीबाग में न्याय आपके द्वार: DLSA का 90 दिवसीय महाभियान शुरू; कुसुंभा और सिंदूर सहित कई क्षेत्रों में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन

हजारीबाग में न्याय आपके द्वार: DLSA का 90 दिवसीय महाभियान शुरू; कुसुंभा और सिंदूर सहित कई क्षेत्रों में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन

"पंक्ति के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाना हमारा लक्ष्य" — प्रधान जिला न्यायाधीश ध्रुव चंद्र मिश्रा; बाल विवाह, डायन प्रथा और महिला उत्पीड़न पर अधिकार मित्रों ने दी जानकारी।

हजारीबाग। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JALSA) के तत्वाधान में हजारीबाग जिला विधिक सेवा प्राधिकार के बैनर तले 90 दिवसीय विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम जोर-शोर से चलाया जा रहा है। इसी कड़ी में आज कटकमदाग प्रखंड के कुसुंभा पंचायत, सदर प्रखंड के सिंदूर पंचायत, नगर निगम क्षेत्र और ओल्ड एज होम सहित शहर के विभिन्न हिस्सों में जागरूकता शिविरों का आयोजन किया गया।

90 divasiya



न्याय पाना सबका अधिकार: प्रधान जिला न्यायाधीश

यह पूरा अभियान प्रधान जिला न्यायाधीश सह अध्यक्ष (DLSA) ध्रुव चंद्र मिश्रा के दिशा-निर्देश और सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी की देखरेख में संचालित हो रहा है। अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करना है। शिविरों के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि न्याय पाना किसी विशेष वर्ग का नहीं, बल्कि हर नागरिक का मौलिक अधिकार है।

सामाजिक कुरीतियों और कानूनों पर चर्चा

विधिक शिविरों में प्रतिनियुक्त 'अधिकार मित्रों' ने ग्रामीणों और शहरवासियों को कई गंभीर सामाजिक व कानूनी विषयों पर जागरूक किया, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

बाल श्रम एवं बाल विवाह के विरुद्ध कानूनी प्रावधान।

महिला उत्पीड़न और सुरक्षा से संबंधित अधिकार।

डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम की विस्तृत जानकारी।

DLSA से मिलने वाली मुफ्त कानूनी सहायता और अन्य सुविधाएं।

सभी प्रखंडों और पंचायतों तक पहुंचेगा अभियान

DLSA सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने बताया कि यह 90 दिवसीय अभियान लगातार जारी रहेगा। इसके तहत हजारीबाग जिले के सभी प्रखंडों की प्रत्येक पंचायत तक विधिक जागरूकता शिविर पहुँचाया जाएगा, ताकि हर ग्रामीण अपने अधिकारों के प्रति सजग हो सके। इस पूरे कार्यक्रम के सफल संचालन में संबंधित क्षेत्रों के अधिकार मित्रों ने सराहनीय भूमिका निभाई।

अन्नपूर्णा देवी ने विजय कुमार महतो को दारू प्रखंड का सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया

अन्नपूर्णा देवी ने विजय कुमार महतो को दारू प्रखंड का सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया

हजारीबाग/दारू:

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री सह कोडरमा सांसद अन्नपूर्णा देवी ने सांगठनिक विस्तार और क्षेत्र की समस्याओं के त्वरित निष्पादन के लिए दारू प्रखंड में अपना नया सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया है। आधिकारिक पत्र के माध्यम से  विजय कुमार महतो (पिता- प्रमेश्वर महतो, ग्राम+पोस्ट- पुनाई, थाना- दारू) को इस महत्वपूर्ण पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

Suchna Patra

अधिकारियों को दी गई सूचना

सांसद अन्नपूर्णा देवी ने इस संबंध में उपायुक्त, हजारीबाग को पत्र प्रेषित कर सूचित किया है कि कोडरमा संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत हजारीबाग जिला के दारू प्रखंड के लिए विजय कुमार महतो को सांसद प्रतिनिधि नियुक्त किया जाता है। पत्र में आग्रह किया गया है कि इसकी सूचना सभी संबंधित विभागों को दी जाए ताकि प्रशासनिक समन्वय बेहतर हो सके।

स्थानीय विकास को मिलेगी गति

इस नियुक्ति पर स्थानीय कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने खुशी जाहिर की है। नवनियुक्त सांसद प्रतिनिधि विजय कुमार महतो अब प्रखंड क्षेत्र में सांसद की ओर से विभिन्न सरकारी योजनाओं की निगरानी करेंगे और जनसमस्याओं को सीधे सांसद कार्यालय तक पहुँचाने का कार्य करेंगे।

सांसद द्वारा जारी ज्ञापांक 505/को, दिनांक 24/04/2026 के अनुसार, इस नियुक्ति की प्रतिलिपि आवश्यक सूचना हेतु श्री विजय कुमार महतो को भी भेज दी गई है।

हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल की अनूठी पहल: मांडू के 261 अखाड़ों को सौंपे पारंपरिक 'दंड', रामनवमी की प्राचीन कला को पुनर्जीवित करने का संकल्प

हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल की अनूठी पहल: मांडू के 261 अखाड़ों को सौंपे पारंपरिक 'दंड', रामनवमी की प्राचीन कला को पुनर्जीवित करने का संकल्प
सांसद मनीष जायसवाल मांडू विधानसभा के चूरचू मंडल में अखाड़ा धारियों को पारंपरिक लाठी भेंट करते हुए।

चरही/मांडू (हजारीबाग): झारखंड की सांस्कृतिक पहचान और हजारीबाग के ऐतिहासिक रामनवमी महापर्व की गरिमा को अक्षुण्ण रखने की दिशा में सांसद मनीष जायसवाल ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हिंदू नववर्ष और चैत्र नवरात्र के पावन अवसर पर, सांसद ने "सांसद दंड (लाठी) वितरण अभियान- 2026" के तहत मांडू विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न मंडलों में स्थित 261 अखाड़ों के बीच पारंपरिक लाठियों (दंड) का वितरण किया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य आधुनिकता के दौर में लुप्त हो रही 'दंड कला' और पारंपरिक युद्ध कौशल को पुनः जीवंत करना है।
घाटो स्थित गायत्री मंदिर में जय श्रीराम के उद्घोष के बीच दंड वितरण समारोह का विहंगम दृश्य।

पांच प्रमुख केंद्रों पर हुआ भव्य वितरण समारोह

सांसद मनीष जायसवाल ने गुरुवार को मांडू विधानसभा के पांच अलग-अलग क्षेत्रों का दौरा किया और अखाड़ा समितियों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद किया। कार्यक्रम की शुरुआत चरही स्थित दुर्गा मंडप प्रांगण से हुई, जहाँ चूरचू मंडल के 47 अखाड़ों को दंड भेंट किए गए। इसके बाद वितरण का यह सिलसिला निम्नलिखित स्थानों तक पहुँचा:

घाटो मंडल: राजेंद्र नगर स्थित गायत्री मंदिर प्रांगण में 63 अखाड़ों को सामग्री सौंपी गई।

आरा मंडल: आराकांटा के प्राचीन शिव मंदिर परिसर में 70 अखाड़ों के रामभक्तों को सम्मानित किया गया।

मांडू मंडल: कुजू पूर्वी पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम में 71 अखाड़ा धारियों को दंड प्रदान किए गए।

डाडी मंडल: गिद्दी-ए स्थित दुर्गा मंडप में 50 अखाड़ों के बीच वितरण संपन्न हुआ।

"पाइप की जगह फिर लें पारंपरिक हथियार" - मनीष जायसवाल

सभा को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने चिंता व्यक्त की कि पिछले कुछ समय से रामनवमी की शोभायात्राओं में पारंपरिक लकड़ी के दंड की जगह प्लास्टिक या लोहे के पाइप ने ले ली है। उन्होंने कहा:

"हजारीबाग की रामनवमी विश्व प्रसिद्ध है। यहाँ के अखाड़ों में लाठी, तलवार, गदा और मुक्कदर चलाने का जो कौशल दिखता था, वह हमारी सांस्कृतिक विरासत है। हम चाहते हैं कि युवा पीढ़ी पुनः इस पारंपरिक कला से जुड़े और शोभायात्रा में शौर्य का प्रदर्शन करें, न कि केवल औपचारिकता निभाएं।"

सनातन संस्कृति और सामाजिक चुनौतियों पर चर्चा

सांसद ने वर्तमान समय में सनातन धर्म के सामने मौजूद चुनौतियों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि आज सनातन संस्कृति को कमजोर करने के कई प्रयास हो रहे हैं, ऐसे में अपनी परंपराओं को सहेजना ही सबसे बड़ी सुरक्षा है। उन्होंने रामभक्तों से अपील की कि वे रामनवमी के जुलूस को 'नशा मुक्त' रखें और अस्त्र-शस्त्र का उपयोग केवल कला-कौशल के प्रदर्शन के लिए करें, न कि किसी दुरुपयोग के लिए।

क्षेत्र में जबरदस्त उत्साह और स्वागत

पूरे मांडू विधानसभा क्षेत्र में सांसद का स्वागत गाजे-बाजे और फूल-मालाओं के साथ किया गया। कार्यकर्ताओं और रामभक्तों ने उन्हें भगवा अंग-वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। स्थानीय लोगों में इस बात को लेकर खुशी देखी गई कि वर्षों पुरानी लाठी चलाने की परंपरा को अब सरकारी और राजनीतिक स्तर पर भी प्रोत्साहन मिल रहा है।

कार्यक्रम में गणमान्य व्यक्तियों की गरिमामयी उपस्थिति

इस अभियान को सफल बनाने में सांसद प्रतिनिधियों और भाजपा के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मौके पर मुख्य रूप से सत्येंद्र नारायण सिंह, अजय कुमार साहू, राजीव जायसवाल, द्वारिका सिंह, शशि कुमार, शफुलेश्वर महतो, गोविंद रजवार, अशोक महतो, गुंजन साव, और मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी सहित सैकड़ों स्थानीय नेता और अखाड़ा समितियों के सदस्य उपस्थित थे।

Naresh Soni Editor in Chief Jharkhand India.

बड़कागांव महुदी जुलूस विवाद: सांसद मनीष जयसवाल और हजारीबाग DC के बीच अहम बैठक, समाधान की उम्मीद

'तानाशाही नहीं चलेगी': एप्सटीन फाइल और बेरोजगारी के मुद्दे पर युवा कांग्रेस का उग्र सड़क संग्राम, पुतला दहन के दौरान भारी हंगामा

'तानाशाही नहीं चलेगी': एप्सटीन फाइल और बेरोजगारी के मुद्दे पर युवा कांग्रेस का उग्र सड़क संग्राम, पुतला दहन के दौरान भारी हंगामा

दारू/हजारीबाग: देश में व्याप्त बेरोजगारी और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी कुछ संवेदनशील रिपोर्टों को लेकर राजनीतिक गलियारों की तपिश अब सड़कों पर उग्र रूप धारण कर चुकी है। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक विशाल और आक्रामक विरोध प्रदर्शन किया। "जब-जब मोदी डरता है, पुलिस के आगे झुकता है" और "तानाशाही नहीं चलेगी" जैसे गगनभेदी नारों के साथ प्रदर्शनकारियों ने पूरे इलाके को गुंजायमान कर दिया। हाथों में तख्तियां और चेहरों पर सत्ता के प्रति गहरा आक्रोश लिए, इन युवाओं का यह जत्था अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग करते हुए सड़क पर उतर आया।

"सड़क पर उग्र प्रदर्शन करते युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता और 'पीएम इज कॉम्प्रोमाइज्ड' लिखी टी-शर्ट पहने प्रदर्शनकारी नेत्री, पुतला दहन के दौरान उत्पन्न हुआ भारी तनाव।"

​इस उग्र प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बिंदु महिलाओं की सुरक्षा, कथित एप्सटीन फाइल से जुड़े विवादित संदर्भ और देश के युवाओं का अंधकारमय होता भविष्य रहा। 'पीएम इज कॉम्प्रोमाइज्ड' (PM IS COMPROMISED) लिखी श्वेत टी-शर्ट पहने युवा कांग्रेस की एक प्रमुख नेत्री ने सत्ता पक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए स्पष्ट किया कि देश का युवा अब मूकदर्शक बनकर नहीं बैठेगा। उनका स्पष्ट आरोप था कि जिस सरकार को रोजगार सृजन और महिला सशक्तिकरण पर ध्यान देना चाहिए था, वह अब सवालों से भाग रही है और विपक्ष की आवाज को कुचलने का कुत्सित प्रयास कर रही है। प्रदर्शनकारियों का यह हुजूम अपने संकल्प पर अडिग था कि वे सत्ता के इस कथित अहंकार को चूर-चूर करके ही दम लेंगे।

​हालाँकि, यह शांतिपूर्ण और पूर्व-अनुमोदित विरोध प्रदर्शन उस वक्त एक हिंसक और अराजक झंझावात में तब्दील हो गया, जब प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर रहे थे। नेत्री के कड़े शब्दों के अनुसार, उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) से विधिवत अनुमति प्राप्त कर रखी थी, इसके बावजूद कुछ असामाजिक तत्वों और विरोधी विचारधारा के समर्थकों ने आकर माहौल को विषाक्त कर दिया। वीडियो के दृश्यों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि विरोधियों ने धधकते हुए पुतले को सड़क किनारे फेंक दिया, जिसके बाद स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो गई।

​पुतले को फेंके जाने की इस घटना ने आग में घी का काम किया और दोनों गुटों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। एक ओर जहाँ युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाते हुए आक्रोशित थे, वहीं दूसरी ओर से 'जय श्री राम' के गगनभेदी उद्घोष के साथ उन्हें दबाने की पुरजोर कोशिश की गई। बीच सड़क पर हुई यह वैचारिक और शारीरिक भिड़ंत इस बात का ज्वलंत प्रमाण है कि राजनीतिक असहिष्णुता अपने चरम पर पहुँच चुकी है। एक लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में, जहाँ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है, वहाँ इस तरह सरेआम विपक्ष की आवाज को बलपूर्वक रोकने का यह कृत्य प्रशासन की कार्यशैली और समाज में बढ़ती राजनीतिक कटुता पर एक अत्यंत गंभीर प्रश्नचिह्न अंकित करता है।

चुनावी रणभेरी बजी, मेयर पद के लिए 8 और पार्षद के लिए 160 योद्धाओं के बीच होगा महामुकाबला

चुनावी रणभेरी बजी, मेयर पद के लिए 8 और पार्षद के लिए 160 योद्धाओं के बीच होगा महामुकाबला

हजारीबाग: नगर निगम चुनाव 2026 की धुंध अब पूरी तरह छंट चुकी है और चुनावी बिसात पर मोहरे सज गए हैं। नामांकन पत्रों की सूक्ष्म संवीक्षा और नाम वापसी की निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के साथ ही हजारीबाग की चुनावी तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो गई है। शुक्रवार को निर्वाचन कार्यालय द्वारा प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित करते ही शहर में सियासी सरगर्मी अपने चरम पर पहुंच गई है। लोकतंत्र के इस महापर्व में अब कुल 36 वार्डों की जनता अपने मताधिकार का प्रयोग कर शहर की सरकार चुनेगी, जिसके लिए प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है।

​इस बार के चुनावी समर में मेयर पद की प्रतिष्ठा को अपने नाम करने के लिए कुल 8 दिग्गज मैदान में ताल ठोंक रहे हैं। नामांकन प्रक्रिया के दौरान मेयर पद के लिए कुल 13 आवेदन प्राप्त हुए थे, जिनमें से तीन अस्वीकृत हो गए और रेनूका कुमारी व आलोक कुमार द्वारा नाम वापस लेने के बाद अब मुकाबला आठ अभ्‍यर्थियों के बीच सिमट कर रह गया है। वहीं, वार्ड पार्षद पद के लिए भी घमासान कम नहीं है। कुल 175 नामांकन पत्रों में से जांच और नाम वापसी के बाद अब 160 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमाएंगे। विशेष रूप से, वार्ड संख्या 13 से विकास कुमार यादव और वार्ड संख्या 36 से अविनाश कुमार यादव ने निर्विरोध निर्वाचित होकर चुनाव से पूर्व ही विजय का परचम लहरा दिया है, जिससे अब मतदान केवल 34 वार्डों में संपन्न होगा।

​राज्य निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार इस बार का चुनाव ईवीएम के बजाय पारंपरिक मतपेटी और मतपत्र के माध्यम से कराया जाएगा, जो मतदाताओं को पुराने दौर की याद दिलाएगा। इस विशाल लोकतांत्रिक प्रक्रिया को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए हजारीबाग प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए हैं। शहर में कुल 160 मतदान केंद्र बनाए गए हैं, जहां मतदान कर्मियों की नियुक्ति प्रक्रिया पूर्ण कर ली गई है। चुनाव संपन्न कराने के लिए 1000 मतदान कर्मियों की विशाल फौज तैयार की गई है, जिन्हें विभिन्न चरणों में गहन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आगामी 22 फरवरी 2026 को संत कोल्म्बा कॉलेज के फुटबॉल मैदान से मतपेटिका और अन्य सामग्री का वितरण किया जाएगा, जिसके बाद सभी कर्मी अपने-अपने मोर्चे पर तैनात होंगे।

​सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए प्रशासन ने कड़े कदम उठाए हैं। विधि-व्यवस्था संधारण हेतु 19 सेक्टर दंडाधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है, जो चप्पे-चप्पे पर नजर रखेंगे। साथ ही, चुनाव खर्च पर निगरानी रखने के लिए शहर में 7 चेकपोस्ट बनाए गए हैं, जहां एसएसटी और वीएसटी जैसी विशेष टीमें सक्रिय रहेंगी। मतदान के पश्चात मतपेटियों को कृषि उत्पादन बाजार समिति स्थित वज्रगृह में कड़ी सुरक्षा के बीच रखा जाएगा। प्रशासन ने आम नागरिकों और मतदाताओं की सुविधा के लिए समाहरणालय में नियंत्रण कक्ष और हेल्पलाइन केंद्र भी स्थापित किया है, ताकि आदर्श आचार संहिता के उल्लंघन या चुनाव संबंधी किसी भी जानकारी के लिए सीधे संपर्क किया जा सके। कुल मिलाकर, हजारीबाग अब अपने नए जनप्रतिनिधियों को चुनने के लिए पूरी तरह तैयार है।

रामगढ़ की धरा पर सजेगा 101 बेटियों के सपनों का भव्य संसार, वैदिक मंत्रोच्चार और शहनाई की गूंज के बीच सांसद मनीष जायसवाल निभाएंगे अभिभावक का धर्म


रामगढ़ की धरा पर सजेगा 101 बेटियों के सपनों का भव्य संसार,

वैदिक मंत्रोच्चार और शहनाई की गूंज के बीच सांसद मनीष जायसवाल निभाएंगे अभिभावक का धर्म

हजारीबाग/रामगढ़

विकास के पथ पर अग्रसर हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में अब सामाजिक समरसता और मानवीय संवेदनाओं का एक ऐतिहासिक अध्याय लिखा जाने वाला है। सांसद मनीष जायसवाल की अनूठी पहल 'सांसद सामूहिक विवाह उत्सव-2026' के तहत आगामी 8 फरवरी को रामगढ़ का ऐतिहासिक सिद्धू-कान्हु मैदान एक ऐसे वैवाहिक महाकुंभ का साक्षी बनेगा, जहां अभावों के अंधेरे को चीरकर 101 बेटियों के जीवन में सुखद दांपत्य का सवेरा होगा। इस भव्य आयोजन में न केवल शहनाई की गूंज होगी, बल्कि प्रख्यात सांसद और गायक मनोज तिवारी के सुरों का जादू और कोलकाता के राघव पंडित के वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण देवमय हो जाएगा।

​सांसद मनीष जायसवाल के 'वार्षिक सेवा कैलेंडर' का यह आयोजन मात्र एक विवाह समारोह नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों के लिए एक संबल है। वर्ष 2023 में 25 जोड़ों से शुरू हुआ यह सेवा अनुष्ठान अब 101 जोड़ों के महापर्व में परिवर्तित हो चुका है। इस वर्ष के आयोजन की भव्यता किसी 'रॉयल वेडिंग' से कम नहीं होगी। 8 फरवरी की सुबह रामगढ़ की फिजाओं में जब मंगल गीतों की मिठास घुलेगी, तब सुबह 9 बजे एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिलेगा। 101 सजी-धजी गाड़ियों का काफिला जब दूल्हों को लेकर निकलेगा, तो उसकी अगुवाई स्वयं सांसद मनीष जायसवाल करेंगे। झारखंड की माटी की पहचान छऊ नृत्य, आर्ष कन्या गुरुकुल की विदुषियों की झांकियां, ढाक-ताशा की थाप और राज शेरा पार्टी का उल्लास इस बारात को अलोकिक बना देगा। रामगढ़ छावनी परिषद मैदान से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरने वाली इस शोभायात्रा का 23 स्थानों पर भव्य स्वागत होगा, जहां मातृशक्ति तिलक लगाकर वर पक्ष का अभिनंदन करेंगी।

​विवाह स्थल पर प्रवेश के समय 'हे री सखी मंगल गाओ री' की गूंज और सांसद मनोज तिवारी के लोकगीतों के बीच जब वर-वधू एक-दूसरे के गले में जयमाला डालेंगे, तो वह दृश्य अद्भुत होगा। कोलकाता से पधारे राघव पंडित की टीम द्वारा संगीतमय मंत्रोच्चारण के बीच 101 जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। इस आयोजन का सबसे भावुक क्षण वह होगा जब सांसद मनीष जायसवाल एक पिता और अभिभावक की भूमिका निभाते हुए 'बाबुल दे दो दुआ आज तो प्यार से' की धुन के बीच 101 बेटियों का कन्यादान करेंगे। इन कन्याओं में कई दिव्यांग बेटियां और एक राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी कोच सहित वे बेटियां भी शामिल हैं जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है। सांसद जायसवाल ने न केवल इनका घर बसाने का बीड़ा उठाया है, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रत्येक नव-दंपति को आजीविका के साधन के रूप में एक-एक 'टोटो' (ई-रिक्शा) और गृहस्थी की संपूर्ण सामग्री उपहार स्वरूप भेंट करने का संकल्प लिया है।

​इस पुनीत कार्य में नव-दंपतियों को आशीर्वाद देने के लिए झारखंड के महामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार सहित समाज और राजनीति जगत की कई दिग्गज हस्तियां मंच पर उपस्थित रहेंगी। सुरक्षा और व्यवस्था के दृष्टिकोण से जिला प्रशासन के साथ-साथ निजी सुरक्षाकर्मी और कार्यकर्ता पूरी मुस्तैदी से तैनात रहेंगे। सांसद मनीष जायसवाल ने इस आयोजन को मानवीय सेवा का सर्वोच्च उदाहरण बताते हुए आम जनमानस से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनें और नव-दंपतियों के सुखी जीवन के लिए अपनी मंगलकामनाएं प्रेषित करें। निश्चित रूप से, यह आयोजन आधुनिकता की चकाचौंध के बीच भारतीय संस्कृति, परोपकार और सामूहिक दायित्व बोध की एक नई इबारत लिखने जा रहा है।

रामगढ़ की पावन धरा पर रचेगा सामाजिक समरसता का नूतन कीर्तिमान,101 जोड़ों के 'म्यूजिकल फेरे' संग गूंजेगा सांसद सामूहिक विवाह उत्सव का मंगलघोष

रामगढ़ की पावन धरा पर रचेगा सामाजिक समरसता का नूतन कीर्तिमान,



101 जोड़ों के 'म्यूजिकल फेरे' संग गूंजेगा सांसद सामूहिक विवाह उत्सव का मंगलघोष

हजारीबाग/रामगढ़। सिद्धपीठ माँ छिन्नमस्तिका की असीम अनुकंपा और हजारीबाग के यशस्वी सांसद मनीष जायसवाल के सेवा संकल्प से आगामी 8 फरवरी 2026 को रामगढ़ का सिद्धू-कान्हु मैदान एक ऐतिहासिक सामाजिक क्रांति का गवाह बनने जा रहा है। लोक-कल्याण की उदात्त भावना से ओतप्रोत इस भव्य 'सांसद सामूहिक विवाह उत्सव' में 101 जरूरतमंद जोड़े दांपत्य सूत्र में बंधकर अपने नवीन जीवन का श्रीगणेश करेंगे। आयोजन की पावन घड़ी समीप आते ही संपूर्ण परिक्षेत्र में उत्साह का ज्वार उमड़ पड़ा है और तैयारियां अपने चरमोत्कर्ष पर पहुँच चुकी हैं। इस महाकुंभ को सांस्कृतिक भव्यता प्रदान करने के लिए विख्यात गायक व सांसद मनोज तिवारी 'मृदुल' अपनी सुरीली प्रस्तुतियों से समां बांधेंगे, जबकि कोलकाता के सुप्रसिद्ध राघव पंडित की टीम द्वारा प्रस्तुत 'म्यूजिकल फेरे' मंत्रोच्चार और संगीत के अनूठे संगम से इस मांगलिक वेला को अविस्मरणीय बनाएंगे।

​सांसद मनीष जायसवाल की यह दूरगामी पहल केवल औपचारिक विवाह संपन्न कराने तक सीमित नहीं है, अपितु यह गृहस्थी बसाने से लेकर उसे सुदृढ़ता से चलाने का एक सशक्त माध्यम भी है। स्वावलंबन को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सांसद ने प्रत्येक नव-दम्पत्ति को विदाई के उपहार स्वरूप दैनिक उपयोग की सामग्रियों के साथ-साथ स्वरोजगार हेतु एक 'टोटो' (ई-रिक्शा) प्रदान करने का अनुकरणीय निर्णय लिया है, ताकि आर्थिक अभाव उनके खुशहाल जीवन की बाधा न बन सके। मानवता की सेवा को अपना परम धर्म मानने वाले मनीष जायसवाल का 'वार्षिक सेवा कैलेंडर' वास्तव में सामाजिक समरसता का एक जीता-जागता प्रमाण है, जिसमें बुजुर्गों के लिए तीर्थ दर्शन, युवाओं के लिए खेल महोत्सव और वंचित बेटियों के स्वाभिमान हेतु किए जाने वाले पुनीत कार्य निरंतर अनवरत जारी हैं।

​इस वैवाहिक महोत्सव की सबसे हृदयस्पर्शी और प्रेरक विशेषता यह है कि चयनित जोड़ों में दिव्यांगजनों और उन युवाओं को वरीयता दी गई है जिनके सिर से माता-पिता का साया उठ चुका है। वर्तमान में समूचा रामगढ़ क्षेत्र बैनर, पोस्टर और स्वागत द्वारों से किसी नववधू की भांति सज्जित है, जहाँ भाजपा कार्यकर्ता और विभिन्न सामाजिक संगठन इस ऐतिहासिक क्षण को सफल बनाने हेतु पूर्ण मनोयोग से अहर्निश जुटे हुए हैं। सांसद जायसवाल ने क्षेत्र की जनता से भावुक अपील करते हुए कहा है कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े वंचित वर्ग के चेहरों पर मुस्कान बिखेरना ही उनकी राजनीति का वास्तविक अधिष्ठान और मूल उद्देश्य है। उन्होंने समस्त क्षेत्रवासियों को इस मांगलिक अवसर पर सादर आमंत्रित किया है ताकि वे सामूहिक रूप से इन नव-जोड़ों को अपना स्नेहाशीष प्रदान कर इस पुण्य के भागी बन सकें।

बरही ज्वैलरी लूट कांड का वांछित अपराधी बिहार से दबोचा गया, मुठभेड़ में घायल आरोपी हुआ गिरफ्तार

बरही ज्वैलरी लूट कांड का वांछित अपराधी बिहार से दबोचा गया, मुठभेड़ में घायल आरोपी हुआ गिरफ्तार

हजारीबाग: जनपद के बरही थाना क्षेत्र अंतर्गत 'जय माता दी ज्वेलर्स' में हुई दुस्साहसिक लूट की घटना का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने एक और बड़ी कामयाबी हासिल की है। उल्लेखनीय है कि विगत नवंबर माह में बरही चौक के समीप हथियारबंद अपराधियों ने स्वर्ण व्यवसायी की कार का शीशा तोड़कर आभूषणों से भरे बैग लूट लिए थे और दहशत फैलाने हेतु हवाई फायरिंग करते हुए फरार हो गए थे। इस सनसनीखेज वारदात की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर गठित विशेष जाँच दल (SIT) निरंतर अपराधियों की टोह में जुटा था। तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और विश्वसनीय सूचनाओं के आधार पर पुलिस ने इस कांड में शामिल शातिर अपराधी रामाशीष चौधरी को बिहार के गया जिले से विधिवत गिरफ्तार कर लिया है।

​पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी रामाशीष चौधरी पूर्व में किसी दुर्घटना के दौरान घायल हो गया था और अपने पैतृक निवास ग्राम बनाही में छिपकर इलाज करा रहा था। सूचना मिलते ही हजारीबाग पुलिस की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और उसे अपनी गिरफ्त में ले लिया। पकड़े गए अपराधी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और उसके विरुद्ध गया के विभिन्न थानों में हत्या के प्रयास, लूट और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामले पूर्व से ही दर्ज हैं। इस बहुचर्चित लूट कांड में पूर्व में भी चार अपराधियों को सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है, जबकि शेष अभियुक्तों की पहचान सुनिश्चित कर ली गई है। पुलिस की इस सक्रियता और त्वरित कार्यप्रणाली ने अपराधियों के मनोबल को ध्वस्त कर दिया है। प्रशासन का स्पष्ट संदेश है कि सीमा पार छिपने के बावजूद अपराधी कानून के शिकंजे से बच नहीं सकेंगे।

ड्रोन की पैनी नजर और पुलिस का प्रहार- चौपारण के दुर्गम जंगलों में 10 एकड़ अफीम की खेती जमींदोज

ड्रोन की पैनी नजर और पुलिस का प्रहार- चौपारण के दुर्गम जंगलों में 10 एकड़ अफीम की खेती जमींदोज

हजारीबाग। मादक पदार्थों के काले साम्राज्य के विरुद्ध हजारीबाग पुलिस ने एक बार फिर अपनी संकल्पबद्धता दोहराते हुए चौपारण के दुर्गम इलाकों में बड़े पैमाने पर सर्जिकल स्ट्राइक की है। मंगलवार को पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वन विभाग और चौपारण पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर मुर्तिया ग्राम के विभिन्न क्षेत्रों में अवैध रूप से लहलहा रही लगभग 10 एकड़ अफीम की फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया। इस विशेष कार्रवाई की सबसे अहम कड़ी आधुनिक तकनीक का उपयोग रहा जहाँ ड्रोन कैमरों के जरिए उन दुर्गम और पहाड़ी रास्तों को चिन्हित किया गया जहाँ तस्करों ने कानून की नजरों से बचकर जहर की खेती बोई थी।






बरही एसडीपीओ अजीत कुमार बिमल के नेतृत्व में चली इस दबिश ने तस्करों के मंसूबों को मिट्टी में मिला दिया है। पुलिस की भारी मौजूदगी के बीच अफीम के पौधों को मौके पर ही रौंद दिया गया और खेती के लिए इस्तेमाल किए जा रहे चार डिलीवरी पाइपों को भी बरामद कर नष्ट कर दिया गया। इस संयुक्त छापेमारी दल में पुलिस निरीक्षक चंद्रशेखर, थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी सहित कई सब-इंस्पेक्टर और वनपाल कुलदीप कुमार ने दुर्गम पहाड़ियों पर मोर्चा संभाला।


प्रशासन अब उन सफेदपोश चेहरों और भू-स्वामियों के सत्यापन में जुट गया है जिनके संरक्षण में वन भूमि पर नशे का यह कारोबार फल-फूल रहा था। पुलिस ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने दोहराया है कि ड्रोन की निगरानी और पुलिस का यह प्रहार आगे भी निरंतर जारी रहेगा ताकि हजारीबाग की पावन धरती को मादक पदार्थों के इस अभिशाप से मुक्त रखा जा सके।

भ्रष्टाचार की कालिख और व्यवस्था का कीचड़-हजारीबाग में नकेल और उपेक्षा की दोहरी तस्वीर

भ्रष्टाचार की कालिख और व्यवस्था का कीचड़-हजारीबाग में नकेल और उपेक्षा की दोहरी तस्वीर


हजारीबाग। भ्रष्टाचार के विरुद्ध जीरो टॉलरेंस की नीति को चरितार्थ करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB), प्रमंडलीय कार्यालय हजारीबाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। चतरा के जिला आयुष चिकित्सा पदाधिकारी (DAMO) डॉ. राम प्रकाश वर्मा को ब्यूरो की विशेष ट्रैप टीम ने 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी मंगलवार, 3 फरवरी 2026 को की गई, जब आरोपी चिकित्सक एक महिला आयुष सामुदायिक स्वास्थ्य पदाधिकारी से उनके लंबित वेतन भुगतान के एवज में रिश्वत की प्रथम किस्त स्वीकार कर रहे थे। ब्यूरो द्वारा दर्ज प्राथमिकी के अनुसार, डॉ. प्रिया कुमारी ने शिकायत की थी कि उनके चार माह के वेतन भुगतान के बदले प्रति माह 5,000 रुपये के हिसाब से कुल 20,000 रुपये की अवैध मांग की जा रही थी। इस कृत्य ने स्वास्थ्य महकमे में व्याप्त भ्रष्टाचार की जड़ों को उजागर कर दिया है, जहाँ रक्षक ही भक्षक की भूमिका में नजर आ रहे हैं।


एक ओर जहाँ प्रशासनिक गलियारों में रिश्वतखोरों पर नकेल कसी जा रही है, वहीं दूसरी ओर हजारीबाग शहर की धरातलीय स्थिति व्यवस्था की संवेदनहीनता की गवाही दे रही है। शहर के हृदय स्थल लाखे में आस्था और विकास का जो अंतर्विरोध दिख रहा है, वह किसी त्रासदी से कम नहीं है। मंदिर और मजार जैसे पवित्र स्थलों के समीप नालियों का उफनता गंदा पानी सड़कों पर सैलाब की तरह पसरा है, जो न केवल राहगीरों के लिए नरकीय स्थिति उत्पन्न कर रहा है, बल्कि प्रशासनिक दावों की शुचिता पर भी कालिख पोत रहा है।



श्रद्धालुओं का अपनी आस्था की चौखट तक पहुँचने से पहले इस दूषित जल में पांव पखारना लोकतंत्र के उस कुरूप चेहरे को दर्शाता है, जहाँ जनप्रतिनिधियों की सक्रियता केवल चुनावी विज्ञापनों तक सीमित रह गई है। भ्रष्टाचार की यह गिरफ्तारी और सड़कों पर पसरी यह बदहाली, दोनों ही एक ही सिक्के के दो पहलू हैं—जहाँ जनता के अधिकारों और उनकी बुनियादी सुविधाओं का गला घोंटा जा रहा है। अब देखना यह है कि एसीबी की इस सक्रियता से भ्रष्ट तंत्र में कितना भय व्याप्त होता है और नगर निगम की कुंभकर्णी नींद कब टूटती है, ताकि हजारीबाग की जनता को इस 'नरकीय खूबसूरती' से स्थायी मुक्ति मिल सके

दारू पुलिस की दबिश, रामदेव खारिका में आंगन की आड़ में पनप रहे ‘नशे के कारोबार’ पर प्रहार, 20 किलो जावा महुआ मौके पर विनष्ट

दारू पुलिस की दबिश, रामदेव खारिका में आंगन की आड़ में पनप रहे ‘नशे के कारोबार’ पर प्रहार, 20 किलो जावा महुआ मौके पर विनष्ट

हजारीबाग। ग्रामीण अंचलों में अवैध शराब के निर्माण और बिक्री पर पूर्ण अंकुश लगाने के उद्देश्य से हजारीबाग पुलिस ने अब अपनी कार्रवाई को और अधिक धारदार बना दिया है। इसी कड़ी में दारू थाना क्षेत्र में पुलिस ने एक गुप्त सूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए घर की चहारदीवारी के भीतर चल रहे अवैध शराब निर्माण की तैयारियों पर पानी फेर दिया। दारू थाना प्रभारी इकबाल हुसैन के कुशल नेतृत्व में पुलिस बल ने थाना क्षेत्र के ग्राम रामदेव खारिका में औचक छापेमारी कर अवैध शराब माफियाओं के मंसूबों को विफल कर दिया।

​पुलिस को पुख्ता सूचना मिली थी कि उक्त गाँव में घरेलू स्तर पर अवैध महुआ शराब खपाने की तैयारी की जा रही है। इस सूचना पर तत्काल संज्ञान लेते हुए पुलिस टीम ने मंजू देवी, पति प्रदीप राम के आवास पर दबिश दी। तलाशी के दौरान घर के आंगन में छिपाकर रखा गया करीब 20 किलोग्राम अवैध जावा महुआ बरामद किया गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बरामद सामग्री को मौके पर ही विनष्ट कर दिया और शराब निर्माण की पूरी प्रक्रिया को प्रारंभिक चरण में ही ध्वस्त कर दिया।

​इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि पुलिस अब केवल सार्वजनिक स्थानों पर ही नहीं, बल्कि घरों के भीतर चोरी-छिपे चल रहे अवैध धंधों पर भी अपनी पैनी नजर बनाए हुए है। थाना प्रभारी ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि क्षेत्र में अवैध नशामुक्ति के विरुद्ध यह अभियान अनवरत जारी रहेगा और समाज में नशा परोसने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस की इस सक्रियता से स्थानीय अवैध शराब कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति है।

आम बजट को अंबा प्रसाद ने बताया 'कॉरिडोर बजट', कहा- वित्त मंत्री की साड़ी के रंग से तय हो रही राज्यों की किस्मत

आम बजट को अंबा प्रसाद ने बताया 'कॉरिडोर बजट', कहा- वित्त मंत्री की साड़ी के रंग से तय हो रही राज्यों की किस्मत

रांची/हजारीबाग। कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने केंद्रीय बजट पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए इसे 'कॉरिडोर बजट' करार दिया है। उन्होंने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि वित्त मंत्री का यह वित्तीय दस्तावेज केवल कॉरिडोर्स की घोषणाओं तक सीमित है, जबकि इसमें देश के ज्वलंत मुद्दों जैसे बेरोजगारी और औद्योगिकीकरण के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं है। अंबा प्रसाद ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर तंज कसते हुए कहा कि बजट आवंटन का पैमाना अब आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि वित्त मंत्री की 'साड़ी' बन गई है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि वित्त मंत्री जिस राज्य की वेशभूषा या साड़ी धारण कर सदन में आती हैं, बजट की झोली उसी प्रांत के लिए खुलती है, जबकि अन्य राज्यों के हिस्से केवल निराशा आती है।

​अंबा प्रसाद ने पूर्वी भारत की उपेक्षा पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे खनिज संपदा से परिपूर्ण राज्यों के लिए बजट में कुछ भी नहीं है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर भी सरकार को घेरा और कहा कि तीन नए एम्स खोलने का प्रस्ताव महज कागजी है, क्योंकि दिल्ली को छोड़कर देश के बाकी एम्स की स्थिति आज किसी साधारण जिला अस्पताल से बेहतर नहीं है। आर्थिक मोर्चे पर सरकार की विफलताओं को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत गिरकर 91 रुपये हो गई है, जो अर्थव्यवस्था की नाजुक स्थिति को बयां करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास बैंकिंग और औद्योगिक क्षेत्र में जान फूंकने और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए कोई नीति नहीं है।

​पूर्व विधायक ने केंद्र सरकार पर संघीय ढांचे की धज्जियां उड़ाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बजट में झारखंड के जीएसटी रिफंड के तौर पर बकाये 1.5 लाख करोड़ रुपये की वापसी का कोई जिक्र न होना राज्य के साथ घोर अन्याय है। अंबा प्रसाद ने कहा कि कैग की वार्षिक रिपोर्ट और बजट के आंकड़ों में भारी विरोधाभास है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने आम आदमी को महंगाई से राहत देने के बजाय टैक्स चोरों के लिए सजा को जुर्माने में बदलकर उन्हें अभयदान दिया है। उनके अनुसार, यह बजट केवल भाजपा शासित राज्यों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।

हजारीबाग में नोटों के खेल पर प्रशासन की टेढ़ी नजर, नकदी लेकर चलने वालों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी

हजारीबाग में नोटों के खेल पर प्रशासन की टेढ़ी नजर, नकदी लेकर चलने वालों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी


हजारीबाग: नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 के शंखनाद के साथ ही जिला प्रशासन ने निष्पक्ष और भयमुक्त मतदान सुनिश्चित करने के लिए कमर कस ली है। लोकतंत्र के इस महापर्व की पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय ने स्पष्ट कर दिया है कि मतदाताओं को लुभाने के लिए नकदी, शराब या किसी भी प्रकार का उपहार वितरित करना न केवल अनैतिक है बल्कि एक गंभीर एवं दंडनीय अपराध भी है। चुनाव की पारदर्शिता पर किसी भी तरह का दाग न लगे, इसके लिए प्रत्येक थाना क्षेत्र में उड़नदस्ता टीमों को सक्रिय कर दिया गया है जो चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर रख रही हैं।

​प्रशासन ने आम नागरिकों और व्यापारियों से विशेष अपील करते हुए सचेत किया है कि यदि वे इस चुनावी माहौल में बड़ी धनराशि लेकर यात्रा कर रहे हैं, तो उन्हें उड़नदस्ता दल की सघन चेकिंग के दौरान अपनी राशि का स्रोत और उसके उपयोग का पुख्ता प्रमाण देना अनिवार्य होगा। जांच के दौरान राशि की जब्ती जैसी अप्रिय स्थिति से बचने के लिए नागरिकों को अपने साथ पैन कार्ड और उसकी प्रतिलिपि रखना आवश्यक है। यदि यह राशि किसी व्यापारिक उद्देश्य से ले जाई जा रही है, तो व्यापार पंजीकरण प्रमाण पत्र और नियमित लेन-देन दर्शाने वाली कैश बुक की प्रति साथ रखना बुद्धिमानी होगी।

​इसके अतिरिक्त, सामान्य नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे बैंक से निकासी की स्थिति में पासबुक या बैंक विवरण की प्रति अपने साथ अवश्य रखें ताकि धन के स्रोत की पुष्टि हो सके। मानवीय दृष्टिकोण को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने विवाह समारोह या चिकित्सा आपातकाल जैसी परिस्थितियों में छूट तो दी है, लेकिन इसके लिए भी व्यक्ति को विवाह का निमंत्रण पत्र या अस्पताल में दाखिले से संबंधित कागजात बतौर सबूत प्रस्तुत करने होंगे। संक्षेप में कहें तो इस चुनावी समर में यदि आप नकदी लेकर घर से निकल रहे हैं, तो अपनी जेब में नोटों के साथ-साथ उसकी वैधता सिद्ध करने वाले दस्तावेज रखना न भूलें अन्यथा प्रशासन की सख्ती का सामना करना पड़ सकता है।

वेद-पुराणों से इतर जनजातीय भाषाओं में भी स्पंदित है भारतीय ज्ञान परंपरा, जेन-जी की 'स्लैंग' शब्दावली पर चिंता के बीच विभावि में राष्ट्रीय समागम संपन्न

वेद-पुराणों से इतर जनजातीय भाषाओं में भी स्पंदित है भारतीय ज्ञान परंपरा, जेन-जी की 'स्लैंग' शब्दावली पर चिंता के बीच विभावि में राष्ट्रीय समागम संपन्न

हजारीबाग। विनोबा भावे विश्वविद्यालय के स्वा



मी विवेकानंद सभागार में विगत तीन दिनों से चल रहे वैचारिक मंथन का समापन शनिवार को एक वृहद संकल्प और भाषाई चेतना के साथ हुआ। तीन-दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी के समापन समारोह में भारतीय ज्ञान परंपरा, लोक भाषाओं के संरक्षण और आधुनिक युवा पीढ़ी द्वारा प्रयोग की जा रही भाषा शैली पर गंभीर विमर्श किया गया। समापन सत्र में यह स्वर प्रमुखता से उभरा कि भारतीय प्रज्ञा केवल प्राचीन संस्कृत ग्रंथों तक सीमित नहीं है, बल्कि वह वनवासियों और जनजातियों की मौखिक परंपराओं में भी उतनी ही तीव्रता से धड़क रही है।

​समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि और राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय शिक्षा संस्थान (एनआईओएस) की पूर्व अध्यक्ष प्रो. सरोज शर्मा ने भाषा के दार्शनिक और वैज्ञानिक पक्ष को उजागर किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भाषा में शब्द, दर्शन और वैज्ञानिकता का प्रवाह एक साथ चलता है। उन्होंने भारतीय मनीषा में 'शब्द-ब्रह्म' की अवधारणा को रेखांकित करते हुए कहा कि शब्दों में नाद होता है और नाद में ही ब्रह्म का वास है, यहाँ तक कि मौन की भी अपनी एक सशक्त भाषा होती है। वर्तमान दौर में 'जेन-जी' पीढ़ी द्वारा प्रयुक्त की जा रही 'स्लैंग' भाषा पर उन्होंने गहरी चिंता व्यक्त की और इसे भाषाई अवमूल्यन का संकेत माना। प्रो. शर्मा ने युवाओं का आह्वान किया कि वे अपनी अभिव्यक्ति को परिष्कृत करें, क्योंकि भाषा की शुचिता ही संस्कृति का आधार है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि भाषा को लेकर होने वाले विवादों के मूल में अक्सर राजनीति होती है, जबकि भारत में संस्कृतनिष्ठ भाषा, दक्षिण की द्रविड़ भाषाएं और जनजातीय बोलियां सह-अस्तित्व के साथ भारतीय ज्ञान परंपरा को समृद्ध करती रही हैं।

​कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने अपने अध्यक्षीय उद्बोधन में भारतीय ज्ञान परंपरा के क्षितिज को विस्तारित किया। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारत का ज्ञान केवल वेद और पुराणों के पृष्ठों में ही नहीं सिमटा है, अपितु यह देश की समृद्ध जनजातीय भाषाओं में भी अंतर्निहित है। कुलपति ने केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थान (सीआईआईएल) के प्रति आभार जताते हुए आशा व्यक्त की कि भविष्य में विभावि और संस्थान मिलकर लुप्तप्राय भाषाओं के संरक्षण की दिशा में सार्थक कदम उठाएंगे।

​इस अवसर पर मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित केंद्रीय भारतीय भाषा संस्थान (सीआईआईएल) के निदेशक प्रो. शैलेंद्र मोहन ने भाषाई तकनीक और संरक्षण के प्रयासों का विस्तृत ब्यौरा दिया। उन्होंने घोषणा की कि देश की सभी भाषाएं राष्ट्रीय भाषाएं हैं और उनके संरक्षण के लिए संस्थान कटिबद्ध है। प्रो. मोहन ने जानकारी दी कि भारत की 88 जनजातीय भाषाओं पर 'प्रवेशिका' तैयार कर ली गई है और 70 लुप्तप्राय भाषाओं के लिए 'भाषा संचिका' का निर्माण किया गया है। उन्होंने 'भाषा सागर' ऐप और 'भारत वाणी' जैसे डिजिटल उद्यमों का उल्लेख करते हुए बताया कि तकनीक के माध्यम से अब किसी भी भारतीय भाषा को सीखा जा सकता है। वर्तमान में 75 भारतीय भाषाओं में शब्दकोश उपलब्ध हैं और बहुभाषी शब्दकोश निर्माण की प्रक्रिया युद्धस्तर पर जारी है।

​इससे पूर्व, भारतीय भाषा समिति (भारत सरकार) के शैक्षणिक समन्वयक चंदन श्रीवास्तव ने लोक भाषा और मातृभाषा के संवर्धन पर चल रहे सरकारी प्रयासों की रूपरेखा प्रस्तुत की। संगोष्ठी के आयोजन सचिव डॉ. विनोद रंजन ने तीन दिनों के बौद्धिक विमर्श का सार प्रस्तुत करते हुए प्रतिवेदन पढ़ा। उन्होंने बताया कि संगोष्ठी में कुल 152 शोध आलेख समर्पित किए गए, जिनका मूल निष्कर्ष यही था कि 'विजन 2047' की संकल्पना तभी साकार होगी जब हम अपनी भाषाई जड़ों को सिंचित करेंगे।

​समारोह के सांस्कृतिक पक्ष में शिक्षाशास्त्र विभाग की डॉ. विनीता बांकीरा एवं डॉ. भारती सिंह के निर्देशन में प्रस्तुत झूमर नृत्य ने अतिथियों का मन मोह लिया। कार्यक्रम के अंतिम दिन आर्यभट्ट सभागार में एक विशेष तकनीकी सत्र का आयोजन हुआ, जिसमें मुंडा जनजाति पर केंद्रित एक लघु शोध फिल्म का प्रदर्शन किया गया। जनजातीय कार्य मंत्रालय द्वारा निर्मित और डॉ. गंगानाथ झा के शोध पर आधारित इस फिल्म में पद्मश्री डॉ. रामदयाल मुंडा द्वारा संस्कृति की विशद व्याख्या और मुंडा जनजाति के ऐतिहासिक एवं सूक्ष्म पहलुओं को दर्शाया गया, जिसने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

​समारोह का स्वागत संबोधन कुलसचिव डॉ. प्रणिता ने दिया, जबकि मंच पर समाज विज्ञान के पूर्व संकायाध्यक्ष डॉ. सादिक रज्जाक भी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के अंत में विश्वविद्यालय के कुलानुशासक और संगोष्ठी संयोजक प्रो. मिथिलेश कुमार सिंह ने सभी के प्रति आभार ज्ञापित करते हुए घोषणा की कि संगोष्ठी में आए सभी आलेखों को एक पुस्तक के रूप में प्रकाशित कर उन्हें अकादमिक जगत को समर्पित किया जाएगा। मंच संचालन का दायित्व यूसेट के डॉ. अरुण कुमार मिश्रा एवं हिंदी विभाग के डॉ. सुनील कुमार दुबे ने गरिमामय ढंग से निभाया। इस बौद्धिक महाकुंभ में विश्वविद्यालय के अधिकारियों, शिक्षकों और विद्यार्थियों की भारी उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि अपनी भाषाओं के प्रति अनुराग अभी भी जनमानस में जीवित है।

सड़क सुरक्षा की डगर पर दौड़ा हजारीबाग: जिला प्रशासन ने 'रन फॉर रोड सेफ्टी' के माध्यम से फूंका जन-जागरूकता का शंखनाद


सड़क सुरक्षा की डगर पर दौड़ा हजारीबाग: जिला प्रशासन ने 'रन फॉर रोड सेफ्टी' के माध्यम से फूंका जन-जागरूकता का शंखनाद

हजारीबाग: पथों पर आज सुबह उत्साह और संकल्प का अनूठा संगम देखने को मिला, जब जिला प्रशासन और परिवहन विभाग के संयुक्त तत्वावधान में 'रन फॉर रोड सेफ्टी' का भव्य आयोजन किया गया। सड़क दुर्घटनाओं की विभीषिका पर अंकुश लगाने और आम जनमानस को यातायात नियमों के प्रति संवेदनशील बनाने के ध्येय से आयोजित इस दौड़ ने पूरे शहर को सुरक्षा का संदेश दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि उपायुक्त द्वारा हरी झंडी दिखाकर किया गया, जिन्होंने न केवल धावकों को रवाना किया बल्कि स्वयं भी इस दौड़ में सम्मिलित होकर प्रतिभागियों का मनोबल बढ़ाया और समाज को स्वास्थ्य एवं सुरक्षा के प्रति सजग रहने की प्रेरणा दी।

इस महत्वपूर्ण आयोजन में प्रशासनिक अमले की सक्रिय सहभागिता रही, जिसमें अनुमंडल पदाधिकारी सदर, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार के पुलिस उपाधीक्षक सहित परिवहन विभाग के अन्यान्य अधिकारी एवं पुलिस बल के जवान उपस्थित रहे। उपायुक्त ने अपने ओजस्वी संबोधन में इस बात पर विशेष बल दिया कि जीवन अत्यंत बहुमूल्य है और सड़क पर बरती गई थोड़ी सी सावधानी, जैसे हेलमेट का अनिवार्य प्रयोग, सीट बेल्ट की प्रतिबद्धता और गति सीमा का अनुशासन, अनगिनत परिवारों को उजड़ने से बचा सकता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सड़क सुरक्षा के नियमों को केवल कानून न मानकर अपने जीवन का अभिन्न संस्कार बनाएं।

दौड़ में स्कूली छात्र-छात्राओं, ऊर्जावान युवाओं और जागरूक सामाजिक कार्यकर्ताओं ने अदम्य उत्साह के साथ हिस्सा लिया और सुरक्षित सफर का सामूहिक संकल्प लिया। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने इस सफल आयोजन पर संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे सामुदायिक प्रयासों से ही नागरिकों के भीतर यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी का भाव जागृत होता है। कार्यक्रम के समापन पर उपस्थित जनसमूह ने सड़क सुरक्षा की शपथ ली, जिससे यह स्पष्ट संदेश प्रसारित हुआ कि सुरक्षित भविष्य का निर्माण केवल अनुशासित यातायात और सामूहिक जागरूकता से ही संभव है।

नगर निगम चुनाव की बिसात पर कांग्रेस की पैनी नजर, विचारधारा के प्रति निष्ठा ही बनेगी प्रत्याशियों का सुरक्षा कवच

नगर निगम चुनाव की बिसात पर कांग्रेस की पैनी नजर,

विचारधारा के प्रति निष्ठा ही बनेगी प्रत्याशियों का सुरक्षा कवच

हजारीबाग: राजनीतिक गलियारों में उस वक्त हलचल तेज हो गई जब कृष्ण बल्लभ आश्रम स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय में जिला पॉलिटिकल अफेयर्स कमिटी की उच्चस्तरीय बैठक का सफल आयोजन हुआ। पूर्व मंत्री सह जिला अध्यक्ष जय प्रकाश भाई पटेल की अध्यक्षता में आयोजित इस मंथन सभा का मुख्य केंद्र आगामी नगर निगम चुनाव की रणभेरी रहा। बैठक के दौरान संगठन की मजबूती और चुनावी बिसात पर कांग्रेस समर्थित मोहरों के चयन को लेकर अत्यंत गंभीर और सूक्ष्म विमर्श किया गया।

अध्यक्षीय संबोधन में जय प्रकाश भाई पटेल ने स्पष्ट और कड़ा संदेश देते हुए कहा कि आगामी नगर निकाय चुनाव में कांग्रेस पार्टी केवल संख्या बल के सहारे नहीं बल्कि अटूट एकजुटता और कठोर अनुशासन के साथ रणक्षेत्र में उतरेगी। उन्होंने जोर देकर स्पष्ट किया कि पार्टी का वरदहस्त केवल उन्हीं प्रत्याशियों पर होगा जो कांग्रेस की मूल विचारधारा के प्रति पूर्णतः समर्पित और निष्ठावान हैं। इस बैठक ने राजनीतिक हलकों में यह साफ कर दिया है कि कांग्रेस नगर निगम की सत्ता की दहलीज तक पहुँचने के लिए अपनी सांगठनिक शक्ति को पूरी तरह झोंकने हेतु संकल्पित है।

इस महत्वपूर्ण रणनीतिक विमर्श में जिले के दिग्गज नेताओं की गरिमामयी उपस्थिति ने बैठक के राजनैतिक वजन को और बढ़ा दिया। मीडिया अध्यक्ष निसार खान के अनुसार इस ऐतिहासिक चर्चा में पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला, प्रदेश उपाध्यक्ष भीम कुमार, प्रदेश महासचिव बिनोद कुशवाहा और प्रदेश सचिव अवधेश कुमार सिंह समेत कई कद्दावर नेताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बैठक में आबिद अंसारी, शैलेन्द्र कुमार यादव, दिगम्बर प्रसाद मेहता जैसे अनुभवी चेहरों के साथ-साथ युवा कांग्रेस, सेवादल, एनएसयूआई और विभिन्न प्रकोष्ठों के अध्यक्षों ने भी चुनावी समर में अपनी सक्रिय भूमिका को लेकर सामूहिक संकल्प लिया। नेताओं के इस सघन जमावड़े ने विरोधियों के लिए भी स्पष्ट संकेत दे दिए हैं कि नगर निगम की जंग इस बार बेहद रोचक और चुनौतीपूर्ण होने वाली है।


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