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Editor: Naresh Prasad Soni
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कटकमसांडी के बहिमर में विकास का 'महामंथन' सांसद मनीष जायसवाल ने भरी हुंकार, कहा- अंत्योदय के पथ पर चलकर ही साकार होगा 'विकसित भारत' का स्वप्न

कटकमसांडी के बहिमर में विकास का 'महामंथन' सांसद मनीष जायसवाल ने भरी हुंकार, कहा- अंत्योदय के पथ पर चलकर ही साकार होगा 'विकसित भारत' का स्वप्न


नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग | 27 जनवरी 2026

​हजारीबाग संसदीय क्षेत्र के सुदूरवर्ती कटकमसांडी प्रखंड स्थित बहिमर की पावन धरा मंगलवार को राष्ट्र निर्माण के एक सशक्त अध्याय की साक्षी बनी। यहाँ आयोजित 'विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन की गारंटी' (VB-GRAM-G) के भव्य जिला सम्मेलन में सांसद मनीष जायसवाल ने विकास की गंगा को अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुँचाने का शंखनाद किया। जनसमूह को संबोधित करते हुए सांसद ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराई कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ जब तक समाज के सबसे वंचित और शोषित व्यक्ति तक नहीं पहुँचता, तब तक हमारा संकल्प अधूरा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंत्योदय ही हमारी राजनीति का प्रथम और अंतिम ध्येय है।

​सांसद जायसवाल ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि हजारीबाग को विकास के क्षितिज पर स्थापित करने के लिए रोजगार और स्वरोजगार ही वह 'संजीवनी' है, जिससे क्षेत्र की तस्वीर और तकदीर दोनों बदली जा सकती है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के विराट संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए उन्होंने जनप्रतिनिधियों और समाज के सभी वर्गों से कंधे से कंधा मिलाकर अनवरत प्रयास करने का आह्वान किया। सम्मेलन में युवाओं के लिए रोजगार सृजन, मातृशक्ति के स्वावलंबन और ग्रामीण अर्थव्यवस्था के सुदृढ़ीकरण पर गंभीर और सकारात्मक विमर्श हुआ, जिससे यह स्पष्ट संकेत गया कि अब विकास की बयार केवल शहरों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि गाँवों की गलियों तक पहुँचेगी।

​इस गरिमामयी आयोजन में राजनीतिक एकजुटता और संगठन की शक्ति का अद्भुत नजारा देखने को मिला। मंच पर सांसद के साथ सदर विधायक प्रदीप प्रसाद, पूर्व सांसद यदुनाथ पाण्डेय, जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह और केपी ओझा सहित वरिष्ठ नेतृत्व की उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार किया। कार्यक्रम में जिला महामंत्री सुनील मेहता, सुमन पप्पु, टौनी जैन, सांसद प्रतिनिधि अजय साहू, किशोरी राणा, नारायण कुशवाहा, जीवन मेहता, विजय दांगी, प्रमुख संगीता कुमारी, प्रकाश कुशवाहा, लब्बू गुप्ता, दीपू यादव, अशोक मेहता, दिलीप रवि, रितलाल यादव, बिजूल देवी, भानु मति, कुलदीप भोक्ता, महावीर सिंह, नारायण साव, बीरेंद्र वीरू, प्रेम प्रसाद, दिलीप कुमार रवि, आदित्य दांगी, राकेश सिंह, अरविंद यादव, गंगा पांडेय, नरेश मेहता, सोहर राणा, सहदेव यादव, लेखराज यादव और दिनेश सिंह ठाकुर सहित बड़ी संख्या में पार्टी के समर्पित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित कर मिशन की सफलता का संकल्प लिया।

सड़क हादसों के विरुद्ध केंद्र का 'महाकवच': अब मात्र 10 मिनट में पहुंचेगी 'जीवनरक्षक' एम्बुलेंस, मददगारों को सम्मान और घायलों का 1.5 लाख तक मुफ्त इलाज


सड़क हादसों के विरुद्ध केंद्र का 'महाकवच': अब मात्र 10 मिनट में पहुंचेगी 'जीवनरक्षक' एम्बुलेंस, मददगारों को सम्मान और घायलों का 1.5 लाख तक मुफ्त इलाज

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

नई दिल्ली | 27 जनवरी 2026

​केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संसद के पटल पर सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाग्रस्त पीड़ितों के प्राणरक्षा हेतु एक ऐतिहासिक और मानवीय संवेदनाओं से ओत-प्रोत कार्ययोजना की घोषणा की है। सदन में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्वीकार किया कि देश में प्रतिवर्ष होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में लाखों लोग अपनी जान गंवाते हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा केवल इसलिए काल के गाल में समा जाता है क्योंकि उन्हें 'गोल्डन ऑवर' यानी दुर्घटना के तुरंत बाद के बहुमूल्य समय में उचित चिकित्सा नहीं मिल पाती। इस विभीषिका को समाप्त करने हेतु केंद्र सरकार ने अब 'त्वरित प्रतिक्रिया' और 'निशुल्क उपचार' को अपनी प्राथमिकता बनाया है।

​गडकरी ने सदन को आश्वस्त किया कि अब सड़क दुर्घटना के शिकार किसी भी व्यक्ति को उपचार के अभाव में दम नहीं तोड़ने दिया जाएगा। सरकार ने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को अस्पताल पहुँचाने पर उसके इलाज का प्रथम सात दिनों का खर्च, जो कि अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक होगा, वह पूरी तरह से सरकार या एनएचएआई द्वारा वहन किया जाएगा। यह कदम उन निर्धन परिवारों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं होगा जो पैसों के अभाव में अपने प्रियजनों का इलाज नहीं करा पाते थे। इसके साथ ही, दुर्घटना के समय मदद करने से कतराने वाले आम जनों के मन से पुलिसिया पचड़े का भय निकालने के लिए सरकार ने 'गुड समैरिटन' (नेक राहगीर) नीति को और सशक्त किया है। अब घायलों को अस्पताल पहुँचाने वाले व्यक्ति को न केवल कानूनी झंझटों से मुक्त रखा जाएगा, बल्कि उन्हें 'राहगीर' की उपाधि से विभूषित कर 25,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित भी किया जाएगा.

​सड़क सुरक्षा के बुनियादी ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन की घोषणा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अक्सर एम्बुलेंस के देर से पहुँचने या अलग-अलग हेल्पलाइन नंबरों के भ्रम में जान चली जाती है। इस समस्या के स्थाई समाधान हेतु अब पूरे देश में 'एक राष्ट्र-एक हेल्पलाइन' की तर्ज पर एकीकृत नंबर प्रणाली लागू की जाएगी। उन्होंने एक अत्यंत महत्वपूर्ण तकनीकी पहलू को उजागर करते हुए बताया कि कई बार दुर्घटनाग्रस्त बस या कार के पिचक जाने से यात्री मलबे में फंस जाते हैं और सामान्य एम्बुलेंस कर्मियों के पास उन्हें बाहर निकालने के औजार नहीं होते। इस विवशता को दूर करने के लिए एनएचएआई अब राज्यों को अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित एम्बुलेंस मुहैया कराएगा। इन एम्बुलेंस में न केवल डॉक्टर, ऑक्सीजन और ईसीजी की सुविधा होगी, बल्कि मलबे को काटकर घायलों को सुरक्षित निकालने वाले 'कटर' और अन्य बचाव उपकरण भी मौजूद होंगे.

​इस महत्वकांक्षी योजना के क्रियान्वयन हेतु केंद्र सरकार राज्यों के साथ एक विशेष समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने जा रही है। इसके तहत एनएचएआई राज्यों को निःशुल्क आधुनिक एम्बुलेंस उपलब्ध कराएगा, लेकिन इसके साथ एक अनिवार्य शर्त जुड़ी होगी— किसी भी दुर्घटना की सूचना मिलने के मात्र 10 मिनट के भीतर एम्बुलेंस को घटनास्थल पर पहुँचना होगा। गडकरी ने स्पष्ट किया कि 10 मिनट की यह समय-सीमा जीवन और मृत्यु के बीच का निर्णायक फासला है, जिसे पाटना ही सरकार का अंतिम ध्येय है। इस पहल ने यह सिद्ध कर दिया है कि सरकार अब सड़क सुरक्षा को केवल आंकड़ों के चश्मे से नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं की दृष्टि से देख रही है.

कटकमसांडी के बहिमर में विकास का महाजुटान: विधायक प्रदीप प्रसाद ने भरा 'विकसित भारत' का दम, कहा- अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की समृद्धि ही हमारी प्राथमिकता

कटकमसांडी के बहिमर में विकास का महाजुटान: विधायक प्रदीप प्रसाद ने भरा 'विकसित भारत' का दम, कहा- अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की समृद्धि ही हमारी प्राथमिकता


नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग | 27 जनवरी 2026

​हजारीबाग सदर विधानसभा क्षेत्र के सुदूरवर्ती कटकमसांडी प्रखंड स्थित बहिमर की धरती मंगलवार को एक ऐतिहासिक संकल्प की साक्षी बनी। यहाँ आयोजित 'विकसित भारत रोजगार एवं आजीविका मिशन की गारंटी' (VB-GRAM-G) के जिला स्तरीय सम्मेलन में सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने विकास और अंत्योदय की अवधारणा को धरातल पर उतारने का पुरजोर आह्वान किया। सम्मेलन को संबोधित करते हुए विधायक ने स्पष्ट शब्दों में प्रतिपादित किया कि केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की सार्थकता तभी सिद्ध होगी, जब समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के जीवन में खुशहाली और आत्मनिर्भरता का प्रकाश पहुँचेगा।

​विधायक ने अपने ओजस्वी संबोधन में कहा कि रोजगार सृजन, स्वरोजगार और आजीविका सशक्तिकरण ही वह मूलमंत्र है, जिसके माध्यम से हजारीबाग को विकास के पथ पर तीव्र गति से अग्रसर किया जा सकता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत' के स्वप्न को साकार करने हेतु युवाओं, महिलाओं और ग्रामीण कामगारों को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने पर विशेष बल दिया। उनका कहना था कि ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती ही देश की प्रगति की आधारशिला है, और इसके लिए जनप्रतिनिधियों के साथ-साथ समाज के प्रत्येक वर्ग को समवेत स्वर में और कंधे से कंधा मिलाकर निरंतर प्रयास करना होगा।

​इस गरिमामयी कार्यक्रम में युवाओं के लिए रोजगार के नवीन अवसरों और महिलाओं की आत्मनिर्भरता के विषयों पर गंभीर मंथन किया गया। विधायक ने आश्वस्त किया कि सरकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन और पारदर्शिता सुनिश्चित करना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। सम्मेलन में पूर्व सांसद यदुनाथ पाण्डेय, जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह, केपी ओझा सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारियों ने भी अपने विचार रखे और संगठन की मजबूती पर जोर दिया।

​इस अवसर पर मंच और पंडाल में संगठन की अभूतपूर्व एकजुटता देखने को मिली। कार्यक्रम में जिला महामंत्री सुनील मेहता, सुमन पप्पु, टौनी जैन, सांसद प्रतिनिधि अजय साहू, नारायण कुशवाहा, जीवन मेहता, विजय दाँगी, विधायक प्रतिनिधि सुमन राय, जिला परिषद सदस्य मंजु नन्दनी, कटकमसांडी प्रमुख सजिता कुमारी, मंडल अध्यक्ष प्रकाश कुशवाहा, कैलाश यादव, अरुण राणा, रणधीर पाण्डेय, अशोक कुशवाहा, दिलीप रवि, रितलाल यादव, बिजूल देवी, भानु मति, कुलदीप भोक्ता, महावीर सिंह, नारायण साव, बीरेंद्र वीरू, प्रेम प्रसाद, आदित्य दाँगी, राकेश सिंह, अरविन्द यादव, गंगा पाण्डेय, नरेश मेहता, सोहर राणा, दिनेश सिंह ठाकुर एवं दीपक मेहता सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि क्षेत्र के विकास के लिए सभी कृतसंकल्पित हैं। विधायक ने अंत में दोहराया कि हजारीबाग को समृद्ध और आत्मनिर्भर बनाने का यह महाअभियान अब रुकने वाला नहीं है।

गणतंत्र के महापर्व पर मुन्ना सिंह का आह्वान: शिक्षित, संस्कारवान और कुरीति-मुक्त समाज से ही होगा सशक्त भारत का निर्माण

गणतंत्र के महापर्व पर मुन्ना सिंह का आह्वान-


शिक्षित, संस्कारवान और कुरीति-मुक्त समाज से ही होगा सशक्त भारत का निर्माण

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग | 27 जनवरी 2026

​देश के 77वें गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर हजारीबाग सदर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने जिले के विभिन्न महत्वपूर्ण स्थलों पर ध्वजारोहण कर लोकतंत्र के प्रति अपनी अटूट आस्था प्रकट की। पूरे दिन चले मैराथन कार्यक्रमों के दौरान उन्होंने राष्ट्रीय एकता, अखंडता और संवैधानिक मूल्यों के संरक्षण का संकल्प दोहराते हुए स्पष्ट किया कि एक श्रेष्ठ राष्ट्र की परिकल्पना केवल शिक्षा, त्याग और सामाजिक समरसता के धरातल पर ही साकार हो सकती है। उन्होंने जिले के विभिन्न सामाजिक और शैक्षणिक संस्थानों में पहुंचकर तिरंगे को सलामी दी और आम जनों से राष्ट्र निर्माण में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की।

​अपने जनसंपर्क अभियान के क्रम में खिरगांव स्थित मिल्लत अकादमी में ध्वजारोहण करते हुए मुन्ना सिंह ने शैक्षणिक वातावरण को सशक्त बनाने पर विशेष बल दिया। संस्था के संचालक अख्तर हुसैन के सामाजिक और शैक्षणिक योगदानों की मुक्तकंठ से सराहना करते हुए उन्होंने कहा कि नैतिक मूल्यों से युक्त शिक्षा ही वह आधारशिला है जिस पर एक जागरूक और आत्मनिर्भर भारत खड़ा हो सकता है। इसके पश्चात सदर प्रखंड के बैहरी पंचायत भवन में आयोजित गरिमामयी समारोह में शामिल होकर उन्होंने संविधान की उद्देशिका और लोकतांत्रिक मूल्यों को अक्षुण्ण रखने का व्रत लिया।

​कालीबाड़ी रोड स्थित मोहम्मद अली के पुस्तकालय में आयोजित कार्यक्रम में शिरकत करते हुए उन्होंने स्वाधीनता संग्राम के अमर सेनानियों के बलिदान को नमन किया। यहाँ उन्होंने कांग्रेस पार्टी की विचारधारा को रेखांकित करते हुए कहा कि देश की प्रगति के लिए सामाजिक न्याय और आपसी भाईचारे की डोर को मजबूत करना अपरिहार्य है। कार्यक्रमों की इसी कड़ी में अन्नदा चौक स्थित स्वर्ण महासभा (दहेज उन्मूलन व समाज उत्थान) के कार्यालय में झंडोत्तोलन करते हुए उन्होंने समाज को दीमक की तरह चाट रही दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों के समूल नाश का आह्वान किया। उन्होंने वहां उपस्थित जनसमूह को एक समतामूलक समाज के निर्माण का संकल्प दिलाया और कहा कि गणतंत्र की सार्थकता तभी सिद्ध होगी जब प्रत्येक नागरिक राष्ट्रहित में अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करेगा।

ईचाक में बेतरतीब यातायात और सड़क सुरक्षा पर पुलिस का सख्त रुख, थाना प्रभारी ने जारी की कड़ी चेतावनी, सुगम आवागमन हेतु जनसहयोग की अपील

ईचाक में बेतरतीब यातायात और सड़क सुरक्षा पर पुलिस का सख्त रुख, थाना प्रभारी ने जारी की कड़ी चेतावनी, सुगम आवागमन हेतु जनसहयोग की अपील


ईचाक/हजारीबाग| 27 जनवरी 2026

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

​हजारीबाग/ईचाक थाना क्षेत्र के हृदय स्थल माने जाने वाले मुख्य बाजार, ईचाक मोड़ तथा करियातपुर जैसे व्यस्ततम इलाकों में बढ़ती यातायात अराजकता को लेकर पुलिस प्रशासन अब पूरी तरह से सतर्क और गंभीर मुद्रा में आ गया है। सड़कों पर व्याप्त अव्यवस्था और नियमों की लगातार हो रही अनदेखी के मद्देनजर ईचाक पुलिस ने आम जनमानस की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु एक विशेष जन-जागरूकता अपील जारी की है। थाना प्रभारी गौतम कुमार ने क्षेत्रवासियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि सड़क सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

​प्रशासन के संज्ञान में यह विषय प्रमुखता से आया है कि मुख्य मार्गों और बाजार के किनारे लोग अपने दोपहिया, टेम्पो और चारपहिया वाहनों को अत्यंत बेतरतीब ढंग से खड़ा कर रहे हैं। इस अनियंत्रित पार्किंग के कारण सड़कों पर अनावश्यक जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिसका सर्वाधिक खामियाजा स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों और आपातकालीन चिकित्सा सेवा की आवश्यकता वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, बिना हेलमेट वाहन चलाना और नाबालिगों के हाथों में स्टेरिंग थमाना जैसी प्रवृतियां दुर्घटनाओं को खुला निमंत्रण दे रही हैं, जो जान-माल के लिए एक आसन्न संकट बन चुका है।

​थाना प्रभारी ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि पुलिस का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि नागरिकों के बहुमूल्य जीवन की रक्षा करना है। अतः समस्त वाहन चालकों से आग्रह है कि वे अपने वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करें और यातायात नियमों का अक्षरशः पालन करें। पुलिस ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि भविष्य में नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ईचाक को एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दुर्घटना-मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए प्रशासन ने आम जनता से सक्रिय सहयोग और नागरिक दायित्व के निर्वहन की अपेक्षा की है।

झारखंड में 'शहरी सरकार' के गठन की रणभेरी बजी-23 फरवरी को होगा मतदान, 27 को आएगा जनादेश


झारखंड में 'शहरी सरकार' के गठन की रणभेरी बजी-23 फरवरी को होगा मतदान, 27 को आएगा जनादेश

रांची | 27 जनवरी 2026


राज्य निर्वाचन आयोग, झारखंड ने नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 की विधिवत घोषणा करते हुए लोकतांत्रिक अनुष्ठान का शंखनाद कर दिया है। आयोग के सचिव द्वारा जारी ताजा अधिसूचना के साथ ही शहरी क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है और आदर्श आचार संहिता का प्रभाव तत्काल रूप से लागू माना जा रहा है। आयोग द्वारा निर्धारित समय-सारणी के अनुसार जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) द्वारा 28 जनवरी 2026, दिन बुधवार को प्रपत्र-5 में निर्वाचन की औपचारिक सूचना प्रकाशित की जाएगी, जिसके साथ ही चुनावी समर का आगाज हो जाएगा।

​लोकतंत्र के इस महापर्व में भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु प्रत्याशियों के लिए नाम निर्देशन यानी नामांकन की प्रक्रिया 29 जनवरी 2026 (गुरुवार) से प्रारंभ होकर 4 फरवरी 2026 (बुधवार) तक अनवरत चलेगी। इस दौरान पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक प्रत्याशी अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की सूक्ष्मता से जाँच यानी संवीक्षा की तिथि 5 फरवरी 2026 (गुरुवार) निर्धारित की गई है। आयोग ने वैसे प्रत्याशियों को जो चुनावी मैदान से हटकर अपना नाम वापस लेना चाहते हैं, उन्हें 6 फरवरी 2026 (शुक्रवार) तक का समय दिया है। इसके ठीक अगले दिन यानी 7 फरवरी 2026 (शनिवार) को चुनाव लड़ने वाले अंतिम रूप से पात्र उम्मीदवारों के बीच निर्वाचन प्रतीक का आवंटन किया जाएगा, जिसके बाद प्रचार-प्रसार का शोर अपने चरम पर होगा।

​शहरी मतदाताओं द्वारा अपने प्रतिनिधियों को चुनने का निर्णायक दिन 23 फरवरी 2026 (सोमवार) तय किया गया है, जिस दिन प्रातः 7:00 बजे से लेकर अपराह्न 5:00 बजे तक मतदान केंद्रों पर मत डाले जाएंगे। प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला और जनता का स्पष्ट जनादेश 27 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को मतगणना के साथ सामने आएगा। मतगणना की प्रक्रिया प्रातः 8:00 बजे से प्रारंभ होगी। राज्य निर्वाचन आयोग की इस घोषणा के बाद प्रशासनिक महकमे ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने हेतु अपनी कमर कस ली है।


हजारीबाग में अवैध शराब माफियाओं के मंसूबों पर फिरा पानी, पिकअप के 'गुप्त तहखाने' से 640 लीटर अवैध स्पिरिट की बड़ी खेप बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

हजारीबाग में अवैध शराब माफियाओं के मंसूबों पर फिरा पानी, पिकअप के 'गुप्त तहखाने' से 640 लीटर अवैध स्पिरिट की बड़ी खेप बरामद, दो तस्कर गिरफ्तार

हजारीबाग | 26 जनवरी 2026

हजारीबाग: जिला प्रशासन ने अवैध शराब के निर्माण और तस्करी के विरुद्ध अपनी 'जीरो टॉलरेंस' की नीति को चरितार्थ करते हुए माफियाओं की कमर तोड़ दी है। उपायुक्त महोदय के कड़े निर्देशों और सहायक आयुक्त उत्पाद के कुशल मार्गदर्शन में उत्पाद विभाग की टीम ने बीती शाम एक बड़ी सफलता अर्जित की है। विभाग को मिली गुप्त आसूचना के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए टीम ने एनएच-33 स्थित डेमोटांड़ के समीप नाकेबंदी कर एक टाटा पिकअप वाहन को धर दबोचा, जिसमें तस्करी के लिए बेहद शातिर तरीका अपनाया गया था।

उत्पाद विभाग की इस छापामारी में तस्करों की डाल-डाल और प्रशासन की पात-पात वाली कहावत चरितार्थ हुई। वाहन की तलाशी लेने पर प्रथम दृष्टया सब कुछ सामान्य प्रतीत हो रहा था, लेकिन गहन जाँच में वाहन के भीतर विशेष रूप से निर्मित एक 'बॉक्स सिस्टम' (गुप्त तहखाना) का भंडाफोड़ हुआ। इस गुप्त जगह में छिपाकर रखे गए 16 जेरिकन बरामद किए गए, जिनमें कुल 640.00 लीटर अवैध स्पिरिट भरी हुई थी। इस स्पिरिट का उपयोग अवैध शराब निर्माण में किया जाना था, जिसे समय रहते जब्त कर प्रशासन ने एक बड़ी अनहोनी को टाल दिया है।

मौके से वाहन चालक बादाम निवासी मुकेश प्रजापति तथा सह-चालक मयूरहंड थाना क्षेत्र के चौथा, मनहानियाँ निवासी देवेंद्र कुमार दांगी को गिरफ्तार कर लिया गया है। प्रारंभिक पूछताछ और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर सुसंगत धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत कर दोनों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। साथ ही, इस सिंडिकेट में शामिल अन्य फरार माफियाओं और पर्दे के पीछे छिपे सरगनाओं के विरुद्ध भी नामजद प्राथमिकी दर्ज कर उनकी धर-पकड़ हेतु जाल बिछा दिया गया है। उत्पाद विभाग की इस तत्परता ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि जिले में अवैध शराब का कारोबार अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


हजारीबाग में 'ममता' के नाटक का तीन घंटे में पटाक्षेप, गरीबी से हारकर मां ने ही सौंपा था जिगर का टुकड़ा, पुलिस की तत्परता ने खोला 'चोरी' का गहरा राज

 हजारीबाग में 'ममता' के नाटक का तीन घंटे में पटाक्षेप, गरीबी से हारकर मां ने ही सौंपा था जिगर का टुकड़ा, पुलिस की तत्परता ने खोला 'चोरी' का गहरा राज

हजारीबाग। जिले के लोहसिंघना थाना क्षेत्र अंतर्गत लक्ष्मी पेट्रोल पंप के समीप से एक नवजात शिशु की चोरी की जिस सनसनीखेज घटना ने पूरे शहर को उद्वेलित कर दिया था, हजारीबाग पुलिस ने महज तीन घंटे के भीतर उस रहस्य पर से पर्दा उठाते हुए न केवल बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया, बल्कि इस पूरे प्रकरण के पीछे छिपी एक मां की विवशता और 'मनगढ़ंत' कहानी का भी अंततः पटाक्षेप कर दिया। गणतंत्र दिवस की संध्या बेला में पुलिस की इस त्वरित और संवेदनशील कार्यप्रणाली ने एक ओर जहां खाकी की साख बढ़ाई है, वहीं दूसरी ओर इस घटना ने समाज के सामने गरीबी और लाचारी की एक मर्मस्पर्शी तस्वीर भी पेश की है।

घटनाक्रम के अनुसार, 26 जनवरी की शाम लगभग साढ़े चार बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि एक मां की गोद से उसका तीन दिन का नवजात शिशु चोरी हो गया है। मामले की गंभीरता और जनभावनाओं के ज्वार को देखते हुए पुलिस अधीक्षक ने तत्काल एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। पुलिस की यह टीम बिजली की गति से सक्रिय हुई और तकनीकी अनुसंधान तथा खुफिया तंत्र के सहारे महज तीन घंटों के भीतर जिले के चौपारण थाना क्षेत्र स्थित ग्राम करमा तक जा पहुंची, जहां से नवजात को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। किंतु, जैसे ही पुलिस ने जांच की परतें उधेड़नी शुरू कीं, सामने आया सच किसी फिल्मी पटकथा से कम चौंकाने वाला नहीं था।

अनुसंधान में यह तथ्य प्रकाश में आया कि नवजात की चोरी का शोर मचाने वाली मां बेबी देवी ने स्वयं ही गरीबी और अभावों से हारकर अपने जिगर के टुकड़े का सौदा किया था। दरअसल, बेबी देवी के पूर्व से पांच बच्चे हैं और उनके पति मुंबई में मजदूरी कर किसी तरह परिवार का भरण-पोषण करते हैं। ऐसी विषम आर्थिक परिस्थितियों में छठे बच्चे का लालन-पालन करना उनके लिए संभव नहीं था। इसी विवशता के चलते पति की सहमति से उन्होंने अपने नवजात शिशु को अपनी सहेली की मौसेरी बहन मालती देवी को स्वेच्छा से सौंप दिया था। किंतु, ससुराल वालों के प्रश्नों और समाज के 'लोक-लाज' के भय ने उन्हें झूठ का सहारा लेने पर मजबूर कर दिया, जिसके बाद उन्होंने बच्चा चोरी की यह मनगढ़ंत कहानी रच डाली। अंततः पुलिस ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए बरामद नवजात को परिजनों की उपस्थिति में पुनः उसकी मां बेबी देवी को सुपुर्द कर दिया, जिसके साथ ही इस हाई-प्रोफाइल ड्रामे का सुखद किंतु विचारणीय अंत हो गया।

विदाई की बेला में स्मृतियों का सैलाब, वाणिज्य संकाय के छात्रों को नम आंखों से दी गई भावपूर्ण विदाई

विदाई की बेला में स्मृतियों का सैलाब, वाणिज्य संकाय के छात्रों को नम आंखों से दी गई भावपूर्ण विदाई

हजारीबाग। स्थानीय जीएम महाविद्यालय के प्रांगण में इंटरमीडिएट वाणिज्य संकाय (सत्र 2024-26) के निवर्तमान छात्रों के सम्मान में आयोजित विदाई समारोह स्मृतियों, संकल्पों और भावनाओं का साक्षी बना। 'फेयरवेल' की इस बेला में हर्ष और विषाद के मिश्रित भावों के बीच कनिष्ठ छात्रों ने अपने अग्रजों को तिलक लगाकर और मंगलकामनाओं के साथ विदा किया। समारोह का विधिवत शुभारंभ माँ शारदे की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुआ, जिसके पश्चात प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।

​समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महाविद्यालय के सचिव विनय कुमार ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि यह विदाई अंत नहीं, बल्कि जीवन के नए अध्याय का आरंभ है। उन्होंने छात्रों को आगामी वार्षिक परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु एकाग्रता और कठोर परिश्रम को सफलता का एकमात्र 'गुरुमंत्र' बताया। वहीं, प्राचार्य शम्भु कुमार ने वर्तमान परिदृश्य में वाणिज्य शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के इस दौर में वाणिज्य के विद्यार्थियों के लिए करियर की असीम संभावनाएं और अनंत आकाश खुले हैं।

​कार्यक्रम के दौरान वातावरण उस समय अत्यंत भावुक हो गया जब महाविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक  रंजन कुमार ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थी केवल संस्था की चहारदीवारी से विदा ले रहे हैं, शिक्षकों के हृदय से नहीं; गुरु और शिष्य का यह आत्मिक संबंध सदैव जीवंत रहेगा। छात्रा पायल कुमारी और मुस्कान कुमारी ने अपने सधे हुए मंच संचालन से कार्यक्रम को गति प्रदान की। समारोह के अंतिम क्षणों में छात्रा निशु कुमारी द्वारा प्रस्तुत विदाई गीत की मर्मस्पर्शी स्वरलहरियों ने वहां उपस्थित सभी जनों की आंखों को सजल कर दिया और पूरा माहौल उदासी की चादर में लिपट गया। कार्यक्रम का समापन 


उमेश ठाकुर के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। इस अवसर पर शिक्षक आशीष पांडे, मनोज राणा, रेयाज अहमद, कुंदन शशि शर्मा, कृष्ण कुमार, नीलिमा कुजूर, प्रिया कुमारी, पूनम कुमारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

हजारीबाग में दिनदहाड़े मां की गोद से तीन दिन का नवजात चोरी, पुलिस के लचर रवैये और 'सिस्टम' की नाकामी पर फूटा जनआक्रोश

हजारीबाग में दिनदहाड़े मां की गोद से तीन दिन का नवजात चोरी, पुलिस के लचर रवैये और 'सिस्टम' की नाकामी पर फूटा जनआक्रोश

हजारीबाग: शहर के हृदयस्थल में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक अत्यंत मार्मिक घटना प्रकाश में आई है, जिसने न केवल एक मां की ममता को छलनी किया है बल्कि शहर की कानून व्यवस्था पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिया है। बहीमर निवासी बेबी देवी, जो अपने पति संदीप रॉय के साथ अपने महज तीन दिन के दुधमुंहे बच्चे का इलाज कराने शहर आई थीं, उनकी गोद सरेराह सूनी हो गई। यह हृदयविदारक घटना डॉ. एम.एम. हुसैन के क्लीनिक के समीप घटी, जब यह दंपत्ति चिकित्सक से परामर्श लेकर लौट रहा था।

प्रत्यक्षदर्शियों और स्वयं पीडि़ता के बयानों के अनुसार, सड़क पार करते समय प्रसूता बेबी देवी को अचानक चक्कर आ गया और वे अर्धमूर्छित अवस्था में सड़क पर ही लड़खड़ा गईं। इसी अफरातफरी और महिला की असहाय स्थिति का लाभ उठाते हुए एक अज्ञात महिला ने सहायता के बहाने बच्चे को अपनी गोद में लिया और पलक झपकते ही भीड़ में ओझल हो गई। जब तक बदहवास मां को होश आया, तब तक उनकी दुनिया लुट चुकी थी। महज 24 तारीख को जन्मे इस शिशु के वियोग में मां का करुण क्रंदन वहां मौजूद हर संवेदनशील व्यक्ति का कलेजा चीर रहा था, किंतु प्रशासन की संवेदनहीनता ने इस घाव को और गहरा कर दिया।

घटना के पश्चात वहां उपस्थित स्थानीय नागरिकों का गुस्सा उस वक्त सातवें आसमान पर पहुंच गया, जब सूचना देने के घंटों बाद भी पुलिस मौके पर नदारद रही। आक्रोशित भीड़ ने झारखंड सरकार और स्थानीय पुलिस प्रशासन की कार्यशैली को कटघरे में खड़ा करते हुए जमकर नारेबाजी की। प्रत्यक्षदर्शियों का कहना था कि शहर के अतिव्यस्त इलाके में दिनदहाड़े एक नवजात की चोरी हो जाना और उसके बाद पुलिस का घंटों तक घटनास्थल पर न पहुंचना, यह साबित करता है कि तंत्र पूरी तरह से विफल हो चुका है। भीड़ में शामिल लोगों ने आरोप लगाया कि प्रदेश में आए दिन बच्चों की चोरी की घटनाएं, चाहे वह हजारीबाग हो, रांची या जमशेदपुर, एक संगठित अपराध का रूप ले चुकी हैं, जिस पर अंकुश लगाने में शासन-प्रशासन पूर्णतः अक्षम साबित हो रहा है।

इस सनसनीखेज वारदात ने आम जनमानस में असुरक्षा की भावना भर दी है। एक तरफ जहां बदहवास परिजन अपने जिगर के टुकड़े की तलाश में दर-दर भटक रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ घंटों विलंब से जागने वाली पुलिसिया कार्रवाई पर जनता का विश्वास डगमगा गया है। यह घटना मात्र एक चोरी नहीं, बल्कि उस 'सुरक्षा व्यवस्था' पर करारा तमाचा है, जो नागरिकों की हिफाजत का दम भरती है। अब देखना यह होगा कि सुस्त पड़ी पुलिस कब तक उस अज्ञात महिला को ढूंढ निकालती है और कब एक मां की सूनी गोद पुन! भर पाती है।

26 जनवरी 2026

 26 जनवरी 2026

"गणतंत्र दिवस" 77वें वर्ष के अवसर पर कौशल्या देवी 


उप-प्रमुख दारू ने समस्त देशवासियों को हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं दीं। उन्होंने दो टूक में कहा "गणतंत्र दिवस हमें जिम्मेदार नागरिक बनने की सीख देता है"।

70 एकड़ में लहलहाती 'सफेद मौत' की खेती खाक, ड्रोन ने तोड़ी तस्करों की कमर


70 एकड़ में लहलहाती 'सफेद मौत' की खेती खाक, ड्रोन ने तोड़ी तस्करों की कमर

हजारीबाग | नशे के सौदागरों और अवैध अफीम की खेती के खिलाफ हजारीबाग पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और करारी चोट दी है। "मिशन जीरो टॉलरेंस" की तर्ज पर कार्रवाई करते हुए पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने चौपारण के बीहड़ इलाकों में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया। इस महाअभियान में लगभग 70 एकड़ में फैली अफीम की अवैध फसल को मौके पर ही नेस्तनाबूद कर दिया गया।

बिहार बॉर्डर पर 'ड्रोन' से निगहबानी

तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए बिहार से सटे फल्गु नदी के किनारे स्थित ग्राम सिकदा के दुर्गम और सुदूर इलाकों को अपना ठिकाना बनाया था। लेकिन पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए ड्रोन कैमरों से आसमान से नजर रखी और अफीम के खेतों को सटीक रूप से चिन्हित किया।

मौके पर ही इंफ्रास्ट्रक्चर ध्वस्त

कार्रवाई केवल फसल नष्ट करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि खेती में प्रयुक्त संसाधनों को भी नष्ट किया गया। पुलिस ने मौके से 15 डिलीवरी पाइप बरामद कर उन्हें तुरंत नष्ट कर दिया, ताकि दोबारा इस नेटवर्क को खड़ा न किया जा सके।

माफियाओं पर कसेगा कानूनी शिकंजा

हजारीबाग पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी। अफीम की खेती करने वाले सिंडिकेट और जमीन मालिकों के नाम-पते का सत्यापन तेज कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग के निर्देशानुसार, दोषियों की पहचान होते ही उनके खिलाफ कठोर धाराओं में कांड दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।

इस साहसिक अभियान के नायक:

बरही के एसडीपीओ श्री अजित कुमार बिमल के नेतृत्व में चले इस अभियान में अंचल पुलिस निरीक्षक चंद्रशेखर, थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी, एसआई सुबिन्दर राम, एसआई रतन टुडू, एएसआई बादल महतो और वनपाल कुलदीप कुमार समेत सशस्त्र बल के जवानों ने अदम्य साहस का परिचय दिया।

पुलिस का स्पष्ट संदेश:

हजारीबाग पुलिस ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि मादक पदार्थों की तस्करी और खेती को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए आगे भी इसी प्रकार की सख्त और त्वरित कार्रवाई 

जारी रहेगी।

पेलावल में शिक्षा की नई अलख, खिदमत-ए-खल्क ने उठाई होनहारों की जिम्मेदारी, गरीबी अब नहीं बनेगी पढ़ाई में बाधा

पेलावल में शिक्षा की नई अलख, खिदमत-ए-खल्क ने उठाई होनहारों की जिम्मेदारी, गरीबी अब नहीं बनेगी पढ़ाई में बाधा


हजारीबाग। हजारीबाग के पेलावल क्षेत्र में शिक्षा की लौ को और तेज करने के उद्देश्य से सामाजिक संस्था 'खिदमत-ए-खल्क' ने एक अनूठी पहल की है। संस्था ने न केवल एक नए शैक्षणिक केंद्र की सौगात दी है, बल्कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे प्रतिभावान छात्रों के लिए उम्मीद की एक नई किरण भी जलाई है। इस नवनिर्मित शैक्षणिक संस्थान के उद्घाटन समारोह को यादगार बनाने के लिए एक भव्य इस्लामिक क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में सैकड़ों की संख्या में नन्हे-मुन्ने और किशोर विद्यार्थियों ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया, जिससे पूरा माहौल शैक्षणिक गतिविधियों से गुलजार हो उठा।

​कार्यक्रम का सबसे अहम और संवेदनशील पल वह रहा जब संस्था के पदाधिकारियों ने मंच से समाज के वंचित तबके के लिए एक बड़ी घोषणा की। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि अब पैसे की कमी किसी भी होनहार बच्चे की पढ़ाई में रोड़ा नहीं बनेगी। 'खिदमत-ए-खल्क' ने संकल्प लिया है कि वे ऐसे छात्रों की पढ़ाई का पूरा खर्च उठाएंगे जो पढ़ने में मेधावी हैं लेकिन आर्थिक मजबूरियों के कारण अपनी शिक्षा जारी रखने में असमर्थ हैं। इस ऐलान ने वहां मौजूद कई अभिभावकों के चेहरों पर राहत की मुस्कान ला दी और भविष्य की चिंता को कम कर दिया।

​संस्था के जिम्मेदारों ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि उनका मकसद केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि शिक्षा के माध्यम से समाज में इंसानियत की जड़ों को मजबूत करना और एक तरक्की पसंद समाज का निर्माण करना है। स्थानीय नागरिकों ने इस पहल का खुले दिल से स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि पेलावल जैसे क्षेत्र में ऐसे प्रयासों की सख्त जरूरत थी, जो न केवल बच्चों को शिक्षित करेंगे बल्कि उन्हें एक बेहतर भविष्य की दिशा भी दिखाएंगे। कार्यक्रम का समापन बच्चों के उत्साह और अभिभावकों की उम्मीदों के साथ हुआ।

सड़क हादसे की सूचना पर दौड़ पड़े ग्रामीण, शव की हालत देख जताई हत्या की आशंका; हजारीबाग में दशरथ महतो की मौत पर गहराया रहस्य

सड़क हादसे की सूचना पर दौड़ पड़े ग्रामीण, शव की हालत देख जताई हत्या की आशंका, हजारीबाग में दशरथ महतो की मौत पर गहराया रहस्य

हजारीबाग: दारू थान क्षेत्र में नानु ओरिया क्षेत्र के एक युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई, जिसे लेकर परिजनों और ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताई है। मृतक की पहचान दशरथ महतो उर्फ बिट्टू के रूप में हुई है। शुरू में इसे एक सड़क दुर्घटना माना जा रहा था, लेकिन घटना स्थल पर पहुंचे परिजनों ने शव की स्थिति और घटनाक्रम को देखते हुए इसे सोची-समझी साजिश के तहत की गई हत्या करार दिया है। घटना की सूचना मिलते ही गांव में कोहराम मच गया और करीब डेढ़ से दो सौ की संख्या में ग्रामीण कड़कड़ाती ठंड में घटनास्थल पर पहुंच गए।

मृतक के चाचा और भाई ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि उन्हें फोन पर सूचना मिली थी कि बिट्टू का एक्सीडेंट हो गया है। आनन-फानन में जब परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंचे तो उन्होंने पाया कि शव सड़क के किनारे पड़ा था। परिजनों का आरोप है कि शव को देखने से ऐसा प्रतीत ही नहीं हो रहा था कि यह कोई साधारण दुर्घटना है। मृतक के शरीर के अगले हिस्से पर खरोंच के निशान नहीं थे, जिससे यह संदेह गहरा गया कि उसे पीछे से वार कर मारा गया है और फिर हादसे का रूप देने के लिए शव को सड़क किनारे फेंक दिया गया। मृतक के चाचा ने भावुक होते हुए बताया कि जिस व्यक्ति ने बिट्टू को फोन कर घर से बुलाया था, उसी पर उन्हें शक है।

परिजनों के अनुसार, मौके पर पहुंची पुलिस और थाना प्रभारी ने भी प्रथम दृष्टया इसे संदिग्ध माना है। आक्रोशित परिजनों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषी को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई में जुट गई है। अस्पताल परिसर के पोस्टमार्टम हाउस से बोड़ी को सहर के डिस्टीक मोड़ पर ला कर मृतक के परिवार और ग्रामीणों के भारी भीड़ज्ञ ने सड़क जमा किया है, जिससे माहौल गमगीन बना हुआ है।


मनरेगा के स्वरूप में बदलाव के खिलाफ हजारीबाग कांग्रेस ने फूंका बिगुल

मनरेगा के स्वरूप में बदलाव के खिलाफ हजारीबाग कांग्रेस ने फूंका बिगुल


28 जनवरी से प्रखंडवार आंदोलन और निगम चुनाव में सभी 36 वार्डों पर प्रत्याशी उतारने का ऐलान

हजारीबाग: जिला कांग्रेस कमेटी ने केंद्र सरकार द्वारा महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के नाम और स्वरूप में किए जा रहे बदलावों के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान कर दिया है। रविवार को पूर्व मंत्री सह जिला अध्यक्ष जयप्रकाश भाई पटेल की अध्यक्षता में हुई एक हाई-प्रोफाइल बैठक में पार्टी ने केंद्र की प्रस्तावित 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण' (VB-G RAM G) योजना को गरीब विरोधी और गांधी की विरासत पर हमला करार दिया। कांग्रेस ने स्पष्ट कर दिया है कि मनरेगा का मूल स्वरूप बचाने के लिए अब सड़क से लेकर संसद तक संघर्ष किया जाएगा और इसी कड़ी में 'मनरेगा बचाओ संग्राम' के तहत पूरे जिले में चरणबद्ध आंदोलन की रूपरेखा तय कर ली गई है।

बैठक में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मनरेगा दुनिया की सबसे बड़ी रोजगार गारंटी योजना है जो ग्रामीण भारत की रीढ़ है। सरकार इसका नाम बदलकर न केवल महात्मा गांधी के विचारों को मिटाना चाहती है बल्कि राज्यों पर 40 प्रतिशत वित्तीय बोझ डालकर और काम को कृषि मौसम में रोककर मजदूरों के पेट पर लात मारने की साजिश रच रही है। जिला अध्यक्ष जयप्रकाश भाई पटेल ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि कांग्रेस की देन इस योजना को कमजोर करने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जन-जागरण अभियान के जरिए गांव-गांव जाकर लोगों को इस नई योजना के दुष्प्रभावों के बारे में बताया जाएगा और संसद में इसे पारित होने से रोकने के लिए भारी जन-दबाव बनाया जाएगा।

आंदोलन की रणनीति के तहत 20 जनवरी से फरवरी तक जिले के हर प्रखंड में विरोध प्रदर्शन और घेराव का कार्यक्रम तय किया गया है। इस विरोध प्रदर्शन का विधिवत शंखनाद 28 जनवरी को विष्णुगढ़ प्रखंड से होगा। इसके बाद सिलसिलेवार तरीके से 2 फरवरी को डांडी, 3 फरवरी को इचाक व टाटीझरिया, 5 फरवरी को बरही, 6 को पदमा, 7 को चुरचू, 10 को कटकमदाग, 11 को चौपारण, 14 को केरेडारी, 17 को सदर और अंत में 20 फरवरी को दारू प्रखंड में जोरदार प्रदर्शन किया जाएगा। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ता प्रशासन को ज्ञापन सौंपेंगे और केंद्र की नीतियों का पुरजोर विरोध करेंगे।

आंदोलन की रणनीति के साथ-साथ पॉलिटिकल अफेयर कमिटी की बैठक में आगामी नगर निगम चुनाव को लेकर भी महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। पार्टी ने तय किया है कि मेयर पद के अलावा नगर के सभी 36 वार्डों में कांग्रेस समर्थित उम्मीदवार उतारे जाएंगे। इसके लिए वरिष्ठ नेताओं को जिताऊ उम्मीदवारों की सूची तैयार कर जल्द जिला अध्यक्ष को सौंपने की जिम्मेदारी दी गई है। बैठक का संचालन मोहम्मद दिलदार अंसारी और धन्यवाद ज्ञापन निसार खान ने किया। इस मौके पर पूर्व विधायक उमाशंकर अकेला, भीम कुमार, विनोद कुशवाहा, आबिद अंसारी समेत महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और सेवादल के सैकड़ों पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे जिन्होंने एकजुट होकर संगठन को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।


एनएच 522 पर बेलसोती पुल बना खूनी गलियारा


 

एनएच 522 पर बेलसोती पुल बना खूनी गलियारा

संकीर्णता और जर्जर गार्डवाल ले रही मासूमों की जान, एनएचएआई की चुप्पी से बढ़ा आक्रोश


दारू/हजारीबाग: हजारीबाग से बगोदर होकर कोलकाता को जोड़ने वाली मुख्य जीवनरेखा एनएच 522 पर स्थित बेलसोती पुल इन दिनों यात्रियों के लिए काल का पर्याय बन चुका है। दारू प्रखंड के अंतर्गत आने वाला यह पुल अपनी बनावट और प्रशासनिक अनदेखी के कारण एक खतरनाक 'डेथ ट्रैप' में तब्दील हो गया है, जहां बीते छह महीनों के भीतर ही तीन से अधिक भीषण वाहन दुर्घटनाएं घटित हो चुकी हैं। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो तेज रफ्तार गाड़ियां अक्सर अनियंत्रित होकर सीधे पुल के नीचे जा गिरती हैं, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है।



इस खूनी सिलसिले की सबसे बड़ी वजह पुल का अत्यधिक संकीर्ण होना और फोरलेन सड़क की चौड़ाई के साथ इसका तालमेल न होना है। चकाचक और चौड़ी फोरलेन सड़क पर फर्राटा भरते वाहन जैसे ही इस पुल के समीप पहुंचते हैं, अचानक सड़क के सिमट जाने से चालक भ्रमित हो जाते हैं और दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। रही-सही कसर पुल के जर्जर गार्डवाल ने पूरी कर दी है, जिसका एक हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है और दूसरा हिस्सा किसी भी वक्त गिर सकता है। सुरक्षा मानकों की यह घोर अनदेखी राहगीरों के लिए हर पल मौत का बुलावा साबित हो रही है।

कोलियरी राष्ट्रीयकरण के नायक थे पूर्व सीएम बिन्देश्वरी दुबे-जय प्रकाश भाई पटेल, कांग्रेस कार्यालय में मनाई गई 102वीं जयंती

 

कोलियरी राष्ट्रीयकरण के नायक थे पूर्व सीएम बिन्देश्वरी दुबे-


जय प्रकाश भाई पटेल, कांग्रेस कार्यालय में मनाई गई 102वीं जयंती

हजारीबाग: जिला कांग्रेस कार्यालय कृष्ण बल्लभ आश्रम में स्वतंत्रता सेनानी और संयुक्त बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री बिन्देश्वरी दुबे की 102वीं जयंती पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कांग्रेस जनों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर और माल्यार्पण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व मंत्री सह जिला अध्यक्ष जय प्रकाश भाई पटेल ने बिन्देश्वरी दुबे के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बिन्देश्वरी दुबे न केवल एक कुशल भारतीय राजनेता और प्रशासक थे, बल्कि एक जुझारू स्वतंत्रता सेनानी और मजदूरों की आवाज बुलंद करने वाले सशक्त श्रमिक नेता भी थे।

​जय प्रकाश भाई पटेल ने अपने संबोधन में विशेष रूप से रेखांकित किया कि देश की कोलियरीयों के राष्ट्रीयकरण में बिन्देश्वरी दुबे का योगदान ऐतिहासिक और अविस्मरणीय रहा है। उन्होंने बताया कि दुबे संयुक्त बिहार के मुख्यमंत्री रहने के साथ-साथ केंद्र सरकार में कानून, न्याय, श्रम एवं रोजगार विभाग के मंत्री भी रहे। उनकी राजनीतिक सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष पद पर भी आसीन रहे। सातवीं लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य रहने के अलावा वे छह बार विधानसभा के सदस्य चुने गए और कई बार संयुक्त बिहार तथा झारखंड सरकार के महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली।

​इस जयंती समारोह में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शिरकत की और अपने नेता को याद किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला कांग्रेस के मीडिया अध्यक्ष निसार खान, वरिष्ठ कांग्रेसी विरेन्द्र कुमार सिंह, प्रदेश सचिव बिनोद सिंह, युवा कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद जाविर, सेवादल अध्यक्ष गुड्डू सिंह और नगर अध्यक्ष परवेज अहमद शामिल थे। इसके अलावा जिला उपाध्यक्ष कृष्णदेव प्रसाद सिंह, सलीम रजा, मिथिलेश दुबे, जिला महासचिव दिलीप कुमार रवि, बाबर अंसारी, रघु जायसवाल, सदरूल होदा, विजय कुमार सिंह, एनए चौधरी, निसार अहमद भोला, सैयद अशरफ अली, अनिल कुमार भुईंया, मुस्ताक अंसारी, चन्द्र शेखर आजाद, उदय पाण्डेय, अर्जुन नायक, गिरजा शंकर, बालेश्वर सिंह, विवेक कुमार, मनोज पासवान, संतोष रजवार, छोटी राम, रंजीत यादव, अजित कुमार गुप्ता, अर्जुन सिंह और मुगेश्वर प्रसाद चौधरी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस जनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

एक मां ही समझ सकती है यह असीमित खुशी' सीएम हेमंत सोरेन ने पुलिस को दी बधाई, अंश-अंशिका के परिवार को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का निर्देश

 

एक मां ही समझ सकती है यह असीमित खुशी' सीएम हेमंत सोरेन ने पुलिस को दी बधाई, अंश-अंशिका के परिवार को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का निर्देश 


रांची:राजधानी रांची से लापता मासूम भाई-बहन अंश और अंशिका की 13 दिनों बाद सकुशल बरामदगी पर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने गहरी खुशी और संतोष व्यक्त किया है। मुख्यमंत्री ने इस संवेदनशील मामले के सुखद अंत पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बच्चों के वापस मिलने की असीमित खुशी को सिर्फ एक मां और उनका परिवार ही महसूस कर सकता है। उन्होंने इस कठिन समय में परिवार के धैर्य और साहस की सराहना की। मुख्यमंत्री ने झारखंड पुलिस की इस शानदार सफलता पर पूरी टीम को हार्दिक बधाई दी है। उन्होंने कहा कि पुलिस की सक्रियता और विशेष जांच दल (एसआईटी) की मेहनत के कारण ही बच्चों को सुरक्षित वापस लाया जा सका है।

​सिर्फ बधाई ही नहीं, बल्कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने पीड़ित परिवार के भविष्य को सुरक्षित करने की दिशा में भी एक बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने रांची जिला प्रशासन को तत्काल प्रभाव से निर्देशित किया है कि अंश और अंशिका के परिवार को सभी जरूरी सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जाए। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि इस गरीब परिवार को आर्थिक और सामाजिक रूप से संबल मिल सके और भविष्य में उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े। मुख्यमंत्री के इस निर्देश के बाद जिला प्रशासन ने भी अपनी कार्यवाही तेज कर दी है।

​गौरतलब है कि धुर्वा के मल्लार टोली से लापता इन दोनों बच्चों की बरामदगी पूरे राज्य के लिए एक बड़ी राहत की खबर बनकर आई है। पुलिस और स्थानीय लोगों के संयुक्त प्रयास से बच्चों को रामगढ़ से बरामद किया गया, जिसके बाद से ही राज्य भर से बधाई संदेश आ रहे हैं। मुख्यमंत्री की इस पहल और संवेदनशीलता ने प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को और मजबूत किया है।

हजारीबाग में नशे के सौदागरों के मंसूबों पर फिरा पानी, पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर दस एकड़ में लगी अफीम की फसल को किया जमींदोज

 

हजारीबाग में नशे के सौदागरों के मंसूबों पर फिरा पानी, पुलिस और वन विभाग ने संयुक्त अभियान चलाकर दस एकड़ में लगी अफीम की फसल को किया जमींदोज


हजारीबाग : जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी के खिलाफ पुलिस प्रशासन ने अपनी मुहिम और तेज कर दी है। इसी कड़ी में मंगलवार को चौपारण थाना क्षेत्र के सुदूरवर्ती इलाके में पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। गुप्त सूचना के आधार पर ग्राम मुरानिया के जंगलों में छापेमारी करते हुए प्रशासन ने लगभग दस एकड़ भूमि पर अवैध रूप से की जा रही अफीम की लहलहाती खेती का पर्दाफाश किया और पूरी फसल को मौके पर ही विनष्ट कर दिया।

​बरही एसडीपीओ अजीत कुमार विमल और पुलिस निरीक्षक चंद्रशेखर के नेतृत्व में चले इस सघन अभियान में चौपारण थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी समेत भारी संख्या में पुलिस बल और वन विभाग के कर्मी शामिल थे। टीम ने कार्रवाई के दौरान खेत में सिंचाई के लिए बिछाए गए चार डिलीवरी पाइपों को भी जब्त कर मौके पर ही नष्ट कर दिया ताकि तस्कर दोबारा खेती न कर सकें। पुलिस अब जमीन के दस्तावेजों और स्थानीय खुफिया तंत्र के जरिए उन लोगों की पहचान करने में जुट गई है जिन्होंने यह अवैध खेती की थी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि दोषियों का सत्यापन कर उनके विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी और जिले में नशे के खिलाफ यह सख्त अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

देवघर पुलिस महकमे में व्यापक प्रशासनिक सर्जरी, विधि-व्यवस्था को धार देने के लिए 24 अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बड़ा बदलाव

 देवघर पुलिस महकमे में व्यापक प्रशासनिक सर्जरी, विधि-व्यवस्था को धार देने के लिए 24 अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में बड़ा बदलाव

देवघर : जिले पुलिस प्रशासन ने विधि-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ एवं चुस्त-दुरुस्त बनाने के उद्देश्य से महकमे में बड़े पैमाने पर फेरबदल किया है। जिला स्तर पर जारी ताजा आदेश के अनुसार सब-इंस्पेक्टर और जमादार स्तर के चौबीस पुलिस पदाधिकारियों को इधर से उधर किया गया है। इस प्रशासनिक सर्जरी के तहत कई वर्षों से एक ही जगह जमे अधिकारियों को नई जगह भेजा गया है, जबकि पुलिस केंद्र और विभिन्न शाखाओं में कार्यरत कई पदाधिकारियों को अब थानों की अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है।

जारी आदेश के मुताबिक इस स्थानांतरण सूची में पुलिस अवर निरीक्षक और सहायक अवर निरीक्षक स्तर के अधिकारी शामिल हैं। विभाग द्वारा किए गए इस बदलाव में रिखिया, जसीडीह, खागा, सारवां और नगर थाना जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में नई तैनाती की गई है। विशेष रूप से पुलिस केंद्र से कई अधिकारियों को निकालकर फील्ड ड्यूटी में लगाया गया है, ताकि थानों की कार्यशैली में तेजी आए। वहीं, कुछ पदाधिकारियों को थानों से हटाकर पुलिस केंद्र, विधि शाखा और नाफिस शाखा जैसी प्रशासनिक इकाइयों में पदस्थापित किया गया है। बाबा मंदिर थाना की सुरक्षा व्यवस्था को भी ध्यान में रखते हुए वहां नए अधिकारियों की प्रतिनियुक्ति की गई है।

विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह स्थानांतरण तत्काल प्रभाव से लागू माना जाएगा। सभी नव-पदस्थापित पदाधिकारियों को सख्त निर्देश दिया गया है कि वे अविलंब अपने पुराने पदस्थापन से विरमित होकर नए स्थान पर योगदान दें और अनुपालन प्रतिवेदन समर्पित करें। इस व्यापक फेरबदल को जिले में अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग को और अधिक सक्रिय बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।


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