70 एकड़ में लहलहाती 'सफेद मौत' की खेती खाक, ड्रोन ने तोड़ी तस्करों की कमर
हजारीबाग | नशे के सौदागरों और अवैध अफीम की खेती के खिलाफ हजारीबाग पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी और करारी चोट दी है। "मिशन जीरो टॉलरेंस" की तर्ज पर कार्रवाई करते हुए पुलिस और वन विभाग की संयुक्त टीम ने चौपारण के बीहड़ इलाकों में सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दिया। इस महाअभियान में लगभग 70 एकड़ में फैली अफीम की अवैध फसल को मौके पर ही नेस्तनाबूद कर दिया गया।
बिहार बॉर्डर पर 'ड्रोन' से निगहबानी
तस्करों ने पुलिस से बचने के लिए बिहार से सटे फल्गु नदी के किनारे स्थित ग्राम सिकदा के दुर्गम और सुदूर इलाकों को अपना ठिकाना बनाया था। लेकिन पुलिस ने आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए ड्रोन कैमरों से आसमान से नजर रखी और अफीम के खेतों को सटीक रूप से चिन्हित किया।
मौके पर ही इंफ्रास्ट्रक्चर ध्वस्त
कार्रवाई केवल फसल नष्ट करने तक सीमित नहीं रही, बल्कि खेती में प्रयुक्त संसाधनों को भी नष्ट किया गया। पुलिस ने मौके से 15 डिलीवरी पाइप बरामद कर उन्हें तुरंत नष्ट कर दिया, ताकि दोबारा इस नेटवर्क को खड़ा न किया जा सके।
माफियाओं पर कसेगा कानूनी शिकंजा
हजारीबाग पुलिस ने स्पष्ट कर दिया है कि यह कार्रवाई यहीं नहीं रुकेगी। अफीम की खेती करने वाले सिंडिकेट और जमीन मालिकों के नाम-पते का सत्यापन तेज कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग के निर्देशानुसार, दोषियों की पहचान होते ही उनके खिलाफ कठोर धाराओं में कांड दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।
इस साहसिक अभियान के नायक:
बरही के एसडीपीओ श्री अजित कुमार बिमल के नेतृत्व में चले इस अभियान में अंचल पुलिस निरीक्षक चंद्रशेखर, थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी, एसआई सुबिन्दर राम, एसआई रतन टुडू, एएसआई बादल महतो और वनपाल कुलदीप कुमार समेत सशस्त्र बल के जवानों ने अदम्य साहस का परिचय दिया।
पुलिस का स्पष्ट संदेश:
हजारीबाग पुलिस ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि मादक पदार्थों की तस्करी और खेती को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए आगे भी इसी प्रकार की सख्त और त्वरित कार्रवाई
जारी रहेगी।

No comments
Post a Comment