🏆 हजारीबाग: शिशु विद्या मंदिर कुम्हारटोली में प्रतियोगिता के विजेता छात्र-छात्राएं हुए पुरस्कृत, प्राचार्य ने थपथपाई पीठ
हजारीबाग: शहर के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान सरस्वती शिशु विद्या मंदिर, कुम्हारटोली में मंगलवार (23 जून) को एक भव्य पुरस्कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान पिछले दिनों आयोजित की गई अंग्रेजी राइम्स, संस्कृत सुभाषितानि और हिंदी कविता पाठ प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को विद्यालय प्रबंधन द्वारा मेडल और पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
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| HAZARIBAGH: Principal Sharmendra Kumar Sahu and others distributing prizes to the winning students during the competition at Saraswati Shishu Vidya Mandir, Kumhartoli. (Photo: News Prahari) |
🌟 उदय (Nursery) से लेकर दसवीं तक के भैया-बहनों ने दिखाया हुनर
विद्यालय की आचार्या पूनम सिंह के कुशल नेतृत्व में आयोजित इस कार्यक्रम में कक्षा उदय से लेकर दसवीं तक के भैया-बहनों ने अपनी उत्कृष्ट प्रतिभा का प्रदर्शन किया था:
- अंग्रेजी राइम्स प्रतियोगिता: इसमें कक्षा उदय से लेकर तृतीय (Nursery to Class 3) तक के छोटे बच्चों ने भाग लिया।
- हिंदी कविता पाठ व संस्कृत सुभाषितानि: इसमें कक्षा चतुर्थ से लेकर दशम (Class 4 to 10) तक के विद्यार्थियों ने अपनी बेहतरीन और सुरीली प्रस्तुति दी।

HAZARIBAGH: Principal Sharmendra Kumar Sahu and others distributing prizes to the winning students during the competition at Saraswati Shishu Vidya Mandir, Kumhartoli. (Photo: News Prahari)
प्रतियोगिताओं में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले सभी सफल भैया-बहनों को विद्यालय के प्राचार्य शर्मेंद्र कुमार साहू एवं वरिष्ठ आचार्यों के हाथों पुरस्कृत किया गया।
🗣️ "निरंतर परिश्रम से ही मिलेगी हर क्षेत्र में सफलता": प्राचार्य
इस अवसर पर बच्चों की शानदार प्रस्तुति की सराहना करते हुए प्राचार्य शर्मेंद्र कुमार साहू ने सभी विजेता और सहभागी छात्र-छात्राओं को बधाई व उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा, "आप सभी इसी प्रकार निरंतर परिश्रम और पूरे मनोयोग (एकाग्रता) से प्रयास करते रहें, आपको जीवन की हर प्रतियोगिता में निश्चित रूप से सफलता मिलेगी।"
इस गरिमामयी पुरस्कार वितरण समारोह के मौके पर विद्यालय के सैकड़ों भैया-बहन सहित सभी आचार्य बंधु और भगिनी (शिक्षक-शिक्षिकाएं) मुख्य रूप से उपस्थित रहे।





