गेमिंग और एनिमेशन में छात्रों का बनेगा भविष्य, देश के 15 हजार स्कूलों में खुलेंगे 'क्रिएटर लैब्स'
नई दिल्ली: डिजिटल युग में अब 'क्रिएटर इकॉनमी' (Creator Economy) सिर्फ शौक नहीं, बल्कि एक बड़ा करियर विकल्प बन चुकी है। युवाओं की इसी रचनात्मकता को उड़ान देने के लिए केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। केंद्रीय बजट 2026-27 की घोषणाओं को धरातल पर उतारते हुए, सरकार देश भर के 15,000 माध्यमिक विद्यालयों और 500 उच्च शिक्षण संस्थानों में 'AVGC (एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग और कॉमिक्स) कंटेंट क्रिएटर लैब्स' स्थापित करने जा रही है।
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| देश के स्कूलों और कॉलेजों में जल्द स्थापित होंगी 'AVGC क्रिएटर लैब्स', डिजिटल स्टोरीटेलिंग, एनिमेशन और गेमिंग के क्षेत्र में युवाओं को मिलेगा नया मुकाम। |
सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय (MIB) द्वारा आयोजित 'सबका साथ, सबका विकास' पोस्ट-बजट वेबिनार में इस योजना के रोडमैप पर विस्तार से चर्चा की गई।
पीएम मोदी का विजन: इनोवेशन आधारित अर्थव्यवस्था
वेबिनार का उद्घाटन करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट किया कि भारत तेजी से इनोवेशन आधारित अर्थव्यवस्था की ओर बढ़ रहा है। इसमें AVGC सेक्टर एक प्रमुख स्तंभ है। उन्होंने शिक्षण संस्थानों से अपील की कि वे इंडस्ट्री के साथ मिलकर काम करें, ताकि स्कूल और कॉलेज के कैंपस केवल पढ़ाई के नहीं, बल्कि 'इनोवेशन हब' बनें। इससे छात्रों को वास्तविक दुनिया की चुनौतियों का अनुभव मिलेगा।
IIT और IIM की तर्ज पर बना IICT
इस मौके पर केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने एक बड़ी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सरकार ने देश में 'इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज' (IICT) की स्थापना की है। यह संस्थान IIT, IIM और AIIMS जैसे प्रमुख संस्थानों की तर्ज पर काम करेगा।
मंत्री वैष्णव ने कहा, "इस संस्थान में दुनिया की सर्वश्रेष्ठ हाई-टेक मॉडल प्रयोगशालाएं होंगी, जो युवाओं को क्रिएटिव, मीडिया और तकनीक के उभरते क्षेत्रों में उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा देंगी।" इसके अलावा, दूरदर्शन ने 'क्रिएटर्स कॉर्नर' भी लॉन्च किया है, जहाँ देश के कंटेंट क्रिएटर्स अपना काम दिखा सकते हैं और कमाई भी कर सकते हैं।
योजना के मुख्य बिंदु (Key Highlights)
व्यापक स्तर पर शुरुआत: शुरुआत में टियर-2 और टियर-3 शहरों पर विशेष फोकस करते हुए इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
नई शिक्षा नीति (NEP) से जुड़ाव: यह पहल राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप है, जिसमें मल्टीडिसिप्लिनरी लर्निंग (बहु-विषयक शिक्षा) और डिजाइन थिंकिंग पर जोर दिया गया है।
रोजगार के नए अवसर: इन लैब्स के जरिए छात्रों को स्कूली स्तर से ही VFX, डिजिटल स्टोरीटेलिंग और गेमिंग जैसे ग्लोबल डिमांड वाले विषयों की ट्रेनिंग मिलेगी।
इंडस्ट्री पार्टनरशिप: छात्रों को मेंटरशिप और इंटर्नशिप दिलाने के लिए बड़े कॉर्पोरेट्स और गेमिंग स्टूडियोज के साथ साझेदारी की जाएगी
निष्कर्ष
AVGC क्रिएटर लैब्स की यह पहल भारत के एजुकेशन सिस्टम में एक क्रांतिकारी बदलाव ला सकती है। इससे ना सिर्फ युवा डिजिटल स्किल सीखेंगे, बल्कि भारत ग्लोबल AVGC इकोसिस्टम में एक वर्ल्ड लीडर बनकर उभर सकेगा।।

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