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'राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अपमान पर चुप क्यों हैं हेमंत सोरेन?' हजारीबाग में बोलीं भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता भारती घोष

 'राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अपमान पर चुप क्यों हैं हेमंत सोरेन?' हजारीबाग में बोलीं भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता भारती घोष

नरेश सोनी विशेष संवाददाता झारखंड भारत।

हजारीबाग के फ्लोरिस्ट रेस्ट हाउस में आयोजित बंगाली समाज के सम्मेलन को संबोधित करतीं भाजपा की राष्ट्रीय प्रवक्ता भारती घोष।

हजारीबाग:भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राष्ट्रीय प्रवक्ता  भारती घोष ने हजारीबाग में आयोजित एक महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर तीखा हमला बोला है। हजारीबाग स्थित फ्लोरिस्ट रेस्ट हाउस में बंगाली समाज के भाजपा सदस्यों के सम्मेलन में बतौर मुख्य अतिथि शिरकत करते हुए उन्होंने राष्ट्रीय और क्षेत्रीय राजनीति से जुड़े कई अहम मुद्दों पर अपनी बेबाक राय रखी।

राष्ट्रपति के अपमान पर हेमंत सोरेन की चुप्पी पर सवाल

श्रीमती घोष ने कड़े शब्दों में कहा कि देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद पर आसीन और जनजातीय समाज से आने वाली भारत की प्रथम महिला, महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का पश्चिम बंगाल में अपमान किया जाता है, लेकिन झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह से मौन साधे हुए हैं। उन्होंने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि वे संकुचित मानसिकता और 'छोटे मन' का परिचय दे रही हैं, जहां एक महिला के संवैधानिक पद पर रहते हुए दूसरी महिला का सम्मान सुरक्षित नहीं है।

'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' से ही बंगाली समाज का विकास संभव

'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के विजन पर जोर देते हुए भाजपा प्रवक्ता ने स्पष्ट किया कि देश में बंगाली समाज का वास्तविक और समुचित विकास केवल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में ही संभव है। उन्होंने बंगाली समाज के प्रबुद्ध जनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर भाजपा के पक्ष में अपना पूर्ण समर्थन देने का आह्वान किया।

ईंधन की कमी को बताया विपक्ष की मनगढ़ंत अफवाह

देश में डीजल, पेट्रोल और गैस की कथित कमी की खबरों को सिरे से खारिज करते हुए भारती घोष ने इसे विपक्षी दलों द्वारा फैलाई गई मनगढ़ंत अफवाह करार दिया। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि किसी भी पेट्रोल पंप या गैस एजेंसी के स्टॉक की जांच की जा सकती है, कहीं कोई कमी नहीं है।

इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल, बिहार और असम जैसे राज्यों में बदलती डेमोग्राफी (जनसांख्यिकी) पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि इन राज्यों की स्थिति और भाग्य में सुधार तभी संभव है जब वहां 'डबल इंजन' की सरकार बनेगी।

कार्यक्रम की रूपरेखा और प्रमुख उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण सम्मेलन की अध्यक्षता भाजपा के हजारीबाग जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह ने की, जिन्होंने विषय प्रवेश कराते हुए कार्यक्रम के मुख्य बिंदुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला। कार्यक्रम का सुचारू संचालन प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हरीश श्रीवास्तव ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन काजल मुखर्जी द्वारा दिया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत मुख्य अतिथि को पुष्प गुच्छ और अंग वस्त्र भेंट कर की गई। इस दौरान सम्मेलन में मौजूद बंगाली समाज के सामाजिक कार्यकर्ताओं ने समाज के उत्थान के लिए अपने महत्वपूर्ण सुझाव भी साझा किए।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से सुकलयान मोइत्रा, आशीष चटर्जी, देवाशीष सिन्हा, तापस राय, दीपक घोष, वर्षा दे, सरिता मोइत्रा, गांगुली मलिक, सुनील मेहता, जय नारायण प्रसाद, रेणुका साहू और रामजी कुशवाहा सहित सैकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित थे। इस कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी भाजपा जिला मंत्री सह मीडिया प्रभारी जय नारायण प्रसाद द्वारा साझा की गई।

यूजीसी रेग्यूलेशन 2026: हजारीबाग में सवर्ण एकता मंच का बड़ा ऐलान, 16 मार्च को होगा धरना प्रदर्शन

यूजीसी रेग्यूलेशन 2026: हजारीबाग में सवर्ण एकता मंच का बड़ा ऐलान, 16 मार्च को होगा धरना प्रदर्शन

हजारीबाग: केंद्र सरकार के प्रस्तावित यूजीसी रेग्यूलेशन 2026 को लेकर विरोध के स्वर तेज होने लगे हैं। हजारीबाग में सवर्ण एकता मंच ने इस कानून के खिलाफ अपना आंदोलन और तेज करने का निर्णय लिया है। मंच ने ऐलान किया है कि आगामी 16 मार्च 2026 को शहर के पुराने समाहरणालय स्थित हड़ताली चौक पर एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

प्रेस वार्ता

सुप्रीम कोर्ट की समय सीमा और मंच की चिंताएं

सवर्ण एकता मंच के पदाधिकारियों ने एक विशेष प्रेस वार्ता आयोजित कर स्पष्ट किया कि यह नया कानून सवर्ण समाज के छात्रों के हितों के प्रतिकूल है। नेताओं ने जानकारी दी कि माननीय सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए केंद्र सरकार को 19 मार्च 2026 तक आवश्यक संशोधन के साथ कानून पेश करने का निर्देश दिया है। हालांकि, अब तक सरकार की ओर से कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आने के कारण समाज में गहरा असंतोष है।

मंच का आरोप है कि यूजीसी रेग्यूलेशन 2026 में कई ऐसे आपत्तिजनक प्रावधान शामिल हैं, जिनसे सवर्ण समाज के बच्चों के भविष्य और अस्तित्व पर सीधा खतरा मंडरा रहा है। इसी चिंता के चलते देश के विभिन्न हिस्सों में इस कानून के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं।

सांसद और उपायुक्त को सौंपा जा चुका है ज्ञापन

मंच के सदस्यों ने बताया कि उनका यह विरोध अचानक नहीं है। इससे पूर्व भी सवर्ण एकता मंच द्वारा हजारीबाग के सांसद और जिला उपायुक्त के माध्यम से केंद्र सरकार को ज्ञापन सौंपकर इस कानून को अविलंब वापस लेने की मांग की गई थी।

मांगें नहीं मानी तो होगा उग्र आंदोलन

सवर्ण एकता मंच ने प्रशासन और सरकार को अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि 16 मार्च को सुबह 11 बजे से अपराह्न 3 बजे तक होने वाले इस धरने में पूरे जिले से हजारों की संख्या में लोग एकजुट होंगे। मंच के नेताओं ने सख्त चेतावनी दी है कि यदि 19 मार्च की समय सीमा के बाद भी केंद्र सरकार इस विवादित कानून को वापस नहीं लेती है, तो हजारीबाग का सवर्ण समाज सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

प्रेस वार्ता में इनकी रही प्रमुख उपस्थिति

इस महत्वपूर्ण प्रेस वार्ता में मुख्य रूप से मंच के मुख्य संयोजक मुकेश कुमार, संरक्षक दीपक नाथ सहाय, विश्वनाथ शर्मा, अवधेश सिंह, बप्पी करण दीपक सिंह, सुबोध ओझा, सुनील पांडे, सुनील सिंह राठौर, अजय शर्मा, प्रवक्ता आनंद शाही, प्रियम्बदा सहाय, श्वेता सिन्हा और बिजुल देवी सहित कई अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।

कोडरमा में ACB का बड़ा एक्शन: सरकारी क्वार्टर में 15 हजार घूस लेते दारोगा रंगेहाथ गिरफ्तार, हजारीबाग ले गई टीम

कोडरमा में ACB का बड़ा एक्शन: सरकारी क्वार्टर में 15 हजार घूस लेते दारोगा रंगेहाथ गिरफ्तार, हजारीबाग ले गई टीम

कोडरमा : झारखंड के कोडरमा जिले से भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की हजारीबाग टीम ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चंदवारा थाने में पदस्थापित दारोगा पवन कुमार राम को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है। खाकी वर्दी को दागदार करने वाला यह दारोगा अपने सरकारी क्वार्टर में ही घूस की रकम वसूल रहा था।

भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) की हजारीबाग टीम ने गुरुवार को एक बड़ी कार्रवाई करते हुए चंदवारा थाने में पदस्थापित दारोगा पवन कुमार राम को 15 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया है। 

अवैध शराब मामले को रफा-दफा करने की थी डील 

जानकारी के अनुसार, चंदवारा थाना क्षेत्र में कुछ दिनों पूर्व अवैध शराब के खिलाफ पुलिस ने छापेमारी की थी। इस मामले को 'मैनेज' करने और आरोपी पक्ष को कानूनी कार्रवाई से बचाने के एवज में पुलिस की ओर से एक लाख रुपये की भारी-भरकम मांग की गई थी। पीड़ित पक्ष इस अनुचित मांग से बेहद परेशान था और मामले का समाधान चाहता था।

जेएलकेएम (JLKM) नेता के जरिए ACB तक पहुंची बात

लगातार बन रहे दबाव के बीच पीड़ित ने जेएलकेएम (JLKM) नेता प्रेम नायक से संपर्क किया और अपनी परेशानी साझा की। इसके बाद प्रेम नायक ने मामले की गंभीरता को समझते हुए हजारीबाग स्थित एसीबी (ACB) कार्यालय में इसकी विधिवत शिकायत दर्ज कराई।

बिछाया गया जाल और धर दबोचा गया घूसखोर दारोगा

शिकायत मिलने के बाद एसीबी की टीम ने मामले की प्रारंभिक जांच की और रिश्वतखोरी की पुष्टि होने के बाद गिरफ्तारी का जाल बिछाया। तय योजना के मुताबिक:

गुरुवार को दारोगा पवन कुमार राम को रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 15 हजार रुपये देने की बात तय हुई।

जैसे ही दारोगा ने थाना परिसर में स्थित अपने सरकारी क्वार्टर में पीड़ित से पैसे अपने हाथों में लिए, पहले से घात लगाए बैठी हजारीबाग एसीबी की टीम ने उसे तुरंत धर दबोचा।

गिरफ्तारी के बाद कागजी और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के लिए टीम आरोपी दारोगा को अपने साथ हजारीबाग ले गई है।

संपादकीय: सिस्टम पर उठते गंभीर सवाल 

एक तरफ एसीबी भ्रष्ट अधिकारियों पर नकेल कस रही है, वहीं दूसरी तरफ राज्य में पारदर्शिता सुनिश्चित करने वाले अहम पद खाली पड़े हैं। झारखंड में लंबे समय से मुख्य सूचना आयुक्त, सूचना आयुक्त और लोकायुक्त जैसे महत्वपूर्ण पदों पर बहाली नहीं हो रही है।

ऐसे में यह सवाल उठना लाजिमी है कि क्या सरकारी तंत्र में बैठे भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए जानबूझकर इन संस्थाओं को कमजोर रखा जा रहा है? सरकार को इस दिशा में भी कड़े कदम उठाने की आवश्यकता है।

लौह अयस्क के कचरे से बनेंगी 'ग्रीन सड़कें' CSIR-CRRI और AMNS इंडिया के बीच ऐतिहासिक समझौता

लौह अयस्क के कचरे से बनेंगी 'ग्रीन सड़कें' CSIR-CRRI और AMNS इंडिया के बीच ऐतिहासिक समझौता

Delhi : सड़क निर्माण के क्षेत्र में भारत जल्द ही एक बड़ी क्रांति का गवाह बनने जा रहा है। अब लौह अयस्क (Iron Ore) के कचरे का इस्तेमाल सिर्फ डंपिंग ग्राउंड तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इससे देश भर में मजबूत और पर्यावरण के अनुकूल 'हरित सड़कें' (Green Roads) बनाई जाएंगी। राष्ट्रीय विज्ञान दिवस के अवसर पर, भारत के प्रमुख सड़क अनुसंधान संस्थान (CSIR-CRRI) और इस्पात क्षेत्र की दिग्गज कंपनी आर्सेलर मित्तल निप्पॉन स्टील (AMNS) इंडिया ने इस दिशा में एक अहम अनुसंधान एवं विकास (R&D) समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के महानिदेशक और सचिव डॉ. एन. कलैसेल्वी

हर साल निकलता है 20 मिलियन टन कचरा

विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के महानिदेशक और सचिव डॉ. एन. कलैसेल्वी ने इस समझौते के महत्व को समझाते हुए चक्रीय अर्थव्यवस्था (Circular Economy) और 'कचरे से कंचन' (Waste to Wealth) की अवधारणा पर ज़ोर दिया। उन्होंने बताया कि वर्तमान में ओडिशा, छत्तीसगढ़ और कर्नाटक जैसे राज्यों में फैले लौह अयस्क प्लांट से हर साल लगभग 18 से 20 मिलियन टन कचरा निकलता है। इसे आमतौर पर 'स्लाइम' कहा जाता है, जिसे बड़े-बड़े बांधों में स्टोर करना पड़ता है। यह कचरा पर्यावरण के साथ-साथ अर्थव्यवस्था के लिए भी एक बड़ी चुनौती है।

प्राकृतिक संसाधनों की होगी बचत

सड़क निर्माण में इस अपशिष्ट के उपयोग से दो बड़े फायदे होंगे:

कचरा प्रबंधन: खनन अपशिष्ट की बढ़ती समस्या का स्थायी समाधान मिलेगा।

संसाधनों की बचत: सड़क बनाने में इस्तेमाल होने वाले प्राकृतिक संसाधनों (जैसे मिट्टी और पत्थर) की मांग में कमी आएगी, जिससे पर्यावरण का संतुलन बना रहेगा।

कैसे काम करेगी यह तकनीक?

इस प्रोजेक्ट का नेतृत्व CSIR-CRRI के फ्लेक्सिबल पेवमेंट डिवीजन के प्रमुख सतीश पांडे कर रहे हैं, जिन्हें 'स्टील स्लैग रोड तकनीक' का आविष्कारक भी माना जाता है। इस समझौते के तहत, CRRI के वैज्ञानिक इस कचरे की प्रयोगशाला में गहन जांच करेंगे। यह परखा जाएगा कि सड़क की अलग-अलग परतों में लौह अयस्क अपशिष्ट को किस तरह से और कितनी मात्रा में सुरक्षित रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है।

एएमएनएस इंडिया के मुख्य सतत विकास अधिकारी डॉ. अरविंद बोधंकर ने इस साझेदारी की सराहना करते हुए कहा कि औद्योगिक उप-उत्पादों का यह इस्तेमाल राष्ट्र निर्माण और सतत अवसंरचना विकास में एक मील का पत्थर साबित होगा।

इन आधुनिक तकनीकों का भी हुआ प्रदर्शन

इस खास मौके पर CSIR-CRRI ने सड़क निर्माण से जुड़ी कई अन्य अत्याधुनिक तकनीकों का भी प्रदर्शन किया, जिनमें प्रमुख हैं:

कृषि कचरे से बना बायो-बिटुमेन (Bio-Bitumen)।

गड्ढों की तुरंत मरम्मत करने वाली स्टील स्लैग आधारित 'इकोफिक्स' (Ecofix) तकनीक।

सड़कों के रखरखाव के लिए स्लैग और फ्लाई ऐश आधारित टेरासर्फेसिंग तकनीक।

इस पहल से यह साफ हो गया है कि भविष्य में भारत का सड़क नेटवर्क सिर्फ लंबा और चौड़ा ही नहीं, बल्कि पूरी तरह से टिकाऊ और इको-फ्रेंडली भी होगा।

ईरान-इजरायल युद्ध का भारत पर असर: अंबा प्रसाद ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर उठाए गंभीर सवाल, सर्वदलीय बैठक की मांग

ईरान-इजरायल युद्ध का भारत पर असर: अंबा प्रसाद ने मोदी सरकार की विदेश नीति पर उठाए गंभीर सवाल, सर्वदलीय बैठक की मांग

नई दिल्ली/रांची: अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की राष्ट्रीय सचिव और पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने मध्य पूर्व में ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध को पूरी मानवता के लिए बड़ा खतरा बताया है। उन्होंने इस युद्ध के कारण भारत में कच्चे तेल के संकट और बेलगाम होती महंगाई को लेकर केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला है।

ईरान-इजरायल युद्ध और बढ़ती महंगाई के मुद्दे पर फेसबुक लाइव के जरिए देश की जनता को संबोधित करतीं कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव अंबा प्रसाद।

कच्चे तेल के संकट से बढ़ रही महंगाई

फेसबुक लाइव के माध्यम से आम जनमानस को संबोधित करते हुए अंबा प्रसाद ने कहा कि भारत अपनी जरूरत का लगभग 40 प्रतिशत कच्चा तेल ईरान से आयात करता है। युद्ध की वर्तमान स्थिति के कारण कच्चे तेल का आयात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। रसोई गैस (LPG), सीएनजी (CNG) और रोजमर्रा की जरूरत की सभी वस्तुओं के दाम आसमान छूने के आसार बन गए हैं।

'विश्व गुरु' की विदेश नीति पर खड़े किए सवाल

ईरान द्वारा भारत को तेल न देने की कथित धमकी के मुद्दे पर अंबा प्रसाद ने गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए कहा, "हमारे देश के प्रधानमंत्री जो खुद को 'विश्व गुरु' समझते हैं, उन्होंने इस गंभीर मुद्दे पर पूरी तरह से चुप्पी साध ली है।"

अंबा प्रसाद ने पूछा कि प्रधानमंत्री लगातार विदेशी दौरे करते रहे हैं ताकि वैश्विक रिश्ते मजबूत हों, लेकिन संकट के इस समय में उनकी विदेश नीति क्या है, यह समझ से परे है। उन्होंने दावा किया कि देश में अब 40 दिनों से भी कम का तेल भंडार बचा है, फिर भी सरकार मूकदर्शक बनी हुई है।

'संसद में चर्चा से भाग रही है सरकार'

वर्तमान लोकसभा सत्र का जिक्र करते हुए कांग्रेस नेत्री ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार इस ज्वलंत मुद्दे पर चर्चा करने से बच रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लगातार बढ़ रही महंगाई और युद्ध के हालातों पर चर्चा की मांग की थी, लेकिन भाजपा ने इसे सिरे से खारिज कर दिया।

अंबा प्रसाद ने कहा, "देश के रक्षा मंत्री सिर्फ भाषणबाजी में व्यस्त हैं, जबकि शेयर मार्केट ध्वस्त हो रहे हैं और सोना-चांदी की कीमतें आसमान छू रही हैं। इसके बावजूद प्रधानमंत्री कार्यालय और वित्त मंत्रालय हाथ पर हाथ धरे बैठे हैं।"

सर्वदलीय बैठक बुलाने की मांग

एक जिम्मेदार विपक्षी नेता के तौर पर अंबा प्रसाद ने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस युद्ध को हल्के में न लिया जाए। उन्होंने चालू लोकसभा सत्र में इस मुद्दे पर खुली चर्चा करने, सर्वदलीय बैठक बुलाने और एक स्पष्ट नीति निर्धारित करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सरकार को तुरंत आवश्यक सुरक्षा और आर्थिक कदम उठाने चाहिए ताकि देश की जनता को इस संकट से बचाया जा सके और विश्व शांति की दिशा में भारत अपनी सार्थक भूमिका निभा सके।

Hazaribagh : सादगी और सेवाभाव से मना सांसद मनीष जायसवाल का जन्मदिन, महिला दिवस पर किया नारियों का सम्मान

Hazaribagh: सादगी और सेवाभाव से मना सांसद मनीष जायसवाल का जन्मदिन, महिला दिवस पर किया नारियों का सम्मान

नरेश सोनी विशेष संवाददाता ।

हजारीबाग न्यूज़ डेस्क:  हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल का जन्मदिन रविवार को बेहद सादगी, सेवा भावना और जनसंपर्क के बीच मनाया गया। खास बात यह रही कि उनका जन्मदिन 8 मार्च यानी 'अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International Women's Day) के दिन पड़ा, जिसके चलते इस आयोजन में एक विशेष उत्साह और नारी सम्मान का अनूठा संदेश भी देखने को मिला। पूरे दिन शहर में सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का दौर चलता रहा, जिसमें भारी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता और आम जनता शामिल हुई।
हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने अपने जन्मदिन के अवसर पर परिवार और समर्थकों के साथ केक काटा और अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर महिलाओं को सम्मानित किया।


अस्पताल और वृद्धाश्रम से की दिन की शुरुआत

सांसद मनीष जायसवाल ने अपने जन्मदिन की शुरुआत दिखावे से दूर, सेवा कार्यों के साथ की।

मरीजों का जाना हाल वे हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल के मेल सर्जिकल वार्ड पहुंचे। यहां हजारीबाग यूथ विंग के सदस्यों के साथ मिलकर उन्होंने मरीजों और उनके परिजनों के बीच फलों का वितरण किया और उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की।

बुजुर्गों से लिया आशीर्वाद:  इसके बाद सांसद सीधे 'ओल्ड एज होम' (वृद्धाश्रम) गए। वहां उन्होंने बुजुर्गों के साथ आत्मीय बातचीत कर समय बिताया, उन्हें अल्पाहार कराया और उनका आशीर्वाद लिया।

सेवा कार्यालय में उत्सव और सांस्कृतिक छटा

दोपहर के बाद हजारीबाग स्थित सांसद सेवा कार्यालय में एक भव्य समारोह का आयोजन हुआ। सैकड़ों समर्थक और शुभचिंतक सांसद को बधाई देने पहुंचे। इस दौरान परिवार और समर्थकों के बीच केक काटा गया।

समारोह को संगीतमय बनाने के लिए स्थानीय कलाकारों ने शानदार प्रस्तुतियां दीं

कार्यक्रम का बेहतरीन संचालन प्रीति लता ने किया।

हजारीबाग के प्रसिद्ध 'आरम्भ बैंड' ने माहौल में ऊर्जा भर दी।
बाल गायिका कुमारी दित्य ने 'सत्यम शिवम सुंदरम' और 'ऐसी लागी लगन' जैसे भजनों से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।

गायक किसन यादव और अभिजीत कुमार सोनू ने पुराने सदाबहार गीतों से शमां बांधा।

महिला दिवस पर समाजसेवियों का सम्मान

चूंकि जन्मदिन और महिला दिवस एक ही दिन था, इसलिए सांसद जायसवाल ने इस मौके पर कार्यक्रम में उपस्थित महिलाओं और सक्रिय महिला समाजसेवियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर विशेष रूप से सम्मानित किया।

मैं नेता नहीं, हजारीबाग का बेटा और भाई हूं

बधाइयों का तांता लगने के बीच सांसद मनीष जायसवाल ने सभी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि राजनीति में उनका मुख्य उद्देश्य केवल समाज सेवा है। उन्होंने कहा, मैं किसी नेता की हैसियत से नहीं, बल्कि हजारीबाग की जनता के बेटे और भाई के रूप में हमेशा आपके हितों के लिए तत्पर हूं। लोकसभा क्षेत्र का विकास और जनता की सेवा ही मेरी प्राथमिकता है।

कार्यक्रम में इनकी रही विशेष उपस्थिति

इस पूरे आयोजन में सांसद के पिता व पूर्व जिप सदस्य ब्रजकिशोर जायसवाल, माता विद्या जायसवाल, पत्नी निशा जायसवाल, पुत्र करण और पुत्रवधू अवंतिका जायसवाल सहित परिवार के सदस्य मौजूद रहे। इसके अलावा सत्येंद्र नारायण सिंह, द्वारिका सिंह, हरीश श्रीवास्तव, प्रशांत प्रधान, निशिकांत सिंह और पूनम साहू समेत सैकड़ों वरिष्ठ भाजपा कार्यकर्ता और स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित थे।

रसोई गैस के दाम ₹60 बढ़े - झामुमो नेता कुणाल यादव का केंद्र पर तीखा हमला, कहा- महंगाई से आम जनता का बजट बिगड़ा

रसोई गैस के दाम ₹60 बढ़े - झामुमो नेता कुणाल यादव का केंद्र पर तीखा हमला, कहा- महंगाई से आम जनता का बजट बिगड़ा

विशेष संवाददाता: नरेश सोनी 

हजारीबाग न्यूज़ डेस्क : घरेलू रसोई गैस (LPG Cylinder) की कीमतों में हाल ही में हुई ₹60 की बढ़ोतरी ने आम आदमी की जेब पर सीधा असर डाला है। इस मूल्य वृद्धि को लेकर अब राजनीतिक सरगर्मियां भी तेज हो गई हैं। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के प्रवक्ता कुणाल यादव ने केंद्र सरकार के इस फैसले की कड़ी आलोचना करते हुए इसे महंगाई की मार झेल रही जनता पर एक और 'अतिरिक्त बोझ' करार दिया है।

जेएमएम (JMM) के प्रवक्ता कुणाल यादव ने रसोई गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर चिंता जताते हुए केंद्र सरकार से फैसला वापस लेने की मांग की है।

आम आदमी के घरेलू बजट पर प्रहार

कुणाल यादव ने चिंता जताते हुए कहा कि आज के समय में रसोई गैस हर घर की सबसे बुनियादी जरूरत है। ऐसे में बार-बार इसके दाम बढ़ने से मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों का पूरा घरेलू बजट चरमरा गया है। पिछले कुछ वर्षों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि गैस सिलेंडर की कीमतों का ग्राफ लगातार ऊपर गया है, जिससे आम लोगों के लिए दो वक्त की रोटी पकाना भी आर्थिक रूप से चुनौतीपूर्ण होता जा रहा है।

उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों की स्थिति दयनीय

झामुमो प्रवक्ता ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल खड़े करते हुए कहा कि रसोई गैस पर मिलने वाली सब्सिडी अब नाममात्र की रह गई है या लगभग समाप्त हो चुकी है। इसका सबसे बुरा असर 'प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना' (PM Ujjwala Yojana) के गरीब लाभार्थियों पर पड़ा है। गैस भरवाना इतना महंगा हो गया है कि कई जगहों पर गरीब परिवार मजबूरी में वापस लकड़ी, कोयला और अन्य पारंपरिक ईंधनों की तरफ लौटने को विवश हैं।

तुरंत वापस लिया जाए बढ़ोतरी का फैसला

कुणाल यादव ने केंद्र सरकार से स्पष्ट मांग की है कि महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, न कि रोजमर्रा की जरूरी चीजों के दाम बढ़ाकर जनता को परेशान किया जाए। उन्होंने बढ़ाई गई ₹60 की कीमत को अविलंब वापस लेने और सब्सिडी व्यवस्था को दोबारा पारदर्शी और प्रभावी तरीके से लागू करने की वकालत की है। उन्होंने कहा कि सरकार को ऐसे जन-विरोधी फैसलों पर तुरंत पुनर्विचार करना चाहिए।

सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ पीएम मोदी की बड़ी पहल, बच्चियों को बनाया अभियान का ब्रांड एंबेसडर

सर्वाइकल कैंसर के खिलाफ पीएम मोदी की बड़ी पहल, बच्चियों को बनाया अभियान का ब्रांड एंबेसडर

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की महिलाओं और बच्चियों के स्वास्थ्य को लेकर एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है।

"सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए 'राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान' के तहत बच्चियों का उत्साह बढ़ाते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी।"

सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर और जानलेवा बीमारी के खिलाफ शुरू किए गए राष्ट्रीय एचपीवी टीकाकरण अभियान के तहत उन्होंने युवा बच्चियों से सीधा संवाद स्थापित किया। यू-विन पोर्टल के माध्यम से चलाए जा रहे इस अभियान का मुख्य उद्देश्य देश की बेटियों को इस बीमारी से सुरक्षित रखना है। बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री ने बच्चियों की स्वास्थ्य जागरूकता को सराहा और समाज में इस मुहिम को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।

संवाद के दौरान युवा बच्चियों ने प्रधानमंत्री को सर्वाइकल कैंसर के खतरों से अवगत कराते हुए बताया कि यह बीमारी महिलाओं के लिए कितनी प्राणघातक साबित हो सकती है। उन्होंने स्पष्ट किया कि किशोरियों के लिए एचपीवी का टीका लगवाना नितांत आवश्यक है ताकि भविष्य में उन्हें इस खतरे से पूरी तरह बचाया जा सके। बच्चियों की इस गहरी समझ और बेबाकी को देखकर प्रधानमंत्री काफी प्रभावित हुए और उन्होंने इस दिशा में उठाए जा रहे उनके सकारात्मक कदमों की जमकर प्रशंसा की।

प्रधानमंत्री मोदी ने बच्चियों का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें एक बहुत बड़ी और अहम जिम्मेदारी सौंपी। उन्होंने कहा कि जो बच्चियां इस टीके को लगवा चुकी हैं, वे जब समाज के अन्य लोगों को इसके फायदों के बारे में बताएंगी तो आम जनता का विश्वास इस अभियान पर और भी अधिक मजबूत होगा। उन्होंने इन बच्चियों से विशेष अपील की कि वे अपने स्कूलों, मोहल्लों और गांवों में जाकर अन्य बालिकाओं और उनके अभिभावकों को इस टीके के प्रति जागरूक करें। प्रधानमंत्री ने इन जागरूक बच्चियों को इस संपूर्ण टीकाकरण अभियान का सच्चा ब्रांड एंबेसडर करार दिया।

भारत सरकार की यह पहल देश में महिला स्वास्थ्य सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर मानी जा रही है। सर्वाइकल कैंसर के मामलों को जड़ से खत्म करने के लिए व्यापक स्तर पर चलाया जा रहा यह टीकाकरण कार्यक्रम भविष्य की पीढ़ी को एक सुरक्षित और स्वस्थ जीवन प्रदान करेगा। प्रधानमंत्री की यह व्यक्तिगत रुचि और बच्चियों के साथ उनका यह आत्मीय संवाद निश्चित रूप से पूरे देश में एक सकारात्मक संदेश देगा और इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूकता का एक नया अध्याय लिखेगा।

विधानसभा में गूंजी जयराम महतो की दहाड़: फिसड्डी सीडी रेशियो, अफसरशाही की सुस्ती और सिख दंगा पीड़ितों के न्याय पर सरकार को घेरा


विधानसभा में गूंजी जयराम महतो की दहाड़: फिसड्डी सीडी रेशियो, अफसरशाही की सुस्ती और सिख दंगा पीड़ितों के न्याय पर सरकार को घेरा

रांची: झारखंड विधानसभा के पटल पर डुमरी से विधायक जयराम कुमार महतो ने राज्य की बदहाल आर्थिक स्थिति, प्रशासनिक शून्यता और दशकों पुराने अन्यायों पर सरकार को आड़े हाथों लिया। सदन को संबोधित करते हुए उन्होंने ग्रामीण कार्य विभाग की घोर लापरवाही को उजागर किया।

"झारखंड विधानसभा के पटल पर पूरी बेबाकी और तथ्यों के साथ राज्य की आर्थिक नीतियों और प्रशासनिक रिक्तियों पर सवाल उठाते डुमरी विधायक  जयराम कुमार महतो।"

उन्होंने स्पष्ट किया कि मूल बजट की आधी राशि भी खर्च न कर पाने वाला विभाग अब अनुपूरक बजट के रूप में लगभग सत्रह सौ सत्रह करोड़ रुपये की मांग कर रहा है, जो एक बड़ी विडंबना है। उन्होंने अपने विधानसभा क्षेत्र डुमरी का एक ज्वलंत उदाहरण देते हुए कहा कि एक संकीर्ण पुलिया के निर्माण की अनुशंसा एक वर्ष पूर्व करने के बावजूद वह आज तक लंबित है, जिसके परिणामस्वरूप वहां आए दिन प्राणघातक दुर्घटनाएं हो रही हैं। विधायक ने सवाल उठाया कि जब विभाग आवंटित राशि का सदुपयोग करने में ही अक्षम है, तो वित्तीय वर्ष के अंतिम माह में नई राशि के आवंटन का क्या औचित्य रह जाता है।

​आर्थिक मोर्चे पर राज्य की विफलता को रेखांकित करते हुए विधायक महतो ने 'क्रेडिट-डिपॉजिट रेशियो' (सीडी रेशियो) का मुद्दा पूरी गंभीरता के साथ उठाया। उन्होंने आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि जहां राष्ट्रीय औसत अस्सी प्रतिशत है, वहीं झारखंड का सीडी रेशियो महज बावन प्रतिशत के करीब सिमटा हुआ है। इसका सीधा अर्थ यह है कि राज्य की लगभग अड़तालीस फीसदी पूंजी का पलायन अन्य राज्यों में हो रहा है, जिसका लाभ बाहरी लोग उठा रहे हैं। इस बैंकिंग उदासीनता के कारण राज्य के स्थानीय उद्यमियों, किसानों और एमएसएमई सेक्टर को ऋण उपलब्ध नहीं हो पा रहा है और रोजगार सृजन की प्रक्रिया पूरी तरह से बाधित हो गई है। उन्होंने माननीय वित्त मंत्री से इस दिशा में ठोस कदम उठाते हुए सीडी रेशियो को साठ से सत्तर प्रतिशत तक ले जाने का कड़ा आग्रह किया, अन्यथा प्रचुर खनिज संपदा के बावजूद झारखंड आर्थिक रूप से पिछड़ा ही रह जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नकदी के गिरते प्रवाह पर भी गहरी चिंता व्यक्त की।

​प्रशासनिक पंगुता और सामाजिक न्याय के मुद्दे पर भी उनका रुख बेहद आक्रामक और संवेदनशील रहा। उन्होंने सदन को अवगत कराया कि नई सरकार के गठन के बाद से ही डुमरी अनुमंडल में एसडीओ और बीडीओ जैसे महत्वपूर्ण पद रिक्त पड़े हैं, तथा प्रखंड स्तर पर भी तेरह पद खाली हैं, जिन्हें अविलंब भरा जाना चाहिए ताकि जनता के कार्य बाधित न हों। सामाजिक सुरक्षा के मोर्चे पर उन्होंने मैया सम्मान योजना की तर्ज पर राज्य के सभी दिव्यांगों, विधवाओं और वृद्धजनों को पच्चीस सौ रुपये की नियमित पेंशन देने की जोरदार वकालत की। अपने संबोधन के अंत में उन्होंने वर्ष उन्नीस सौ चौरासी के सिख विरोधी दंगों का एक मर्मस्पर्शी प्रसंग छेड़ा। उन्होंने बताया कि दिल्ली और कानपुर के बाद तत्कालीन धनबाद का चास क्षेत्र इस हिंसा का एक बड़ा केंद्र था, जहां भारी आगजनी और लूटपाट के बीच बहत्तर से अधिक लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी थी। इकतालीस वर्ष बीत जाने के बाद भी उन पीड़ितों को समुचित न्याय नहीं मिल सका है। विधायक ने सरकार से पुरजोर मांग की कि उच्च न्यायालय के निर्देश पर गठित 'वन-मैन कमीशन' को पर्याप्त संसाधन मुहैया कराए जाएं, ताकि पीड़ितों को त्वरित मुआवजा, नौकरियां, पेंशन बहाली और आवश्यक प्रशासनिक सहयोग प्राप्त हो सके।

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