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Editor: Naresh Prasad Soni
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इचाक की धरती पर गूंजा 'जननायक' का जयघोष: पूंजीवाद के शोर में समाजवाद की मशाल जलाने का आह्वान, कहा- वंचितों की आवाज थे कर्पूरी

इचाक की धरती पर गूंजा 'जननायक' का जयघोष: पूंजीवाद के शोर में समाजवाद की मशाल जलाने का आह्वान, कहा- वंचितों की आवाज थे कर्पूरी


नरेश सोनी विशेष संवाददाता झारखंड 

इचाक/हजारीबाग| 28 जनवरी 2026

इचाक प्रखंड मुख्यालय स्थित परियोजना बालिका उच्च विद्यालय का समीपवर्ती प्रांगण बीते 27 जनवरी को सामाजिक न्याय के पुरोधा और गुदड़ी के लाल कहे जाने वाले जननायक कर्पूरी ठाकुर के विचारों से गुंजायमान हो उठा। उनकी पावन जयंती के उपलक्ष्य में आयोजित इस भव्य समारोह में आदर्श युवा संगठन के केंद्रीय अध्यक्ष गौतम कुमार की गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यक्रम को एक नई वैचारिक ऊँचाई प्रदान की। हजारों की संख्या में उमड़े जनसैलाब और प्रबुद्ध नागरिकों की उपस्थिति ने यह सिद्ध कर दिया कि दशकों बाद भी कर्पूरी ठाकुर के आदर्श जनमानस के पटल पर अमिट हैं।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्य वक्ता गौतम कुमार ने इतिहास और वर्तमान के धागों को पिरोते हुए एक अत्यंत ओजस्वी और विचारोत्तेजक उद्बोधन दिया। उन्होंने कहा कि कर्पूरी ठाकुर केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक विचारधारा थे। एक बेहद सामान्य और मध्यमवर्गीय परिवार से ताल्लुक रखने के बावजूद, विषम परिस्थितियों को मात देकर और केवल अपने दृढ़ विचारों के बलबूते बिहार के दो-दो बार मुख्यमंत्री बनकर उन्होंने लोकतंत्र की असली ताकत का एहसास कराया। उन्होंने याद दिलाया कि बिहार में सर्वप्रथम शराबबंदी जैसा साहसिक और ऐतिहासिक कानून लागू करने का श्रेय उन्हीं को जाता है। शोषितों, वंचितों और दबे-कुचले वर्गों के लिए आरक्षण की व्यवस्था कर उन्होंने जो सामाजिक क्रांति की मशाल जलाई, उसी रोशनी में आज समाज का बड़ा तबका मुख्यधारा में कदमताल कर रहा है।

अपने संबोधन को विस्तार देते हुए कुमार ने भारतीय समाज की गौरवशाली परंपरा का स्मरण कराया। उन्होंने कहा कि यह देश त्याग और बलिदान के स्तंभों पर टिका है। जहाँ राजपूत समाज ने महाराणा प्रताप, पृथ्वीराज चौहान और राणा सांगा जैसे वीर सपूत देकर राष्ट्र की रक्षा की, वहीं कुशवाहा समाज ने महात्मा ज्योतिराव फुले, सावित्रीबाई फुले और भगवान गौतम बुद्ध जैसे युगद्रष्टा दिए जिन्होंने समाज को ज्ञान और समता का मार्ग दिखाया। उन्होंने संविधान निर्माता बाबा साहेब डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को नमन करते हुए कहा कि हरिजन समाज में जन्मे इस महामानव ने देश को विधि के विधान से जोड़कर एक सूत्र में पिरोया। समाज इन विभूतियों का सदैव ऋणी रहेगा क्योंकि इन्होंने अपना सर्वस्व समाज को समर्पित कर दिया।

वर्तमान सामाजिक परिदृश्य पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए गौतम कुमार ने कहा कि यह विडंबना है कि जिस दौर में समाजवाद जिंदा था, वहां संवेदनाएं थीं, किंतु आज के दौर में पूंजीवाद हावी होता जा रहा है, जो मानवीय मूल्यों को निगल रहा है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से आह्वान किया कि वे अपने व्यक्तिगत और सार्वजनिक जीवन में समाजवाद के मूल तत्वों का निर्वहन करें। कार्यक्रम के दौरान हजारों की संख्या में मौजूद समाजसेवियों और स्थानीय नागरिकों ने बारी-बारी से अपने श्रद्धासुमन अर्पित किए और जननायक के बताए मार्ग पर चलने का सामूहिक संकल्प दोहराया। इस वैचारिक महाकुंभ ने इचाक के वातावरण में सामाजिक समरसता की एक नई सुगंध बिखेर दी।


श्रद्धापूर्वक मनाई गई राष्ट्रनायक नेताजी की जयंती

यूनियन क्लब के ऐतिहासिक केशव हॉल में गूंजा कदम-कदम बढ़ाए जा

श्रद्धापूर्वक मनाई गई राष्ट्रनायक नेताजी की जयंती

हजारीबाग: भारतीय स्वाधीनता संग्राम के देदीप्यमान नक्षत्र और अदम्य साहस के प्रतीक नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती शुक्रवार को हजारीबाग के ऐतिहासिक यूनियन क्लब एंड लाइब्रेरी के केशव हॉल में अत्यंत गरिमामय और उत्साहपूर्ण वातावरण में मनाई गई। बंगाली एसोसिएशन हजारीबाग और यूनियन क्लब एंड लाइब्रेरी के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस गौरवमयी समारोह में समाज के विभिन्न वर्गों ने शिरकत कर नेताजी के प्रति अपनी अगाध श्रद्धा निवेदित की। कार्यक्रम का शुभारंभ बंगाली एसोसिएशन के सचिव सोमनाथ कुनार, पूजा समिति के सचिव रजत नाग और हिमांशु भट्टाचार्य द्वारा नेताजी के चित्र पर संयुक्त रूप से माल्यार्पण कर किया गया। इसके उपरांत उपस्थित विशिष्ट जनों और गणमान्य नागरिकों ने बारी-बारी से पुष्प अर्पित कर देश की आजादी के लिए उनके सर्वस्व त्याग को स्मरण किया।


समारोह की महत्ता उस समय और बढ़ गई जब संयुक्त राष्ट्र के पूर्व महासचिव के तकनीकी सलाहकार अमिताभ मुखर्जी, अन्नदा उच्च विद्यालय के प्रधानाचार्य दशरथ महतो और पूर्व पार्षद निवेदिता राय ने अपनी उपस्थिति से कार्यक्रम को सुशोभित किया। श्रद्धांजलि सभा के दौरान पूरा हॉल राष्ट्रभक्ति के गीतों और गगनभेदी नारों से गुंजायमान रहा। मधुच्छंदा मुखर्जी के नेतृत्व में उपस्थित जनसमूह ने जब नेताजी का प्रिय गीत 'कदम-कदम बढ़ाए जा, खुशी के गीत गाए जा' सामूहिक स्वर में गाया, तो वहां मौजूद हर व्यक्ति का हृदय देशभक्ति की हिलोरों से भर उठा। 'जय हिंद', 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारों ने न केवल वातावरण को ऊर्जामय बना दिया, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन के उस गौरवशाली कालखंड की स्मृतियों को भी जीवंत कर दिया।

श्रद्धांजलि अर्पित करने वालों में बंगाली एसोसिएशन और यूनियन क्लब के वरिष्ठ पदाधिकारी विकास चौधरी, रूपा चटर्जी, सुतानु राय, चिन्मय सरकार सहित ध्रुव चक्रवर्ती, उज्जवल आयकत, आशीष चक्रवर्ती और सुजीत भट्टाचार्य जैसे कई गणमान्य सदस्य शामिल थे। कार्यक्रम में महिला शक्ति की भी व्यापक सहभागिता रही, जिसमें बर्षा दे, दोला गुहा, सुपर्णा सरकार और अन्य महिलाओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। वक्ताओं ने नेताजी के विचारों को वर्तमान समय में प्रासंगिक बताते हुए कहा कि उनका शौर्य और अनुशासन आज भी युवाओं के लिए पथ-प्रदर्शक है। इस आयोजन ने शहर में एक बार फिर राष्ट्रीय चेतना का संचार किया और नई पीढ़ी को देश के महानायकों के संघर्ष से परिचित कराया।


आजाद हिंद फौज के प्रणेता नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर कांग्रेसियों ने अर्पित की भावांजलि, उनके अदम्य साहस को किया नमन

आजाद हिंद फौज के प्रणेता नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती पर कांग्रेसियों ने अर्पित की भावांजलि, उनके अदम्य साहस को किया नमन

हजारीबाग: स्वाधीनता संग्राम के महानायक और 'तुम मुझे खून दो, मैं तुम्हें आजादी दूंगा' जैसे ओजस्वी नारों से भारतीय जनमानस में राष्ट्रभक्ति का ज्वार भाटा पैदा करने वाले महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 128वीं जयंती गुरुवार को हजारीबाग जिला कांग्रेस कार्यालय, कृष्ण बल्लभ आश्रम में 'पराक्रम दिवस' के रूप में अत्यंत गरिमामय ढंग से मनाई गई। इस अवसर पर जिला कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने नेताजी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर और माल्यार्पण कर उनके प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता प्रकट की।


समारोह की अध्यक्षता करते हुए पूर्व मंत्री सह जिला अध्यक्ष जय प्रकाश भाई पटेल ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि नेताजी का व्यक्तित्व और कृतित्व भारतीय इतिहास का वह स्वर्णिम अध्याय है, जो युगों-युगों तक आने वाली पीढ़ियों को राष्ट्रसेवा के लिए प्रेरित करता रहेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि नेताजी ने अपनी प्रखर मेधा और अदम्य साहस के बल पर अंग्रेजी हुकूमत की चूलें हिला दी थीं। उनके द्वारा गठित 'आजाद हिंद फौज' ने न केवल सैन्य मोर्चे पर अंग्रेजों को चुनौती दी, बल्कि भारत की एकता और अखंडता का एक अनुपम उदाहरण पेश किया। पटेल ने कहा कि नेताजी द्वारा दिया गया 'चलो दिल्ली' का नारा और 'जय हिंद' का उद्घोष आज भी प्रत्येक भारतीय की नसों में देशभक्ति का संचार करता है।


वरिष्ठ नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस ने देश की पूर्ण स्वाधीनता के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया। वे एक ऐसे योद्धा थे जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी विदेशी धरती से भारत की आजादी का शंखनाद किया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने उनके जीवन दर्शन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि आज के दौर में उनके उच्च आदर्शों और सिद्धांतों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। इस श्रद्धांजलि सभा में प्रदेश और जिले के प्रमुख पदाधिकारियों समेत भारी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता उपस्थित थे, जिन्होंने एक स्वर में राष्ट्र निर्माण के संकल्प को दोहराया

विरासत और अनुशासन का नया अध्याय 'टास्क मास्टर' डॉ. प्रणिता ने संभाली विनोबा भावे विश्वविद्यालय की कमान

विरासत और अनुशासन का नया अध्याय  'टास्क मास्टर' डॉ. प्रणिता ने संभाली विनोबा भावे विश्वविद्यालय की कमान

हजारीबाग/रांची। विनोबा भावे विश्वविद्यालय की प्रशासनिक व्यवस्था में गुरुवार को एक महत्वपूर्ण और सकारात्मक बदलाव देखने को मिला। रांची स्थित लोकभवन सचिवालय के आदेशानुसार रसायनशास्त्र विभाग की विदुषी प्राध्यापिका डॉ. प्रणिता को विश्वविद्यालय का नया कुलसचिव (रजिस्ट्रार) नियुक्त किया गया है। इस अहम जिम्मेदारी को स्वीकार करते हुए डॉ. प्रणिता ने गुरुवार को तत्काल प्रभाव से अपना पदभार ग्रहण कर लिया, जिसके बाद कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने उन्हें बधाई देते हुए सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

डॉ. प्रणिता का यह चयन न केवल उनकी वरिष्ठता बल्कि उनकी कार्यशैली का भी सम्मान है। वर्ष 2008 में झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) की अनुशंसा पर विश्वविद्यालय सेवा में आईं डॉ. प्रणिता की छवि एक बेहद अनुशासित और सख्त प्रशासक की रही है। अकादमिक गलियारों में उन्हें एक 'टास्क मास्टर' के रूप में जाना जाता है, जो समयबद्धता और नियमों के अनुपालन में कोई समझौता नहीं करतीं। उनकी नियुक्ति से यह स्पष्ट संकेत मिलता है कि विश्वविद्यालय प्रशासन अब अपनी कार्यप्रणाली में कसावट और पारदर्शिता लाने के प्रति गंभीर है।

नव-नियुक्त कुलसचिव को शैक्षणिक और प्रशासनिक दक्षता विरासत में मिली है। वे रसायन शास्त्र के मूर्धन्य विद्वान और लब्धप्रतिष्ठित प्राध्यापक स्वर्गीय प्रो. राम यतन प्रसाद की सुपुत्री हैं। उनके पिता ने उस दौर में छात्रों के लिए रसायन शास्त्र की सुलभ पुस्तकें लिखी थीं, जब अध्ययन सामग्री का घोर अभाव था। बाद में उन्होंने कुलपति और प्रतिकुलपति के रूप में विभिन्न विश्वविद्यालयों को अपनी सेवाएं दीं। आज डॉ. प्रणिता अपने पिता की उसी समृद्ध शैक्षणिक विरासत और प्रशासनिक मूल्यों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने के लिए तैयार हैं। पदभार ग्रहण करने के साथ ही विश्वविद्यालय परिवार के सदस्यों ने उन्हें बधाइयां दीं और उम्मीद जताई कि उनके नेतृत्व में विश्वविद्यालय नए कीर्तिमान स्थापित करे

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स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन- हजारीबाग में झारखंड स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच का द्वितीय स्थापना दिवस समारोह संपन्न

स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को नमन- हजारीबाग में झारखंड स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच का द्वितीय स्थापना दिवस समारोह संपन्न

हजारीबाग। शहर के आर्ष कन्या गुरुकुल परिसर में झारखंड स्वतंत्रता सेनानी विचार मंच का द्वितीय स्थापना दिवस समारोह गौरवशाली परंपरा और भव्यता के साथ मनाया गया। विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. चंद्रभूषण शर्मा ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत उद्घाटन किया, जबकि मंच के केंद्रीय अध्यक्ष बटेश्वर प्रसाद मेहता ने अध्यक्षता और केंद्रीय प्रधान महासचिव ओमप्रकाश मेहता ने संचालन की जिम्मेदारी निभाई।

उद्घाटनकर्ता डॉ. चंद्रभूषण शर्मा ने अपने संबोधन में मंच के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि देश की आजादी के नायकों और उनके परिजनों को सम्मानित करना एक अत्यंत पुनीत कार्य है। उन्होंने उन तमाम वीर सपूतों को याद किया जिन्होंने अपनी कुर्बानी देकर राष्ट्र को स्वतंत्र कराया। मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने सरकार से जोरदार मांग की कि देश की आजादी में अहम भूमिका निभाने वाले उन गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों को अविलंब चिन्हित किया जाए, जिन्हें अभी तक उचित सम्मान और पहचान नहीं मिल सकी है।


समारोह के विशिष्ट अतिथि कोडरमा विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सुभाष यादव ने मंच के कार्यों की प्रशंसा करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। कार्यक्रम के दौरान मंच के केंद्रीय अध्यक्ष बटेश्वर प्रसाद मेहता ने संकल्प दोहराया कि यदि सरकार गुमनाम सेनानियों को चिन्हित करने में देरी करती है, तो संगठन स्वयं राज्य और केंद्र सरकार को उनके बारे में अवगत कराएगा।


इस अवसर पर देश की वेदी पर प्राण न्योछावर करने वाले बलिदानियों के परिजनों को अंग वस्त्र और मोमेंटो देकर विशेष रूप से सम्मानित किया गया। समारोह में पूर्व सांसद सहित कई गणमान्य अतिथियों, शिक्षाविदों और विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपनी गरिमामयी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम के अंत में आर्ष कन्या गुरुकुल के छात्र-छात्राओं और सैकड़ों की संख्या में मौजूद लोगों ने स्वतंत्रता सेनानियों के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।

ज्ञान के साथ संस्कारों की नींव पर खड़ा होगा विकसित भारत, रावण और दुर्योधन के पास कौशल था पर मूल्य नहीं- स्वामी भावेशानंद

ज्ञान के साथ संस्कारों की नींव पर खड़ा होगा विकसित भारत, रावण और दुर्योधन के पास कौशल था पर मूल्य नहीं: स्वामी भावेशानंद


हजारीबाग। विनोबा भावे विश्वविद्यालय के स्वामी विवेकानंद सभागार में सोमवार को विवेकानंद जयंती पखवाड़ा के तहत एक भव्य समारोह का आयोजन किया गया, जहां शिक्षा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण पर गंभीर मंथन हुआ। कार्यक्रम में विवि का माहौल तब और भी आध्यात्मिक हो गया जब मुख्य वक्ता रामकृष्ण मिशन रांची के सचिव स्वामी भावेशानंद जी महाराज ने तीन बार ओमकार के उद्घोष के साथ अपना संबोधन शुरू किया। उन्होंने सभागार में मौजूद सैकड़ों विद्यार्थियों और शिक्षाविदों को स्पष्ट संदेश दिया कि 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवाओं में केवल ज्ञान और कौशल का होना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मूल्यों का विकास अनिवार्य है। उन्होंने रावण और दुर्योधन का उदाहरण देते हुए कहा कि इन पौराणिक पात्रों में ज्ञान और कौशल की कोई कमी नहीं थी, लेकिन मूल्यों के अभाव ने उनका पतन किया, इसलिए आज के युवाओं को चरित्र निर्माण पर जोर देना होगा।

​स्वामी भावेशानंद ने भारत के गौरवशाली अतीत को याद करते हुए नालंदा विश्वविद्यालय का जिक्र किया, जहां कभी 82 राष्ट्रों के 9000 से अधिक विद्यार्थी एक ही परिसर में ज्ञान अर्जित करते थे और वहां इतना विशाल पुस्तक भंडार था कि उसे जलने में नौ महीने लग गए। उन्होंने कहा कि एक हजार वर्षों के विदेशी शासन ने हमारी स्थिति बदल दी, लेकिन अब भारत दुनिया का सबसे युवा राष्ट्र है। स्वामी विवेकानंद ने कन्याकुमारी में जिस दिव्य दृष्टि से भारत के पुनरुत्थान को देखा था, उसे आज की युवा पीढ़ी को ही साकार करना है। उनके अनुसार, सच्ची शिक्षा वही है जो व्यक्ति में आत्मविश्वास भरे, उसे स्वावलंबी बनाए और मस्तिष्क की शक्ति में वृद्धि करे। सही और गलत का भेद समझने वाली विवेकपूर्ण बुद्धि ही भारत को पुनः विश्वगुरु के पद पर आसीन करेगी।

​कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. चंद्र भूषण शर्मा ने विद्यार्थियों में साहस भरने का काम किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने अमेरिका के शिकागो में जब 'सिस्टर्स एंड ब्रदर्स ऑफ अमेरिका' कहा, तो वहां बजी तालियों की गूंज आज भी सुनाई देती है। कुलपति ने विद्यार्थियों का आह्वान करते हुए कहा कि वे विवेकानंद की तरह हवा के विपरीत खड़े होने का साहस विकसित करें। उन्होंने कहा कि दुनिया ने भारत से ही चरित्र और नीति का पाठ पढ़ा है, लेकिन आज विडंबना है कि हम अपनी ही शक्तियों को भूलकर पश्चिम की ओर देख रहे हैं। उन्होंने छात्रों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे उठें, जागें और तब तक न रुकें जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए। कुलपति ने विद्यार्थियों को अर्थपूर्ण सवाल पूछने और सही के लिए खड़े होने की सलाह दी, साथ ही आश्वस्त किया कि जब छात्र जागृत हो जाएंगे तो शिक्षक अपना सर्वस्व न्योछावर करने को तैयार मिलेंगे।

​इस वैचारिक महाकुंभ में स्वामी विवेकानंद युवा महामंडल के गजानन पाठक, धर्मेंद्र सिंह, डॉ. राजकुमार चौबे और डॉ. अरुण कुमार मिश्रा ने भी अपने विचार रखे। कार्यक्रम के अंत में एक रोचक प्रश्नोत्तरी सत्र का भी आयोजन हुआ, जिसने विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं को नया आयाम दिया। इसके पूर्व, भाषण प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विजेताओं को कुलपति ने प्रमाण पत्र और पुरस्कार देकर सम्मानित किया। मां संगीतायन संगीत महाविद्यालय के विद्यार्थियों ने भक्ति गीतों से पूरे वातावरण को रसमय बना दिया। कार्यक्रम का सफल संचालन डॉ. मृत्युंजय प्रसाद ने और स्वागत भाषण डॉ. सुबोध कुमार सिंह ने किया।

हिंद महासागर में भारत की वैज्ञानिक कूटनीति का नया अध्याय, आठ देशों के ऐतिहासिक सफर पर निकला आईएनएस सागरध्वनि


हिंद महासागर में भारत की वैज्ञानिक कूटनीति का नया अध्याय, आठ देशों के ऐतिहासिक सफर पर निकला आईएनएस सागरध्वनि

देश : रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) ने भारतीय नौसेना के साथ मिलकर हिंद महासागर में वैज्ञानिक सहयोग और कूटनीतिक रिश्तों को नई धार देने के लिए 'सागर मैत्री-5' मिशन का आगाज कर दिया है। कोच्चि स्थित दक्षिणी नौसेना कमान से भारत के प्रतिष्ठित समुद्र विज्ञान अनुसंधान पोत आईएनएस सागरध्वनि को रक्षा संबंधी संसदीय स्थायी समिति के अध्यक्ष राधा मोहन सिंह ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह मिशन केवल एक समुद्री यात्रा नहीं, बल्कि भारत सरकार के 'महासागर' (MAHASAGAR) विजन के तहत पड़ोसी देशों के साथ सुरक्षा और विकास के साझा लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में एक बड़ा और रणनीतिक कदम है।

​इस महत्वाकांक्षी अभियान के तहत आईएनएस सागरध्वनि 1962-65 के दौरान आईएनएस कृष्णा द्वारा तय किए गए ऐतिहासिक समुद्री रास्तों पर दोबारा सफर करेगा। यह पोत हिंद महासागर रिम के आठ प्रमुख देशों—ओमान, मालदीव, श्रीलंका, थाईलैंड, मलेशिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया और म्यांमार—के साथ वैज्ञानिक संबंधों को मजबूत करेगा। इस मिशन की शुरुआत मालदीव के साथ सहयोगी समुद्र विज्ञान अध्ययनों से हो रही है, जिससे इन देशों के वैज्ञानिकों के बीच संयुक्त अनुसंधान और तकनीकी ज्ञान के आदान-प्रदान का नया रास्ता खुलेगा। डीआरडीओ के अध्यक्ष डॉ. समीर वी. कामत और नौसेना के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में शुरू हुआ यह सफर भारत की 'मैत्री' पहल (मरीन एंड एलाइड इंटरडिसिप्लिनरी ट्रेनिंग एंड रिसर्च इनिशिएटिव) का एक अहम हिस्सा है।

​डीआरडीओ की नेवल फिजिकल एंड ओशनोग्राफिक लेबोरेटरी (एनपीओएल) द्वारा डिजाइन किया गया और जीआरएसई द्वारा निर्मित यह जहाज समुद्री ध्वनिक अनुसंधान में भारत की आत्मनिर्भरता का प्रतीक है। मिशन के दौरान यह पोत समुद्र के भीतर की गतिविधियों और महत्वपूर्ण ध्वनिक डेटा को इकट्ठा करेगा, जो भारतीय नौसेना के लिए 'अंडरवाटर डोमेन अवेयरनेस' (यूडीए) हासिल करने में मील का पत्थर साबित होगा। 1994 में कमीशन किया गया आईएनएस सागरध्वनि पिछले तीन दशकों से भारत की समुद्री वैज्ञानिक क्षमताओं की रीढ़ बना हुआ है और अब यह सागर मैत्री मिशन के जरिए पड़ोसी मुल्कों के साथ तकनीक, विश्वास और सहयोग का एक मजबूत पुल तैयार करने निकल पड़ा है।

विनोबा भावे विश्वविद्यालय में गूंजेगा स्वामी विवेकानंद के विचारों का शंखनाद

विनोबा भावे विश्वविद्यालय में गूंजेगा स्वामी विवेकानंद के विचारों का शंखनाद


19 जनवरी को रांची रामकृष्ण मिशन के सचिव देंगे चरित्र निर्माण का मंत्र

हजारीबाग: विनोबा भावे विश्वविद्यालय का स्वामी विवेकानंद सभागार आगामी 19 जनवरी को आध्यात्म, राष्ट्रभक्ति और युवा चेतना के ओजस्वी विचारों से गुंजायमान होने वाला है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्वामी विवेकानंद जयंती समारोह को भव्य और प्रेरणादायक बनाने के लिए पूरी तैयारी कर ली है, जिसमें मुख्य वक्ता के तौर पर रांची मोराबादी स्थित रामकृष्ण मिशन के सचिव स्वामी भवेशानंद जी महाराज विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम का उद्घाटन सत्र विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर चंद्र भूषण शर्मा की अध्यक्षता में संपन्न होगा, जिनकी विशेष पहल पर हजारीबाग के विद्यार्थियों को रामकृष्ण मिशन के सानिध्य में जीवन दर्शन सीखने का यह दुर्लभ अवसर मिल रहा है।

​राजनीति विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. सुकल्याण मोइत्रा ने आयोजन की पृष्ठभूमि स्पष्ट करते हुए बताया कि यद्यपि स्वामी जी की जयंती 12 जनवरी को मनाई जाती है, लेकिन उस दिन रामकृष्ण मिशन में व्यस्तता के चलते संन्यासियों का आगमन संभव नहीं हो पाता। कुलपति की यह प्रबल इच्छा थी कि विश्वविद्यालय के छात्र सीधे किसी विद्वान संन्यासी के मुख से स्वामी जी के आदर्शों को सुनें और आत्मसात करें, इसी उद्देश्य से यह विशेष आयोजन 19 जनवरी को पूर्वाहन 11 बजे निर्धारित किया गया है। इस गरिमामयी समारोह में 'विकसित भारत' की संकल्पना और भारतीय दृष्टिकोण में स्वामी विवेकानंद के विचारों की प्रासंगिकता पर गहन मंथन किया जाएगा।

​समारोह का एक और प्रमुख आकर्षण हजारीबाग विवेकानंद युवा महामंडल के सहयोग से आयोजित होने वाला चरित्र निर्माण विषयक प्रशिक्षण और प्रश्नोत्तरी सत्र होगा, जो युवाओं को अनुशासित जीवन जीने की कला सिखाएगा। कार्यक्रम के समापन बेला में युवा सप्ताह के दौरान विश्वविद्यालय के विभिन्न विभागों में आयोजित भाषण प्रतियोगिताओं के प्रतिभाशाली विजेताओं को मंच पर पुरस्कृत कर उनका मान बढ़ाया जाएगा। आयोजन समिति के संयोजक डॉ. सुबोध कुमार सिंह 'शिवगीत' और यूसेट के प्राध्यापक डॉ. अरुण कुमार मिश्रा ने विश्वविद्यालय परिवार समेत सभी शिक्षण प्रेमियों को इस ज्ञानयज्ञ में शामिल होने के लिए सादर आमंत्रित किया है।

कोलियरी राष्ट्रीयकरण के नायक थे पूर्व सीएम बिन्देश्वरी दुबे-जय प्रकाश भाई पटेल, कांग्रेस कार्यालय में मनाई गई 102वीं जयंती

 

कोलियरी राष्ट्रीयकरण के नायक थे पूर्व सीएम बिन्देश्वरी दुबे-


जय प्रकाश भाई पटेल, कांग्रेस कार्यालय में मनाई गई 102वीं जयंती

हजारीबाग: जिला कांग्रेस कार्यालय कृष्ण बल्लभ आश्रम में स्वतंत्रता सेनानी और संयुक्त बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री बिन्देश्वरी दुबे की 102वीं जयंती पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस अवसर पर कांग्रेस जनों ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर और माल्यार्पण करते हुए उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए पूर्व मंत्री सह जिला अध्यक्ष जय प्रकाश भाई पटेल ने बिन्देश्वरी दुबे के व्यक्तित्व और कृतित्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बिन्देश्वरी दुबे न केवल एक कुशल भारतीय राजनेता और प्रशासक थे, बल्कि एक जुझारू स्वतंत्रता सेनानी और मजदूरों की आवाज बुलंद करने वाले सशक्त श्रमिक नेता भी थे।

​जय प्रकाश भाई पटेल ने अपने संबोधन में विशेष रूप से रेखांकित किया कि देश की कोलियरीयों के राष्ट्रीयकरण में बिन्देश्वरी दुबे का योगदान ऐतिहासिक और अविस्मरणीय रहा है। उन्होंने बताया कि दुबे संयुक्त बिहार के मुख्यमंत्री रहने के साथ-साथ केंद्र सरकार में कानून, न्याय, श्रम एवं रोजगार विभाग के मंत्री भी रहे। उनकी राजनीतिक सक्रियता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वे इंटक के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार प्रदेश कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष पद पर भी आसीन रहे। सातवीं लोकसभा और राज्यसभा के सदस्य रहने के अलावा वे छह बार विधानसभा के सदस्य चुने गए और कई बार संयुक्त बिहार तथा झारखंड सरकार के महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी संभाली।

​इस जयंती समारोह में पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शिरकत की और अपने नेता को याद किया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जिला कांग्रेस के मीडिया अध्यक्ष निसार खान, वरिष्ठ कांग्रेसी विरेन्द्र कुमार सिंह, प्रदेश सचिव बिनोद सिंह, युवा कांग्रेस अध्यक्ष मोहम्मद जाविर, सेवादल अध्यक्ष गुड्डू सिंह और नगर अध्यक्ष परवेज अहमद शामिल थे। इसके अलावा जिला उपाध्यक्ष कृष्णदेव प्रसाद सिंह, सलीम रजा, मिथिलेश दुबे, जिला महासचिव दिलीप कुमार रवि, बाबर अंसारी, रघु जायसवाल, सदरूल होदा, विजय कुमार सिंह, एनए चौधरी, निसार अहमद भोला, सैयद अशरफ अली, अनिल कुमार भुईंया, मुस्ताक अंसारी, चन्द्र शेखर आजाद, उदय पाण्डेय, अर्जुन नायक, गिरजा शंकर, बालेश्वर सिंह, विवेक कुमार, मनोज पासवान, संतोष रजवार, छोटी राम, रंजीत यादव, अजित कुमार गुप्ता, अर्जुन सिंह और मुगेश्वर प्रसाद चौधरी सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस जनों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई।

विभावि में गूंजा स्वामी विवेकानंद का संदेश, दीक्षारम्भ में विशेषज्ञों ने कहा- अध्यात्म और आत्म-समीक्षा से ही गढ़ी जाएगी विकसित भारत की नींव

 

विभावि में गूंजा स्वामी विवेकानंद का संदेश, दीक्षारम्भ में विशेषज्ञों ने कहा- अध्यात्म और आत्म-समीक्षा से ही गढ़ी जाएगी विकसित भारत की नींव


हजारीबाग:​विनोबा भावे विश्वविद्यालय के जंतु विज्ञान विभाग में स्वामी विवेकानंद की जयंती और नव-नामांकित छात्रों के लिए आयोजित दीक्षारम्भ कार्यक्रम हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। इस विशेष अवसर पर अकादमिक सत्र और आध्यात्मिक चिंतन का अनूठा संगम देखने को मिला। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ विभागाध्यक्ष डॉ. किशोर कुमार गुप्ता और विभागीय शिक्षकों ने स्वामी विवेकानंद की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित एवं पुष्पार्चन कर किया, जिसके बाद नए सत्र के छात्रों और अतिथियों का आत्मीय स्वागत किया गया।

​समारोह में मुख्य वक्ता के रूप में देव संस्कृति विश्वविद्यालय, हरिद्वार से पधारे अभिषेक कुमार ने स्नातकोत्तर जंतु विज्ञान और एमसीए के छात्रों को जीवन प्रबंधन के सूत्र दिए। उन्होंने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि आने वाले समय में विकसित भारत की इबारत यही युवा पीढ़ी लिखेगी, लेकिन इसके लिए उन्हें अध्यात्म से जुड़ना होगा। उन्होंने छात्रों को 'आत्मबोध' और 'तत्वबोध' का मंत्र देते हुए समझाया कि प्रत्येक सुबह को नया जन्म मानकर दिनचर्या की योजना बनानी चाहिए और रात को सोने से पहले उसे मृत्यु मानकर दिनभर के कर्मों की निष्पक्ष आत्म-समीक्षा करनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यही साधना युवाओं को आत्मसंयमी और आत्मविश्वास से परिपूर्ण बनाएगी।

​इस मौके पर विभागाध्यक्ष डॉ. किशोर कुमार गुप्ता ने दीक्षारम्भ की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यूजीसी द्वारा निर्धारित यह एक नियोजित कार्यक्रम है। इसका उद्देश्य छात्रों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित न रखकर उन्हें उन क्रियाकलापों के प्रति जागरूक करना है जो उनके समग्र व्यक्तित्व निर्माण में सहायक हों, साथ ही उन्हें विषय से संबंधित संस्थानों का भ्रमण भी कराया जाता है। कार्यक्रम का सफल मंच संचालन सहायक शिक्षिका मोहसिना और कपिल ने किया, जबकि डॉ. राजेंद्र मिस्त्री ने धन्यवाद ज्ञापन प्रस्तुत किया। आयोजन को सफल बनाने में संजू, प्रभात, ईशा, अर्पिता, राज और दिलीप की भूमिका सराहनीय रही।

रोजगार की दिशा में हजारीबाग के युवाओं की ऊंची उड़ान, अमीन ट्रेनिंग में महादेव सर संस्थान के सभी 23 विद्यार्थियों ने लहराया सफलता का परचम


 

रोजगार की दिशा में हजारीबाग के युवाओं की ऊंची उड़ान, अमीन ट्रेनिंग में महादेव सर संस्थान के सभी 23 विद्यार्थियों ने लहराया सफलता का परचम

हजारीबाग: शहर के कोरा रोड स्थित महादेव सर अमीन ट्रेनिंग सेंटर ने एक बार फिर कौशल विकास और रोजगार के क्षेत्र में अपनी श्रेष्ठता साबित की है। संस्थान के संस्थापक महादेव कुमार साव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित कर बताया कि 10 जनवरी 2026 को घोषित हुए परीक्षा परिणामों में संस्थान के विद्यार्थियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। इस परीक्षा में कुल 23 विद्यार्थी शामिल हुए थे और सभी ने अपनी मेहनत और उचित मार्गदर्शन के दम पर सफलता हासिल की है। महादेव डिग्री कॉलेज चतरा और झारखंड राज्य खुला विश्वविद्यालय से मान्यता प्राप्त इस संस्थान ने हजारीबाग में अमीन और लैंड सर्वेयर की ट्रेनिंग में एक नया मानक स्थापित किया है। संस्थापक ने उत्तीर्ण सभी छात्रों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की और कहा कि यह परिणाम संस्थान की गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का प्रमाण है।

​प्रेस वार्ता के दौरान संस्थान की विश्वसनीयता और रोजगार के अवसरों पर प्रकाश डालते हुए बताया गया कि यह केंद्र भारत सरकार द्वारा मान्यता प्राप्त है और इसका पंजीकरण संख्या SCPR068 है। यहाँ शिक्षित बेरोजगार युवक-युवतियों और किसानों को भू-मापक, सर्वे नियम और भूमि चकबंदी का विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है। संस्थान में दो महीने, तीन महीने और एक साल के डिप्लोमा कोर्स उपलब्ध हैं, जो छात्रों को अमीन बनने का सुनहरा अवसर प्रदान करते हैं। यहाँ से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद युवा न केवल अपना स्वरोजगार शुरू कर सकते हैं, बल्कि सरकारी और गैर-सरकारी विभागों जैसे राजस्व विभाग, वन विभाग, अंचल अमीन, और सीसीएल, बीसीसीएल, एनटीपीसी जैसी बड़ी परियोजनाओं में भी सेवा दे सकते हैं। संस्थान का दावा है कि उनके यहाँ से प्रशिक्षित सैकड़ों छात्र आज हजारीबाग, रांची और दुमका समेत कई जिलों में बंदोबस्त कार्यालयों में अमीन के पद पर कार्यरत हैं।

​विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए संस्थान ने हजारीबाग में बड़कागांव रोड और कोरा पोस्ट ऑफिस के पास अपनी शाखाओं का विस्तार किया है। यहाँ ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से पढ़ाई की व्यवस्था है, साथ ही मेधावी और जरूरतमंद छात्रों के लिए छात्रवृत्ति की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है। संस्थान आधुनिक तरीके से जमीन बंटवारा और मापी का प्रशिक्षण देता है और प्लेसमेंट की गारंटी के साथ सीमित सीटों पर नामांकन लेता है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि जो युवा हुनरमंद बनकर अपने पैरों पर खड़ा होना चाहते हैं, उनके लिए अमीन ट्रेनिंग एक बेहतरीन विकल्प है, जहाँ रविवार को विशेष कक्षाओं की भी व्यवस्था है ताकि कामकाजी लोग भी इसका लाभ उठा सकें।

दिशोम गुरु की 82वीं जयंती पर भावुक हुए सीएम हेमंत: 'चेशायर होम' के बच्चों संग साझा की खुशियां, कहा- पिता के संघर्ष ने ही हमें राह दिखाई

 दिशोम गुरु की 82वीं जयंती पर भावुक हुए सीएम हेमंत: 'चेशायर होम' के बच्चों संग साझा की खुशियां, कहा- पिता के संघर्ष ने ही हमें राह दिखाई





रांची | झारखण्ड के निर्माता और दिशोम गुरु शिबू सोरेन की 82वीं जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन ने एक अनुकरणीय पहल करते हुए अपना समय 'चेशायर होम' के विशेष बच्चों के साथ बिताया। सियासी शोर-शराबे से दूर, मुख्यमंत्री ने दिव्यांग बच्चों के बीच पहुंचकर न केवल खुशियां बांटीं, बल्कि इस पल को अपने जीवन का एक भावुक क्षण बताया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वीकार किया कि यह उनके लिए पहला ऐसा अवसर है जब वे बाबा दिशोम गुरु की जयंती उनके बिना मना रहे हैं, लेकिन गुरुजी के आदर्श और उनके द्वारा दिखाया गया संघर्ष का रास्ता ही आज भी उनका और पूरे राज्य का मार्गदर्शन कर रहा है। उन्होंने कहा कि शिबू सोरेन ने अपना पूरा जीवन कमजोर, पिछड़े और आदिवासी समाज के उत्थान के लिए समर्पित कर दिया, और उन्ही के त्याग की बदौलत आज झारखण्ड एक अलग राज्य के रूप में खड़ा है।

चेशायर होम के प्रांगण में आयोजित इस कार्यक्रम में आत्मीयता और सेवा का अनूठा संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और विधायक कल्पना सोरेन ने दिव्यांग बच्चों से न केवल मुलाकात की, बल्कि उनके साथ बैठकर काफी देर तक बातें भी कीं। इस दौरान उन्होंने बच्चों के बीच कंबल और अन्य आवश्यक सामग्रियों का वितरण किया। मुख्यमंत्री ने चेशायर होम के साथ अपने पुराने और भावनात्मक जुड़ाव का जिक्र करते हुए कहा कि वे अक्सर यहाँ आते रहते हैं और यहाँ के बच्चों की प्रतिभा देखकर उन्हें नई ऊर्जा मिलती है। उन्होंने कहा कि इन बच्चों में गजब का आत्मविश्वास है और इनकी शक्ति किसी भी मायने में दूसरों से कम नहीं है।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने चेशायर होम के संचालकों और सेवा में लगे सदस्यों के समर्पण की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि यहाँ के लोग जिस त्याग और सेवा भाव से काम कर रहे हैं, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है। मुख्यमंत्री ने संस्था को भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार उनके साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। साथ ही, उन्होंने दिव्यांगजन कल्याण के क्षेत्र में सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों को और गति देने की बात कही। विधायक कल्पना सोरेन ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन किया और संस्था के सेवा कार्यों को समाज का दर्पण बताया। अंत में मुख्यमंत्री ने सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं देते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

दारू पुलिस का शिकंजा, अलग-अलग मामलों में कविलासी के दो आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल

 

दारू पुलिस का शिकंजा, अलग-अलग मामलों में कविलासी के दो आरोपी गिरफ्तार, भेजे गए जेल


हजारीबाग/दारू। जिले में अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के उद्देश्य से दारू पुलिस ने सक्रियता दिखाते हुए दो अलग-अलग मामलों में नामजद अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। दारू थाना प्रभारी इकबाल हुसैन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए कविलासी गांव में दबिश दी और कानून के शिकंजे से बच रहे दो आरोपियों को धर दबोचा। पुलिस द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों में कविलासी निवासी मोहम्मद हकीम का पुत्र ताज मोहम्मद और रकीब मियां का पुत्र मोहम्मद साजिद शामिल है।

​ताज मोहम्मद को दारू थाना कांड संख्या 02/26 में भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत गिरफ्तार किया गया है, जबकि मोहम्मद साजिद की गिरफ्तारी कांड संख्या 03/26 के तहत की गई है। दोनों ही मामलों में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कागजी प्रक्रिया पूरी की और गिरफ्तार अभियुक्तों को माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र में असामाजिक तत्वों के बीच हड़कंप है और प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून तोड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

दिशोम गुरु के जन्मदिन पर छात्रों को मिलेगी बड़ी सौगात, 11 जनवरी को खेलगांव में 'गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड' पर सीएम हेमंत सोरेन करेंगे सीधा संवाद

दिशोम गुरु के जन्मदिन पर छात्रों को मिलेगी बड़ी सौगात, 11 जनवरी को खेलगांव में 'गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड' पर सीएम हेमंत सोरेन करेंगे सीधा संवाद


रांची। झारखंड के दिशोम गुरु शिबू सोरेन के जन्म दिवस को इस वर्ष बेहद खास और यादगार तरीके से मनाने की तैयारी की जा रही है। आगामी 11 जनवरी 2026 को रांची के खेलगांव स्थित टाना भगत स्टेडियम में एक भव्य 'गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना' संवाद कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा। इस महत्वपूर्ण मौके पर राज्य के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन मुख्य रूप से उपस्थित रहेंगे और 10वीं से 12वीं कक्षा में अध्ययनरत हजारों छात्र-छात्राओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करेंगे। यह कार्यक्रम राज्य के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित होगा।

इस राज्यस्तरीय कार्यक्रम के सफल और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर रांची के उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी मंजूनाथ भजन्त्री ने प्रशासनिक तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने कलेक्ट्रेट में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए स्पष्ट किया कि गुरुजी स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा हेतु वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने की सरकार की एक महत्वाकांक्षी पहल है। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि कार्यक्रम में शामिल होने वाले छात्रों की सुविधाओं का पूरा ख्याल रखा जाए। उन्होंने कार्यक्रम स्थल पर सुरक्षा व्यवस्था, यातायात प्रबंधन, पार्किंग और मंच संचालन से लेकर छात्रों के बैठने, पेयजल, शौचालय और सफाई तक की मुकम्मल व्यवस्था सुनिश्चित करने का आदेश दिया।

उपायुक्त ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने की हिदायत दी है ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो। विशेष रूप से विद्यार्थियों के सुरक्षित आगमन और निकासी, पंजीकरण प्रक्रिया और आपातकालीन चिकित्सा सुविधाओं को लेकर अधिकारियों को अलर्ट किया गया है। बैठक में उप विकास आयुक्त, पुलिस अधीक्षक (नगर व यातायात), जिला शिक्षा पदाधिकारी सहित जिले के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे जिन्होंने समय रहते सभी तैयारियां पूर्ण करने का आश्वासन दिया।


हजारीबाग ने रचा इतिहास: मानवता की मिसाल बनकर उभरा वॉलंटरी ब्लड डोनर्स एसोसिएशन, 86 शिविर लगाकर झारखंड में बनाया सर्वाधिक रक्तदान शिविर का रिकॉर्ड

 हजारीबाग ने रचा इतिहास-


मानवता की मिसाल बनकर उभरा वॉलंटरी ब्लड डोनर्स एसोसिएशन, 86 शिविर लगाकर झारखंड में बनाया सर्वाधिक रक्तदान शिविर का रिकॉर्ड

हजारीबाग: हजारीबाग की धरती ने एक बार फिर मानवता सेवा में पूरे झारखंड के सामने एक नजीर पेश की है। शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज के ब्लड बैंक को संजीवनी देने के उद्देश्य से गठित वॉलंटरी ब्लड डोनर्स एसोसिएशन ने सेवा और समर्पण का ऐसा अध्याय लिखा है जिसे प्रदेश के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में दर्ज किया जाएगा। वर्ष 2025 में संस्था ने न केवल 1253 यूनिट रक्त का संग्रह किया बल्कि सर्वाधिक 86 रक्तदान शिविर आयोजित कर पूरे झारखंड में एक नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है। नवंबर 2020 में अपनी स्थापना के बाद से यह संस्था लगातार मानव सेवा में तत्पर है और पिछले पांच वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो सरकारी, गैर-सरकारी और स्वैच्छिक रक्तदाताओं के सहयोग से अब तक लगभग 50 हजार यूनिट रक्त का महासंग्रह किया जा चुका है। अकेले वर्ष 2025 में ही जिले में कुल 12,108 यूनिट रक्त एकत्रित हुआ है जो यह दर्शाता है कि हजारीबाग के रगों में दौड़ता रक्त अब दूसरों की जिंदगी बचाने के काम आ रहा है।

संस्था का सबसे संवेदनशील और सराहनीय पहलू थैलेसीमिया और एचआईवी पीड़ितों के प्रति उनका समर्पण है। इन मरीजों को बिना किसी रिप्लेसमेंट के रक्त उपलब्ध कराया गया और उनकी पहचान को पूरी तरह गोपनीय रखकर समाज में किसी भी प्रकार के भेदभाव से बचाया गया। 300 से अधिक थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के जीवन में उम्मीद की किरण जगाने के लिए एसोसिएशन ने माँ सेवा समिति, फोर्टिस हॉस्पिटल गुरुग्राम, दात्री फाउंडेशन और नारायणा बेंगलुरु के सहयोग से इस वर्ष दो विशाल एचएलए जांच शिविर आयोजित किए। सुखद परिणाम यह रहा कि कई बच्चों का बोन मैरो मैच हुआ और स्थानीय सांसद, विधायक, विभिन्न संस्थाओं एवं कोल इंडिया के आर्थिक सहयोग से उनका मुफ्त इलाज संभव हो सका। इस पहल से कई बच्चों को अब जीवन भर रक्त चढ़ाने की पीड़ा से मुक्ति मिल जाएगी।

इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर 'ब्लड मैन' के नाम से मशहूर और शहर में रक्तदान की अलख जगाने वाले एसोसिएशन के अध्यक्ष निर्मल जैन ने इस महायज्ञ में आहुति देने वाले सभी रक्तदाताओं, सरकारी व गैर-सरकारी संस्थाओं और ब्लड बैंक के डॉक्टर व तकनीशियनों का हृदय से आभार व्यक्त किया है। वहीं महासचिव विनीत छाबड़ा ने इस कीर्तिमान का श्रेय अध्यक्ष के अथक प्रयासों और पूरी टीम की एकजुटता को दिया है। हजारीबाग का यह मॉडल अब पूरे राज्य के लिए प्रेरणा बन गया है कि कैसे सामुदायिक सहयोग और दृढ़ इच्छाशक्ति से स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर बदली जा सकती है और मासूम जिंदगियों को बचाया जा सकता है।


दारू थाना प्रभारी ने माइक से अनाउंस कर लोगों को दिए सुरक्षा के मंत्र, कहा- जंजीर से बांधें गाड़ियां और लगवाएं सीसीटीवी

दारू थाना प्रभारी ने माइक से अनाउंस कर लोगों को दिए सुरक्षा के मंत्र, कहा- जंजीर से बांधें गाड़ियां और लगवाएं सीसीटीवी


नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग/दारू। हजारीबाग जिले के दारू थाना क्षेत्र में वाहनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस प्रशासन ने एक विशेष जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। दारू थाना प्रभारी इकबाल हुसैन ने स्वयं कमान संभालते हुए थाना क्षेत्र के विभिन्न इलाकों में पीए सिस्टम (माइक) के जरिए अनाउंसमेंट कर लोगों को सतर्क किया। उन्होंने ग्रामीणों और वाहन मालिकों को सीधे संबोधित करते हुए सुरक्षा के कड़े उपाय अपनाने की अपील की ताकि उनकी गाढ़ी कमाई से खरीदे गए वाहन सुरक्षित रह सकें।

जागरूकता अभियान के दौरान थाना प्रभारी ने विशेष रूप से उन लोगों को आगाह किया जो अपने वाहन घर के बाहर खड़े करते हैं। उन्होंने सलाह दी कि घर के बाहर या जिस स्थान पर भी वाहन पार्क किए जाते हैं वहां सीसीटीवी कैमरे अनिवार्य रूप से लगवाएं। कैमरे की निगरानी से न केवल वाहन सुरक्षित रहेंगे बल्कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की पहचान करने में पुलिस को मदद मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने चोरी से बचने के लिए एक बेहद व्यावहारिक और कारगर तरीका भी सुझाया। थाना प्रभारी ने लोगों से अपील की कि वे अपने वाहनों को केवल हैंडल लॉक या साधारण लॉक के भरोसे न छोड़ें बल्कि उन्हें मजबूत जंजीर या सीकड़ से बांधकर लॉक करें। पुलिस का मानना है कि दोहरी सुरक्षा अपनाने से वाहन चोरी की आशंका को काफी हद तक कम किया जा सकता है। पुलिस की इस सक्रियता से क्षेत्र के लोगों में सुरक्षा के प्रति विश्वास बढ़ा है।


हजारीबाग में कल सजेगा बौद्धिक महाकुंभ-पीआईबी के 'वार्तालाप' में विकसित भारत और वंदे मातरम के 150 वर्षों पर मंथन करेंगे दिग्गज



हजारीबाग में कल सजेगा बौद्धिक महाकुंभ-पीआईबी के 'वार्तालाप' में विकसित भारत और वंदे मातरम के 150 वर्षों पर मंथन करेंगे दिग्गज


नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग: जिले की धरती कल एक महत्वपूर्ण वैचारिक मंथन और राष्ट्रीय संवाद का गवाह बनने जा रही है जहाँ भारत सरकार के सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी) रांची द्वारा स्थानीय पत्रकारों के साथ एक विशेष "वार्तालाप" कार्यक्रम का आयोजन किया जा रहा है। शहर के प्रतिष्ठित होटल "केनरी इन" में 9 जनवरी को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का कैनवास बेहद विस्तृत और समसामयिक रखा गया है जिसमें 'विकसित भारत रोजगार आजीविका गारंटी मिशन ग्रामीण (VB G RAM G) 2025', देश के चार नए श्रम संहिता-2025 और राष्ट्र गीत "वंदे मातरम" के 150 गौरवशाली वर्ष पूरे होने पर उसके महत्व जैसे गंभीर विषयों पर गहन चर्चा की जाएगी। इस आयोजन का उद्देश्य न केवल सरकारी योजनाओं की जानकारी साझा करना है बल्कि लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के साथ सीधा संवाद स्थापित करना भी है।

भारतीय सूचना सेवा के अधिकारी एवं पीआईबी रांची के कार्यालय प्रमुख श्री राजेश सिन्हा ने कार्यक्रम की रूपरेखा साझा करते हुए बताया कि यह आयोजन केवल एक सरकारी औपचारिकता नहीं बल्कि विशेषज्ञों, जनप्रतिनिधियों और पत्रकारों का एक संगम होगा। कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाने के लिए विनोबा भावे विश्वविद्यालय के कुलपति प्रोफेसर (डॉ.) सी.बी. शर्मा बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहेंगे। वहीं, इस आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पत्र सूचना कार्यालय और केंद्रीय संचार ब्यूरो (पूर्वी भारत) के महानिदेशक श्री टी.वी.के. रेड्डी विशेष रूप से कोलकाता से हजारीबाग पधार रहे हैं। स्थानीय जनप्रतिनिधियों की भागीदारी सुनिश्चित करते हुए हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद और बरही विधायक मनोज कुमार यादव ने बतौर विशिष्ट अतिथि अपनी उपस्थिति की स्वीकृति दी है, जो इसे नीति-निर्माण और धरातलीय क्रियान्वयन के बीच की एक महत्वपूर्ण कड़ी बनाएगा।

इस "वार्तालाप" को वैचारिक गहराई देने के लिए एक उच्च स्तरीय विशेषज्ञ पैनल को आमंत्रित किया गया है जो निर्धारित विषयों के हर पहलू को उजागर करेंगे। कानूनी पेचीदगियों और नए श्रम कानूनों को समझाने के लिए नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ स्टडी एंड रिसर्च इन लॉ (NUSRL) रांची के सहायक प्रोफेसर डॉ. मृत्युंजय मयंक मौजूद रहेंगे, जबकि मीडिया के दृष्टिकोण को रखने के लिए आईएएनएस के झारखंड प्रमुख और रांची प्रेस क्लब के अध्यक्ष शंभू नाथ तिवारी तथा दूरदर्शन समाचार रांची के प्रमुख दिवाकर कुमार अपने विचार साझा करेंगे। इसके अलावा, राष्ट्रभक्ति और सुरक्षा के आयामों पर चर्चा के लिए बीएसएफ मेरु कैंप के कमांडेंट सुरेंद्र सिंह मलिक की उपस्थिति कार्यक्रम में एक नया जोश भरेगी। यह पूरा आयोजन हजारीबाग के मीडिया जगत के लिए राष्ट्रीय मुद्दों को गहराई से समझने और उस पर विमर्श करने का एक सुनहरा अवसर साबित होगा।


पोस्टमार्टम के लिए अब नहीं भटकेंगे परिजन, सांसद की पहल पर मेडिकल कॉलेज में चस्पा होगा डॉक्टरों का ड्यूटी रोस्टर

 

पोस्टमार्टम के लिए अब नहीं भटकेंगे परिजन, सांसद की पहल पर मेडिकल कॉलेज में चस्पा होगा डॉक्टरों का ड्यूटी रोस्टर

हजारीबाग। मेडिकल कॉलेज अस्पताल में पोस्टमार्टम जैसी संवेदनशील प्रक्रिया में होने वाली लेटलतीफी और परिजनों को होने वाली मानसिक परेशानी अब बीते वक्त की बात होगी। हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के कड़े निर्देशों के बाद अस्पताल की व्यवस्था में व्यापक सुधार की कवायद शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनुकरण पूर्ति से मुलाकात कर पोस्टमार्टम हाउस की व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने की मांग रखी, जिसे तत्काल प्रभाव से स्वीकार कर लिया गया है। अक्सर देखा गया है कि अपने प्रियजन को खोने के बाद दुख में डूबे परिवारों को पोस्टमार्टम के लिए घंटों इंतजार करना पड़ता था, जो मानवीय दृष्टिकोण से अत्यंत पीड़ादायक है।

​इस गंभीर समस्या के स्थायी समाधान के लिए सांसद के निर्देश पर यह मांग की गई कि पोस्टमार्टम सेवाओं को समयबद्ध बनाया जाए और ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों की उपस्थिति सुनिश्चित की जाए। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अब पोस्टमार्टम हाउस के बाहर चिकित्सकों का ड्यूटी रोस्टर सार्वजनिक रूप से प्रदर्शित किया जाएगा, ताकि पारदर्शिता बनी रहे और किसी भी प्रकार की लापरवाही की गुंजाइश न रहे। इस मुलाकात के दौरान इस बात पर विशेष जोर दिया गया कि दुख की घड़ी में परिजनों को प्रशासनिक प्रक्रियाओं में उलझने के बजाय त्वरित सेवा मिलनी चाहिए।

​अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनुकरण पूर्ति ने जनहित से जुड़े इस मुद्दे की गंभीरता को समझते हुए सकारात्मक रुख अपनाया है। उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि पोस्टमार्टम में देरी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधीक्षक ने मौके पर ही आश्वासन दिया कि आज से ही पोस्टमार्टम रूम के बाहर चिकित्सकों का ड्यूटी चार्ट लगा दिया जाएगा और रोस्टर के अनुसार संबंधित डॉक्टर की ससमय उपस्थिति सुनिश्चित कराई जाएगी। इस पहल से हजारीबाग के दूर-दराज इलाकों से आने वाले ग्रामीणों और आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है, जिन्हें अब पोस्टमार्टम के लिए अनावश्यक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।


शहीद शेख भिखारी तथा शहीद टिकैत उमराव सिंह की 169 वीं शहादत दिवस पर कांग्रेसियों द्वारा दी गई श्रद्धांजलि

 शहीद शेख भिखारी तथा शहीद टिकैत उमराव सिंह की 169 वीं शहादत दिवस पर कांग्रेसियों द्वारा दी गई श्रद्धांजलि 


हजारीबाग : जिला कांग्रेस कार्यालय कृष्ण बल्लभ आश्रम में महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद शेख भिखारी तथा शहीद टिकैत उमराव सिंह की 169 वीं शहादत दिवस उनके चित्र पर पुष्प अर्पित व माल्यार्पण कर मनाई गई । कार्यक्रम में लोंगो ने दोनो शहीदों की जीवन पर प्रकाश डाला । शहीद शेख भिखारी और शहीद टिकैत उमराव सिंह 1857 भारतीय विद्रोह के महानायक थे । उन्होंने झारखंड में ब्रिटिश सत्ता के खिलाफ मिलकर संघर्ष किया । शेख भिखारी टिकैत उमराव सिंह के दीवान और सेनापति थे, जिन्होंने गुरिल्ला युद्ध कर अंग्रेजों को रोका । उन्होंने ईस्ट कम्पनी की सेनाओं को रांची पर कब्जा करने से रोकने के लिए चुटूपालु घाटी के पेड़ों को काटकर कम्पनी के सेनाओं को आगे बढ़ने में बाधा डाली, पर अंतत: आठ जनवरी 1958 को दोंनो चुटूपालु घाटी में एक बरगद के पेड़ पर लटका कर फांसी दे दी । उस समय जनरल मैकडोलैंड ने कहा था, विद्रोहियों में सबसे खतरनाक और कुख्यात विद्रोही है । मौके पर प्रदेश महासचिव बिनोद कुशवाहा प्रदेश सचिव अवधेश कुमार सिंह, बिनोद सिंह पूर्व अध्यक्ष शैलेन्द्र कुमार यादव जिला कांग्रेस के मीडिया अध्यक्ष निसार खान नगर अध्यक्ष परवेज अहमद वरिष्ठ कांग्रेसी अजय गुप्ता, मकसूद आलम, रघु जायसवाल, जावेद इकबाल, सदरूल होदा, अनिल कुमार भुईंया, नौशाद आलम, मुस्ताक अंसारी, राशिद खान, भैया असीम कुमार, मोहम्मद आरिफ आलम, कौशल कुमार सिंह, मोहम्मद नसरुद्दीन,अजित कुमार सिंह, दिलीप कुमार रवि, विजय कुमार सिंह, निसार अहमद भोला आदि उपस्थित थे ।

दुबई से बांग्लादेश होते हुए दिल्ली तक फैला था जाल, डीआरआई ने 40 करोड़ के सोने के साथ दबोचा इंटरनेशनल सिंडिकेट


 दुबई से बांग्लादेश होते हुए दिल्ली तक फैला था जाल, डीआरआई ने 40 करोड़ के सोने के साथ दबोचा इंटरनेशनल सिंडिकेट

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

दिल्ली: राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने देश की आर्थिक सुरक्षा में सेंध लगाने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है। सीमा पार से चल रहे सोने की तस्करी के इस काले कारोबार पर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए डीआरआई ने दिल्ली और अगरतला में एक साथ छापेमारी कर 40 करोड़ रुपये से अधिक का सोना और लगभग तीन करोड़ रुपये की नकदी बरामद की है। यह कार्रवाई दुबई और बांग्लादेश में बैठे आकाओं द्वारा संचालित नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है जो त्रिपुरा सीमा का इस्तेमाल कर भारत में सोने की खेप भेज रहे थे।

इस ऑपरेशन की पटकथा 6 जनवरी को तब लिखी गई जब खुफिया जानकारी के आधार पर डीआरआई की टीम ने एक घरेलू लॉजिस्टिक्स गोदाम पर दबिश दी। वहां अगरतला से आई दो खेप की डिलीवरी लेते वक्त सिंडिकेट के एक अहम सदस्य को रंगे हाथों दबोचा गया। उस पार्सल की जांच करने पर करीब 15 किलो विदेशी सोना मिला जिस पर अंतरराष्ट्रीय रिफाइनरी की मुहर लगी थी। इसके बाद कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए दिल्ली और अगरतला में तस्करों के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई जहां से अतिरिक्त 14.2 किलो सोना और भारी मात्रा में भारतीय व बांग्लादेशी मुद्रा बरामद हुई। कुल मिलाकर डीआरआई ने 29.2 किलोग्राम सोना और 2.9 करोड़ रुपये नकद जब्त किया है।

जांच में इस नेटवर्क की गहरी जड़ों का खुलासा हुआ है। यह सिंडिकेट त्रिपुरा से सटी भारत-बांग्लादेश सीमा के जरिए सोने की तस्करी कर रहा था। अगरतला में ज्वेलरी की दुकान चलाने वाले स्थानीय ऑपरेटर्स और दुबई-बांग्लादेश में बैठे हैंडलर्स की मिलीभगत से इस सोने को घरेलू कार्गो सेवाओं के माध्यम से दिल्ली भेजा जाता था ताकि किसी को शक न हो। इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनसे पूछताछ जारी है। डीआरआई की इस कार्रवाई ने अवैध सोने की आपूर्ति श्रृंखला को ध्वस्त कर निष्पक्ष व्यापार और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक कड़ा संदेश दिया है।

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