दुबई से बांग्लादेश होते हुए दिल्ली तक फैला था जाल, डीआरआई ने 40 करोड़ के सोने के साथ दबोचा इंटरनेशनल सिंडिकेट
नरेश सोनी विशेष संवाददाता
दिल्ली: राजस्व आसूचना निदेशालय (डीआरआई) ने देश की आर्थिक सुरक्षा में सेंध लगाने वाले एक बड़े अंतरराष्ट्रीय सिंडिकेट की कमर तोड़ दी है। सीमा पार से चल रहे सोने की तस्करी के इस काले कारोबार पर सर्जिकल स्ट्राइक करते हुए डीआरआई ने दिल्ली और अगरतला में एक साथ छापेमारी कर 40 करोड़ रुपये से अधिक का सोना और लगभग तीन करोड़ रुपये की नकदी बरामद की है। यह कार्रवाई दुबई और बांग्लादेश में बैठे आकाओं द्वारा संचालित नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी सफलता मानी जा रही है जो त्रिपुरा सीमा का इस्तेमाल कर भारत में सोने की खेप भेज रहे थे।
इस ऑपरेशन की पटकथा 6 जनवरी को तब लिखी गई जब खुफिया जानकारी के आधार पर डीआरआई की टीम ने एक घरेलू लॉजिस्टिक्स गोदाम पर दबिश दी। वहां अगरतला से आई दो खेप की डिलीवरी लेते वक्त सिंडिकेट के एक अहम सदस्य को रंगे हाथों दबोचा गया। उस पार्सल की जांच करने पर करीब 15 किलो विदेशी सोना मिला जिस पर अंतरराष्ट्रीय रिफाइनरी की मुहर लगी थी। इसके बाद कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए दिल्ली और अगरतला में तस्करों के कई ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई जहां से अतिरिक्त 14.2 किलो सोना और भारी मात्रा में भारतीय व बांग्लादेशी मुद्रा बरामद हुई। कुल मिलाकर डीआरआई ने 29.2 किलोग्राम सोना और 2.9 करोड़ रुपये नकद जब्त किया है।
जांच में इस नेटवर्क की गहरी जड़ों का खुलासा हुआ है। यह सिंडिकेट त्रिपुरा से सटी भारत-बांग्लादेश सीमा के जरिए सोने की तस्करी कर रहा था। अगरतला में ज्वेलरी की दुकान चलाने वाले स्थानीय ऑपरेटर्स और दुबई-बांग्लादेश में बैठे हैंडलर्स की मिलीभगत से इस सोने को घरेलू कार्गो सेवाओं के माध्यम से दिल्ली भेजा जाता था ताकि किसी को शक न हो। इस मामले में अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है जिनसे पूछताछ जारी है। डीआरआई की इस कार्रवाई ने अवैध सोने की आपूर्ति श्रृंखला को ध्वस्त कर निष्पक्ष व्यापार और आर्थिक स्थिरता सुनिश्चित करने की दिशा में एक कड़ा संदेश दिया है।
