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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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रांची में आदिवासी एकता महाजुटान: हजारीबाग से पहुंचे 10 हजार से अधिक लोग, विक्की कुमार धान बोले- 'परिसीमन होने नहीं देंगे, अधिकारों से समझौता नहीं'

 मोरहाबादी में गरजे आदिवासी नेता, परिसीमन, पेसा कानून और जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा को लेकर बुलंद की आवाज

News Prahari, हजारीबाग/रांची: प्रस्तावित परिसीमन, राजनीतिक प्रतिनिधित्व, संवैधानिक अधिकारों तथा जल-जंगल-जमीन की सुरक्षा को लेकर रविवार को रांची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में 'आदिवासी एकता महाजुटान' महारैली का आयोजन किया गया। इस महाजुटान में हजारीबाग जिले की मजबूत भागीदारी देखने को मिली, जहां से 10 हजार से अधिक आदिवासी समाज के महिला, पुरुष व युवा पारंपरिक वेशभूषा और वाद्य यंत्रों के साथ मोरहाबादी पहुंचे।

Adivasi Ekta Mahajutan Rally at Morhabadi Ground Ranchi Vicky Kumar Dhan News Prahari

​महाजुटान के प्रवक्ता विक्की कुमार धान एवं संयोजक विजय सिंह भोक्ता के नेतृत्व में हजारीबाग जिले के सभी 16 प्रखंडों से बड़ी संख्या में लोग रांची पहुंचे और अपने अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की।

परिसीमन से आदिवासी सीटों को कम करने की साजिश बर्दाश्त नहीं: विक्की कुमार धान

महारैली को संबोधित करते हुए मुख्य प्रवक्ता विक्की कुमार धान ने दो टूक कहा कि आदिवासी समाज के राजनीतिक प्रतिनिधित्व को प्रभावित करने वाले किसी भी परिसीमन को स्वीकार नहीं किया जाएगा। यदि परिसीमन की आड़ में आरक्षित सीटों या राजनीतिक हिस्सेदारी को घटाने की कोशिश हुई, तो इसका लोकतांत्रिक तरीके से पुरजोर विरोध होगा।

​उन्होंने कहा कि हजारीबाग से उमड़ा 10 हजार लोगों का जनसैलाब इस बात का प्रमाण है कि समाज अपने अधिकारों और राजनीतिक भविष्य को लेकर पूरी तरह जागरूक है। जल-जंगल-जमीन आदिवासी समाज की पहचान, संस्कृति और अस्तित्व का आधार है।

10 प्रमुख मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान

विक्की कुमार धान ने बताया कि यह महाजुटान समाज की 10 प्रमुख मांगों को लेकर आयोजित किया गया है। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:

  • ​प्रस्तावित परिसीमन पर रोक और राजनीतिक हिस्सेदारी की सुरक्षा।
  • ​पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों में ग्रामसभा के अधिकारों को सशक्त बनाना।
  • ​पेसा (PESA) कानून का धरातल पर प्रभावी क्रियान्वयन।
  • ​स्थानीय एवं नियोजन नीति को सख्ती से लागू करना।
  • ​लैंड बैंक एवं लैंड पूल व्यवस्था को समाप्त करना।
  • ​आदिवासी भूमि की सुरक्षा, विस्थापन और पलायन पर पूर्ण रोक।

जमीन और संस्कृति से ही अस्तित्व: विजय सिंह भोक्ता

महाजुटान के संयोजक विजय सिंह भोक्ता ने कहा कि आदिवासी समाज की जमीन केवल भू-भाग नहीं, बल्कि उसकी पहचान और अस्मिता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि सीएनटी/एसपीटी एक्ट और पेसा कानून को कड़ाई से लागू किया जाए ताकि जल-जंगल-जमीन की रक्षा सुनिश्चित हो सके। नेताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक संवैधानिक अधिकारों की सुरक्षा तय नहीं हो जाती, लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रहेगा।


दारू के रामदेव खरिका में सांसद खेल महोत्सव का आगाज: सांसद मनीष जायसवाल ने किया नमो फुटबॉल टूर्नामेंट का उद्घाटन, 19 टीमें ले रहीं हिस्सा

Hazaribagh News: रामदेव खरिका में नमो फुटबॉल टूर्नामेंट शुरू, सांसद मनीष जायसवाल बोले- 'खेल अनुशासन और प्रतिभा निखारने का सबसे बेहतर माध्यम'

News Prahari, दारू/हजारीबाग: सांसद खेल महोत्सव के तहत दारू प्रखंड अंतर्गत रामदेव खरिका फुटबॉल मैदान में रविवार को 'नमो फुटबॉल टूर्नामेंट' का भव्य शुभारंभ हुआ। प्रतियोगिता का विधिवत उद्घाटन हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने खिलाड़ियों से परिचय प्राप्त कर और फुटबॉल को किक मारकर किया।

Hazaribagh MP Manish Jaiswal inaugurating Namo Football Tournament at Ramdev Kharika Daru News Prahari

​इस टूर्नामेंट में कुल 19 टीमें हिस्सा ले रही हैं। उद्घाटन मैच के दौरान मैदान पर मौजूद खिलाड़ियों और स्थानीय खेलप्रेमियों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला।

खेल अनुशासन और प्रतिभा निखारने का सशक्त माध्यम: सांसद

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, आपसी सहयोग और टीम भावना का विकास करता है। ग्रामीण स्तर पर आयोजित होने वाले ऐसे खेल महोत्सवों से छिपी हुई प्रतिभाओं को सामने आने का मंच मिलता है। उन्होंने सभी खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के लिए शुभकामनाएं दीं।

Hazaribagh MP Manish Jaiswal inaugurating Namo Football Tournament at Ramdev Kharika Daru News Prahari

कार्यक्रम में प्रमुख जनप्रतिनिधि व गणमान्य लोग रहे उपस्थित

समारोह में मुख्य रूप से दारू मंडल अध्यक्ष अशोक कुशवाहा, टाटीझरिया मंडल अध्यक्ष कैलाश पति सिंह, दारू मंडल महामंत्री इंद्रदेव कुशवाहा, उपाध्यक्ष रामनारायण कुशवाहा, कोषाध्यक्ष वीरेंद्र यादव, महिला मोर्चा अध्यक्ष लक्ष्मी देवी, मंत्री विवेक कुमार, पूर्व मंडल अध्यक्ष बसंत नारायण, किसान मोर्चा अध्यक्ष किशुन प्रसाद तथा युवा मोर्चा अध्यक्ष विकास यादव मौजूद थे।

​इसके साथ ही खेल प्रभारी (लोकसभा) बंटी तिवारी, सांसद प्रतिनिधि (हजारीबाग विधानसभा) किशोरी राणा, सांसद प्रतिनिधि (सदर पूर्वी) कृष्णा मेहता, सांसद प्रतिनिधि (नगर पश्चिमी) लब्बू गुप्ता, विशेषांक वर्मा, सांसद प्रतिनिधि (टाटीझरिया) संतोष मंडल, जिला परिषद सदस्या (दारू) गीता देवी, रंजनीकांत चौधरी, परमेश्वर यादव, महेंद्र राम प्रसाद, आलोक राज, सुधीर कुमार, गोपाल प्रसाद सहित बड़ी संख्या में खेलप्रेमी और ग्रामीण उपस्थित रहे।

Ek Ped Maa Ke Naam: सिलवार धाम में विधायक प्रदीप प्रसाद ने बांटे पौधे, 1 लाख पौधारोपण का संकल्प! 🌿🌸

 

‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान: सिलवार धाम मंदिर परिसर में सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने किया पौधा वितरण, 1 लाख पौधे लगाने का संकल्प!

हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी विशेष ब्यूरो):

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान पर चलाए जा रहे ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान से प्रेरित होकर हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद के 'एक लाख पौधे लगाने' के संकल्प के तहत मंगलवार को सदर पूर्वी मंडल क्षेत्र स्थित सिलवार धाम मंदिर परिसर में वृहद पौधा वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

Hazaribagh MLA Pradeep Prasad distributing saplings under Ek Ped Maa Ke Naam at Silwar Dham

​विधायक प्रदीप प्रसाद ने 5 जून, विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर 'हरित हजारीबाग' के निर्माण और पर्यावरण संरक्षण के लिए 1 लाख पौधे लगाने का संकल्प लिया था। इस अभियान के तहत जिले भर में लगातार पौधरोपण और पौधा वितरण किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत अब तक लगभग 10 हजार पौधों का वितरण किया जा चुका है।

कार्यक्रम के प्रमुख बिंदु एवं विधायक का संबोधन:

  • पर्यावरण संरक्षण सामूहिक जिम्मेदारी: विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार या किसी एक व्यक्ति की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। आज लगाया गया एक पौधा हमारी आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ हवा और सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करेगा।
  • पौधे लगाने के साथ संरक्षण का भी संकल्प: उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल पौधे लगाने या बांटने तक सीमित नहीं है, बल्कि लगाए गए पौधों के संरक्षण और संवर्धन पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने आम जनता से अपील की कि वे 'एक पेड़ माँ के नाम' लगाएं और उसकी उचित देखभाल करें।
  • विभिन्न प्रजातियों के पौधों का वितरण: सिलवार धाम परिसर में स्थानीय ग्रामीणों, श्रद्धालुओं और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच छायादार, फलदार व विभिन्न उपयोगी प्रजातियों के पौधों का वितरण किया गया।

उपस्थित प्रमुख गणमान्य:

इस अवसर पर सदर पूर्वी मंडल विधायक प्रतिनिधि कौलेश्वर रजक, योजना प्रतिनिधि राम अवतार शर्मा, समाजसेवी सूर्यांश कुमार, विशेष्वर पांडेय, छोटन राणा, अमृत पासवान, अशोक प्रसाद, विजय राम, सिकेंद्र शर्मा सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे।

जनजातीय गौरव उत्सव 2026: बड़ा अखाड़ा में सजे 70 स्टॉल, पूर्व केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा ने की महिला सशक्तिकरण की तारीफ ⚖️

 हजारीबाग जनजातीय गौरव उत्सव 2026: पूर्व वित्त राज्य मंत्री जयंत सिन्हा ने 70 महिला उद्यमियों के स्टॉलों का किया निरीक्षण, बोले— 'महिलाओं की आत्मनिर्भरता ही विकसित भारत की नींव'

हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी विशेष ब्यूरो):

बड़ा अखाड़ा स्थित श्री राम जानकी मठ ठाकुरबाड़ी परिसर में चल रहे आठ दिवसीय 'जनजातीय गौरव उत्सव-2026' के छठे दिन जनजातीय संस्कृति के साथ महिला उद्यमिता का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूर्व वित्त राज्य मंत्री एवं पूर्व हजारीबाग सांसद जयंत सिन्हा ने उत्सव में पहुंचकर विभिन्न राज्यों से आईं महिला उद्यमियों और महिला समूहों द्वारा लगाए गए करीब 70 स्टॉलों का निरीक्षण किया।

Former Union Minister Jayant Sinha inspecting women entrepreneurs stalls at Janjatiya Gaurav Utsav in Hazaribagh

​जयंत सिन्हा ने द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन-पूजन किए और महिला उद्यमियों से उनके हस्तशिल्प, कपड़े, अचार, पारंपरिक उत्पादों और व्यावसायिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी ली।

जयंत सिन्हा के संबोधन के प्रमुख बिंदु:

  • विकसित भारत की मजबूत नींव: जयंत सिन्हा ने कहा कि महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और स्वावलंबी बनाना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' विजन का मुख्य स्तंभ है। यह उत्सव महिला उद्यमियों को अपने हुनर को बड़े बाजार और मंच पर प्रदर्शित करने का बेहतरीन अवसर दे रहा है।
  • हजारीबाग के लिए मील का पत्थर: उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन स्थानीय महिलाओं के आत्मविश्वास को बढ़ाने के साथ-साथ हजारीबाग के आर्थिक व सामाजिक विकास में मील का पत्थर साबित होंगे।

सम्मान एवं सांस्कृतिक संध्या का भव्य आयोजन:

  • अतिथियों व पत्रकारों का सम्मान: बिरसा मुंडा जनकल्याण योजना प्रचार अभियान के प्रदेश अध्यक्ष रामकिशोर सावंत ने जयंत सिन्हा को अंगवस्त्र, पुष्पगुच्छ व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। साथ ही वरिष्ठ पत्रकार कृष्ण गुप्ता, प्रसन्न मिश्रा, पुरुषोत्तम उपाध्याय, रितेश खंडेलवाल, सांसद मीडिया प्रभारी रंजन चौधरी तथा भाजपा नेता अमरदीप यादव, पंकज मेहता, लालकिशोर साहू, दशरथ साहू व राजेश गुप्ता को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए।
  • सांस्कृतिक प्रस्तुतियां: संध्या कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया गया।
    • वादन: विकास सिन्हा (ऑर्गन), सूरज दयाल (पैड), कपिल कुमार (नाल) और सुभाष सेन (गिटार)।
    • गायन: समर्थ अग्रवाल, विजय दुबे, सुरभि गुप्ता, पंकज सिन्हा, डॉ. रंजन, बबलू सिन्हा, देवांशु घोष, आरव श्रीवास्तव, हर्षल श्रीवास्तव एवं आदित्य रानी।
    • नृत्य: निशा कुमारी, रिद्धिम, पल्लवी, रूही, बरखा रानी, देवंती कुमारी के एकल नृत्य, नेशनल पब्लिक स्कूल व कलंगाना नृत्य विद्यालय के समूह नृत्य और कविता-ईशा के युगल नृत्य को दर्शकों ने खूब सराहा।
  • मंच संचालन: तरंग ग्रुप के निदेशक अमित गुप्ता एवं आर्ट एंड कल्चरल ट्रस्ट के सचिव प्रदीप पाठक ने संयुक्त रूप से किया।

झारखंड ई-कल्याण पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप 2025-26 और 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन 25 अगस्त से शुरू, जानें अंतिम तिथि व पूरी प्रक्रिया

Jharkhand e-Kalyan Scholarship: एसटी, एससी व ओबीसी छात्रों के लिए पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति का शेड्यूल जारी, 25 अगस्त से भरें फॉर्म

रांची/हजारीबाग: झारखंड सरकार के आदिवासी कल्याण आयुक्त कार्यालय ने राज्य के अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) एवं पिछड़ा वर्ग (OBC) के छात्र-छात्राओं के लिए बड़ी राहत दी है। "झारखण्ड राज्य पोस्ट मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना नियमावली, 2022" के तहत शैक्षणिक सत्र 2025-26 और 2026-27 के लिए ऑनलाइन आवेदन का आधिकारिक कार्यक्रम जारी कर दिया गया है।

Jharkhand e-Kalyan Post Matric Scholarship 2025-26 and 2026-27 Notification Official Notice News Prahari

​योग्य एवं इच्छुक विद्यार्थी ई-कल्याण (e-Kalyan) पोर्टल के माध्यम से 25 अगस्त 2026 से अपना ऑनलाइन आवेदन जमा कर सकेंगे।

ई-कल्याण छात्रवृत्ति 2025-26 एवं 2026-27: महत्वपूर्ण तिथियां

​आदिवासी कल्याण आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार दोनों सत्रों के लिए समय-सीमा निम्न प्रकार तय की गई है:

शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए:

  • ​छात्र/छात्राओं द्वारा ऑनलाइन आवेदन की तिथि: 25 अगस्त 2026 से 25 सितंबर 2026 तक
  • ​संस्थान के नोडल ऑफिसर (INO) द्वारा सत्यापन: अगले आदेश तक
  • ​जिला नोडल ऑफिसर (DNO) द्वारा सत्यापन: अगले आदेश तक

शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए:

  • ​शैक्षणिक संस्थानों द्वारा ई-कल्याण पोर्टल पर पंजीकरण की तिथि: 25 अगस्त 2026 से 25 सितंबर 2026 तक
  • ​छात्र/छात्राओं द्वारा ऑनलाइन आवेदन की तिथि: 25 अगस्त 2026 से 20 नवंबर 2026 तक
  • ​संस्थान (INO) एवं जिला (DNO) सत्यापन: अगले आदेश तक

कौन कर सकता है आवेदन? (पात्रता)

  1. ​आवेदक झारखंड राज्य का स्थायी निवासी होना चाहिए।
  2. ​छात्र/छात्रा अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) या पिछड़ा वर्ग (BC-I / BC-II) श्रेणी से संबंधित हों।
  3. ​विद्यार्थी मान्यता प्राप्त कॉलेज/विश्वविद्यालय में पोस्ट-मैट्रिक (11वीं, 12वीं, ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन, आईटीआई, पॉलिटेक्निक, मेडिकल, इंजीनियरिंग आदि) पाठ्यक्रम में अध्ययनरत हों।
  4. ​परिवार की वार्षिक आय सरकार द्वारा निर्धारित सीमा (नियमावली 2022 के प्रावधानों) के भीतर होनी चाहिए।

आवेदन के लिए जरूरी दस्तावेज (Checklist)

  • ​सक्षम प्राधिकारी (CO/SDO/DC स्तर) द्वारा निर्गत डिजिटल जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate)
  • ​सक्षम प्राधिकारी द्वारा निर्गत वैध आय प्रमाण पत्र (Income Certificate)
  • ​झारखंड का डिजिटल स्थानीय/आवासीय प्रमाण पत्र (Residential Certificate)
  • ​संस्थान द्वारा जारी बोनाफाइड सर्टिफिकेट (Bonafide Certificate) एवं फीस रसीद
  • ​पूर्व उत्तीर्ण परीक्षा की अंकतालिका (Marksheet)
  • ​बैंक खाता विवरण (आधार से लिंक होना अनिवार्य)
  • ​आवेदक का पासपोर्ट साइज फोटो और मोबाइल नंबर

ऑनलाइन आवेदन कैसे करें? (Step-by-Step Guide)

  1. ​सबसे पहले ई-कल्याण की आधिकारिक वेबसाइट (ekalyan.cgg.gov.in) पर जाएं।
  2. ​'Candidate Registration' लिंक पर क्लिक कर अपना आधार व व्यक्तिगत विवरण दर्ज करें।
  3. ​लॉगिन करने के बाद संबंधित सत्र (2025-26 या 2026-27) का चयन करें।
  4. ​शैक्षणिक एवं व्यक्तिगत विवरण सही-सही भरें।
  5. ​सभी आवश्यक प्रमाण पत्रों की स्कैन कॉपी निर्धारित साइज में अपलोड करें।
  6. ​फॉर्म को सबमिट करें और भविष्य के संदर्भ के लिए रसीद (Acknowledgment Slip) डाउनलोड कर सुरक्षित रख लें।

​(छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना समय पर अपना ऑनलाइन आवेदन पूरा कर लें।)

Hazaribagh News: खतियानी चौक पर पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने किया ध्वजारोहण, विस्थापन व स्थानीय नीति पर 30 सितंबर से आंदोलन का ऐलान

 

खतियानी चौक पर धूमधाम से मनाया गया स्वतंत्रता दिवस: पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने किया ध्वजारोहण; 30 सितंबर से आंदोलन का ऐलान

हजारीबाग। कन्हरी रोड स्थित जेपीएम हॉस्पिटल के समीप खतियानी चौक पर स्वतंत्रता दिवस का आयोजन बड़े ही हर्षोल्लास और धूमधाम के साथ किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खतियानी परिवार के अभिभावक सह पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने ध्वजारोहण किया। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में स्थानीय नागरिक, महिला-पुरुष और स्कूली बच्चे उपस्थित रहे।

Former MP Bhuvneshwar Prasad Mehta hoisting flag at Khatiyani Chowk Hazaribagh

स्थानीय नीति और विस्थापन पर चिंता

​झंडारोहण के पश्चात कार्यक्रम एक जनसभा में परिवर्तित हो गया। सभा को संबोधित करते हुए पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता ने राज्य के बुनियादी मुद्दों पर गहरा दुख और चिंता व्यक्त की:

  • दो मुख्य समस्याएं: उन्होंने कहा कि स्थानीय नीति और विस्थापन आज झारखंड प्रदेश की सबसे बड़ी और ज्वलंत समस्याएं हैं।
  • आंदोलन का आधार: खतियानी परिवार के संस्थापक स्वर्गीय ए.डी. नदीम ने "जिसके पास हो खतियान, वही झारखंडी की पहचान" के मूल मंत्र के साथ आंदोलन की शुरुआत की थी, लेकिन लंबा समय बीत जाने के बाद भी यह समस्या जस की तस बनी हुई है।
  • राजनीति का आरोप: सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों केवल स्थानीय नीति पर राजनीति कर रहे हैं। राज्य के औपनिवेशिक ढांचे के कारण स्थानीय अधिकारों को तवज्जो नहीं दी जा रही है।

30 सितंबर से बृहद आंदोलन की घोषणा

​विस्थापन के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि कोयला और अन्य खनिजों के नाम पर बड़ी-बड़ी कंपनियों को लाया गया, जिससे करोड़ों लोग और सैकड़ों गांवों के मूल निवासी विस्थापित होकर दर-दर भटकने को मजबूर हैं।

  • 30 सितंबर से आंदोलन: न केंद्र सरकार और न ही राज्य सरकार के पास विस्थापितों का कोई मुकम्मल डेटा है। सरकार की इस अनदेखी के खिलाफ 30 सितंबर से चरणबद्ध आंदोलन चलाने का सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया।

खतियानी चौक का जल्द होगा उद्घाटन

​कार्यक्रम के दौरान विशिष्ट अतिथि डॉ. पी.के. भंडारी ने घोषणा की कि कन्हरी रोड स्थित खतियानी चौक का जल्द ही औपचारिक उद्घाटन किया जाएगा।

​सभा के अंत में प्रेमचंद राम ने कहा कि विस्थापन के मुद्दे पर पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता के नेतृत्व में आंदोलन को और तेज व मजबूत बनाया जाएगा। इसके बाद उन्होंने उपस्थित सभी लोगों का धन्यवाद ज्ञापन कर सभा के समापन की घोषणा की।

कार्यक्रम में ये रहे उपस्थित

​कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में डॉ. एक मेहता, डॉ. पी.के. भंडारी, डॉ. सोहेल कैसर, डॉ. भुवनेश्वर महतो, प्रसनजीत मुखर्जी, प्रेमचंद राम, नागेश्वर प्रसाद मेहता, मोहम्मद हकीम (महासचिव, खतियानी परिवार), तनवीर अख्तर, बिंदेश्वरी पासवान, शंभू कुमार, आनंद कुमार आर्य, इंद्र कुमार सिंह, संजय कुमार मेहता, प्रकाश प्रसाद मेहता, दिनेश्वर मेहता, विजय मिश्रा, राधा देवी, रीता देवी, सुनीता कश्यप, महेश विश्वकर्मा, मोहम्मद आशिक, मोहम्मद फखरुद्दीन, महमूद आलम, मोहम्मद मुजीब, मोहम्मद असलम, प्रदीप प्रसाद मेहता, ओमनाथ साहू, नसीरूद्दीन अंसारी और वीरेंद्र प्रसाद सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

और पढ़ें: Hamar Jharkhand: 'झारखंड प्रदेश बने 26 साल हुए, पर अब तक तय नहीं स्थानीय नीति'; खतियानी परिवार ने सरकार की 'टालमटोल' वाली राजनीति पर उठाए सवाल

MMDR Act 2026: CM हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखा पत्र, खान एवं खनिज संशोधन विधेयक पर जताया कड़ा विरोध

 

खान एवं खनिज संशोधन विधेयक 2026: CM हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को लिखा पत्र; राज्यों की स्वायत्तता और आदिवासी अधिकारों पर जताया गंभीर संकट

राँची। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने केंद्र सरकार द्वारा संसद के दोनों सदनों से पारित खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 को लेकर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू को एक विस्तृत एवं औपचारिक पत्र लिखा है। पत्र के माध्यम से मुख्यमंत्री ने इस विधेयक से झारखंड, यहाँ के आदिवासी समुदायों, खनन प्रभावित क्षेत्रों तथा राज्यों की वित्तीय स्वायत्तता पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभावों से अवगत कराया है और राष्ट्रपति से संविधान के तहत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है।

Jharkhand CM Hemant Soren official letter to President Droupadi Murmu regarding MMDR Bill 2026

धारा 9D जोड़ने का विरोध: राज्यों के कर (Cess) लगाने के अधिकार पर बंदिश

​मुख्यमंत्री ने पत्र में उल्लेख किया है कि प्रस्तावित संशोधन में MMDR अधिनियम के तहत धारा 9D जोड़े जाने का प्रावधान किया गया है।

  • शर्तों के अधीन होगा कर: इस नए प्रावधान से राज्य सरकारें खनिज अधिकारों अथवा खनिज वहन भूमि पर किसी भी प्रकार का कर, उपकर (Cess) या अन्य लेवी (Levy) केवल केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित शर्तों के अधीन ही लगा सकेंगी।
  • बकाया दावों पर असर: इसके अतिरिक्त, पूर्व में लगाए गए उपकरों के बकाया दावों पर भी इसका प्रतिकूल असर पड़ सकता है।

सुप्रीम कोर्ट के नौ जजों की संविधान पीठ के फैसले का हवाला

​सीएम हेमंत सोरेन ने राष्ट्रपति को ध्यान दिलाया कि हाल ही में सर्वोच्च न्यायालय की नौ न्यायाधीशों की संविधान पीठ ने Mineral Area Development Authority बनाम Steel Authority of India Ltd. मामले में ऐतिहासिक निर्णय दिया था।

​अदालत ने स्पष्ट किया था कि संविधान की सातवीं अनुसूची की राज्य सूची की प्रविष्टि 49 के तहत राज्यों को खनिज वहन भूमि पर कर या उपकर लगाने का पूर्ण अधिकार है। इसी फैसले के आधार पर झारखंड विधानसभा ने झारखंड मिनरल बेयरिंग लैंड सेस अधिनियम, 2024 पारित कर अधिसूचित किया था, ताकि प्राप्त राजस्व का उपयोग खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, पेयजल और सामाजिक सुरक्षा में किया जा सके।

झारखंड को प्रतिवर्ष हजारों करोड़ के राजस्व नुकसान की आशंका

​पत्र में आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया गया है कि:

  • ​आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 के अनुसार, झारखंड के स्वयं के गैर-कर राजस्व का लगभग 84.9 प्रतिशत हिस्सा खनन क्षेत्र से प्राप्त होता है।
  • ​झारखंड मिनरल बेयरिंग लैंड सेस से वर्ष 2024-25 में ₹1,379 करोड़, वर्ष 2025-26 में ₹7,488 करोड़ की प्राप्ति हुई है तथा 2026-27 में लगभग ₹13,215 करोड़ की प्राप्ति का अनुमान है।

​मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की कि यदि यह संशोधन प्रभावी हुआ, तो राज्य को प्रतिवर्ष हजारों करोड़ रुपये के राजस्व से वंचित होना पड़ेगा, जिससे 'मुख्यमंत्री मंइयां सम्मान योजना' (50 लाख से अधिक महिलाओं को आर्थिक सहायता) जैसी प्रमुख जनकल्याणकारी योजनाएं और ग्रामीण इंफ्रास्ट्रक्चर सीधे तौर पर प्रभावित होंगे।

संघीय ढांचे और आदिवासियों के अधिकारों का सवाल

​मुख्यमंत्री ने पत्र में लिखा कि यह केवल राजस्व का मामला नहीं है, बल्कि यह देश के संघीय ढांचे (Federal Structure), राज्यों की विधायी स्वायत्तता और विशेषकर आदिवासी समाज के हितों से जुड़ा है। दशकों से विस्थापन, प्रदूषण और पर्यावरणीय क्षति झेल रहे आदिवासी समाज को खनिज संपदा से उत्पन्न मूल्य का न्यायसंगत हिस्सा मिलना अत्यंत आवश्यक है।

Source of Information: मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) झारखंड / आधिकारिक पत्राचार (दिनांक: 13.08.2026)

JMM Protest Against Central Bill: 'झारखंड के हाथ-पैर काटने जैसा है केंद्र का नया बिल', झामुमो ने दी पंचायत से शहर तक आंदोलन की चेतावनी

 

खान-खनिज संशोधन विधेयक पर भड़का झामुमो: बोली पार्टी- 'खनिज और जमीन हमारी तो फैसला दिल्ली क्यों करे? वापस न हुआ तो होगा ऐतिहासिक आंदोलन'

रांची। केंद्र सरकार द्वारा संसद के दोनों सदनों (लोकसभा एवं राज्यसभा) से पारित किए गए 'खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026' को लेकर झारखंड की राजनीति में भूचाल आ गया है। राज्य की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) ने इस विधेयक को 'काला कानून' करार देते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का बिगुल फूंक दिया है।

Jharkhand Mukti Morcha JMM protest notice against Mines and Minerals Amendment Bill 2026

​झामुमो ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि केंद्र सरकार ने इस जनविरोधी बिल को तत्काल वापस नहीं लिया, तो झारखंड में ऐसा निर्णायक और ऐतिहासिक आंदोलन होगा, जिसे पूरा देश देखेगा।

'यह झारखंडियों के भविष्य पर कुठाराघात और सौतेला व्यवहार': JMM

​झारखंड मुक्ति मोर्चा ने आधिकारिक बयान जारी कर केंद्र सरकार की मंशा पर गंभीर सवाल उठाए हैं। पार्टी की ओर से कहा गया:

"जब खनिज झारखंड का है और जमीन झारखंड की है—तो हमारे हक और अधिकार का फैसला दिल्ली में बैठकर क्यों किया जाएगा? संसद में जल्दबाजी में यह संशोधन विधेयक पास कराकर केंद्र सरकार ने झारखंड के हाथ-पैर काटने का काम किया है। यह काला बिल झारखंड और झारखंडियों के साथ अन्याय है तथा उनके विकास और भविष्य पर बहुत बड़ा कुठाराघात है। झारखंड यह सौतेला व्यवहार किसी भी कीमत पर नहीं सहेगा।"


मईयां सम्मान, अबुआ आवास और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर पड़ेगा असर

​झामुमो ने आशंका जताई है कि केंद्र के इस नए कानून से राज्य के वित्तीय राजस्व पर बेहद बुरा असर पड़ेगा। इससे राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही कई जनकल्याणकारी और सामाजिक सुरक्षा योजनाएं प्रभावित हो सकती हैं:

  • मईयां सम्मान योजना
  • अबुआ आवास योजना
  • सर्वजन पेंशन योजना
  • शिक्षा, स्वास्थ्य और जनविकास से जुड़ी परियोजनाएं

​पार्टी का आरोप है कि राज्य के खनिज संसाधनों से मिलने वाले न्यायसंगत अधिकार को छीनकर झारखंड की जनता को सामाजिक सुरक्षा के लाभ से वंचित करने की साजिश रची जा रही है।

पंचायत से शहर तक विरोध; बड़े और ऐतिहासिक फैसलों की चेतावनी

​झामुमो ने ऐलान किया है कि इस काले कानून के विरोध में पूरे राज्य के प्रत्येक जिला, प्रखंड, पंचायत और शहरों में उग्र व कड़ा विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

​पार्टी ने केंद्र सरकार को चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि समय रहते सरकार नहीं चेती और झारखंड व झारखंडियों के हक-अधिकार वापस नहीं किए गए, तो राज्यहित और जनहित में झारखंड मुक्ति मोर्चा बड़े, निर्णायक और ऐतिहासिक निर्णय लेने से पीछे नहीं हटेगा।

Source of Information: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) — आधिकारिक राजनीतिक वक्तव्य व प्रेस बयान

बोकारो के नावाडीह में दिल दहला देने वाला ट्रिपल मर्डर: कुल्हाड़ी से काटकर 3 लोगों की निर्मम हत्या, पड़ोसी आरोपी ने किया सरेंडर!

 

बोकारो के नावाडीह में सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर: कुल्हाड़ी से काटकर एक ही परिवार के तीन लोगों की निर्मम हत्या, आरोपी ने किया सरेंडर

बोकारो/नावाडीह। बोकारो जिले के नावाडीह प्रखंड अंतर्गत कुकुरलीलवा गांव से बुधवार सुबह एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ एक ही परिवार के तीन लोगों की कुल्हाड़ी से काटकर निर्मम हत्या कर दी गई। इस वीभत्स वारदात के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है और स्थानीय लोगों का गुस्सा चरम पर है।

Bokaro Police investigating triple murder scene in Kukurlilwa Nawadih

वृद्ध दंपति और पुत्रवधू की बेरहमी से हत्या

​कुकुरलीलवा गांव में तड़के हुई इस वारदात में अपराधियों ने घर में घुसकर जानकी महतो, उनकी पत्नी और उनकी पुत्रवधू (पुतोहू) पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में तीनों की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।

​मृतकों के नाम:

  1. जानकी महतो
  2. उनकी पत्नी
  3. उनकी पुत्रवधू

पड़ोसी आरोपी ने थाने में किया आत्मसमर्पण

​घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। इस बीच, पड़ोस के रहने वाले मुख्य आरोपी राजू सिंह ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण (Surrender) कर दिया है।

​हालांकि, इस हृदयविदारक घटना के पीछे की असली वजह क्या थी, यह अभी तक पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस आरोपी से कड़ाई से पूछताछ कर रही है और हत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है।

सोशल मीडिया पर बढ़ा आक्रोश, कठोरतम सजा की मांग

​त्रिपाल मर्डर की खबर सोशल मीडिया पर बहुत तेजी से वायरल हो रही है। जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और स्थानीय ग्रामीणों ने इस घटना पर गहरा दुख जताते हुए कड़ी निंदा की है। पूरे समाज को शर्मसार करने वाली इस घटना पर लोगों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ त्वरित कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें कठोरतम सजा दिलाई जाए।

Source of Information: क्षेत्रीय पुलिस रिपोर्ट एवं सोशल मीडिया अपडेट (नावाडीह, बोकारो)

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रांची में JSSC-JPSC छात्र आंदोलन: अनशन स्थल पहुंचे जयराम महतो, हेमंत सरकार को 24 घंटे की चेतावनी!

 

रांची: JSSC-JPSC परीक्षा धांधली विवाद के बीच अनशन स्थल पहुंचे जयराम महतो, हेमंत सरकार को दी 24 घंटे की चेतावनी

रांची। झारखंड में JSSC और JPSC भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं एवं पेपर लीक के खिलाफ पिछले 11 दिनों से युवाओं का अनिश्चितकालीन धरना और भूख हड़ताल जारी है। मंगलवार को आंदोलनकारी छात्रों का समर्थन करने और उनकी मांग को प्रमुखता से उठाने के लिए विधायक जयराम महतो (Tiger Jairam Mahto) रांची स्थित धरना स्थल पर पहुंचे।

MLA Jairam Mahto addressing student protest over JSSC JPSC exam controversy in Ranchi


​धरना स्थल पर छात्रों को संबोधित करते हुए जयराम महतो ने हेमंत सोरेन सरकार पर कड़ा प्रहार किया और कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

जयराम महतो के भाषण एवं मांगों के प्रमुख बिंदु:

  • 24 घंटे में वार्ता की समय-सीमा: उन्होंने राज्य सरकार को स्पष्ट अल्टीमेटम देते हुए कहा कि सड़कों और अनशन पर बैठे छात्रों से सरकार तुरंत 24 घंटे के भीतर संवाद स्थापित करे और उनकी मांगों का समाधान निकाले।
  • मानसून सत्र में विधानसभा घेराव की चेतावनी: विधायक ने ऐलान किया कि आगामी मानसून सत्र के दौरान विधानसभा के भीतर और बाहर छात्रों के हक की आवाज को मजबूती से बुलंद किया जाएगा। यदि सरकार मांगों पर विचार नहीं करती है, तो छात्र शक्ति के साथ विधानसभा का घेराव किया जाएगा।
  • भर्ती आयोगों में सुधार और पारदर्शी व्यवस्था: JPSC और JSSC जैसी शीर्ष चयन संस्थाओं में स्वतंत्र, निष्पक्ष और बेदाग छवि वाले अधिकारियों की नियुक्ति की मांग की गई, ताकि भविष्य में पेपर लीक और धांधली की घटनाओं पर पूर्ण विराम लग सके।

छात्रों की मांगें और आंदोलन का रुख

​पिछले 11 दिनों से कड़ाके की धूप और विपरीत परिस्थितियों में अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक परीक्षाओं में हुई धांधली की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन समाप्त नहीं होगा। जयराम महतो के पहुंचने से आंदोलनकारियों में नया उत्साह देखा गया।

Source of Information: ग्राउंड रिपोर्ट एवं प्रेस अपडेट, रांची (झारखंड छात्र आंदोलन)

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दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि: हजारीबाग में JMM ने दी भावभीनी श्रद्धांजलि; बरही चौक अब बना 'शिबू सोरेन चौक'

 

दिशोम गुरु शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि पर JMM का बरही में श्रद्धांजलि सभा; बरही चौक का नाम 'शिबू सोरेन चौक' किए जाने का स्वागत

हजारीबाग / बरही। झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) हजारीबाग जिला कमेटी द्वारा दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन की प्रथम पुण्यतिथि के अवसर पर बरही में एक भव्य श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उस ऐतिहासिक चौक पर आयोजित हुआ, जिसे हजारीबाग उपायुक्त द्वारा आधिकारिक रूप से "शिबू सोरेन चौक" घोषित किया गया है। इस दौरान झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने गुरुजी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की और झारखंड आंदोलन में उनके ऐतिहासिक योगदान को याद किया।

JMM leaders paying floral tribute to Dishom Guru Shibu Soren on his death anniversary in Barhi Hazaribagh

जल-जंगल-जमीन और शोषितों के मसीहा थे गुरुजी: संजीव बेदिया

​कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए झामुमो जिला अध्यक्ष संजीव बेदिया ने कहा कि दिशोम गुरु शिबू सोरेन केवल एक राजनीतिक व्यक्तित्व नहीं थे, बल्कि वे झारखंडी अस्मिता, जल-जंगल-जमीन और आदिवासी-मूलवासी समाज के अधिकारों के सबसे बड़े योद्धा थे।

​उन्होंने कहा कि समाज और राज्य के प्रति उनके अप्रतिम योगदान को देखते हुए मरणोपरांत उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान 'पद्म विभूषण' से अलंकृत किया गया है। गुरुजी ने अपना पूरा जीवन शोषितों, वंचितों, किसानों और मजदूरों के हक-अधिकार की लड़ाई में समर्पित कर दिया।

बरही चौक का नामकरण 'शिबू सोरेन चौक' होना जनभावनाओं का सम्मान

​जिला अध्यक्ष ने जिला प्रशासन और उपायुक्त हजारीबाग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि गुरुजी की प्रथम पुण्यतिथि पर बरही चौक का नाम बदलकर "शिबू सोरेन चौक" किया जाना पूरे झारखंडी जनभावनाओं का सम्मान है। यह केवल किसी चौक का नाम परिवर्तन नहीं है, बल्कि झारखंड आंदोलन के महानायक के त्याग और संघर्ष को स्थायी रूप से अक्षुण्ण रखने का प्रयास है। यह चौक आने वाली पीढ़ियों को गुरुजी के विचारों और सामाजिक न्याय के आंदोलन की याद दिलाता रहेगा।

दो मिनट का मौन रखकर लिया संकल्प, दिग्गज नेता रहे मौजूद

​श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित तमाम नेताओं व कार्यकर्ताओं ने दिशोम गुरु के चित्र पर श्रद्धासुमन अर्पित किए और दो मिनट का मौन रखकर उनके अधूरे सपनों को पूरा करने का संकल्प लिया।

​कार्यक्रम में मुख्य रूप से:

  • जानकी यादव (अध्यक्ष, राज्य पिछड़ा आयोग)
  • नीलकंठ महतो (जिला सचिव)
  • गौरव पटेल, सुनील शर्मा, यासीन खान, राजा मोहम्मद, रामकिशोर मुर्मू (केंद्रीय सदस्य)
  • रंजीत मेहता, नईम राही (जिला उपाध्यक्ष)
  • कुणाल यादव (जिला प्रवक्ता)
  • पियूष बेदिया (युवा मोर्चा उपाध्यक्ष)
  • संजय सिंह (प्रखंड अध्यक्ष)

​इसके अलावा हजारीबाग व बरही क्षेत्र के सैकड़ों झामुमो कार्यकर्ता और स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे।

Source of Information: झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) हजारीबाग जिला कमेटी — आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति

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झारखंड में बड़ा पुलिस एनकाउंटर: जामताड़ा के पास कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा ढेर, पुलिस की राइफल छीनकर भाग रहा था

 

झारखंड में बड़ा एनकाउंटर: साहिबगंज से धनबाद ले जाने के दौरान कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा ढेर, पुलिस की राइफल छीनकर भागने की कोशिश पड़ी भारी

जामताड़ा / रांची। झारखंड के सबसे कुख्यात और वांछित गैंगस्टरों में शामिल सुजीत सिन्हा पुलिस एनकाउंटर में मारा गया है। यह सनसनीखेज घटना जामताड़ा जिले के पास उस समय हुई, जब पुलिस की विशेष टीम उसे साहिबगंज जेल से धनबाद कोर्ट/जेल ले जा रही थी। रास्ते में पुलिस का वाहन अनियंत्रित होकर दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसका फायदा उठाकर सुजीत सिन्हा ने भागने का प्रयास किया। पुलिस द्वारा की गई जवाबी कार्रवाई में वह मौके पर ही ढेर हो गया।

Jamtara police encounter spot where gangster Sujit Sinha was killed in Jharkhand

गाड़ी पंचर होने के बाद भागने की कोशिश

​प्राप्त जानकारी के अनुसार, पुलिस की सुरक्षा टुकड़ी सुजीत सिन्हा को साहिबगंज से धनबाद ले जा रही थी। जामताड़ा के समीप अचानक पुलिस वाहन का टायर पंचर हो गया, जिससे गाड़ी असंतुलित होकर सड़क किनारे दुर्घटनाग्रस्त हो गई।

​हादसे के तुरंत बाद पैदा हुई अफरा-तफरी का फायदा उठाते हुए सुजीत सिन्हा ने सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी की राइफल छीन ली और गोलियां चलाते हुए झाड़ियों की तरफ भागने लगा।

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में हुआ ढेर

​सुजीत सिन्हा द्वारा राइफल छीनकर अचानक की गई इस हरकत के बाद पुलिस टीम ने त्वरित प्रतिक्रिया दी। पुलिस बलों ने उसे आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी, लेकिन उसने फायरिंग जारी रखी। इसके बाद पुलिस द्वारा की गई आत्मरक्षात्मक जवाबी कार्रवाई (Counter Firing) में सुजीत सिन्हा को गोलियां लगीं और वह वहीं गिर पड़ा। उसे तत्काल पास के अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

"कैदी को स्थानांतरित करने के दौरान वाहन दुर्घटनाग्रस्त हो गया था। इसका फायदा उठाकर अपराधी ने पुलिसकर्मी का हथियार छीना और भागने का प्रयास किया। पुलिस की जवाबी और रक्षात्मक कार्रवाई में वह मारा गया।"

पुलिस आधिकारिक सूत्र


झारखंड के अपराध जगत में रहा है खौफनाक नाम

​सुजीत सिन्हा का नाम झारखंड, बिहार और पड़ोसी राज्यों में रंगदारी, हत्या, आर्म्स एक्ट और कोयला अंचल में संगठित अपराध के दर्जनों मामलों में दर्ज था। जेल में रहने के बावजूद उस पर गिरोह संचालित करने और व्यवसायियों से लेवी वसूलने के गंभीर आरोप लगते रहे हैं। इस एनकाउंटर को झारखंड पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है, जिससे संगठित अपराध गिरोहों को गहरा झटका लगा है।

Source of Information: प्रारंभिक पुलिस सूत्र एवं स्थानीय प्रशासनिक अपडेट (जामताड़ा / रांची)

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Jharkhand Transfer List: झारखंड में प्रशासनिक फेरबदल; खाद्य आपूर्ति, खनन और स्वास्थ्य विभाग में तबादले

 

झारखंड प्रशासनिक फेरबदल: खाद्य आपूर्ति, खनन और स्वास्थ्य विभाग में बड़े पैमाने पर तबादले

रांची (डेस्क): झारखंड सरकार ने प्रशासनिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के उद्देश्य से 31 जुलाई 2026 को तीन प्रमुख विभागों में व्यापक स्थानांतरण और पदस्थापन के आदेश जारी किए हैं। खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग, खान एवं भूतत्व विभाग और स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा अलग-अलग अधिसूचनाएं जारी कर अफसरों, कर्मचारियों और डॉक्टरों के नए पदस्थापन की घोषणा की गई है।

Official transfer notice copy of Jharkhand Government departments

1. खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग

(अधिसूचना ज्ञापांक: 2105 - 2108 / राँची)

​विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार जिला आपूर्ति पदाधिकारियों (DAO) का स्थानांतरण और अतिरिक्त प्रभार दिया गया है:

  • राहुल जी आनंद (विशिष्ट अनुभाजन पदाधिकारी, जमशेदपुर) को जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सरायकेला-खरसावां का अतिरिक्त प्रभार मिला है।
  • पुष्कर सिंह मुण्डा (जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सरायकेला-खरसावां) को स्थानांतरित कर जिला आपूर्ति पदाधिकारी, खूंटी बनाया गया है।
  • निशा कुमारी सिंह को जिला आपूर्ति पदाधिकारी, रामगढ़ के पद पर तैनात किया गया है।
  • भीम उरांव (जिला आपूर्ति पदाधिकारी, खूंटी) को जिला आपूर्ति पदाधिकारी, गुमला के पद पर भेजा गया है।
  • विशेष निर्देश: यह अधिसूचना जारी होने की तिथि से तुरंत प्रभावी हो गई है।


    2. खान एवं भूतत्व विभाग (खान निदेशालय)

    (कार्यालय आदेश संख्या: 47/एम०)

    ​स्थापना समिति की बैठक के निर्णय के आलोक में लिपिकीय एवं आशुटंकक संवर्ग के कर्मचारियों का स्थानांतरण किया गया है:

    • सुल्तान अंसारी (प्रधान लिपिक): चतरा से जिला खनन कार्यालय, सिमडेगा (गुमला का अतिरिक्त प्रभार)।
    • बिरेन्द्र कुमार सिन्हा (प्रधान लिपिक): रामगढ़ से जिला खनन कार्यालय, हजारीबाग (उत्तरी छोटानागपुर अंचल का प्रभार)।
    • सुधीर कुमार (उच्चवर्गीय लिपिक): पाकुड़ से जिला खनन कार्यालय, दुमका
    • शंकर कुमार (आशुटंकक): पूर्वी सिंहभूम से उप निदेशक खान कार्यालय, कोल्हान अंचल, चाईबासा
    • मनोज कुमार पटेल (उच्चवर्गीय लिपिक): पश्चिमी सिंहभूम से जिला खनन कार्यालय, सरायकेला-खरसावां
    • थ्र्येंकान्त रामानुज (उच्चवर्गीय लिपिक): गिरिडीह से जिला खनन कार्यालय, चतरा
    • रंजीत कुमार (निम्नवर्गीय लिपिक): लातेहार से उप निदेशक खान कार्यालय, पलामू अंचल, मेदिनीनगर
    • ललित कुमार झा (निम्नवर्गीय लिपिक): सरायकेला-खरसावां से जिला खनन कार्यालय, जामताड़ा
    • प्रशान्त कुमार (निम्नवर्गीय लिपिक): कोल्हान अंचल से जिला खनन कार्यालय, लातेहार
    • मयंक राज (निम्नवर्गीय लिपिक): राँची से जिला खनन कार्यालय, रामगढ़

    मुख्य दिशानिर्देश:

    • ​कर्मचारियों के पूर्व के सभी अतिरिक्त प्रभार समाप्त कर दिए गए हैं।
    • ​सभी कर्मचारियों को 04 अगस्त 2026 तक अनिवार्य रूप से नए कार्यालय में योगदान देना होगा, अन्यथा वे स्वतः विरमित समझे जाएंगे।

    3. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग

    (अधिसूचना संख्या: 03/स्था०डी०-01-119/2025)

    ​विभागीय अनुशंसा पर विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं चिकित्सा अधिकारियों का तबादला किया गया है:

    विशेषज्ञ चिकित्सक:

    • अयोध्या कुमार (स्त्री रोग): सदर अस्पताल, धनबाद।
    • अनुपम कुमार राकेश (शिशु रोग): सदर अस्पताल, चतरा।
    • अभिषेक अग्रवाल (सर्जन): सदर अस्पताल, रामगढ़।
    • शिवेन्द्र कुमार (मनोचिकित्सक): रिनपास, कांके, राँची।
    • सचिन कुमार (अस्थि रोग): सदर अस्पताल, पाकुड़।
    • मो० नईमुद्दीन (ई०एन०टी०): सदर अस्पताल, दुमका।

    चिकित्सा अधिकारी:

    • रोहन मुकुल: CHC सारवां, देवघर।
    • अनुपमा: CHC जामा, दुमका।
    • साईमा आफरीन: ईटकी आरोग्यशाला, राँची।
    • राज कुमार गुप्ता: CHC सदर, रामगढ़।
    • मुकेश बेसरा: CHC पाकुड़िया, पाकुड़।
    • मो० रज़ी: CHC सदर, धनबाद।
    • मनोज कुमार: CHC ओरमांझी, राँची।
    • बादल चन्द्र भगत: सदर अस्पताल, राँची।
    • अजय कुमार सिंह: प्राचार्य, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण प्रशिक्षण संस्थान, हजारीबाग।

    मुख्य दिशानिर्देश:

    • ​सभी संबंधितों को 15 दिनों के भीतर अपने नए पदस्थापन स्थल पर योगदान देना अनिवार्य है।

Hazaribagh Airport: हजारीबाग एयरपोर्ट के लिए सांसद मनीष जायसवाल की पहल; केंद्रीय उड्डयन मंत्री से मिले, CM सोरेन से मुलाकात का न्योता

 

Hazaribagh Airport Demand: हजारीबाग में एयरपोर्ट निर्माण के लिए सांसद मनीष जायसवाल की बड़ी पहल; केंद्रीय उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू को झारखंड आने का दिया न्योता

हजारीबाग/नई दिल्ली (News Prahari Desk): उत्तर झारखंड को विकास और आधुनिक कनेक्टिविटी की नई दिशा देने के उद्देश्य से हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने नई दिल्ली में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू से मुलाकात की।



Hazaribagh MP Manish Jaiswal meeting Union Civil Aviation Minister Ram Mohan Naidu in New Delhi for Hazaribagh Airport

इस महत्वपूर्ण बैठक के दौरान सांसद मनीष जायसवाल ने हजारीबाग में एक आधुनिक एयरपोर्ट (Hazaribagh Airport) के निर्माण की मांग को प्राथमिकता के साथ उठाया और केंद्रीय मंत्री को क्षेत्र की जनता की लंबे समय से चली आ रही जनभावनाओं से अवगत कराया।

"शिक्षा और उद्योग का हब हजारीबाग, लेकिन हवाई संपर्क न होना बड़ा रोड़ा"

केंद्रीय मंत्री को सौंपे गए मांग पत्र में सांसद मनीष जायसवाल ने हजारीबाग के रणनीतिक और भौगोलिक महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने कहा:

"हजारीबाग आज केवल एक जिला नहीं, बल्कि शिक्षा, उच्च चिकित्सा, उद्योग, व्यापार और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बन चुका है। राष्ट्रीय राजमार्गों से जुड़े इस क्षेत्र में बड़े औद्योगिक और व्यावसायिक निवेश की अपार संभावनाएं हैं। इसके बावजूद अब तक हवाई संपर्क (Air Connectivity) से वंचित रहना पूरे क्षेत्र के समग्र विकास में सबसे बड़ी बाधा बना हुआ है। एयरपोर्ट न होने के कारण निवेशकों, उद्योगपतियों, व्यवसायियों, छात्रों और गंभीर मरीजों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।"

केंद्रीय मंत्री को झारखंड आने का न्योता; सीएम हेमंत सोरेन से मुलाकात की पेशकश

हजारीबाग में वर्षों से लंबित एयरपोर्ट परियोजना को धरातल पर उतारने के लिए सांसद ने केंद्र और राज्य सरकार के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया। उन्होंने केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राममोहन नायडू को विशेष रूप से झारखंड आने का निमंत्रण दिया।

सांसद ने प्रस्ताव रखा कि केंद्रीय मंत्री झारखंड आएँ, जहाँ वे स्वयं उनके साथ मिलकर झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मुलाकात करेंगे। इस संयुक्त बैठक के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार के बीच भूमि आवंटन, तकनीकी स्वीकृति और बजट आवंटन जैसे मुद्दों पर सीधा समन्वय स्थापित कर एयरपोर्ट निर्माण की राह तत्काल प्रशस्त की जा सकेगी।

उत्तर झारखंड के 5 से अधिक जिलों को मिलेगा सीधा लाभ

सांसद मनीष जायसवाल ने बताया कि हजारीबाग में हवाई सेवा शुरू होने से सिर्फ एक जिले को नहीं, बल्कि पूरे उत्तर झारखंड की अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।

हजारीबाग के अलावा पड़ोसी जिलों—रामगढ़, चतरा, कोडरमा और गिरिडीह के लाखों लोगों को इसका सीधा लाभ पहुँचेगा। हवाई सुविधा उपलब्ध होने से:

  • पर्यटन को बढ़ावा: हजारीबाग का कैनरी हिल, हजारीबाग नेशनल पार्क, बड़कागांव की गुफाएं और पतरातू घाटी (रामगढ़) जैसे पर्यटन स्थलों पर राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी।

  • निवेश और रोजगार: बड़े उद्योगपति क्षेत्रीय संसाधनों का उपयोग करने के लिए इकाइयाँ स्थापित करेंगे, जिससे स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।

  • मेडिकल इमरजेंसी: गंभीर मरीजों को दिल्ली, मुंबई या हैदराबाद जैसे बड़े शहरों के अस्पतालों में एयर एम्बुलेंस या उड़ानों के माध्यम से तेजी से पहुँचाना आसान होगा।

जनता की उम्मीदें बढ़ीं, अब टिकीं केंद्र-राज्य के फैसलों पर निगाहें

हजारीबाग की जनता बीते कई दशकों से स्थानीय स्तर पर हवाई पट्टी को पूर्ण एयरपोर्ट के रूप में विकसित करने की मांग करती रही है। सांसद मनीष जायसवाल की इस नई पहल और केंद्रीय मंत्री से हुई सकारात्मक बातचीत के बाद क्षेत्र के लोगों में उम्मीद की नई किरण जगी है।

अब देखना यह होगा कि केंद्र सरकार की 'उडान' (UDAN) योजना और राज्य सरकार के प्रशासनिक सहयोग से हजारीबाग के इस बहुप्रतीक्षित सपने को कितनी जल्दी पंख मिलते हैं।

 Official Press Statement by Hazaribagh MP Office & News Prahari Desk Analysis

और पढ़ें: Hazaribagh MP Manish Jaiswal meets Nitin Gadkari for Highway Projects  

GM Inter College Ichak: जी.एम. इंटर कॉलेज इचाक में गुरु पूर्णिमा पर संगोष्ठी; जानें गुरु-शिष्य परंपरा पर क्या बोले वक्ता

 

Hazaribagh News: इचाक के जी.एम. इंटर महाविद्यालय में गुरु पूर्णिमा पर संगोष्ठी; गुरु-शिष्य परंपरा और नैतिक मूल्यों पर हुआ मंथन

इचाक/हजारीबाग (News Prahari Desk): हजारीबाग जिले के इचाक प्रखंड स्थित जी.एम. इंटर महाविद्यालय में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर 'गुरु-शिष्य परंपरा एवं आधुनिक शिक्षा प्रणाली' विषय पर एक दिवसीय भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस शैक्षणिक व सांस्कृतिक कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य भारतीय संस्कृति में गुरु के सर्वोच्च स्थान, उनके आदर्शों, चरित्र निर्माण तथा शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान पर विस्तार से प्रकाश डालना था।

Seminar on Guru Shishya Parampara at GM Inter College Ichak Hazaribagh on Guru Purnima

​संगोष्ठी में महाविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया और भारतीय सनातन ज्ञान परंपरा में गुरु की भूमिका पर गहन विचार-विमर्श किया।

"गुरु केवल ज्ञान के प्रदाता नहीं, बल्कि जीवन के मार्गदर्शक हैं"

​कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक परंपरा के अनुसार किया गया। इसके बाद मुख्य वक्तव्य प्रस्तुत करते हुए जी.एम. इंटर महाविद्यालय के प्रभारी पंकज कुमार ने गुरु पूर्णिमा के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक महत्व को रेखांकित किया।

​अपने संबोधन में पंकज कुमार ने कहा:

"भारतीय संस्कृति में गुरु का स्थान ईश्वर से भी ऊपर माना गया है। गुरु केवल किताबी ज्ञान देने वाले शिक्षक नहीं होते, बल्कि वे छात्र के व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं, उसमें नैतिक एवं सामाजिक मूल्यों का बीजारोपण करते हैं और जीवन को सही दिशा प्रदान करने वाले सच्चे मार्गदर्शक होते हैं। आधुनिक दौर में जहाँ इंटरनेट और तकनीक से सूचनाएँ तो मिल सकती हैं, लेकिन संस्कार, जीवन दर्शन और सही मार्ग केवल गुरु के सानिध्य से ही प्राप्त होता है।"


​उन्होंने आगे कहा कि गुरु पूर्णिमा का यह पर्व सभी को अपने गुरुओं के प्रति अपार श्रद्धा, सम्मान, निष्ठा एवं कृतज्ञता व्यक्त करने की प्रेरणा देता है।

छात्रों की वक्तृत्व प्रतियोगिता: साक्षी कुमारी को मिला प्रथम स्थान

​संगोष्ठी के दौरान विद्यार्थियों के लिए 'आधुनिक समाज में गुरु-शिष्य संबंधों की प्रासंगिकता' विषय पर विचार अभिव्यक्ति प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और अपने विचार रखे।

​सटीक तर्क, बेहतरीन भाषण शैली और विषय की स्पष्ट समझ के आधार पर विजेताओं का चयन किया गया:

  • प्रथम स्थान: साक्षी कुमारी
  • द्वितीय स्थान: मासूम कुमारी
  • तृतीय स्थान: संगम कुमारी

​सभी विजेता छात्राओं को महाविद्यालय प्रशासन की ओर से सराहा गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई।

मंच संचालन और आयोजन समिति की भूमिका

​कार्यक्रम का कुशल और प्रभावपूर्ण मंच संचालन शिक्षक रत्नेश कुमार राणा ने किया। उन्होंने संगोष्ठी के दौरान गुरु-शिष्य परंपरा के पौराणिक संदर्भों (जैसे द्रोणाचार्य-अर्जुन और रामकृष्ण परमहंस-स्वामी विवेकानंद) का उल्लेख कर विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।

​इस एक दिवसीय शैक्षणिक आयोजन को सुचारू और सफल बनाने में महाविद्यालय परिवार के शिक्षक अजीत हांसदा, रवि कुमार महतो, संजीत कुमार यादव, संगम कुमारी तथा पार्वती कुमारी ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन के साथ संगोष्ठी का समापन हुआ।

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Tribal Unity Rally Ranchi: 30 अगस्त को मोरहाबादी में 'आदिवासी एकता महाजुटान', हजारीबाग से जुटेंगे हजारों लोग

 

Tribal Unity Rally Morhabadi: 30 अगस्त को मोरहाबादी मैदान में 'आदिवासी एकता महाजुटान', हजारीबाग से जुटेंगे हजारों लोग: विक्की कुमार धान

हजारीबाग: झारखंड में प्रस्तावित परिसीमन (Delimitation) प्रक्रिया को लेकर आदिवासी समाज के बीच बढ़ती चिंताओं के बीच आगामी 30 अगस्त 2026 को राजधानी राँची के ऐतिहासिक मोरहाबादी मैदान में विशाल 'आदिवासी एकता महाजुटान' रैली का आयोजन किया जा रहा है। इस महारैली को सफल बनाने के लिए हजारीबाग समेत पूरे राज्य में तैयारियाँ तेज हो गई हैं।

RASA Central Convener Vicky Kumar Dhan appealing for participation in Adivasi Ekta Mahajutan rally at Morhabadi Maidan Ranchi.

​राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संघ (RASA) के केंद्रीय संयोजक विक्की कुमार धान ने हजारीबाग में बयान जारी करते हुए बताया कि इस ऐतिहासिक महाजुटान में हजारीबाग जिले से हजारों की संख्या में आदिवासी समाज के लोग शामिल होकर अपनी लोकतांत्रिक भागीदारी और सामाजिक एकजुटता का परिचय देंगे।

RASA Central Convener Vicky Kumar Dhan appealing for participation in Adivasi Ekta Mahajutan rally at Morhabadi Maidan Ranchi

संवैधानिक अधिकारों और राजनीतिक प्रतिनिधित्व की रक्षा के लिए महाजुटान

​रैली के उद्देश्यों पर प्रकाश डालते हुए राष्ट्रीय आदिवासी छात्र संघ (RASA) के केंद्रीय संयोजक विक्की कुमार धान ने कहा:

विक्की कुमार धान का वक्तव्य:  "एकता, जागरूकता और लोकतांत्रिक भागीदारी ही आदिवासी समाज की सबसे बड़ी ताकत है। प्रस्तावित परिसीमन प्रक्रिया को लेकर हमारे समाज के भीतर कई तरह की गंभीर आशंकाएँ उत्पन्न हो रही हैं। ऐसे में समाज के संवैधानिक अधिकारों, राजनीतिक प्रतिनिधित्व और लोकतांत्रिक हितों की रक्षा के लिए अपनी बात को शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से सरकार के समक्ष रखना अत्यंत आवश्यक है।"

गाँव-गाँव चलाया जा रहा जनसंपर्क अभियान, बंधु तिर्की करेंगे नेतृत्व

  • गाँव-गाँव अभियान: विक्की कुमार धान ने बताया कि हजारीबाग जिले के विभिन्न प्रखंडों और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। लोगों को परिसीमन के दुष्प्रभावों और समाज की एकजुटता के प्रति जागरूक किया जा रहा है।
  • पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की का नेतृत्व: उल्लेखनीय है कि इस 'आदिवासी एकता महाजुटान रैली' का नेतृत्व पूर्व शिक्षा मंत्री बंधु तिर्की करेंगे। इस आयोजन में झारखंड के सभी 24 जिलों से लाखों की संख्या में लोगों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है।
  • समाज से अपील: विक्की कुमार धान ने हजारीबाग और आसपास के सभी आदिवासी भाई-बहनों, युवाओं, महिलाओं, विद्यार्थियों एवं विभिन्न सामाजिक संगठनों से अपील की है कि वे 30 अगस्त 2026 को अधिक से अधिक संख्या में राँची पहुँचकर इस ऐतिहासिक आंदोलन का हिस्सा बनें।

Hazaribagh News: विधायक प्रदीप प्रसाद ने जनसेवा कार्यालय में सुनीं जनसमस्याएँ, अधिकारियों को दिए त्वरित कार्रवाई के निर्देश

 

Hazaribagh MLA Pradeep Prasad Jan Seva: विधायक प्रदीप प्रसाद ने जनसेवा कार्यालय में सुनीं क्षेत्रवासियों की समस्याएँ, अधिकारियों को दिए त्वरित समाधान के निर्देश

हजारीबाग: हजारीबाग के विधायक प्रदीप प्रसाद ने अपने विधायक जनसेवा कार्यालय में क्षेत्रवासियों से मुलाकात कर उनकी समस्याओं और जनसरोकार से जुड़े विभिन्न मुद्दों की विस्तृत जानकारी ली। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अपनी व्यक्तिगत एवं सामुदायिक समस्याओं को लेकर विधायक से मिलने पहुँचे।

Hazaribagh MLA Pradeep Prasad listening to public grievances at Jan Seva Karyalaya

​विधायक प्रदीप प्रसाद ने सभी नागरिकों की फरियाद को गंभीरतापूर्वक सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को समस्याओं के त्वरित एवं प्राथमिकता के आधार पर समाधान के निर्देश दिए।

Hazaribagh MLA Pradeep Prasad listening to public grievances at Jan Seva Karyalaya

अधिकारियों को कड़ा निर्देश: जनहित के मामलों में दिखाएं संवेदनशीलता

​समस्याओं को सुनने के क्रम में विधायक ने अधिकारियों और प्रशासनिक महकमे को आम जनता के प्रति जवाबदेह बनने की हिदायत दी:

  • तत्परता से हो काम: विधायक प्रदीप प्रसाद ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनहित से जुड़ी किसी भी फाइल या शिकायत को लंबित न रखा जाए। संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य करें ताकि आम जनता को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न काटने पड़ें।
  • निरंतर सुनवाई: उन्होंने बताया कि विधायक जनसेवा कार्यालय के माध्यम से क्षेत्रवासियों की समस्याओं का लगातार निराकरण किया जा रहा है और यह प्रक्रिया बिना रुकावट जारी रहेगी।

"जनसेवा और क्षेत्र का विकास मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता": प्रदीप प्रसाद

​क्षेत्रवासियों को आश्वस्त करते हुए हजारीबाग विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा:

विधायक प्रदीप प्रसाद का संदेश: > "क्षेत्रवासियों की समस्याओं का समाधान करना और उनकी सेवा में सदैव तत्पर रहना मेरी सर्वोच्च प्राथमिकता है। मैं हमेशा अपने क्षेत्र की जनता के सुख-दुःख में उनके साथ खड़ा हूँ। हजारीबाग के समग्र विकास और जनहित से जुड़े प्रत्येक विषय पर पूरी प्रतिबद्धता और गंभीरता के साथ कार्य किया जाएगा।"

MLA Public Relations Office, Hazaribagh (Press Release) 

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Hazaribagh Food Safety Raid: हजारीबाग में खाद्य सुरक्षा विभाग का छापा, बिना एक्सपायरी डेट के सरसों तेल जब्त, मचा हड़कंप

 

Hazaribagh Food Safety Inspection: हजारीबाग में खाद्य सुरक्षा विभाग का बड़ा छापा, एक्सपायरी डेट गायब मिलने पर भारी मात्रा में सरसों तेल जब्त

हजारीबाग:

हजारीबाग शहर में उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जिला प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने शनिवार को सघन जांच अभियान चलाया। खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी मोहम्मद मंजर हुसैन और अमरीश पांडे के नेतृत्व में विभाग की टीम ने मेन रोड से लेकर गोला रोड तक विभिन्न व्यापारिक प्रतिष्ठानों का औचक निरीक्षण किया।

Hazaribagh Food Safety Department inspection and mustard oil seizure drive at Gola Road

​इस कार्रवाई के दौरान खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग, निर्माण तिथि (Manufacturing Date) और उपभोग की अंतिम तिथि (Expiry Date) की गहनता से पड़ताल की गई।

गोला रोड के प्रतिष्ठान से जब्त हुआ नियमविरुद्ध पैकेज्ड सरसों तेल

​निरीक्षण अभियान के दौरान गोला रोड स्थित राज कुमार संतोष कुमार नामक दुकान की जांच की गई। जांच के क्रम में पाया गया कि दुकान में बिक्री के लिए रखी गई 'कृष्णा कच्ची घानी सरसों तेल' की बोतलों पर नियमसंगत समाप्ति तिथि (Expiry Date) अंकित नहीं थी।

  • जब्ती का विवरण: टीम ने बिना एक्सपायरी डेट के बेची जा रही कृष्णा कच्ची घानी सरसों तेल की 910 ग्राम की 20 बोतलें और 500 ग्राम की 01 बोतल को तुरंत प्रभाव से जब्त कर लिया।
  • कानूनी कार्रवाई: बिना निर्धारित लेबलिंग और एक्सपायरी डेट के खाद्य पदार्थों का भंडारण व बिक्री करने के आरोप में संबंधित प्रतिष्ठान के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रावधानों के तहत विधिसम्मत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

व्यापारियों को सख्त निर्देश: मानक उल्लंघन पर होगी कठोर कानूनी कार्रवाई

​जांच के दौरान खाद्य सुरक्षा पदाधिकारियों ने क्षेत्र के सभी खाद्य व्यवसाय संचालकों को कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि:

खाद्य सुरक्षा विभाग के मुख्य दिशा-निर्देश:

  • ​किसी भी परिस्थिति में बिना निर्माण तिथि, एक्सपायरी डेट या अधूरी लेबलिंग वाले खाद्य पदार्थों का भंडारण अथवा बिक्री न करें।
  • ​सभी दुकानें और व्यावसायिक प्रतिष्ठान अपने पास वैध खाद्य लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन अनिवार्य रूप से रखें।
  • ​मानकों में थोड़ी सी भी अनदेखी पाए जाने पर संबंधित दुकानदारों के खिलाफ कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।

​विभाग ने स्पष्ट किया है कि हजारीबाग जिले में आम जनता के स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ रोकने के लिए इस प्रकार का सघन औचक निरीक्षण अभियान आगे भी नियमित रूप से जारी रहेगा। इस अभियान में विभाग के विकास शर्मा और सूरज कुमार भी मुख्य रूप से शामिल रहे।

Information and Public Relations Office, Hazaribagh (Press Release No: 480/25.07.2026)

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Encounter in Keredari Hazaribagh: Rahul Dubey Gang Criminal Ragib Afzal Injured

 

हजारीबाग के केरेडारी में पुलिस और राहुल दुबे गिरोह के बीच मुठभेड़, पैर में गोली लगने से एक अपराधी घायल, रिवाल्वर व बाइक बरामद

केरेडारी (हजारीबाग): हजारीबाग जिले के केरेडारी थाना क्षेत्र स्थित चंद्रगुप्त कोल परियोजना के बुकरु ट्रांसपोर्टिंग मार्ग के समीप शुक्रवार देर रात करीब एक बजे पुलिस और कुख्यात राहुल दुबे गिरोह के अपराधियों के बीच मुठभेड़ हो गई।

Breaking News Hazaribagh: केरेडारी में पुलिस और राहुल दुबे गिरोह के बीच मुठभेड़, एक अपराधी को लगी गोली!

​पुलिस की जवाबी कार्रवाई में गिरोह का एक अपराधी रागिब अफजल पैर में गोली लगने से घायल हो गया, जिसे पुलिस हिरासत में इलाज के लिए शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल भेजा गया है। वहीं, उसका एक अन्य साथी भी मौके से पकड़ा गया।

​गुप्त सूचना के आधार पर हुई घेराबंदी, अपराधियों ने की फायरिंग

​प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मोटरसाइकिल सवार अपराधी किसी बड़ी घटना को अंजाम देने की फिराक में इलाके में घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही केरेडारी थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए वाहन जांच अभियान और इलाके की घेराबंदी शुरू की।

​चंद्रगुप्त माइंस कंपनी के पास जब संदिग्ध बाइक सवारों को रोकने का इशारा किया गया, तो उन्होंने भागने की कोशिश करते हुए पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी।

​आत्मरक्षा में पुलिस की जवाबी कार्रवाई; रिवाल्वर और मोटरसाइकिल जब्त

​अपराधियों द्वारा की गई फायरिंग के जवाब में पुलिस ने आत्मरक्षा में कार्रवाई की, जिसमें रागिब अफजल के पैर में गोली लग गई और वह मौके पर ही धराशाई हो गया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसके एक साथी को भी धर दबोचा। घटना स्थल से एक रिवाल्वर और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है।

​केरेडारी थाना प्रभारी वेद प्रकाश ने मुठभेड़ की पुष्टि करते हुए बताया कि घायल अपराधी का अस्पताल में इलाज कराया जा रहा है। घटना के तुरंत बाद स्थानीय एवं जिला पुलिस प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और इलाके में सघन सर्च अभियान शुरू किया गया। पुलिस को आशंका है कि गिरोह के अन्य सदस्य भी आसपास के क्षेत्रों में छिपे हो सकते हैं।

Note- Yah khabar social media viral hai. Aur social media Se Hi liya gaya hai is Khabar ke pushti mein nahin karta.

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सौंदा डी पंचायत विस्थापन पर सांसद मनीष जायसवाल का कड़ा रुख: कहा- "उजाड़ने वालों के सामने मैं ढाल बनकर खड़ा रहूंगा"

 

60 वर्षों से बसे परिवारों को बेघर करने की कोशिश अनुचित, जीएम से लेकर केंद्रीय कोयला मंत्री तक उठाएंगे मुद्दा

संवाददाता, रामगढ़:

रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड अंतर्गत भुरकुंडा सौंदा डी पंचायत सचिवालय परिसर में विस्थापन के खतरे से जूझ रहे आवासीय कॉलोनीवासियों ने एक व्यापक बैठक आयोजित की। 'सौंदा डी पंचायत बचाओ संघर्ष मोर्चा' के बैनर तले आयोजित इस सभा में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विस्थापन की तलवार लटकने से डरे स्थानीय निवासियों को न्याय का भरोसा दिलाया और प्रशासन को कड़े तेवर दिखाए।

MP-Manish-Jaiswal-addressing-Sunda-D-panchayat-residents-against-displacement

विस्थापन का दंश: मानवीय संवेदनाओं का प्रश्न

​बैठक में जानकारी दी गई कि रेवेन्यू शेयरिंग मोड पर आई एक खनन कंपनी आगामी 25 वर्षों तक इस क्षेत्र में खनन कार्य करने की योजना बना रही है। इस परियोजना के कारण लगभग 60 वर्षों से बसी आवासीय कॉलोनियों पर विस्थापन का संकट मंडरा रहा है। निवासियों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि खनन कार्य आवासीय कॉलोनियों की परिधि को छोड़कर किया जाए।

​सभा को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि वे विस्थापन की पीड़ा को गहराई से समझते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब संस्थान को आवश्यकता थी, तब इन्हीं लोगों को विस्थापित कर यहाँ बसाया गया था। अब उनकी पीढ़ियां बीत जाने के बाद, फिर से उन्हें बेघर करने की बात करना न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि मानवीय और सामाजिक दृष्टि से भी पूर्णतः अनुचित है।

​संघर्ष की रणनीति और संवैधानिक समाधान

​सांसद ने स्पष्ट घोषणा की कि वे इस मुद्दे को केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि जीएम कार्यालय से लेकर केंद्रीय कोयला मंत्रालय तक संवैधानिक तरीके से उठाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि जिन्होंने संकट के समय संस्थान का साथ दिया, उन्हें आज दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर करना संस्थान की नैतिकता के विरुद्ध है।

​समाधान की दिशा में उन्होंने संघर्ष समिति को तत्काल 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित करने का सुझाव दिया, ताकि प्रशासन के साथ वार्ता प्रक्रिया को गति दी जा सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संवाद के माध्यम से इस समस्या का सकारात्मक समाधान निकाला जाएगा।

​"ढाल बनकर रहूंगा": भावुक कर देने वाला आश्वासन

​अपने संबोधन के समापन पर सांसद का भावुक अंदाज दिखा। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा:

​"मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस मामले का तर्कसंगत निस्तारण होगा। लेकिन, यदि किसी कारणवश किसी को आप लोगों को उजाड़ने आना पड़ा, तो उस स्थिति में आपको संघर्ष के अग्रिम पंक्ति (front line) में सबसे पहले मैं साथ खड़ा मिलूंगा।"


​सांसद के इस साहसिक और दृढ़ आश्वासन पर उपस्थित जनसमूह ने जोरदार समर्थन व्यक्त किया। बैठक में रामगढ़ भाजपा जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बाबला, पंचायत मुखिया उपेंद्र शर्मा, रंजीत पांडेय, सत्येंद्र नारायण सिंह, राजीव जायसवाल, विजय जायसवाल सहित सैकड़ों की संख्या में प्रभावित स्थानीय निवासी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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