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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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सौंदा डी पंचायत विस्थापन पर सांसद मनीष जायसवाल का कड़ा रुख: कहा- "उजाड़ने वालों के सामने मैं ढाल बनकर खड़ा रहूंगा"

 

60 वर्षों से बसे परिवारों को बेघर करने की कोशिश अनुचित, जीएम से लेकर केंद्रीय कोयला मंत्री तक उठाएंगे मुद्दा

संवाददाता, रामगढ़:

रामगढ़ जिले के पतरातू प्रखंड अंतर्गत भुरकुंडा सौंदा डी पंचायत सचिवालय परिसर में विस्थापन के खतरे से जूझ रहे आवासीय कॉलोनीवासियों ने एक व्यापक बैठक आयोजित की। 'सौंदा डी पंचायत बचाओ संघर्ष मोर्चा' के बैनर तले आयोजित इस सभा में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने विस्थापन की तलवार लटकने से डरे स्थानीय निवासियों को न्याय का भरोसा दिलाया और प्रशासन को कड़े तेवर दिखाए।

MP-Manish-Jaiswal-addressing-Sunda-D-panchayat-residents-against-displacement

विस्थापन का दंश: मानवीय संवेदनाओं का प्रश्न

​बैठक में जानकारी दी गई कि रेवेन्यू शेयरिंग मोड पर आई एक खनन कंपनी आगामी 25 वर्षों तक इस क्षेत्र में खनन कार्य करने की योजना बना रही है। इस परियोजना के कारण लगभग 60 वर्षों से बसी आवासीय कॉलोनियों पर विस्थापन का संकट मंडरा रहा है। निवासियों ने सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया कि खनन कार्य आवासीय कॉलोनियों की परिधि को छोड़कर किया जाए।

​सभा को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि वे विस्थापन की पीड़ा को गहराई से समझते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब संस्थान को आवश्यकता थी, तब इन्हीं लोगों को विस्थापित कर यहाँ बसाया गया था। अब उनकी पीढ़ियां बीत जाने के बाद, फिर से उन्हें बेघर करने की बात करना न केवल अव्यावहारिक है, बल्कि मानवीय और सामाजिक दृष्टि से भी पूर्णतः अनुचित है।

​संघर्ष की रणनीति और संवैधानिक समाधान

​सांसद ने स्पष्ट घोषणा की कि वे इस मुद्दे को केवल स्थानीय स्तर पर ही नहीं, बल्कि जीएम कार्यालय से लेकर केंद्रीय कोयला मंत्रालय तक संवैधानिक तरीके से उठाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को आगाह किया कि जिन्होंने संकट के समय संस्थान का साथ दिया, उन्हें आज दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर करना संस्थान की नैतिकता के विरुद्ध है।

​समाधान की दिशा में उन्होंने संघर्ष समिति को तत्काल 11 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल गठित करने का सुझाव दिया, ताकि प्रशासन के साथ वार्ता प्रक्रिया को गति दी जा सके। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि संवाद के माध्यम से इस समस्या का सकारात्मक समाधान निकाला जाएगा।

​"ढाल बनकर रहूंगा": भावुक कर देने वाला आश्वासन

​अपने संबोधन के समापन पर सांसद का भावुक अंदाज दिखा। उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा:

​"मुझे पूर्ण विश्वास है कि इस मामले का तर्कसंगत निस्तारण होगा। लेकिन, यदि किसी कारणवश किसी को आप लोगों को उजाड़ने आना पड़ा, तो उस स्थिति में आपको संघर्ष के अग्रिम पंक्ति (front line) में सबसे पहले मैं साथ खड़ा मिलूंगा।"


​सांसद के इस साहसिक और दृढ़ आश्वासन पर उपस्थित जनसमूह ने जोरदार समर्थन व्यक्त किया। बैठक में रामगढ़ भाजपा जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बाबला, पंचायत मुखिया उपेंद्र शर्मा, रंजीत पांडेय, सत्येंद्र नारायण सिंह, राजीव जायसवाल, विजय जायसवाल सहित सैकड़ों की संख्या में प्रभावित स्थानीय निवासी और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।

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