एनएसएस विशेष शिविर में कानूनी साक्षरता कार्यशाला: डीएलएसए ने विद्यार्थियों को पोक्सो एक्ट, मोटर व्हीकल कानून और निःशुल्क विधिक सहायता की दी जानकारी
नरेश सोनी, प्रधान संपादक
हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी):
जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) हजारीबाग के तत्वावधान में बुधवार को सिंदूर पंचायत भवन में एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विनोबा भावे विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित सप्त दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) विशेष शिविर के दौरान यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूसेट) के विद्यार्थियों को कानूनी रूप से साक्षर और जागरूक बनाने के उद्देश्य से संचालित हुआ।
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| DLSA Hazaribagh team conducting legal awareness workshop for VBU NSS students at Sindoor |
पोक्सो एक्ट, मोटर व्हीकल नियम और नशा मुक्ति पर संवाद
जागरूकता शिविर में मुख्य रूप से उपस्थित डिप्टी चीफ विकाश कुमार सोनी तथा अधिकार मित्र दीपक कुमार एवं बिनोद कुमार वर्मा ने तकनीकी संकाय के विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से शारीरिक, मानसिक और सामाजिक जीवन पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया गया। साथ ही बच्चों एवं किशोरों के संरक्षण से जुड़े यौन अपराध निवारण कानून (पॉक्सो एक्ट), सुरक्षित यातायात के लिए मोटर व्हीकल कानून तथा साइबर अपराधों से बचाव के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।
डीएलएसए के माध्यम से निःशुल्क व त्वरित समाधान
अधिकारियों ने विद्यार्थियों और उपस्थित ग्रामीणों को समझाया कि रोजमर्रा के छोटे-मोटे आपसी विवादों को बिना लंबे मुकदमों के डीएलएसए के माध्यम से सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाया जा सकता है।
- सुलह-समझौता मंच: डीएलएसए दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता कर समन्वय स्थापित करता है, जिससे विवादों का त्वरित व निःशुल्क निपटारा संभव होता है।
- निःशुल्क अधिवक्ता सेवा: आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद व्यक्तियों को न्याय दिलाने के लिए प्राधिकार द्वारा निःशुल्क पैनल अधिवक्ता की सुविधा प्रदान की जाती है।
- लोक अदालत का महत्व: नियमित रूप से आयोजित होने वाली राष्ट्रीय एवं मासिक लोक अदालतों के माध्यम से आपसी सहमति से मुकदमों का अंतिम और स्थाई निस्तारण कराया जाता है।
हेल्पलाइन नंबरों से कराया गया अवगत
कार्यक्रम के दौरान संकट या आपात स्थिति में कानूनी सहायता और साइबर सुरक्षा के लिए जारी महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। उपस्थित विद्यार्थियों को विधिक सहायता हेतु टोल फ्री नंबर 15100 और वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की तत्काल रोकथाम के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 का उपयोग करने के लिए जागरूक किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के साथ स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

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