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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग नेशनल लोक अदालत में 61,814 मामलों का ऐतिहासिक निष्पादन, 53 करोड़ से अधिक की राशि पर बनी सुलह सहमति

हजारीबाग सिविल कोर्ट में नेशनल लोक अदालत का आयोजन: 61,814 मामलों का हुआ सफल निष्पादन, 53 करोड़ से अधिक के दावों का हुआ निपटारा

नरेश सोनी, प्रधान संपादक

हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी):

हजारीबाग सिविल कोर्ट में शनिवार को वादों के त्वरित, सुगम व शांतिपूर्ण निष्पादन के उद्देश्य से नेशनल लोक अदालत का भव्य आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (नालसा) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देशानुसार आयोजित इस लोक अदालत का ऑनलाइन उद्घाटन झारखंड उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति सह झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष सुजीत नारायण प्रसाद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से हजारीबाग के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुव चन्द्र मिश्रा सहित जिले के सभी न्यायिक पदाधिकारी जुड़े रहे।

National Lok Adalat session in Hazaribagh Civil Court under DLSA resolving disputes through mutual agreement

रिकॉर्ड 61 हजार से अधिक मामलों का हुआ निस्तारण

जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) के तत्वावधान में प्रधान जिला जज ध्रुव चन्द्र मिश्रा के नेतृत्व में आयोजित इस अदालत में सुलह-समझौते के आधार पर ऐतिहासिक सफलता मिली। लोक अदालत में विचारार्थ रखे गए कुल 61,814 मामलों का दोनों पक्षों की आपसी सहमति से सफल निष्पादन किया गया, जिसके तहत कुल 53 करोड़ 7 लाख 28 हजार 912 रुपये की राशि के सेटलमेंट पर अंतिम सहमति बनी।

निपटारे का विषयवार ब्योरा

  • ​वित्तीय मामले: 30,775
  • ​बैंक रिकवरी: 1,041
  • ​सुलहनीय आपराधिक वाद: 947
  • ​भू-अर्जन (भूमि अधिग्रहण): 608
  • ​विद्युत (बिजली) विभाग: 548
  • ​स्थायी लोक अदालत: 230
  • ​नगर निगम/पानी बिल व अन्य टैक्स: 210
  • ​एनआई एक्ट (चेक बाउंस): 95
  • ​दूरसंचार विभाग (बीएसएनएल आदि): 32
  • ​मोटर वाहन दुर्घटना दावा (एमएसीटी): 22
  • ​पारिवारिक व वैवाहिक विवाद: 17
  • ​श्रम विवाद: 06
  • ​उपभोक्ता संरक्षण: 02
  • ​अन्य विविध मामले: 27,231

पारिवारिक विवादों के लिए चलेगा विशेष मध्यस्थता अभियान

डीएलएसए सचिव कुमार विपुल ने बताया कि प्रधान जिला जज के निर्देश पर आम जनता को सुलभ व सस्ता न्याय दिलाने के लिए प्राधिकार निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने जानकारी दी कि न्यायालयों में लंबित पारिवारिक और वैवाहिक विवादों के त्वरित एवं सौहार्दपूर्ण समाधान के लिए न्याय सदन स्थित मध्यस्थता केंद्र में एक विशेष मध्यस्थता अभियान चलाया जाएगा, जहां प्रशिक्षित मध्यस्थ दोनों पक्षों के बीच सुलह कराएंगे। उन्होंने लोक अदालत को ऐतिहासिक रूप से सफल बनाने में सहयोग देने वाले सभी न्यायिक पदाधिकारियों, अधिवक्ताओं, न्यायालय कर्मियों और पक्षकारों के प्रति आभार व्यक्त किया।

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सिंदूर पंचायत भवन में विधिक सेवा प्राधिकार ने एनएसएस शिविर के छात्रों को दी कानून की जानकारी। पोक्सो एक्ट, नशा मुक्ति और 15100 हेल्पलाइन पर चर्चा।

एनएसएस विशेष शिविर में कानूनी साक्षरता कार्यशाला: डीएलएसए ने विद्यार्थियों को पोक्सो एक्ट, मोटर व्हीकल कानून और निःशुल्क विधिक सहायता की दी जानकारी

नरेश सोनी, प्रधान संपादक

हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी):

जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डीएलएसए) हजारीबाग के तत्वावधान में बुधवार को सिंदूर पंचायत भवन में एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम विनोबा भावे विश्वविद्यालय द्वारा आयोजित सप्त दिवसीय राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) विशेष शिविर के दौरान यूनिवर्सिटी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी (यूसेट) के विद्यार्थियों को कानूनी रूप से साक्षर और जागरूक बनाने के उद्देश्य से संचालित हुआ।

DLSA Hazaribagh team conducting legal awareness workshop for VBU NSS students at Sindoor

पोक्सो एक्ट, मोटर व्हीकल नियम और नशा मुक्ति पर संवाद

जागरूकता शिविर में मुख्य रूप से उपस्थित डिप्टी चीफ विकाश कुमार सोनी तथा अधिकार मित्र दीपक कुमार एवं बिनोद कुमार वर्मा ने तकनीकी संकाय के विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान युवाओं को नशीले पदार्थों के सेवन से शारीरिक, मानसिक और सामाजिक जीवन पर पड़ने वाले गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया गया। साथ ही बच्चों एवं किशोरों के संरक्षण से जुड़े यौन अपराध निवारण कानून (पॉक्सो एक्ट), सुरक्षित यातायात के लिए मोटर व्हीकल कानून तथा साइबर अपराधों से बचाव के उपायों पर विस्तार से प्रकाश डाला गया।

डीएलएसए के माध्यम से निःशुल्क व त्वरित समाधान

अधिकारियों ने विद्यार्थियों और उपस्थित ग्रामीणों को समझाया कि रोजमर्रा के छोटे-मोटे आपसी विवादों को बिना लंबे मुकदमों के डीएलएसए के माध्यम से सौहार्दपूर्ण ढंग से सुलझाया जा सकता है।

  • सुलह-समझौता मंच: डीएलएसए दोनों पक्षों के बीच मध्यस्थता कर समन्वय स्थापित करता है, जिससे विवादों का त्वरित व निःशुल्क निपटारा संभव होता है।
  • निःशुल्क अधिवक्ता सेवा: आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद व्यक्तियों को न्याय दिलाने के लिए प्राधिकार द्वारा निःशुल्क पैनल अधिवक्ता की सुविधा प्रदान की जाती है।
  • लोक अदालत का महत्व: नियमित रूप से आयोजित होने वाली राष्ट्रीय एवं मासिक लोक अदालतों के माध्यम से आपसी सहमति से मुकदमों का अंतिम और स्थाई निस्तारण कराया जाता है।

हेल्पलाइन नंबरों से कराया गया अवगत

कार्यक्रम के दौरान संकट या आपात स्थिति में कानूनी सहायता और साइबर सुरक्षा के लिए जारी महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी दी गई। उपस्थित विद्यार्थियों को विधिक सहायता हेतु टोल फ्री नंबर 15100 और वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की तत्काल रोकथाम के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 का उपयोग करने के लिए जागरूक किया गया। इस शिविर में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं के साथ स्वयंसेवकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।

और पढ़ें: Hazaribagh DLSA Assistance: घर से बेदखल 70 वर्षीय बुजुर्ग को हजारीबाग DLSA ने दिलाया वृद्धाश्रम में आश्रय

Hazaribagh DLSA Mega Camp: हजारीबाग के 16 प्रखंडों में मेगा विधिक शिविर, 55.57 करोड़ की योजनाओं का वितरण! ⚖️🚨

 हजारीबाग के सभी 16 प्रखंडों में मेगा विधिक सशक्तिकरण शिविर: ₹55.57 करोड़ की परिसंपत्तियों का वितरण, 3.85 लाख लाभुकों को मिला सीधा लाभ!

हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी विशेष ब्यूरो):

झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (JHALSA) के निर्देश पर जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को हजारीबाग जिले के सभी 16 प्रखंडों में वृहद मेगा विधिक सशक्तिकरण शिविर का आयोजन किया गया। इन शिविरों के माध्यम से जिले भर में कुल 55 करोड़ 57 लाख 28 हजार 250 रुपये की परिसंपत्तियों और कल्याणकारी योजनाओं का वितरण 3 लाख 85 हजार 613 लाभुकों के बीच किया गया।

Principal District Judge Dhruv Chandra Mishra inaugurating DLSA Mega Legal Camp in Hazaribagh

​मुख्य कार्यक्रम सदर प्रखंड परिसर में आयोजित हुआ, जिसका शुभारंभ प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुव चन्द्र मिश्रा, एडिशनल एसपी अमित कुमार, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश पुरुषोत्तम गोस्वामी, डीएलएसए सचिव कुमार विपुल, सदर बीडीओ, सदर सीओ व सीडीपीओ ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यक्रम में स्कूली छात्राओं ने पारंपरिक झारखंडी लोकगीत व स्वागत नृत्य प्रस्तुत किया।

शिविर के मुख्य बिंदु एवं संबोधन:

  • कानूनी व आर्थिक सशक्तिकरण पर जोर: प्रधान जिला जज ध्रुव चन्द्र मिश्रा ने कहा कि आम जनता को कानूनी जागरूकता के साथ-साथ आर्थिक रूप से सशक्त होना बेहद जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से सजग रहकर सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने, नशामुक्त समाज के निर्माण में सहयोग करने तथा सभी प्रकार के वित्तीय लेन-देन केवल मान्यता प्राप्त बैंकों व वित्तीय संस्थाओं के माध्यम से ही करने का आह्वान किया।
  • न्याय सबके लिए: डीएलएसए सचिव कुमार विपुल एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने दोहराया कि प्राधिकार का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम व्यक्ति तक त्वरित न्याय, विधिक सहायता और सरकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ पहुंचाना है।

वितरित प्रमुख योजनाएं व लाभ:

  • सामाजिक सुरक्षा: वृद्धा/विधवा/दिव्यांग पेंशन स्वीकृति पत्र, धोती-साड़ी योजना का वितरण।
  • वित्तीय समावेशन: जेएसएलपीएस (JSLPS) सखी मंडल की दीदियों को मुद्रा लोन व क्रेडिट लिंकेज, किसान क्रेडिट कार्ड (KCC)।
  • राजस्व व प्रमाण पत्र: जॉब कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, जाति, आय, आवासीय प्रमाण पत्र एवं दाखिल-खारिज (नामांतरण) शुद्धि प्रमाण पत्र।
  • महिला व बाल विकास: सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना के लाभ, स्कूली बच्चों को बैग व पाठ्य पुस्तकें।
  • दिव्यांगजन सहायता: जरूरतमंदों को हियरिंग एड (श्रवण यंत्र) व सहायक उपकरण।

Hazaribagh DLSA Assistance: घर से बेदखल 70 वर्षीय बुजुर्ग को हजारीबाग DLSA ने दिलाया वृद्धाश्रम में आश्रय

 

Hazaribagh DLSA Old Age Home Assistance: बेघर 70 वर्षीय बुजुर्ग के लिए मसीहा बना हजारीबाग DLSA, सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी की पहल पर मिला वृद्धाश्रम में आश्रय

हजारीबाग: जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), हजारीबाग ने एक बार फिर संवेदनशीलता और मानवीय मूल्यों की मिसाल पेश की है। अपने ही अपनों द्वारा घर से बेदखल कर दर-दर भटकने को मजबूर एक 70 वर्षीय असहाय वृद्ध व्यक्ति को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की त्वरित पहल पर आश्रय दिलाया गया।

Hazaribagh DLSA Adhikar Mitra escorting 70-year-old elderly person to old age home under directions of Secretary Dr. Ravi Prakash Tiwari

​प्राधिकार के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी के निर्देशानुसार, अधिकार मित्र दीपक कुमार ने बुजुर्ग को सकुशल हजारीबाग स्थित वृद्धा आश्रम पहुँचाया और वहाँ उनके रहने तथा भोजन की समुचित व्यवस्था कराई।

"घर से बेदखल कर दिया गया, दर-दर भटक रहा था": पीड़ित बुजुर्ग का दर्द

​सोमवार (27 जुलाई 2026) को 70 वर्षीय बुजुर्ग अपनी फरियाद लेकर न्याय की उम्मीद में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) कार्यालय पहुँचे।

  • आँखों में आँसू और व्यथा: वृद्ध व्यक्ति ने अपनी आपबीती सुनाते हुए बताया कि उन्हें उनके ही परिवार द्वारा घर से बेदखल कर दिया गया है।
  • भटकने को थे मजबूर: पिछले कई दिनों से उनके पास रहने और खाने का कोई ठिकाना नहीं था और वे भोजन व छत की तलाश में दर-दर भटक कर अपना जीवन यापन करने को मजबूर थे।

DLSA सचिव ने तुरंत लिया संज्ञान, अधिकार मित्र ने पहुँचाया वृद्धाश्रम

​मामले की गंभीरता और बुजुर्ग की दयनीय स्थिति को देखते हुए DLSA सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने तुरंत संज्ञान लिया:

  • तत्परता से कार्रवाई: सचिव के निर्देश पर DLSA के अधिकार मित्र दीपक कुमार ने बुजुर्ग की देखभाल की और उन्हें तुरंत स्थानीय वृद्धाश्रम ले जाकर नामांकित कराया।
  • कानूनी व सामाजिक सुरक्षा: प्राधिकार द्वारा यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि बुजुर्ग को वृद्धाश्रम में सभी मूलभूत सुविधाएँ मिलें। साथ ही आवश्यकता पड़ने पर उन्हें कानूनी सहायता (Maintenance & Welfare of Parents and Senior Citizens Act) भी प्रदान की जाएगी।

​DLSA हजारीबाग की इस मानवीय पहल की स्थानीय नागरिकों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भूरि-भूरि प्रशंसा की है।

और पढ़ें:हजारीबाग: अंतर्राष्ट्रीय मजदूर दिवस पर श्रमिकों को किया गया जागरूक, DLSA सचिव ने कहा— "समान काम के लिए समान मजदूरी श्रमिकों का अधिकार"

Hazaribagh Lok Adalat: हजारीबाग सिविल कोर्ट में मासिक लोक अदालत, 90 मामलों का निपटारा, ₹25 लाख का हुआ सेटलमेंट

 

Hazaribagh Monthly Lok Adalat: हजारीबाग में मासिक लोक अदालत का आयोजन, 90 मामलों का हुआ ऑन-द-स्पॉट निष्पादन, लगभग ₹25 लाख का सेटलमेंट

हजारीबाग:

झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) हजारीबाग के तत्वावधान में शनिवार को सिविल कोर्ट परिसर में मासिक लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुव चन्द्र मिश्रा की देखरेख में आयोजित इस लोक अदालत में कुल 90 मामलों का निष्पादन दोनों पक्षों की आपसी सहमति से किया गया।

Hazaribagh Civil Court Monthly Lok Adalat bench proceedings and case settlements

​इस लोक अदालत के माध्यम से कुल ₹24,92,908 (चौबीस लाख बावे हजार नौ सौ आठ रुपये) की राशि पर पक्षकारों के बीच सहमति बनी और मामलों का ऑन-द-स्पॉट निपटारा किया गया।

8 न्यायिक बेंचों का गठन, बैंक रिकवरी और एमएसीटी मामलों में बड़ी राहत

​मामलों की त्वरित सुनवाई और सुगम निपटारे के लिए कुल 8 न्यायिक बेंचों का गठन किया गया था। लोक अदालत में अलग-अलग श्रेणियों के अंतर्गत निष्पादित मामलों का विवरण निम्नलिखित है:

  • बैंक रिकवरी: सबसे अधिक बैंक रिकवरी से जुड़े 50 मामलों का निपटारा किया गया, जिसमें ₹3,88,645 पर सहमति बनी।
  • मोटर वाहन दुर्घटना दावा (MACT): एमएसीटी का 01 मामला निपटाया गया, जिसमें पीड़िता/दावेदार को ₹9,30,000 की राशि पर समझौता हुआ।
  • चेक बाउंस मामला (NI Act): एनआई एक्ट/चेक बाउंस के 03 मामलों का निष्पादन करते हुए ₹8,53,813 का सेटलमेंट किया गया।
  • बिजली विभाग के मामले: बिजली चोरी व बकाया से जुड़े 22 मामलों का निपटारा हुआ, जिसमें ₹2,56,000 की वसूली पर सहमति बनी।
  • बीएसएनएल मामले: बीएसएनएल बकाया से संबंधित 04 मामलों में ₹44,450 पर समझौता हुआ।
  • सुलहनीय आपराधिक मामले: आपसी विवाद से जुड़े 10 सुलहनीय आपराधिक मामलों का भी सौहार्दपूर्ण माहौल में निपटारा कराया गया।

अंतिम व्यक्ति तक कानूनी सहायता पहुँचाना प्राथमिकता: DLSA

​समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सुलभ और त्वरित न्याय पहुँचाने के उद्देश्य से प्रधान जिला जज ध्रुव चन्द्र मिश्रा के मार्गदर्शन में DLSA सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी निरंतर प्रयासरत हैं।

​इस लोक अदालत को सफल बनाने में जिले के न्यायिक पदाधिकारियों, हजारीबाग बार संघ के सदस्यों, संबंधित विभागों के अधिकारियों और सिविल कोर्ट के कर्मचारियों का सराहनीय योगदान रहा।

ईश्वर पढ़ें: Hazaribagh: बैहरी पंचायत में DLSA ने चलाया कानूनी जागरूकता अभियान; मुफ़्त वकील और विवादों के त्वरित निपटारे की दी जानकारी


Hazaribagh DLSA Legal Camp: सिविल कोर्ट में कानूनी परामर्श शिविर, पुलिस अधिकारियों को POCSO और मोटर दुर्घटना कानून का दिया गया प्रशिक्षण

 

Hazaribagh DLSA Legal Camp: हजारीबाग सिविल कोर्ट में हितधारक कानूनी परामर्श शिविर, POCSO और मोटर दुर्घटना अधिनियम की बारीकियों पर दिया गया प्रशिक्षण

हजारीबाग:

झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (JHALSA) के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) हजारीबाग के बैनर तले शनिवार को सिविल कोर्ट परिसर में एक दिवसीय जिला स्तरीय हितधारक कानूनी परामर्श शिविर (District Level Stakeholder Legal Consultation Camp) का आयोजन किया गया।

​Hazaribagh Civil Court stakeholder legal consultation camp inauguration by Principal District and Sessions Judge Dhruv Chandra Mishra

​प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुव चन्द्र मिश्रा की देखरेख और अगुवाई में आयोजित इस शिविर का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इस विशेष प्रशिक्षण सह परामर्श शिविर में जिले भर के थानों के अनुसंधानकर्ताओं (Investigating Officers), थाना प्रभारियों, एलएडीसी (LADC) सदस्यों तथा मध्यस्थों ने हिस्सा लिया।

अनुसंधानकर्ता की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण: प्रधान जिला जज ध्रुव चन्द्र मिश्रा

​शिविर को संबोधित करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुव चन्द्र मिश्रा ने कहा कि किसी भी आपराधिक या कानूनी मामले में निष्पक्ष और सटीक न्याय सुनिश्चित करने में अनुसंधानकर्ता (Investigator) की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने सभी पुलिस अधिकारियों और हितधारकों को हमेशा विधि सम्मत (कानून के दायरे में) कार्रवाई करने का निर्देश दिया।

  • बार संघ का आश्वासन: हजारीबाग बार संघ के अध्यक्ष राजकुमार और सचिव सुमन कुमार सिंह ने भी अपने संबोधन में न्याय प्रक्रिया को सुगम बनाने के लिए अधिवक्ताओं और बार संघ की ओर से हर संभव सहयोग देने का आश्वासन दिया।
  • समस्याओं का समाधान: शिविर के दौरान विभिन्न थानों से आए अनुसंधानकर्ताओं ने जांच के दौरान आने वाली व्यावहारिक और तकनीकी कठिनाइयों को रखा, जिनका न्यायिक पदाधिकारियों द्वारा सटीक कानूनी समाधान बताया गया।

POCSO Act और Motor Accident Laws पर दी गई विस्तृत जानकारी

​प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान मुख्य रूप से पोक्सो (POCSO) एक्ट और मोटर वाहन दुर्घटना अधिनियम (Motor Vehicle Accident Act) के कानूनी पहलुओं और बारीकियों से अनुसंधानकर्ताओं को अवगत कराया गया:

विशेषज्ञों द्वारा दिए गए प्रमुख निर्देश:

  • POCSO Act की प्रक्रियाएं: विशेष न्यायाधीश (पोक्सो) सह अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश मो. आशिफ इकबाल ने अनुसंधानकर्ताओं को पोक्सो कानून के तहत पीड़िता का त्वरित बयान दर्ज करने, समय पर मेडिकल जांच कराने और निर्धारित समय सीमा के भीतर अदालत में चार्जशीट (आरोप पत्र) दाखिल करने की पूरी कानूनी प्रक्रिया समझाई।
  • मोटर यान दुर्घटना अधिनियम: प्रशिक्षण दाता अधिवक्ता मो. मोअज्जम ने मोटर वाहन दुर्घटना से संबंधित नए कानूनों और समय सीमा पर बल दिया। उन्होंने अनुसंधानकर्ताओं को निर्देशित किया कि दुर्घटना मामलों में समय पर डिटेल एक्सीडेंट रिपोर्ट (DAR) अदालत में अनिवार्य रूप से जमा करें ताकि पीड़ितों को शीघ्र मुआवजा मिल सके।

कार्यक्रम में ये प्रमुख हस्तियां रहीं उपस्थित

​कार्यक्रम का सफल मंच संचालन जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने किया।

​इस परामर्श शिविर में मुख्य रूप से न्यायिक पदाधिकारी मो. आशिफ इकबाल, मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) राजीव त्रिपाठी, हजारीबाग बार संघ अध्यक्ष राजकुमार, सचिव सुमन कुमार सिंह, DLSA सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी, निबंधक (Registrar) दिव्यम चौधरी तथा जिले के लगभग सभी थानों के थाना प्रभारी व अनुसंधानकर्ता उपस्थित थे।

Press Release - District Legal Services Authority (DLSA), Hazaribagh

और पढ़ें: डालसा के तत्वाधान में आंगो और टाटीझरिया पंचायत में कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन, टोल फ्री नंबर 15100 जारी

Hazaribagh Legal Awareness Camp: यदुनाथ बालिका उच्च विद्यालय में DLSA का कानूनी जागरूकता शिविर, बाल विवाह और साइबर क्राइम पर दिए कड़े निर्देश

 

Hazaribagh Legal Literacy Camp: यदुनाथ बालिका उच्च विद्यालय में कानूनी जागरूकता शिविर का आयोजन, DLSA सचिव ने बाल विवाह और साइबर अपराध पर किया जागरूक

हजारीबाग:

झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (JHALSA), रांची के तत्वावधान में तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), हजारीबाग के बैनर तले जिले में 90 दिवसीय कानूनी जागरूकता सह आउटरीच कार्यक्रम चलाया जा रहा है। यह अभियान प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकार हजारीबाग, ध्रुव चंद्र मिश्रा के दिशा-निर्देश में आयोजित किया जा रहा है।

Hazaribagh Legal Literacy Camp

​इसी क्रम में शुक्रवार को हजारीबाग स्थित यदुनाथ बालिका उच्च विद्यालय में एक विशेष विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में मुख्य अतिथि के रूप में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी उपस्थित हुए और छात्राओं व शिक्षकों को विभिन्न कानूनी प्रावधानों की विस्तार से जानकारी दी।

बाल विवाह कानूनन अपराध, शामिल होने वालों पर भी होगी कार्रवाई: DLSA सचिव

​कार्यक्रम के दौरान मुख्य अतिथि डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने सामाजिक कुरीतियों और बाल विवाह पर कड़ा संदेश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

  • विवाह की कानूनी उम्र: लड़कियों का विवाह 18 वर्ष से कम और लड़कों का विवाह 21 वर्ष से कम उम्र में करना कानूनन अपराध है।
  • कानूनी स्थिति: बाल विवाह को कानून की नजर में शून्य (invalid) माना जाता है।
  • कार्रवाई का दायरा: ऐसे अवैध विवाह का आयोजन करने वाले, उसमें सहयोग करने वाले या शामिल होने वाले लोगों के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

साइबर सुरक्षा व वित्तीय धोखाधड़ी से बचाव के दिए टिप्स

​तकनीकी दौर में बढ़ते साइबर अपराधों पर चिंता व्यक्त करते हुए सचिव डॉ. तिवारी ने छात्राओं और उपस्थित लोगों को डिजिटल सुरक्षा के प्रति सचेत किया।

वित्तीय सुरक्षा के मुख्य बिंदु:

  • ​अपने एटीएम कार्ड का पासवर्ड या पिन किसी से साझा न करें।
  • ​मोबाइल पर आने वाले वन टाइम पासवर्ड (OTP) को कभी किसी अनजान व्यक्ति को न बताएँ।
  • ​गोपनीय जानकारी साझा करने से बैंक खाते में जमा राशि का दुरुपयोग हो सकता है और वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ सकता है।
  • हेल्पलाइन सुविधा: यदि कोई व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो वह तत्काल टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके अलावा निकटतम साइबर थाने में भी लिखित आवेदन दिया जा सकता है।

​इस कार्यक्रम में स्कूल की शिक्षिकाएँ, अधिकार मित्र विकास कुमार पांडेय तथा बड़ी संख्या में छात्राएँ उपस्थित रहीं।

न्याय सदन परिसर में प्रदर्शनी एवं बरही में भी शिविर आयोजित

​विधिक जागरूकता अभियान की इसी कड़ी में हजारीबाग स्थित न्याय सदन परिसर में एक विशेष प्रदर्शनी का आयोजन किया गया। इसमें आम लोगों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और कानूनी प्रक्रियाओं व निःशुल्क विधिक सहायता से संबंधित जानकारियाँ हासिल कीं।

​इसके साथ ही, बरही प्रखंड के उत्क्रमित उच्च विद्यालय, बरसोत में भी एक कानूनी जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर में मुख्य रूप से अधिकार मित्र सिकंदर कुमार दास, नीरज कुमार, भानुमति कुमारी, रिंकी कुमारी एवं सुनील कुमार वर्मा ने संयुक्त रूप से विद्यार्थियों को विभिन्न कानूनों और न्याय सदन से मिलने वाली निःशुल्क कानूनी सुविधाओं के बारे में विस्तार से बताया।

Press Release - District Legal Services Authority (DLSA), Hazaribagh

और पढ़ें: हजारीबाग सिविल कोर्ट: विशेष लोक अदालत में चेक बाउंस के 97 मामलों का निपटारा, 4 करोड़ का सेटलमेंट

हजारीबाग सिविल कोर्ट: विशेष लोक अदालत में चेक बाउंस के 97 मामलों का निपटारा, 4 करोड़ का सेटलमेंट


हजारीबाग: विशेष लोक अदालत में चेक बाउंस के 97 मामलों का निष्पादन, ₹4 करोड़ से अधिक के सेटलमेंट पर बनी आपसी सहमति

हजारीबाग: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (NYAYA) के दिशा-निर्देशानुसार और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), हजारीबाग के तत्वावधान में शनिवार को सिविल कोर्ट परिसर में एक विशेष लोक अदालत का आयोजन किया गया। यह विशेष लोक अदालत मुख्य रूप से एनआई एक्ट (चेक बाउंस) के लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के लिए केंद्रित थी।

Hazaribagh Civil Court: चेक बाउंस के 97 मामलों में हुआ ऐतिहासिक ₹4 करोड़ का सेटलमेंट!

इस विशेष लोक अदालत की संपूर्ण मॉनिटरिंग और देखरेख प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुव चंद्र मिश्रा द्वारा की गई।

आपसी सहमति से 97 मामलों का निपटारा, ₹4.00 करोड़ से अधिक की रिकवरी

समारोह और अदालती कार्यवाही के दौरान दोनों पक्षों को सुनने के बाद, कुल 97 चेक बाउंस मामलों का निपटारा पक्षकारों की आपसी सहमति और सुलह के आधार पर सौहार्दपूर्ण वातावरण में किया गया। इस ऐतिहासिक सेटलमेंट के तहत कुल 4 करोड़ 14 हजार 901 रुपए ($4,00,14,901$) की धनराशि पर दोनों पक्षों के बीच अंतिम सहमति बनी, जिससे वर्षों से लंबित पड़े मुकदमों का अंत हुआ।

यह विशेष लोक अदालत चेक बाउंस के मामलों के लिए गठित विशेष न्यायालयों में संचालित की गई, जिसमें निम्नलिखित न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी (Judicial Magistrate First Class) के न्यायालय शामिल थे:

  • कीर्ति कुमारी वर्णवाल का न्यायालय

  • जूही कुमारी का न्यायालय

  • सुशील कुमार पिंगुआ का न्यायालय

  • अनुष्का जैन का न्यायालय

आगामी 25 जुलाई और 12 सितंबर को भी लगेंगे बड़े अदालत: सचिव

विशेष लोक अदालत की सफलता और रूपरेखा की विस्तृत जानकारी देते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने बताया कि इस विशेष अदालत का मुख्य उद्देश्य चेक बाउंस से जुड़े विवादों का बिना समय गंवाए त्वरित निष्पादन करना था।

उन्होंने भविष्य की योजनाओं की घोषणा करते हुए आमजन से अपील की:

  • 25 जुलाई को मासिक लोक अदालत: अन्य दीवानी, फौजदारी और सुलह योग्य मामलों के निपटारे के लिए आगामी 25 जुलाई को सिविल कोर्ट परिसर में एक मासिक लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा।

  • 12 सितंबर को नेशनल लोक अदालत: एक बड़े पैमाने पर आगामी 12 सितंबर को राष्ट्रीय लोक अदालत (National Lok Adalat) का आयोजन होना तय हुआ है, जिसके लिए सभी पक्षकारों को अभी से तैयारी शुरू कर देनी चाहिए।

"लोक अदालतें आम जनता के लिए समय और पैसे दोनों की बचत करने का सबसे सशक्त माध्यम हैं। हम सभी पक्षकारों से अपील करते हैं कि वे जिला विधिक सेवा प्राधिकार के इस प्रयास का हिस्सा बनें और अपने मुकदमों का हमेशा के लिए शांतिपूर्ण अंत करें।"

डॉ. रवि प्रकाश तिवारी, सचिव (DLSA, हजारीबाग)

Hazaribagh News: लाचार और गरीबों को मिलेगी मुफ्त कानूनी सहायता; चौपारण में डीएलएसए के कड़े अभियान का न्यूज़ प्रहरी पर विस्तृत कवरेज!

​🏛️ हजारीबाग: समाज के अंतिम पायदान तक न्याय पहुंचाने की जंग; चौपारण के मायापुर में DLSA का 90 दिवसीय विशेष विधिक आउटरीच कार्यक्रम, 18 जुलाई को लगेगी विशेष लोक अदालत

हजारीबाग: जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) हजारीबाग के तत्वावधान में सोमवार को चौपारण प्रखंड की पाण्डेयबारा पंचायत के मायापुर गांव में 90 दिवसीय विशेष जागरूकता आउटरीच कार्यक्रम के तहत एक महत्वपूर्ण विधिक शिविर का आयोजन किया गया। जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष धुर्व चंद्र मिश्रा के कड़े निर्देश तथा सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी के सीधे मार्गदर्शन व निगरानी में इस अभियान को धरातल पर उतारा जा रहा है। कार्यक्रम में उपस्थित विधिक विशेषज्ञों और वक्ताओं ने दोटूक शब्दों में कहा कि इस पूरे अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लाचार और शोषित व्यक्ति तक न्याय और कानूनी सहायता की पहुंच को हर हाल में सुनिश्चित करना है। व्यवस्था की इस मजबूत पहल का मकसद यह है कि क्षेत्र का कोई भी नागरिक अपनी आर्थिक तंगी या सामाजिक पिछड़ेपन के कारण विधिक न्याय से वंचित न रहने पाए।

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​🏬 संवैधानिक अधिकारों और मुफ्त विधिक सहायता पर कड़ा विमर्श; नशे के खिलाफ और सुलभ न्याय पर दी गई विस्तृत जानकारी

​इस विशेष शिविर के दौरान ग्रामीण इलाकों में फैले अज्ञानता के अंधेरे को दूर करने के लिए ग्रामीणों को उनके संवैधानिक अधिकारों, कानूनी कर्तव्यों तथा न्याय प्राप्ति के विभिन्न विधिक माध्यमों की विस्तृत जानकारी दी गई। इसके साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों को खोखला कर रहे नशाखोरी के तंत्र और उसके घातक सामाजिक व विधिक दुष्प्रभावों पर कड़ा प्रहार किया गया। उपस्थित जनसमुदाय को स्पष्ट रूप से सचेत किया गया कि समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग, महिलाएं, मासूम बच्चे, अनुसूचित जाति (SC) एवं अनुसूचित जनजाति (ST) के सदस्य तथा कानूनन अन्य सभी पात्र व्यक्ति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के माध्यम से बिना एक भी पैसा खर्च किए पूरी तरह से निःशुल्क विधिक सहायता और वकील की सेवा प्राप्त कर सकते हैं। इसके साथ ही ग्रामीणों को आगामी 18 जुलाई 2026 को आयोजित होने वाली विशेष लोक अदालत (चेक अनादरण मामलों हेतु) के बारे में भी पूरी विधिक प्रक्रिया समझाई गई ताकि लोग अपने मामलों का त्वरित निपटारा कर सकें।

​🛑 सरकारी योजनाओं और नागरिक अधिकारों पर मुखिया व महिलाओं ने दागे सवाल; अधिकार मित्रों ने दिया संतोषजनक जवाब

​इस सघन विधिक अभियान के दौरान न केवल किताबी कानून, बल्कि विभिन्न सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं, आवश्यक कानूनी सेवाओं तथा आम नागरिकों के बुनियादी अधिकारों से संबंधित महत्वपूर्ण और गुप्त जानकारियां भी साझा की गईं। जागरूकता कार्यक्रम के मुख्य पड़ाव पर पाण्डेयबारा पंचायत की मुखिया रेखा देवी, वार्ड सदस्यों और स्थानीय महिलाओं ने वर्तमान व्यवस्था और विधिक पेचीदगियों से जुड़े कई तीखे और व्यावहारिक प्रश्न पूछे, जिनका मौके पर मौजूद विधिक विशेषज्ञों द्वारा बेहद सरल, तार्किक और संतोषजनक उत्तर दिया गया। इस खुली चर्चा और विधिक संवाद की सराहना करते हुए स्थानीय ग्रामीणों ने साफ तौर पर कहा कि ऐसे जमीनी कार्यक्रमों से आम जनता के भीतर कानून का डर खत्म होता है, अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ती है और शोषकों के खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत मिलती है।

​👥 विधिक सेना और भारी संख्या में ग्रामीणों की रही मुस्तैद उपस्थिति; अधिकारों की रक्षा का लिया संकल्प

​इस गरिमापूर्ण और बड़े विधिक जागरूकता कार्यक्रम के सफल संचालन और धरातलीय क्रियान्वयन में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकार मित्रों ने मुख्य भूमिका निभाई। मौके पर विधिक सेना के रूप में अधिकार मित्र हरेंद्र राणा, नंदा कुमारी, अस्मिता कुमारी एवं रेखा कुमारी पूरी मुस्तैदी के साथ उपस्थित रहे, जिन्होंने ग्रामीणों को विधिक सहायता फॉर्म भरने और अपनी समस्याओं को सीधे कोर्ट तक पहुंचाने की प्रक्रिया बताई। इस अवसर पर पाण्डेयबारा और मायापुर क्षेत्र के बड़ी संख्या में महिला, पुरुष, युवा और जागरूक समाजसेवियों ने हिस्सा लिया और अपने अधिकारों की रक्षा करने तथा समाज को नशा मुक्त बनाने का सामूहिक संकल्प लिया।

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Hazaribagh: केंद्रीय कारा में विधिक जागरूकता शिविर, प्रधान जिला जज ध्रुव चंद्र मिश्रा बोले- कोर्ट में बढ़ रहे NDPS के मामले, नशे से दूर रहें बंदी!

 

⚖️ हजारीबाग: केंद्रीय कारा में विधिक जागरूकता शिविर; प्रधान जिला जज ने कहा- सिविल कोर्ट में बढ़ रहे हैं NDPS के मामले, नशे से दूर रहें बंदी

हजारीबाग: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) हजारीबाग के तत्वावधान में शुक्रवार को लोकनायक जयप्रकाश नारायण केंद्रीय कारा (सेंट्रल जेल) में एक विशेष विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस शिविर के दौरान उपस्थित बंदियों के बीच नशे के गंभीर दुष्प्रभावों, उससे बचने के उपायों और मादक पदार्थों के सेवन से समाज व परिवार पर पड़ने वाले असर के बारे में विस्तार से चर्चा की गई।

HAZARIBAGH: Principal District and Sessions Judge Dhruva Chandra Mishra along with CJM Rajiv Tripathi and DLSA Secretary Dr. Ravi Prakash Tiwari addressing inmates during a legal awareness camp at Loknayak Jai Prakash Narayan Central Jail.

🚫 नशे से व्यक्ति ही नहीं, पूरा परिवार और समाज होता है बर्बाद: प्रधान जिला जज

इस कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुव चंद्र मिश्रा उपस्थित थे। बंदियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कई महत्वपूर्ण बातें कहीं:

  • नशे का नुकसान: उन्होंने कहा कि नशे की लत से सिर्फ उसे करने वाले व्यक्ति को ही नुकसान नहीं होता, बल्कि उसका पूरा परिवार बिखर जाता है और समाज को भी इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ती है।

  • अदालतों में बढ़ते मामले: प्रधान जिला जज ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान में सिविल कोर्ट में एनडीपीएस (NDPS Act - नशीले पदार्थ अधिनियम) से जुड़े मामलों में काफी तेजी आई है। यह इस बात का स्पष्ट संकेत है कि समाज में नशे के खिलाफ बड़े पैमाने पर जागरूक रहने की गंभीर आवश्यकता है।

  • उन्होंने सभी बंदियों को सन्मार्ग (सही रास्ते) पर चलने की सलाह दी और भविष्य में समाज की मुख्यधारा में लौटकर अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया।

👥 जेल में बंदियों की सुनी गईं समस्याएं, त्वरित निष्पादन के निर्देश

जागरूकता अभियान के साथ-साथ जिला विधिक सेवा प्राधिकार की टीम द्वारा जेल में बंदियों की विभिन्न कानूनी और व्यक्तिगत समस्याओं को भी विस्तार पूर्वक सुना गया। मामलों के त्वरित और समयबद्ध निष्पादन के लिए प्राधिकार द्वारा एलएडीसी (LADC) सदस्यों को विशेष ध्यान देने और कानूनी मदद पहुंचाने के कड़े निर्देश दिए गए।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद: इस विधिक जागरूकता शिविर के मौके पर मुख्य रूप से जिला विधिक सेवा प्राधिकार के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) राजीव त्रिपाठी, सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी, जेल अधीक्षक चंद्रशेखर प्रसाद सुमन, जेलर संजय श्रीवास्तव, जेल चिकित्सक डॉ. राहुल कुमार, एलएडीसी सदस्य मुरली राणा समेत कई अन्य जेल कर्मी और बंदी मुख्य रूप से उपस्थित थे।

(स्रोत: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग)

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Hazaribagh: DLSA की बड़ी पहल; सिविल कोर्ट से लेकर सेंट्रल जेल तक मनाया गया विश्व योग दिवस, बंदियों के लिए लगा मेडिकल कैंप!

 

​⚖️ हजारीबाग: DLSA के तत्वावधान में कोर्ट से लेकर सेंट्रल जेल तक मनाया गया विश्व योग दिवस, बंदियों के लिए लगा मेडिकल कैंप व जेल अदालत

हजारीबाग: झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), हजारीबाग के तत्वावधान में रविवार (21 जून) को जिले के कई महत्वपूर्ण स्थानों पर 'विश्व योग दिवस' का भव्य आयोजन किया गया। पूरे कार्यक्रम का कुशल नेतृत्व प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ध्रुव चंद्र मिश्रा कर रहे थे। इस दौरान योग सत्रों के साथ-साथ जेल में बंदियों के लिए मेडिकल कैंप और विधिक जागरूकता शिविर भी लगाए गए।

Major initiative by DLSA: World Yoga Day celebrated from the Civil Court to the Central Jail; medical camp organized for inmates!

🏛️ सिविल कोर्ट परिसर में न्यायिक पदाधिकारियों ने किया योगाभ्यास

​विश्व योग दिवस के मुख्य कार्यक्रम का आयोजन सिविल कोर्ट परिसर में किया गया। यहाँ प्रधान जिला जज श्री ध्रुव चंद्र मिश्रा एवं कुटुंब न्यायाधीश (फैमिली कोर्ट जज) श्री अनुज कुमार (नंबर 1) सहित सभी न्यायिक पदाधिकारियों और कोर्ट कर्मियों ने एक साथ योगासन कर स्वस्थ रहने का संदेश दिया।

​मौके पर प्रधान जिला जज ने कहा, "यह कार्यक्रम सिर्फ एक दिन के लिए नहीं है, बल्कि खुद को स्वस्थ रखने के लिए यह एक सतत प्रक्रिया है, जिसे हर व्यक्ति को प्रतिदिन अपनी दिनचर्या में शामिल करना चाहिए।"

​⛓️ जय प्रकाश नारायण केंद्रीय कारा में जेल अदालत, मेडिकल कैंप और योग

​केंद्रीय कारागार (सेंट्रल जेल) में भी योग दिवस के अवसर पर त्रिकोणीय कार्यक्रम (योग, स्वास्थ्य जांच और कानून) का आयोजन हुआ:

  • योगाभ्यास: जेल के अधिकारियों और करीब 250 बंदियों ने योग किया। महिला बंदियों को एलएडीसी (LADC) सदस्य नेहा अंजुम द्वारा अलग से विशेष योगाभ्यास कराया गया।
  • मेडिकल कैंप: जेल में बंदियों के लिए विशेष हेल्थ कैंप लगाया गया, जहां कई बंदियों का प्राथमिक स्वास्थ्य परीक्षण कर उन्हें दवाइयां और स्वास्थ्य संबंधी परामर्श दिए गए।
  • जेल अदालत व विधिक शिविर: जेल अदालत में इस बार किसी मामले का निष्पादन तो नहीं हो सका, लेकिन जागरूकता शिविर में बंदियों को उनके कानूनी अधिकारों से अवगत कराया गया। विशेषकर सजायाफ्ता कैदियों को अपील की प्रक्रिया, पीआर बॉन्ड और डीएलएसए के माध्यम से मिलने वाली 'निःशुल्क कानूनी सहायता' की विस्तृत जानकारी दी गई।

​इस अवसर पर मुख्य रूप से DLSA सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी, एलएडीसी सदस्य मुरली राणा, नेहा अंजुम, जेल अधीक्षक चंद्रशेखर प्रसाद सुमन और जेलर अंजय श्रीवास्तव उपस्थित रहे।

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Barkatha: चेचकपी में DLSA ने चलाया विधिक जागरूकता अभियान, ग्रामीणों को दी मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी!

 

​⚖️ बरकठा: चेचकपी में DLSA ने चलाया विधिक जागरूकता अभियान, ग्रामीणों को दी मुफ्त कानूनी सहायता की जानकारी

हजारीबाग (बरकठा): समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय और कानूनी सहायता पहुँचाने के उद्देश्य से जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (DLSA), हजारीबाग के तत्वावधान में शुक्रवार (19 जून) को एक विशेष विधिक जागरूकता अभियान चलाया गया। यह कार्यक्रम बरकठा प्रखंड के चेचकपी पंचायत स्थित उत्क्रमित मध्य विद्यालय, चेचकपी में आयोजित किया गया, जो DLSA के 90 दिवसीय विशेष जागरूकता आउटरीच कार्यक्रम का एक मुख्य हिस्सा है।

Barkatha: chechkapi mein DLSA ne chalaya vidhik jagrukta abhiyan, graminon ko di muft kanooni sahayata ki jankari!

💼 'मुफ्त कानूनी सहायता' (Free Legal Aid) पर विशेष चर्चा

​कार्यक्रम के दौरान उपस्थित ग्रामीणों को उनके मौलिक कानूनी अधिकारों और कर्तव्यों के बारे में विस्तार से समझाया गया। विधिक विशेषज्ञों ने विशेष रूप से निःशुल्क विधिक सहायता (Free Legal Aid) योजना की जानकारी देते हुए बताया कि:

  • ​समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लोग, महिलाएं, बच्चे, अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के नागरिक या कोई भी अन्य पात्र व्यक्ति कोर्ट-कचहरी के मामलों के लिए DLSA के माध्यम से पूरी तरह मुफ्त कानूनी सहायता और सरकारी वकील प्राप्त कर सकते हैं।
  • ​इसके लिए उन्हें किसी भी प्रकार की फीस देने की आवश्यकता नहीं होती है।

​📋 सरकारी योजनाओं की जानकारी और ग्रामीणों के सवालों का समाधान

​जागरूकता अभियान के तहत ग्रामीणों को विभिन्न जन-कल्याणकारी सरकारी योजनाओं और विधिक सेवाओं के बारे में भी जागरूक किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित ग्रामीण महिलाओं और पुरुषों ने बेहद रुचि दिखाते हुए कानूनी विषयों से जुड़े कई पेचीदा सवाल पूछे, जिनका मौके पर मौजूद विधिक टीम द्वारा अत्यंत सरल भाषा में समाधान किया गया।

​👥 कार्यक्रम में ये रहे मुख्य रूप से मौजूद

​ग्रामीणों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करने के इस विशेष अभियान में मुख्य रूप से अधिकार मित्र संतोष कुमार, कुमारी प्रीति रानी, मुन्नी कुमारी और किशोर साव सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण महिला एवं पुरुष उपस्थित रहे।

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हजारीबाग: चलकुसा के चौबे पंचायत में कानूनी जागरूकता शिविर, जानें कैसे बिना एक भी रुपया खर्च किए मिलता है सरकारी वकील

90 दिवसीय आउटरीच अभियान: आपसी विवादों को बातचीत से सुलझाने पर जोर, साइबर क्राइम और बाल विवाह के खिलाफ ग्रामीणों को किया सचेत

विशेष संवाददाता, हजारीबाग

हजारीबाग:

झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JALSA) के निर्देश पर हजारीबाग जिले में आम लोगों को उनके अधिकारों के प्रति सजग बनाने के लिए 90 दिवसीय विशेष कानूनी जागरूकता आउटरीच कार्यक्रम चलाया जा रहा है। यह महाभियान प्रधान जिला न्यायाधीश-सह-अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), हजारीबाग ध्रुव चंद्र मिश्रा के मार्गदर्शन और प्राधिकार के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी की सीधी निगरानी में सुदूर ग्रामीण इलाकों तक पहुंच रहा है।

हजारीबाग के चलकुसा प्रखंड अंतर्गत चौबे पंचायत में ग्रामीणों को मुफ्त कानूनी अधिकारों की जानकारी देते DLSA के अधिकार मित्र।

इसी कड़ी में आज सोमवार (1 जून 2026) को चलकुसा प्रखंड के चौबे पंचायत में एक विशेष विधिक शिविर का आयोजन किया गया, जहां प्रशिक्षित अधिकार मित्रों ने ग्रामीणों को कानून की बारीकियों और मुफ्त मिलने वाली सरकारी योजनाओं की जानकारी दी।

मुफ्त वकील और बिना खर्च के मुकदमों का निपटारा

​शिविर को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने ग्रामीणों को बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार एक ऐसा मंच है, जहां किसी भी सुलहनीय (Compandable) मामले को दोनों पक्षों की आपसी सहमति और बातचीत के जरिए हमेशा के लिए खत्म किया जा सकता है।

​सबसे खास बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया के लिए आम जनता को कोई शुल्क नहीं देना पड़ता है। विधिक प्राधिकार के माध्यम से होने वाले सभी कार्य पूरी तरह त्वरित और निशुल्क होते हैं। शिविर में यह भी साफ किया गया कि जो लोग आर्थिक रूप से कमजोर हैं और कोर्ट में अपना पक्ष रखने के लिए प्राइवेट वकील की फीस नहीं दे सकते, उन्हें DLSA की ओर से निशुल्क सरकारी अधिवक्ता (वकील) उपलब्ध कराया जाता है।

साइबर क्राइम और सामाजिक कुरीतियों पर गंभीर चर्चा

​चौबे पंचायत के इस शिविर में केवल अदालती मामलों ही नहीं, बल्कि दैनिक जीवन से जुड़े गंभीर विषयों पर भी चर्चा हुई। अधिकार मित्रों ने ग्रामीणों को वर्तमान दौर के सबसे बड़े खतरे यानी साइबर क्राइम (Cyber Crime) से बचने के तरीके बताए। इसके साथ ही:

  • ​मोटर वाहन दुर्घटना और पीड़ित मुआवजा नियमावली
  • ​महिला उत्पीड़न और घरेलू हिंसा के खिलाफ अधिकार
  • ​बाल विवाह और बाल श्रम जैसी सामाजिक कुरीतियों के दुष्परिणाम
  • ​नशीले पदार्थों के सेवन के खिलाफ कानूनी प्रावधान

​इन सभी संवेदनशील विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई। ग्रामीणों ने भी इस सत्र में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और अपने आपसी पारिवारिक या जमीन से जुड़े विवादों को कोर्ट ले जाने के बजाय प्राधिकार के मध्यस्थता केंद्र (Mediation Centre) में बैठकर सुलझाने का संकल्प लिया। इस मौके पर मुख्य रूप से अधिकार मित्र नरेश कुमार, नवाब फैजल सहित भारी संख्या में ग्रामीण महिला व पुरुष उपस्थित थे।

जनता के लिए जरूरी गाइडलाइन (Public Advisory / Help)

​📌 न्यूज प्रहरी की खास सलाह: कैसे लें मुफ्त कानूनी मदद?

अगर आपका कोई आपसी विवाद है या आप आर्थिक तंगी के कारण कोर्ट में केस नहीं लड़ पा रहे हैं, तो सीधे हजारीबाग व्यवहार न्यायालय (Court) परिसर में स्थित जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) कार्यालय में जाकर संपर्क कर सकते हैं। वहां आपको मुफ्त कानूनी सलाह के साथ-साथ केस लड़ने के लिए निशुल्क वकील के आवेदन की पूरी प्रक्रिया बताई जाएगी। किसी भी बिचौलिए के झांसे में न आएं।

संपादकीय टिप्पणी: विधिक जागरूकता की जमीनी जरूरत (Editorial)

सुलह और शांति का सबसे सुलभ माध्यम है 'DLSA'

भारत की न्याय प्रणाली में मुकदमों का बोझ और तारीख-पर-तारीख का लंबा सिलसिला किसी से छुपा नहीं है। ऐसे में गरीब और ग्रामीण आबादी के लिए कानूनी लड़ाई लड़ना मानसिक और आर्थिक रूप से बेहद थका देने वाला होता है। हजारीबाग में चलाया जा रहा यह 90 दिवसीय आउटरीच कार्यक्रम ग्रामीण इलाकों में कानूनी साक्षरता बढ़ाने की दिशा में एक मील का पत्थर साबित हो सकता है।

​चौबे पंचायत जैसे सुदूर क्षेत्रों में जाकर लोगों को मध्यस्थता केंद्र और मुफ्त वकील के बारे में बताना सीधे तौर पर उन्हें सशक्त करना है। हालांकि, इस अभियान की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि शिविर के बाद जब ग्रामीण अपनी शिकायतें लेकर मध्यस्थता केंद्र पहुंचें, तो उन्हें वहां त्वरित न्याय मिले और प्रक्रिया जटिल न हो। डिजिटल युग में साइबर अपराधों पर ग्रामीणों को सचेत करना भी एक बेहतरीन और समय के अनुकूल कदम है।

रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
समाचार स्रोत (Source): आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), हजारीबाग


हजारीबाग: 9 मई को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, बैंक रिकवरी और लंबित मामलों के निपटारे को लेकर पीडीजे ने कसी कमर

हजारीबाग: 9 मई को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, बैंक रिकवरी और लंबित मामलों के निपटारे को लेकर पीडीजे ने कसी कमर

प्रधान जिला जज रंजीत कुमार ने बैंक अधिकारियों के साथ की उच्चस्तरीय बैठक; आपसी सहमति से मुकदमों के बोझ को कम करने की तैयारी।

 नरेश सोनी न्यूज़ प्रहरी प्रधान संपादक.

हजारीबाग: आम जनता को त्वरित और सुलभ न्याय प्रदान करने की दिशा में हजारीबाग व्यवहार न्यायालय में आगामी 9 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन किया जा रहा है। जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) द्वारा इसकी तैयारियां युद्धस्तर पर की जा रही हैं। इस विशेष अदालत में अधिक से अधिक वादों के निष्पादन को सुनिश्चित करने के लिए सोमवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (PDJ) रंजीत कुमार की अध्यक्षता में विभिन्न बैंकों के उच्चाधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक संपन्न हुई।

PDJ Ranjit Kumar 

बैंकों के साथ रिकवरी और निष्पादन पर चर्चा बैठक के दौरान प्रधान जिला जज रंजीत कुमार ने बैंकों से जुड़े लंबित मुकदमों और लोन रिकवरी के मामलों पर विशेष ध्यान केंद्रित किया। उन्होंने बैंक पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे लोक अदालत के माध्यम से बैंक और ग्राहकों के बीच के विवादों को आपसी सहमति से सुलझाने का प्रयास करें। PDJ ने कहा कि लोक अदालत एक ऐसा मंच है जहाँ बिना किसी कानूनी उलझन के दोनों पक्ष जीत की स्थिति में होते हैं।

इन बैंकों के पदाधिकारी रहे मौजूद न्यायिक और बैंकिंग सेक्टर के बीच हुए इस संवाद में जिले के लगभग सभी प्रमुख बैंकों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में मुख्य रूप से:

  • जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव: डॉ. रवि प्रकाश तिवारी

  • विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि: एसबीआई के राम भगत, जेएससीबी के जीतेश कुमार, यूनियन बैंक के विजय प्रकाश कुजूर, बैंक ऑफ महाराष्ट्र के रवीश रंजन, एलडीएम किशोर कुमार, पंजाब एंड सिंध बैंक के राकेश कुमार, बैंक ऑफ बड़ौदा के जितेंद्र साव, यूको बैंक के अंशु वर्मा, आईडीबीआई की काजल कुमारी और केनरा बैंक की माधुरी कुमारी उपस्थित रहीं।

जनता के लिए सुनहरा अवसर विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने बताया कि लोक अदालत में न केवल बैंक ऋण मामले, बल्कि बिजली बिल विवाद, चेक बाउंस, वैवाहिक विवाद और राजस्व संबंधी मामलों का भी निपटारा किया जाएगा। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने पुराने विवादों को हमेशा के लिए खत्म करने हेतु 9 मई को होने वाली इस लोक अदालत का लाभ उठाएं।

प्रशासन और न्यायपालिका का लक्ष्य है कि इस बार रिकॉर्ड संख्या में मामलों का ऑन-द-स्पॉट सेटलमेंट किया जाए ताकि कोर्ट पर बढ़ते मुकदमों के बोझ को कम किया जा सके।

हजारीबाग सिविल कोर्ट: मासिक लोक अदालत में 82 मामलों का निष्पादन, 1.34 करोड़ से अधिक की राशि पर बनी सहमति

हजारीबाग सिविल कोर्ट: मासिक लोक अदालत में 82 मामलों का निष्पादन, 1.34 करोड़ से अधिक की राशि पर बनी सहमति

चेक बाउंस के मामलों में हुई रिकॉर्ड वसूली; 9 मई को आयोजित होगी 'नेशनल लोक अदालत', तैयारी शुरू।

हजारीबाग : आम नागरिकों को सस्ता और सुलभ न्याय दिलाने के उद्देश्य से हजारीबाग सिविल कोर्ट परिसर में शनिवार को 'मासिक लोक अदालत' का आयोजन किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार के मार्गदर्शन और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के तत्वावधान में आयोजित इस अदालत में सुलह-समझौते के आधार पर करोड़ों रुपये के वादों का निपटारा किया गया।

Masik lok Adalat

चेक बाउंस के मामलों का रहा दबदबा

इस लोक अदालत में कुल 82 मामलों का निष्पादन आपसी सहमति से किया गया। इस दौरान कुल 1 करोड़ 34 लाख 97 हजार 870 रुपये के सेटलमेंट पर पक्षकारों के बीच सहमति बनी। आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक सफलता एनआई एक्ट (चेक बाउंस) के मामलों में मिली, जहां 51 मुकदमों का निपटारा हुआ। अकेले चेक बाउंस के मामलों में 1 करोड़ 31 लाख 51 हजार 52 रुपये की राशि पर समझौता हुआ।

बिजली और बैंक रिकवरी के मामलों में भी राहत

लोक अदालत में विभिन्न श्रेणियों के मामलों को सुलझाया गया:

बिजली विभाग: कुल 27 मामलों का निपटारा हुआ, जिससे सरकार को 2 लाख 32 हजार रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई।

बैंक रिकवरी: बैंक ऋण से संबंधित 2 महत्वपूर्ण मामलों को निष्पादित किया गया।

आपराधिक मामले: सुलहनीय प्रकृति के एक आपराधिक मामले को भी आपसी समझौते से बंद किया गया।

9 मई को लगेगी नेशनल लोक अदालत

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने जानकारी दी कि मासिक लोक अदालत की सफलता के बाद अब 9 मई को भव्य 'नेशनल लोक अदालत' का आयोजन किया जाएगा। प्रधान जिला जज रंजीत कुमार के निर्देशानुसार, समाज के अंतिम व्यक्ति तक कानूनी मदद पहुंचाने के लिए संबंधित विभागों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। नेशनल लोक अदालत के लिए पक्षकारों को नोटिस और सूचनाएं भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।

इस सफल आयोजन में न्यायिक पदाधिकारियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, हजारीबाग बार संघ के सदस्यों और सिविल कोर्ट के कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

Hazaribagh: भीषण गर्मी में राहगीरों के लिए 'संबल' बना विधिक सेवा प्राधिकार; बस स्टैंड पर पिलाया शुद्ध पानी, लोक अदालत के प्रति किया जागरूक

Hazaribagh: भीषण गर्मी में राहगीरों के लिए 'संबल' बना विधिक सेवा प्राधिकार; बस स्टैंड पर पिलाया शुद्ध पानी, लोक अदालत के प्रति किया जागरूक

मानवता और न्याय का संगम: पीडीजे रंजीत कुमार के निर्देश पर बस स्टैंड में चलाया गया सेवा अभियान, निःशुल्क कानूनी सहायता की भी दी गई जानकारी।

हजारीबाग (न्यूज़ प्रहरी डेस्क)।

राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (NALSA) और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (JALSA) के निर्देशानुसार, जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), हजारीबाग ने शुक्रवार को एक सराहनीय मानवीय पहल की। हजारीबाग जिला के सरकारी बस स्टैंड पर भीषण गर्मी और चिलचिलाती धूप से परेशान राहगीरों के बीच शुद्ध पेयजल का वितरण किया गया।

Pani Vitran Karte

​यह कार्यक्रम प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष (DLSA), रंजीत कुमार की देखरेख में आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य सेवा के साथ-साथ आमजन को कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करना था।

Pani Vitran Karte dusri photo

सेवा के साथ 'न्याय' की जानकारी

​पेयजल वितरण के दौरान अधिकार मित्र विकास कुमार पांडे और दीपक कुमार ने बस स्टैंड पर मौजूद यात्रियों और स्थानीय लोगों को जिला विधिक सेवा प्राधिकार की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया। लोगों को जागरूक करते हुए कहा गया कि DLSA समाज के कमजोर वर्गों को नि:शुल्क एवं त्वरित न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। विशेष रूप से यह जानकारी दी गई कि कैसे दो पक्षों के बीच आपसी विवादों को बिना किसी अदालती जटिलता के, केवल बातचीत के जरिए सुलझाया जा सकता है।

9 मई को नेशनल लोक अदालत का निमंत्रण

​अभियान के दौरान आगामी 9 मई 2026 को आयोजित होने वाली 'नेशनल लोक अदालत' पर विशेष जोर दिया गया। लोगों को बताया गया कि:

  • ​सुलहनीय (Compromisable) मामलों को दोनों पक्षों की सहमति से एक ही दिन में समाप्त किया जा सकता है।
  • ​इससे समय और धन दोनों की बचत होती है।
  • ​लोक अदालत के फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं होती, जिससे विवाद का स्थायी समाधान हो जाता है।

डीएलएसए सचिव का संदेश

​इस पहल के बारे में जानकारी देते हुए डीएलएसए सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने कहा, "बढ़ती गर्मी और लू की स्थिति को देखते हुए राहगीरों को राहत पहुँचाने के उद्देश्य से यह जल वितरण कार्यक्रम शुरू किया गया है। मानवता की सेवा सर्वोपरि है और हमारा प्रयास है कि न्याय की जानकारी के साथ-साथ हम आमजन की मूलभूत जरूरतों में भी सहभागी बनें।" उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह सेवा अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।

निष्कर्ष:

सरकारी बस स्टैंड जैसे सार्वजनिक स्थलों पर इस प्रकार के आयोजनों से न केवल आम लोगों को गर्मी से राहत मिली, बल्कि उन्हें घर बैठे कानूनी सहायता प्राप्त करने के सरल तरीकों की जानकारी भी प्राप्त हुई।

प्रस्तुति: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग।

रिपोर्ट: न्यूज़ प्रहरी डेस्क।

हजारीबाग सिविल कोर्ट में 9 मई को लगेगी 'नेशनल लोक अदालत', पीडीजे ने पुलिस अधिकारियों को दिए लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के निर्देश

 हजारीबाग सिविल कोर्ट में 9 मई को लगेगी 'नेशनल लोक अदालत', पीडीजे ने पुलिस अधिकारियों को दिए लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन के निर्देश

सुलहनीय वादों पर फोकस: वन, उत्पाद और बिजली विभाग से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए पुलिस और विधिक सेवा प्राधिकार ने कसी कमर।

हजारीबाग।

आमजन को त्वरित और सुलभ न्याय दिलाने की दिशा में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), हजारीबाग ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। आगामी 9 मई को हजारीबाग सिविल कोर्ट परिसर में 'नेशनल लोक अदालत' का भव्य आयोजन होने जा रहा है। इस महत्वपूर्ण आयोजन की सफलता सुनिश्चित करने के लिए शुक्रवार को प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश (PDJ) रंजीत कुमार ने पुलिस विभाग के वरीय पदाधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की।

पुलिस और प्रशासन को एक ठोस कार्ययोजना बनाने और आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया

समन्वय से मिलेगा आमजन को लाभ

बैठक को संबोधित करते हुए पीडीजे रंजीत कुमार ने स्पष्ट किया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य पक्षकारों के बीच आपसी सहमति से मामलों का निपटारा करना है। उन्होंने कहा, "वैसे मामले जो सुलहनीय वादों (Compromisable Cases) की श्रेणी में आते हैं, उनमें शामिल पक्षकारों से व्यक्तिगत संपर्क स्थापित करना आवश्यक है।" न्यायाधीश ने पुलिस और प्रशासन को एक ठोस कार्ययोजना बनाने और आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश दिया ताकि अधिक से अधिक लोगों को इस मंच का लाभ मिल सके।

पीडीजे ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया

इन विशेष मामलों पर रहेगा जोर

बैठक के दौरान पीडीजे ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्राथमिकता के आधार पर लंबित मामलों को चिन्हित करें। विशेष रूप से निम्नलिखित श्रेणियों पर विशेष ध्यान देने को कहा गया है:

वन विभाग (Forest Department) से जुड़े मामले

उत्पाद विभाग (Excise) के वाद

मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) के उल्लंघन

बिजली विभाग (Electricity) से संबंधित विवाद

उन्होंने पुलिस को निर्देशित किया कि इन मामलों में जल्द-से-जल्द आरोप पत्र (Charge Sheet) समर्पित कर न्यायालय भेजें, ताकि लोक अदालत के दिन इनका निष्पादन सुगमता से हो सके।

समस्याओं का होगा समाधान

विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने भी बैठक में अपनी बात रखी। पीडीजे ने स्पष्ट किया कि यदि पुलिस पदाधिकारियों को नोटिस तामिला या प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है, तो वे सीधे सचिव से संपर्क कर समाधान पा सकते हैं। बैठक में पुलिस पदाधिकारियों ने भी अपनी चुनौतियों को साझा किया, जिसे न्यायाधीश ने गंभीरता से सुना और उनके त्वरित निराकरण का आश्वासन दिया।

बैठक में ये रहे मौजूद

इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी, जिला वन पदाधिकारी (पश्चिमी डिवीजन) मोहित कुमार बंसल, एडिशनल एसपी हजारीबाग अमित कुमार, इंस्पेक्टर अनिल कुमार, सदर महिला थाना प्रभारी विंध्यवासिनी कुमारी सिन्हा, लोहसिंघना थाना प्रभारी निशांत केरकेट्टा सहित जिले के लगभग सभी थानों के प्रभारी उपस्थित थे।

निष्कर्ष:

9 मई की नेशनल लोक अदालत उन लोगों के लिए एक सुनहरा अवसर है जो वर्षों से कोर्ट-कचहरी के चक्कर काट रहे हैं। हजारीबाग जिला प्रशासन और न्यायालय की यह सक्रियता संकेत देती है कि इस बार रिकॉर्ड स्तर पर मामलों का समझौता कराया जाएगा।

नोट: यदि आप अपने मामले को लोक अदालत में रखना चाहते हैं, तो अविलंब हजारीबाग जिला विधिक सेवा प्राधिकार के कार्यालय से संपर्क कर सकते हैं।

हजारीबाग: 9 मई को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, सुलह के आधार पर मुकदमों से छुटकारा पाने का सुनहरा मौका

हजारीबाग: 9 मई को लगेगी राष्ट्रीय लोक अदालत, सुलह के आधार पर मुकदमों से छुटकारा पाने का सुनहरा मौका

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार ने अधिवक्ताओं और न्यायिक पदाधिकारियों के साथ की बैठक; अधिक से अधिक मामलों के निष्पादन का लक्ष्य।

 

 हजारीबाग: राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार (NALSA) और झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (JHALSA) के निर्देशानुसार, आगामी

न्यायाधीश ने की उच्च स्तरीय बैठक मंगलवार को हजारीबाग के माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह चेयरमैन (DLSA), रंजीत कुमार ने अधिवक्ताओं और न्यायिक पदाधिकारियों के साथ अलग-अलग महत्वपूर्ण बैठकें कीं। बैठक के दौरान उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी को पक्षकारों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कई आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

9 मई को हजारीबाग सिविल कोर्ट परिसर में राष्ट्रीय लोक अदालत का भव्य आयोजन होने जा रहा है
 

न्यायाधीश महोदय ने जोर देकर कहा कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लंबित मामलों का त्वरित और सुलभ निष्पादन करना है। उन्होंने न्यायिक पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे सुलहनीय वादों को चिन्हित कर संबंधित पक्षकारों को अविलंब नोटिस भेजने की प्रक्रिया सुनिश्चित करें।

अधिवक्ताओं से सहयोग की अपील हजारीबाग बार संघ के कार्यकारी अध्यक्ष राजकुमार और सचिव सुमन कुमार सिंह सहित कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं के साथ हुई बैठक में न्यायाधीश ने आह्वान किया कि वे अपने मुवक्किलों को लोक अदालत के लाभों के बारे में बताएं। लोक अदालत में मामलों के निपटारे से न केवल समय की बचत होती है, बल्कि आपसी सौहार्द भी बना रहता है।

कैसे करें आवेदन? वैसे पक्षकार जो अपने लंबित मामलों को आपसी समझौते या सुलह के आधार पर समाप्त करना चाहते हैं, वे किसी भी कार्य दिवस पर संबंधित न्यायालय में आवेदन दे सकते हैं। आवेदन के साथ पक्षकारों को निम्नलिखित दस्तावेज संलग्न करने होंगे:

  • लोक अदालत आवेदन का निर्धारित फॉर्मेट।

  • पहचान पत्र की छाया प्रति (जैसे- वोटर आईडी, पैन कार्ड, आदि)।

  • संबंधित वाद की जानकारी और पक्षकारों के हस्ताक्षर।

अपील: प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार ने हजारीबाग जिले के समस्त नागरिकों से अपील की है कि वे 9 मई को आयोजित होने वाली इस राष्ट्रीय लोक अदालत में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और अपने लंबे समय से चल रहे विवादों को हमेशा के लिए समाप्त कराएं।  

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