हजारीबाग सिविल कोर्ट: मासिक लोक अदालत में 82 मामलों का निष्पादन, 1.34 करोड़ से अधिक की राशि पर बनी सहमति
चेक बाउंस के मामलों में हुई रिकॉर्ड वसूली; 9 मई को आयोजित होगी 'नेशनल लोक अदालत', तैयारी शुरू।
हजारीबाग : आम नागरिकों को सस्ता और सुलभ न्याय दिलाने के उद्देश्य से हजारीबाग सिविल कोर्ट परिसर में शनिवार को 'मासिक लोक अदालत' का आयोजन किया गया। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार के मार्गदर्शन और जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) के तत्वावधान में आयोजित इस अदालत में सुलह-समझौते के आधार पर करोड़ों रुपये के वादों का निपटारा किया गया।
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| Masik lok Adalat |
चेक बाउंस के मामलों का रहा दबदबा
इस लोक अदालत में कुल 82 मामलों का निष्पादन आपसी सहमति से किया गया। इस दौरान कुल 1 करोड़ 34 लाख 97 हजार 870 रुपये के सेटलमेंट पर पक्षकारों के बीच सहमति बनी। आंकड़ों के अनुसार, सबसे अधिक सफलता एनआई एक्ट (चेक बाउंस) के मामलों में मिली, जहां 51 मुकदमों का निपटारा हुआ। अकेले चेक बाउंस के मामलों में 1 करोड़ 31 लाख 51 हजार 52 रुपये की राशि पर समझौता हुआ।
बिजली और बैंक रिकवरी के मामलों में भी राहत
लोक अदालत में विभिन्न श्रेणियों के मामलों को सुलझाया गया:
बिजली विभाग: कुल 27 मामलों का निपटारा हुआ, जिससे सरकार को 2 लाख 32 हजार रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई।
बैंक रिकवरी: बैंक ऋण से संबंधित 2 महत्वपूर्ण मामलों को निष्पादित किया गया।
आपराधिक मामले: सुलहनीय प्रकृति के एक आपराधिक मामले को भी आपसी समझौते से बंद किया गया।
9 मई को लगेगी नेशनल लोक अदालत
जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी ने जानकारी दी कि मासिक लोक अदालत की सफलता के बाद अब 9 मई को भव्य 'नेशनल लोक अदालत' का आयोजन किया जाएगा। प्रधान जिला जज रंजीत कुमार के निर्देशानुसार, समाज के अंतिम व्यक्ति तक कानूनी मदद पहुंचाने के लिए संबंधित विभागों के साथ लगातार बैठकें की जा रही हैं। नेशनल लोक अदालत के लिए पक्षकारों को नोटिस और सूचनाएं भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
इस सफल आयोजन में न्यायिक पदाधिकारियों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों, हजारीबाग बार संघ के सदस्यों और सिविल कोर्ट के कर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

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