-->
होम राशिफल
YouTube
ई-पेपर राज्य चुनें
✥ Drag to Move
▶ WATCH
EDITOR: NARESH PRASAD SONI
--:--
...
🌤
--°C
Showing posts with label Braking News. Show all posts
Showing posts with label Braking News. Show all posts

हजारीबाग: चौपारण के जंगलों में अफीम की खेती पर सर्जिकल स्ट्राइक, ड्रोन की मदद से 2 एकड़ फसल नष्ट

हजारीबाग: चौपारण के जंगलों में अफीम की खेती पर सर्जिकल स्ट्राइक, ड्रोन की मदद से 2 एकड़ फसल नष्ट

नशे के सौदागरों पर पुलिस का प्रहार: खेरीगाड़ा के दुर्गम इलाकों में लहलहा रही अफीम की खेती जमींदोज
"चौपारण के खेरीगाड़ा जंगल में अफीम की फसल को नष्ट करते पुलिस और वन विभाग के अधिकारी।"

हजारीबाग: जिले में अवैध मादक पदार्थों की खेती और तस्करी के खिलाफ हजारीबाग पुलिस ने एक बार फिर कड़ा रुख अख्तियार किया है। गुरुवार, 26 फरवरी 2026 को मिली गुप्त सूचना के आधार पर चौपारण थाना क्षेत्र के देहर पंचायत अंतर्गत 'खेरीगाड़ा' के घने जंगलों में एक बड़ा संयुक्त अभियान चलाया गया। इस कार्रवाई में पुलिस और वन विभाग की टीम ने लगभग 2 एकड़ क्षेत्र में अवैध रूप से लगाई गई अफीम की फसल को पूरी तरह नष्ट कर दिया।

ड्रोन तकनीक का हुआ इस्तेमाल

प्रशासन के लिए इन दुर्गम इलाकों तक पहुंचना एक बड़ी चुनौती थी। पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार, इस बार दुर्गम और पहाड़ी क्षेत्रों में छिपी अफीम की खेती को चिन्हित करने के लिए ड्रोन कैमरों का सहारा लिया गया। ड्रोन की मदद से सटीक लोकेशन मिलते ही पुलिस बल और वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर फसल को विनष्ट किया।

मौके से बरामदगी और आगे की कार्रवाई

अभियान के दौरान घटनास्थल से अफीम की खेती में सिंचाई के लिए उपयोग किए जा रहे 4 डिलीवरी पाइप भी बरामद किए गए, जिन्हें मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। फिलहाल पुलिस अवैध खेती करने वाले मुख्य आरोपियों के नाम और पते का सत्यापन कर रही है। दोषियों की पहचान होते ही उनके विरुद्ध एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

टीम में शामिल अधिकारी

इस संयुक्त अभियान का नेतृत्व बरही एसडीपीओ श्री अजीत कुमार बिमल ने किया। टीम में एसआई सुबिन्दर राम, एसआई दिव्य प्रकाश, सशस्त्र पुलिस बल, वनपाल सरवन कुमार और जैनेन्द्र कुमार सहित कई अन्य अधिकारी व कर्मी शामिल थे। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ इसी तरह के सख्त अभियान जारी रहेंगे।

हजारीबाग के पगार बिरहोर टोला में मेगा हेल्थ कैंप: 117 परिवारों की हुई डिजिटल जांच, बांटी गई दवाइयां

हजारीबाग के पगार बिरहोर टोला में मेगा हेल्थ कैंप: 117 परिवारों की हुई डिजिटल जांच, बांटी गई दवाइयां

उपायुक्त की पहल: बिरहोर समुदाय के स्वास्थ्य की सुरक्षा के लिए प्रशासन अलर्ट, एनटीपीसी टीम ने किया परीक्षण
केरेडारी के पगार बिरहोर टोला में स्वास्थ्य जांच करते चिकित्सक और उपस्थित प्रशासनिक अधिकारी।

हजारीबाग: जिला प्रशासन अब आदिम जनजाति बिरहोर समुदाय के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर पूरी तरह गंभीर नजर आ रहा है। उपायुक्त श्री शशि प्रकाश सिंह के विशेष दिशा-निर्देश पर हजारीबाग जिले के केरेडारी प्रखंड अंतर्गत पगार बिरहोर टोला में एक विशाल 'मेगा हेल्थ कैंप' का आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य खनन प्रभावित क्षेत्रों में रह रहे बिरहोर परिवारों की सेहत की सटीक निगरानी करना है।

117 परिवारों का हुआ गहन स्वास्थ्य परीक्षण

शिविर के दौरान कुल 117 बिरहोर परिवार के सदस्यों की स्वास्थ्य जांच की गई। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (केरेडारी) और एनटीपीसी की संयुक्त मेडिकल टीम ने आधुनिक उपकरणों की मदद से प्रत्येक व्यक्ति का ब्लड सैंपल लिया। साथ ही, संभावित बीमारियों की पहचान के लिए मौके पर ही एक्स-रे जांच भी सुनिश्चित की गई। जांच के उपरांत डॉक्टरों द्वारा मरीजों के बीच आवश्यक दवाइयों का निशुल्क वितरण किया गया।

पोषण पर विशेष ध्यान: बांटे गए अंडा और गुड़

केवल इलाज ही नहीं, बल्कि बिरहोर समुदाय की इम्युनिटी बढ़ाने के लिए प्रशासन ने पोषण आहार पर भी जोर दिया। शिविर में उपस्थित सभी सदस्यों को पोषण पूर्ति के लिए अंडा और गुड़ प्रदान किया गया। उपायुक्त ने पहले ही एनटीपीसी और प्रखंड प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि चट्टी बरियातू कोल खनन परियोजना के आसपास रहने वाले इस समुदाय पर प्रदूषण या अन्य कारणों से कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े।

प्रशासनिक सक्रियता और मूलभूत सुविधाएं

मौके पर मौजूद अंचल अधिकारी राम रतन कुमार वर्णवाल ने कहा कि प्रशासन बिरहोर परिवारों को न केवल बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं, बल्कि शुद्ध पेयजल, पक्का आवास और पौष्टिक भोजन जैसी सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। इस कार्यक्रम में मुखिया झरी लाल महतो, पंचायत सचिव शिव कुमार, डॉ. विनय कुमार और कई स्थानीय गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त, डॉक्टर और मरीज सहित सात लोगों की दर्दनाक मौत

रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त, डॉक्टर और मरीज सहित सात लोगों की दर्दनाक मौत

Ranchi : झारखण्ड की राजधानी रांची से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड की एक मेडिकल फ्लाइट के दुर्घटनाग्रस्त होने की अत्यंत हृदयविदारक और शोकाकुल खबर सामने आई है। इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों के काल के गाल में समा जाने की गहरी आशंका जताई गई है। प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सी-नाइनटी मॉडल के इस चार्टर्ड विमान (पंजीकरण संख्या वीटी-एजेवी) ने बीते तेईस फरवरी की शाम साढ़े पांच बजे रांची से उड़ान भरी थी। नियत कार्यक्रम के तहत इस जीवनरक्षक उड़ान को रात साढ़े आठ बजे दिल्ली पहुंचना था, लेकिन बीच रास्ते में ही नियति के क्रूर प्रहार ने इस सफर को एक खौफनाक त्रासदी में बदल दिया।

"रांची से दिल्ली की उड़ान के दौरान रेडबर्ड एयरवेज का सी-नाइनटी विमान हादसे का शिकार हुआ, जिसमें सात लोगों की जान चली गई।"

"रांची से दिल्ली उड़ान भरने वाली रेडबर्ड एविएशन की मेडिकल फ्लाइट VT-AJV"

इस आपातकालीन चिकित्सा उड़ान में कुल सात लोग सवार थे, जो एक झटके में इस भीषण दुर्घटना का शिकार हो गए। विमान के कॉकपिट और उड़ान के कुशल संचालन की पूरी जिम्मेदारी अनुभवी कैप्टन विवेक विकास भगत और उनके सहयोगी कैप्टन सवरजीत सिंह के कंधों पर थी। इनके अतिरिक्त, विमान के केबिन में मरीज संजय कुमार अपनी जिंदगी की आस लिए बेहतर इलाज हेतु दिल्ली जा रहे थे। इस घोर संकट की घड़ी में उनका संबल बनकर उनके स्वजन अर्चना देवी और धूरू कुमार भी उनके साथ इस अभागी उड़ान में सफर कर रहे थे। हवा में मरीज की गहन चिकित्सा निगरानी और आपातकालीन सहायता सुनिश्चित करने के लिए एक विशेषज्ञ मेडिकल टीम भी मुस्तैद थी, जिसमें होनहार डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता और समर्पित पैरामेडिक स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा शामिल थे। दुखद रूप से इनमें से कोई भी इस हादसे में बच नहीं सका।

दुर्घटना की भनक लगते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और त्वरित कार्रवाई करते हुए सघन तलाशी अभियान का शंखनाद कर दिया गया। राहत और बचाव कार्य से जुड़े दल युद्ध स्तर पर घटनास्थल के आस-पास शवों और विमान के बिखरे मलबे की खोजबीन में पूरी मुस्तैदी से जुटे हुए हैं। यह विदारक घटना विमानन सुरक्षा मानकों और आपातकालीन चिकित्सा उड़ानों में अंतर्निहित जोखिमों पर एक गंभीर विमर्श की आवश्यकता को जन्म देती है। फिलहाल पूरे देश और राज्य की आंखें इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं तथा इस अकल्पनीय दुख की घड़ी में सभी पीड़ित और शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।

हजारीबाग: किराए के भवनों से मुक्त होंगे आंगनबाड़ी केंद्र, आधारभूत सुदृढ़ीकरण के साथ अब सरकारी विद्यालयों में होगा संचालन

हजारीबाग: किराए के भवनों से मुक्त होंगे आंगनबाड़ी केंद्र, आधारभूत सुदृढ़ीकरण के साथ अब सरकारी विद्यालयों में होगा संचालन

​हजारीबाग जिले में नौनिहालों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और व्यवस्थित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब तक शहर और ग्रामीण अंचलों में किराए के भवनों में संचालित होने वाले सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को निकटतम सरकारी विद्यालयों के परिसरों में स्थानांतरित किया जाएगा।

"डीडीसी रिया सिंह समाहरणालय सभागार में निर्देश देते हुए"

इस वृहद परिवर्तन को अमलीजामा पहनाने के लिए शुक्रवार को उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के कड़े निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त रिया सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय भवन में एक उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक आहूत की गई। इस अहम बैठक में शिक्षा और समाज कल्याण विभाग के समन्वय पर जोर देते हुए संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों और महिला पर्यवेक्षिकाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत किए गए।
"डीडीसी रिया सिंह समाहरणालय सभागार में निर्देश देते हुए द्वीतिय फोटो"


​उप विकास आयुक्त रिया सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों का विद्यालयों में विलय न केवल संसाधनों का अनुकूलतम उपयोग सुनिश्चित करेगा, बल्कि इससे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण भी तैयार होगा। उन्होंने अधिकारियों व प्राचार्यों को निर्देशित किया कि विद्यालयों में उपलब्ध अतिरिक्त और रिक्त कक्षों को चिन्हित कर वहां आंगनबाड़ी केंद्रों को अविलंब प्रतिस्थापित किया जाए। इसके साथ ही, जिन विद्यालयों में पर्याप्त बुनियादी ढांचा और अतिरिक्त कक्ष उपलब्ध हैं, उनकी एक विस्तृत और प्रामाणिक रिपोर्ट प्रशासन को सौंपने का निर्देश दिया गया है ताकि स्थानांतरण की यह कवायद सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

​विद्यालयों के कायाकल्प और संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए प्रशासन ने एक पारदर्शी और आधुनिक प्रक्रिया अपनाने का भी निर्णय लिया है। उप विकास आयुक्त ने बताया कि सभी प्राचार्यों के साथ एक डिजिटल 'गूगल फॉर्म' साझा किया जाएगा। इस फॉर्म के माध्यम से विद्यालयों की वास्तविक आवश्यकताओं, जैसे— जर्जर भवनों की मरम्मत, नए कक्षा-कक्षों का निर्माण, किचेन शेड की स्थिति और बेंच-डेस्क की उपलब्धता का सघन आकलन किया जाएगा। प्राचार्यों द्वारा दी गई इस जानकारी का वरीय पदाधिकारियों की टीम द्वारा भौतिक सत्यापन होगा, जिसके उपरांत विद्यालयों में आवश्यक संसाधनों की परिपूर्ति के लिए त्वरित और समुचित पहल की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी शिप्रा सिन्हा, जिला शिक्षा अधीक्षक आकाश कुमार समेत तमाम महिला पर्यवेक्षिकाएं और विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे, जिन्होंने इस अभिनव पहल को जिले के शैक्षणिक विकास के लिए एक मील का पत्थर करार दिया।

© 2025 News Prahari. All Rights Reserved. | Reg No: JH-11-0021972