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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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हजारीबाग: SBMCH ब्लड बैंक में खून की भारी कमी, जिला प्रशासन ने की स्वैच्छिक रक्तदान की अपील, समाहरणालय में लगा शिविर

हजारीबाग: ब्लड बैंक में गहराया खून का संकट, जिला प्रशासन ने की स्वैच्छिक रक्तदान की अपील, समाहरणालय में शिविर आयोजित

हजारीबाग। शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल (SBMCH) के ब्लड बैंक में रक्त की भारी किल्लत को देखते हुए हजारीबाग जिला प्रशासन हरकत में आ गया है। स्थिति से निपटने और जरूरतमंद मरीजों को समय पर रक्त उपलब्ध कराने के उद्देश्य से बुधवार (5 अगस्त 2026) को समाहरणालय परिसर में स्वैच्छिक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें 06 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।

  • Source of Information: सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, समाहरणालय भवन, हजारीबाग (प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 508, दिनांक: 05.08.2026)


ब्लड बैंक में मांग की तुलना में बेहद कम है स्टॉक

​जिला प्रशासन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, वर्तमान में हजारीबाग ब्लड बैंक में रक्त की उपलब्धता कुल आवश्यकता की तुलना में बेहद चिंताजनक स्तर तक कम हो गई है।

​अस्पताल में प्रतिदिन:

  • ​सड़क दुर्घटनाओं में गंभीर रूप से घायल मरीजों
  • ​आपातकालीन सर्जरी (Emergency Surgery) और प्रसूति (Maternity Cases)
  • ​थैलेसीमिया, कैंसर व अन्य गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों

​के लिए बड़े पैमाने पर रक्त की जरूरत पड़ती है। पर्याप्त मात्रा में ब्लड स्टॉक न होने से गंभीर मरीजों और उनके परिजनों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

जिला प्रशासन की आमजन व संगठनों से मानवीय अपील

​रक्त की इस भारी कमी को दूर करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा समाहरणालय परिसर में निरंतर स्वैच्छिक रक्तदान अभियान संचालित किया जा रहा है। जिला प्रशासन ने जिले के:

  • ​सभी जनप्रतिनिधियों एवं समाजसेवियों
  • ​सामाजिक व स्वयंसेवी संगठनों (NGOs)
  • ​शिक्षण संस्थानों, औद्योगिक प्रतिष्ठानों व युवाओं
  • ​सरकारी एवं गैर-सरकारी कार्यालयों के पदाधिकारियों व कर्मचारियों

​से आगे आकर इस महादान और मानवीय अभियान में बढ़-चढ़कर स्वैच्छिक रक्तदान करने की भावुक अपील की है, ताकि किसी भी मरीज की जान समय पर खून न मिलने के कारण न जाए।

Source of Information: सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, समाहरणालय भवन, हजारीबाग ​से आगे आकर इस महादान और मानवीय अभियान में बढ़-चढ़कर स्वैच्छिक रक्तदान करने की भावुक अपील की है, ताकि किसी भी मरीज की जान समय पर खून न मिलने के कारण न जाए।(प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 508, दिनांक: 05.08.2026)

Hazaribagh News: खास महाल लीजधारियों के लिए बड़ी खबर, 15 अगस्त तक लीज नवीकरण आवेदन जमा करना अनिवार्य

 

Hazaribagh News: खास महाल लीजधारियों के लिए जिला प्रशासन का अंतिम अल्टीमेटम; 15 अगस्त तक आवेदन जमा करना अनिवार्य

हजारीबाग (News Prahari Desk): सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, समाहरणालय भवन हजारीबाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति (संख्या: 484/28.07.2026) के अनुसार, हजारीबाग खास महाल प्रकोष्ठ ने जिले के सभी खास महाल लीजधारियों और उनके वैध उत्तराधिकारियों के लिए एक अत्यंत महत्वपूर्ण सार्वजनिक सूचना जारी की है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिन लीजधारियों का लीज नवीकरण या नामांतरण लंबित है, वे 15 अगस्त 2026 तक आवश्यक दस्तावेजों के साथ अपना आवेदन अनिवार्य रूप से जमा करें।

Hazaribagh Khas Mahal Cell notice for lease renewal and mutation application submission by August 15

31 मार्च 2008 को समाप्त हो चुकी है अधिकांश लीज की अवधि

​हजारीबाग खास महाल क्षेत्र के नियमों के अनुसार, लीज भूमि का आवंटन प्रत्येक 30 वर्षों की अवधि के लिए नवीनीकृत किया जाता है। सरकारी आंकड़ों और रिकॉर्ड्स के अनुसार, हजारीबाग जिले के अधिकांश खास महाल लीजधारियों की लीज अवधि 31 मार्च 2008 को ही समाप्त हो चुकी है।

​इसके बावजूद, लंबे समय से कई मूल लीजधारियों या उनके कानूनी उत्तराधिकारियों द्वारा अगले 30 वर्षों के लिए लीज नवीकरण से संबंधित प्रक्रिया पूरी नहीं कराई गई है। दस्तावेज जमा न होने के कारण खास महाल प्रकोष्ठ में बड़े पैमाने पर मामले लंबित पड़े हुए हैं।

इन प्रक्रियाओं के लिए मांगे गए हैं आवेदन

​खास महाल प्रकोष्ठ ने स्पष्ट किया है कि लीजधारियों अथवा उनके वैध वारिसों को निम्नलिखित कार्यों के लिए अपने आवेदन प्रस्तुत करने होंगे:

  1. लीज नवीकरण (Lease Renewal): अगले 30 वर्षों की अवधि के लिए लीज का नवीनीकरण।
  2. नामांतरण एवं उत्तराधिकारी नामांतरण (Mutation & Inheritance Mutation): मूल लीजधारक के निधन के पश्चात वैध वारिसों के नाम पर जमीन का नामांतरण।
  3. हस्तांतरण एवं प्रयोजन परिवर्तन (Transfer & Land Use Change): लीज भूमि के हस्तांतरण या उसके आवासीय/व्यावसायिक उपयोग के परिवर्तन से संबंधित प्रक्रिया।
  4. बंदोबस्ती एवं वंशावली (Settlement & Genealogies): वंशावली सत्यापन और वैध बंदोबस्ती से जुड़े आवश्यक कागजात।

15 अगस्त 2026 तक का दिया गया समय

​जिला प्रशासन और खास महाल प्रकोष्ठ ने सभी संबंधित व्यक्तियों से अपील की है कि वे समय-सीमा का गंभीरता से पालन करें। सभी आवश्यक प्रमाण पत्रों, वंशावली, पूर्व लीज कागजात और पहचान पत्रों के साथ अपना आवेदन 15 अगस्त 2026 तक खास महाल प्रकोष्ठ, हजारीबाग में जमा कर दें।

​प्रशासन ने जोर देकर कहा है कि निर्धारित तिथि तक आवेदन जमा होने से लंबित मामलों का त्वरित और सुचारू निष्पादन संभव हो सकेगा। समय पर प्रक्रिया पूरी न करने वाले लीजधारियों के खिलाफ नियमानुसार आगे की प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है।

Information and Public Relations Office, Collectorate Hazaribagh (Press Release No: 484/28.07.2026)

और पढ़ें:हजारीबाग: राशन कार्ड से हटेंगे अपात्रों के नाम, DC हेमंत सती ने दिए ई-केवाईसी और GPS ट्रैकिंग के निर्देश

Hazaribagh News: हजारीबाग जिला प्रशासन का 'पुस्तक दान अभियान', जानें कहां और कैसे दान करें प्रतियोगिता परीक्षा की किताबें

 

Hazaribagh News: जिला प्रशासन की अनूठी पहल; "पुस्तक दान अभियान" के जरिए जरूरतमंद छात्रों के सपनों को मिलेगी नई उड़ान

हजारीबाग (News Prahari Desk): सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, समाहरणालय भवन हजारीबाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति (संख्या: 483/28.07.2026) के अनुसार, जिला प्रशासन हजारीबाग द्वारा शिक्षा के प्रसार और प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी कर रहे जरूरतमंद विद्यार्थियों की सहायता के लिए एक विशेष जनहितकारी पहल "पुस्तक दान अभियान" की शुरुआत की गई है। इस अभियान का मुख्य टैगलाइन "आपकी अनुपयोगी पुस्तकें, किसी का उज्ज्वल भविष्य" रखा गया है।

Hazaribagh District Administration Pustak Daan Abhiyan poster and notice for book donation drive

​इस अभियान का प्राथमिक उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों के ऐसे विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराना है, जो महंगी किताबें खरीदने में असमर्थ हैं।

प्रतियोगी परीक्षाओं की किताबों का होगा संग्रह

​जिला प्रशासन द्वारा संचालित इस अभियान के तहत यूपीएससी (UPSC), स्टेट जेपीएससी (JPSC), एसएससी (SSC), रेलवे, बैंकिंग, शिक्षक भर्ती सहित अन्य सभी प्रकार की प्रतियोगी एवं प्रवेश परीक्षाओं से संबंधित उपयोगी पुस्तकों का संग्रह किया जा रहा है।

​प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिकों, छात्रों और संस्थानों के पास अलमारियों में रखी वे पुस्तकें जो अब उनके उपयोग में नहीं हैं, लेकिन अच्छी स्थिति में हैं, वे किसी अन्य जरूरतमंद अभ्यर्थी के भविष्य निर्माण में मील का पत्थर साबित हो सकती हैं।

अभियान में सहभागिता के लिए व्यापक अपील

​जिला प्रशासन हजारीबाग ने जिले के सभी नागरिकों, प्रबुद्ध बुद्धिजीवियों, शिक्षण संस्थानों, कोचिंग सेंटरों, सरकारी व गैर-सरकारी कार्यालयों, सामाजिक संगठनों तथा पूर्व में प्रतियोगी परीक्षाओं में सफल या तैयारी कर चुके अभ्यर्थियों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने का आह्वान किया है।

​एकत्रित की गई सभी पुस्तकों को हजारीबाग जिले के विभिन्न क्षेत्रों में संचालित सार्वजनिक पुस्तकालयों (Public Libraries) और अध्ययन केंद्रों (Study Centres) में व्यवस्थित रूप से उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे अधिक से अधिक छात्र एक ही स्थान पर बैठकर अध्ययन कर सकें।

पुस्तकें जमा करने का स्थान और समय

​जो भी नागरिक या संस्थान अपनी पुस्तकें दान करना चाहते हैं, वे निम्नलिखित पते पर अपनी पुस्तकें जमा करा सकते हैं:

  • स्थान: जिला योजना कार्यालय, कक्ष संख्या A-206, द्वितीय तल, नया समाहरणालय भवन, हजारीबाग।
  • समय: सोमवार से शनिवार (कार्य दिवसों में) प्रातः 10:30 बजे से सायं 05:00 बजे तक।

​जिला प्रशासन ने संदेश दिया है कि ज्ञान बांटने से बढ़ता है और एक सही पुस्तक किसी भी जरूरतमंद विद्यार्थी के जीवन और करियर की दिशा बदल सकती है।

Information and Public Relations Office, Collectorate Hazaribagh (Press Release No: 483/28.07.2026)

और पढ़ें:Hazaribagh: DC हेमंत सती का कड़ा निर्देश; बिना निबंधन के चल रहे टोटो-ऑटो मालिक 15 अगस्त तक करा लें रजिस्ट्रेशन, वरना होगी सख्त कार्रवाई!

Hazaribagh: हाट-बाजारों से पंचायतों तक गूंजा नशामुक्ति का संदेश, प्रचार रथों और नुक्कड़ नाटकों से लोग हुए जागरूक!

​🚫 हजारीबाग: हाट-बाजारों से पंचायतों तक गूंजा नशामुक्ति का संदेश, नुक्कड़ नाटकों और प्रचार रथों से ग्रामीणों को किया गया जागरूक

​ हजारीबाग: निषिद्ध मादक पदार्थों और नशे के बढ़ते चलन के विरुद्ध झारखंड सरकार द्वारा चलाए जा रहे राज्यव्यापी जनजागरूकता अभियान के तहत शनिवार को हजारीबाग जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर गतिविधियों का आयोजन किया गया। अभियान के छठे दिन गांवों, पंचायतों, हाट-बाजारों एवं सार्वजनिक स्थलों पर लोगों को नशे के गंभीर दुष्प्रभावों के प्रति सचेत करने के लिए विशेष प्रयास किए गए।

Hazaribagh: hat-bajaron se panchayaton tak gunja nashamukti ka sandesh, prachar rathon aur nukkad natakon se log hue

🚚 5 प्रचार रथों ने प्रखंडों में फैलाई जागरूकता, दिखाई लघु फिल्में

​ग्रामीणों को जागरूक करने के लिए जिला प्रशासन द्वारा संचालित पाँच विशेष प्रचार रथों ने चौपारण, पदमा, टाटीझरिया, सदर एवं बड़कागांव प्रखंड के विभिन्न गांवों और पंचायतों का सघन भ्रमण किया। प्रचार रथों पर लगे लाउडस्पीकर के जरिए ऑडियो संदेशों और स्क्रीन पर लघु फिल्मों (Short Films) का प्रसारण किया गया। इसके माध्यम से ग्रामीणों को विस्तार से बताया गया कि नशे की लत किस प्रकार एक हंसते-खेलते व्यक्ति, उसके परिवार और पूरे समाज को तबाह कर देती है।

​🎭 10 सांस्कृतिक दलों ने नुक्कड़ नाटक के जरिए दिखाया नशे का दर्द

​जागरूकता अभियान को और अधिक प्रभावशाली बनाने के लिए जिले के प्रमुख बाजारों और सार्वजनिक चौराहों पर 10 सांस्कृतिक दलों द्वारा नुक्कड़ नाटकों का सघन मंचन किया गया। कलाकारों ने अपनी बेहतरीन प्रस्तुतियों के माध्यम से नशे के कारण होने वाले पारिवारिक विघटन (घरों का टूटना), आर्थिक नुकसान, सामाजिक मान-हानि और जानलेवा शारीरिक बीमारियों को जीवंत रूप से दर्शाया। इन नाटकों ने वहां मौजूद भारी भीड़ का ध्यान खींचा और लोगों को सोचने पर मजबूर किया।

​🤝 युवाओं और महिलाओं ने ली नशामुक्ति की शपथ

​इस पूरे अभियान के दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में युवाओं, महिलाओं और बुजुर्गों की उल्लेखनीय भागीदारी देखने को मिली। जिला प्रशासन की टीम द्वारा लोगों के बीच नशामुक्ति से संबंधित पंपलेट और जागरूकता सामग्री का वितरण किया गया।

​कार्यक्रम के समापन पर सभी उपस्थित ग्रामीणों और युवाओं ने सामूहिक रूप से नशामुक्ति की शपथ ली। उन्होंने संकल्प व्यक्त किया कि वे न केवल स्वयं हर प्रकार के नशे से दूर रहेंगे, बल्कि अपने गांव और आसपास के क्षेत्रों को भी नशामुक्त बनाने के लिए समाज में जागरूकता फैलाएंगे। जिला प्रशासन के अनुसार, आने वाले दिनों में यह अभियान जिले के अन्य प्रखंडों और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में भी लगातार जारी रहेगा। प्रेस विज्ञप्ति संख्या: 396/20.06.2026.


हजारीबाग प्रशासन का सख्त रुख: ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का हुआ संयुक्त निरीक्षण, NHAI और पेट्रोल पंप संचालकों को मिले कड़े निर्देश

 

हजारीबाग प्रशासन का सख्त रुख: ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का हुआ संयुक्त निरीक्षण, NHAI और पेट्रोल पंप संचालकों को मिले कड़े निर्देश

"तेज गति और अंधा मोड़ बन रहे हैं मौत का सबब; मासीपिढ़ी चौक से यूपी मोड़ तक सुधारात्मक कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन की विशेष टीम सक्रिय"— जिला सड़क सुरक्षा प्रभाग

विशेष संवाददाता, हजारीबाग

  • रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
  • समाचार स्रोत (Source): जिला जनसंपर्क कार्यालय एवं जिला सड़क सुरक्षा टीम, हजारीबाग

हजारीबाग:

जिले में सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए और आम जनजीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त, हजारीबाग के निर्देश पर जिला प्रशासन और सड़क सुरक्षा टीम ने आज एक सघन संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य फोकस जिले के चिह्नित 'ब्लैक स्पॉट' (Black Spots) और उन क्षेत्रों पर था, जहां दुर्घटनाओं की संभावना सबसे अधिक है। जिला परिवहन पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (यातायात), मोटर यान निरीक्षक (MVI) तथा जिला सड़क सुरक्षा टीम के सदस्यों ने संयुक्त रूप से घटनास्थल का भौतिक जायजा लिया।

📝 क्यों बढ़ रहे हैं हादसे? 1. वाहनों की ओवर-स्पीडिंग (मासीपिढ़ी/डेमोटांड), 2. तीव्र ढलान और अंधा मोड़ (यूपी मोड़)। अब प्रशासन उठाएगा सुधारात्मक कदम।

निरीक्षण में उजागर हुई खतरे की मुख्य वजहें

​संयुक्त टीम द्वारा की गई गहन पड़ताल में दुर्घटनाओं के पीछे के ठोस कारण सामने आए हैं, जो सुरक्षा मानकों की अनदेखी को दर्शाते हैं:

  • ओवर-स्पीडिंग: मासीपिढ़ी चौक, डेमोटांड और मोरंगी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में वाहनों की बेलगाम और अत्यधिक तेज गति (Over-speeding) लगातार हादसों का सबसे बड़ा कारण बन रही है।
  • अंधा मोड़ और तीव्र ढलान: 'यूपी मोड़' (UP Mod) को सबसे अधिक जोखिम वाला क्षेत्र पाया गया है, जहां सड़क की तीव्र ढलान और 'ब्लाइंड स्पॉट' (Blind Spot) होने के कारण वाहन चालक नियंत्रण खो रहे हैं।

NHAI और पेट्रोल पंप संचालकों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

​जिला प्रशासन ने इन खतरनाक स्थलों को सुरक्षित बनाने के लिए संबंधित विभागों और एजेंसियों के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल प्रभाव से निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:

  • NHAI रांची को अल्टीमेटम: संयुक्त टीम ने एनएचएआई (NHAI) रांची को स्पष्ट निर्देश दिया है कि दुर्घटना संभावित सभी स्थलों और मोड़ों पर तुरंत आवश्यक साइनबोर्ड, रंबल स्ट्रिप, ब्लिंकर्स और गति सीमा संकेतक (Speed Limit Indicators) लगाना सुनिश्चित किया जाए।
  • पेट्रोल पंप संचालकों पर नकेल: मोरंगी स्थित पेट्रोल पंप संचालक को भी प्रशासन ने चेतावनी देते हुए आदेश दिया है कि पंप के समीप और पहुंच मार्ग (Approach Road) पर सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो, ताकि मुख्य सड़क पर आने-जाने वाले वाहनों को कोई व्यवधान या दुर्घटना का खतरा न हो।

प्रशासन की अपील: गति सीमा का रखें ध्यान, सड़क सुरक्षा है प्राथमिकता

​जिला प्रशासन ने आम जनता से भी सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक रहने की अपील की है। विशेषकर खतरनाक मोड़ों पर सतर्कता बरतने और निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाने का आग्रह किया गया है। प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि लापरवाही बरतने वाले वाहन चालकों और सरकारी दिशा-निर्देशों की अनदेखी करने वाली एजेंसियों के खिलाफ आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी।

🔍 संपादकीय विश्लेषण: क्या सड़क सुरक्षा के कागजी निर्देशों से कम होंगे हादसे? (Editorial)

सिर्फ साइनबोर्ड और रंबल स्ट्रिप ही नहीं, बल्कि चालकों में 'सड़क शिष्टाचार' की भी है भारी कमी

हजारीबाग प्रशासन का यह कदम स्वागत योग्य है, लेकिन सड़क सुरक्षा सिर्फ एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं होनी चाहिए। मासीपिढ़ी, डेमोटांड और यूपी मोड़ जैसे क्षेत्रों में बार-बार दुर्घटनाएं होना इस बात का प्रमाण है कि हमारी सड़क इंजीनियरिंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट के बीच का समन्वय कमजोर है। NHAI को रंबल स्ट्रिप और साइनबोर्ड लगाने का निर्देश देना पहला कदम है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती इन नियमों का पालन करवाने की है। एनएच पर चलने वाले भारी वाहनों और तेज रफ्तार चारपहिया गाड़ियों पर नियंत्रण के लिए नियमित पेट्रोलिंग और सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य है। 'न्यूज प्रहरी' का मानना है कि जब तक पेट्रोल पंप संचालकों और एजेंसियों की जवाबदेही तय नहीं होगी और चालकों में यातायात अनुशासन नहीं आएगा, तब तक ब्लैक स्पॉट कम करना एक कठिन चुनौती बनी रहेगी। प्रशासन को चाहिए कि वह भविष्य में इन सुधारात्मक कार्यों का 'ऑडिट' भी करे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सरकारी निर्देश केवल फाइलों तक सीमित नहीं हैं।

और पढ़ें :हजारीबाग में भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर झामुमो ने किया नमन: पुराना बस स्टैंड चौक पर प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी भावभीनी श्रद्धांजलि


Hamar Hazaribagh: हजारीबाग के सिंदूर ITI में आज लगेगा दत्तोपंत ठेंगड़ी महा रोजगार मेला; 6400 पदों पर सीधी भर्ती, जानें जरूरी दस्तावेज

बेरोजगार युवाओं के लिए सुनहरा अवसर: हजारीबाग में निजी कंपनियों की बड़ी बहाली; 3 जून को रोजगार मेले में शामिल होने के लिए ऐसे करें रजिस्ट्रेशन

सुबह 10 से शाम 4 बजे तक लगेगा मेला; बायोडाटा, शैक्षणिक कागजात और झारनियोजन पोर्टल पर निबंध के साथ पहुंचें अभ्यर्थी

विशेष संवाददाता, हजारीबाग

हजारीबाग और आसपास के जिलों के शिक्षित एवं योग्य बेरोजगार युवाओं के लिए जिला प्रशासन और अवर प्रादेशिक नियोजनालय की ओर से रोजगार का एक बड़ा और सुनहरा अवसर सामने आया है। हजारीबाग जिला प्रशासन के सौजन्य से बुधवार, 3 जून 2026 को सिंदूर स्थित आई.टी.आई. (ITI) परिसर में एकदिवसीय 'दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेला सह कौशल विकास मेला' का भव्य आयोजन किया जा रहा है। इस महा मेले के जरिए विभिन्न प्रतिष्ठित निजी कंपनियों द्वारा कुल 6400 रिक्त पदों पर योग्य युवाओं की सीधी नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

हजारीबाग सिंदूर स्थित आईटीआई परिसर में आयोजित होने वाले दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेला सह कौशल विकास मेले का आधिकारिक पोस्टर।

मेले का समय और स्थान

  • दिनांक: 3 जून 2026 (बुधवार)
  • समय: सुबह 10:00 बजे पूर्वाहन से लेकर शाम 4:00 बजे अपराहन तक।
  • स्थान: आई.टी.आई. (ITI) परिसर, सिंदूर, हजारीबाग।

​जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि हजारीबाग जिले के सभी इच्छुक युवक एवं युवतियां जो निजी क्षेत्रों में अपना करियर बनाना चाहते हैं, वे इस मेले में शामिल होकर अपनी योग्यता के अनुसार रोजगार के अवसरों का सीधा लाभ उठा सकते हैं।

भाग लेने के लिए रजिस्ट्रेशन (निबंधन) की प्रक्रिया

​रोजगार मेले में शामिल होने के लिए अभ्यर्थियों का नियोजनालय में निबंधित होना अनिवार्य है। इसके लिए नियम निम्नलिखित हैं:

  1. नए अभ्यर्थियों के लिए: जो आवेदक पूर्व से नियोजनालय में निबंधित नहीं हैं, वे अपने निकटतम नियोजनालय में जाकर या फिर झारखंड सरकार के आधिकारिक पोर्टल jharniyojan.jharkhand.gov.in पर जाकर ऑनलाइन अपना रजिस्ट्रेशन तुरंत करा सकते हैं।
  2. पूर्व से निबंधित अभ्यर्थियों के लिए: जो उम्मीदवार पहले से ही नियोजनालय में निबंधित हैं, उन्हें दोबारा नया निबंधन कराने की कोई आवश्यकता नहीं है।

अपने साथ लाएं ये 5 जरूरी दस्तावेज (Document Checklist)

​रोजगार मेले में भाग लेने वाले सभी अभ्यर्थियों को साक्षात्कार (Interview) और चयन प्रक्रिया के लिए अपने साथ निम्नलिखित मूल दस्तावेज और उनकी कॉपियां लाना अनिवार्य होगा:

  • ​सभी मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र (Original Certificates) एवं उनकी अंक तालिका (Mark Sheets)।
  • ​सभी प्रमाण पत्रों की छायाप्रति (Photocopies) का एक सेट।
  • ​स्थानीय अंचल कार्यालय (Circle Office) द्वारा निर्गत वैध आवासीय प्रमाण पत्र (Residential Certificate)।
  • ​अपडेटेड बायोडाटा (Resume/CV) की कम से कम दो प्रतियां (Copies)।
  • ​दो हालिया पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो।

महत्वपूर्ण नोट: जिला प्रशासन द्वारा यह स्पष्ट कर दिया गया है कि उपलब्ध सभी रिक्तियां पूर्णतः निजी क्षेत्र (Private Sector) से संबंधित हैं, इसलिए चयन प्रक्रिया में नियोजनालय का किसी भी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं रहेगा। साथ ही, मेले में आने वाले अभ्यर्थियों को किसी भी प्रकार का मार्ग व्यय (Travel Allowance) देय नहीं होगा।

युवाओं के लिए मार्गदर्शिका (News Prahari Career Guide)

​📌 न्यूज प्रहरी की सलाह: साक्षात्कार के लिए ऐसे करें खुद को तैयार

6400 पदों की यह भर्ती आपके करियर को एक नई दिशा दे सकती है। न्यूज प्रहरी सभी परीक्षार्थियों और युवाओं को सलाह देता है कि मेले में जाने से पहले अपने बायोडाटा (Resume) को अच्छी तरह से अपडेट कर लें और अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुसार कम से कम 3-4 कॉपियां साथ रखें, ताकि अलग-अलग कंपनियों में आवेदन दे सकें। साक्षात्कार के समय औपचारिक पहनावे (Formal Dress) में जाएं और अपना आत्मविश्वास बनाए रखें।


संपादकीय विश्लेषण: निजी क्षेत्र में बड़े पैमाने पर भर्ती और स्थानीय युवाओं की उम्मीदें (Editorial)

6400 पदों का आंकड़ा बड़ा, लेकिन पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण चयन ही असली सफलता

हजारीबाग जिला प्रशासन और अवर प्रादेशिक नियोजनालय द्वारा एक ही छत के नीचे 6400 पदों पर निजी कंपनियों को आमंत्रित करना एक सराहनीय और स्वागत योग्य कदम है। वर्तमान समय में जब सरकारी नौकरियों के अवसर सीमित हैं, ऐसे में 'दत्तोपंत ठेंगड़ी रोजगार मेला' जैसे आयोजन स्थानीय युवाओं को तत्काल रोजगार देने और उनके कौशल विकास को परखने का एक सशक्त माध्यम बनते हैं। ऑनलाइन पोर्टल 'झारनियोजन' के माध्यम से पंजीकरण की व्यवस्था से पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता भी देखने को मिलती है।

​हालांकि, ऐसे बड़े रोजगार मेलों के आयोजन के बाद जिला प्रशासन को एक 'फॉलो-अप डेटा' (Follow-up Data) भी सार्वजनिक करना चाहिए, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि मेले में चयनित किए गए युवाओं में से वास्तव में कितने लोगों को कंपनियों ने जॉइनिंग लेटर दिया और वे वर्तमान में कार्यरत हैं। अक्सर देखा जाता है कि कंपनियां शुरुआती चयन के बाद बाद में प्रक्रिया को ठंडे बस्ते में डाल देती हैं। इसके अलावा, कंपनियों को स्थानीय युवाओं के लिए न्यूनतम वेतनमान (Minimum Wage) और श्रम नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा, ताकि चयनित युवाओं का शोषण न हो। यदि प्रशासन नियोजन के बाद भी कंपनियों की निगरानी करता है, तो हजारीबाग के युवाओं का सरकारी तंत्र पर भरोसा और मजबूत होगा।

  • रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
  • समाचार स्रोत (Source): अवर प्रादेशिक नियोजनालय सह जिला प्रशासन, हजारीबाग (आधिकारिक जनहित विज्ञापन)

हजारीबाग: टाटीझरिया प्रखंड कार्यालय का उपायुक्त ने किया औचक निरीक्षण; आंगनबाड़ी में फर्जी उपस्थिति पर भड़के DC, सेविका से स्पष्टीकरण

हजारीबाग: टाटीझरिया प्रखंड कार्यालय का उपायुक्त ने किया औचक निरीक्षण; आंगनबाड़ी में फर्जी उपस्थिति पर भड़के DC, सेविका से स्पष्टीकरण

'नीर वीर' चैटबॉट के जरिए सुलझेगी पेयजल समस्या, आदिवासी क्षेत्रों में खराब चापानलों को दुरुस्त करने का सख्त निर्देश।

हजारीबाग, झारखंड: हजारीबाग के उपायुक्त (DC)  शशि प्रकाश सिंह प्रशासनिक कार्यशैली में पारदर्शिता और योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर पूरी तरह से सक्रिय मोड में हैं। इसी कड़ी में बुधवार को उन्होंने टाटीझरिया प्रखंड सह अंचल कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उपायुक्त ने न केवल कार्यालय के दस्तावेजों की जांच की, बल्कि प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) और अन्य कर्मियों के साथ बैठक कर जनहित की विभिन्न योजनाओं की गहन समीक्षा भी की।

Hazaribagh DC Shashi Prakash Singh inspecting registers at Tatijhariya Block Office

आंगनबाड़ी में अनियमितता पर गिरी गाज

निरीक्षण के दौरान सबसे चौंकाने वाला मामला आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली में सामने आया। उपायुक्त ने मौके पर मौजूद महिला प्रवेक्षिकाओं के मोबाइल से 'पोषण ट्रैकर ऐप' (Poshan Tracker App) की जांच की। कोड़ाइया गांव स्थित आंगनबाड़ी केंद्र के सत्यापन के दौरान पाया गया कि ऐप पर बच्चों की ऑनलाइन उपस्थिति, वास्तविक उपस्थिति से कहीं अधिक दर्ज की गई थी।

Deputy Commissioner checking Poshan Tracker App data during surprise visit in Tatijhariya.

इस फर्जीवाड़े पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने संबंधित महिला प्रवेक्षिका उर्मिला देवी से स्पष्टीकरण मांगा है। साथ ही प्रखंड विकास पदाधिकारी को निर्देश दिया कि उक्त केंद्र की विस्तृत जांच कर रिपोर्ट सौंपी जाए, ताकि सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग को रोका जा सके।

पेयजल संकट के लिए 'नीर वीर' चैटबॉट का सहारा

आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए उपायुक्त ने पेयजल आपूर्ति की स्थिति की विशेष समीक्षा की। उन्होंने जिला प्रशासन द्वारा शुरू किए गए ‘नीरवीर’ (Neer Veer) व्हाट्सएप चैट बोर्ड पर प्राप्त शिकायतों के निस्तारण की स्थिति जानी। उपायुक्त ने कड़े निर्देश दिए कि:

गर्मी में पेयजल शिकायतों का प्राथमिकता के आधार पर समाधान हो।

सुदूरवर्ती आदिवासी क्षेत्रों में खराब चापानलों की सूची तैयार कर उनकी तत्काल मरम्मत की जाए।

सभी शिकायतों और मरम्मत कार्यों का संधारण विधिवत रजिस्टर में किया जाए।

स्वास्थ्य सेवाओं और राजस्व की समीक्षा

प्रखंड के झरपो एवं टाटीझरिया प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने डॉक्टरों के रिक्त पदों पर संज्ञान लिया और जल्द ही प्रतिनियुक्ति करने का भरोसा दिलाया। इसके अतिरिक्त, अंचल कार्यालय के कार्यों की जांच करते हुए उन्होंने म्यूटेशन (दाखिल-खारिज) के लंबित मामलों और प्रमाण पत्र निर्गत करने की प्रक्रिया का परीक्षण किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अंचल अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि किसी भी आवेदन को बिना ठोस कारण के अस्वीकृत न किया जाए।

धान अधिप्राप्ति और आपूर्ति पर निर्देश

बैठक में धान अधिप्राप्ति, पैक्सों की स्थिति, फसल बीमा योजना और राशन उठाव की भी समीक्षा की गई। मौके पर अपर समाहर्ता श्री संतोष कुमार भी उपस्थित थे। उपायुक्त ने अंत में अधिकारियों को निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए नियमित फील्ड विजिट और 'नीर चौपाल' जैसे कार्यक्रमों का आयोजन सुनिश्चित करें।

हजारीबाग: उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण, कहा- "संविधान ही लोकतंत्र का सबसे मजबूत आधार

हजारीबाग: उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर किया माल्यार्पण, कहा- "संविधान ही लोकतंत्र का सबसे मजबूत आधार

डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती पर जिला प्रशासन ने दी श्रद्धांजलि; सामाजिक समरसता और समानता के संकल्प के साथ याद किए गए संविधान निर्माता।

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक, न्यूज़ प्रहरी।

हजारीबाग (झारखंड): भारतीय संविधान के शिल्पकार और भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की जयंती आज पूरे हजारीबाग जिले में हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाई गई। इस विशेष अवसर पर हजारीबाग के उपायुक्त (DC) शशि प्रकाश सिंह ने डिस्ट्रिक्ट बोर्ड चौक स्थित बाबा साहेब की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।

Upaukt Shashi Prakash Singh Distract More Chownk.

संघर्ष और समर्पण का प्रतीक है बाबा साहेब का जीवन

श्रद्धांजलि अर्पित करने के पश्चात उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने डॉ. अंबेडकर के महान व्यक्तित्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि बाबा साहेब का संपूर्ण जीवन केवल एक व्यक्ति की यात्रा नहीं, बल्कि संघर्ष, अटूट समर्पण और सामाजिक न्याय के प्रति अटूट प्रतिबद्धता का जीवंत प्रतीक है। उपायुक्त ने इस बात पर जोर दिया कि बाबा साहेब ने विपरीत परिस्थितियों में भी हार नहीं मानी और शिक्षा के माध्यम से समाज के अंतिम व्यक्ति को सशक्त बनाने का कार्य किया।

लोकतंत्र का आधार: भारतीय संविधान

संविधान निर्माण में डॉ. अंबेडकर की भूमिका को याद करते हुए उपायुक्त ने कहा, "आज हमारा देश जिस लोकतांत्रिक व्यवस्था पर गर्व करता है, उसका सबसे मजबूत आधार बाबा साहेब द्वारा निर्मित संविधान है। यह संविधान हमें न केवल अधिकार देता है, बल्कि समानता और भाईचारे के साथ रहने की प्रेरणा भी देता है।" उन्होंने जिले के नागरिकों से अपील की कि बाबा साहेब के विचारों को केवल किताबों तक सीमित न रखें, बल्कि उन्हें अपने दैनिक जीवन में आत्मसात करें ताकि एक समरस और न्यायपूर्ण समाज का निर्माण हो सके।

प्रशासनिक अधिकारियों ने लिया संकल्प

कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अमले ने भी बाबा साहेब के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया। इस अवसर पर नगर आयुक्त ओम प्रकाश गुप्ता, अपर समाहर्ता संतोष कुमार सिंह और सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) आदित्य पांडेय सहित कई गणमान्य व्यक्तियों ने बाबा साहेब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। अधिकारियों ने सामूहिक रूप से यह शपथ ली कि वे सार्वजनिक सेवा में पारदर्शिता, समानता और न्याय के उन सिद्धांतों का पालन करेंगे, जिनका सपना डॉ. अंबेडकर ने देखा था।

सामाजिक समरसता का संदेश

हजारीबाग जिला प्रशासन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नई पीढ़ी को बाबा साहेब के योगदान से अवगत कराना और समाज में समानता को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम के अंत में उपायुक्त ने सभी नागरिकों से सामाजिक भेदभाव को मिटाकर एकजुटता के साथ जिले और देश के विकास में योगदान देने का आह्वान किया।

हजारीबाग: फाइलेरिया मुक्त भविष्य के लिए जिला प्रशासन का महामंथन, 20 अप्रैल से चलेगा 'फोकल एमडीए' अभियान

हजारीबाग: फाइलेरिया मुक्त भविष्य के लिए जिला प्रशासन का महामंथन, 20 अप्रैल से चलेगा 'फोकल एमडीए' अभियान

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक, न्यूज़ प्रहरी।

हजारीबाग। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के मार्गदर्शन में जिले को फाइलेरिया मुक्त बनाने के लिए रणनीतिक तैयारियां तेज हो गई हैं। गुरुवार को समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त (DDC) श्रीमती रिया सिंह की अध्यक्षता में जिला समन्वय समिति की उच्चस्तरीय बैठक संपन्न हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य 20 अप्रैल से 5 मई 2026 तक चलने वाले 'फोकल मास ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन' (FOCAL MDA) अभियान को प्रभावी बनाना है।

हजारीबाग समाहरणालय में फाइलेरिया उन्मूलन जिला समन्वय समिति की बैठक की अध्यक्षता करतीं डीडीसी रिया सिंह।

समन्वित रणनीति पर जोर

बैठक में डीडीसी ने स्पष्ट किया कि फाइलेरिया उन्मूलन केवल स्वास्थ्य विभाग की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह एक सामूहिक जनस्वास्थ्य लक्ष्य है। उन्होंने शिक्षा विभाग, नगर निकाय और अन्य विभागों को निर्देश दिया कि वे दवाओं के वितरण, लॉजिस्टिक प्रबंधन और कर्मियों के प्रशिक्षण में सक्रिय भूमिका निभाएं। अभियान के दौरान निगरानी व्यवस्था को चुस्त-दुरुस्त रखने पर विशेष बल दिया गया है ताकि कोई भी पात्र व्यक्ति दवा से वंचित न रहे।

जन-जागरूकता ही बचाव का आधार

प्रशासन का लक्ष्य अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच बनाकर उन्हें इस गंभीर बीमारी के प्रति जागरूक करना है। बैठक में पिरामल फाउंडेशन के प्रतिनिधियों और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने जन-जागरूकता अभियान की रूपरेखा साझा की। सिविल सर्जन और जिला मलेरिया पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि वे पंचायत स्तर तक सूक्ष्म नियोजन (Micro Planning) सुनिश्चित करें।

हजारीबाग: किराए के भवनों से मुक्त होंगे आंगनबाड़ी केंद्र, आधारभूत सुदृढ़ीकरण के साथ अब सरकारी विद्यालयों में होगा संचालन

हजारीबाग: किराए के भवनों से मुक्त होंगे आंगनबाड़ी केंद्र, आधारभूत सुदृढ़ीकरण के साथ अब सरकारी विद्यालयों में होगा संचालन

​हजारीबाग जिले में नौनिहालों के पोषण और प्रारंभिक शिक्षा की व्यवस्था को अधिक सुदृढ़ और व्यवस्थित करने की दिशा में जिला प्रशासन ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम उठाया है। अब तक शहर और ग्रामीण अंचलों में किराए के भवनों में संचालित होने वाले सभी आंगनबाड़ी केंद्रों को निकटतम सरकारी विद्यालयों के परिसरों में स्थानांतरित किया जाएगा।

"डीडीसी रिया सिंह समाहरणालय सभागार में निर्देश देते हुए"

इस वृहद परिवर्तन को अमलीजामा पहनाने के लिए शुक्रवार को उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के कड़े निर्देशानुसार उप विकास आयुक्त रिया सिंह की अध्यक्षता में समाहरणालय भवन में एक उच्च स्तरीय रणनीतिक बैठक आहूत की गई। इस अहम बैठक में शिक्षा और समाज कल्याण विभाग के समन्वय पर जोर देते हुए संबंधित विद्यालयों के प्राचार्यों और महिला पर्यवेक्षिकाओं को आवश्यक दिशा-निर्देश निर्गत किए गए।
"डीडीसी रिया सिंह समाहरणालय सभागार में निर्देश देते हुए द्वीतिय फोटो"


​उप विकास आयुक्त रिया सिंह ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि आंगनबाड़ी केंद्रों का विद्यालयों में विलय न केवल संसाधनों का अनुकूलतम उपयोग सुनिश्चित करेगा, बल्कि इससे बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए एक बेहतर शैक्षणिक वातावरण भी तैयार होगा। उन्होंने अधिकारियों व प्राचार्यों को निर्देशित किया कि विद्यालयों में उपलब्ध अतिरिक्त और रिक्त कक्षों को चिन्हित कर वहां आंगनबाड़ी केंद्रों को अविलंब प्रतिस्थापित किया जाए। इसके साथ ही, जिन विद्यालयों में पर्याप्त बुनियादी ढांचा और अतिरिक्त कक्ष उपलब्ध हैं, उनकी एक विस्तृत और प्रामाणिक रिपोर्ट प्रशासन को सौंपने का निर्देश दिया गया है ताकि स्थानांतरण की यह कवायद सुचारू रूप से संपन्न हो सके।

​विद्यालयों के कायाकल्प और संसाधनों की कमी को दूर करने के लिए प्रशासन ने एक पारदर्शी और आधुनिक प्रक्रिया अपनाने का भी निर्णय लिया है। उप विकास आयुक्त ने बताया कि सभी प्राचार्यों के साथ एक डिजिटल 'गूगल फॉर्म' साझा किया जाएगा। इस फॉर्म के माध्यम से विद्यालयों की वास्तविक आवश्यकताओं, जैसे— जर्जर भवनों की मरम्मत, नए कक्षा-कक्षों का निर्माण, किचेन शेड की स्थिति और बेंच-डेस्क की उपलब्धता का सघन आकलन किया जाएगा। प्राचार्यों द्वारा दी गई इस जानकारी का वरीय पदाधिकारियों की टीम द्वारा भौतिक सत्यापन होगा, जिसके उपरांत विद्यालयों में आवश्यक संसाधनों की परिपूर्ति के लिए त्वरित और समुचित पहल की जाएगी। इस महत्वपूर्ण बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी शिप्रा सिन्हा, जिला शिक्षा अधीक्षक आकाश कुमार समेत तमाम महिला पर्यवेक्षिकाएं और विद्यालयों के प्राचार्य उपस्थित रहे, जिन्होंने इस अभिनव पहल को जिले के शैक्षणिक विकास के लिए एक मील का पत्थर करार दिया।

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