हजारीबाग उपायुक्त ने राजस्व कार्यों की रफ्तार पर जताई नाराजगी, अंचल अधिकारियों को लंबित मामले जल्द निपटाने का अल्टीमेटम
हजारीबाग: समाहरणालय सभागार में गुरुवार को आयोजित राजस्व विभाग की उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने कड़ा रुख अपनाते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया। बैठक के दौरान पीजी पोर्टल, भू-मापी, दाखिल-खारिज और ई-रिवेन्यू कोर्ट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई। उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि राजस्व से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और आम जनता को अपने काम के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं काटने चाहिए। विशेष रूप से जनता दरबार और सरकार आपके द्वार कार्यक्रम में प्राप्त आवेदनों की जांच कर उन्हें अविलंब निष्पादित करने पर जोर दिया गया।
भूमि विवादों और शिकायतों को लेकर उपायुक्त ने सभी अंचल अधिकारियों को निर्देशित किया कि 90 दिनों से अधिक समय से लंबित भू-मापी के मामलों का समाधान प्राथमिकता के आधार पर करें। उन्होंने ई-रिवेन्यू कोर्ट में लंबित वादों और उच्च न्यायालय से संबंधित मामलों के गुणवत्तापूर्ण निष्पादन की आवश्यकता बताई। उपायुक्त ने अधिकारियों को चेताया कि परिशोधन पोर्टल और म्यूटेशन के मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखें। उन्होंने अंचल अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे भूमि विवादों के निपटारे के लिए संबंधित अनुमंडल पदाधिकारी के साथ बेहतर समन्वय स्थापित करें ताकि क्षेत्र में शांति और पारदर्शिता बनी रहे।
प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से उपायुक्त ने सदर और बरही के अनुमंडल पदाधिकारियों को सो-मोटो म्यूटेशन और परिशोधन पोर्टल की साप्ताहिक समीक्षा करने की जिम्मेदारी सौंपी है।
इसके अतिरिक्त, जन सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सड़क किनारे स्थित सूखे पेड़ों को हटाने की प्रक्रिया जल्द पूरी करने का निर्देश दिया गया। इस समीक्षा बैठक में अपर समाहर्ता, भू-अर्जन पदाधिकारी, अनुमंडल पदाधिकारी बरही, डीसीएलआर सहित जिले के सभी अंचल अधिकारी और संबंधित पदाधिकारी उपस्थित थे, जिन्हें कार्यप्रणाली में सुधार लाने और जनहित को सर्वोपरि रखने की सख्त हिदायत दी गई।








