एनएच 522 पर बेलसोती पुल बना खूनी गलियारा
संकीर्णता और जर्जर गार्डवाल ले रही मासूमों की जान, एनएचएआई की चुप्पी से बढ़ा आक्रोश
दारू/हजारीबाग: हजारीबाग से बगोदर होकर कोलकाता को जोड़ने वाली मुख्य जीवनरेखा एनएच 522 पर स्थित बेलसोती पुल इन दिनों यात्रियों के लिए काल का पर्याय बन चुका है। दारू प्रखंड के अंतर्गत आने वाला यह पुल अपनी बनावट और प्रशासनिक अनदेखी के कारण एक खतरनाक 'डेथ ट्रैप' में तब्दील हो गया है, जहां बीते छह महीनों के भीतर ही तीन से अधिक भीषण वाहन दुर्घटनाएं घटित हो चुकी हैं। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो तेज रफ्तार गाड़ियां अक्सर अनियंत्रित होकर सीधे पुल के नीचे जा गिरती हैं, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है।
इस खूनी सिलसिले की सबसे बड़ी वजह पुल का अत्यधिक संकीर्ण होना और फोरलेन सड़क की चौड़ाई के साथ इसका तालमेल न होना है। चकाचक और चौड़ी फोरलेन सड़क पर फर्राटा भरते वाहन जैसे ही इस पुल के समीप पहुंचते हैं, अचानक सड़क के सिमट जाने से चालक भ्रमित हो जाते हैं और दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। रही-सही कसर पुल के जर्जर गार्डवाल ने पूरी कर दी है, जिसका एक हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है और दूसरा हिस्सा किसी भी वक्त गिर सकता है। सुरक्षा मानकों की यह घोर अनदेखी राहगीरों के लिए हर पल मौत का बुलावा साबित हो रही है।
