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Editor: Naresh Prasad Soni
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झारखंड सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के लिए लागू की विशेष सुरक्षा और आर्थिक सहायता योजनाएं: विदेशों और अन्य राज्यों में कार्यरत मजदूरों को पंजीकरण कराने की अपील

झारखंड सरकार ने प्रवासी श्रमिकों के लिए लागू की विशेष सुरक्षा और आर्थिक सहायता योजनाएं: विदेशों और अन्य राज्यों में कार्यरत मजदूरों को पंजीकरण कराने की अपील

"ठेकेदारों के माध्यम से जाने वाले श्रमिकों को पहले दिन से मिलेगी मजदूरी और विस्थापन भत्ता; दुर्घटना में मृत्यु पर पांच लाख रुपये तक की मिलेगी एकमुश्त सहायता राशि"— श्रम विभाग

विशेष संवाददाता, हजारीबाग

  • रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
  • समाचार स्रोत (Source): जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय (PRD), समाहरणालय भवन, हजारीबाग

हजारीबाग:

झारखंड सरकार के श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग द्वारा राज्य के प्रवासी श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा, उनके आर्थिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए कई महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इसी सिलसिले में हजारीबाग जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय द्वारा प्रेस विज्ञप्ति संख्या 359/09.06.2026 जारी कर दूसरे राज्यों अथवा विदेशों में रोजगार के लिए जाने वाले सभी श्रमिकों से अनिवार्य रूप से सरकारी पोर्टल पर पंजीकरण कराने की अपील की गई है, ताकि किसी भी विपरीत परिस्थिति या आपातकाल में उन्हें राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ समय पर सीधे मिल सके।

 पंजीकरण कराने के बड़े फायदे:
• ठेकेदारों द्वारा पहले दिन से मजदूरी और विस्थापन भत्ता।
• देश में दुर्घटना मृत्यु पर आश्रितों को ₹2 लाख की मदद।
• विदेशों में असामयिक मृत्यु पर परिजनों को ₹5 लाख की एकमुश्त राशि।

विस्थापन भत्ता और पहले दिन से मजदूरी भुगतान का विधिक प्रावधान

​विभाग द्वारा जारी आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार, यदि कोई श्रमिक किसी ठेकेदार, संवेदक या कतिपय प्लेसमेंट एजेंसी के माध्यम से दूसरे राज्य में काम करने के लिए जाता है, तो उसे कार्यस्थल पर पहुंचने और कार्य पर जाने के पहले दिन से ही नियमानुसार मजदूरी देय होगी। इसके साथ ही, प्रवासी मजदूरों को नए स्थान पर स्थापित होने के लिए विस्थापन भत्ता के रूप में उनके आधे महीने की मजदूरी के बराबर की नकद राशि संबंधित संवेदक या एजेंसी द्वारा अनिवार्य रूप से प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, श्रमिकों के आने-जाने का पूरा यात्रा किराया और यात्रा अवधि के दौरान की मजदूरी का भुगतान भी नियमानुसार सुनिश्चित करने का कड़ा निर्देश जारी किया गया है।

श्रमाधान पोर्टल और ऐप पर पंजीकरण की है बेहद सरल सुविधा

​अन्य राज्यों में रोजगार के लिए जाने वाले श्रमिकों की ट्रैकिंग और सुरक्षा के लिए सरकार ने डिजिटल माध्यमों को सशक्त किया है। श्रमिक स्वयं श्रमाधान पोर्टल (Shramadhan Portal), प्रवासी झारखंड ऐप (Pravasi Jharkhand App) अथवा अपने निकटतम प्रज्ञा केंद्र (सीएससी) के माध्यम से बेहद आसानी से अपना ऑनलाइन पंजीकरण करा सकते हैं। इस पंजीकरण के पूरा होने के बाद ही श्रमिकों को राज्य सरकार की विभिन्न सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान किया जाता है।

दुर्घटना, आपदा या असमय मृत्यु पर आश्रितों को मिलेगी बड़ी आर्थिक सहायता

​पंजीकृत प्रवासी श्रमिकों के लिए सरकार ने संकट की घड़ी में आर्थिक संबल प्रदान करने के लिए विशेष कोष का गठन किया है:

  • दुर्घटना एवं पूर्ण अशक्तता सहायता: कार्य के दौरान किसी दुर्घटना में मृत्यु होने या स्थायी पूर्ण अशक्तता (अपंगता) की स्थिति में लाभुक श्रमिक के आश्रितों को दो लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा, दुर्घटना में अंग-भंग या अन्य शारीरिक क्षति होने पर भी निर्धारित नियमावली के तहत आर्थिक सहायता दी जाती है।
  • पार्थिव शरीर को गृह राज्य लाना: यदि किसी श्रमिक की दूसरे राज्य में दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा के कारण असमय मृत्यु हो जाती है, तो उसके पार्थिव शरीर को पूरे सम्मान के साथ उनके गृह राज्य और पैतृक गांव तक पहुंचाने की पूरी व्यवस्था और खर्च सरकार वहन करती है।
  • मुख्यमंत्री झारखंड प्रवासी श्रमिक दुर्घटना कोष: इस विशेष कोष के अंतर्गत, देश के किसी भी कोने में दुर्घटना या प्राकृतिक आपदा का शिकार होने वाले मृत या गंभीर रूप से घायल प्रवासी श्रमिकों को त्वरित सहायता देने और उन्हें घर वापस लाने के लिए अग्रिम सहायता राशि (एडवांस फंड) उपलब्ध कराने का सीधा प्रावधान है।
  • अंतरराष्ट्रीय प्रवासी श्रमिक अनुदान योजना: विदेश में जाकर रोजगार करने वाले झारखंड के श्रमिकों के लिए सरकार 'मुख्यमंत्री झारखंड अंतरराष्ट्रीय प्रवासी श्रमिक अनुदान योजना' संचालित कर रही है। इसके तहत यदि किसी श्रमिक की विदेश में असामयिक मृत्यु हो जाती है, तो उनके परिजनों और आश्रितों को संकट से उबारने के लिए पांच लाख रुपये की एकमुश्त सहायता राशि प्रदान की जाती है।

​श्रम विभाग ने राज्य के सभी कामकाजी भाई-बहनों से पुरजोर अपील की है कि वे आजीविका के लिए राज्य की सीमा से बाहर कदम रखने से पहले अपना सरकारी पंजीकरण अवश्य सुनिश्चित करें। किसी भी प्रकार की विस्तृत जानकारी, शिकायत या आपातकालीन सहायता के लिए श्रमिक जिला श्रम कार्यालय, श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी के कार्यालय अथवा विभाग के टोल फ्री नंबर 18003456526 पर सीधे संपर्क स्थापित कर सकते हैं। इसके साथ ही, राज्य प्रवासी श्रमिक नियंत्रण कक्ष (Control Room) के विभिन्न हेल्पलाइन नंबरों पर भी 24 घंटे सहायता प्राप्त की जा सकती है।

📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव गाइड (Inter-State Migrant Workmen Act & Welfare Rules)

​📌 जानिए क्या है अंतरराज्यिक प्रवासी कर्मकार अधिनियम और आपके कानूनी अधिकार?

  • अंतरराज्यिक प्रवासी कर्मकार अधिनियम, 1979 (ISMW Act): यह एक केंद्रीय कानून है जो उन श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा करता है जिन्हें एक राज्य से दूसरे राज्य में काम के लिए ले जाया जाता है। इस कानून के तहत 5 या अधिक प्रवासी श्रमिकों को नियोजित करने वाले हर ठेकेदार और नियोक्ता के लिए लाइसेंस लेना और सरकार के पास प्रत्येक मजदूर का पूरा ब्यौरा दर्ज कराना विधिक रूप से अनिवार्य है।
  • विस्थापन भत्ते का कानूनी आधार: अधिनियम की धारा 14 के अनुसार, प्रत्येक प्रवासी श्रमिक को रोजगार की कमान संभालने के समय ही संवेदक द्वारा विस्थापन भत्ता (Displacement Allowance) दिया जाना अनिवार्य है, जो न्यूनतम मजदूरी के 50% या उससे अधिक होता है। यह राशि गैर-वापसी योग्य (Non-Refundable) होती है, यानी इसे मजदूर के वेतन से काटा नहीं जा सकता।
  • समान कार्य के लिए समान वेतन: इस कानून के तहत प्रवासी श्रमिकों को उसी संस्थान या उद्योग में स्थानीय श्रमिकों के बराबर ही मजदूरी, कार्य के घंटे और सुविधाएं पाने का वैधानिक अधिकार है। चिकित्सा सुविधाएं, उपयुक्त आवास और कार्यस्थल पर लैंगिक सुरक्षा सुनिश्चित करना भी नियोक्ता की सीधी कानूनी जिम्मेदारी है।

🔍 संपादकीय विश्लेषण: पलायन का दर्द और सरकारी योजनाओं के धरातल पर क्रियान्वयन की चुनौती (Editorial)

पंजीकरण की अपील सराहनीय, लेकिन सुदूर गांवों में जागरूकता और नियंत्रण कक्ष की सक्रियता सबसे बड़ी कसौटी

झारखंड जैसे श्रम-बहुल राज्य में प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा को लेकर श्रम विभाग द्वारा जारी की गई यह नियमावली और योजनाएं कागजी तौर पर अत्यंत स्वागत योग्य और मानवीय दृष्टिकोण से परिपूर्ण हैं। विदेशों में मरने वाले श्रमिकों के परिजनों को 5 लाख रुपये और देश के भीतर हादसे का शिकार होने वालों को 2 लाख रुपये की सहायता देना सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है। लेकिन 'न्यूज प्रहरी' का मानना है कि इन योजनाओं की वास्तविक सफलता केवल प्रेस विज्ञप्तियों तक सीमित नहीं रहनी चाहिए, बल्कि इसका सीधा लाभ उन सुदूरवर्ती और ग्रामीण इलाकों के मजदूरों तक पहुंचना चाहिए जो अनपढ़ या कम पढ़े-लिखे होने के कारण डिजिटल पंजीकरण की जटिलताओं से दूर हैं।

अक्सर देखा जाता है कि हजारीबाग, गिरिडीह और बोकारो जैसे जिलों से हजारों मजदूर बिना किसी पंजीकरण के दलालों के माध्यम से लेह, लद्दाख, चेन्नई या खाड़ी देशों में चले जाते हैं। जब वहां उनके साथ कोई हादसा होता है या बंधक बनाया जाता है, तब प्रशासन को उनकी सुध आती है। सरकार को चाहिए कि वह पंचायतों के माध्यम से मुखिया और रोजगार सेवकों को यह जिम्मेदारी सौंपे कि गांव से बाहर जाने वाले हर पैर का रिकॉर्ड पंचायत भवन में दर्ज हो। साथ ही, विभाग के टोल फ्री नंबर 18003456526 की कार्यप्रणाली को इतना दुरुस्त करना होगा कि सुदूर लेह की पहाड़ियों में फंसा हुआ कोई श्रमिक जब फोन करे, तो उसे तत्काल प्रशासनिक रेस्क्यू मिल सके। केवल तभी 'श्रमाधान' सचमुच में समाधान बन पाएगा।

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हजारीबाग में भाजपा की विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 कार्यशाला संपन्न, मतदाता सूची के शुद्धिकरण को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र

 

हजारीबाग में भाजपा की विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 कार्यशाला संपन्न, मतदाता सूची के शुद्धिकरण को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने कार्यकर्ताओं को दिया जीत का मंत्र

"त्रुटिरहित और शुद्ध मतदाता सूची ही सशक्त लोकतंत्र की असली आधारशिला; सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने बीएलए-2 और मंडल अध्यक्षों से घर-घर संपर्क कर अभियान को सफल बनाने का किया आह्वान"— सांगठनिक प्रभाग

विशेष संवाददाता, हजारीबाग

  • रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
  • समाचार स्रोत (Source): भाजपा जिला मीडिया सेल, हजारीबाग सदर

हजारीबाग:

लोकतांत्रिक व्यवस्था को जमीनी स्तर पर सुदृढ़ करने और आगामी संगठनात्मक रणनीतियों को धार देने के उद्देश्य से हजारीबाग सदर विधानसभा क्षेत्र में 'विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 (SIR)' के संबंध में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कार्यशाला सह बैठक का आयोजन किया गया। इस उच्च स्तरीय सांगठनिक बैठक में मुख्य अतिथि के रूप में झारखंड विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी मुख्य रूप से उपस्थित रहे, जिनकी गरिमामयी उपस्थिति ने कार्यकर्ताओं में नए जोश का संचार किया। इस अवसर पर सांगठनिक मजबूती को गति देने के लिए हजारीबाग सदर के विधायक प्रदीप प्रसाद भी विशिष्ट रूप से मंच पर मौजूद रहे।

💡 नेता प्रतिपक्ष का बड़ा बयान: लोकतंत्र की असली ताकत शुद्ध मतदाता सूची में है। हर एक योग्य नागरिक का नाम जोड़ना और त्रुटियों को दूर करना ही इस अभियान का मुख्य लक्ष्य है।

अनुशासित मंच और प्रबुद्ध कार्यकर्ताओं का समागम

​इस महत्वपूर्ण सांगठनिक बैठक की अध्यक्षता भाजपा हजारीबाग जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह ने की, जबकि पूरे कार्यक्रम का सुचारू और प्रभावी मंच संचालन जिला महामंत्री सह विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के जिला संयोजक जयनारायण कुशवाहा द्वारा किया गया। इस कार्यशाला में चुनावी प्रबंधन और बूथ स्तर की मजबूती को ध्यान में रखते हुए हजारीबाग सदर विधानसभा के अंतर्गत आने वाले सभी मंडल अध्यक्ष, बूथ लेवल एजेंट (BLA-1 एवं BLA-2), जिला पदाधिकारी और सैकड़ों की संख्या में समर्पित सक्रिय कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

"त्रुटिरहित मतदाता सूची लोकतांत्रिक व्यवस्था का सबसे मजबूत स्तंभ"— बाबूलाल मरांडी

​कार्यशाला में उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित करते हुए नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मतदाता सूची की शुद्धता पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा, "लोकतंत्र की वास्तविक मजबूती के लिए एक शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित मतदाता सूची का होना अनिवार्य है। भाजपा का यह विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 (SIR) अभियान देश की लोकतांत्रिक व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाने की दिशा में एक बड़ा और प्रभावी कदम है।" उन्होंने सभी श्रेणी के कार्यकर्ताओं और बीएलए को निर्देशित करते हुए कहा कि वे इस अभियान में अपनी सक्रिय और अग्रणी भूमिका निभाएं, ताकि क्षेत्र के प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में गरिमा के साथ शामिल हो सके और किसी भी प्रकार की दोहरी प्रविष्टि या तकनीकी त्रुटि को समय रहते अद्यतन कर दूर किया जा सके।

"बूथ स्तर पर घर-घर संपर्क कर जनता को अभियान से जोड़ें कार्यकर्ता"— विधायक प्रदीप प्रसाद

​वहीं, हजारीबाग सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने अपने संबोधन में कार्यकर्ताओं की निष्ठा की सराहना करते हुए कहा कि भाजपा का प्रत्येक कार्यकर्ता संगठन द्वारा सौंपे गए हर एक राष्ट्रीय और प्रादेशिक दायित्व का निर्वहन पूरी निष्ठा, समर्पण और मुस्तैदी के साथ करता आया है। मतदाता सूची का शुद्धिकरण और नए मतदाताओं का नाम जोड़ना लोकतंत्र की आधारशिला को मजबूत करने जैसा पवित्र कार्य है। उन्होंने सभी मंडल अध्यक्षों और विशेषकर बीएलए-2 (बूथ लेवल एजेंट) के प्रभारियों से कड़ा आग्रह किया कि वे अपने-अपने चिन्हित क्षेत्रों में सघन गृह-संपर्क (डोर-टू-डोर विजिट) स्थापित करें और अधिकतम अहर्ता प्राप्त नागरिकों को इस पुनरीक्षण अभियान से जोड़ने का कार्य करें।

​कार्यशाला के अंतिम सत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण-2026 (SIR) को तय समय-सीमा के भीतर शत-प्रतिशत सफलतापूर्वक संपन्न कराने, फर्जी एवं स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाने और संगठन की आगामी बूथ स्तरीय कार्ययोजना पर पदाधिकारियों के बीच विस्तृत व रणनीतिक चर्चा की गई। बैठक के समापन पर उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं ने इस अभियान को सफल बनाने के लिए पूर्ण समर्पण और सांगठनिक अनुशासन के साथ कार्य करने का सामूहिक संकल्प लिया।

📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव गाइड (Election Commission & BLA Mechanism)

​📌 जानिए क्या होता है विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और BLA-1 व BLA-2 का कानूनी दायित्व?

  • विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision - SIR): भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और प्रादेशिक मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी के निर्देश पर समय-समय पर मतदाता सूची (Electoral Roll) को पूरी तरह अद्यतन करने के लिए यह विशेष अभियान चलाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य 1 जनवरी 2026 या विनिर्दिष्ट अर्हता तिथि को 18 वर्ष की आयु पूरी करने वाले युवाओं का नाम जोड़ना, मृत या स्थानांतरित दावों को हटाना और त्रुटिपूर्ण पहचान पत्रों में सुधार करना है।
  • BLA-1 और BLA-2 की भूमिका: निर्वाचन आयोग की गाइडलाइंस के अनुसार, राजनीतिक दलों द्वारा प्रत्येक मतदान केंद्र (Polling Booth) पर 'बूथ लेवल एजेंट' (BLA) नियुक्त किए जाते हैं। BLA-1 जहां सांगठनिक और प्रशासनिक स्तर पर अंचल या अनुमंडल कार्यालय में दावों की मॉनिटरिंग करते हैं, वहीं BLA-2 सीधे धरातल पर सरकारी बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के साथ समन्वय स्थापित कर मतदाता सूची के शुद्धिकरण, फॉर्म-6 (नाम जोड़ना), फॉर्म-7 (नाम हटाना) और फॉर्म-8 (संशोधन) को सही तरीके से भरवाने का विधिक कार्य करते हैं।

🔍 संपादकीय विश्लेषण: मतदाता सूची शुद्धिकरण और भाजपा का बूथ-स्तरीय चुनावी प्रबंधन (Editorial)

चुनावी राजनीति में 'पेज प्रमुख' और 'बीएलए' की मुस्तैदी ही तय करती है सांगठनिक बढ़त

हजारीबाग सदर विधानसभा क्षेत्र में भाजपा द्वारा 'विशेष गहन पुनरीक्षण-2026' को लेकर आयोजित यह कार्यशाला केवल एक सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह पार्टी के सूक्ष्म चुनावी प्रबंधन (Micro-Election Management) का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी और स्थानीय विधायक प्रदीप प्रसाद का इस बैठक में शामिल होना यह स्पष्ट करता है कि शीर्ष नेतृत्व के लिए बूथ स्तर की शुद्धता कितनी मायने रखती है।

'न्यूज प्रहरी' का मानना है कि किसी भी चुनाव को जीतने या हारने में सबसे बड़ी भूमिका मतदाता सूची की सटीकता की होती है। अक्सर देखा जाता है कि विपक्षी दल या सामान्य जनता मतदाता सूची में गड़बड़ी की शिकायत चुनाव के ऐन वक्त पर करते हैं, लेकिन भाजपा ने 'SIR' अभियान के माध्यम से काफी पहले ही अपने बीएलए-2 और मंडल अध्यक्षों को एक्टिव कर एक बड़ी रणनीतिक बढ़त हासिल करने का प्रयास किया है। हालांकि, इस अभियान की वास्तविक परीक्षा तब होगी जब ग्रामीण और सुदूर क्षेत्रों में बीएलए-2 सचमुच सरकारी बीएलओ के साथ मिलकर हर घर का दरवाजा खटखटाएंगे और वास्तविक डेटा को अपडेट करवाएंगे। जयनारायण कुशवाहा के नेतृत्व में यदि यह अभियान पूरी निष्पक्षता से आगे बढ़ता है, तो यह लोकतंत्र और संगठन दोनों के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

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रामगढ़ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का ऐतिहासिक और भव्य स्वागत, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल भी रहे मौजूद

रामगढ़ में भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का ऐतिहासिक और भव्य स्वागत, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल भी रहे मौजूद

"शहीद निर्मल महतो चौक से छतर मांडू तक उमड़ा पार्टी कार्यकर्ताओं का अभूतपूर्व जनसैलाब; पारंपरिक नृत्य, ढोल-नगाड़ों और पुष्पवर्षा से राष्ट्रीय अध्यक्ष का हुआ नागरिक अभिनंदन"— सांगठनिक प्रभाग

विशेष संवाददाता, रामगढ़

  • रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
  • समाचार स्रोत (Source): भाजपा जिला मीडिया सेल सह सांसद जनसंपर्क कार्यालय, हजारीबाग-रामगढ़

रामगढ़:

भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन के दो दिवसीय झारखंड प्रवास के दौरान हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत रामगढ़ जिला पूरी तरह से भाजपाई रंग में सराबोर नजर आया। रविवार की अहले सुबह रांची से बोकारो जाने के क्रम में जैसे ही राष्ट्रीय अध्यक्ष का काफिला रामगढ़ जिले की सीमा में प्रवेश हुआ, वैसे ही हजारों की संख्या में मुस्तैद पार्टी कार्यकर्ताओं और स्थानीय नेताओं ने अपने शीर्ष नेतृत्व का ऐतिहासिक और बेहद जोरदार स्वागत किया। इस गौरवमयी अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष के साथ भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के लोकप्रिय सांसद मनीष जायसवाल भी मुख्य रूप से मंच और काफिले में उपस्थित रहे।

🥁 झारखंडी संस्कृति की दिखी झलक: कोठार में ढोल-नगाड़ों और पारंपरिक नृत्य के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष का भव्य स्वागत। वीर शहीद निर्मल महतो की प्रतिमा पर नेताओं ने अर्पित की भावभीनी श्रद्धांजलि।

शहीद निर्मल महतो चौक पर झारखंडी संस्कृति की दिखी अनूठी झलक

​स्वागत कार्यक्रम की भव्य शुरुआत रामगढ़ के कोठार स्थित शहीद निर्मल महतो चौक से की गई। यहाँ सुबह से ही सैकड़ों की संख्या में एकत्रित पार्टी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू का स्वागत पारंपरिक झारखंडी संस्कृति के अनुसार किया। स्थानीय कलाकारों द्वारा ढोल-नगाड़ों की थाप पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया गया और नेताओं के आगमन पर फूलों की भारी वर्षा कर उनका नागरिक अभिनंदन किया गया। इसके बाद भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन, प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू और सांसद मनीष जायसवाल सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं ने वीर शहीद निर्मल महतो की आदमकद प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी। इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं से बेहद आत्मीयता के साथ मुलाकात की, जहाँ स्थानीय नेताओं ने उन्हें गुलदस्ता, बुके और अंग-वस्त्र भेंट कर सम्मानित किया। इसी क्रम में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल ने शहीद निर्मल महतो चौक पर राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का विधिवत रूप से स्वागत करते हुए उन्हें एक विशेष स्मृति चिन्ह (मोमेंटो) और तस्वीर प्रदान कर सम्मानित किया।

छतर मांडू में भी उमड़ा कार्यकर्ताओं का सैलाब, राष्ट्रीय अध्यक्ष का हुआ अभिनंदन

​शहीद निर्मल महतो चौक पर ऐतिहासिक स्वागत के बाद राष्ट्रीय अध्यक्ष का काफिला छतर मांडू की ओर बढ़ा। छतर मांडू स्थित प्रसिद्ध दुर्गा मंदिर के समीप पहले से ही मुस्तैद कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने राष्ट्रीय अध्यक्ष का एक बार फिर भव्य और जोरदार स्वागत किया। यहाँ भी पूरे रास्ते नेताओं के ऊपर जमकर फूलों की बारिश की गई और पार्टी के विभिन्न प्रकोष्ठों द्वारा उन्हें बुके देकर सम्मानित किया गया।

​राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस स्वागत समारोह में भाजपा के वरिष्ठ नेताओं और कार्यकर्ताओं का भारी हुजूम उमड़ पड़ा। इस अवसर पर मुख्य रूप से बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के विधायक रोशन लाल चौधरी, भाजपा जिला अध्यक्ष संजीव कुमार बावला, वरिष्ठ नेता रणंजय कुमार उर्फ कुंटू बाबू, पूर्व जिला अध्यक्ष अमरेंद्र कुमार गुप्ता, सांसद प्रतिनिधि राजीव जायसवाल, विजय जायसवाल, धनंजय पुटूस, संतोष शर्मा, शिवकुमार महतो, सरदार अनमोल सिंह, बृजेश पाठक, इलारानी पाठक, जगेश्वर प्रजापति, रूपा देवी, शशिशेखर सिंह, संजय अग्रवाल, तरुण साहू, शीतल सिंह, राजीव रंजन, उमेश प्रसाद, सुशांत पांडे, ऋषिकेश सिंह, प्रवीण कुमार सोनू, सहदेव ठाकुर, कुणाल दास, राजेश ठाकुर, मोहन पांडे, महेंद्र प्रजापति, दिलीप कुमार सिंह, सत्यजीत चौधरी, रामानंद महतो, किरण देवी, रूपलाल महतो, मनोज सिंह और दिनेश नायक सहित भारी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, महिलाएं और निष्ठावान कार्यकर्ता उपस्थित थे।

"राष्ट्रीय अध्यक्ष के आगमन से सांगठनिक गतिविधियों को मिलेगी अभूतपूर्व मजबूती"— सांसद मनीष जायसवाल

​मौके पर उपस्थित जनसमूह और मीडिया को संबोधित करते हुए हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र की इस पावन धरा रामगढ़ में कदम पड़ना हम सभी कार्यकर्ताओं के लिए अत्यंत गर्व और हर्ष की बात है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय अध्यक्ष के इस संगठनात्मक दौरे और रामगढ़ में उनके स्वागत में उमड़ा यह अभूतपूर्व जनसैलाब इस बात का स्पष्ट संकेत है कि स्थानीय कार्यकर्ताओं में एक नया उत्साह और नई ऊर्जा का संचार हुआ है। इस दौरे से निश्चित रूप से आगामी सांगठनिक गतिविधियों को और अधिक जमीनी मजबूती मिलेगी।

🔍 संपादकीय विश्लेषण: राष्ट्रीय अध्यक्ष का रामगढ़ दौरा और भाजपा की भविष्य की सांगठनिक बिसात (Editorial)

राष्ट्रीय अध्यक्ष के स्वागत में उमड़ी भीड़ केवल उत्साह नहीं, बल्कि आगामी सांगठनिक चुनौतियों के लिए कार्यकर्ताओं की लामबंदी है

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन का रांची से बोकारो जाने के क्रम में रामगढ़ की सीमा पर ऐसा भव्य और ऐतिहासिक स्वागत होना कोई सामान्य घटना नहीं है। यह हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र और विशेष रूप से रामगढ़ जिले में पार्टी की मजबूत पकड़ और कैडर बेस को प्रदर्शित करता है। शहीद निर्मल महतो चौक पर झारखंडी संस्कृति के साथ राष्ट्रीय अध्यक्ष का स्वागत करना और शहीद महतो की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करना यह दर्शाता है कि भाजपा अब स्थानीयता और क्षेत्रीय अस्मिता के प्रतीकों को अपने सांगठनिक ढांचे में कितनी प्रमुखता दे रही है।

'न्यूज प्रहरी' का मानना है कि सांसद मनीष जायसवाल और बड़कागांव विधायक रोशन लाल चौधरी की अगुवाई में यह जो जनसैलाब उमड़ा, वह आगामी सांगठनिक चुनावों और क्षेत्र में पार्टी की पकड़ को और धार देने का काम करेगा। सांसद मनीष जायसवाल द्वारा राष्ट्रीय अध्यक्ष को विशेष मोमेंटो सौंपना और कार्यकर्ताओं के इस हुजूम को नई ऊर्जा का स्रोत बताना यह सिद्ध करता है कि पार्टी का नेतृत्व पूरी तरह से 'एक्शन मोड' में है। हालांकि, इस भारी उत्साह को भविष्य के सांगठनिक कार्यों और बूथ स्तर तक के समन्वय में तब्दील करना जिला नेतृत्व के लिए एक बड़ी जिम्मेदारी होगी।

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"राजनीति से परे खेल के महाकुंभ का संकल्प; 1500 से अधिक टीमों के 25 हजार खिलाड़ियों को मिलेगा बड़ा मंच, जर्सी किट से लेकर डेटाबेस तक पर जोर"— हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल

विशेष संवाददाता, हजारीबाग

  • रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
  • समाचार स्रोत (Source): सांसद जनसंपर्क कार्यालय, हजारीबाग

हजारीबाग:

झारखंड की खेल प्रतिभाओं को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पहचान दिलाने के उद्देश्य से हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के हुड़हुडू स्थित फुडीज कैफे सभागार में आगामी 'सांसद खेल महोत्सव-2026' और 'नमो फुटबॉल टूर्नामेंट' के भव्य आयोजन को लेकर एक उच्च स्तरीय बैठक संपन्न हुई। हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में लोकसभा क्षेत्र के सभी सांसद प्रतिनिधि, खेल विशेषज्ञ, रेफरी और टूर्नामेंट के सफल संचालन से जुड़े गणमान्य लोग शामिल हुए। इस दौरान टूर्नामेंट को पिछले वर्षों की तुलना में और अधिक अनुशासित, भव्य और प्रोफेशनल बनाने पर विशेष चर्चा की गई।

🎯 इस बार क्या होगा खास? 1. 22 प्रखंडों में एक साथ महा-मुकाबले, 2. खिलाड़ियों के लिए वर्ल्ड क्लास जर्सी किट, 3. फुटबॉल के साथ अन्य स्थानीय खेलों का समागम।

महामंथन के मुख्य बिंदु: खेल प्रतिभाओं का डेटाबेस और वर्ल्ड क्लास सुविधाएं

​बैठक में तय किया गया कि इस वर्ष का खेल महाकुंभ कई मायनों में ऐतिहासिक होगा:

  • त्वरित आयोजन: टूर्नामेंट को महज एक पखवाड़े (15 दिन) के भीतर संपन्न कराने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके लिए सभी 22 प्रखंडों में एक सप्ताह के भीतर मैच शुरू कर दिए जाएंगे।
  • प्रोफेशनल किट: इस वर्ष खिलाड़ियों को पारंपरिक तरीके के स्थान पर एक आकर्षक किट बैग प्रदान किया जाएगा, जिसमें 15 सेट वर्ल्ड क्लास जर्सी उपलब्ध होगी।
  • खिलाड़ियों का डेटाबेस: टूर्नामेंट में शामिल होने वाले फुटबॉल और अन्य स्थानीय खेलों के खिलाड़ियों का एक व्यापक डेटाबेस तैयार किया जाएगा, ताकि भविष्य में उन्हें उचित मार्गदर्शन और अवसर मिल सके।
  • रणनीतिक स्थल चयन: आयोजन समिति ऐसे खेल मैदानों और समय का चयन करेगी जहां दर्शकों की भारी उपस्थिति सुनिश्चित हो सके, ताकि खिलाड़ियों का मनोबल बढ़े और स्थानीय प्रतिभाओं को बड़ा मंच मिल सके।

"खेल युवाओं को नशाखोरी और आपराधिक मानसिकता से बचाते हैं"— सांसद मनीष जायसवाल

​सांसद मनीष जायसवाल ने कहा कि खेल का आयोजन राजनीति से पूरी तरह प्रेरित नहीं होता, बल्कि यह सामाजिक विकास का एक सशक्त माध्यम है। उन्होंने कहा, "यह टूर्नामेंट केवल हजारीबाग ही नहीं, बल्कि पूरे झारखंड का सबसे बड़ा खेल समागम है, जहां गत वर्ष 1500 टीमों के लगभग 25 हजार खिलाड़ियों ने भाग लिया था। हमारा मुख्य उद्देश्य युवाओं को नशाखोरी, अपराध और नकारात्मकता से दूर रखकर उन्हें स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सामाजिक विकास की मुख्यधारा में जोड़ना है।"

बैठक में दिग्गजों की रही उपस्थिति

​इस महत्वपूर्ण बैठक में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के विभिन्न विधानसभाओं के सांसद प्रतिनिधियों और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने अपनी सक्रिय भागीदारी दर्ज कराई। बैठक में सत्येंद्र नारायण सिंह (सांसद प्रतिनिधि), विनोद झुनझुनवाला (सह सांसद प्रतिनिधि), राजीव जायसवाल (रामगढ़), किशोरी राणा (सदर), द्वारिका सिंह उर्फ खोखा सिंह (मांडू), पूनम साहू (बड़कागांव), मुकुंद साव (बरही) के साथ सीसीएल सांसद प्रतिनिधि रंजीत पांडेय, रेणुका साहू, दामोदर साव, अनूप ठाकुर, इन्द्रनारायण कुशवाहा, बालदेव बाबू, कृष्णा साव, शिव साहू, बंटी तिवारी, भाजपा नेता अनिल मिश्रा, मुकेश कुमार, रंजन चौधरी और रूपम ओझा सहित बड़ी संख्या में खेल प्रेमी मौजूद रहे।

🔍 संपादकीय विश्लेषण: सांसद खेल महोत्सव और झारखंड में खेल संस्कृति का भविष्य (Editorial)

सिर्फ टूर्नामेंट नहीं, एक 'स्पोर्ट्स इकोसिस्टम' बनाने की दिशा में सांसद का यह प्रयास सराहनीय

हजारीबाग के सांसद मनीष जायसवाल द्वारा लगातार आयोजित किए जा रहे 'सांसद खेल महोत्सव' ने झारखंड की खेल राजनीति को एक नई दिशा दी है। 25 हजार खिलाड़ियों का समागम कोई छोटी संख्या नहीं है, यह इस बात का प्रमाण है कि ग्रामीण युवाओं में अपार क्षमता है, बस उन्हें उचित संसाधनों और मंच की आवश्यकता है। 'न्यूज प्रहरी' का मानना है कि इस बार 'डेटाबेस' तैयार करने का निर्णय सबसे महत्वपूर्ण है। यदि इन खिलाड़ियों के कौशल का आकलन किया जाए और उन्हें राज्य स्तरीय एकेडमी से जोड़ा जाए, तो हजारीबाग आने वाले समय में झारखंड की खेल राजधानी बन सकता है। टूर्नामेंट को 15 दिन में संपन्न करने का निर्णय अनुशासन के प्रति आयोजन समिति की गंभीरता को दर्शाता है, लेकिन चुनौती प्रखंड स्तर पर मैदानों के रखरखाव और रेफरी की निष्पक्षता की होगी। खेल को राजनीति से दूर रखने का संकल्प यदि धरातल पर पूरी तरह दिखता है, तो यह आयोजन निश्चित रूप से झारखंड में खेल के विकास का एक बेंचमार्क बनेगा।

और पढ़ें: बड़कागांव थाना परिसर में अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी ने जनता दरबार लगाकर की जमीन विवादों की सुनवाई: तीन मामले आए, एक का मौके पर हुआ निपटारा


बड़कागांव थाना परिसर में अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी ने जनता दरबार लगाकर की जमीन विवादों की सुनवाई: तीन मामले आए, एक का मौके पर हुआ निपटारा

 

बड़कागांव थाना परिसर में अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी ने जनता दरबार लगाकर की जमीन विवादों की सुनवाई: तीन मामले आए, एक का मौके पर हुआ निपटारा

"भूमि संबंधी विवादों के त्वरित निष्पादन के लिए उपायुक्त के निर्देश पर जारी हुआ रोस्टर; हर माह बड़कागांव थाना, अंचल कार्यालय और उरीमारी ओपी में लगेंगे विशेष शिविर"— प्रशासनिक प्रभाग

विशेष संवाददाता, बड़कागांव

  • रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
  • समाचार स्रोत (Source): अंचल कार्यालय सह थाना प्रशासनिक प्रभाग, बड़कागांव, हजारीबाग

बड़कागांव:

हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती के दिशा-निर्देशानुसार जिले में भूमि संबंधी विवादों के त्वरित, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण निष्पादन को लेकर प्रशासनिक स्तर पर कवायद तेज कर दी गई है। इसी कड़ी में 'थाना दिवस' के अवसर पर बड़कागांव थाना परिसर में एक विशेष भूमि विवाद निपटारा जनता दरबार का आयोजन किया गया। यह जनता दरबार बड़कागांव के अंचलाधिकारी (सीओ) मनोज कुमार एवं थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह के संयुक्त नेतृत्व में आयोजित हुआ। इस शिविर में अंचल और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में कुल तीन पेचीदा मामलों की गहन सुनवाई की गई, जिसमें से दोनों पक्षों की आपसी सहमति और राजस्व अभिलेखों के आधार पर एक मामले का मौके पर ही सफल निपटारा कर दिया गया।

🗓️ शनिवार का नया प्रशासनिक रोस्टर:
• प्रथम शनिवार: बड़कागांव थाना परिसर
• द्वितीय व चतुर्थ शनिवार: अंचल कार्यालय बड़कागांव

​जनता दरबार में आए मामलों की जानकारी देते हुए प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि शिविर में कुल तीन भूमि विवाद के आवेदन पहुंचे थे। इसमें पहला मामला होरम शिवाडीह मौजा का था, जो प्रमिला देवी बनाम खुशी महतो एवं कमल महतो के बीच चल रहा था; इस मामले में दोनों पक्षों के दावों और कागजातों की स्क्रूटनी के बाद मौके पर ही इसका अंतिम निपटारा कर दिया गया। वहीं, दूसरा मामला हरली गांव से जुड़ा था, जिसमें प्रेम कुमार राणा बनाम रेखा देवी, अमित कुमार, सोनू एवं रीता देवी का पक्ष शामिल था; इस मामले से संबंधित भूमि अभिलेखों और कागजातों का अधिकारियों द्वारा बारीकी से अवलोकन किया गया, परंतु कतिपय तकनीकी कारणों से फिलहाल इस पर अंतिम सुनवाई पूरी नहीं हो सकी। तीसरा मामला पुंदौल गांव का था, जिसमें आवेदक नवल ठाकुर द्वारा रामेश्वर पासवान पर गैरमजरूआ खास भूमि पर अवैध अतिक्रमण करने का आरोप लगाया गया है; इस गंभीर मामले का प्रशासनिक स्तर पर अवलोकन और जांच की प्रक्रिया आगे जारी है। गौर करने वाली बात यह है कि ये तीनों विवाद थाना के अलावा पूर्व में बड़कागांव अंचल कार्यालय भी पहुंच चुके थे।

उपायुक्त के आदेश पर जारी हुआ जनता दरबार का मासिक रोस्टर

​भूमि विवादों के स्थाई समाधान के लिए हजारीबाग उपायुक्त कार्यालय के पत्रांक 985 दिनांक 10 मई 2026 के निर्देशन तथा बड़कागांव अंचल कार्यालय के पत्रांक 543 दिनांक 15 मई 2026 के आलोक में पूरे प्रखंड के लिए एक स्थाई मासिक रोस्टर जारी किया गया है। नए नियम के तहत अब प्रत्येक माह के प्रथम शनिवार को बड़कागांव थाना परिसर में, प्रत्येक माह के द्वितीय एवं चतुर्थ शनिवार को बड़कागांव अंचल कार्यालय में तथा प्रत्येक माह के तृतीय शनिवार को उरीमारी ओपी परिसर में जमीन निपटारा से संबंधित जनता दरबार अनिवार्य रूप से आयोजित करने का कड़ा निर्देश जारी किया गया है, ताकि ग्रामीणों को अपनी समस्याओं के लिए भटकना न पड़े।

राजस्व कर्मचारी, अमीन और पुलिस अधिकारी रहे मौजूद

​जनता दरबार को पारदर्शी और विधिक रूप से सुदृढ़ बनाने के लिए अंचल और थाना के तकनीकी विशेषज्ञों की टीम मुस्तैद रही। इस अवसर पर मुख्य रूप से अंचलाधिकारी मनोज कुमार, थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह, सब-इंस्पेक्टर (एसआई) राकेश खवास, अंचल निरीक्षक (सीआई) सह राजस्व कर्मचारी नंदकिशोर राम, राजस्व कर्मचारी मनीष पाठक, कुलदीप कुमार सिंह, अंचल अमीन नरेंद्र प्रसाद महतो सहित विनोद यादव, प्रेम राणा, प्रमिला देवी और बड़ी संख्या में विभिन्न गांवों से आए रैयत, फरियादी तथा स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।

📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव गाइड (Land Revenue & Grievance Redressal Mechanism)

​📌 जानिए क्या होती है गैरमजरूआ खास भूमि और थाना दिवस जनता दरबार का कानूनी महत्व?

  • गैरमजरूआ खास भूमि (Gair Mazarua Khas Land): जमींदारी उन्मूलन के समय जो भूखंड (जैसे तालाब, परती, बगीचा या कृषि भूमि) तत्कालीन जमींदारों के निजी नियंत्रण या कब्जे में थे और बाद में बिहार/झारखंड भूमि सुधार अधिनियम के तहत सरकार में निहित हो गए, उन्हें गैरमजरूआ खास या 'मालिक' भूमि कहा जाता है। इस प्रकार की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा या अतिक्रमण दंडनीय विधिक अपराध है और इसे केवल सरकार द्वारा ही लीज या बंदोबस्ती पर दिया जा सकता है।
  • थाना दिवस और जनता दरबार का विधिक महत्व: झारखंड सरकार के राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के नियमों के अनुसार, अंचल अधिकारी (CO) और थाना प्रभारी (SHO) की संयुक्त उपस्थिति में आयोजित होने वाले जनता दरबार का उद्देश्य 'बिहार/झारखंड भूमि विवाद निराकरण अधिनियम' (Land Dispute Resolution Act) के तहत छोटे भूमि विवादों को आपसी सुलह, मापी (Demarcation) और राजस्व रिकॉर्ड के मिलान द्वारा मौके पर सुलझाना है, ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े और दीवानी न्यायालयों (Civil Courts) का बोझ कम हो सके।

🔍 संपादकीय विश्लेषण: भूमि विवादों का ऑन-द-स्पॉट निपटारा और प्रशासनिक रोस्टर की चुनौतियां (Editorial)

बड़कागांव और उरीमारी जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में त्रैमासिक और मासिक रोस्टर का कड़ाई से पालन होना जरूरी

हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती के निर्देश पर बड़कागांव में शुरू की गई यह व्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों के लिए एक बड़ी राहत साबित हो सकती है। बड़कागांव और उरीमारी जैसे कोयला खनन प्रभावित और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में जमीन से जुड़े विवाद केवल पारिवारिक या सामाजिक नहीं होते, बल्कि कई बार ये गंभीर आपराधिक घटनाओं और कानून-व्यवस्था के संकट का रूप ले लेते हैं। ऐसे में अंचलाधिकारी मनोज कुमार और थाना प्रभारी दीपक कुमार सिंह द्वारा संयुक्त रूप से जनता दरबार लगाकर मामलों की सीधे सुनवाई करना प्रशासन के प्रति जनता के विश्वास को बहाल करता है।

हालांकि, 'न्यूज प्रहरी' का मानना है कि इस व्यवस्था की वास्तविक सफलता इसकी निरंतरता में छिपी है। अक्सर देखा जाता है कि शुरुआत में ऐसे जनता दरबार बड़े उत्साह के साथ आयोजित किए जाते हैं, परंतु समय बीतने के साथ रोस्टर केवल कागजों तक सीमित रह जाता है। उपायुक्त कार्यालय के पत्रांक 985 और अंचल के पत्रांक 543 का कड़ाई से अनुपालन तभी संभव होगा जब हर शनिवार को अंचल और पुलिस की टीम बिना किसी नागा के निर्धारित स्थानों पर बैठेगी। इसके साथ ही, गैरमजरूआ खास भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में केवल 'अवलोकन' करने के बजाय त्वरित जांच कर अमीन की रिपोर्ट के आधार पर बेदखली की कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भू-माफियाओं में कड़ा प्रशासनिक संदेश जा सके।

और पढ़ें : हजारीबाग प्रशासन का सख्त रुख: ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का हुआ संयुक्त निरीक्षण, NHAI और पेट्रोल पंप संचालकों को मिले कड़े निर्देशhazaribagh-administration-inspects-black-spots-up-mod-nhai-directives-2026.html


हजारीबाग प्रशासन का सख्त रुख: ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का हुआ संयुक्त निरीक्षण, NHAI और पेट्रोल पंप संचालकों को मिले कड़े निर्देश

 

हजारीबाग प्रशासन का सख्त रुख: ब्लैक स्पॉट और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों का हुआ संयुक्त निरीक्षण, NHAI और पेट्रोल पंप संचालकों को मिले कड़े निर्देश

"तेज गति और अंधा मोड़ बन रहे हैं मौत का सबब; मासीपिढ़ी चौक से यूपी मोड़ तक सुधारात्मक कार्रवाई के लिए जिला प्रशासन की विशेष टीम सक्रिय"— जिला सड़क सुरक्षा प्रभाग

विशेष संवाददाता, हजारीबाग

  • रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
  • समाचार स्रोत (Source): जिला जनसंपर्क कार्यालय एवं जिला सड़क सुरक्षा टीम, हजारीबाग

हजारीबाग:

जिले में सड़क दुर्घटनाओं के बढ़ते ग्राफ को देखते हुए और आम जनजीवन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त, हजारीबाग के निर्देश पर जिला प्रशासन और सड़क सुरक्षा टीम ने आज एक सघन संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य फोकस जिले के चिह्नित 'ब्लैक स्पॉट' (Black Spots) और उन क्षेत्रों पर था, जहां दुर्घटनाओं की संभावना सबसे अधिक है। जिला परिवहन पदाधिकारी, पुलिस उपाधीक्षक (यातायात), मोटर यान निरीक्षक (MVI) तथा जिला सड़क सुरक्षा टीम के सदस्यों ने संयुक्त रूप से घटनास्थल का भौतिक जायजा लिया।

📝 क्यों बढ़ रहे हैं हादसे? 1. वाहनों की ओवर-स्पीडिंग (मासीपिढ़ी/डेमोटांड), 2. तीव्र ढलान और अंधा मोड़ (यूपी मोड़)। अब प्रशासन उठाएगा सुधारात्मक कदम।

निरीक्षण में उजागर हुई खतरे की मुख्य वजहें

​संयुक्त टीम द्वारा की गई गहन पड़ताल में दुर्घटनाओं के पीछे के ठोस कारण सामने आए हैं, जो सुरक्षा मानकों की अनदेखी को दर्शाते हैं:

  • ओवर-स्पीडिंग: मासीपिढ़ी चौक, डेमोटांड और मोरंगी जैसे प्रमुख क्षेत्रों में वाहनों की बेलगाम और अत्यधिक तेज गति (Over-speeding) लगातार हादसों का सबसे बड़ा कारण बन रही है।
  • अंधा मोड़ और तीव्र ढलान: 'यूपी मोड़' (UP Mod) को सबसे अधिक जोखिम वाला क्षेत्र पाया गया है, जहां सड़क की तीव्र ढलान और 'ब्लाइंड स्पॉट' (Blind Spot) होने के कारण वाहन चालक नियंत्रण खो रहे हैं।

NHAI और पेट्रोल पंप संचालकों पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई

​जिला प्रशासन ने इन खतरनाक स्थलों को सुरक्षित बनाने के लिए संबंधित विभागों और एजेंसियों के प्रति सख्त रुख अपनाते हुए तत्काल प्रभाव से निम्नलिखित निर्देश जारी किए हैं:

  • NHAI रांची को अल्टीमेटम: संयुक्त टीम ने एनएचएआई (NHAI) रांची को स्पष्ट निर्देश दिया है कि दुर्घटना संभावित सभी स्थलों और मोड़ों पर तुरंत आवश्यक साइनबोर्ड, रंबल स्ट्रिप, ब्लिंकर्स और गति सीमा संकेतक (Speed Limit Indicators) लगाना सुनिश्चित किया जाए।
  • पेट्रोल पंप संचालकों पर नकेल: मोरंगी स्थित पेट्रोल पंप संचालक को भी प्रशासन ने चेतावनी देते हुए आदेश दिया है कि पंप के समीप और पहुंच मार्ग (Approach Road) पर सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन हो, ताकि मुख्य सड़क पर आने-जाने वाले वाहनों को कोई व्यवधान या दुर्घटना का खतरा न हो।

प्रशासन की अपील: गति सीमा का रखें ध्यान, सड़क सुरक्षा है प्राथमिकता

​जिला प्रशासन ने आम जनता से भी सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जागरूक रहने की अपील की है। विशेषकर खतरनाक मोड़ों पर सतर्कता बरतने और निर्धारित गति सीमा में ही वाहन चलाने का आग्रह किया गया है। प्रशासन की ओर से यह स्पष्ट कर दिया गया है कि लापरवाही बरतने वाले वाहन चालकों और सरकारी दिशा-निर्देशों की अनदेखी करने वाली एजेंसियों के खिलाफ आगे भी सख्त कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया जारी रहेगी।

🔍 संपादकीय विश्लेषण: क्या सड़क सुरक्षा के कागजी निर्देशों से कम होंगे हादसे? (Editorial)

सिर्फ साइनबोर्ड और रंबल स्ट्रिप ही नहीं, बल्कि चालकों में 'सड़क शिष्टाचार' की भी है भारी कमी

हजारीबाग प्रशासन का यह कदम स्वागत योग्य है, लेकिन सड़क सुरक्षा सिर्फ एक प्रशासनिक औपचारिकता नहीं होनी चाहिए। मासीपिढ़ी, डेमोटांड और यूपी मोड़ जैसे क्षेत्रों में बार-बार दुर्घटनाएं होना इस बात का प्रमाण है कि हमारी सड़क इंजीनियरिंग और ट्रैफिक मैनेजमेंट के बीच का समन्वय कमजोर है। NHAI को रंबल स्ट्रिप और साइनबोर्ड लगाने का निर्देश देना पहला कदम है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती इन नियमों का पालन करवाने की है। एनएच पर चलने वाले भारी वाहनों और तेज रफ्तार चारपहिया गाड़ियों पर नियंत्रण के लिए नियमित पेट्रोलिंग और सीसीटीवी निगरानी अनिवार्य है। 'न्यूज प्रहरी' का मानना है कि जब तक पेट्रोल पंप संचालकों और एजेंसियों की जवाबदेही तय नहीं होगी और चालकों में यातायात अनुशासन नहीं आएगा, तब तक ब्लैक स्पॉट कम करना एक कठिन चुनौती बनी रहेगी। प्रशासन को चाहिए कि वह भविष्य में इन सुधारात्मक कार्यों का 'ऑडिट' भी करे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि सरकारी निर्देश केवल फाइलों तक सीमित नहीं हैं।

और पढ़ें :हजारीबाग में भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर झामुमो ने किया नमन: पुराना बस स्टैंड चौक पर प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी भावभीनी श्रद्धांजलि


हजारीबाग में भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर झामुमो ने किया नमन: पुराना बस स्टैंड चौक पर प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी भावभीनी श्रद्धांजलि

 

हजारीबाग में भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर झामुमो ने किया नमन: पुराना बस स्टैंड चौक पर प्रतिमा पर माल्यार्पण कर दी भावभीनी श्रद्धांजलि

"जल, जंगल, जमीन की रक्षा और शोषितों के हक के लिए उलगुलान की अलख जगाने वाले 'धरती आबा' के सिद्धांतों पर चलने का झामुमो नेताओं और कार्यकर्ताओं ने लिया संकल्प"— सांगठनिक प्रभाग

विशेष संवाददाता, हजारीबाग

  • रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)

  • समाचार स्रोत (Source): जिला सांगठनिक प्रभाग, झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM), हजारीबाग

हजारीबाग: झारखंड के महान स्वतंत्रता सेनानी, जल, जंगल और जमीन की अस्मिता के रक्षक 'धरती आबा' भगवान बिरसा मुंडा के पावन शहादत दिवस के अवसर पर मंगलवार को हजारीबाग जिला झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) परिवार द्वारा एक भव्य और गरिमामयी श्रद्धांजलि कार्यक्रम का आयोजन किया गया। हजारीबाग शहर के पुराना बस स्टैंड के निकट स्थित भगवान बिरसा मुंडा चौक पर आयोजित इस कार्यक्रम में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं, पदाधिकारियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान सभी ने भगवान बिरसा मुंडा की आदमकद प्रतिमा पर श्रद्धापूर्वक माल्यार्पण व पुष्प अर्पित कर उन्हें अपनी भावभीनी श्रद्धांजलि दी और उनके द्वारा दिखाए गए सामाजिक न्याय व उलगुलान के मार्ग पर चलने का सामूहिक संकल्प लिया।

📝 विचारों की प्रासंगिकता: झामुमो नेताओं का बड़ा बयान— जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए बिरसा मुंडा का खड़ा किया गया आंदोलन आज भी प्रासंगिक; शोषितों के हक की लड़ाई रहेगी जारी।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए झामुमो के केंद्रीय सदस्य विकास राणा ने कहा कि भगवान बिरसा मुंडा केवल झारखंड ही नहीं, बल्कि संपूर्ण राष्ट्र के लिए वीरता, राष्ट्रवाद और प्रेरणा के सबसे बड़े स्रोत हैं। उन्होंने तत्कालीन अंग्रेजी हुकूमत और महाजनी व्यवस्था के खिलाफ आदिवासियों, वंचितों, पिछड़ों और शोषित समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए ऐतिहासिक संघर्ष किया और मातृभूमि के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। उनका अल्पकालिक लेकिन ऐतिहासिक जीवन साहस, अभूतपूर्व त्याग और सामाजिक समानता का जीवंत प्रतीक है। आज के युवाओं को उनके महान संघर्ष, अडिग सिद्धांतों और विचारों को गहराई से समझकर अपने जीवन में आत्मसात करने की अत्यधिक आवश्यकता है।

जल, जंगल, जमीन की रक्षा का आंदोलन आज भी प्रासंगिक: कुणाल यादव

वहीं, झामुमो के जिला प्रवक्ता कुणाल यादव ने अपने विचार साझा करते हुए कहा कि भगवान बिरसा मुंडा ने जल, जंगल और जमीन की रक्षा के लिए जो उलगुलान (क्रांति) खड़ा किया था, उसकी गूंज और प्रासंगिकता आज के आधुनिक दौर में भी उतनी ही प्रभावी है। बिरसा मुंडा का मुख्य सपना एक ऐसे समतामूलक समाज का निर्माण करना था, जहां समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को भी पूरा सम्मान, बुनियादी अधिकार और तरक्की के समान अवसर प्राप्त हो सकें। झारखंड की सांस्कृतिक पहचान, गौरवशाली इतिहास और अस्मिता को अक्षुण्ण बनाए रखने में उनके योगदान को कभी विस्मृत नहीं किया जा सकता। झामुमो हमेशा भगवान बिरसा मुंडा के आदर्शों और सिद्धांतों को आगे बढ़ाने तथा झारखंडी हितों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध रहेगी।

अंतिम व्यक्ति तक बिरसा के विचारों को पहुंचाने का संकल्प, झामुमो के कई दिग्गज रहे मौजूद

श्रद्धांजलि सभा के दौरान उपस्थित सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने भगवान बिरसा मुंडा के अत्यंत संघर्षमय जीवन, उनके चमत्कारी नेतृत्व और देश की आजादी के लिए दिए गए सर्वोच्च बलिदान को याद किया। इसके साथ ही, पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनके क्रांतिकारी विचारों और जल-जंगल-जमीन के अधिकारों के प्रति चेतना को समाज के सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्रों और अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का दृढ़ संकल्प दोहराया।

इस महत्वपूर्ण और गरिमामयी शहादत दिवस कार्यक्रम के अवसर पर मुख्य रूप से झामुमो के नगर अध्यक्ष नवीन प्रकाश, नगर सचिव निसार अहमद, नगर उपाध्यक्ष राजीव वर्मा, जिला सह सचिव अब्दुल्ला खां, पिंकू, विक्रम रवि, संदीप कुमार, मोहम्मद शमसाद, विवेक राणा, मोहम्मद मोइनुद्दीन, अभितेष कुमार, राजेश यादव, रोहित रजक समेत कई अन्य सक्रिय कार्यकर्ता और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।

📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव गाइड (Birsa Munda's Legacy & Chotanagpur Tenancy Act History)

📌 जानिए क्या था भगवान बिरसा मुंडा का उलगुलान और छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम (CNT Act)?

  • उलगुलान (The Great Tumult): 1895 से 1900 के बीच भगवान बिरसा मुंडा के नेतृत्व में मुंडा आदिवासियों द्वारा अंग्रेजों और दिकुओं (बाहरी शोषकों) के खिलाफ किया गया यह झारखंड का सबसे बड़ा और प्रभावी सशस्त्र विद्रोह था। इसका उद्देश्य स्वतंत्र 'मुंडा राज' की स्थापना करना और पारंपरिक भूमि व्यवस्था को बहाल करना था।

  • छोटानागपुर काश्तकारी अधिनियम, 1908 (CNT Act): भगवान बिरसा मुंडा के इसी ऐतिहासिक आंदोलन और शहादत के दबाव में आकर ब्रिटिश सरकार को 11 नवंबर 1908 को सीएनटी एक्ट (CNT Act) लागू करना पड़ा था। यह कानून आदिवासियों की जमीन को गैर-आदिवासियों द्वारा अवैध रूप से हड़पने से रोकने के लिए बनाया गया सबसे बड़ा सुरक्षा कवच है, जो आज भी झारखंड की भूमि नीति का मुख्य आधार है।

  • 9 जून 1900 (रांची जेल में शहादत): अंग्रेजों द्वारा चक्रधरपुर के जंगलों से धोखे से गिरफ्तार किए जाने के बाद, मात्र 25 वर्ष की आयु में रांची जेल में रहस्यमयी परिस्थितियों (अंग्रेजों के अनुसार हैजा) के कारण भगवान बिरसा मुंडा की मृत्यु हो गई थी, जिसे पूरा देश शहादत दिवस के रूप में मनाता है।

🔍 संपादकीय विश्लेषण: बिरसा के सपनों का झारखंड और वर्तमान राजनीति की चुनौतियां (Editorial)

शहादत दिवस पर माल्यार्पण से आगे बढ़कर उनके जल, जंगल, जमीन के सिद्धांतों को धरातल पर उतारना ही सच्ची श्रद्धांजलि झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) द्वारा हजारीबाग में भगवान बिरसा मुंडा के शहादत दिवस पर आयोजित यह श्रद्धांजलि कार्यक्रम न केवल एक राजनीतिक औपचारिकता है, बल्कि यह झारखंड के वैचारिक मूल को याद करने का दिन है। विकास राणा और कुणाल यादव के वक्तव्य इस बात की तस्दीक करते हैं कि बिरसा मुंडा का आंदोलन सिर्फ सत्ता परिवर्तन के लिए नहीं, बल्कि जल, जंगल और जमीन की मुकम्मल सुरक्षा के लिए था। आज जब झारखंड गठन के ढाई दशक पूरे होने वाले हैं, तब हमें यह आत्ममंथन करना होगा कि क्या 'धरती आबा' के सपनों का समाज सचमुच बन पाया है? वर्तमान समय में भी कॉर्पोरेट शक्तियों और विस्थापन के कारण झारखंड के सुदूरवर्ती अंचलों में आदिवासियों और मूलवासियों की जमीन पर संकट मंडराता रहता है। ऐसे में झामुमो जैसी क्षेत्रीय पार्टी, जो खुद को जल-जंगल-जमीन की रक्षक मानती है, उस पर यह बड़ी जिम्मेदारी है कि वह बिरसा मुंडा के सिद्धांतों को केवल भाषणों और माल्यार्पण तक सीमित न रखे। वास्तविक श्रद्धांजलि तभी होगी जब राज्य के अंतिम व्यक्ति तक शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अधिकार पहुंचेंगे और सीएनटी व एसपीटी एक्ट जैसे भूमि सुरक्षा कानूनों का कड़ाई से पालन होगा। युवाओं को बिरसा के विचारों से जोड़ना आज इसलिए जरूरी है ताकि वे अपनी माटी और संस्कृति के प्रति सजग रह सकें।

और पढ़ें:हजारीबाग उत्पाद विभाग की तड़के बड़ी कार्रवाई: सिंदूर चौक से कटकमदाग तक फिल्मी अंदाज में पीछा कर पकड़ी गई एर्टिगा कार, 55 कार्टन अवैध विदेशी शराब जब्त 

हजारीबाग में बिना नक्शे वाले मकान होंगे वैध! नगर निगम ने शुरू की 'भवन नियमितीकरण योजना'; 25 जून तक ऑनलाइन आवेदन का आखिरी मौका 

हजारीबाग उत्पाद विभाग की तड़के बड़ी कार्रवाई: सिंदूर चौक से कटकमदाग तक फिल्मी अंदाज में पीछा कर पकड़ी गई एर्टिगा कार, 55 कार्टन अवैध विदेशी शराब जब्त

 

हजारीबाग उत्पाद विभाग की तड़के बड़ी कार्रवाई: सिंदूर चौक से कटकमदाग तक फिल्मी अंदाज में पीछा कर पकड़ी गई एर्टिगा कार, 55 कार्टन अवैध विदेशी शराब जब्त

"उपायुक्त हेमंत सती के आदेश पर सुबह साढ़े चार बजे कोर्रा पुलिस प्रभाग में चेकिंग के दौरान भाग रहा तस्कर सालगांव हाई स्कूल के पास गाड़ी छोड़ फरार, 475 लीटर से अधिक अवैध शराब बरामद"— उत्पाद टीम

विशेष संवाददाता, हजारीबाग

  • रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)

  • समाचार स्रोत (Source): सहायक आयुक्त उत्पाद कार्यालय सह कटकमदाग एवं कोर्रा थाना प्रभाग, हजारीबाग

हजारीबाग: हजारीबाग जिले में अवैध और गैर-कानूनी शराब के सिंडिकेट, अंतर-जिला परिवहन और तस्करी के नेटवर्क को नेस्तनाबूद करने के लिए जिला प्रशासन और आबकारी विभाग की मुस्तैदी लगातार रंग ला रही है। हजारीबाग के उपायुक्त हेमंत सती द्वारा अवैध शराब के कारोबार व संचय पर पूर्णतः अंकुश लगाने के लिए जारी किए गए कड़े छापेमारी आदेश के आलोक में उत्पाद विभाग को एक और बड़ी और बेहद रोमांचक सफलता हाथ लगी है। सहायक आयुक्त उत्पाद, हजारीबाग के कुशल निर्देशन में उत्पाद विभाग की विशेष टीम ने मंगलवार (09 जून 2026) की सुबह तड़के फिल्मी अंदाज में एक संदिग्ध कार का पीछा करते हुए भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब (IMFL) की खेप को जब्त किया है।

📝 कार्रवाई का पूरा ब्योरा: लग्जरी गाड़ी के भीतर छिपाकर ले जाए जा रहे थे 55 कार्टन; उत्पाद टीम ने जॉर्ज विलियम ब्रांड के 180ml के पाउच और रॉयल ग्रीन की बोतलें कीं जब्त।

प्राप्त आधिकारिक विवरण के अनुसार, उत्पाद विभाग की खुफिया विंग को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली थी कि सुबह के वक्त एक लग्जरी कार के जरिए विदेशी शराब की बड़ी खेप खपाने के लिए हजारीबाग शहर के रास्ते ले जाई जा रही है। सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए सुबह करीब 4:30 बजे कोर्रा थाना क्षेत्र अंतर्गत सिंदूर चौक के समीप उत्पाद विभाग द्वारा सघन वाहन जांच का विशेष कार्यक्रम शुरू किया गया।

सिंदूर चौक पर बैरिकेडिंग तोड़कर भागी कार, पुलिस ने किया पीछा

वाहन जांच के दौरान सिंदूर चौक पर पुलिस टीम को एक सफेद रंग की मारुति सुजुकी एर्टिगा कार (लग्जरी वाहन) आती हुई दिखाई दी। संदेह के आधार पर जब उत्पाद विभाग के अधिकारियों और सशस्त्र जवानों ने उसे रुकने का इशारा किया, तो वाहन चालक ने गाड़ी की रफ्तार बढ़ा दी और बैरिकेडिंग को छकाते हुए तेजी से कटकमदाग मार्ग की ओर भाग निकला। उत्पाद विभाग की टीम ने बिना एक पल गंवाए अपनी गाड़ियों से तस्कर का पीछा (High-Speed Chase) करना शुरू कर दिया।

खुद को पुलिस से चारों तरफ से घिरता देख और उत्पाद विभाग की गाड़ियों को पीछे लगा पाकर तस्कर वाहन को लेकर कटकमदाग थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम सालगांव की ओर मुड़ गया। सालगांव स्थित स्थानीय हाई स्कूल के समीप पहुंचते ही तस्कर ने कार को सड़क किनारे खड़ा किया और अंधेरे व झाड़ियों का फायदा उठाकर गिरफ्तारी से बचकर मौके से भागने में सफल रहा।

55 कार्टन में भरी थी 475 लीटर विदेशी शराब, गाड़ी और माल विधिवत जब्त

तस्कर के फरार होने के बाद जब उत्पाद विभाग की टीम ने सालगांव हाई स्कूल के पास खड़ी उक्त सफेद एर्टिगा कार की घेराबंदी कर कानूनन और विधिवत सघन तलाशी ली, तो गाड़ी के भीतर का नजारा देखकर अधिकारी दंग रह गए। कार की पिछली सीटों को हटाकर उसमें भारी मात्रा में शराब के कार्टन लादे गए थे। गिनती करने पर कार के भीतर से कुल 55 कार्टन अवैध विदेशी शराब बरामद की गई।

इन कार्टनों को खोलने पर लंदन ब्रेवरेज द्वारा निर्मित 'जॉर्ज विलियम' (George William) ब्रांड की 180 एमएल (ml) की प्लास्टिक पैकिंग वाली कुल 475.2 लीटर अवैध विदेशी शराब पाई गई। इसके साथ ही कार से 'रॉयल ग्रीन' (Royal Green) ब्रांड की 375 एमएल की 6 पीस विदेशी शराब भी बरामद की गई। उत्पाद टीम ने बरामद शराब की पूरी खेप और तस्करी में प्रयुक्त मारुति सुजुकी एर्टिगा कार को घटना स्थल से ही विधिवत तरीके से जब्त कर लिया है।

उत्पाद विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि गाड़ी के चेसिस नंबर, इंजन नंबर और रजिस्ट्रेशन दस्तावेजों के जरिए वाहन के असली मालिक और इस तस्करी के पीछे शामिल मुख्य सिंडिकेट के सरगनाओं की पहचान की जा रही है। फरार चालक और संलिप्त तस्करों के खिलाफ झारखंड उत्पाद एवं आबकारी अधिनियम की विभिन्न सुसंगत और कड़े गैर-जमानती प्रावधानों के तहत मामला दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस साहसिक और सफल छापेमारी दल में मुख्य रूप से उत्पाद अवर निरीक्षक भुवनेश्वर नायक, उत्पाद आरक्षी अनूप कुमार सिंह और सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी (होमगार्ड) के जवान शामिल थे।

📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव गाइड (Excise Laws on Illegal Inter-State Smuggling)

📌 हाईवे चेस और वाहनों के जरिए शराब की तस्करी: जानिए क्या हैं कड़े कानूनी प्रावधान?

  • झारखंड उत्पाद अधिनियम की धारा 47(A) और 52: किसी भी वाहन में बिना परमिट या बिना वैध आबकारी पास के भारी मात्रा में विदेशी या देसी शराब का परिवहन करना इस धारा के तहत गंभीर अपराध है। इसमें शराब की जब्ती के साथ-साथ तस्करी में प्रयुक्त वाहन (चाहे वह किसी का भी हो) को राज्य सरकार के पक्ष में पूरी तरह राजसात (Confiscate/जब्त) करने का कड़ा नियम है।

  • वाहन जांच और पीछा करने का नियम: यदि कोई संदिग्ध वाहन पुलिस या आबकारी विभाग के रोकने के इशारे के बावजूद बैरिकेड तोड़कर भागता है, तो कानून प्रवर्तन एजेंसियों को आत्मरक्षा और अपराध की रोकथाम के लिए उस वाहन का पीछा करने, टायरों पर प्रहार करने या कटकमदाग जैसी नाकेबंदी करने का पूरा कानूनी अधिकार प्राप्त है।

  • ब्रांड और पैकेजिंग का नियम: बिहार जैसे शुष्क (Dry) राज्यों या स्थानीय ग्रामीण इलाकों में खपाने के लिए अक्सर दूसरे राज्यों (जैसे अरुणाचल या चंडीगढ़) की बनी फॉर-सेल-ओनली शराब की तस्करी की जाती है। ऐसी शराब की बरामदगी पर आबकारी विभाग सीधे तौर पर गैर-जमानती धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज करता है।

🔍 संपादकीय विश्लेषण: सुबह की मुस्तैदी ने नाकाम किया शराब माफिया का बड़ा सिंडिकेट (Editorial)

सिंदूर चौक से सालगांव तक उत्पाद विभाग का एक्शन: एर्टिगा कार का पकड़ा जाना पुलिस की चौकसी का प्रमाण, पर तस्कर का भागना चिंताजनक सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय हजारीबाग के इनपुट और उत्पाद विभाग की इस ताजा कार्रवाई से यह स्पष्ट है कि शराब माफिया अब पुलिस की आंखों में धूल झोंकने के लिए लग्जरी और पारिवारिक गाड़ियों (जैसे मारुति एर्टिगा) का इस्तेमाल धड़ल्ले से कर रहे हैं। सुबह 4:30 बजे का वक्त वह समय होता है जब सड़कों पर पुलिस की गश्त आमतौर पर ढीली होती है, और माफिया इसी का फायदा उठाते हैं। उत्पाद अवर निरीक्षक भुवनेश्वर नायक और उनकी टीम निश्चित रूप से बधाई की पात्र है कि उन्होंने न केवल तस्कर की गाड़ी को रोकने का प्रयास किया बल्कि बैरिकेड तोड़कर भागने पर सालगांव हाई स्कूल तक उसका पीछा किया। 475 लीटर से अधिक जॉर्ज विलियम और रॉयल ग्रीन ब्रांड की विदेशी शराब की यह खेप यह साफ इशारा करती है कि हजारीबाग का इस्तेमाल एक बड़े ट्रांजिट हब के रूप में किया जा रहा था। हालांकि, इस पूरे घटनाक्रम में तस्कर का गाड़ी छोड़कर भाग जाना जिला पुलिस की ग्राउंड नाकेबंदी पर एक सवाल भी खड़ा करता है। यदि कोर्रा पुलिस तुरंत कटकमदाग पुलिस को वायरलेस संदेश भेजकर आगे से घेराबंदी करवाती, तो शायद तस्कर सालगांव में भागने के बजाय सलाखों के पीछे होता। बहरहाल, अब गेंद जिला पुलिस और आबकारी विभाग के पाले में है कि वे कार के नंबर और कागजात खंगालकर उस 'व्हाइट कॉलर' माफिया तक पहुंचे जिसके इशारे पर सुबह के अंधेरे में मौत और नशे का यह सामान हजारीबाग की सड़कों पर दौड़ रहा था।

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बरही में सनसनीखेज वारदात: केदारनाथ यात्रा पर निकले हजारीबाग ओकनी के युवक विक्की सोनी की कार पंचर होने पर अपराधियों ने गोली मारकर की हत्या 

हजारीबाग समाहरणालय में पंचायती राज की महासमीक्षा: उपायुक्त हेमंत सती का कड़ा आदेश— 15वें वित्त आयोग के फंड से स्कूलों में बनेंगे बाउंड्री वॉल, प्रखंड परिसरों में खुलेंगे ओपन जिम और सुधरेंगे हाट-बाजार 

हजारीबाग उत्पाद विभाग का बिष्णुगढ़ में बड़ा धमाका: महुआ शराब की 5 जलती भट्ठियां ध्वस्त, 4000 किलो जावा महुआ नष्ट और 135 लीटर अवैध शराब जब्त

हजारीबाग उत्पाद विभाग का बिष्णुगढ़ में बड़ा धमाका: महुआ शराब की 5 जलती भट्ठियां ध्वस्त, 4000 किलो जावा महुआ नष्ट और 135 लीटर अवैध शराब जब्त

"उपायुक्त हेमंत सती के सख्त निर्देश पर चटकरी गांव में सहायक आयुक्त उत्पाद के नेतृत्व में हुई सघन छापेमारी, संलिप्त गृहस्वामियों की पहचान कर आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज"— उत्पाद टीम

विशेष संवाददाता, हजारीबाग

  • रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)

  • समाचार स्रोत (Source): सहायक आयुक्त उत्पाद कार्यालय सह बिष्णुगढ़ थाना प्रभाग, हजारीबाग

हजारीबाग: हजारीबाग जिले में अवैध और जहरीली शराब के काले कारोबार, निर्माण, संचय तथा अंतर-जिला परिवहन पर पूरी तरह से अंकुश लगाने के लिए जिला प्रशासन और आबकारी विभाग ने संयुक्त रूप से कमर कस ली है। हजारीबाग के उपायुक्त हेमंत सती द्वारा जिले भर में अवैध शराब के खिलाफ चलाए जा रहे सघन छापेमारी और सख्त दंडात्मक कार्रवाई के आदेश के आलोक में उत्पाद विभाग को एक और बड़ी सफलता हाथ लगी है। सहायक आयुक्त उत्पाद, हजारीबाग के कुशल निर्देशन में उत्पाद विभाग की विशेष छापेमारी टीम ने बिष्णुगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत चटकरी गांव में चल रहे अवैध शराब के एक बड़े नेटवर्क को पूरी तरह से नेस्तनाबूद कर दिया है।

📝 कार्रवाई का पूरा ब्योरा: मैडमऒ पंचायत के उपर टोला में अलग-अलग घरों में चल रहा था अवैध धंधा; उत्पाद टीम ने 135 लीटर तैयार महुआ शराब जब्त कर बर्तनों को किया चकनाचूर।

प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, दिनांक 08 जून 2026 को उत्पाद विभाग की खुफिया टीम को एक पुख्ता गुप्त सूचना प्राप्त हुई थी कि बिष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के मैडमऒ पंचायत अंतर्गत आने वाले चटकरी (उपर टोला) गांव के अलग-अलग घरों में बडे़ पैमाने पर महुआ शराब की भट्ठियां सुलग रही हैं, जहां से सुदूरवर्ती इलाकों में शराब की सप्लाई की जाती है।

घरों के भीतर धधक रही थीं मौत की भट्ठियां, 4 हजार किलो जावा महुआ पानी में मिलाया

सूचना को पूरी तरह सत्यापित करने के बाद उत्पाद विभाग की टीम ने सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी (होमगार्ड) के जवानों के साथ मिलकर चिन्हित चटकरी गांव के उपर टोला में अचानक चारों तरफ से घेराबंदी कर दी। इस योजनाबद्ध छापेमारी के दौरान अलग-अलग घरों के परिसरों और झाड़ियों में अवैध रूप से संचालित की जा रही महुआ चुलाई शराब की 5 धधकती (जलती) हुई भट्ठियों को पुलिस बल के सहयोग से पूरी तरह से ध्वस्त और मटियामेट कर दिया गया।

इसके साथ ही, छापेमारी दल ने घटना स्थल एवं आसपास के परिसरों में अत्यंत शातिर तरीके से छुपाकर रखे गए किन्वयण योग्य (शराब बनाने के लिए तैयार) करीब 4,000 किलोग्राम (4 टन) जावा महुआ को मौके पर ही पूरी तरह से बहाकर विनष्ट कर दिया। इसके अलावा, उत्पाद टीम ने अवैध शराब बनाने के काम में आने वाले बड़े-बड़े लोहे के बर्तन, ड्रम, पाइप और अन्य निर्माण सामग्री को हथौड़ों से तोड़ दिया तथा मौके से करीब 135 लीटर तैयार अवैध महुआ चुलाई शराब को विधिवत जब्त कर लिया।

तस्करों की पहचान तेज, केस दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू

उत्पाद विभाग के अधिकारियों ने बताया कि छापेमारी दल की भनक लगते ही अवैध धंधे में संलिप्त मुख्य कारोबारी और गृहस्वामी मौके से भागने में सफल रहे। हालांकि, उत्पाद विभाग ने स्थानीय चौकीदार और ग्रामीणों के सहयोग से इस अवैध धंधे में सीधे तौर पर संलिप्त सभी मुख्य अभियुक्तों और उनके संरक्षकों की पहचान पूरी तरह स्थापित कर ली है। इन सभी फरार आरोपियों के खिलाफ झारखंड उत्पाद एवं आबकारी अधिनियम की सुसंगत और कड़ी धाराओं के तहत जिला उत्पाद थाना में नामजद अभियोग (केस) दर्ज किया जा रहा है।

इस बेहद सफल और साहसिक छापेमारी ऑपरेशन को अंजाम देने वाले दल में मुख्य रूप से उत्पाद अवर निरीक्षक भुवनेश्वर नायक, उत्पाद आरक्षी अनूप कुमार सिंह सहित सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी के जांबाज जवान और अधिकारी शामिल थे। उत्पाद टीम ने स्पष्ट किया है कि हजारीबाग के किसी भी प्रखंड या पंचायत में अवैध महुआ या अंग्रेजी शराब का धंधा करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।

📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव गाइड (Excise Laws & Public Safety Rights)

📌 अवैध शराब चुलाई और झारखंड उत्पाद अधिनियम: जानिए क्या हैं कड़े कानून?

  • झारखंड उत्पाद अधिनियम की धारा 47(A): बिना किसी वैध सरकारी लाइसेंस के अपने घरों या जंगलों में महुआ शराब की भट्ठी संचालित करना, जावा महुआ का संचय करना या शराब बेचना इस धारा के तहत गैर-जमानती और संगीन अपराध है। इसमें दोषियों को न्यूनतम 3 वर्ष से लेकर अधिकतम 5 वर्ष तक की कठोर कारावास और भारी जुर्माने का प्रावधान है।

  • घरों में छापेमारी का नियम: आबकारी विभाग या स्थानीय पुलिस को यदि पुख्ता सूचना मिले कि किसी परिसर में अवैध शराब का निर्माण या संचय हो रहा है, तो वे बिना सर्च वारंट के भी आबकारी अधिनियम के विशेष अधिकारों के तहत तत्काल प्रवेश कर तलाशी और जब्ती की कार्रवाई कर सकते हैं।

  • ग्रामीणों के वैधानिक अधिकार: पंचायती राज अधिनियम के तहत ग्राम सभाओं और महिला स्वयं सहायता समूहों (SHGs) को यह वैधानिक अधिकार प्राप्त है कि वे अपने पंचायत क्षेत्र को पूर्ण नशामुक्त घोषित करने के लिए प्रस्ताव पारित कर जिला प्रशासन और उत्पाद विभाग से ऐसी अवैध भट्ठियों को ध्वस्त करने की लिखित मांग कर सकते हैं, जिस पर 24 घंटे में कार्रवाई अनिवार्य है।

🔍 संपादकीय विश्लेषण: बिष्णुगढ़ में भट्ठियों का ध्वस्त होना सराहनीय, लेकिन जड़ों पर प्रहार जरूरी (Editorial)

4000 किलो जावा महुआ की बरामदगी आबकारी विभाग की मुस्तैदी का प्रमाण, पर मुख्य तस्करों की गिरफ्तारी बड़ी चुनौती हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती के आदेश पर बिष्णुगढ़ के चटकरी गांव में उत्पाद विभाग द्वारा की गई यह बड़ी छापेमारी निश्चित रूप से स्वागत योग्य कदम है। 4000 किलोग्राम जावा महुआ और 5 जलती भट्ठियों को नष्ट करना यह साबित करता है कि ग्रामीण अंचलों में यह अवैध कारोबार किस कदर पैर पसार चुका है। महुआ चुलाई शराब न केवल सरकार के राजस्व को भारी चूना लगाती है, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में घरेलू हिंसा, सड़क दुर्घटनाओं और असमय मौतों का सबसे बड़ा कारण बनती जा रही है। अवर निरीक्षक भुवनेश्वर नायक और उनकी टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए सामग्री तो नष्ट कर दी, लेकिन हर बार की तरह इस बार भी मुख्य कारोबारी भागने में सफल रहे। उत्पाद विभाग को केवल भट्ठियां तोड़ने और महुआ बहाने तक ही सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय बनाकर उन मुख्य माफियाओं को सलाखों के पीछे भेजना होगा जो इन गरीबों को पैसे का लालच देकर उनके घरों में मौत का यह सामान तैयार करवाते हैं। न्यूज़ प्रहरी जिला प्रशासन से अपील करता है कि इन क्षेत्रों में सिर्फ आबकारी का डंडा न चलाया जाए, बल्कि जेएसएलपीएस के जरिए इन गरीब परिवारों को रोजगार के वैकल्पिक और सम्मानजनक अवसर दिए जाएं ताकि वे शराब बनाने जैसे दलदल से हमेशा के लिए बाहर निकल सकें।

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बरही में सनसनीखेज वारदात: केदारनाथ यात्रा पर निकले हजारीबाग ओकनी के युवक विक्की सोनी की कार पंचर होने पर अपराधियों ने गोली मारकर की हत्या

 

बरही में सनसनीखेज वारदात: केदारनाथ यात्रा पर निकले हजारीबाग ओकनी के युवक विक्की सोनी की कार पंचर होने पर अपराधियों ने गोली मारकर की हत्या

"कोडरमा स्टेशन जाने के क्रम में करसो पुल के पास टायर बदलने के दौरान मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात अपराधियों ने गर्दन में मारी गोली, मौके पर ही मौत, बरही पुलिस जांच में जुटी"— पुलिस प्रभाग

विशेष संवाददाता, हजारीबाग

  • रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)

  • समाचार स्रोत (Source): बरही थाना प्रभाग सह अनुमंडल पुलिस कार्यालय, हजारीबाग

हजारीबाग: हजारीबाग जिले के बरही थाना क्षेत्र से एक बेहद स्तब्ध करने वाली और सनसनीखेज वारदात सामने आई है, जहां अज्ञात बेखौफ अपराधियों ने एक युवक की गोली मारकर निर्मम हत्या कर दी है। इस दुस्साहसिक घटना के बाद पूरे इलाके में भारी दहशत और आक्रोश का माहौल व्याप्त हो गया है। बरही थाना क्षेत्र अंतर्गत करसो पुल के समीप अपराधियों द्वारा अंजाम दी गई इस खूनी वारदात में मृत युवक की पहचान हजारीबाग शहर के ओकनी निवासी विक्की सोनी के रूप में की गई है। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर मामले की सघन तफ्तीश शुरू कर दी है।

📝 कैसे हुई वारदात: कोडरमा रेलवे स्टेशन जाने के क्रम में करसो पुल के पास पंचर कार का टायर बदलने के दौरान पहुंचे बाइक सवार दो अपराधी; गर्दन में सटाकर मारी गोली।

घटना के संबंध में प्राप्त प्रारंभिक और विश्वसनीय जानकारी के अनुसार, ओकनी निवासी विक्की सोनी अपने एक करीबी मित्र के साथ पावन केदारनाथ यात्रा पर जाने के लिए घर से निकले थे। उनके मित्र उन्हें ट्रेन पकड़वाने के लिए कार से कोडरमा रेलवे स्टेशन छोड़ने जा रहे थे। इसी दौरान, जैसे ही उनकी कार बरही के करसो पुल के समीप पहुंची, अचानक कार का टायर पंचर हो गया।

टायर बदलने के दौरान अपराधियों ने बोला धावा, गर्दन में मारी गोली

कार पंचर होने के बाद विक्की सोनी और उनके मित्र सड़क किनारे गाड़ी खड़ी कर स्टेपनी (टायर) बदलने की प्रक्रिया में जुटे हुए थे। इसी बीच, विपरीत दिशा से एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो अज्ञात नकाबपोश अपराधी वहां पहुंचे। जब तक विक्की सोनी और उनके मित्र कुछ समझ पाते, अपराधियों ने अचानक हथियार निकाल लिया और सीधे विक्की सोनी के गर्दन को निशाना बनाते हुए बेहद करीब से गोली दाग दी। गोली लगते ही विक्की सोनी लहुलूहान होकर जमीन पर गिर पड़े और अत्यधिक रक्तस्राव होने के कारण मौके पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों अपराधी अपनी तेज रफ्तार मोटरसाइकिल से हवा की तरह फरार हो गए।

इलाके में भारी दहशत, अपराधियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की नाकेबंदी

इस भयावह राष्ट्रीय राजमार्ग प्रभाग के समीप हुई हत्या की सूचना मिलते ही बरही थाना पुलिस पूरे दलबल के साथ तुरंत घटना स्थल पर पहुंची। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए शव को पंचनामा के बाद अंत्यपरीक्षण (पोस्टमार्टम) के लिए हजारीबाग मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेजने की प्रक्रिया शुरू की। बरही पुलिस और जिला अपराध शाखा की टीमें मौके पर मौजूद मृतक के मित्र से गहन पूछताछ कर रही हैं, जो इस पूरी घटना के चश्मदीद गवाह हैं। पुलिस अपराधियों के भागने के रूट और उनकी पहचान स्थापित करने के लिए एनएच (NH) पर लगे विभिन्न ढाबों और टोल प्लाजा के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रही है। जिला पुलिस मुख्यालय ने अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी के लिए बरही, चौपारण और कोडरमा के सीमावर्ती इलाकों में कड़ी नाकेबंदी कर छापेमारी तेज कर दी है।

📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव गाइड (The Bharatiya Nyaya Sanhita - Murder & Weapon Laws)

📌 जानिए क्या कहती हैं नए कानून की धाराएं और हाईवे सुरक्षा के नियम?

  • धारा 103 भारतीय न्याय संहिता (BNS): नए कानून (BNS) के तहत किसी भी व्यक्ति की जानबूझकर हत्या करने के मामले में धारा 103 (पूर्व में आईपीसी की धारा 302) के तहत मामला दर्ज किया जाता है। इसमें अपराधियों के लिए केवल दो ही सजाओं का प्रावधान है— मृत्युदंड (फांसी) या आजीवन कारावास, साथ ही भारी जुर्माना।

  • हाईवे पेट्रोलिंग और रिपब्लिक राइट्स: राष्ट्रीय राजमार्गों और मुख्य जिला सड़कों (MDR) पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए 'हाईवे पेट्रोलिंग' का नियम है। यदि किसी सुनसान जगह पर रात या तड़के गाड़ी खराब होती है, तो नागरिक तुरंत आपातकालीन पुलिस सहायता नंबर 112 पर कॉल कर सुरक्षा की मांग कर सकते हैं।

  • चश्मदीद गवाह की सुरक्षा: नए दंडात्मक प्रावधानों के तहत गंभीर आपराधिक मामलों के मुख्य चश्मदीद गवाहों (जैसे इस मामले में मृतक के मित्र) को 'विटनेस प्रोटेक्शन स्कीम' के तहत पूर्ण पुलिस सुरक्षा और पहचान गोपनीय रखने का अधिकार प्राप्त है।

🔍 संपादकीय विश्लेषण: हाईवे पर सुरक्षा भगवान भरोसे, अपराधियों के बढ़ते हौसलों से सहमा हजारीबाग (Editorial)

केदारनाथ यात्रा का सफर बना मौत का जाल: कार पंचर होने पर विक्की सोनी की हत्या कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल हजारीबाग के ओकनी के रहने वाले विक्की सोनी की बरही के करसो पुल के पास हुई यह जघन्य हत्या झकझोर कर रख देने वाली है। एक युवक जो बेहद आस्था के साथ भगवान केदारनाथ के दर्शन के लिए निकला था, उसे क्या पता था कि रास्ते में मौत उसका इंतजार कर रही है। यह घटना हजारीबाग और कोडरमा को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर पुलिस गश्त (पेट्रोलिंग) और सुरक्षा दावों की कलई खोलती है। कार का पंचर होना एक सामान्य यांत्रिक खराबी थी, लेकिन उस दौरान अपराधियों का वहां पहुंचना और बिना किसी लूटपाट के सीधे गर्दन में गोली मार देना, मामले को बेहद संदिग्ध और गंभीर बनाता है। क्या यह सिर्फ एक अचानक हुई वारदात है, या इसके पीछे कोई गहरी रंजिश या टिप-ऑफ शामिल थी? यह जांच का विषय है। बरही और चौपारण का इलाका हमेशा से आपराधिक गिरोहों के ट्रांजिट रूट के रूप में जाना जाता रहा है। एनएच पर इस तरह दिनदहाड़े या तड़के होने वाली हत्याएं आम राहगीरों के मन में खौफ पैदा करती हैं। हजारीबाग पुलिस को चाहिए कि वह इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता पर लेते हुए न केवल उन दो शूटरों को बेनकाब करे, बल्कि इस हत्याकांड की मुख्य साजिश की तह तक पहुंचे। विक्की सोनी के परिवार को न्याय तभी मिलेगा जब अपराधी बिना किसी प्रशासनिक ढिलाई के सलाखों के पीछे होंगे।

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हजारीबाग समाहरणालय में पंचायती राज की महासमीक्षा: उपायुक्त हेमंत सती का कड़ा आदेश— 15वें वित्त आयोग के फंड से स्कूलों में बनेंगे बाउंड्री वॉल, प्रखंड परिसरों में खुलेंगे ओपन जिम और सुधरेंगे हाट-बाजार

"मनरेगा मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा योजना से जोड़ें, जर्जर सरकारी भवनों को ध्वस्त करने की प्रक्रिया करें तेज और चापानलों-जलमीनारों को अविलंब कराएं दुरुस्त"— उपायुक्त

विशेष संवाददाता, हजारीबाग

  • रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
  • समाचार स्रोत (Source): जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, समाहरणालय भवन, हजारीबाग

हजारीबाग:

हजारीबाग के समाहरणालय सभागार में सोमवार को पंचायती राज विभाग की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और विस्तृत समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता हजारीबाग के उपायुक्त हेमंत सती ने की। इस उच्च स्तरीय बैठक में 15वें वित्त आयोग की मद से संचालित होने वाली विकासात्मक योजनाओं, ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों तथा जिला परिषद स्तर पर चल रहे विभिन्न लोक-कल्याणकारी कार्यों की प्रगति का गहन आकलन किया गया। उपायुक्त ने ग्रामीण विकास के कार्यों में ढिलाई बरतने वाले प्रभागों को कड़े लहजे में चेतावनी देते हुए धरातल पर बदलाव लाने के लिए कई आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।

📝 जनसुविधाओं पर फोकस: खराब चापानल और जलमीनार अविलंब होंगे चालू, प्रखंड परिसरों में खुलेंगे ओपन जिम, सड़कों के गड्ढे भरे जाएंगे और हाट-बाजारों की समय पर होगी बंदोबस्ती।

​बैठक के दौरान उपायुक्त हेमंत सती ने श्रम और ग्रामीण विकास के समन्वय पर विशेष जोर देते हुए झारखंड असंगठित कर्मकार सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत मनरेगा (MGNREGA) में कार्यरत अधिकाधिक मजदूरों को आच्छादित करने का निर्देश दिया, ताकि ग्रामीण श्रमिकों को वास्तविक सामाजिक सुरक्षा मिल सके।

प्लस-टू स्कूलों का बदलेगा बुनियादी ढांचा, सुदृढ़ होंगे सामुदायिक केंद्र

​उपायुक्त ने शिक्षा और सामुदायिक इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने के लिए 15वें वित्त आयोग की राशि का रणनीतिक उपयोग करने का निर्देश दिया। उन्होंने पंचायत स्तर पर संचालित सरकारी विद्यालयों की चहारदीवारी (बाउंड्री वॉल) निर्माण कार्य को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने को कहा। इसके साथ ही क्षेत्र के प्लस-टू विद्यालयों में आवश्यक आधारभूत सुविधाओं जैसे विद्यार्थियों के बैठने के लिए बेंच-टेबल, कक्षाओं में पंखे की व्यवस्था और भवन मरम्मत के कार्यों को अविलंब संपादित करने का आदेश दिया। ग्रामीण क्षेत्रों में सामाजिक व सांस्कृतिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उन्होंने प्रखंड स्तर पर बने सामुदायिक केंद्रों को भी पूरी तरह सुदृढ़ और क्रियाशील बनाने की बात कही।

​ग्रामीण अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए उपायुक्त ने जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को अपने-अपने क्षेत्र के हाट-बाजारों की बंदोबस्ती (टेंडर प्रक्रिया) समय पर सुनिश्चित करने तथा 15वें वित्त आयोग से स्वीकृत तमाम योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने का निर्देश दिया। उन्होंने पेयजल संकट से निपटने के लिए ग्रामीण इलाकों में खराब पड़े चापानलों एवं जलमीनारों की त्वरित तकनीकी मरम्मत कराकर उन्हें हर हाल में चालू अवस्था में लाने पर विशेष बल दिया ताकि आम जनता को पानी के लिए भटकना न पड़े।

प्रखंड परिसरों का होगा कायाकल्प, ब्लॉक कॉर्डिनेटरों को फाइलों के संधारण का अल्टीमेटम

​प्रशासनिक व्यवस्था को आम जनता के लिए सुलभ और आकर्षक बनाने के दृष्टिकोण से उपायुक्त ने सभी प्रखंड एवं पंचायत परिसरों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित तथा सुंदर बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रखंड कार्यालय परिसरों में आम नागरिकों के स्वास्थ्य के लिए ओपन जिम (Open Gym), धूप-बारिश से बचने हेतु बैठने के लिए शेड, वाहनों के लिए सुव्यवस्थित पार्किंग सहित अन्य आवश्यक जनसुविधाओं के विकास पर बल दिया। इसके अलावा, ग्रामीण कनेक्टिविटी को सुधारने के लिए पंचायत क्षेत्रों की आवश्यक सड़कों पर पीसीसी (PCC) निर्माण करने तथा क्षतिग्रस्त सड़कों के जानलेवा गड्ढों की अविलंब मरम्मत कराने का निर्देश दिया।

​वित्तीय अनुशासन को लेकर उपायुक्त ने सभी बीडीओ को अपने-अपने प्रखंडों के सरकारी व्यय (Expenditure) की नियमित समीक्षा करने तथा योजनाओं के वित्तीय एवं भौतिक प्रगति पर पैनी और विशेष निगरानी रखने को कहा। उन्होंने ब्लॉक कॉर्डिनेटरों को कड़ी हिदायत देते हुए सभी संचिकाओं (फाइलों) का व्यवस्थित संधारण सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ग्राम सभा से मिले अनुमोदन, कार्यकारिणी की बैठक के प्रस्ताव, मेजरमेंट बुक (MB), जियो-टैग फोटोग्राफ एवं अन्य सभी तकनीकी अभिलेखों का अद्यतन (Updated) संधारण होना अनिवार्य है, इसमें किसी भी प्रकार की वित्तीय अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने सुदूरवर्ती इलाकों में स्थापित पंचायत ज्ञान केंद्रों (डिजिटल लाइब्रेरी/अध्ययन केंद्रों) की वर्तमान स्थिति का भी आकलन किया तथा पंचायत सचिवालयों में उपलब्ध कराई जाने वाली सभी ऑनलाइन और ऑफलाइन जनसेवाओं को नियमित व सुचारू रूप से संचालित करने का निर्देश दिया ताकि ग्रामीणों को छोटे-छोटे प्रमाण पत्रों के लिए जिला मुख्यालय न दौड़ना पड़े। इसके अतिरिक्त, उन्होंने प्रखंड परिसरों में स्थित दशकों पुराने, जर्जर और असुरक्षित हो चुके सरकारी भवनों की पहचान कर आवश्यक वैधानिक व प्रशासनिक प्रक्रिया पूर्ण करते हुए उन्हें अविलंब ध्वस्त करने की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया ताकि किसी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके। इस महत्वपूर्ण समीक्षा बैठक में उपायुक्त हेमंत सती के अलावा उपविकास आयुक्त रिया सिंह, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, डीपीएम सहित विभाग के अन्य संबंधित वरिष्ठ पदाधिकारी और कर्मी मुख्य रूप से उपस्थित थे।

📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव गाइड (15th Finance Commission & Panchayati Raj Rules)

​📌 जानिए क्या है 15वां वित्त आयोग और पंचायतों को मिलने वाले फंड के नियम?

  • 15वां वित्त आयोग (15th Finance Commission): इसके तहत केंद्र सरकार द्वारा सीधे ग्राम पंचायतों, पंचायत समितियों और जिला परिषदों को विकास कार्यों के लिए 'टाइड' (Tied) और 'अनटाइड' (Untied) फंड जारी किया जाता है। टाइड फंड का उपयोग केवल पेयजल, स्वच्छता और जल पुनर्भरण जैसे अनिवार्य कार्यों में हो सकता है, जबकि अनटाइड फंड का उपयोग स्थानीय आवश्यकताओं जैसे स्कूल मरम्मत, ओपन जिम और पीसीसी सड़क के लिए किया जाता है।
  • मेजरमेंट बुक (MB) और जियो-टैगिंग: पंचायती राज की नियमावली के अनुसार, किसी भी योजना की राशि का भुगतान तब तक नहीं हो सकता जब तक कनिष्ठ अभियंता (JE) द्वारा मेजरमेंट बुक में उसकी प्रविष्टि न की जाए और योजना के शुरू होने, मध्य और पूर्ण होने की तीन चरणों की जियो-टैग्ड (स्थान और समय अंकित) तस्वीरें सरकारी पोर्टल पर अपलोड न हो जाएं।
  • हाट-बाजार बंदोबस्ती नियम: प्रत्येक प्रखंड क्षेत्र में लगने वाले हाट-बाजारों की खुली डाक (नीलामी) के जरिए बंदोबस्ती करना बीडीओ की वैधानिक जिम्मेदारी है। इससे प्राप्त होने वाला राजस्व सीधे जिला परिषद और स्थानीय पंचायत के खाते में जाता है, जिससे स्थानीय स्तर पर विकास कार्य किए जाते हैं।

🔍 संपादकीय विश्लेषण: विकेंद्रीकरण और बुनियादी ढांचे में सुधार से ही बदलेगी हजारीबाग के गांवों की सूरत (Editorial)

स्कूलों की चहारदीवारी से लेकर ओपन जिम तक: उपायुक्त हेमंत सती की प्रशासनिक कड़ाई का ग्रामीण विकास पर दिखेगा असर

सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय हजारीबाग द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति संख्या 333 के आलोक में हुई पंचायती राज विभाग की यह समीक्षा बैठक यह साफ संकेत देती है कि जिला प्रशासन अब ग्रामीण विकास की योजनाओं में किसी भी स्तर की ढिलाई बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है। अक्सर यह देखा जाता है कि 15वें वित्त आयोग के तहत पंचायतों को करोड़ों रुपए का फंड आवंटित तो होता है, लेकिन ब्लॉक कॉर्डिनेटरों की सुस्ती, ग्राम सभाओं के समय पर न होने और फाइलों के संधारण (अभिलेखों के रखरखाव) में भारी गड़बड़ी के कारण योजनाएं कागजों पर ही दम तोड़ देती हैं।

उपायुक्त हेमंत सती द्वारा प्लस-टू स्कूलों में बेंच, टेबल, पंखे और बाउंड्री वॉल बनाने का निर्देश देना बेहद व्यावहारिक कदम है, क्योंकि शिक्षा का सीधा संबंध बेहतर आधारभूत संरचना से है। इसके अलावा प्रखंड परिसरों में ओपन जिम और पार्किंग की व्यवस्था करना शहरी तर्ज पर ग्रामीण क्षेत्रों के आधुनिकीकरण की सोच को दर्शाता है। सबसे महत्वपूर्ण निर्देश फाइलों के संधारण, मेजरमेंट बुक (MB) और जियो-टैगिंग को लेकर है। यदि ब्लॉक स्तर पर इन तकनीकी दस्तावेजों की कड़ाई से निगरानी की जाए, तो पंचायती राज में होने वाले भ्रष्टाचार और बिचौलिया संस्कृति पर पूरी तरह लगाम लगाई जा सकती है। उपविकास आयुक्त रिया सिंह और पंचायती राज पदाधिकारियों को अब यह सुनिश्चित करना होगा कि उपायुक्त के इन कड़े निर्देशों का पालन धरातल पर हो, ताकि हजारीबाग के सुदूरवर्ती गांवों में चापानल से लेकर पंचायत ज्ञान केंद्रों तक की व्यवस्था सचमुच सुचारू हो सके।


उपायुक्त हेमंत सती का कड़ा रुख: हजारीबाग में प्रवासी मजदूरों और असंगठित श्रमिकों के निबंधन के लिए चलेगा विशेष अभियान; सारथी योजना से 10,000 युवाओं को मिलेगा रोजगारपरक प्रशिक्षण

हजारीबाग समाहरणालय समीक्षा बैठक: 3 जुलाई के रोजगार मेला का व्यापक प्रचार करने का उपायुक्त का आदेश; स्थानीय भर्ती कैंपों में लोकल युवाओं को प्राथमिकता देने की रणनीति तैयार

"जिले में अब तक 57,625 असंगठित श्रमिक और 17,000 प्रवासी मजदूर निबंधित, श्रम कल्याण योजनाओं का अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुंचाना प्रशासन की मुख्य प्राथमिकता"— उपायुक्त

विशेष संवाददाता, हजारीबाग

  • रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
  • समाचार स्रोत (Source): जिला सूचना एवं जनसंपर्क कार्यालय, समाहरणालय भवन, हजारीबाग

हजारीबाग:

हजारीबाग के समाहरणालय सभागार में श्रम एवं नियोजन विभाग की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता हजारीबाग के उपायुक्त हेमंत सती ने की। इस दौरान जिले में श्रम विभाग तथा नियोजन विभाग द्वारा संचालित की जा रही विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं, कौशल विकास कार्यक्रमों और अब तक की प्रशासनिक उपलब्धियों की बिंदुवार विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि वे जिले के युवाओं, असंगठित क्षेत्र के कामगारों और प्रवासी मजदूरों को सामाजिक व आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने के लिए विभागीय स्तर पर युद्ध स्तर पर कार्य करें।

📝 मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा: जिले में 57,625 असंगठित श्रमिक और 17,000 प्रवासी मजदूर पंजीकृत; शेष पात्र लोगों को जोड़ने के लिए प्रशासन चलाएगा विशेष कैंप।

​समीक्षा के क्रम में उपायुक्त हेमंत सती ने श्रम विभाग द्वारा संचालित कल्याणकारी योजनाओं की जमीनी प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने असंगठित क्षेत्रों में काम करने वाले श्रमिकों और रोजगार की तलाश में बाहर जाने वाले प्रवासी मजदूरों के सरकारी पोर्टल पर निबंधन (रजिस्ट्रेशन) कार्य में तेजी लाने का कड़ा निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक संख्या में योग्य और जरूरतमंद श्रमिकों को विभागीय योजनाओं से जोड़कर उनकी सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा को हर हाल में सुनिश्चित किया जाए।

लाखों श्रमिकों तक पहुंचेगा योजनाओं का लाभ, चलेगा विशेष अभियान

​बैठक में उपस्थित श्रम अधीक्षक ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए जानकारी दी कि हजारीबाग जिले में अब तक कुल 57,625 असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों तथा 17,000 प्रवासी मजदूरों का सफलतापूर्वक सरकारी निबंधन किया जा चुका है। इस आंकड़े पर संतोष जताते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि जिले में कोई भी पात्र श्रमिक इस सुरक्षा कवच से वंचित न रहे, इसके लिए शेष बचे सभी योग्य श्रमिकों के निबंधन हेतु ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाया जाए। साथ ही उन्होंने श्रमिकों के कल्याणार्थ संचालित सभी सरकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार करने पर बल दिया, ताकि अंतिम पायदान पर खड़े पात्र लाभुक इन योजनाओं का अधिकाधिक लाभ उठा सकें।

3 जुलाई को मेगा रोजगार मेला, 10,000 युवाओं को कौशल प्रशिक्षण का महालक्ष्य

​बैठक के दूसरे चरण में नियोजन विभाग की योजनाओं की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने आगामी 3 जुलाई को हजारीबाग में आयोजित होने वाले जिला स्तरीय रोजगार मेला (Mega Job Fair) की तैयारियों की बारीकी से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि इस रोजगार मेला का व्यापक स्तर पर डिजिटल, प्रिंट और लाउडस्पीकर के माध्यम से प्रचार-प्रसार कराया जाए। जिले के सुदूरवर्ती गांवों में रहने वाले रोजगार एवं कौशल की तलाश कर रहे युवाओं तक समय रहते इसकी जानकारी पहुंचाई जाए, ताकि अधिक से अधिक युवाओं की सहभागिता सुनिश्चित हो सके।

​नियोजन पदाधिकारी ने बताया कि जिला नियोजन कार्यालय में अब तक 2,905 बेरोजगार युवाओं का निबंधन किया गया है। उपायुक्त ने इस संख्या को नाकाफी बताते हुए निबंधन की संख्या को तेजी से बढ़ाने के लिए विशेष प्रयास करने को कहा। उन्होंने घोषणा की कि वर्तमान वित्तीय वर्ष 2026-27 में जिले के कुल 10,000 युवाओं को रोजगारपरक प्रशिक्षण प्रदान करने का एक बड़ा लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत झारखंड मुख्यमंत्री सारथी योजना एवं जेएसएलपीएस (JSLPS) के माध्यम से युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में आधुनिक और बाजार की मांग के अनुरूप प्रशिक्षण देकर उन्हें पूर्णतः कौशलयुक्त (Skilled) बनाया जाएगा। उपायुक्त ने यह भी स्पष्ट निर्देश दिया कि नियोजन कार्यालय द्वारा समय-समय पर आयोजित होने वाले निजी क्षेत्र के भर्ती कैंपों (Recruitment Camps) में हजारीबाग के स्थानीय युवाओं को पूरी प्राथमिकता दी जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर ही रोजगार के अवसरों को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके। इस महत्वपूर्ण बैठक में श्रम अधीक्षक बसंत महतो और जिला नियोजन पदाधिकारी अवधेश कुमार मुख्य रूप से उपस्थित रहे।

📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव गाइड (Labour Rights & Employment Portal Schemes)

​📌 श्रमिक निबंधन और मुख्यमंत्री सारथी योजना: जानिए आपके काम की सरकारी योजनाएं

  • असंगठित श्रमिक और प्रवासी मजदूर निबंधन: ई-श्रम (e-Shram) या राज्य श्रम पोर्टल पर निबंधन कराने से श्रमिकों को दुर्घटना बीमा, चिकित्सा सहायता, और बच्चों की पढ़ाई के लिए छात्रवृत्ति जैसी अनेक कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ (DBT) मिलता है। प्रवासी मजदूरों की मृत्यु या दुर्घटना की स्थिति में राज्य सरकार विशेष अनुग्रह राशि प्रदान करती है।
  • झारखंड मुख्यमंत्री सारथी योजना (Jharkhand CM Sarthi Yojna): इस योजना के तहत राज्य के युवाओं को निशुल्क तकनीकी और व्यावसायिक प्रशिक्षण (Skill Training) दिया जाता है। प्रशिक्षण के दौरान युवाओं को भत्ता भी दिया जाता है तथा सफल प्रशिक्षण के बाद रोजगार मेलों के माध्यम से प्रतिष्ठित कंपनियों में प्लेसमेंट कराया जाता है।
  • नियोजन कार्यालय निबंधन (Employment Exchange Registration): प्रत्येक बेरोजगार युवा का जिला नियोजन कार्यालय में निबंधन होना अनिवार्य है। इसी निबंधन के आधार पर ही युवाओं को जिला स्तरीय भर्ती कैंपों और रोजगार मेलों में शामिल होने का वैध अवसर प्राप्त होता है।

🔍 संपादकीय विश्लेषण: स्थानीय स्तर पर रोजगार का सृजन और श्रमिकों की सुरक्षा ही आत्मनिर्भरता की कुंजी (Editorial)

कौशल विकास का 10,000 का लक्ष्य और 3 जुलाई का रोजगार मेला: युवाओं के सपनों को पंख देने की प्रशासनिक पहल

हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती की अध्यक्षता में हुई श्रम एवं नियोजन विभाग की यह समीक्षा बैठक जिला विकास के दृष्टिकोण से अत्यंत दूरगामी और स्वागत योग्य है। हजारीबाग जैसे जिले से हर साल हजारों की संख्या में असंगठित मजदूर और युवा रोजगार की तलाश में दूसरे राज्यों या महानगरों की ओर पलायन करते हैं। ऐसे में जिले के भीतर ही 17,000 प्रवासी मजदूरों का निबंधन होना यह दर्शाता है कि हमारे पास श्रम शक्ति का एक बड़ा डेटा उपलब्ध है। अब चुनौती इन पंजीकृत मजदूरों को विभिन्न सरकारी योजनाओं और पेंशन लाभों से स्थाई रूप से जोड़ने की है।

दूसरी तरफ, वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तय किया गया 10,000 युवाओं को मुख्यमंत्री सारथी योजना और जेएसएलपीएस के जरिए प्रशिक्षित करने का लक्ष्य बेहद प्रगतिशील है। आज के दौर में केवल डिग्री होना काफी नहीं है, जब तक युवाओं के हाथों में कोई हुनर (कौशल) नहीं होगा, तब तक वे बेरोजगारी के दंश से मुक्त नहीं हो सकते। उपायुक्त का यह निर्देश कि निजी कंपनियों के भर्ती कैंपों में स्थानीय युवाओं को शत-प्रतिशत प्राथमिकता दी जाए, स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा देने वाला एक बड़ा कदम है। 3 जुलाई को होने वाले रोजगार मेले की सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि नियोजन विभाग इसका कितना व्यापक प्रचार सुदूरवर्ती बड़कागांव, कटकमसांडी, या दारू जैसे ग्रामीण क्षेत्रों में कर पाता है, ताकि ग्रामीण पृष्ठभूमि के हुनरमंद युवाओं को भी औद्योगिक घरानों में सम्मानजनक रोजगार मिल सके।

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Hazaribagh : दारू थाना क्षेत्र में एनएच 522 पर थमेगी सड़क दुर्घटनाओं की रफ्तार; ब्लैक स्पॉट्स की समीक्षा कर जिला परिवहन पदाधिकारी को सौंपी गई रिपोर्ट, जल्द मिलेंगे सुरक्षा उपकरण

हादसों को रोकने के लिए दारू पुलिस की बड़ी पहल: NH 522 पर लगेंगे स्लाइडर बैरियर और रंबल स्ट्रिप, पुराने बैरिकेड्स पर चमकेगा नया रेडियम; डीटीओ ने दिया आश्वासन

"सड़क सुरक्षा अभियान के तहत दारू थाना प्रभाग ने किया संवेदनशील स्थानों का भौतिक निरीक्षण, जिला परिवहन पदाधिकारी ने प्रतिवेदन को गंभीरता से लेते हुए दिया त्वरित मदद का भरोसा"

विशेष संवाददाता, हजारीबाग

  • रिपोर्टर: नरेश सोनी (Editor-in-Chief, News Prahari)
  • समाचार स्रोत (Source): राष्ट्रीय राजमार्ग 522 (NH 522) दारू थाना क्षेत्र, हजारीबाग

हजारीबाग:

हजारीबाग-बगोदर मुख्य मार्ग यानी राष्ट्रीय राजमार्ग 522 (NH 522) के दारू थाना क्षेत्र अंतर्गत आने वाले हिस्से में आए दिन होने वाली सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और आम राहगीरों के सफर को सुरक्षित बनाने के लिए पुलिस प्रशासन द्वारा एक बेहद सराहनीय और ठोस पहल की गई है। सड़क सुरक्षा अभियान (Road Safety Campaign) के तहत दारू थाना पुलिस ने एनएच 522 से गुजरने वाली पक्की सड़क का व्यापक और सूक्ष्म स्तर पर भौतिक निरीक्षण व तकनीकी समीक्षा की। इस समीक्षा के बाद सड़क पर दुर्घटनाओं के दृष्टिकोण से चिन्हित किए गए ब्लैक स्पॉट्स (संवेदनशील क्षेत्रों) पर सुरक्षा मानकों को दुरुस्त करने के लिए एक विस्तृत और तथ्यात्मक प्रतिवेदन (रिपोर्ट) तैयार कर जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), हजारीबाग को समर्पित किया गया है।

📝 प्रतिवेदन की मुख्य मांगें: तीखे मोड़ों पर लगेंगे सुरक्षात्मक स्लाइडर बैरियर, गति नियंत्रण के लिए बनेगी रंबल स्ट्रिप और कोहरे से निपटने के लिए बैरियरों पर चमकेगा नया रेडियम।

​इस सुरक्षा प्रतिवेदन पर त्वरित संज्ञान लेते हुए हजारीबाग के जिला परिवहन पदाधिकारी ने दारू पुलिस द्वारा उठाए गए कदमों की सराहना की। उन्होंने मामले को बेहद गंभीरता पूर्वक लेते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए आवश्यक सभी तकनीकी और सुरक्षा उपकरणों को जल्द से जल्द सरकारी स्तर पर उपलब्ध कराने का मजबूत आश्वासन दिया है।

इन आधुनिक सुरक्षा उपकरणों को लगाने की है योजना

​दारू थाना प्रभाग द्वारा जिला परिवहन पदाधिकारी को सौंपे गए आधिकारिक प्रतिवेदन में राष्ट्रीय राजमार्ग के तीखे मोड़ों, अंधाधुंध गति वाले क्षेत्रों और ग्रामीण आबादी को जोड़ने वाले चौराहों पर कई तरह के आधुनिक सुरक्षा उपकरण लगाने की पुरजोर वकालत की गई है, जिनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित आवश्यकताएं शामिल हैं:

  • स्लाइडर बैरियर (Slider Barrier): एनएच 522 के उन संवेदनशील ढलानों और गहरे मोड़ों पर स्लाइडर बैरियर लगाए जाएंगे, जहां वाहनों के अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे पलटने की सर्वाधिक आशंका बनी रहती है।
  • रंबल स्ट्रिप (Rumble Strip): गति सीमा को नियंत्रित करने के लिए चौराहों और मुख्य मोड़ों के ठीक पहले सड़कों पर आधुनिक रंबल स्ट्रिप्स (गति अवरोधक पट्टियां) बनाई जाएंगी, ताकि तेज रफ्तार वाहनों की गति स्वतः धीमी हो सके।
  • रेडियम रिफ्लेक्टर (Radium Reflectors on Old Barriers): थाना क्षेत्र के विभिन्न मार्गों पर पूर्व से लगे जितने भी पुराने और धुंधले हो चुके बैरियर हैं, उन सभी पर नया और उच्च गुणवत्ता वाला रेडियम लगाया जाएगा, ताकि रात के अंधेरे या घने कोहरे के समय वाहन चालकों को दूर से ही बैरिकेडिंग और मोड़ों का साफ अहसास हो सके।

दुर्घटना मुक्त दारू क्षेत्र बनाने का संकल्प

​सड़क सुरक्षा अभियान के तहत किए गए इस विशेष निरीक्षण के दौरान दारू थाना के पुलिस पदाधिकारियों और जवानों ने स्वयं एनएच 522 पर उतरकर पक्की सड़क की बनावट, डिवाइडरों की स्थिति और साइन बोर्ड्स की उपलब्धता की बारीकी से जांच की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि इस मार्ग पर यातायात का दबाव काफी अधिक रहता है और रात के समय भारी वाहनों की रफ्तार के कारण छोटी गाड़ियां अक्सर हादसों का शिकार हो जाती हैं। जिला परिवहन विभाग से आवश्यक उपकरण मिलते ही दारू थाना पुलिस एनएचएआई (NHAI) और स्थानीय प्रशासन के समन्वय से युद्ध स्तर पर इन्हें पक्की सड़क के किनारे और बीच में स्थापित कराएगी। पुलिस प्रशासन की इस मुस्तैदी और दूरदर्शी सोच से स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों में भारी हर्ष है, क्योंकि इससे कई बेगुनाह जिंदगियों को अकाल मौत का ग्रास बनने से बचाया जा सकेगा।

📋 न्यूज़ प्रहरी एडमिनिस्ट्रेटिव गाइड (The Motor Vehicles Act & Road Safety Standards)

​📌 सड़क सुरक्षा और सरकारी गाइडलाइंस: जानिए दुर्घटनाओं को रोकने के लिए क्या हैं वैधानिक नियम?

  • ब्लैक स्पॉट्स का नियम (Identification of Black Spots): केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के दिशा-निर्देशों के अनुसार, सड़क के जिस हिस्से पर 3 वर्षों में 5 से अधिक गंभीर दुर्घटनाएं या मौतें होती हैं, उसे 'ब्लैक स्पॉट' घोषित किया जाता है। इसकी तकनीकी मरम्मत और उपकरणों को लगाने की जिम्मेदारी जिला सड़क सुरक्षा समिति (जिसके सदस्य डीटीओ होते हैं) की होती है।
  • रंबल स्ट्रिप्स और बैरियर्स का महत्व: भारतीय सड़क कांग्रेस (IRC) के मानकों के तहत राष्ट्रीय राजमार्गों पर सामान्य स्पीड ब्रेकर नहीं बनाए जा सकते। वहां केवल रंबल स्ट्रिप्स का ही प्रावधान है, जो वाहन चालक को कंपन और आवाज के जरिए सचेत करती हैं।
  • नागरिकों का कानूनी अधिकार: सड़क पर पर्याप्त साइनेज, रेडियम लाइट और सेफ्टी बैरियर न होने के कारण यदि कोई दुर्घटना होती है, तो इसे प्रशासनिक लापरवाही माना जा सकता है। प्रत्येक नागरिक का यह अधिकार है कि उसे सुरक्षित और सुगम राष्ट्रीय राजमार्ग मिले।

🔍 संपादकीय विश्लेषण: दारू पुलिस की पहल से एनएच 522 पर सुरक्षित होगा सफर (Editorial)

सिर्फ चालान काटना नहीं, बुनियादी ढांचे को सुधारना ही सड़क सुरक्षा का असली पैमाना

अक्सर देखा जाता है कि पुलिस का ध्यान केवल हेलमेट और सीट बेल्ट के चालान काटने पर ही केंद्रित रहता है, लेकिन दारू थाना पुलिस ने एनएच 522 पर दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सड़क का भौतिक निरीक्षण कर और उपकरणों की मांग कर असल पुलिसिंग का उदाहरण पेश किया है। हजारीबाग से बगोदर को जोड़ने वाली यह सड़क (NH 522) विकास की जीवनरेखा तो है, लेकिन तीखे मोड़ों और रिफ्लेक्टरों की कमी के कारण यह 'डेथ ट्रैप' भी बनती जा रही है।

दारू पुलिस द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट में पुराने बैरियरों पर नए रेडियम लगाने, रंबल स्ट्रिप बनाने और स्लाइडर बैरियर की जो मांग की गई है, वह बेहद व्यावहारिक है। रात के समय इस हाईवे पर विजिबिलिटी काफी कम हो जाती है, जिसके कारण अनियंत्रित वाहन सीधे खाई में या पेड़ से टकरा जाते हैं। हजारीबाग जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) द्वारा इस प्रतिवेदन को गंभीरता से लेना और उपकरणों की उपलब्धता का आश्वासन देना प्रशासन की सकारात्मक संवेदनशीलता को दर्शाता है। उम्मीद है कि यह आश्वासन कागजी फाइलों में नहीं दबेगा और मानसून या सर्दियों के कोहरे से पहले एनएच 522 पर ये तमाम जीवन रक्षक उपकरण धरातल पर नजर आएंगे।

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