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Editor: Naresh Prasad Soni
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विदाई की बेला में स्मृतियों का सैलाब, वाणिज्य संकाय के छात्रों को नम आंखों से दी गई भावपूर्ण विदाई

विदाई की बेला में स्मृतियों का सैलाब, वाणिज्य संकाय के छात्रों को नम आंखों से दी गई भावपूर्ण विदाई

हजारीबाग। स्थानीय जीएम महाविद्यालय के प्रांगण में इंटरमीडिएट वाणिज्य संकाय (सत्र 2024-26) के निवर्तमान छात्रों के सम्मान में आयोजित विदाई समारोह स्मृतियों, संकल्पों और भावनाओं का साक्षी बना। 'फेयरवेल' की इस बेला में हर्ष और विषाद के मिश्रित भावों के बीच कनिष्ठ छात्रों ने अपने अग्रजों को तिलक लगाकर और मंगलकामनाओं के साथ विदा किया। समारोह का विधिवत शुभारंभ माँ शारदे की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन और माल्यार्पण के साथ हुआ, जिसके पश्चात प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।

​समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित महाविद्यालय के सचिव विनय कुमार ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हुए कहा कि यह विदाई अंत नहीं, बल्कि जीवन के नए अध्याय का आरंभ है। उन्होंने छात्रों को आगामी वार्षिक परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु एकाग्रता और कठोर परिश्रम को सफलता का एकमात्र 'गुरुमंत्र' बताया। वहीं, प्राचार्य शम्भु कुमार ने वर्तमान परिदृश्य में वाणिज्य शिक्षा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वैश्विक अर्थव्यवस्था के इस दौर में वाणिज्य के विद्यार्थियों के लिए करियर की असीम संभावनाएं और अनंत आकाश खुले हैं।

​कार्यक्रम के दौरान वातावरण उस समय अत्यंत भावुक हो गया जब महाविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक  रंजन कुमार ने अपने उद्गार व्यक्त करते हुए कहा कि विद्यार्थी केवल संस्था की चहारदीवारी से विदा ले रहे हैं, शिक्षकों के हृदय से नहीं; गुरु और शिष्य का यह आत्मिक संबंध सदैव जीवंत रहेगा। छात्रा पायल कुमारी और मुस्कान कुमारी ने अपने सधे हुए मंच संचालन से कार्यक्रम को गति प्रदान की। समारोह के अंतिम क्षणों में छात्रा निशु कुमारी द्वारा प्रस्तुत विदाई गीत की मर्मस्पर्शी स्वरलहरियों ने वहां उपस्थित सभी जनों की आंखों को सजल कर दिया और पूरा माहौल उदासी की चादर में लिपट गया। कार्यक्रम का समापन 


उमेश ठाकुर के धन्यवाद ज्ञापन से हुआ। इस अवसर पर शिक्षक आशीष पांडे, मनोज राणा, रेयाज अहमद, कुंदन शशि शर्मा, कृष्ण कुमार, नीलिमा कुजूर, प्रिया कुमारी, पूनम कुमारी सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

भक्ति और शंखनाद के बीच मां शारदे को दी गई विदाई, हजारीबाग प्रेस क्लब में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ सरस्वती पूजनोत्सव


भक्ति और शंखनाद के बीच मां शारदे को दी गई विदाई, हजारीबाग प्रेस क्लब में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ सरस्वती पूजनोत्सव

हजारीबाग: विद्या, बुद्धि और कला की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की आराधना का पर्व हजारीबाग प्रेस क्लब में इस वर्ष अत्यंत भव्य और गरिमामयी वातावरण में संपन्न हुआ। शुक्रवार को प्रेस क्लब भवन परिसर में वैदिक मंत्रोच्चार और पूर्ण विधि-विधान के साथ स्थापित की गई मां शारदे की प्रतिमा का शनिवार को श्रद्धापूर्ण विसर्जन किया गया। दो दिवसीय इस अनुष्ठान में जिले के प्रशासनिक अधिकारियों, राजनीतिक दिग्गजों और प्रबुद्ध जनों का तांता लगा रहा, जिससे पूरा परिसर भक्ति और ज्ञान की त्रिवेणी में सराबोर नजर आया।

पूजनोत्सव के मुख्य आकर्षण के रूप में शनिवार को विशेष हवन और महाप्रसाद का आयोजन किया गया, जिसमें उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह सहित जिले के कई गणमान्य अतिथियों ने आहुति देकर जिले की सुख-समृद्धि और शांति की कामना की। इस अवसर पर उपायुक्त ने प्रेस क्लब के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे सांस्कृतिक आयोजन समाज में सकारात्मक मूल्यों और शिक्षा के प्रति चेतना जागृत करने का कार्य करते हैं। पूजा के दौरान उपस्थित अतिथियों और सदस्यों ने सामूहिक रूप से मां सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त किया, जिसके पश्चात विशाल भंडारे में सैकड़ों श्रद्धालुओं ने खिचड़ी महाप्रसाद ग्रहण किया।

समारोह का सबसे भावुक और उत्साहपूर्ण क्षण मां सरस्वती की विसर्जन शोभायात्रा रही। अबीर-गुलाल की उड़ती गुलाल और शंखनाद की मंगल ध्वनियों के बीच प्रेस क्लब के सदस्य मां की प्रतिमा को हाथों में उठाकर 'अगले बरस तू जल्दी आना' के जयकारों के साथ झील घाट पहुंचे। ढोल-नगाड़ों की थाप पर थिरकते सदस्यों और विदाई की घड़ी में नम आंखों के बीच मां शारदे की प्रतिमा का विसर्जन पूरी मर्यादा और अनुशासन के साथ किया गया। प्रेस क्लब के अध्यक्ष और सचिव ने इस सफल आयोजन को सामूहिक एकता और सांस्कृतिक निष्ठा का प्रतीक बताते हुए सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया।

हजारीबाग में सरस्वती पूजा पर प्रशासन का 'एक्शन प्लान' तैयार: विसर्जन 24 को, अश्लील गानों और जबरन चंदे पर पूर्ण प्रतिबंध

हजारीबाग में सरस्वती पूजा पर प्रशासन का 'एक्शन प्लान' तैयार,


विसर्जन 24 को, अश्लील गानों और जबरन चंदे पर पूर्ण प्रतिबंध

हजारीबाग: विद्या की देवी मां सरस्वती की आराधना के महापर्व को शांति, सौहार्द और अनुशासन के साथ संपन्न कराने के लिए हजारीबाग अनुमंडल प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। इसी उद्देश्य से बुधवार को अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडेय की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आहूत की गई, जिसमें विधि-व्यवस्था संधारण को लेकर कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि पूजा के दौरान हुड़दंग, अश्लीलता या जबरन चंदा वसूली जैसी गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

बैठक में उपस्थित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को संबोधित करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पूजा पंडालों का निर्माण किसी भी अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र या कोर्ट परिसर के समीप वर्जित रहेगा ताकि आवश्यक सेवाओं में कोई व्यवधान उत्पन्न न हो। ध्वनि प्रदूषण और सामाजिक मर्यादा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने रात्रि 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही, डीजे या लाउडस्पीकर पर किसी भी प्रकार के भड़काऊ, आपत्तिजनक या अश्लील गीतों के प्रसारण को प्रतिबंधित करते हुए आयोजकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे भक्तिमय वातावरण को दूषित न होने दें।

प्रशासन ने मूर्ति विसर्जन के लिए 24 जनवरी की तारीख मुकर्रर करते हुए सभी पूजा समितियों को इसी दिन प्रतिमा विसर्जन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। विसर्जन के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों को लेकर नगर निगम को विशेष दायित्व सौंपे गए हैं। निगम को निर्देशित किया गया है कि वे तालाबों और जलाशयों की साफ-सफाई के साथ-साथ वहां किसी भी प्रकार के गहरे गड्ढे या खुदाई कार्य पर रोक लगाएं। किसी भी संभावित दुर्घटना या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए विसर्जन स्थलों पर नौका और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती सुनिश्चित करने का आदेश भी दिया गया है।

बिजली विभाग को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। उन्हें विसर्जन मार्गों और घाटों के आसपास झूलते जर्जर तारों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है ताकि किसी भी प्रकार की विद्युत दुर्घटना से बचा जा सके। बैठक का सबसे अहम पहलू चंदा वसूली को लेकर रहा, जिसमें प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि आम नागरिकों से चंदा के नाम पर किसी भी प्रकार की जोर-जबरदस्ती या दबाव बनाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अंत में प्रशासन ने जिले के सभी प्रबुद्ध नागरिकों और पूजा समितियों से अपील की है कि वे आस्था के इस पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं और प्रशासनिक निर्देशों का अक्षरशः पालन करें।


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