हजारीबाग में सरस्वती पूजा पर प्रशासन का 'एक्शन प्लान' तैयार,
विसर्जन 24 को, अश्लील गानों और जबरन चंदे पर पूर्ण प्रतिबंध
हजारीबाग: विद्या की देवी मां सरस्वती की आराधना के महापर्व को शांति, सौहार्द और अनुशासन के साथ संपन्न कराने के लिए हजारीबाग अनुमंडल प्रशासन ने अपनी कमर कस ली है। इसी उद्देश्य से बुधवार को अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडेय की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आहूत की गई, जिसमें विधि-व्यवस्था संधारण को लेकर कड़े और स्पष्ट निर्देश जारी किए गए। प्रशासन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि पूजा के दौरान हुड़दंग, अश्लीलता या जबरन चंदा वसूली जैसी गतिविधियों को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
बैठक में उपस्थित सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों, अंचल अधिकारियों और थाना प्रभारियों को संबोधित करते हुए अनुमंडल पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि पूजा पंडालों का निर्माण किसी भी अस्पताल, स्वास्थ्य केंद्र या कोर्ट परिसर के समीप वर्जित रहेगा ताकि आवश्यक सेवाओं में कोई व्यवधान उत्पन्न न हो। ध्वनि प्रदूषण और सामाजिक मर्यादा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने रात्रि 10 बजे के बाद लाउडस्पीकर बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया है। साथ ही, डीजे या लाउडस्पीकर पर किसी भी प्रकार के भड़काऊ, आपत्तिजनक या अश्लील गीतों के प्रसारण को प्रतिबंधित करते हुए आयोजकों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे भक्तिमय वातावरण को दूषित न होने दें।
प्रशासन ने मूर्ति विसर्जन के लिए 24 जनवरी की तारीख मुकर्रर करते हुए सभी पूजा समितियों को इसी दिन प्रतिमा विसर्जन सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। विसर्जन के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों को लेकर नगर निगम को विशेष दायित्व सौंपे गए हैं। निगम को निर्देशित किया गया है कि वे तालाबों और जलाशयों की साफ-सफाई के साथ-साथ वहां किसी भी प्रकार के गहरे गड्ढे या खुदाई कार्य पर रोक लगाएं। किसी भी संभावित दुर्घटना या अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए विसर्जन स्थलों पर नौका और प्रशिक्षित गोताखोरों की तैनाती सुनिश्चित करने का आदेश भी दिया गया है।
बिजली विभाग को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है। उन्हें विसर्जन मार्गों और घाटों के आसपास झूलते जर्जर तारों को दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया है ताकि किसी भी प्रकार की विद्युत दुर्घटना से बचा जा सके। बैठक का सबसे अहम पहलू चंदा वसूली को लेकर रहा, जिसमें प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी जारी की है कि आम नागरिकों से चंदा के नाम पर किसी भी प्रकार की जोर-जबरदस्ती या दबाव बनाने वालों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अंत में प्रशासन ने जिले के सभी प्रबुद्ध नागरिकों और पूजा समितियों से अपील की है कि वे आस्था के इस पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं और प्रशासनिक निर्देशों का अक्षरशः पालन करें।

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