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कांवड़ यात्रा 2026: सीएम योगी आदित्यनाथ की सख्त हिदायत, यात्रा मार्ग पर मांस-शराब की दुकानें रहेंगी बंद, ड्रोन से होगी निगरानी

सुरक्षित और सुगम होगी कांवड़ यात्रा: सीएम योगी ने कांवड़ मार्ग पर ड्रोन से निगरानी और सख्त सुरक्षा के दिए आदेश

संवाददाता, गाजियाबाद:

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गाजियाबाद में मेरठ और सहारनपुर मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ आगामी श्रावण मास में प्रस्तावित कांवड़ यात्रा की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और आस्था का पूरा सम्मान सुनिश्चित किया जाए।

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​सीएम योगी के प्रमुख दिशा-निर्देश:

  • सुरक्षा और निगरानी: पूरे कांवड़ यात्रा मार्ग पर सीसीटीवी और ड्रोन के माध्यम से कड़ी निगरानी रखी जाएगी। सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
  • सड़क और स्वच्छता: लोक निर्माण और सिंचाई विभाग को कांवड़ मार्ग को 'गड्ढामुक्त' करने और झाड़ियों व कचरे की पूरी सफाई समय रहते सुनिश्चित करने के आदेश दिए गए हैं।
  • प्रतिबंध और नियम: कांवड़ यात्रा मार्ग पर पड़ने वाली मांस और शराब की दुकानें पूरी यात्रा के दौरान बंद रहेंगी। पुलिस को इसकी प्रभावी निगरानी करने का निर्देश दिया गया है।
  • डीजे और कांवड़ के मानक: डीजे की आवाज और कांवड़ की ऊंचाई निर्धारित मानकों के दायरे में ही होनी चाहिए। इसके लिए प्रशासन कांवड़ संघों और डीजे संचालकों के साथ पहले से समन्वय स्थापित करेगा।
  • यात्रियों के लिए सुविधाएं: कांवड़ शिविरों में बिजली, साफ पेयजल, शौचालय, स्ट्रीट लाइट और सात्विक भोजन की बेहतर व्यवस्था अनिवार्य है।
  • अंतरराज्यीय समन्वय: यात्रा को सुचारू बनाने के लिए दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, हरियाणा और उत्तराखंड के अधिकारियों के साथ निरंतर सूचनाओं का आदान-प्रदान और समन्वय बनाए रखा जाएगा।

​मुख्यमंत्री ने मंडलायुक्तों को नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए हैं ताकि यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन ने कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण और भव्य रूप से संपन्न कराने के लिए अपनी कमर कस ली है।

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बैहरी-सखिया जगन्नाथ महोत्सव: सांसद मनीष जायसवाल ने किया भव्य प्रवेश द्वार का शिलान्यास, 150 साल पुराने मेले की बढ़ेगी शोभा

 

धार्मिक आस्था का केंद्र बना बैहरी-सखिया मंदिर परिसर, 13 गांवों के ऐतिहासिक मेले में होगा विकास का नया अध्याय

हजारीबाग: सदर प्रखंड स्थित बैहरी-सखिया गोपाल शिवांगना शिव मंदिर परिसर में रथ यात्रा के पावन अवसर पर एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान सांसद मनीष जायसवाल ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना के बाद मंदिर परिसर के मुख्य प्रवेश द्वार का शिलान्यास किया। इस द्वार के निर्माण से 150 वर्ष पुराने इस ऐतिहासिक धार्मिक स्थल की सुंदरता और भव्यता में चार चांद लग जाएंगे।

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​ऐतिहासिक महत्व और धार्मिक आस्था

​गोपाल शिवांगना शिव मंदिर सेवा संस्थान ट्रस्ट के उपाध्यक्ष पुरन महतो ने बताया कि यह क्षेत्र का सबसे प्राचीन मंदिर है, जहाँ पिछले डेढ़ सौ वर्षों से 13 गांवों का भव्य मेला लगता है। इस परिसर में शिव मंदिर के अलावा दुर्गा मंदिर, हनुमान मंदिर और राधा-कृष्ण मंदिर भी स्थित हैं, जो श्रद्धालुओं की अटूट आस्था का केंद्र हैं। ट्रस्ट के सचिव जानकी महतो ने जानकारी दी कि यहाँ प्रतिदिन पूजा-पाठ और मांगलिक कार्यों के साथ-साथ बड़ी संख्या में शादियों का आयोजन भी होता है।

​सांसद ने सराही स्थानीय परंपरा

​सांसद मनीष जायसवाल ने शिलान्यास के पश्चात ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि प्रवेश द्वार का निर्माण इस ऐतिहासिक मेला परिसर की शोभा को बढ़ाने वाला है। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक स्थलों का विकास क्षेत्र की सांस्कृतिक धरोहर को संजोने का प्रयास है। इस अवसर पर आसपास के ग्रामीणों में काफी उत्साह देखा गया। कार्यक्रम के उपरांत श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।

​सांस्कृतिक कार्यक्रम और जनभागीदारी

​आयोजन के तहत संध्या बेला में बनारस और हजारीबाग की गायत्री टीम द्वारा कथा प्रवचन और भजन-कीर्तन का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसका समापन संध्या आरती के साथ हुआ। इस कार्यक्रम में ट्रस्ट के पदाधिकारी सुबल कुशवाहा (कोषाध्यक्ष), सुभाष यादव (संयुक्त सचिव), रंजन चौधरी (सांसद मीडिया प्रभारी) सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण, महिलाएँ और श्रद्धालु शामिल हुए।

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रथ यात्रा पर सेवा का संकल्प: ज्ञान ज्योति पैरामेडिकल स्कूल, हजारीबाग ने लगाया निःशुल्क मेडिकल कैंप, सैकड़ों श्रद्धालुओं ने कराई स्वास्थ्य जांच

 व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ समाज सेवा का संगम: श्रद्धालुओं को समर्पित रहा पैरामेडिकल छात्रों का सेवा भाव

संवाददाता, हजारीबाग: रथ यात्रा के पावन अवसर पर सिलवार पहाड़ स्थित जगन्नाथ मंदिर परिसर में ज्ञान ज्योति पैरामेडिकल स्कूल, हजारीबाग द्वारा एक निःशुल्क मेडिकल कैंप का सफल आयोजन किया गया। इस शिविर का मुख्य उद्देश्य रथ यात्रा में सम्मिलित होने वाले हजारों श्रद्धालुओं को तत्काल स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और भावी स्वास्थ्य कर्मियों में सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करना था।

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स्वास्थ्य सेवाओं का विवरण

मेडिकल कैंप में पैरामेडिकल छात्रों द्वारा विभिन्न स्वास्थ्य परीक्षणों की निःशुल्क व्यवस्था की गई थी, जिसका बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने लाभ उठाया। शिविर में प्रमुख स्वास्थ्य जांचें शामिल थीं:

  • होल बॉडी चेक-अप (Whole Body Check-up)

  • ब्लड प्रेशर (BP) टेस्ट

  • ब्लड ग्लूकोज (शुगर) टेस्ट

  • अन्य आवश्यक रक्त परीक्षण

जांच के साथ-साथ श्रद्धालुओं को स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण परामर्श भी दिए गए, जिससे उन्हें भीषण उमस और भीड़ के बीच अपना स्वास्थ्य बनाए रखने में मदद मिली।

छात्रों का व्यावहारिक प्रशिक्षण

इस कैंप में DMLT, OT Technician, X-Ray Technician, DOA एवं Dresser पाठ्यक्रम के सत्र 2024–26 और 2025–27 के विद्यार्थियों ने अनुशासन के साथ भागीदारी की। छात्रों ने न केवल स्वास्थ्य जांच की, बल्कि मरीजों के पंजीकरण और रिपोर्टिंग की प्रक्रिया को भी बखूबी संभाला। संस्थान के प्रबंधन का मानना है कि किताबी ज्ञान के साथ-साथ ऐसे आयोजन विद्यार्थियों को व्यावहारिक प्रशिक्षण (Practical Training) प्रदान करने का बेहतरीन माध्यम हैं।

कुशल मार्गदर्शन और सफल संचालन

इस सामाजिक पहल का संचालन विभागाध्यक्ष अनीता कुमारी के नेतृत्व में किया गया। शिक्षिका अंकिता रानी, साक्षी मिश्रा, सौम्या सोनल और पूजा कुमारी की सक्रिय देखरेख में विद्यार्थियों ने पूरे दिन तत्परता से सेवाएं प्रदान की। स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं ने संस्थान की इस अनूठी पहल की सराहना करते हुए इसे 'जनसेवा का उत्कृष्ट उदाहरण' बताया।

ज्ञान ज्योति पैरामेडिकल स्कूल भविष्य में भी स्वास्थ्य जागरूकता और जनहित से जुड़े ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि समाज के अंतिम व्यक्ति तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाई जा सकें।

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Katkamsandi: छड़वा मैदान का ऐतिहासिक मुहर्रम मेला शांतिपूर्ण संपन्न; 22 गांवों के भव्य जुलूस में उमड़ा लाखों का जनसैलाब, RAF और ड्रोन से हुई निगरानी!

 

🕌 कटकमसांडी: छड़वा मैदान का ऐतिहासिक मुहर्रम मेला शांतिपूर्ण संपन्न; 22 गांवों के भव्य जुलूस के साथ उमड़ा जनसैलाब, हैरतअंगेज करतब रहे आकर्षण का केंद्र

कटकमसांडी (हजारीबाग): सांप्रदायिक सौहार्द, असीम आस्था और पारंपरिक जीवंतता का प्रतीक कटकमसांडी का ऐतिहासिक 'छड़वा मैदान मुहर्रम मेला' शुक्रवार को यौम-ए-आशूरा (दसवीं) के अवसर पर शांतिपूर्ण और गरिमामयी वातावरण में संपन्न हो गया। क्षेत्र में मुहर्रम का पर्व पूरी तरह से शांति, सुरक्षा और आपसी भाईचारे के माहौल में मनाया गया। इस दौरान छड़वा मुहर्रम मेला परिसर में आस-पास के 22 पंचायत क्षेत्रों से शहादत की याद में बनाए गए गगनचुंबी निशान (फरहेरा) और आकर्षक ताजिया का भव्य समागम हुआ।

KATKAMSANDI: A panoramic view of the historic Chadwa Maidan filled with lakhs of devotees and splendid Tajiyas during the Muharram festival. (Photo: News Prahari)

🥁 22 अखाड़ों के मिलान से गूंज उठा छड़वा मैदान; उमड़ी लाखों की भीड़

शुक्रवार दोपहर से ही विभिन्न गली-मोहल्लों और ग्रामीण अंचलों में भ्रमण कराते हुए विभिन्न गांवों के 22 अखाड़ेधारी अपने-अपने पारंपरिक साजो-सामान के साथ मुख्य मेला स्थल की ओर बढ़ने लगे। इनमें मुख्य रूप से:

खुटरा, सुलमी, हेदलाग, बलियंद, गदोखर वन, गदोखर टू, पबरा, लुपूंग, पिचरी, रोमी, डाड़, सारूगाड़ु, नवादा, डुकरा, हरना, कवातु, गोविंदपुर, भुसवा, पकरार एवं मंडई गांव के जुलूस शामिल थे।

इस्लाम धर्मावलंबियों द्वारा गाजे-बाजे और मातमी धुनों के बीच 'या अली, या हुसैन' के गगनभेदी नारों के साथ जुलूस लेकर छड़वा मैदान में प्रवेश किया गया। शाम करीब चार बजे तक पूरा छड़वा मैदान अकीदतमंदों और दर्शकों की भीड़ से खचाखच भर गया। इस अवसर पर विभिन्न अखाड़े से आए खिलाड़ियों और युवाओं ने पारंपरिक अस्त्र-शस्त्रों जैसे लाठी, डंडा, तलवार और पट्टे बाजी का प्रदर्शन करते हुए एक से बढ़कर एक हैरतअंगेज करतब दिखाए, जो मैदान में उपस्थित लाखों लोगों के लिए मुख्य आकर्षण का केंद्र बने रहे।

👮 हाईटेक सुरक्षा: RAF, जिला बल और ड्रोन-CCTV से रखी गई चप्पे-चप्पे पर नजर

मेले में सुरक्षा व्यवस्था और विधि-व्यवस्था को सुचारू ढंग से बनाए रखने के लिए हजारीबाग जिला और पुलिस प्रशासन द्वारा सुरक्षा के पुख्ता और कड़े इंतजाम किए गए थे। मेले के हर कोने में जिला बल और सीआरपीएफ (CRPF) के सशस्त्र जवान व अधिकारी मुस्तैद दिखे। इसके साथ ही रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) के महिला और पुरुष जवानों की विशेष टुकड़ी पूरे मेला परिसर में लगातार गश्त कर रही थी। असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने के लिए आधुनिक ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के माध्यम से पूरे मेला क्षेत्र की डिजिटल निगरानी की जा रही थी।

🤝 उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक सहित आला प्रशासनिक अधिकारी रहे मौजूद

मेले की संवेदनशीलता और महत्ता को देखते हुए जिले के कई वरीय प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी पूरे समय मेला स्थल पर डटे रहे। शांतिपूर्ण आयोजन को लेकर छड़वा मुहर्रम कमेटी द्वारा उपस्थित अतिथियों और अधिकारियों को पगड़ी व माला पहनाकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले अधिकारियों में मुख्य रूप से:

  • हजारीबाग उपायुक्त (DC) हेमंत सती, प्रशिक्षु आईएएस पूर्वा अग्रवाल, आरक्षी अधीक्षक (SP) अमन कुमार

  • एएसपी अमित कुमार, डीएसपी (हेडक्वार्टर) ज्ञान रंजन, डीएसपी (सीसीआर) अरमानूल हक

  • पुलिस निरीक्षक सपन कुमार महथा, डीटीओ संतोष चौधरी, प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) पूजा कुमारी, अंचल अधिकारी (CO) अनिल कुमार गुप्ता तथा पेलावल ओपी प्रभारी बिट्टू रजक शामिल रहे।

🏆 मुहर्रम कमेटी और विशिष्ट जनों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम को व्यवस्थित और सफल बनाने में मुहर्रम कमेटी के अध्यक्ष नौशाद खान उर्फ डिस्को, उपाध्यक्ष बाबर अंसारी, सचिव कमालउद्दीन इराकी, अकमल अंसारी, कोषाध्यक्ष शेख इत्तेफाक हुसैन और मीडिया प्रभारी निसार खान सहित सभी सदस्यों की सराहनीय भूमिका रही। इस उत्कृष्ट प्रबंधन के लिए 'अजीम आर्ट पॉइंट फ्लेक्स प्रिंट' के संचालक अजीम अंसारी द्वारा कमेटी के पदाधिकारियों को मोमेंटो (स्मृति चिन्ह) देकर सम्मानित किया गया। वहीं, डाड़ ग्राम के मुखिया मोहम्मद इरशाद के द्वारा भी कमेटी को कप देकर प्रोत्साहित किया गया। मेले में सांप्रदायिक सौहार्द की एक अनूठी और जीवंत मिसाल तब देखने को मिली, जब चार पीढ़ियों से मुहर्रम मना रहे अंतू साव के ताजिया जुलूस ने मैदान में प्रवेश किया, जिसकी सभी ने खूब सराहना की।

मेले में कटकमसांडी सरकारी अस्पताल से आए डॉ. भूषण राणा तथा डॉ. वेद प्रकाश पाठक की मेडिकल टीम ने स्वास्थ्य शिविर के माध्यम से अपनी महत्वपूर्ण और सराहनीय सेवाएं प्रदान कीं।

👥 राजनीतिक एवं सामाजिक दिग्गजों की रही गरिमामयी उपस्थिति

ऐतिहासिक छड़वा मेले में कई राजनीतिक दलों के प्रतिनिधि और गणमान्य सामाजिक कार्यकर्ता भी पहुंचे, जिन्हें कमेटी द्वारा सम्मानित किया गया। अतिथियों में: कांग्रेस जिला अध्यक्ष सह पूर्व मंत्री जय प्रकाश भाई पटेल, झारखंड हिंदू धार्मिक न्यास बोर्ड के अध्यक्ष जय शंकर पाठक, सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह, पूर्व सांसद भुवनेश्वर प्रसाद मेहता, प्रदेश कोऑर्डिनेटर विनोद कुशवाहा, प्रदेश सचिव रेणू कुशवाहा, समाजसेवी बाबर कुरैशी, नगर निगम के पूर्व प्रत्याशी सरफराज अहमद, तसलीम अंसारी, राजा मोहम्मद, मनीष ठाकुर, अशोक राणा, पन्नू महतो, मनोज मोदी, अजय राधा उपस्थित थे।

इसके साथ ही सेंट्रल मुहर्रम कमेटी के अध्यक्ष टिंकू खान, महासचिव इरफान भाई उर्फ काजू, उपाध्यक्ष परवेज अहमद, वीरेंद्र कुमार सिंह, दिगंबर प्रसाद मेहता, संजर मल्लिक, शमशेर आलम, नरसिंह प्रजापति और अयान रजा भी मुख्य रूप से शामिल हुए।

इस भव्य और ऐतिहासिक समागम में संरक्षक अनवारूल हक, मोख्तार अहमद, अखाड़ेधारियों में मोहम्मद सिराजुद्दीन, कलाम अंसारी, असलम खान, गुलाम शाबिर उर्फ बबलू, इसरैल खान, मोहम्मद रुश्तम, मोहम्मद ताहिर, मोहम्मद इम्तियाज, मोहम्मद खालिक, मोहम्मद समसुद्दीन, मोहम्मद मुस्ताक, खातो मियां, मोहम्मद इस्लाम, मोहम्मद नसीम, खालिद इकबाल, गुलाम हुसैन, मोहम्मद शमीम, मोहम्मद अनवर सहित लाखों की संख्या में महिला, पुरुष, वृद्ध और बच्चे उपस्थित थे।

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हजारीबाग में बकरीद को लेकर प्रशासन अलर्ट: नगर भवन में शांति समिति की बैठक, हेल्प लाइन नंबर जारी

 हजारीबाग में बकरीद को लेकर प्रशासन अलर्ट: नगर भवन में शांति समिति की बैठक, हेल्प लाइन नंबर जारी

उपायुक्त हेमंत सती और एसपी अमन कुमार ने दिए कड़े निर्देश; उपद्रवियों पर धारा 126 के तहत नोटिस, संवेदनशील इलाकों में होगा फ्लैग मार्च।

हजारीबाग: ईद-उल-अज़हा (बकरीद) पर्व 2026 के अवसर पर जिले में विधि व्यवस्था, आपसी भाईचारा और सौहार्दपूर्ण वातावरण बनाए रखने को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद हो गया है। इसी कड़ी में नगर भवन, हजारीबाग में उपायुक्त (DC)  हेमन्त सती की अध्यक्षता में शांति समिति एवं विधि व्यवस्था की एक महत्वपूर्ण समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में पुलिस अधीक्षक (SP) अमन कुमार, उप विकास आयुक्त (DDC), अपर समाहर्ता, एसडीएम (SDM) सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, दंडाधिकारी और केंद्रीय शांति समिति के सदस्य उपस्थित थे।

Town Hall Hazaribagh,

बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त हेमंत सती ने जिले के सभी संवेदनशील स्थलों पर विशेष सतर्कता बरतने का निर्देश दिया। उन्होंने दोनों अनुमंडल पदाधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि क्षेत्र में माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वाले संदिग्ध एवं अराजक तत्वों को चिह्नित करते हुए उनके विरुद्ध धारा 126 के तहत नोटिस जारी करें। इसके साथ ही सभी थाना क्षेत्रों में स्थानीय स्तर पर शांति समिति की बैठकें आयोजित कर समन्वय बनाने को कहा गया।

कुर्बानी के अवशेषों का व्यवस्थित निष्पादन और 24x7 इमरजेंसी सेवाएं

उपायुक्त ने त्योहार के मद्देनजर बुनियादी सुविधाओं और आपातकालीन व्यवस्थाओं को लेकर कई कड़े निर्देश जारी किए:

अवशेषों का निष्पादन: बकरीद पर्व के दौरान होने वाली कुर्बानी को देखते हुए पशुओं के अवशेषों का व्यवस्थित और साफ-सुथरे तरीके से निष्पादन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया ताकि गंदगी न फैले।

24x7 अलर्ट: किसी भी आकस्मिक दुर्घटना से निबटने के लिए जिले के अस्पतालों और अग्निशमन (फायर ब्रिगेड) वाहनों को 24 घंटे क्रियाशील रखने को कहा गया है।

पेयजल व ट्रैफिक: भीषण गर्मी को देखते हुए विभिन्न स्थलों पर पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने और त्योहार के दौरान सुचारू ट्रैफिक व्यवस्था बनाए रखने हेतु आम सूचना जारी करने का निर्देश दिया गया।

विशेष नजर: उपायुक्त ने विशेष रूप से विष्णुगढ़, ईचाक, बरही, बड़कागांव एवं टाटीझरिया क्षेत्रों में प्रशासन को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की हिदायत दी है।

आपात स्थिति के लिए जिला नियंत्रण कक्ष (कंट्रोल रूम) के नंबर जारी

प्रशासन ने आम जनता से किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या आपात स्थिति की जानकारी तत्काल कंट्रोल रूम तक पहुंचाने की अपील की है। इसके लिए जिला नियंत्रण कक्ष को एक्टिव करते हुए निम्नलिखित हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं:

कंट्रोल रूम दूरभाष संख्या: 06546-265233, 8002529349

पुलिस आपातकालीन सहायता: 112

सोशल मीडिया पर रहेगी पैनी नजर, थानों में होगा फ्लैग मार्च: एसपी

बैठक में मौजूद पुलिस अधीक्षक श्री अमन कुमार ने पुलिस महकमे को पूरी तरह अलर्ट मोड में रहने का आदेश दिया। उन्होंने कहा कि विधि व्यवस्था संधारण के लिए सभी दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारी आपसी समन्वय के साथ काम करें। एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकालने का निर्देश दिया।

इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील की कि सोशल मीडिया का उपयोग बेहद सावधानी और जिम्मेदारी से करें। किसी भी भ्रामक, अफवाह फैलाने वाली या आपत्तिजनक पोस्ट को शेयर करने से बचें। यदि कोई माहौल बिगाड़ने की कोशिश करता है, तो उसकी सूचना तुरंत पुलिस को दें। बैठक के अंत में शांति समिति के सदस्यों से महत्वपूर्ण सुझाव लिए गए और जिलेवासियों से शांतिपूर्ण ढंग से त्योहार मनाने की अपील की गई।

शीर्षक: त्योहारों में प्रशासनिक मुस्तैदी और नागरिक जिम्मेदारी

ईद-उल-अज़हा (बकरीद) जैसे महत्वपूर्ण त्योहारों के अवसर पर हजारीबाग जिला प्रशासन द्वारा समय रहते शांति समिति की बैठक करना और सुरक्षा के कड़े ब्लूप्रिंट तैयार करना एक परिपक्व प्रशासनिक व्यवस्था को दर्शाता है। संवेदनशील इलाकों जैसे बरही, बड़कागांव और विष्णुगढ़ में अतिरिक्त सतर्कता बरतने और अराजक तत्वों पर धारा 126 के तहत कार्रवाई का निर्देश सुरक्षा को लेकर प्रशासन की गंभीरता को जाहिर करता है। विशेष रूप से सोशल मीडिया पर निगरानी और हेल्पलाइन नंबरों को जारी करना अफवाहों को फैलने से रोकने में सबसे कारगर हथियार साबित हो सकता है। हालांकि, किसी भी पर्व की वास्तविक सफलता प्रशासनिक मुस्तैदी से कहीं अधिक आम नागरिकों की जिम्मेदारी और आपसी सौहार्द पर टिकी होती है। जब समाज का हर वर्ग मिलकर त्योहारों की पवित्रता और शांति बनाए रखने में सहयोग करेगा, तभी जिला प्रशासन की यह कवायद धरातल पर पूरी तरह सफल साबित होगी।

सभी 16 प्रखंडों में गूंजा DLSA का संदेश; पंचायतों से लेकर स्कूलों तक 'अधिकार मित्रों' ने पढ़ाया कानून का पाठ

सभी 16 प्रखंडों में गूंजा DLSA का संदेश; पंचायतों से लेकर स्कूलों तक 'अधिकार मित्रों' ने पढ़ाया कानून का पाठ

प्रधान जि
SaraiyaDih.

ला न्यायाधीश ध्रुव चंद्र मिश्रा के निर्देश पर महा-अभियान: चौक-चौराहों पर सजी विधिक चौपाल, टोल-फ्री नंबर 15100 के जरिए घर बैठे मुफ्त कानूनी सलाह की दी गई जानकारी।

हजारीबाग। हजारीबाग जिले के शहरी क्षेत्रों से लेकर सुदूर ग्रामीण इलाकों तक आम नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति सजग और विधिक रूप से साक्षर बनाने के लिए एक बड़ा महा-अभियान चलाया जा रहा है। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (JALSA) के तत्वाधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA), हजारीबाग के बैनर तले 90 दिवसीय विशेष कानूनी जागरूकता अभियान के तहत बुधवार को पूरे जिले में एक साथ विधिक साक्षरता की बयार बही।

यह वृहद कार्यक्रम प्रधान जिला न्यायाधीश (PDJ) सह अध्यक्ष ध्रुव चंद्र मिश्रा के कुशल दिशा-निर्देशन में तथा सचिव डॉ. रवि प्रकाश तिवारी की सीधी मॉनिटरिंग में आयोजित किया गया। इसी कड़ी में बुधवार को हजारीबाग जिला अंतर्गत सभी 16 प्रखंडों की विभिन्न पंचायतों, प्रमुख चौक-चौराहों और विद्यालयों में सघन जागरूकता सत्र चलाए गए।

मीडिएटर्स और अधिकार मित्रों ने संभाली कमान, जनता को किया जागरूक

जिले के सभी 16 प्रखंडों में प्राधिकार द्वारा प्रतिनियुक्त प्रशिक्षित मीडिएटर्स (मध्यस्थों) और 'अधिकार मित्रों' ने ग्राउंड जीरो पर उतरकर कमान संभाली। उन्होंने स्कूली बच्चों, ग्रामीणों और राहगीरों को कानून की बुनियादी और आवश्यक धाराओं की जानकारी दी।

शिविरों के दौरान मुख्य रूप से इन बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई:

नालसा और झालसा की कल्याणकारी योजनाएं: समाज के अंतिम पायदान पर खड़े जरूरतमंद, शोषित और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए सरकारी स्तर पर चलाई जा रही विधिक कल्याणकारी योजनाओं की जानकारी दी गई।

सिर्फ एक आवेदन पर मुफ्त वकील: अधिकार मित्रों ने उपस्थित लोगों को बताया कि जिला विधिक सेवा प्राधिकार एक ऐसा सुलभ माध्यम है, जहां कोई भी गरीब व्यक्ति केवल एक साधारण आवेदन देकर कोर्ट-कचहरी के मामलों के लिए निःशुल्क सरकारी अधिवक्ता (वकील) की सेवा प्राप्त कर सकता है।

टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 की दी गई जानकारी

ग्रामीणों को कानूनी रूप से सशक्त बनाने के लिए राष्ट्रीय विधिक टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 के प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर दिया गया। लोगों को बताया गया कि यदि उन्हें कोई कानूनी समस्या है या वे किसी विषय पर विधिक परामर्श चाहते हैं, तो वे इस नंबर पर कॉल करके घर बैठे पूरी तरह निःशुल्क और प्रामाणिक कानूनी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।

'मध्यस्थता केंद्र' से मुकदमों के बोझ और खर्च से मिल रही राहत

शिविर में उपस्थित लोगों को न्याय सदन परिसर में संचालित मध्यस्थता केंद्र (Mediation Centre) की कार्यशैली और फायदों से अवगत कराया गया। प्रबुद्ध वक्ताओं ने बताया कि:

इस केंद्र में प्रतिदिन अनेकों दीवानी, पारिवारिक और छोटे-मोटे आपसी वादों का निपटारा दोनों पक्षों की आपसी सहमति और सौहार्दपूर्ण बातचीत के आधार पर कराया जाता है।

सुलह-समझौते के आधार पर मामलों के निष्पादन से सालों-साल चलने वाले मुकदमों की प्रताड़ना, पैसों के भारी खर्च और कीमती समय की बर्बादी से आम जनता को सीधी राहत मिल रही है।

सैकड़ों महिलाओं, पुरुषों और बच्चों की रही उपस्थिति

जिलेभर में एक साथ आयोजित इस महा-अभियान में विभिन्न स्कूलों के शिक्षक-शिक्षिकाएं, छात्र-छात्राएं, पंचायतों के प्रतिनिधि और सैकड़ों की संख्या में स्थानीय महिला-पुरुष शामिल हुए। कार्यक्रम को सफल बनाने में जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग के अधीन कार्यरत सभी समर्पित अधिकार मित्रों और मीडिएटर्स ने सक्रिय भूमिका निभाते हुए समाज को विधिक रूप से सशक्त करने का संकल्प दोहराया।

संपादकीय संदेश: हजारीबाग के सभी 16 प्रखंडों में एक ही दिन व्यापक स्तर पर कानूनी साक्षरता शिविर लगाना जिला विधिक सेवा प्राधिकार की एक अदभुत और ऐतिहासिक संगठनात्मक सफलता है। कानून की जानकारी का अभाव ही अक्सर ग्रामीणों के शोषण और अदालतों में बढ़ते मुकदमों का मुख्य कारण होता है। जब समाज का हर वर्ग टोल-फ्री नंबर 15100 और मध्यस्थता केंद्र जैसी सुविधाओं से अवगत होगा, तभी त्वरित और सुलभ न्याय का सपना साकार हो सकेगा।

प्रस्तुति: जिला विधिक सेवा प्राधिकार, हजारीबाग।

रिपोर्ट: न्यूज़ प्रहरी डेस्क।

केरेडारी के शांकेश्वरी माता धाम पहुंचे सांसद मनीष जायसवाल; बोले— "यज्ञ का सबसे बड़ा प्रसाद 'सुविचार' है, सात्विक मार्ग पर चलें युवा"

केरेडारी के शांकेश्वरी माता धाम पहुंचे सांसद मनीष जायसवाल; बोले— "यज्ञ का सबसे बड़ा प्रसाद 'सुविचार' है, सात्विक मार्ग पर चलें युवा"

कोल परियोजनाओं में स्थानीय लोगों को मुआवजा और रोजगार दिलाने का भरोसा: बड़कागांव और केरेडारी में सांसद का भव्य स्वागत, मंदिर सौंदर्यीकरण के लिए देंगे टाइल्स।

केरेडारी/हजारीबाग। बड़कागांव विधानसभा क्षेत्र के केरेडारी प्रखंड अंतर्गत ग्राम पचड़ा (सिझुवा) में भक्ति और अध्यात्म का माहौल बना हुआ है। यहाँ आयोजित पांच दिवसीय श्री श्री 1008 श्री शतचंडी महायज्ञ सह शांकेश्वरी माता धाम प्राण प्रतिष्ठा अनुष्ठान की पूर्णाहुति के पावन अवसर पर शनिवार को हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल सम्मिलित हुए।

Saansad Manish Jaiswal.

Keredari Sabha

इस दौरान उन्होंने यज्ञ मंडप की परिक्रमा की और शांकेश्वरी माता धाम में प्राचीन मां शांकेश्वरी एवं बजरंगबली की प्रतिमा के समक्ष माथा टेककर संपूर्ण हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र की सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। केरेडारी पहुंचने के क्रम में बड़कागांव और केरेडारी के विभिन्न चौक-चौराहों पर भाजपा कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने फूल-मालाओं और गगनभेदी नारों के साथ सांसद का अभूतपूर्व स्वागत किया।

यज्ञ समिति ने पगड़ी और शॉल ओढ़ाकर किया सम्मानित

महायज्ञ के अंतिम दिन पहुंचे सांसद मनीष जायसवाल सहित अन्य अतिथियों का यज्ञ समिति द्वारा भगवा पगड़ी, पुष्प गुच्छ और शॉल ओढ़ाकर भव्य नागरिक अभिनंदन किया गया। इस दौरान स्थानीय मुखिया महेश साव ने ग्रामीणों की ओर से सांसद के समक्ष क्षेत्र की जनसमस्याओं को रखा। ग्रामीणों ने मंदिर निर्माण में सहयोग के साथ-साथ क्षेत्र में संचालित चंद्रगुप्त कोल परियोजना में स्थानीय प्रभावितों की भागीदारी सुनिश्चित करने और डीएमएफटी (DMFT) मद से बुनियादी विकास कार्यों को धरातल पर उतारने की मांग पुरजोर तरीके से उठाई।

विस्थापितों और रोजगार के मुद्दे पर विशेष रणनीति की जरूरत

विशाल जनसमूह और श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कहा, "यज्ञ का सबसे बड़ा प्रसाद सुविचार और सात्विक सोच होती है, जो समाज को एकता और भाईचारे के सूत्र में पिरोती है।" स्थानीय युवाओं और रैयतों को आश्वस्त करते हुए सांसद ने कहा कि चंद्रगुप्त कोल परियोजना सहित आसपास संचालित कोयला कंपनियों द्वारा स्थानीय ग्रामीणों को उचित नागरिक सुविधाएं, जमीन का सही मुआवजा और शत-प्रतिशत रोजगार मिले, इसके लिए एक ठोस और विशेष रणनीति बनाकर काम करने की जरूरत है। उन्होंने दो-टूक शब्दों में कहा कि रैयतों और विस्थापितों के हक-अधिकार की इस लड़ाई में वे पूरी तरह जनता के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। इसके साथ ही उन्होंने पचड़ा ग्राम वासियों की मांग पर मंदिर प्रांगण के सौंदर्यीकरण हेतु अपनी ओर से जल्द टाइल्स उपलब्ध कराने की घोषणा की।

धार्मिक अनुष्ठान में इनकी रही मुख्य भूमिका

इस भव्य महायज्ञ को संपन्न कराने में यज्ञाचार्य पंडित शक्ति शास्त्री जी महाराज, आचार्य पंडित कुंदन शास्त्री जी और मुख्य पुजारी रामचंद्र साव ने महती भूमिका निभाई। वहीं, सुप्रसिद्ध प्रवचनकर्ता साध्वी अंजली गोस्वामी ने अपने भजनों और प्रवचनों से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध किया। यज्ञ को सफल बनाने में समिति के अध्यक्ष दशरथ कुमार, सचिव संतोष साव और कोषाध्यक्ष दीपक कुमार सहित पूरी आयोजन समिति का सराहनीय योगदान रहा।

ये गणमान्य लोग रहे उपस्थित

इस अवसर पर सांसद के साथ मुख्य रूप से हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद प्रतिनिधि सत्येंद्र सिंह, जिला सांसद प्रतिनिधि अजय साहू, भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अनिल मिश्रा, बड़कागांव विधानसभा सांसद प्रतिनिधि पूनम साहू, भाजपा नेता महेंद्र सिंह, सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी, उमेश दांगी, बड़कागांव मंडल अध्यक्ष शिबू मेहता, मनीष पांडेय, मुखिया महेश साव, प्रकाश गुप्ता, नारायण साव, नकुल साव और बहादुर राम सहित सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे।

रिपोर्ट: न्यूज़ प्रहरी डेस्क।

'जनता को जनता की भाषा में मिले न्याय': मातृभाषा में न्यायिक कार्यवाही के लिए भारतीय भाषा अभियान का देशव्यापी शंखनाद

'जनता को जनता की भाषा में मिले न्याय': मातृभाषा में न्यायिक कार्यवाही के लिए भारतीय भाषा अभियान का देशव्यापी शंखनाद

हजारीबाग: देश की न्याय प्रणाली में आम जनमानस की भागीदारी और समझ को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक वृहद और प्रभावशाली पहल आकार ले रही है। वर्ष दो हजार चार में स्थापित 'शिक्षा संस्कृति उत्थान न्यास' द्वारा संचालित 'शिक्षा बचाओ, देश बचाओ' प्रकल्प के अंतर्गत 'भारतीय भाषा अभियान' ने न्यायपालिका में भाषाई पारदर्शिता की एक अत्यंत प्रासंगिक मांग उठाई है। इस अभियान का मूल स्वर यही है कि देश के प्रत्येक नागरिक को न्याय उसी की भाषा में सुलभ होना चाहिए। वर्तमान न्यायिक व्यवस्था में अधिकांश कार्यवाहियां ऐसी भाषा में होती हैं जो आम वादी या प्रतिवादी की समझ से परे होती हैं, जिसके परिणामस्वरूप न्याय की वास्तविक अनुभूति जनसामान्य तक नहीं पहुंच पाती।

"मातृभाषा में न्यायिक कार्यवाही के लिए भारतीय भाषा अभियान का देशव्यापी शंखनाद"


​न्यायिक प्रक्रियाओं की जटिलता और भाषाई अवरोध को दूर करने के लिए इस अभियान के तहत यह मांग पुरजोर तरीके से रखी जा रही है कि अदालतों में होने वाली बहस, संवाद और अंतिम निर्णय मातृभाषा अथवा स्थानीय भाषा में ही होने चाहिए। जब तक न्याय मांगने वाले पक्षकार को उसके मामले में हो रही जिरह और सुनाए गए फैसले का अर्थ अपनी मातृभाषा में समझ नहीं आएगा, तब तक न्याय प्रणाली में पूर्ण पारदर्शिता और जन-संतुष्टि की कल्पना बेमानी है। अभियान का स्पष्ट मानना है कि न्यायालयों के फैसले और वकीलों की बहस ऐसी सहज भाषा में हो जिसे मुवक्किल स्वयं सुन, पढ़ और समझ सके। यदि कोई नागरिक इस मौलिक अधिकार से वंचित रहता है, तो उसे न्याय के लिए पुनः गुहार लगाने का अवसर मिलना चाहिए।

​इस दिशा में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अपने निर्णयों का भारतीय संविधान की बाईस भाषाओं में अनुवाद करवाने की पहल का स्वागत करते हुए, अभियान अब इसे निचली अदालतों से लेकर उच्च न्यायालयों तक अनिवार्य रूप से लागू करवाने के लिए प्रयासरत है। विशेषकर झारखंड प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों में उच्च न्यायालयों और जिला एवं अनुमंडल न्यायालयों से यह अपेक्षा की जा रही है कि वे अपनी कार्यवाहियों में स्थानीय और मातृभाषा के उपयोग को प्राथमिकता दें। इस पुनीत उद्देश्य की प्राप्ति और जन जागरूकता के लिए वर्तमान में पूरे देश में इक्कीस से अट्ठाईस तारीख तक 'अंतरराष्ट्रीय हिंदी पखवाड़ा' मनाया जा रहा है।

​इस पखवाड़े के समापन पर, यानी अट्ठाईस तारीख को, अभियान से जुड़े प्रतिनिधि देश के शीर्ष न्यायिक और संवैधानिक पदों पर आसीन विभूतियों को अपना मांग पत्र सौंपेंगे। यह ज्ञापन माननीय सर्वोच्च न्यायालय, उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों, भारत सरकार के विधि मंत्री, राज्य के विधि मंत्री, मुख्यमंत्री और महामहिम राज्यपाल को प्रेषित किया जाएगा। भारतीय भाषा अभियान के प्रदेश सह-संयोजक महंत विद्यानंद दास ने इस पूरे घटनाक्रम की जानकारी देते हुए स्पष्ट किया है कि जब तक न्यायपालिका के गलियारों में आम आदमी की भाषा को सम्मानजनक स्थान नहीं मिल जाता, तब तक यह भाषाई अस्मिता और न्याय का संघर्ष अनवरत जारी रहेगा।

रामगढ़ की धरा पर सजेगा 101 बेटियों के सपनों का भव्य संसार, वैदिक मंत्रोच्चार और शहनाई की गूंज के बीच सांसद मनीष जायसवाल निभाएंगे अभिभावक का धर्म


रामगढ़ की धरा पर सजेगा 101 बेटियों के सपनों का भव्य संसार,

वैदिक मंत्रोच्चार और शहनाई की गूंज के बीच सांसद मनीष जायसवाल निभाएंगे अभिभावक का धर्म

हजारीबाग/रामगढ़

विकास के पथ पर अग्रसर हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र में अब सामाजिक समरसता और मानवीय संवेदनाओं का एक ऐतिहासिक अध्याय लिखा जाने वाला है। सांसद मनीष जायसवाल की अनूठी पहल 'सांसद सामूहिक विवाह उत्सव-2026' के तहत आगामी 8 फरवरी को रामगढ़ का ऐतिहासिक सिद्धू-कान्हु मैदान एक ऐसे वैवाहिक महाकुंभ का साक्षी बनेगा, जहां अभावों के अंधेरे को चीरकर 101 बेटियों के जीवन में सुखद दांपत्य का सवेरा होगा। इस भव्य आयोजन में न केवल शहनाई की गूंज होगी, बल्कि प्रख्यात सांसद और गायक मनोज तिवारी के सुरों का जादू और कोलकाता के राघव पंडित के वैदिक मंत्रोच्चार से पूरा वातावरण देवमय हो जाएगा।

​सांसद मनीष जायसवाल के 'वार्षिक सेवा कैलेंडर' का यह आयोजन मात्र एक विवाह समारोह नहीं, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े परिवारों के लिए एक संबल है। वर्ष 2023 में 25 जोड़ों से शुरू हुआ यह सेवा अनुष्ठान अब 101 जोड़ों के महापर्व में परिवर्तित हो चुका है। इस वर्ष के आयोजन की भव्यता किसी 'रॉयल वेडिंग' से कम नहीं होगी। 8 फरवरी की सुबह रामगढ़ की फिजाओं में जब मंगल गीतों की मिठास घुलेगी, तब सुबह 9 बजे एक अभूतपूर्व दृश्य देखने को मिलेगा। 101 सजी-धजी गाड़ियों का काफिला जब दूल्हों को लेकर निकलेगा, तो उसकी अगुवाई स्वयं सांसद मनीष जायसवाल करेंगे। झारखंड की माटी की पहचान छऊ नृत्य, आर्ष कन्या गुरुकुल की विदुषियों की झांकियां, ढाक-ताशा की थाप और राज शेरा पार्टी का उल्लास इस बारात को अलोकिक बना देगा। रामगढ़ छावनी परिषद मैदान से शुरू होकर शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरने वाली इस शोभायात्रा का 23 स्थानों पर भव्य स्वागत होगा, जहां मातृशक्ति तिलक लगाकर वर पक्ष का अभिनंदन करेंगी।

​विवाह स्थल पर प्रवेश के समय 'हे री सखी मंगल गाओ री' की गूंज और सांसद मनोज तिवारी के लोकगीतों के बीच जब वर-वधू एक-दूसरे के गले में जयमाला डालेंगे, तो वह दृश्य अद्भुत होगा। कोलकाता से पधारे राघव पंडित की टीम द्वारा संगीतमय मंत्रोच्चारण के बीच 101 जोड़े परिणय सूत्र में बंधेंगे। इस आयोजन का सबसे भावुक क्षण वह होगा जब सांसद मनीष जायसवाल एक पिता और अभिभावक की भूमिका निभाते हुए 'बाबुल दे दो दुआ आज तो प्यार से' की धुन के बीच 101 बेटियों का कन्यादान करेंगे। इन कन्याओं में कई दिव्यांग बेटियां और एक राष्ट्रीय स्तर की कबड्डी कोच सहित वे बेटियां भी शामिल हैं जिन्होंने अपने माता-पिता को खो दिया है। सांसद जायसवाल ने न केवल इनका घर बसाने का बीड़ा उठाया है, बल्कि उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए प्रत्येक नव-दंपति को आजीविका के साधन के रूप में एक-एक 'टोटो' (ई-रिक्शा) और गृहस्थी की संपूर्ण सामग्री उपहार स्वरूप भेंट करने का संकल्प लिया है।

​इस पुनीत कार्य में नव-दंपतियों को आशीर्वाद देने के लिए झारखंड के महामहिम राज्यपाल संतोष गंगवार सहित समाज और राजनीति जगत की कई दिग्गज हस्तियां मंच पर उपस्थित रहेंगी। सुरक्षा और व्यवस्था के दृष्टिकोण से जिला प्रशासन के साथ-साथ निजी सुरक्षाकर्मी और कार्यकर्ता पूरी मुस्तैदी से तैनात रहेंगे। सांसद मनीष जायसवाल ने इस आयोजन को मानवीय सेवा का सर्वोच्च उदाहरण बताते हुए आम जनमानस से अपील की है कि वे इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बनें और नव-दंपतियों के सुखी जीवन के लिए अपनी मंगलकामनाएं प्रेषित करें। निश्चित रूप से, यह आयोजन आधुनिकता की चकाचौंध के बीच भारतीय संस्कृति, परोपकार और सामूहिक दायित्व बोध की एक नई इबारत लिखने जा रहा है।

सनातन की शक्ति और अखंड भारत का संकल्प: बनाहप्पा की पावन धरा पर गूंजा शंकराचार्य का एकता मंत्र

सनातन की शक्ति और अखंड भारत का संकल्प: बनाहप्पा की पावन धरा पर गूंजा शंकराचार्य का एकता मंत्र

हजारीबाग। सदर प्रखंड के हुटपा पंचायत अंतर्गत बनाहप्पा गांव में आयोजित श्री शिव रुद्र महायज्ञ सह प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के चतुर्थ दिवस पर काशी सुमेरु पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी नरेंद्रानंद सरस्वती जी महाराज का मंगलमय आगमन हुआ। आस्था और उल्लास के अनूठे संगम के बीच ग्रामीणों ने गाजे-बाजे के साथ उनका भव्य अभिनंदन किया। हुटपा चौक से बनाहप्पा स्थित शिवालय तक जगतगुरु के रथ को श्रद्धालु नाचते-गाते हुए गंतव्य तक ले गए, जिससे समूचा क्षेत्र भक्तिमय तरंगों से सराबोर हो उठा।

​मुखिया के आवास पर पत्रकारों से संवाद करते हुए शंकराचार्य ने सनातन धर्म की रक्षा और राष्ट्र की अखंडता पर गंभीर चिंतन प्रस्तुत किया। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि इतिहास साक्षी है कि अखंड भारत के जिस भी भूभाग पर सनातनियों की संख्या कम हुई, वह हिस्सा भारत से पृथक हो गया। वर्तमान समय में धर्मांतरण की बढ़ती विभीषिका पर चिंता व्यक्त करते हुए उन्होंने इसे देश के अस्तित्व के लिए एक बड़ी चुनौती बताया। युवाओं का आह्वान करते हुए उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी में नैतिकता का समावेश और राष्ट्रभक्ति की चेतना जागृत करना समय की महती आवश्यकता है। उन्होंने सरकार से मांग की कि हर कस्बे में सनातन धर्म की पाठशालाएं संचालित की जाएं ताकि सनातनी संस्कृति और संस्कारों का बीजारोपण बाल्यकाल से ही संभव हो सके।

​शंकराचार्य ने मठ-मंदिरों के प्रबंधन पर भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि देवस्थानों को सरकारी अंकुश से पूर्णतः मुक्त कर देना चाहिए। उनका स्पष्ट मत था कि मंदिरों की आय का उपयोग केवल सनातन धर्म के उत्थान और धर्मावलंबियों के कल्याणार्थ ही होना चाहिए। हालांकि, उन्होंने वर्तमान सरकार के सामरिक और सर्वांगीण विकास कार्यों की सराहना की, किंतु साथ ही समान शिक्षा नीति, समान नागरिक संहिता और समान न्यायपालिका की आवश्यकता पर बल दिया ताकि देश में सामाजिक समरसता बनी रहे और विखंडनकारी शक्तियों पर लगाम लग सके।

​बनाहप्पा में आयोजित इस महायज्ञ का समापन शुक्रवार को जगतगुरु के पावन सानिध्य में शिव परिवार की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा और भव्य भंडारे के साथ होगा। इस धार्मिक अनुष्ठान को सफल बनाने में राम जतन सिंह, राजेश सिंह, बसंत वर्मा समेत यज्ञ समिति के समस्त सेवादार अहर्निश जुटे हुए हैं। श्रद्धा का यह सैलाब बता रहा है कि हजारीबाग की इस धरा पर अध्यात्म की गंगा प्रवाहमान है।

हजारीबाग के इचाक में 'शहीद मेला' की गूँज! देशभक्ति और मनोरंजन का अनूठा संगम

हजारीबाग के इचाक में 'शहीद मेला' की गूँज! देशभक्ति और मनोरंजन का अनूठा संगम

इचाक (हजारीबाग)


:
झारखंड की माटी हमेशा से वीरों और शहीदों की जननी रही है। इसी गौरवशाली परंपरा को जीवंत रखने और नई पीढ़ी में देशभक्ति का संचार करने के लिए हजारीबाग के इचाक में तीसरे भव्य 'शहीद मेले' का आयोजन किया जा रहा है।

​मेला समिति के मुख्य संरक्षक बटेश्वर प्रसाद मेहता ने स्थानीय निवासियों और मीडिया को संबोधित करते हुए इस आयोजन को ऐतिहासिक बताया। उन्होंने कहा कि यह मेला केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि हमारे उन अमर बलिदानियों को श्रद्धांजलि है जिन्होंने देश की आजादी के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।

खबर के मुख्य बिंदु:

  • शहीदों को नमन: मेले के माध्यम से जलियांवाला बाग हत्याकांड के शहीदों सहित स्थानीय वीरों जैसे मोतीराम ठाकुर, रामाधीन गिरी, रामाधीन कसेरा, रुद्रनारायण महतो, नूनू महतो और बॉर्डर पर शहीद हुए राजेश मिंज व रघुवीर प्रसाद मेहता को याद किया जाएगा।
  • विकास का सफर: बटेश्वर प्रसाद मेहता ने मेले की प्रगति पर प्रकाश डालते हुए कहा, "शुरुआत में यह एक शिशु की तरह था, लेकिन आज तीसरे वर्ष में यह एक विशाल और ऐतिहासिक स्वरूप ले चुका है।"
  • सांस्कृतिक महाकुंभ: 10 दिनों तक चलने वाले इस मेले के समापन पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्थानीय और बाहरी कलाकारों को 'प्रशस्ति पत्र' देकर सम्मानित किया जाएगा।
  • जन-जन की भागीदारी: इस मेले की सफलता के लिए समाज के हर वर्ग—छात्र, नौजवान, किसान और मजदूरों—से सहयोग की अपील की गई है। आयोजकों का मानना है कि सामूहिक प्रयास से ही इसे राज्य का सबसे बड़ा शहीद मेला बनाया जा सकता है।

क्यों है यह मेला खास?

​झारखंड में यह अपनी तरह का पहला ऐसा आयोजन है जो पूरी तरह से शहीदों की स्मृति को समर्पित है। मेले में बड़े-बड़े झूले, व्यापारिक स्टॉल और देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रम आकर्षण का केंद्र रहेंगे।

"यह वीरों की धरती है और हमारा प्रयास है कि मेले के माध्यम से हम युवाओं को देश सेवा के प्रति प्रेरित कर सकें।"

बटेश्वर प्रसाद मेहता, मुख्य संरक्षक


बेटियों के हाथ पीले करेंगे मनोज तिवारी: हजारीबाग में 101 जोड़ों के भव्य सामूहिक विवाह में शामिल होंगे भोजपुरी स्टार'

बेटियों के हाथ पीले करेंगे मनोज तिवारी: हजारीबाग में 101 जोड़ों के भव्य सामूहिक





विवाह में शामिल होंगे भोजपुरी स्टार'

रामगढ़/हजारीबाग:

झारखंड की पावन धरती पर एक बार फिर मानवता और सामाजिक समरसता का बड़ा संगम होने जा रहा है। प्रसिद्ध अभिनेता, गायक और राजनेता मनोज तिवारी आगामी 8 फरवरी को हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत रामगढ़ आ रहे हैं। वे यहाँ हजारीबाग के लोकप्रिय सांसद मनीष जायसवाल द्वारा आयोजित भव्य 'सामूहिक विवाह महोत्सव' में शिरकत करेंगे।

101 जोड़ों का होगा 'कन्यादान'

​वीडियो संदेश के माध्यम से मनोज तिवारी ने बताया कि इस वर्ष भी सांसद मनीष जायसवाल की पहल पर 101 आर्थिक रूप से कमजोर जोड़ों का विवाह पूरे विधि-विधान के साथ कराया जा रहा है। तिवारी ने इस नेक कार्य की सराहना करते हुए कहा, "एक बेटी की शादी करने में लोग टूट जाते हैं, लेकिन यहाँ 101 बेटियों का घर बसाया जा रहा है। यह संस्कृति, संस्कार और सामाजिक समरसता का अद्भुत समावेश है।"

कार्यक्रम की मुख्य जानकारी:

  • मुख्य अतिथि: मनोज तिवारी (सांसद एवं अभिनेता)
  • आयोजक: मनीष जायसवाल (सांसद, हजारीबाग)
  • दिनांक: 8 फरवरी, 2026
  • समय: प्रातः 10:30 बजे
  • स्थान: सिद्धू-कान्हू मैदान, रामगढ़, झारखंड

जनता से जुड़ने की अपील

​मनोज तिवारी ने हजारीबाग और रामगढ़ की जनता से अपील की है कि वे भारी संख्या में सिद्धू-कान्हू मैदान पहुँचें और उन नवदंपतियों को अपना आशीर्वाद दें, जो जीवन के नए सफर की शुरुआत करने जा रहे हैं। उन्होंने "जय श्री राम" और "जय मां छिन्नमस्तिके" के जयघोष के साथ अपनी बात समाप्त की।

​इस आयोजन को लेकर स्थानीय लोगों में भारी उत्साह है, क्योंकि यह न केवल एक विवाह समारोह है, बल्कि समाज के वंचित वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का एक बड़ा माध्यम भी है।

रामगढ़ की वीर प्रसूता धरा पर लिखा जाएगा सेवा का स्वर्णिम अध्याय

रामगढ़ की वीर प्रसूता धरा पर लिखा जाएगा सेवा का स्वर्णिम अध्याय

सांसद मनीष जायसवाल के भगीरथ प्रयास से 101 निर्धन कन्याओं के हाथ होंगे पीले, मनोज तिवारी के सुरों से सजेगी ऐतिहासिक महा-बारात

रामगढ़/हजारीबाग:






मां छिन्नमस्तिका की अलौकिक आध्यात्मिक आभा और ऐतिहासिक शौर्य गाथाओं को अपने आँचल में समेटे रामगढ़ की पुण्य धरा आगामी 08 फरवरी 2026 को मानवीय संवेदनाओं, सामाजिक सरोकार और परोपकार के एक ऐसे महाकुंभ की साक्षी बनने जा रही है, जिसकी गूंज बरसों तक सुनी जाएगी। हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल के भगीरथ प्रयासों और दृढ़ संकल्प से आयोजित होने वाला 'सांसद सामूहिक विवाह उत्सव-2026' न केवल 101 निर्धन व जरूरतमंद कन्याओं के जीवन में गृहस्थी का नया उजियारा लाने वाला है, बल्कि यह आयोजन समाज के समक्ष सेवा, समर्पण और स्वावलंबन का एक ऐसा अनुकरणीय प्रतिमान स्थापित करने जा रहा है जो भविष्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा। शहनाइयों की मंगलमय गूंज और पारंपरिक मांगलिक गीतों के बीच रामगढ़ का चप्पा-चप्पा उत्सवधर्मी हो चला है और तैयारियां अपने पूरे शबाब पर हैं, मानो पूरी प्रकृति ही इस महा-यज्ञ में आहुति देने को आतुर हो।

​इस युगांतकारी महा-आयोजन का भव्य शुभारंभ 08 फरवरी को प्रातः 09:00 बजे रामगढ़ छावनी परिषद के फुटबॉल ग्राउंड से एक विशाल और ऐतिहासिक 'महा-बारात' के साथ होगा। यह दृश्य अपने आप में विहंगम और अद्वितीय होगा जब 101 सुसज्जित वाहनों के काफिले में सजे दूल्हों की अगुवाई स्वयं सांसद मनीष जायसवाल और भोजपुरी मृदुल कंठ के धनी, प्रख्यात गायक व सांसद मनोज तिवारी करेंगे। गाजे-बाजे, ढोल-ताशे और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की थाप पर थिरकते हजारों बारातियों का जनसैलाब जब सुभाष चौक और झंडा चौक होते हुए सिद्धू-कान्हु मैदान की ओर कूच करेगा, तो वह नजारा रामगढ़ के इतिहास में एक अविस्मरणीय स्मृति बन जाएगा। सिद्धू-कान्हु मैदान को एक वृहद, नयनाभिराम और राजसी विवाह मंडप का स्वरूप दिया जा रहा है, जहाँ वैदिक मंत्रोच्चार और भारतीय संस्कृति की भव्यता जीवंत हो उठेगी, और रामगढ़ की फिजाओं में वैदिक ऋचाएं गूंज उठेंगी। विवाह संस्कार की पवित्रता और गरिमा को नई ऊंचाई प्रदान करने के उद्देश्य से देश-विदेश में ख्याति प्राप्त राघवेंद्र कुमार गौतम उर्फ राघव पंडित अपने विशिष्ट समूह के साथ 'म्यूजिकल फेरे' और मंगलाचरण के माध्यम से दांपत्य जीवन की नींव रखेंगे, जहाँ प्रातः 10:00 बजे से हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सैकड़ों विद्वान विप्रों के सानिध्य में पाणिग्रहण संस्कार विधि-विधान से संपन्न होगा।

​सांसद मनीष जायसवाल की यह पुनीत पहल मात्र विवाह संपन्न कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह नव-दंपतियों के आर्थिक सशक्तिकरण और आत्मसम्मान की पुनर्स्थापना का भी महायज्ञ है। जहाँ गत वर्ष विदाई में बेटियों को इलेक्ट्रिक स्कूटी प्रदान की गई थी, वहीं इस वर्ष सांसद ने दूल्हों को रोजगार से जोड़ने और उन्हें आत्मनिर्भर बनाने हेतु ई-रिक्शा (टोटो) और गृहस्थी के संचालन के लिए आवश्यक 37 प्रकार की सामग्रियां उपहार स्वरूप देने का भीष्म संकल्प लिया है। चयनित जोड़ों में दिव्यांगजन और अनाथ कन्याओं को प्राथमिकता देकर सांसद ने यह सिद्ध कर दिया है कि यह आयोजन राजनीति की संकीर्ण गलियों से परे, विशुद्ध रूप से मानवीय उत्थान का एक पवित्र अनुष्ठान है। उत्सव की पूर्व संध्या पर ही रामगढ़ और हजारीबाग का वातावरण हल्दी और मेहंदी की भीनी खुशबू से महक उठा है। भाजपा महिला मोर्चा की मातृशक्ति द्वारा पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ रामगढ़ के ब्रह्मर्षि धर्मशाला और हजारीबाग के पैराडाइज रिसॉर्ट में हल्दी-मेहदी की रस्में पूर्ण उल्लास के साथ संपन्न की गईं, जिससे कन्याओं के चेहरे अलौकिक खुशी से खिल उठे।

​इस महायज्ञ की पूर्णता और सफलता सुनिश्चित करने के लिए सांसद का पूरा परिवार और समर्थक 'सेवा परमो धर्मः' के मंत्र को आत्मसात करते हुए युद्धस्तर पर जुटे हैं। सांसद की धर्मपत्नी निशा जायसवाल स्वयं वधुओं के परिधान और श्रृंगार की सूक्ष्म बारीकियों का निरीक्षण कर रही हैं, वहीं उनके अनुज निशांत जायसवाल और सुपुत्र करण जायसवाल संपूर्ण व्यवस्थाओं की कमान संभाले हुए हैं। स्थानीय कलाकारों द्वारा तैयार किए गए विशेष परिधानों में जब 101 जोड़े विवाह मंडप में विराजेंगे, तो वह दृश्य निश्चय ही रामगढ़ की गौरवशाली मिट्टी में सेवा की एक नई और शाश्वत सुगंध घोलेगा। सांसद मनीष जायसवाल का यह भावुक आह्वान कि 'एक सक्षम और सभ्य समाज वही है जो अपनी बेटियों के लिए संबल बने', आज हजारीबाग और रामगढ़ में एक जन-आंदोलन का रूप ले चुका है, जिसमें सम्मिलित होकर नव-दंपत्तियों को आशीर्वाद देने के लिए पूरा क्षेत्र अधीर है।

इबादत की रौशनी में सराबोर होगी झारखंड की फिजा, शब-ए-बारात के मुकद्दस मौके पर सरकार ने किया 4 फरवरी को अवकाश का ऐलान

इबादत की रौशनी में सराबोर होगी झारखंड की फिजा, शब-ए-बारात के मुकद्दस मौके पर सरकार ने किया 4 फरवरी को अवकाश का ऐलान

रांची: झारखंड की आबोहवा में इबादत और अकीदत का रंग घुलने वाला है क्योंकि राज्य सरकार ने मुस्लिम समुदाय के पवित्र त्योहार शब-ए-बारात की महत्ता को देखते हुए प्रदेश में आधिकारिक अवकाश की घोषणा कर दी है। गुनाहों से तौबा और पूर्वजों के लिए मगफिरत की दुआ मांगने वाली इस पाक रात के मद्देनजर झारखंड सरकार के कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने मंगलवार को एक महत्वपूर्ण अधिसूचना जारी करते हुए 4 फरवरी 2026, दिन बुधवार को कार्यपालक आदेश के तहत अवकाश घोषित किया है।

​सरकार के अवर सचिव दिलीप कुमार साह के हस्ताक्षरित इस आदेश ने स्पष्ट कर दिया है कि इबादत की इस रात के अगले दिन सरकारी दफ्तरों में कामकाज नहीं होगा, जिससे रोजेदारों और अकीदतमंदों को अपनी धार्मिक रस्मों को सुकून और इत्मीनान से पूरा करने का अवसर मिलेगा। अधिसूचना संख्या 613 के माध्यम से जारी इस फरमान की प्रतिलिपि सूचना एवं जनसंपर्क विभाग को भी प्रेषित कर दी गई है ताकि इस सुखद समाचार का प्रसार राज्य के कोने-कोने तक हो सके और सरकारी मुलाजिमों से लेकर आम जनता तक यह सूचना समय रहते पहुँच जाए।

​शब-ए-बारात की रात को इस्लाम धर्म में इबादत की विशेष रात माना जाता है, जब मस्जिदों में सजदे किए जाते हैं और कब्रिस्तानों में चिराग रोशन कर पूर्वजों को याद किया जाता है। सरकार के इस संवेदनशील निर्णय से न केवल प्रशासनिक गलियारों में बल्कि आम जनमानस में भी खुशी की लहर है, क्योंकि अब वे पूरी रात जागकर की जाने वाली इबादत के बाद अगले दिन के दायित्वों से मुक्त रहकर त्योहार की रूहानियत को महसूस कर सकेंगे। यह निर्णय राज्य की गंगा-जमुनी तहजीब और सर्वधर्म समभाव की भावना को भी पुख्ता करता है, जहाँ हर आस्था के सम्मान में प्रशासन सजग दिखाई देता है।

हजारीबाग के बानाहप्पा में आस्था का महाकुंभ, पांच दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ का शंखनाद, 11 किलोमीटर नंगे पांव चलकर 500 श्रद्धालुओं ने उठाई धर्म ध्वज

हजारीबाग के बानाहप्पा में आस्था का महाकुंभ, पांच दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ का शंखनाद, 11 किलोमीटर नंगे पांव चलकर 500 श्रद्धालुओं ने उठाई धर्म ध्वज





हजारीबाग: जिले के सदर प्रखंड अंतर्गत मुफस्सिल थाना क्षेत्र के बानाहप्पा ग्राम में अध्यात्म और सनातन संस्कृति की एक अलौकिक बयार बह चली है। यहाँ आयोजित पांच दिवसीय भव्य प्राण प्रतिष्ठा महायज्ञ का शुभारंभ एक ऐतिहासिक और विशाल कलश शोभायात्रा के साथ हुआ जिसने समूचे क्षेत्र को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया है। इस धार्मिक महाकुंभ में आस्था का ऐसा अदभुत ज्वार उमड़ा कि आसपास के पांच गांवों के ग्रामीण अपने समस्त भेदभाव भुलाकर धर्म के इस पुनीत कार्य में एक साथ एकजुट नजर आए। आयोजन के प्रथम दिवस पर पांच सौ से अधिक श्रद्धालुओं ने, विशेषकर मातृशक्ति ने, अपनी भागीदारी सुनिश्चित करते हुए बानाहप्पा से लगभग ग्यारह किलोमीटर दूर स्थित पवित्र सिवाने नदी तक नंगे पांव पैदल यात्रा की। चिलचिलाती धूप और दुर्गम रास्ता भी इन श्रद्धालुओं के अटूट हौसले को डिगा नहीं सका और वैदिक मंत्रोच्चार व जयकारों के बीच पवित्र जल भरकर पुनः यज्ञ स्थल तक इनका आगमन हुआ।

इस महायज्ञ की भव्यता और दिव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें महाकालेश्वर की नगरी उज्जैन से पधारे विद्वान संतों और मनीषियों का आगमन हुआ है। इनके मुखारविंद से प्रवाहित होने वाले प्रवचन और कथा अमृत का रसपान क्षेत्र के श्रद्धालु अगले पांच दिनों तक कर सकेंगे, जिससे जनमानस में आध्यात्मिक चेतना का संचार होगा। स्थानीय निवासी और आयोजन से जुड़े तुलसी गुप्ता ने जानकारी साझा करते हुए बताया कि यह पावन अनुष्ठान आगामी छह तारीख तक अनवरत जारी रहेगा। यज्ञ के सफल और विधि-सम्मत संचालन हेतु ग्यारह मुख्य यजमानों का चयन किया गया है, जिनमें अर्जुन गुप्ता, बबलू वर्मा, रणधीर वर्मा, सुखदेव राणा, मुकेश साव और आजाद गोप जैसे गणमान्य लोग शामिल हैं, जो पूर्ण निष्ठा और संयम के साथ पूजा कार्य संपन्न करवा रहे हैं।

इस संपूर्ण धार्मिक अनुष्ठान की अध्यक्षता रामजतन सिंह कर रहे हैं, जिनके मार्गदर्शन में पांचों गांवों के सामूहिक सहयोग से यह महायज्ञ अपने उद्देश्य की ओर अग्रसर है। ऐसी प्रबल संभावना भी जताई जा रही है कि अनुष्ठान के दौरान शंकराचार्य जी का भी पदार्पण हो सकता है, जिससे इस यज्ञ की पवित्रता और महत्ता और अधिक द्विगुणित हो जाएगी। फिलहाल, यज्ञ मंडप में गूंजते वेद मंत्रों, शंखनाद और हवन की सुगंध ने पूरे बानाहप्पा और समीपवर्ती क्षेत्रों के वातावरण को देवमय बना दिया है, जहां हर तरफ सिर्फ और सिर्फ ईश्वरीय आराधना की गूंज सुनाई दे रही है।

संत शिरोमणि रविदास ने सिखाया मानवीय गरिमा का पाठ, उनके आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि : मुन्ना सिंह

संत शिरोमणि रविदास ने सिखाया मानवीय गरिमा का पाठ, उनके आदर्शों पर चलना ही सच्ची श्रद्धांजलि : मुन्ना सिंह



हजारीबाग। पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने रविवार को जिले के विभिन्न अंचलों का सघन दौरा कर संत शिरोमणि गुरु रविदास जी की जयंती समारोहों में शिरकत की। श्रद्धा और उल्लास के वातावरण में उन्होंने हुरहुरु, कटकमदाग प्रखंड के खपरियांवां, सदर प्रखंड के ओरिया, चंदवार के पौंता गांव और भेलवारा पंचायत के अंबेडकर मोहल्ला में आयोजित कार्यक्रमों में भाग लिया। श्री सिंह ने संत रविदास की आदमकद प्रतिमा और तैलचित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। जनसमूह को संबोधित करते हुए मुन्ना सिंह ने ओजस्वी स्वरों में कहा कि संत रविदास केवल एक पंथ के नहीं, बल्कि संपूर्ण मानवता और सामाजिक सुधार के दैदीप्यमान नक्षत्र थे। उन्होंने कहा कि गुरु जी ने उस दौर में सामाजिक कुरीतियों और जातिगत भेदभाव के विरुद्ध आवाज बुलंद की जब समाज रूढ़ियों में जकड़ा हुआ था।

​मुन्ना सिंह ने अपने संबोधन में प्रतिपादित किया कि समतामूलक समाज की स्थापना और शोषित-वंचित वर्ग को आत्मसम्मान दिलाने में संत रविदास का योगदान अविस्मरणीय है। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से संविधान के मूल्यों और आपसी भाईचारे को सुदृढ़ करने का आह्वान करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी सदैव उनके दिखाए मार्ग पर चलकर अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति के उत्थान के लिए कृतसंकल्पित है। समारोहों में 'जय गुरु रविदास' के गगनभेदी नारों के साथ वातावरण गुंजायमान रहा और उपस्थित लोगों ने सामाजिक समरसता की शपथ ली।

​इस पुनीत अवसर पर वार्ड 35 के सुबोध कुमार पासवान, राजेश कुमार दास, गोविंद राम मुंशी, पंचायत मुखिया सुरेश कुमार दास, प्रताप दास, दिलिप दास, प्रेम दास, जगदेव दास सहित अमित, राहुल, गोपाल, वाकिल, संतु, गोपी, विकास कुमार रविदास, आदित्य, सोनल, विक्रम, विक्की, द्वारिका, नन्द किशोर, रतन, सुरज, मिथलेश, बाबूलाल, सत्येन्द्र, कोलेश्वर, तामेश्वर, गुड्डू, दयानन्द, राम कुमार, रवि, दिलिप पसवान, मनोज, पप्पू, मधुसूदन, राजेश, फिरोज़, रामसहाय, राजु, धनेश्वर, संजय, विशाल, राहुल, विश्वनाथ, सुखदेव, रामवृक्ष, सुरत, गणपति रविदास, अशोक, अनिल, अरुण, राजेश एवं पिंटू जैसे सैकड़ों सामाजिक कार्यकर्ता व स्थानीय प्रबुद्धजन उपस्थित रहे जिन्होंने सामाजिक न्याय के संकल्प को दोहराया।

बरही में जनकल्याण का शंखनाद, सांसद विवाह महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प, जनसेवा के लिए लामबंद हुई नई टीम

बरही में जनकल्याण का शंखनाद, सांसद विवाह महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प, जनसेवा के लिए लामबंद हुई नई टीम


बरही/हजारीबाग: बरही विधानसभा क्षेत्र में विकास और जनसेवा की नई इबारत लिखने के उद्देश्य से नवमनोनित सांसद प्रतिनिधियों का महाजुटान बरही सार्वजनिक पुस्तकालय में हुआ, जिसकी अध्यक्षता विधानसभा सांसद प्रतिनिधि मुकुंद साव और संचालन रंजीत चंद्रवंशी ने किया। इस उच्च स्तरीय बैठक में जहां संगठन की मजबूती पर चर्चा हुई, वहीं आगामी 8 फरवरी को रामगढ़ में आयोजित होने वाले भव्य 'सांसद विवाह महोत्सव' को ऐतिहासिक स्वरूप देने की ठोस रणनीति तैयार की गई। बैठक में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हज़ारीबाग सांसद प्रतिनिधि अजय साहू ने महोत्सव की रूपरेखा रखते हुए इसे सामाजिक दायित्व का महाकुंभ बताया, जिसके बाद उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने एक स्वर में हुंकार भरी कि इस पुनीत कार्य का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक पहुंचाने के लिए गांव-गांव में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। लक्ष्य स्पष्ट है कि कोई भी पात्र परिवार जानकारी के अभाव में इस स्वर्णिम अवसर से वंचित न रहे।

​विवाह महोत्सव के अलावा बैठक में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जनकल्याणकारी नीतियों को धरातल पर उतारने और जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया गया। नवमनोनित प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि वे केवल पद नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, अत: आम जनमानस की समस्याओं को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना जाएगा और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर उनका त्वरित और स्थाई समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। इस दौरान प्रतिनिधियों ने हजारीबाग सांसद के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाया कि वे पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण भाव से क्षेत्र के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक में मणिलाल यादव, रामस्वरूप पासवान, पदमा प्रतिनिधि अजय मेहता, मोतीलाल चौधरी, भगवान केशरी, सहदेव यादव, रितेश कुमार बर्णवाल, आशीष सिंह, सुखदेव साव एवं मीडिया प्रतिनिधि रितेश कुमार सहित अन्य गणमान्य सहयोगियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और संगठन को सशक्त बनाने का प्रण लिया।

बेटी का भविष्य और सपनों की उड़ान, सुकन्या समृद्धि योजना के 11 सफल वर्ष और करोड़ों परिवारों का अटूट विश्वास

बेटी का भविष्य और सपनों की उड़ान,

सुकन्या समृद्धि योजना के 11 सफल वर्ष और करोड़ों परिवारों का अटूट विश्वास

राष्ट्रीय: भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'सुकन्या समृद्धि' ने अपने सफल क्रियान्वयन के 11 वर्ष पूरे कर लिए हैं, जो देश की बालिकाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुई है। 22 जनवरी 2015 को 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत शुरू की गई इस पहल ने महज एक बचत योजना से ऊपर उठकर एक राष्ट्रव्यापी सामाजिक आंदोलन का रूप ले लिया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 तक देश भर में 4.53 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें 3.33 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा है। यह बड़ी उपलब्धि दर्शाती है कि भारतीय परिवारों ने अपनी बेटियों की उच्च शिक्षा और सुरक्षित भविष्य के लिए इस सरकारी गारंटी वाली योजना पर कितना गहरा भरोसा जताया है।

वर्तमान में 8.2 प्रतिशत की आकर्षक ब्याज दर के साथ यह योजना लघु बचत के क्षेत्र में सबसे अधिक लाभ देने वाले माध्यमों में से एक बनी हुई है। मुख्यमंत्री और केंद्रीय नेतृत्व के विजन के अनुरूप, यह योजना बालिकाओं के जन्म से लेकर उनकी उच्च शिक्षा और विवाह तक के वित्तीय बोझ को कम करने में सहायक सिद्ध हो रही है। अभिभावक मात्र 250 रुपये की न्यूनतम राशि से अपनी 10 वर्ष तक की आयु की बेटी के लिए किसी भी डाकघर या अधिकृत बैंक में यह खाता खोल सकते हैं। योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका कर-मुक्त होना और चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ मिलना है, जो लंबी अवधि में एक बड़ा कोष तैयार करने में मदद करता है।

सामाजिक बदलाव के दृष्टिकोण से देखें तो सुकन्या समृद्धि योजना ने बालिकाओं के प्रति समाज की सोच को बदलने का काम किया है। 18 वर्ष की आयु होने पर बालिका स्वयं अपने खाते का नियंत्रण ले सकती है, जो उसे वित्तीय निर्णय लेने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करता है। शैक्षणिक खर्चों के लिए 50 प्रतिशत तक की निकासी की सुविधा यह सुनिश्चित करती है कि पैसों की कमी किसी भी बेटी की पढ़ाई में बाधा न बने। 'विकसित भारत' के संकल्प की सिद्धि में यह योजना आधी आबादी को आर्थिक रूप से सुदृढ़ कर राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ रही है, जिससे हर बेटी को अपनी पूरी क्षमता और सपनों को साकार करने का समान अवसर मिल रहा है।

रामनवमी और सरस्वती पूजा पर सुरक्षा का अभी से सख्त पहरा, डीसी ने अफसरों को दिया 'एक्शन प्लान'

 

रामनवमी और सरस्वती पूजा पर सुरक्षा का अभी से सख्त पहरा, डीसी ने अफसरों को दिया 'एक्शन प्लान'


हजारीबाग। आगामी रामनवमी 2026 और सरस्वती पूजा को शांतिपूर्ण और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने अभी से ही कमर कस ली है। इसी उद्देश्य से उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था का पूरा खाका खींचा गया। बैठक में डीसी ने स्पष्ट किया कि पिछले वर्षों के अनुभवों से सबक लेते हुए इस बार सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जिले के संवेदनशील स्थलों को अभी से चिह्नित कर वहां विशेष निगरानी और सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने भी पुलिस महकमे को निर्देश दिया कि वे अपने सूचना तंत्र (Intelligence Network) को अभी से पूरी तरह सक्रिय कर दें ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।

​प्रशासन ने त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक व्यापक चेकलिस्ट तैयार की है। उपायुक्त ने ड्रॉप गेट की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाने, मेडिकल टीमों की तैनाती और कंट्रोल रूम को हाई-टेक बनाने का निर्देश दिया है। विशेष रूप से डीजे और भड़काऊ गानों पर पूर्ण नियंत्रण रखने और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर साइबर सेल के जरिए पैनी नजर रखने की हिदायत दी गई है। बैठक में यह भी तय किया गया कि बिजली विभाग और उत्पाद विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करेंगे ताकि विसर्जन जुलूस के दौरान कोई बाधा न आए। उपायुक्त ने कहा कि यह केवल तैयारियों की शुरुआत है और आगे भी चरणबद्ध तरीके से समीक्षा बैठकों का दौर जारी रहेगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में एसपी अंजनी अंजन, डीडीसी रिया सिंह, अपर समाहर्ता संतोष सिंह और प्रशिक्षु आईएएस आनंद शर्मा समेत जिले के सभी आला अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे, जिन्होंने शांतिपूर्ण त्योहार संपन्न कराने का संकल्प लिया।

बालू तस्करों पर पुलिस का बड़ा प्रहार, कटकमसांडी के जंगल से 7 ट्रैक्टर जब्त, तीन तस्कर गिरफ्तार

 

बालू तस्करों पर पुलिस का बड़ा प्रहार, कटकमसांडी के जंगल से 7 ट्रैक्टर जब्त, तीन तस्कर गिरफ्तार


हजारीबाग/कटकमसांडी। अवैध बालू खनन और परिवहन के खिलाफ हजारीबाग जिला प्रशासन और पुलिस ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। चतरा-कटकमसांडी मुख्य मार्ग पर पुलिस ने छापेमारी अभियान चलाते हुए बालू से लदे सात ट्रैक्टरों को एक साथ जब्त किया है, जिससे बालू माफियाओं में हड़कंप मच गया है। घटनाक्रम के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि चतरा रोड के रास्ते अवैध रूप से बालू की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कटकमसांडी अंचलाधिकारी अनिल कुमार गुप्ता और थाना प्रभारी शिवम गुप्ता के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने हट कौना जंगल के पास घेराबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की।

​जांच के दौरान कतारबद्ध तरीके से आ रहे सात ट्रैक्टरों को रोका गया, जिनकी तलाशी लेने पर सभी में अवैध रूप से बालू लदा पाया गया। प्रत्येक ट्रैक्टर पर करीब 100 सीएफटी बालू लोड था। मौके से पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया है, जिनकी पहचान चतरा जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र निवासी संतोष कुमार, करण भुइयां और मो. साफिक के रूप में हुई है। प्रशासन की इस सख्ती से अवैध कारोबारियों के मंसूबों पर पानी फिर गया है। छापेमारी दल में अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी के साथ एसआई मनोज कुजूर और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस ने सभी जब्त वाहनों और गिरफ्तार व्यक्तियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

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