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Editor: Naresh Prasad Soni
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बरही में जनकल्याण का शंखनाद, सांसद विवाह महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प, जनसेवा के लिए लामबंद हुई नई टीम

बरही में जनकल्याण का शंखनाद, सांसद विवाह महोत्सव को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प, जनसेवा के लिए लामबंद हुई नई टीम


बरही/हजारीबाग: बरही विधानसभा क्षेत्र में विकास और जनसेवा की नई इबारत लिखने के उद्देश्य से नवमनोनित सांसद प्रतिनिधियों का महाजुटान बरही सार्वजनिक पुस्तकालय में हुआ, जिसकी अध्यक्षता विधानसभा सांसद प्रतिनिधि मुकुंद साव और संचालन रंजीत चंद्रवंशी ने किया। इस उच्च स्तरीय बैठक में जहां संगठन की मजबूती पर चर्चा हुई, वहीं आगामी 8 फरवरी को रामगढ़ में आयोजित होने वाले भव्य 'सांसद विवाह महोत्सव' को ऐतिहासिक स्वरूप देने की ठोस रणनीति तैयार की गई। बैठक में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हज़ारीबाग सांसद प्रतिनिधि अजय साहू ने महोत्सव की रूपरेखा रखते हुए इसे सामाजिक दायित्व का महाकुंभ बताया, जिसके बाद उपस्थित सभी प्रतिनिधियों ने एक स्वर में हुंकार भरी कि इस पुनीत कार्य का लाभ समाज के अंतिम पायदान पर खड़े प्रत्येक जरूरतमंद परिवार तक पहुंचाने के लिए गांव-गांव में व्यापक जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। लक्ष्य स्पष्ट है कि कोई भी पात्र परिवार जानकारी के अभाव में इस स्वर्णिम अवसर से वंचित न रहे।

​विवाह महोत्सव के अलावा बैठक में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जनकल्याणकारी नीतियों को धरातल पर उतारने और जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प भी दोहराया गया। नवमनोनित प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि वे केवल पद नहीं, बल्कि एक बड़ी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं, अत: आम जनमानस की समस्याओं को पूरी संवेदनशीलता के साथ सुना जाएगा और संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित कर उनका त्वरित और स्थाई समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। इस दौरान प्रतिनिधियों ने हजारीबाग सांसद के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करते हुए विश्वास दिलाया कि वे पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण भाव से क्षेत्र के विकास में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे। इस महत्वपूर्ण बैठक में मणिलाल यादव, रामस्वरूप पासवान, पदमा प्रतिनिधि अजय मेहता, मोतीलाल चौधरी, भगवान केशरी, सहदेव यादव, रितेश कुमार बर्णवाल, आशीष सिंह, सुखदेव साव एवं मीडिया प्रतिनिधि रितेश कुमार सहित अन्य गणमान्य सहयोगियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई और संगठन को सशक्त बनाने का प्रण लिया।

बेटी का भविष्य और सपनों की उड़ान, सुकन्या समृद्धि योजना के 11 सफल वर्ष और करोड़ों परिवारों का अटूट विश्वास

बेटी का भविष्य और सपनों की उड़ान,

सुकन्या समृद्धि योजना के 11 सफल वर्ष और करोड़ों परिवारों का अटूट विश्वास

राष्ट्रीय: भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'सुकन्या समृद्धि' ने अपने सफल क्रियान्वयन के 11 वर्ष पूरे कर लिए हैं, जो देश की बालिकाओं के आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित हुई है। 22 जनवरी 2015 को 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' अभियान के तहत शुरू की गई इस पहल ने महज एक बचत योजना से ऊपर उठकर एक राष्ट्रव्यापी सामाजिक आंदोलन का रूप ले लिया है। ताजा आंकड़ों के अनुसार, दिसंबर 2025 तक देश भर में 4.53 करोड़ से अधिक खाते खोले जा चुके हैं, जिनमें 3.33 लाख करोड़ रुपये से अधिक की राशि जमा है। यह बड़ी उपलब्धि दर्शाती है कि भारतीय परिवारों ने अपनी बेटियों की उच्च शिक्षा और सुरक्षित भविष्य के लिए इस सरकारी गारंटी वाली योजना पर कितना गहरा भरोसा जताया है।

वर्तमान में 8.2 प्रतिशत की आकर्षक ब्याज दर के साथ यह योजना लघु बचत के क्षेत्र में सबसे अधिक लाभ देने वाले माध्यमों में से एक बनी हुई है। मुख्यमंत्री और केंद्रीय नेतृत्व के विजन के अनुरूप, यह योजना बालिकाओं के जन्म से लेकर उनकी उच्च शिक्षा और विवाह तक के वित्तीय बोझ को कम करने में सहायक सिद्ध हो रही है। अभिभावक मात्र 250 रुपये की न्यूनतम राशि से अपनी 10 वर्ष तक की आयु की बेटी के लिए किसी भी डाकघर या अधिकृत बैंक में यह खाता खोल सकते हैं। योजना की सबसे बड़ी विशेषता इसका कर-मुक्त होना और चक्रवृद्धि ब्याज का लाभ मिलना है, जो लंबी अवधि में एक बड़ा कोष तैयार करने में मदद करता है।

सामाजिक बदलाव के दृष्टिकोण से देखें तो सुकन्या समृद्धि योजना ने बालिकाओं के प्रति समाज की सोच को बदलने का काम किया है। 18 वर्ष की आयु होने पर बालिका स्वयं अपने खाते का नियंत्रण ले सकती है, जो उसे वित्तीय निर्णय लेने और आत्मनिर्भर बनने की दिशा में प्रेरित करता है। शैक्षणिक खर्चों के लिए 50 प्रतिशत तक की निकासी की सुविधा यह सुनिश्चित करती है कि पैसों की कमी किसी भी बेटी की पढ़ाई में बाधा न बने। 'विकसित भारत' के संकल्प की सिद्धि में यह योजना आधी आबादी को आर्थिक रूप से सुदृढ़ कर राष्ट्र निर्माण की मुख्यधारा से जोड़ रही है, जिससे हर बेटी को अपनी पूरी क्षमता और सपनों को साकार करने का समान अवसर मिल रहा है।

रामनवमी और सरस्वती पूजा पर सुरक्षा का अभी से सख्त पहरा, डीसी ने अफसरों को दिया 'एक्शन प्लान'

 

रामनवमी और सरस्वती पूजा पर सुरक्षा का अभी से सख्त पहरा, डीसी ने अफसरों को दिया 'एक्शन प्लान'


हजारीबाग। आगामी रामनवमी 2026 और सरस्वती पूजा को शांतिपूर्ण और भयमुक्त वातावरण में संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन ने अभी से ही कमर कस ली है। इसी उद्देश्य से उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें सुरक्षा व्यवस्था का पूरा खाका खींचा गया। बैठक में डीसी ने स्पष्ट किया कि पिछले वर्षों के अनुभवों से सबक लेते हुए इस बार सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जिले के संवेदनशील स्थलों को अभी से चिह्नित कर वहां विशेष निगरानी और सतत मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं। पुलिस अधीक्षक अंजनी अंजन ने भी पुलिस महकमे को निर्देश दिया कि वे अपने सूचना तंत्र (Intelligence Network) को अभी से पूरी तरह सक्रिय कर दें ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर त्वरित कार्रवाई की जा सके।

​प्रशासन ने त्योहारों के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एक व्यापक चेकलिस्ट तैयार की है। उपायुक्त ने ड्रॉप गेट की व्यवस्था, सीसीटीवी कैमरों का जाल बिछाने, मेडिकल टीमों की तैनाती और कंट्रोल रूम को हाई-टेक बनाने का निर्देश दिया है। विशेष रूप से डीजे और भड़काऊ गानों पर पूर्ण नियंत्रण रखने और सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वालों पर साइबर सेल के जरिए पैनी नजर रखने की हिदायत दी गई है। बैठक में यह भी तय किया गया कि बिजली विभाग और उत्पाद विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करेंगे ताकि विसर्जन जुलूस के दौरान कोई बाधा न आए। उपायुक्त ने कहा कि यह केवल तैयारियों की शुरुआत है और आगे भी चरणबद्ध तरीके से समीक्षा बैठकों का दौर जारी रहेगा। इस महत्वपूर्ण बैठक में एसपी अंजनी अंजन, डीडीसी रिया सिंह, अपर समाहर्ता संतोष सिंह और प्रशिक्षु आईएएस आनंद शर्मा समेत जिले के सभी आला अधिकारी और थाना प्रभारी मौजूद रहे, जिन्होंने शांतिपूर्ण त्योहार संपन्न कराने का संकल्प लिया।

बालू तस्करों पर पुलिस का बड़ा प्रहार, कटकमसांडी के जंगल से 7 ट्रैक्टर जब्त, तीन तस्कर गिरफ्तार

 

बालू तस्करों पर पुलिस का बड़ा प्रहार, कटकमसांडी के जंगल से 7 ट्रैक्टर जब्त, तीन तस्कर गिरफ्तार


हजारीबाग/कटकमसांडी। अवैध बालू खनन और परिवहन के खिलाफ हजारीबाग जिला प्रशासन और पुलिस ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। चतरा-कटकमसांडी मुख्य मार्ग पर पुलिस ने छापेमारी अभियान चलाते हुए बालू से लदे सात ट्रैक्टरों को एक साथ जब्त किया है, जिससे बालू माफियाओं में हड़कंप मच गया है। घटनाक्रम के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि चतरा रोड के रास्ते अवैध रूप से बालू की बड़ी खेप ले जाई जा रही है। इस सूचना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए कटकमसांडी अंचलाधिकारी अनिल कुमार गुप्ता और थाना प्रभारी शिवम गुप्ता के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम गठित की गई। टीम ने हट कौना जंगल के पास घेराबंदी कर वाहनों की जांच शुरू की।

​जांच के दौरान कतारबद्ध तरीके से आ रहे सात ट्रैक्टरों को रोका गया, जिनकी तलाशी लेने पर सभी में अवैध रूप से बालू लदा पाया गया। प्रत्येक ट्रैक्टर पर करीब 100 सीएफटी बालू लोड था। मौके से पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार भी किया है, जिनकी पहचान चतरा जिले के गिद्धौर थाना क्षेत्र निवासी संतोष कुमार, करण भुइयां और मो. साफिक के रूप में हुई है। प्रशासन की इस सख्ती से अवैध कारोबारियों के मंसूबों पर पानी फिर गया है। छापेमारी दल में अंचलाधिकारी और थाना प्रभारी के साथ एसआई मनोज कुजूर और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस ने सभी जब्त वाहनों और गिरफ्तार व्यक्तियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।

15 दिनों में रोशन होंगे जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र, डीडीसी ने अधिकारियों को दिया अल्टीमेटम

 15 दिनों में रोशन होंगे जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्र, डीडीसी ने अधिकारियों को दिया अल्टीमेटम

हजारीबाग। जिले के नौनिहालों को अब अंधेरे या बिजली के अभाव में समय नहीं बिताना पड़ेगा। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के निर्देश पर जिला प्रशासन ने आंगनबाड़ी केंद्रों की सूरत बदलने की कवायद तेज कर दी है। इसी कड़ी में शनिवार को समाहरणालय सभाकक्ष में उप विकास आयुक्त रिया सिंह ने एक अहम समीक्षा बैठक की, जिसमें बिजली विभाग और समाज कल्याण विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए। डीडीसी ने दो टूक शब्दों में कहा कि जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में बिजली आपूर्ति हर हाल में सुनिश्चित की जाए। इसके लिए उन्होंने बिजली विभाग के अभियंताओं को महज 15 दिनों का समय दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी केंद्रों तक बिजली पहुंच जानी चाहिए। कनेक्शन स्थापित होने की पुष्टि के लिए सीडीपीओ और बिजली विभाग के अभियंताओं को एक संयुक्त रिपोर्ट (ज्वाइंट रिपोर्ट) भी सौंपनी होगी, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि धरातल पर काम पूरा हो चुका है।

बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त ने सिर्फ बिजली ही नहीं, बल्कि अन्य बुनियादी सुविधाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन केंद्रों पर शौचालय निर्माण या रेन वाटर हार्वेस्टिंग का काम अधूरा है, वहां युद्धस्तर पर काम करते हुए उसे समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए। डीडीसी ने चेतावनी देते हुए कहा कि बच्चों और माताओं के स्वास्थ्य, पोषण और प्रारंभिक शिक्षा से जुड़े इन मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन का उद्देश्य है कि आंगनबाड़ी केंद्र सर्वसुविधायुक्त हों ताकि वहां आने वाले बच्चों को बेहतर माहौल मिल सके। इस समीक्षा बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी शिप्रा सिन्हा, बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, सीडीपीओ और महिला पर्यवेक्षिकाओं ने भाग लिया और मौजूदा स्थिति से प्रशासन को अवगत कराया।


हाथी प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर उपायुक्त ने जिला स्तरीय बैठक आयोजित की

हाथी प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षा को लेकर उपायुक्त ने जिला स्तरीय बैठक आयोजित की

हजारीबाग: उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को समाहरणालय सभाकक्ष में जिले में हाथियों की आवाजाही से उत्पन्न समस्याओं एवं उससे होने वाली घटनाओं की समीक्षा को लेकर एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य हाथी प्रभावित क्षेत्रों में आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित करना तथा जान-माल की क्षति को न्यूनतम करना था।

बैठक में पश्चिमी वन प्रमंडल पदाधिकारी  मौन प्रकाश ने बताया कि हाथियों से होने वाले जान-माल के नुकसान को कम करने के लिए आम लोगों में जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने जानकारी दी कि हाथियों से हुई मृत्यु, फसलों की क्षति, अनाज भंडारण एवं मकानों के नुकसान की स्थिति में सरकार द्वारा पीड़ित परिवारों को नियमानुसार मुआवजा का भुगतान किया जाता है।

उन्होंने सभी अंचलाधिकारियों से मुआवजा भुगतान से संबंधित अंचल स्तर पर लंबित आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने पर बल दिया। साथ ही, मृत्यु के मामलों में संबंधित थाना प्रभारी द्वारा एफआईआर की प्रति शीघ्र वन विभाग को भी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया, ताकि पीड़ित परिवारों को समय पर मुआवजा मिल सके।

स्थानीय स्तर पर हाथियों की आवाजाही की सूचना आमजन तक शीघ्र पहुँचाने के लिए माइकिंग आदि माध्यमों के उपयोग पर जोर दिया गया। इस क्रम में डीएफओ द्वारा जानकारी दी गई कि सरकार द्वारा विकसित *“Hamar Haathi 2.0”* नामक मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से हाथियों की लोकेशन की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों एवं विशेष रूप से हाथी प्रभावित क्षेत्रों के नागरिकों से इस एप्लिकेशन https://play.google.com/store/apps/details?id=com.kalpvaig.jktracker&pcampaignid=web_share को प्ले-स्टोर से डाउनलोड कर उपयोग करने की अपील की।

उपायुक्त  शशि प्रकाश सिंह ने बैठक में बताया कि हाथियों के प्रकोप से लोगों को सुरक्षित रखने के उद्देश्य से प्रशिक्षु आईएफएस को जिला नियंत्रण कक्ष का नोडल पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। जिला नियंत्रण कक्ष 24×7 संचालित रहेगी। हाथियों के आगमन से संबंधित सूचना सभी पदाधिकारी एवं प्रभावित क्षेत्र के लोग सीधे जिला नियंत्रण कक्ष को देंगे। नियंत्रण कक्ष से संबंधित क्षेत्र के मुखिया एवं ग्रामीणों को तत्काल सूचित किया जाएगा, जिससे समय रहते आवश्यक सावधानियाँ बरती जा सकें एवं प्रशासनिक कदम उठाए जा सकें।


उपायुक्त ने सभी संबंधित अंचलाधिकारियों को हाथी से संबंधित मामलों को गंभीरता से लेने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि हाथियों द्वारा हुए नुकसान के लिए मुआवजा भुगतान जिम्मेदारी के साथ समय पर सुनिश्चित किया जाए। साथ ही, बिजली विभाग के कार्यपालक अभियंता को निर्देश दिया गया कि हाथियों की आवाजाही वाले क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति को सुरक्षित एवं निर्बाध रखा जाए। इसके अतिरिक्त हाथी कॉरिडोर क्षेत्रों को अतिक्रमण-मुक्त एवं साफ-सुथरा रखने का भी निर्देश दिया गया।

हाथियों से बचने के लिए क्या करें?

1. हाथी आने की सूचना तत्काल निकटवर्ती वन विभाग के कर्मचारियों को दें।

2. यदि हाथी से सामना हो जाए तो तुरंत उसके लिए रास्ता छोड़ें। पहाड़ी स्थानों में सामना होने पर ढलान की ओर दौड़ें, ऊपर की ओर नहीं। सीधे न दौड़कर आड़े-तिरछे दौड़ें, कुछ दूर दौड़ने पर गमछा, पगड़ी, टोपी अथवा कोई वस्त्र फेंक दें ताकि कुछ समय तक हाथी उसमें उलझा रहे और आपको सुरक्षित स्थान पर पहुँचने का मौका मिल जा

3. अगर हाथी गांव में आ ही जाता है तो मशाल के साथ कम से कम आठ-दस लोग मिलकर एक साथ ढोल या टीना पीटकर उसे भगाने का प्रयास करें। इस प्रक्रिया में भी हाथी के बहुत नजदीक न जाएं। हाथी प्रभावित क्षेत्रों के गांवों में रात्रि में दल बनाकर मशाल के साथ पहरा दें।

4. अगर मचान बनाकर खेत की रखवाली करनी हो, तो मचान ऊँचा बनाएं, विशेषकर उसे ऊँचे मजबूत पेड़ के ऊपर बनाएं और उसे नीचे जमीन पर लकड़ी से आग जलाये रखें।

5. हाथी जिस जंगल में दिखे उस क्षेत्र में चारा, जलावन एकत्र करने नहीं जाएं। हाथी जिन क्षेत्रों में हो उसके आस-पास के गांवों में संध्या से प्रातः काल तक आवागमन से बचें।

6. हाथी द्वारा कान खड़े कर, सुंढ़ ऊपर कर आवाज देना, इस बात का संकेत है कि वह आप पर हमला करने आ रहा है। अतः तत्काल सुरक्षित स्थान पर चले जाए।

7. हाथियों की सूंघने की शक्ति अत्यधिक प्रबल होती है। अतः हाथी को भगाने के क्रम में हवा की दिशा का ध्यान रखें।

8. वैज्ञानिक प्रयोग के आधार पर पाया गया है कि मधुमक्खियों के गुनगुनाने की आवाज हाथियों को भगाने में सहायक साबित होती है।

हाथियों से बचने के लिए क्या न करें?

1. हाथी के चारों ओर कौतुहलवश भीड़ न लगाएं। हाथियों के चलने दौड़ने की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटा हो सकती है। अतः हाथी से कम से कम 200 मीटर की दूरी बनाएं रखें। बच्चों, स्त्रियों एवं वृद्धों को कभी भी हाथी के समक्ष नहीं जाने दें।

2. हाथियों को छेड़े नहीं, विशेषकर उन पर पत्थर, तीर, जलता हुआ टायर या मशाल आदि फेंककर प्रहार न करें। पटाखें आदि का प्रयोग से हाथियों को गुस्सा आ सकता है एवं इससे क्षति की संभावना बढ़ सकती है, अतः इसके प्रयोग से बचें।

3. हाथियों को अनाज अथवा अन्य खाद्य सामग्री न दें, क्योंकि इससे उनकी खाद्य सामग्री के प्रति रूचि बढ़ेगी एवं इस कारण वे मकानों को तोड़कर खाद्य सामग्री प्राप्त करने का प्रयास कर सकते हैं। हाथी प्रभावित क्षेत्र में जिस कमरे में अनाज का भंडारण हो उसमें न सोएं एवं कुछ दिनों के लिए किसी सुरक्षित जगह पर अनाज को रख दें।

4. क्षेत्र में जबतक हाथी रहे, तबतक हड़िया या देशी शराब (महुआ) नहीं बनाएं। इसका भंडारण भी न करें। हाथी शराब की ओर आकर्षित होते हैं और प्राप्त करने के उद्देश्य से ये घरों को क्षति पहुँचाते हैं।

5. गर्भवती हथिनी अथवा नवजात शिशु के साथ होने पर हथिनी या उसके झुण्ड को भगाने का प्रयास न करें, उसे थोड़ा समय दें।

6. हाथियों को भगाने के क्रम में श्वेत वस्त्र या लाल वस्त्र का प्रयोग नहीं करना चाहिए। यह रंग उन्हें चिड़चिड़ा बनाता है।

7. हाथी को देखकर पूजा या प्रणाम करने के उद्देश्य से उनके नजदीक न जाएं।

बैठक में पुलिस अधीक्षक 


अंजनी अंजन, उप विकास आयुक्त  रिया सिंह, नगर आयुक्त  ओमप्रकाश गुप्ता, अपर समाहर्ता  संतोष सिंह, प्रशिक्षु आईएएस  आनंद शर्मा, प्रशिक्षु आईएफएस, बरही एसडीओ  जोहन टुडू सहित विभिन्न विभागों के पदाधिकारी, सभी अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, अंचलाधिकारी, प्रखंड विकास पदाधिकारी, थाना प्रभारी एवं अन्य संबंधित कर्मी उपस्थित थे।

हाथी-मानव संघर्ष थामने को सड़क पर उतरा जागरूकता रथ, विधायक प्रदीप प्रसाद ने दिखाई हरी झंडी

हाथी-मानव संघर्ष थामने को सड़क पर उतरा जागरूकता रथ, विधायक प्रदीप प्रसाद ने दिखाई हरी झंडी


नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग। जिले में हाथी और इंसान के बीच बढ़ते संघर्ष पर विराम लगाने और जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में शनिवार को एक ठोस पहल की गई। कार्मल चौक स्थित वन विभाग के प्रमंडल कार्यालय से सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने जन-जागरूकता रथ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह विशेष रथ केवल एक वाहन नहीं बल्कि सुरक्षा का संदेश है जो जिले के सुदूर ग्रामीण इलाकों में घूम-घूमकर लोगों को सतर्क करेगा। इसका मुख्य काम ग्रामीणों को यह बताना है कि हाथियों की आहट मिलने पर उन्हें क्या करना चाहिए, किस तरह का सुरक्षित व्यवहार अपनाना चाहिए और आपातकालीन स्थिति में वन विभाग से कैसे संपर्क साधा जाए। प्रशासन का लक्ष्य स्पष्ट है कि सही समय पर सही जानकारी देकर किसी भी संभावित अनहोनी को टाला जा सके ताकि जनहानि और संपत्ति के नुकसान को रोका जा सके।

​इस मौके पर विधायक प्रदीप प्रसाद ने जोर देकर कहा कि यह मुद्दा केवल एक वन्यजीव समस्या नहीं है बल्कि यह सीधे तौर पर जन-सुरक्षा और सामाजिक चेतना से जुड़ा विषय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि जागरूकता ही बचाव का सबसे बड़ा हथियार है और जब ग्रामीण सशक्त होंगे तभी वे आपात स्थिति में सही निर्णय लेकर अपने परिवार की सुरक्षा कर पाएंगे। विधायक ने वन विभाग और आम जनता के बीच तालमेल पर जोर देते हुए कहा कि संयुक्त प्रयासों से ही सह-अस्तित्व का वातावरण बन सकता है। साथ ही उन्होंने उपस्थित अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि वे केवल जागरूकता तक सीमित न रहें बल्कि प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखें और किसी भी सूचना पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराएं। कार्यक्रम के दौरान पूर्वी डीएफओ समेत वन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी, भाजपा नेता और स्थानीय नागरिक मौजूद रहे जिन्होंने इस पहल को जिले में पर्यावरणीय संतुलन के लिए एक मील का पत्थर बताया।

कुशवाहा समाज का महाजुटान 11 जनवरी को, सिलवार में आयोजित होगा ऐतिहासिक वन भोज सह मिलन समारोह

 कुशवाहा समाज का महाजुटान 11 जनवरी को, सिलवार में आयोजित होगा ऐतिहासिक वन भोज सह मिलन समारोह

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग। सामाजिक एकता और भाईचारे की मिसाल पेश करने के उद्देश्य से कुशवाहा युवा विकास मंच हजारीबाग के तत्वावधान में आगामी 11 जनवरी को भव्य वन भोज सह मिलन समारोह का आयोजन किया जाएगा। इस संबंध में शुक्रवार को हजारीबाग प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान मंच के कार्यकारी अध्यक्ष लालमन कुशवाहा ने विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रविवार को हजारीबाग सदर प्रखंड अंतर्गत सिलवार स्थित मौसी बाड़ी परिसर में आयोजित होने वाला यह कार्यक्रम समाज को एकजुट करने और युवाओं को एक नई दिशा देने में मील का पत्थर साबित होगा।

इस आयोजन की भव्यता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि इसमें न केवल हजारीबाग जिले के सदर, इचाक, बड़कागांव, दारू, टाटीझरिया, कटकमसांडी और कटकमदाग प्रखंडों के लोग शामिल होंगे, बल्कि पड़ोसी जिलों रामगढ़, कोडरमा और चतरा से भी कुशवाहा समाज के लोग बड़ी संख्या में शिरकत करेंगे। लालमन कुशवाहा ने कहा कि इस मिलन समारोह का मुख्य लक्ष्य सामाजिक समरसता को मजबूत करना है। इस मंच के माध्यम से समाज के युवाओं को एकत्रित कर सामाजिक, शैक्षणिक और सांस्कृतिक विषयों पर आपसी संवाद को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि भविष्य की चुनौतियों के लिए समाज को तैयार किया जा सके।

मंच के संरक्षक प्रशांत सिन्हा ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसे सामूहिक आयोजन समाज में नई चेतना और जागरूकता लाते हैं। उन्होंने समाज के सभी लोगों से अपील की है कि वे अधिक से अधिक संख्या में सपरिवार पहुंचकर इस आयोजन को सफल बनाएं। वहीं मंच के सचिव जय कुशवाहा ने आश्वस्त किया कि कार्यक्रम को सुव्यवस्थित और यादगार बनाने के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं और कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह है। प्रेस वार्ता के दौरान देवनारायण प्रसाद, विकास कुशवाहा, अभिषेक राज, रामजी कुशवाहा, अनुभव कुमार और अजीत देव सहित मंच के कई अन्य पदाधिकारी व सक्रिय सदस्य उपस्थित रहे।



हजारीबाग में नशे के खिलाफ निर्णायक जंग का आगाज - हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट ने एसडीओ से की भावुक अपील, मेडिकल कॉलेज व समाहरणालय मार्ग पर खुलेआम चल रहे नशे के कारोबार पर रोक लगाने की मांग

 हजारीबाग में नशे के खिलाफ निर्णायक जंग का आगाज - हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट ने एसडीओ से की भावुक अपील, मेडिकल कॉलेज व समाहरणालय मार्ग पर खुलेआम चल रहे नशे के कारोबार पर रोक लगाने की मांग

हजारीबाग। हजारीबाग में नवपदस्थापित अनुमंडल पदाधिकारी के आगमन पर हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट ने उनका गर्मजोशी से स्वागत करते हुए शहर की सबसे ज्वलंत और गंभीर समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है। ट्रस्ट के संस्थापक सह अध्यक्ष शाहिद हुसैन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीओ से मुलाकात कर न केवल उनका अभिनंदन किया बल्कि जिले के युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक भावुक एवं जनहितकारी ज्ञापन भी सौंपा।

ट्रस्ट द्वारा सौंपे गए मांग पत्र में विशेष रूप से डिस्ट्रिक बोर्ड चौक से लेकर नए समाहरणालय मार्ग, शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज और सेंट्रल जेल जैसे अतिसंवेदनशील क्षेत्रों के आसपास खुलेआम हो रही नशीली दवाओं और मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। संस्था ने प्रशासन को अवगत कराया कि जिन रास्तों से प्रतिदिन हजारों की संख्या में स्कूली छात्र, अस्पताल जाने वाले मरीज, महिलाएं और आम नागरिक गुजरते हैं, ठीक उन्हीं रास्तों पर असामाजिक तत्वों द्वारा सरकारी जमीनों पर कब्जा कर नशे का खुला व्यापार किया जा रहा है। यह स्थिति न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है बल्कि सभ्य समाज के लिए एक मूक त्रासदी भी बन चुकी है।

हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट के अध्यक्ष शाहिद हुसैन ने मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि नशे की यह लत कई हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ रही है और माताओं की आंखों से नींद छीन रही है। उन्होंने प्रशासन से मार्मिक अपील करते हुए कहा कि यह विषय अब केवल पुलिसिंग का नहीं रह गया है बल्कि यह मानवीय संवेदनाओं और युवा पीढ़ी के अस्तित्व को बचाने का प्रश्न है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल ट्रस्ट के सदस्य गज़ाली खान ने भी चिंता जताते हुए कहा कि एक तरफ नशा मुक्ति के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शहर के हृदय स्थल पर नशे का यह कारोबार बेखौफ जारी है, जिस पर तत्काल रोक लगाना अनिवार्य है।

प्रतिनिधिमंडल ने अनुमंडल पदाधिकारी से मांग की है कि चिह्नित हॉटस्पॉट पर त्वरित और सघन छापेमारी अभियान चलाया जाए तथा नशा कारोबारियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त कराने, इन क्षेत्रों में स्थायी पुलिस गश्ती दल की तैनाती और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की व्यवस्था करने का भी आग्रह किया गया है। ट्रस्ट ने प्रशासन के समक्ष विश्वास जताया है कि जन-भावनाओं का सम्मान करते हुए जल्द ही हजारीबाग को नशा मुक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक और निर्णायक कदम उठाए जाएंगे.



हजारीबाग में मौत बनकर घूम रहे जंगली हाथी: बनहा में शौच के लिए निकले किसान को कुचलकर मारा, वन विभाग की सुस्त कार्यशैली पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा


 हजारीबाग में मौत बनकर घूम रहे जंगली हाथी- बनहा में शौच के लिए निकले किसान को कुचलकर मारा, वन विभाग की सुस्त कार्यशैली पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

हजारीबाग: जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र में जंगली हाथियों का खूनी तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिसके चलते शुक्रवार की सुबह एक और परिवार हमेशा के लिए उजड़ गया। बनहा गांव के नवादा टोला में अहले सुबह करीब पांच बजे प्रकृति की गोद में बसा यह गांव उस वक्त चीत्कार से गूंज उठा जब शौच के लिए घर से निकले किसान गणेश गोप का सामना मौत बनकर खड़े जंगली हाथी से हो गया। हाथी ने गणेश गोप पर अचानक हमला कर उन्हें बेरहमी से पटककर कुचल दिया जिससे घटनास्थल पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।

मृतक गणेश गोप अपने पीछे पत्नी रोहनी देवी, चार बेटियों और एक बेटे का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिनके सिर से पिता का साया उठने से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और वन विभाग की टीम आनन-फानन में मौके पर पहुंची। विभाग ने पीड़ित परिवार को तत्काल राहत देते हुए अंतिम संस्कार के लिए पचास हजार रुपये नकद सौंपे और कुल चार लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की, जिसकी शेष राशि कागजी कार्यवाही पूरी होने के बाद दी जाएगी। हालांकि, ग्रामीण मुआवजे से ज्यादा अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखे क्योंकि क्षेत्र में हाथियों की निरंतर आवाजाही ने उनकी नींद उड़ा रखी है।

मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर विधायक प्रदीप प्रसाद भी तत्काल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने की व्यवस्था कराई और वन विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मानव-हाथी संघर्ष का कोई ठोस और स्थायी समाधान निकाला जाए। विधायक ने उपायुक्त से भी दूरभाष पर वार्ता कर प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की बात कही। यह घटना एक बार फिर प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोलती है कि तमाम दावों के बावजूद ग्रामीण इलाकों में लोग भय के साए में जीने को मजबूर हैं और जंगली जानवरों के हमले में अपनी जान गंवा रहे हैं

शीतलहर का प्रकोप: केजी से 12वीं तक के सभी स्कूल कल रहेंगे बंद, उपायुक्त ने जारी किया आदेश

शीतलहर का प्रकोप


- केजी से 12वीं तक के सभी स्कूल कल रहेंगे बंद, उपायुक्त ने जारी किया आदेश

हजारीबाग। जिले में बढ़ती ठंड और शीतलहर के प्रकोप को देखते हुए जिला प्रशासन ने स्कूली बच्चों के स्वास्थ्य के हित में बड़ा फैसला लिया है। मौसम विभाग द्वारा जारी की गई भारी ठंड की चेतावनी के बाद हजारीबाग के उपायुक्त ने जिले के सभी सरकारी और गैर-सरकारी स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया है। यह आदेश कक्षा केजी से लेकर 12वीं तक के सभी विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा।

उपायुक्त कार्यालय के शिक्षा शाखा से जारी आदेश के अनुसार भारत मौसम विज्ञान विभाग रांची के विशेष बुलेटिन में भारी ठंड और शीतलहर की चेतावनी दी गई थी। इसी को ध्यान में रखते हुए आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की धारा 34 के तहत 9 जनवरी 2026 को स्कूलों में पठन-पाठन का कार्य पूरी तरह स्थगित रखने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन ने सभी निजी, सरकारी और सहायता प्राप्त विद्यालय प्रबंधन को इस आदेश का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है ताकि बच्चों को ठंड के दुष्प्रभाव से बचाया जा सके।

हालांकि इस दौरान बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को लेकर प्रशासन ने थोड़ी राहत दी है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि इस अवधि में किसी विद्यालय में 10वीं अथवा 12वीं की प्री-बोर्ड परीक्षा पूर्व से निर्धारित है तो उनका संचालन किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए शर्त यह होगी कि परीक्षा का आयोजन सुबह 10 बजे के बाद ही किया जाएगा। प्रशासन ने बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए यह कदम उठाया है और सभी संबंधित अधिकारियों को भी इस आदेश की सूचना दे दी गई है।


दारू पुलिस की सराहनीय पहल अपराध और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ ग्रामीणों को किया जागरूक, शिक्षा की अलख जगाने का दिया संदेश

 दारू पुलिस की सराहनीय पहल अपराध और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ ग्रामीणों को किया जागरूक, शिक्षा की अलख जगाने का दिया संदेश


हजारीबाग/दारू। हजारीबाग जिले के अंतर्गत आने वाले दारू थाना परिसर में पुलिस और आम जनता के बीच बेहतर संबंध स्थापित करने की दिशा में एक सकारात्मक कदम उठाया गया। थाना प्रभारी इकबाल हुसैन के नेतृत्व में ग्रामीणों के साथ एक विशेष जागरूकता सत्र का आयोजन किया गया जिसमें समाज को अपराध मुक्त और सुरक्षित बनाने पर गहन चर्चा की गई। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण थाना परिसर में मौजूद रहे जिन्होंने पुलिस की बातों को गंभीरतापूर्वक सुना।

इस विशेष अभियान के दौरान थाना प्रभारी इकबाल हुसैन ने उपस्थित ग्रामीणों को वर्तमान समय की गंभीर चुनौतियों से अवगत कराया। उन्होंने विस्तारपूर्वक जानकारी देते हुए लोगों को बताया कि किस प्रकार आज के दौर में बढ़ रहे साइबर अपराधों से सतर्क रहकर बचा जा सकता है। इसके साथ ही क्षेत्र में अवैध अफीम की खेती के दुष्परिणामों और इसके कानूनी प्रावधानों की जानकारी देते हुए इसे पूरी तरह बंद करने की नसीहत दी गई। चर्चा के दौरान यातायात नियमों के पालन, मॉब लिंचिंग जैसी घटनाओं के कानूनी परिणामों और डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम जैसे महत्वपूर्ण कानूनों की जानकारी भी दी गई ताकि ग्रामीण अंधविश्वास और अफवाहों से दूर रहें।

पुलिस ने मानव तस्करी और नशाखोरी जैसी सामाजिक बुराइयों को जड़ से खत्म करने के लिए ग्रामीणों से एकजुट होकर प्रशासन का सहयोग करने की अपील की। कार्यक्रम के अंतिम चरण में थाना प्रभारी ने एक अभिभावक की भूमिका निभाते हुए बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव रखने पर भी जोर दिया। उन्होंने वहां मौजूद सभी माता-पिता और अभिभावकों को प्रोत्साहित किया कि वे अपने बच्चों को नियमित रूप से स्कूल भेजें और उन्हें शिक्षा ग्रहण करने के लिए प्रेरित करें। पुलिस की इस पहल का मुख्य उद्देश्य केवल कानून का पालन कराना ही नहीं बल्कि जागरूकता के माध्यम से ग्रामीणों को सशक्त और शिक्षित बनाना भी है।


हजारीबाग डालसा ने नशाखोरी के खिलाफ छेड़ी निर्णायक जंग

 हजारीबाग डालसा ने नशाखोरी के खिलाफ छेड़ी निर्णायक जंग


नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग: मुकुंदगंज स्थित गौतम बुद्ध शिक्षक प्रशिक्षण महाविद्यालय में गुरुवार को एक गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर मंथन हुआ जहां जिला विधिक सेवा प्राधिकार के प्रधान जिला जज रंजीत कुमार के निर्देश पर आयोजित इस नशामुक्त जागरूकता कार्यशाला में नशाखोरी को वर्तमान समाज और युवा पीढ़ी के लिए सबसे बड़ी चुनौती बताया गया। कार्यक्रम में बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए डालसा सचिव गौरव खुराना ने बेहद भावुक और सचेत करने वाले अंदाज में कहा कि नशा केवल एक आदत नहीं बल्कि अपराध की दुनिया का प्रवेश द्वार है। उन्होंने एक नाबालिग बच्चे का उदाहरण साझा करते हुए बताया कि कैसे ब्राउन शुगर की लत ने एक मासूम को चोरी के रास्ते पर धकेल दिया था लेकिन जिला विधिक सेवा प्राधिकार और प्रशासन के समय रहते हस्तक्षेप और ऑब्जर्वेशन होम में मिले सुधार के माहौल ने आज उसे एक नई और सम्मानजनक जिंदगी दी है।

सचिव ने अभिभावकों को भी कड़े शब्दों में सलाह दी कि वे अपनी जिम्मेदारियों से मुंह न मोड़ें और बच्चों की हर गतिविधि पर बारीक नजर रखें क्योंकि बढ़ती नशाखोरी ही बढ़ते अपराधों की मुख्य जड़ है। युवाओं को अब खुद आगे आकर अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी ताकि एक स्वस्थ समाज का निर्माण हो सके। वहीं पैनल अधिवक्ता गौरव सहाय ने मंच से हुंकार भरते हुए कहा कि हमें अपने शहर को नशा मुक्त रखना है और इसे 'उड़ता पंजाब' जैसी स्थिति में जाने से बचाना है। उन्होंने नशा और उससे पनपते अपराधों के आंकड़ों और भयावहता को विस्तार से रखा।

इस जागरूकता अभियान को रचनात्मक रूप देने के लिए प्रशिक्षुओं के बीच एक पेंटिंग प्रतियोगिता भी कराई गई जिसके माध्यम से युवाओं ने कैनवास पर नशे के खिलाफ अपना आक्रोश और संदेश उकेरा। डालसा सचिव ने घोषणा की है कि इस प्रतियोगिता के शीर्ष तीन विजेताओं को गणतंत्र दिवस के अवसर पर प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रंजीत कुमार द्वारा विशेष रूप से सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में महाविद्यालय की प्राचार्या डॉ. बसुंधरा कुमारी, सहायक प्राध्यापिका सुष्मिता घोषाल और पीएलवी दीपक कुमार समेत पूरे कॉलेज परिवार ने इस मुहिम में अपनी सहभागिता दर्ज कराई और राष्ट्रगान के साथ इस संकल्प को दोहराया गया कि हजारीबाग नशे के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी र

बाल विवाह पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार- महज रस्म नहीं, सीधा जेल का रास्ता और सामाजिक कलंक मिटाने की अंतिम जंग

 

बाल विवाह पर अब तक का सबसे बड़ा प्रहार- महज रस्म नहीं, सीधा जेल का रास्ता और सामाजिक कलंक मिटाने की अंतिम जंग


​दिल्ली: सदियों पुरानी सामाजिक कुरीति के खिलाफ भारत ने अब निर्णायक युद्ध का शंखनाद कर दिया है और बाल विवाह अब महज एक सामाजिक परंपरा नहीं बल्कि सीधे तौर पर जेल की सलाखों के पीछे ले जाने वाला संगीन अपराध बन चुका है। केंद्र सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वयस्कों द्वारा बच्चों से विवाह करने, उसे आयोजित कराने, सहयोग देने या उसमें मात्र उपस्थित होने पर भी दो साल का कठोर कारावास और एक लाख रुपये तक का जुर्माना भुगतना होगा। देश के नौनिहालों के बचपन को सुरक्षित करने के लिए शुरू किया गया 'बाल विवाह मुक्त भारत' अभियान अब केवल सरकारी फाइलों तक सीमित नहीं है बल्कि यह एक राष्ट्रव्यापी जन-आंदोलन का रूप ले चुका है जिसका सीधा मकसद 2030 तक इस कुप्रथा को जड़ से उखाड़ फेंकना है।

​इस महाअभियान को सर्वोच्च न्यायालय के उस ऐतिहासिक फैसले से नई धार मिली है जिसमें कोर्ट ने स्पष्ट कहा है कि बाल विवाह स्वायत्तता को कमजोर करता है और इसे रोकने के लिए अब केवल कानून का डर नहीं बल्कि जमीनी स्तर पर निगरानी का भी कड़ा पहरा होगा। देश के हर जिले में विशेष बाल विवाह निषेध अधिकारी (सीएमपीओ) तैनात किए गए हैं जो न केवल विवाह रोकेंगे बल्कि साक्ष्य जुटाकर दोषियों को अदालत के कटघरे में खड़ा करेंगे। मजिस्ट्रेट को निषेधाज्ञा जारी करने की शक्ति दी गई है जिसका उल्लंघन करने पर विवाह तुरंत अमान्य घोषित होगा और दोषी सीधे कानून के शिकंजे में होंगे।

​विज्ञान भवन से शुरू हुई इस मुहिम में आधुनिक तकनीक का सहारा लेते हुए एक समर्पित पोर्टल के जरिए हर मामले की रियल टाइम रिपोर्टिंग सुनिश्चित की जा रही है। 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत स्कूलों, आंगनवाड़ियों और धार्मिक नेताओं को इस चक्रव्यूह को तोड़ने के लिए अग्रिम पंक्ति में खड़ा किया गया है। बदलाव की यह बयार असर दिखाने लगी है और छत्तीसगढ़ का बालोद जिला देश के लिए एक नजीर बनकर उभरा है जहां जनभागीदारी के चलते लगातार दो वर्षों से बाल विवाह का एक भी मामला सामने नहीं आया है। अब यह लड़ाई केवल एक कानून के पालन की नहीं बल्कि देश के भविष्य को सुरक्षित करने की है ताकि विकसित भारत का सपना देख रही युवा पीढ़ी का बचपन मंडप की आग में झुलसने के बजाय शिक्षा और स्वाभिमान के उजाले में खिल सके।

हजारीबाग में हाथियों के तांडव ने उजाड़ा हंसता-खेलता परिवार, खेत बचाने गए किसान को कुचलकर मार डाला

 

हजारीबाग में हाथियों के तांडव ने उजाड़ा हंसता-खेलता परिवार, खेत बचाने गए किसान को कुचलकर मार डाला



हजारीबाग। हजारीबाग में इंसान और वन्यजीवों के बीच वर्चस्व की जंग अब खौफनाक रूप ले चुकी है और इस द्वंद्व का अंत होता नहीं दिख रहा। इसी खूनी संघर्ष का एक और काला अध्याय बीती रात सदर प्रखंड के चुटियारो गांव में लिखा गया, जहां अपनी मेहनत की फसल बचाने गए एक दम्पत्ति पर हाथियों के झुंड ने कहर बरपा दिया। इस हृदयविदारक घटना में एक किसान को अपनी जान की कीमत चुकानी पड़ी, जबकि उनकी पत्नी अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच संघर्ष करने के बाद अब खतरे से बाहर हैं। यह घटना बताती है कि कैसे जंगलों के अतिक्रमण का खामियाजा अब निर्दोष ग्रामीणों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।

​दिल दहला देने वाली यह घटना मुफ्फसिल थाना क्षेत्र की है। प्राप्त जानकारी के मुताबिक, चुटियारो निवासी 50 वर्षीय आदित्य राणा अपनी पत्नी शांति देवी के साथ कुम्भियाटांड़ स्थित अपने टमाटर के खेत की रखवाली करने गए थे। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि मौत वहां पहले से घात लगाए बैठी है। अचानक हाथियों के एक उग्र झुंड ने उन पर धावा बोल दिया। इस हमले में आदित्य राणा को संभलने का मौका तक नहीं मिला और हाथियों ने उन्हें बेरहमी से पटककर मार डाला। मृतक अपने पीछे तीन बेटियों और एक बेटे का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है। गनीमत रही कि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद जीवित बच गईं।

​घटना की जानकारी मिलते ही हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल ने मानवीय संवेदना दिखाते हुए तत्काल वन विभाग के अधिकारियों को सूचित किया और प्रशासन को सक्रिय किया। सांसद के निर्देश पर घायलों का हालचाल जाना गया और चिकित्सकों से बेहतर इलाज सुनिश्चित करवाया गया। डॉ. अभिषेक कुमार के अनुसार घायल शांति देवी अब खतरे से बाहर हैं। इधर, वन विभाग ने तत्परता दिखाते हुए अंत्येष्टि के लिए परिजनों को तत्काल पच्चीस हजार रुपये की मुआवजा राशि सौंपी और शेष भुगतान सरकारी प्रक्रिया के तहत जल्द करने का आश्वासन दिया। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया है।

​यह दुखद घटना केवल एक हादसा नहीं, बल्कि उस बिगड़ते पर्यावरणीय संतुलन की गवाही है जहां जंगलों के सिमटने से वन्यजीव रिहायशी इलाकों का रुख कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि हाथियों से बलपूर्वक नहीं जीता जा सकता, बल्कि सतर्कता और जागरूकता ही बचाव का एकमात्र उपाय है। हम उनके आशियाने उजाड़ रहे हैं, इसलिए वे हमारे आंगन तक आ पहुंचे हैं। प्रशासन और वन विभाग को हाथियों के मार्गों पर निगरानी बढ़ाने और 'हाथी भगाओ दस्ता' को और अधिक सक्रिय करने की सख्त जरूरत है, ताकि भविष्य में किसी और परिवार का चिराग इस तरह न बुझे।

चापवा-भेलवाड़ा की तलहटी में गूंजा मानवता का संदेश, कड़ाके की ठंड में बेसहारा परिवारों को मिली 'राहत'

 

चापवा-भेलवाड़ा की तलहटी में गूंजा मानवता का संदेश, कड़ाके की ठंड में बेसहारा परिवारों को मिली 'राहत'


हजारीबाग: कड़ाके की ठंड और शीतलहरी के बीच हजारीबाग के सुदूर चापवा-भेलवाड़ा क्षेत्र में मानवता की एक सुखद तस्वीर देखने को मिली। यहाँ पहाड़ों की तलहटी में कठिन परिस्थितियों में जीवन बसर करने वाले अत्यंत निर्धन और जरूरतमंद परिवारों के लिए उम्मीद की एक नई किरण जागी, जब जमाअत-ए-इस्लामी मस्रतू और हजारीबाग की टीम ने प्रोजेक्ट 'राहत – सोसाइटी फॉर ब्राइट फ्यूचर' के सहयोग से एक विशेष राहत अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज के उस तबके को संबल प्रदान करना था जो इस हाड़ कंपा देने वाली सर्दी में खुले आसमान या कच्ची छतों के नीचे रहने को मजबूर हैं।

​इस मानवीय पहल के तहत क्षेत्र के अत्यंत जरूरतमंद लोगों, जिनमें विशेष रूप से विधवाएं, दिव्यांग और बेसहारा बुजुर्ग शामिल थे, की पहचान कर उन्हें सम्मानपूर्वक कंबल ओढ़ाए गए। संस्था द्वारा ऐसे 10 चिन्हित परिवारों को राहत सामग्री उपलब्ध कराई गई, ताकि उन्हें जानलेवा ठंड से सुरक्षा मिल सके। इस आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब समाज के सक्षम लोग एक साथ आते हैं, तो पहाड़ों के नीचे रहने वाले उपेक्षित परिवारों तक भी मदद के हाथ पहुँच सकते हैं।

​कार्यक्रम को सफल बनाने में मस्रतू के अमीर-ए-मुकामी शाहिद रज़ा, जमाअत-ए-इस्लामी के वरिष्ठ सदस्य मौलाना नसीरुद्दीन क़ासमी और शाहिद जमाल साहब ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मौके पर विशेष रूप से उपस्थित सोसाइटी फॉर ब्राइट फ्यूचर के झारखण्ड सह-संयोजक सैयद मोहम्मद आयतुल्लाह इरफ़ान ने कहा कि समाज के कमजोर और वंचित वर्गों की सेवा ही सच्ची मानवता है। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि इंशाअल्लाह इस प्रकार के सेवा कार्य भविष्य में भी नियमित रूप से जारी रहेंगे। स्थानीय ग्रामीणों ने इस नेक पहल की सराहना करते हुए आयोजकों का आभार व्यक्त किया और इस प्रयास की सफलता के लिए दुआएं दीं।

हजारीबाग में धान खरीद पर डीसी का 'हंटर' खुले में अनाज रखने पर होगी कार्रवाई, बिचौलियों की एंट्री पर लगा पूर्ण प्रतिबंध

हजारीबाग में धान खरीद पर डीसी का 'हंटर' खुले में अनाज रखने पर होगी कार्रवाई, बिचौलियों की एंट्री पर लगा पूर्ण प्रतिबंध


नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग में धान खरीद प्रक्रिया को पारदर्शी और किसान-हितैषी बनाने के लिए उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने सख्त तेवर अपना लिए हैं। आज एक विशेष वेबिनार के माध्यम से जिले के सभी पैक्सों में तैनात दंडाधिकारियों, अपर समाहर्ता और जिला आपूर्ति पदाधिकारी की क्लास लगाते हुए उन्होंने स्पष्ट कर दिया कि धान खरीद में किसी भी तरह की लापरवाही या बिचौलियों का हस्तक्षेप बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उपायुक्त ने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिया है कि आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े किसानों के धान की खरीद को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाए ताकि उन्हें अपनी उपज बेचने के लिए भटकना न पड़े।

खरीद के बाद धान की सुरक्षा को लेकर भी प्रशासन बेहद गंभीर है। डीसी ने सख्त लहजे में कहा कि खरीदा गया धान किसी भी सूरत में खुले आसमान के नीचे नहीं रखा जाना चाहिए। इसकी सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी वहां तैनात दंडाधिकारी की होगी और अगर खुले में अनाज पड़ा मिला तो संबंधित के खिलाफ कड़ी विभागीय कार्रवाई होगी। साथ ही प्रशासन ने यह भी साफ कर दिया है कि छुट्टियों के दिन धान खरीद का कार्य पूरी तरह बंद रहेगा। किसानों के भुगतान में देरी न हो इस पर विशेष जोर देते हुए उपायुक्त ने निर्देश दिया कि यदि किसी किसान को समय पर पैसा नहीं मिलता है तो इसकी सूचना तुरंत जिला आपूर्ति पदाधिकारी को दी जाए।

समीक्षा बैठक के दौरान आंकड़ों पर गौर करें तो जिले में साढ़े तीन लाख क्विंटल धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित है जिसके विरुद्ध अब तक एक लाख तीन हजार क्विंटल यानी लगभग 30 प्रतिशत खरीद पूरी कर ली गई है। उपायुक्त ने शेष लक्ष्य को भी सरकारी दिशा-निर्देशों के अनुरूप समयबद्ध और पूरी पारदर्शिता के साथ पूरा करने का आदेश दिया है ताकि जिले के हर पात्र किसान को योजना का लाभ मिल सके।

हजारीबाग में शीतलहर का प्रकोप! नौनिहालों की सुरक्षा के लिए प्रशासन का बड़ा फैसला, 10 जनवरी तक आंगनबाड़ी केंद्रों में नहीं लगेगी क्लास

 

हजारीबाग में शीतलहर का प्रकोप! नौनिहालों की सुरक्षा के लिए प्रशासन का बड़ा फैसला, 10 जनवरी तक आंगनबाड़ी केंद्रों में नहीं लगेगी क्लास

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग: जिले में हाड़ कंपा देने वाली ठंड और लगातार जारी शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने नौनिहालों के स्वास्थ्य को लेकर एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले 3 से 6 वर्ष के बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 'शाला पूर्व शिक्षा' यानी प्री-स्कूल गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के निर्देशों के आलोक में लिया गया यह फैसला 10 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि इस कड़ाके की ठंड में बच्चों को केंद्रों तक बुलाना उनके स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

​हालांकि राहत की खबर यह है कि पढ़ाई स्थगित होने के बावजूद बच्चों के पोषण से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि बच्चों को मिलने वाला पूरक पोषाहार निर्बाध रूप से जारी रहेगा। आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाएं अब बच्चों के माता-पिता या अभिभावकों को केंद्र पर बुलाकर यह राशन सामग्री उपलब्ध कराएंगी ताकि घर पर रहने के दौरान भी बच्चों के आहार में कोई कमी न आए। इस आदेश का पालन सख्ती से हो इसके लिए सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों और महिला पर्यवेक्षिकाओं को नियमित निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। जिला प्रशासन ने दोहराया है कि बच्चों की सेहत उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम के मिजाज पर लगातार नजर रखी जा रही है।

डायन कुप्रथा और बाल विवाह पर अब होगा सीधा वार, बरही में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने ली 'सशक्त झारखंड' के निर्माण की शपथ


डायन कुप्रथा और बाल विवाह पर अब होगा सीधा वार, बरही में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने ली 'सशक्त झारखंड' के निर्माण की शपथ

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग: झारखंड को बाल विवाह मुक्त बनाने और डायन कुप्रथा जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए हजारीबाग जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में बरही म एक दिवसीय अनुमंडल स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जहां अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने एक सुर में महिला सशक्तिकरण का शंखनाद किया। इस कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को शपथ दिलाई गई कि वे बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, उनकी शिक्षा को बढ़ावा देंगे और अंधविश्वास के नाम पर होने वाले उत्पीड़न के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएंगे।

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी शिप्रा सिंहा ने मंच से स्पष्ट संदेश दिया कि अंधविश्वास की आड़ में महिलाओं का उत्पीड़न अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि जागरूकता की यह मुहिम अब केवल सभागारों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि जिले के सभी प्लस टू विद्यालयों तक पहुंचेगी ताकि नई पीढ़ी को जागरूक किया जा सके। प्रशासन ने दो टूक चेतावनी दी है कि डायन कुप्रथा को बढ़ावा देने वालों या इसमें संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन कठोरतम कानूनी कार्रवाई करेगा।

कार्यक्रम में सामाजिक बदलाव की जिम्मेदारी घर की दहलीज से शुरू करने की बात भी प्रमुखता से उठी। जिला परिषद अध्यक्ष उमेश मेहता ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि बाल विवाह जैसी कुरीति को रोकने के लिए माताओं को सबसे पहले जागरूक होकर पहल करनी होगी। उन्होंने चिंता जताई कि कच्ची उम्र में विवाह से बच्चियों को न केवल शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है बल्कि उनका पूरा भविष्य अंधकारमय हो जाता है।

इस मौके पर उपस्थित सैकड़ों प्रतिभागियों को 'मिशन शक्ति' और डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम-2001 की जानकारी देने के साथ-साथ मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना और विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना जैसी सरकारी पहलों से भी अवगत कराया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में बरही अनुमंडल पदाधिकारी, यूनिसेफ के प्रतिनिधि और रांची से आए विशेषज्ञों सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं, सहिया और पोषण सखियां मौजूद रहीं जो अब बदलाव के इस संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाए।


हजारीबाग में अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, दो जिलों की उत्पाद टीम ने आधी रात को मारा छापा, भारी मात्रा में शराब और स्प्रिट बरामद


 

हजारीबाग में अवैध शराब फैक्ट्री का भंडाफोड़, दो जिलों की उत्पाद टीम ने आधी रात को मारा छापा, भारी मात्रा में शराब और स्प्रिट बरामद

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

​हजारीबाग: उपायुक्त के सख्त निर्देश पर अवैध शराब माफियाओं की कमर तोड़ने के लिए उत्पाद विभाग ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। हजारीबाग और चतरा की संयुक्त उत्पाद टीम ने बीती रात कटकमसांडी थाना क्षेत्र में एक बड़े सिंडिकेट का पर्दाफाश करते हुए भारी मात्रा में अवैध विदेशी शराब और उसे बनाने की सामग्री बरामद की है। सहायक आयुक्त उत्पाद के नेतृत्व में यह छापेमारी अभियान रात 10 बजे से शुरू होकर देर रात 1 बजे तक चला जिससे शराब तस्करों में हड़कंप मच गया।

​छापेमारी दल ने ग्राम आराभूसाई और महुगाईं टोला में दबिश देकर मौके से एक तस्कर विशेष कुमार सोनी को गिरफ्तार किया है जो मटवारी का रहने वाला है। हालांकि अंधेरे का फायदा उठाकर आशीष दांगी, सुभाष दांगी, रविंद्र यादव, परवेज अंसारी, बसारत मियां और सुंदर मुंडा भागने में सफल रहे जिनके खिलाफ फरार अभियोग दर्ज कर उनकी तलाश तेज कर दी गई है। यह गिरोह यहां केवल शराब बेच ही नहीं रहा था बल्कि नकली शराब का निर्माण भी कर रहा था। मौके से 53 कार्टून में करीब 477 लीटर अवैध विदेशी शराब, 210 लीटर स्प्रिट, 5 लीटर कैरामेल और भारी मात्रा में विभिन्न ब्रांडों के लेबल, स्टीकर, ढक्कन, खाली बोतलें, होलोग्राम और अल्कोहल मीटर जब्त किए गए हैं।

​तस्करों के मंसूबों को नाकाम करते हुए टीम ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक महिंद्रा बोलेरो और एक फिएट लिनिया कार को भी जब्त कर लिया है जो शराब से लदी हुई थीं। गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। इस सफल ऑपरेशन में अवर निरीक्षक उत्पाद भुनेश्वर नायक, सुमितेश कुमार, अभिषेक आनंद, आशीष पाण्डेय और उत्पाद आरक्षी अनूप कुमार सिंह सहित हजारीबाग और चतरा जिला के सशस्त्र गृह रक्षा वाहिनी के जवान शामिल थे। प्रशासन की इस त्वरित और सख्त कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है कि जिले में अवैध शराब का कारोबार अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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