हजारीबाग में नशे के खिलाफ निर्णायक जंग का आगाज - हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट ने एसडीओ से की भावुक अपील, मेडिकल कॉलेज व समाहरणालय मार्ग पर खुलेआम चल रहे नशे के कारोबार पर रोक लगाने की मांग
हजारीबाग। हजारीबाग में नवपदस्थापित अनुमंडल पदाधिकारी के आगमन पर हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट ने उनका गर्मजोशी से स्वागत करते हुए शहर की सबसे ज्वलंत और गंभीर समस्या की ओर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया है। ट्रस्ट के संस्थापक सह अध्यक्ष शाहिद हुसैन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने एसडीओ से मुलाकात कर न केवल उनका अभिनंदन किया बल्कि जिले के युवाओं को नशे के दलदल से बाहर निकालने और उनके भविष्य को सुरक्षित करने के लिए एक भावुक एवं जनहितकारी ज्ञापन भी सौंपा।
ट्रस्ट द्वारा सौंपे गए मांग पत्र में विशेष रूप से डिस्ट्रिक बोर्ड चौक से लेकर नए समाहरणालय मार्ग, शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज और सेंट्रल जेल जैसे अतिसंवेदनशील क्षेत्रों के आसपास खुलेआम हो रही नशीली दवाओं और मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। संस्था ने प्रशासन को अवगत कराया कि जिन रास्तों से प्रतिदिन हजारों की संख्या में स्कूली छात्र, अस्पताल जाने वाले मरीज, महिलाएं और आम नागरिक गुजरते हैं, ठीक उन्हीं रास्तों पर असामाजिक तत्वों द्वारा सरकारी जमीनों पर कब्जा कर नशे का खुला व्यापार किया जा रहा है। यह स्थिति न केवल कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती है बल्कि सभ्य समाज के लिए एक मूक त्रासदी भी बन चुकी है।
हेल्पिंग इंडिया ट्रस्ट के अध्यक्ष शाहिद हुसैन ने मामले की गंभीरता को रेखांकित करते हुए कहा कि नशे की यह लत कई हंसते-खेलते परिवारों को उजाड़ रही है और माताओं की आंखों से नींद छीन रही है। उन्होंने प्रशासन से मार्मिक अपील करते हुए कहा कि यह विषय अब केवल पुलिसिंग का नहीं रह गया है बल्कि यह मानवीय संवेदनाओं और युवा पीढ़ी के अस्तित्व को बचाने का प्रश्न है। प्रतिनिधिमंडल में शामिल ट्रस्ट के सदस्य गज़ाली खान ने भी चिंता जताते हुए कहा कि एक तरफ नशा मुक्ति के लिए जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ शहर के हृदय स्थल पर नशे का यह कारोबार बेखौफ जारी है, जिस पर तत्काल रोक लगाना अनिवार्य है।
प्रतिनिधिमंडल ने अनुमंडल पदाधिकारी से मांग की है कि चिह्नित हॉटस्पॉट पर त्वरित और सघन छापेमारी अभियान चलाया जाए तथा नशा कारोबारियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कठोरतम कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके साथ ही सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त कराने, इन क्षेत्रों में स्थायी पुलिस गश्ती दल की तैनाती और सीसीटीवी कैमरों के जरिए निगरानी की व्यवस्था करने का भी आग्रह किया गया है। ट्रस्ट ने प्रशासन के समक्ष विश्वास जताया है कि जन-भावनाओं का सम्मान करते हुए जल्द ही हजारीबाग को नशा मुक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक और निर्णायक कदम उठाए जाएंगे.

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