झारखंड निकाय चुनाव; हजारीबाग नगर निगम मेयर पद अत्यंत पिछड़ा वर्ग-1 के लिए आरक्षित, जारी हुई अधिसूचना ने बदले राजनीतिक समीकरण
नरेश सोनी विशेष संवाददाता
हजारीबाग: नगर निगम चुनाव को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लग गया है। राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा शुक्रवार को जारी झारखंड गजट (असाधारण) की अधिसूचना ने हजारीबाग की राजनीति में हलचल तेज कर दी है। जारी अधिसूचना के अनुसार, हजारीबाग नगर निगम (वर्ग-ख) के महापौर (मेयर) का पद इस बार अत्यंत पिछड़ा वर्ग-1 (बीसी-1) के लिए आरक्षित किया गया है। इस घोषणा के साथ ही कई सामान्य वर्ग और अन्य श्रेणियों के दिग्गज दावेदारों के चुनावी समीकरण पूरी तरह से बदल गए हैं, जबकि पिछड़ा वर्ग से आने वाले नेताओं के लिए यह एक सुनहरा अवसर बनकर सामने आया है।
शुक्रवार, 9 जनवरी 2026 को प्रकाशित प्रपत्र-3 (नियम-9) के तहत आरक्षित निर्वाचन क्षेत्रों की सूची सार्वजनिक की गई। इसमें स्पष्ट किया गया है कि हजारीबाग नगर निगम का पद अत्यंत पिछड़ा वर्ग-1 के कोटे में गया है, और इसे महिला के लिए आरक्षित नहीं किया गया है, यानी इस वर्ग के पुरुष और महिला दोनों ही उम्मीदवार चुनावी मैदान में उतर सकते हैं। इससे पूर्व शहर में चर्चाओं का बाजार गर्म था कि सीट महिला आरक्षित होगी या सामान्य, लेकिन आयोग की चिट्ठी ने तस्वीर पूरी तरह साफ कर दी है। अब राजनीतिक दलों को अपने उम्मीदवार चयन की प्रक्रिया नए सिरे से शुरू करनी होगी।
हजारीबाग के अलावा राज्य के अन्य प्रमुख नगर निगमों की स्थिति भी स्पष्ट की गई है। पलामू के मेदिनीनगर नगर निगम का पद अनारक्षित रखते हुए उसे महिलाओं के लिए सुरक्षित किया गया है, जबकि गिरिडीह नगर निगम का पद अनुसूचित जाति और देवघर व बोकारो (चास) का पद अनारक्षित रखा गया है। सरायकेला-खरसावां के आदित्यपुर नगर निगम को अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित किया गया है। हजारीबाग में सीट बीसी-1 होने के बाद अब शहर के उन नेताओं में मायूसी है जो सामान्य वर्ग से आते हैं और लंबे समय से चुनाव की तैयारी में जुटे थे।
इस अधिसूचना के जारी होते ही हजारीबाग में सियासी सरगर्मी तेज हो गई है। चौक-चौराहों से लेकर सोशल मीडिया तक अब नए प्रत्याशियों के नामों पर चर्चा शुरू हो चुकी है। प्रशासन ने भी चुनाव को लेकर अपनी कमर कस ली है और आदर्श आचार संहिता व अन्य चुनावी प्रक्रियाओं के पालन हेतु दिशा-निर्देशों पर काम शुरू कर दिया है। माना जा रहा है कि इस आरक्षण रोस्टर के बाद हजारीबाग नगर निगम चुनाव में कई नए चेहरे देखने को मिलेंगे जो शहर के विकास के लिए अपना दावा पेश करेंगे।

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