हजारीबाग में मौत बनकर घूम रहे जंगली हाथी- बनहा में शौच के लिए निकले किसान को कुचलकर मारा, वन विभाग की सुस्त कार्यशैली पर ग्रामीणों का फूटा गुस्सा
हजारीबाग: जिले के कटकमदाग थाना क्षेत्र में जंगली हाथियों का खूनी तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है, जिसके चलते शुक्रवार की सुबह एक और परिवार हमेशा के लिए उजड़ गया। बनहा गांव के नवादा टोला में अहले सुबह करीब पांच बजे प्रकृति की गोद में बसा यह गांव उस वक्त चीत्कार से गूंज उठा जब शौच के लिए घर से निकले किसान गणेश गोप का सामना मौत बनकर खड़े जंगली हाथी से हो गया। हाथी ने गणेश गोप पर अचानक हमला कर उन्हें बेरहमी से पटककर कुचल दिया जिससे घटनास्थल पर ही उनकी दर्दनाक मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे क्षेत्र में दहशत का माहौल है और वन विभाग की कार्यप्रणाली को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
मृतक गणेश गोप अपने पीछे पत्नी रोहनी देवी, चार बेटियों और एक बेटे का भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं, जिनके सिर से पिता का साया उठने से दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और वन विभाग की टीम आनन-फानन में मौके पर पहुंची। विभाग ने पीड़ित परिवार को तत्काल राहत देते हुए अंतिम संस्कार के लिए पचास हजार रुपये नकद सौंपे और कुल चार लाख रुपये के मुआवजे की घोषणा की, जिसकी शेष राशि कागजी कार्यवाही पूरी होने के बाद दी जाएगी। हालांकि, ग्रामीण मुआवजे से ज्यादा अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित दिखे क्योंकि क्षेत्र में हाथियों की निरंतर आवाजाही ने उनकी नींद उड़ा रखी है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए सदर विधायक प्रदीप प्रसाद भी तत्काल पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे और शोकाकुल परिजनों को ढांढस बंधाया। उन्होंने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाने की व्यवस्था कराई और वन विभाग के अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए कि मानव-हाथी संघर्ष का कोई ठोस और स्थायी समाधान निकाला जाए। विधायक ने उपायुक्त से भी दूरभाष पर वार्ता कर प्रभावित क्षेत्रों में ग्रामीणों और वन विभाग के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने की बात कही। यह घटना एक बार फिर प्रशासनिक तैयारियों की पोल खोलती है कि तमाम दावों के बावजूद ग्रामीण इलाकों में लोग भय के साए में जीने को मजबूर हैं और जंगली जानवरों के हमले में अपनी जान गंवा रहे हैं
।
No comments
Post a Comment