रांची से दिल्ली जा रही एयर एंबुलेंस दुर्घटनाग्रस्त, डॉक्टर और मरीज सहित सात लोगों की दर्दनाक मौत
Ranchi : झारखण्ड की राजधानी रांची से राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए उड़ान भरने वाली रेडबर्ड एयरवेज प्राइवेट लिमिटेड की एक मेडिकल फ्लाइट के दुर्घटनाग्रस्त होने की अत्यंत हृदयविदारक और शोकाकुल खबर सामने आई है। इस दुर्भाग्यपूर्ण हादसे में विमान में सवार सभी सात लोगों के काल के गाल में समा जाने की गहरी आशंका जताई गई है। प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, सी-नाइनटी मॉडल के इस चार्टर्ड विमान (पंजीकरण संख्या वीटी-एजेवी) ने बीते तेईस फरवरी की शाम साढ़े पांच बजे रांची से उड़ान भरी थी। नियत कार्यक्रम के तहत इस जीवनरक्षक उड़ान को रात साढ़े आठ बजे दिल्ली पहुंचना था, लेकिन बीच रास्ते में ही नियति के क्रूर प्रहार ने इस सफर को एक खौफनाक त्रासदी में बदल दिया।
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| "रांची से दिल्ली की उड़ान के दौरान रेडबर्ड एयरवेज का सी-नाइनटी विमान हादसे का शिकार हुआ, जिसमें सात लोगों की जान चली गई।" |
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| "रांची से दिल्ली उड़ान भरने वाली रेडबर्ड एविएशन की मेडिकल फ्लाइट VT-AJV" |
इस आपातकालीन चिकित्सा उड़ान में कुल सात लोग सवार थे, जो एक झटके में इस भीषण दुर्घटना का शिकार हो गए। विमान के कॉकपिट और उड़ान के कुशल संचालन की पूरी जिम्मेदारी अनुभवी कैप्टन विवेक विकास भगत और उनके सहयोगी कैप्टन सवरजीत सिंह के कंधों पर थी। इनके अतिरिक्त, विमान के केबिन में मरीज संजय कुमार अपनी जिंदगी की आस लिए बेहतर इलाज हेतु दिल्ली जा रहे थे। इस घोर संकट की घड़ी में उनका संबल बनकर उनके स्वजन अर्चना देवी और धूरू कुमार भी उनके साथ इस अभागी उड़ान में सफर कर रहे थे। हवा में मरीज की गहन चिकित्सा निगरानी और आपातकालीन सहायता सुनिश्चित करने के लिए एक विशेषज्ञ मेडिकल टीम भी मुस्तैद थी, जिसमें होनहार डॉक्टर विकास कुमार गुप्ता और समर्पित पैरामेडिक स्टाफ सचिन कुमार मिश्रा शामिल थे। दुखद रूप से इनमें से कोई भी इस हादसे में बच नहीं सका।
दुर्घटना की भनक लगते ही प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया और त्वरित कार्रवाई करते हुए सघन तलाशी अभियान का शंखनाद कर दिया गया। राहत और बचाव कार्य से जुड़े दल युद्ध स्तर पर घटनास्थल के आस-पास शवों और विमान के बिखरे मलबे की खोजबीन में पूरी मुस्तैदी से जुटे हुए हैं। यह विदारक घटना विमानन सुरक्षा मानकों और आपातकालीन चिकित्सा उड़ानों में अंतर्निहित जोखिमों पर एक गंभीर विमर्श की आवश्यकता को जन्म देती है। फिलहाल पूरे देश और राज्य की आंखें इस रेस्क्यू ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं तथा इस अकल्पनीय दुख की घड़ी में सभी पीड़ित और शोकाकुल परिवारों के प्रति गहरी संवेदनाएं व्यक्त की जा रही हैं।


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