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Editor: Naresh Prasad Soni
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हजारीबाग में नगर निगम चुनाव को लेकर प्रशासन ने कसी कमर, एसडीओ ने दिए संवेदनशील इलाकों की किलेबंदी और उपद्रवियों पर 'बाज जैसी नजर' रखने के निर्देश

 

हजारीबाग में नगर निगम चुनाव को लेकर प्रशासन ने कसी कमर, एसडीओ ने दिए संवेदनशील इलाकों की किलेबंदी और उपद्रवियों पर 'बाज जैसी नजर' रखने के निर्देश

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग: जिले में आसन्न नगर निगम चुनाव की सुगबुगाहट के बीच प्रशासनिक महकमा पूरी तरह से एक्शन मोड में आ गया है। चुनाव को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से संपन्न कराने के उद्देश्य से आज सदर अनुमंडल पदाधिकारी आदित्य पांडेय ने अपने कार्यालय में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक बुलाई। इस महत्वपूर्ण बैठक में सदर अनुमंडल क्षेत्र के सभी अंचल अधिकारियों और प्रखंड विकास पदाधिकारियों की मौजूदगी में विधि-व्यवस्था को लेकर कड़े तेवर दिखाए गए। एसडीओ ने स्पष्ट कर दिया है कि चुनाव के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

​बैठक में सबसे ज्यादा जोर सुरक्षा व्यवस्था और संवेदनशील इलाकों की पहचान पर दिया गया। अनुमंडल पदाधिकारी ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में सक्रिय असामाजिक तत्वों पर पैनी नजर रखने और जरूरत पड़ने पर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का निर्देश दिया है ताकि मतदाताओं के बीच भयमुक्त वातावरण तैयार किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि वे अभी से ही संवेदनशील बूथों और क्षेत्रों का आकलन कर लें और वहां सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करें। प्रशासन का पूरा जोर इस बात पर है कि



आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन न हो और चुनाव प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न हो।

​चुनावी तैयारियों की समीक्षा करते हुए एसडीओ ने मतदान केंद्रों पर मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा मानकों को समय रहते दुरुस्त करने की हिदायत दी है। उन्होंने सभी सीओ और बीडीओ को निर्देश दिया कि वे केवल कार्यालय में न बैठें बल्कि क्षेत्र का नियमित दौरा करें और हर छोटी-बड़ी गतिविधि की रिपोर्ट अनुमंडल कार्यालय को भेजें। प्रशासन ने यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए क्विक रिस्पांस टीम और अन्य तंत्र पूरी तरह तैयार रहें। इस बैठक ने स्पष्ट संदेश दिया है कि हजारीबाग प्रशासन स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव कराने के लिए पूरी मुस्तैदी के साथ तैयार है।

आत्मसमर्पित नक्सलियों और कैदियों के बच्चों को मिलेगी नई जिंदगी, सरकारी आवास दबाकर बैठे अफसरों पर भी डीसी ने कसा शिकंजा

 

आत्मसमर्पित नक्सलियों और कैदियों के बच्चों को मिलेगी नई जिंदगी, सरकारी आवास दबाकर बैठे अफसरों पर भी डीसी ने कसा शिकंजा

 नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग: उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह ने प्रशासनिक कार्यों में मानवीय संवेदना और अनुशासन का अनोखा संगम पेश करते हुए सामान्य शाखा की समीक्षा बैठक में कई अहम फैसले लिए हैं। उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि मुख्यधारा में लौटने वाले आत्मसमर्पित नक्सलियों को सरकार की सरेंडर पॉलिसी के तहत मिलने वाली तमाम सुविधाएं बिना किसी विलंब के मुहैया कराई जाएं ताकि वे सम्मानजनक जीवन जी सकें। इसके साथ ही प्रशासन ने झारखंड खुला जेल सह पुनर्वास केंद्र में रहने वाले कैदियों के जीवन स्तर को सुधारने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब यहां के कैदियों को कौशल विकास और प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। प्रशासन ने कैदियों के बच्चों के भविष्य की चिंता करते हुए दो से छह वर्ष के बच्चों को नजदीकी आंगनवाड़ी से जोड़ने और छह वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों का नामांकन शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत सरकारी स्कूलों में कराने का आदेश दिया है।

​बैठक में उपायुक्त ने शिक्षा और साक्षरता पर विशेष जोर देते हुए उल्लास योजना और ज्ञान केंद्र के जरिए शहरी क्षेत्र के निरक्षर नागरिकों को साक्षर बनाने की मुहिम को धरातल पर उतारने को कहा। अभिभावकों के लिए राहत की खबर यह है कि राइट टू एजुकेशन (आरटीई) पोर्टल आगामी 14 जनवरी को खोल दिया जाएगा जिससे नामांकन प्रक्रिया सुगम होगी। मानवाधिकार और एससी-एसटी आयोग से जुड़े मामलों पर भी गंभीरता दिखाते हुए उपायुक्त ने अधिकारियों को इन फाइलों का गहरा अध्ययन कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है ताकि लंबित मामलों का त्वरित निपटारा हो सके।

​प्रशासनिक सख्ती दिखाते हुए उपायुक्त ने उन अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी है जो स्थानांतरण के बावजूद लंबे समय से जिला स्तर के सरकारी आवासों पर कब्जा जमाए बैठे हैं। ऐसे सभी पदाधिकारियों को तत्काल नोटिस जारी करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा बैठक में झारखंड आंदोलनकारियों की पेंशन, शस्त्र अनुज्ञप्ति और बुजुर्गों के आयुष्मान कार्ड बनाने की प्रक्रिया में तेजी लाने का आदेश दिया गया ताकि आम जनता को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। उपायुक्त ने सभी संबंधित अधिकारियों को दो टूक कहा है कि इन निर्देशों का पालन केवल कागजों पर नहीं बल्कि धरातल पर समय सीमा के भीतर दिखना चाहिए।


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