Hazaribagh चुनाव: 'जनता की पुकार' पर मैदान में लौटीं गजाला परवीन, वार्ड 30 में नशामुक्ति और रुके विकास को दी प्राथमिकता
हजारीबाग समाहरणालय में नामांकन की गहमागहमी के बीच वार्ड नंबर 30 से पूर्व पार्षद गजाला परवीन ने अपनी दावेदारी पेश कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह चुनाव वे अपनी मर्जी से नहीं, बल्कि वार्ड की जनता के भारी दबाव और मांग पर लड़ रही हैं। गजाला परवीन ने मौजूदा व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि उनके कार्यकाल के बाद पिछले 5 सालों में गरीबों के आवास, वृद्धा और विधवा पेंशन जैसे जरूरी काम ठप पड़ गए और कई इलाकों में सड़क-नाली का निर्माण तक नहीं हो सका।
अपनी प्राथमिकताएं गिनाते हुए उन्होंने संकल्प लिया है कि जीतने के बाद वे सबसे पहले छूटे हुए विकास कार्यों को पूरा करेंगी और वार्ड को पूरी तरह 'नशामुक्त' बनाएंगी। उनके समर्थकों का कहना है कि जनता को गजाला परवीन के पिछले कार्यकाल पर भरोसा है, इसीलिए उन्हें दोबारा नेतृत्व देने के लिए आगे लाया गया है
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