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Hazaribagh Home Guard Recruitment: हजारीबाग होमगार्ड बहाली का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन 3 अगस्त से, अभ्यर्थियों ने अंबा प्रसाद को दिया धन्यवाद

 

Hazaribagh Home Guard Recruitment: हजारीबाग होमगार्ड बहाली का डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन 3 अगस्त से, अभ्यर्थियों ने पूर्व विधायक अंबा प्रसाद का जताया आभार

हजारीबाग:

हजारीबाग जिले में लंबे समय से लंबित होमगार्ड अभ्यर्थियों की नियुक्ति प्रक्रिया अब अपने अंतिम चरण में पहुँच गई है। जिला प्रशासन द्वारा सफल अभ्यर्थियों के लिए डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (दस्तावेज सत्यापन) का आधिकारिक आदेश जारी कर दिया गया है। आगामी 3 अगस्त से सत्यापन प्रक्रिया शुरू की जाएगी। आदेश जारी होते ही अभ्यर्थियों में खुशी की लहर दौड़ गई है।

​इस सफलता पर सफल अभ्यर्थियों ने पूर्व विधायक अंबा प्रसाद का विशेष आभार व्यक्त किया है और सोशल मीडिया पर बधाईयों का तांता लगा हुआ है।

सदन से सड़क तक संघर्ष लाया रंग: अभ्यर्थियों ने कहा- अंबा प्रसाद का योगदान अहम

​अभ्यर्थियों के अनुसार, तत्कालीन उपायुक्त द्वारा नियम विरुद्ध तरीके से पूरी बहाली प्रक्रिया को रद्द कर दिया गया था। इसके बाद पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने इस मुद्दे को विधानसभा में उठाया, मुख्यमंत्री, विभागीय मंत्री, विधानसभा समितियों और जिला प्रशासन के समक्ष लगातार पैरवी की।

  • लगातार दबाव और पैरवी: विधानसभा से लेकर सड़क तक इस मामले पर आवाज उठाने का ही परिणाम है कि आज बहाली प्रक्रिया पुनः शुरू हो सकी है।
  • अभ्यर्थियों की जीत: पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने भी डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन का आदेश जारी होने पर हर्ष व्यक्त करते हुए इसे अभ्यर्थियों के अटूट संघर्ष और धैर्य की जीत बताया है तथा सभी के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।

3 अगस्त से शुरू होगा दस्तावेज सत्यापन, इन कागजातों की होगी आवश्यकता

​जिला समादेष्टा (Home Guard Commandant) कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार:

  • प्रखंडवार तिथियाँ: 3 अगस्त से शुरू होने वाले डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए विभिन्न प्रखंडों के अभ्यर्थियों को अलग-अलग तिथियों में बुलाया गया है।
  • आवश्यक दस्तावेज: प्रशासन ने सभी सफल अभ्यर्थियों को निम्नलिखित मूल (Original) प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो तैयार रखने का निर्देश दिया है:
    • ​मूल शैक्षणिक प्रमाण पत्र (Educational Certificates)
    • ​जाति प्रमाण पत्र (Caste Certificate)
    • ​निवास प्रमाण पत्र (Residential Certificate)
    • ​पहचान पत्र (Identity Proof)
    • ​पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ

मेरिट लिस्ट के आधार पर मिलेंगे नियुक्ति पत्र

​दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी होने के बाद मेधा सूची (Merit List) के आधार पर अंतिम रूप से चयनित उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र सौंपे जाएंगे। इससे जिले के सैकड़ों युवाओं को स्थायी रोजगार का अवसर प्राप्त होगा.

Press Release - Hazaribagh Home Guard Recruitment Candidate Briefing


और पढ़ें:काल बनी कोल माइंस की हाईवा, 1 माह के भीतर अनाथ हुए बच्चे; अंबा प्रसाद की पहल पर 8 लाख मुआवजे और नौकरी पर बनी सहमति

Dharmendra Pradhan attacks Rahul Gandhi over NEET protest and Parliament debate

 

NEET और संसद सत्र में हंगामा: शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का राहुल गांधी पर हमला—'छात्रों के मुद्दे पर राजनीति कर रही कांग्रेस'

नई दिल्ली/हजारीबाग: संसद के मानसून सत्र के दौरान नीट (NEET) परीक्षा प्रणाली और अभ्यर्थियों के आंदोलन को लेकर राजनीतिक गतिरोध गहरा गया है। विपक्षी नेताओं द्वारा प्रधानमंत्री आवास के समीप किए गए प्रदर्शन के बाद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कांग्रेस और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा निशाना साधा है।

NEET विवाद पर Dharmendra Pradhan की तीखी प्रतिक्रिया! Rahul Gandhi और कांग्रेस पर बोला हमला।

​21 जुलाई 2026 को अपने आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल पर पोस्ट जारी करते हुए शिक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी देश के अभ्यर्थियों व युवाओं को अपने राजनीतिक स्वार्थ के लिए मोहरा बना रहे हैं।

​शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के बयान के प्रमुख बिंदु

​सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपनी बात रखते हुए शिक्षा मंत्री ने निम्नलिखित मुख्य बातें रखीं:

  • सुरक्षा नियमों की अनदेखी: राहुल गांधी और कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देकर आम नागरिकों के लिए बाधा उत्पन्न की और स्थापित सुरक्षा प्रोटोकॉल का उल्लंघन किया।
  • संसदीय बहस से दूरी का आरोप: सरकार ने सदन के पटल पर नीट परीक्षा से जुड़े सभी विषयों पर विस्तृत चर्चा की पूर्ण सहमति और तैयारी जताई थी। इसके बावजूद विपक्ष ने लोकतांत्रिक चर्चा के स्थान पर राजनीतिक प्रदर्शन का रास्ता चुना।
  • मुद्दों के समाधान के स्थान पर सुर्खियों की होड़: मंत्री के अनुसार, राहुल गांधी का प्राथमिक उद्देश्य छात्रों की समस्याओं का ठोस समाधान खोजना नहीं, बल्कि केवल राजनीतिक विवाद खड़ा कर सुर्खियां बटोरना है।
  • सदन में जवाबदेही के लिए प्रतिबद्धता: केंद्र सरकार युवाओं और अभ्यर्थियों की प्रत्येक वाजिब चिंता पर संसद में चर्चा करने के लिए पूरी तरह (100%) तैयार है।
  • पारदर्शिता और प्रशासनिक सुधार का आश्वासन: उन्होंने स्पष्ट किया कि देश के छात्र राजनीतिक अभियान का साधन नहीं हैं। उन्हें नारों के स्थान पर ठोस समाधान, अव्यवस्था की जगह स्पष्टता और हंगामे के स्थान पर संस्थागत सुधार की आवश्यकता है।

​परीक्षा प्रणाली में सुधार का भरोसा

​धर्मेंद्र प्रधान ने अपने वक्तव्य में कहा कि सरकार देश के अभ्यर्थियों के भविष्य को लेकर पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि अभ्यर्थियों को केवल विरोध नहीं, बल्कि परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, स्पष्ट उत्तर और स्थायी प्रशासनिक सुधार उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

​उल्लेखनीय है कि प्रतियोगी परीक्षाओं में अनियमितता के आरोपों को लेकर विपक्ष लगातार हमलावर है, जबकि सरकार का रुख है कि वह नियमों के तहत संसद के भीतर सभी प्रश्नों के उत्तर देने को तत्पर है।

और पढ़ें:Hazaribagh: NEET परीक्षा को लेकर मुफ़्सिल और लोहसिंघना पुलिस का एक्शन, होटलों-लॉज में विशेष चेकिंग।

Hazaribagh: अपनी कुर्सी के अहंकार में कांग्रेस ने देश को आपातकाल में जकड़ा; जैन धर्मशाला में बोले सांसद मनीष जायसवाल, जेल गए आंदोलनकारी सम्मानित!

 

🏛️ हजारीबाग: लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय है 1975 का आपातकाल: सांसद मनीष जायसवाल; भाजपा ने लोकतंत्र सेनानियों को किया सम्मानित

हजारीबाग: कांग्रेस सरकार द्वारा वर्ष 1975 में लगाए गए आपातकाल की विभीषिका और तानाशाही शासन को याद करते हुए शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हजारीबाग जिला इकाई द्वारा बड़ा बाजार स्थित जैन धर्मशाला सभागार में एक भव्य संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान आपातकाल के क्रूर दौर में लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले और जेल जाने वाले करीब एक दर्जन लोकतंत्र सेनानियों को शॉल ओढ़ाकर व अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया।

MP Manish Jaiswal, MLA Pradip Prasad, and BJP District President Vivekanand Singh honoring democracy fighters during a seminar on the 1975 Emergency at Jain Dharmshala.

कार्यक्रम की अध्यक्षता भाजपा जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह ने की, जबकि संचालन जिला महामंत्री जय नारायण प्रसाद व सर्वेश सिंह ने किया। धन्यवाद ज्ञापन प्रदेश कार्य समिति सदस्य सुदेश चंद्रवंशी द्वारा किया गया।

👥 मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए सांसद मनीष जायसवाल, कई दिग्गज रहे मौजूद

इस गरिमामयी संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के सांसद मनीष जायसवाल शामिल हुए। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में सदर विधायक प्रदीप प्रसाद, पूर्व सांसद यदुनाथ पांडे, भाजपा जिला संगठन प्रभारी सह पूर्व विधायक किशुन कुमार दास और प्रदेश मंत्री डॉ. अमरदीप यादव मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह द्वारा अतिथियों एवं 1974 के आंदोलन में भाग लेने वाले आंदोलनकारियों का स्वागत कर की गई।

🎖️ इन लोकतंत्र सेनानियों का हुआ भव्य सम्मान

देश और लोकतंत्र की रक्षा के लिए जेल की यातनाएं सहने वाले जिन प्रमुख आंदोलनकारियों को सम्मानित किया गया, उनमें मुख्य रूप से निम्नलिखित नाम शामिल हैं:

  • हरीश श्रीवास्तव

  • अशोक यादव

  • प्रोफेसर सुरेंद्र सिंहा

  • अरविंद सहाय

  • गायत्री राणा

  • मनजीत कलरा

  • श्याम किशोर सिंह

  • विनोध कुमार बिगन

  • शंभू अग्रवाल

  • शांति अग्रवाल

  • सुमन कुमार सिंहा

  • केपी ओझा

💬 अहंकार और सत्ता बचाने के लिए देश को बेड़ियों में जकड़ा गया: सांसद

संगोष्ठी में उपस्थित भारी जनसमुदाय को संबोधित करते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि 25 जून 1975 का दिन भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का वह सबसे कलंकित और काला अध्याय है, जिसे देश कभी नहीं भूल सकता। तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने सिर्फ अपनी सत्ता और कुर्सी को खतरे में देख, अपने राजनीतिक अहंकार के चलते पूरे देश को आपातकाल की बेड़ियों में जकड़ दिया था। इस 21 महीने के तानाशाही शासन में देशवासियों से उनकी बुनियादी स्वतंत्रता छीन ली गई थी।

जिला अध्यक्ष विवेकानंद सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि इस दौरान हजारों लोकतंत्र सेनानियों को न सिर्फ जेलों में डाला गया, बल्कि उन्हें अमानवीय यातनाएं भी दी गईं। सच को दबाने के लिए प्रेस की आजादी पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया था। आखिरकार देशवासियों के कड़े संघर्ष के बाद 21 मार्च 1977 को यह काला दौर समाप्त हुआ।

पूर्व सांसद यदुनाथ पांडे ने कहा कि भाजपा कांग्रेस के इस लोकतंत्र विरोधी चेहरे और काले इतिहास को जन-जन तक पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि आने वाली पीढ़ियां जागरूक रहें। सदर विधायक प्रदीप प्रसाद ने कहा कि आपातकाल के दौरान कांग्रेसियों द्वारा क्रूरता पूर्वक जिस तरह से जन भावना को कुचला गया, उसकी जानकारी आज के एक-एक बच्चे तक पहुंचाना जरूरी है।

👥 कार्यक्रम में भाजपा कार्यकर्ताओं और प्रबुद्ध नागरिकों की रही भारी भीड़

इस अवसर पर मुख्य रूप से अनिल मिश्रा, जिला पदाधिकारी उपेंद्र सिंह, रेणुका साहू, मंजू नंदिनी, अजीत बक्शी, मोर्चा जिला अध्यक्ष राजकरण पांडे, सैयद तनवीर अहमद, अजीत चंद्रवंशी, इंद्र नारायण कुशवाहा शामिल हुए। इसके साथ ही मंडल अध्यक्ष कुलदीप कृष्णा, प्रकाश कुशवाहा, अजीत कुशवाहा, शिवपाल यादव, विमल गुप्ता, वरिष्ठ भाजपा नेता दिनेश सिंह राठौड़, भुनेश्वर पटेल, अरुण वर्मा, विनय श्रीवास्तव, भोला प्रसाद, अविनाश कसेरा, दुर्गाराम चंद्रवंशी, दीपक मेहता, चंदन सिंह, रामाशंकर प्रसाद, राकेश चंद्रवंशी, टोनी जैन, अजय साहू, शैलेश चंद्रवंशी, तरुण कसेरा, राजेश वर्मा, विनोद ओझा, अरविंद सिकरवार, मिठू मेहता, मनोरमा राणा, हेमंती देवी, इंदु देवी, पूनम कसेरा, डॉक्टर शशी लता, नारायण शाह, नितेश भैया, ऋषि शर्मा सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित रहे। उक्त जानकारी भाजपा जिला महामंत्री सह जिला मीडिया प्रभारी जय नारायण प्रसाद द्वारा दी गई। 

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पश्चिम बंगाल के विधानसभा सोनामुखी (SC) सीट के पर्यवेक्षक बनाए गए पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह, कांग्रेस संगठन को मजबूत करने का लिया संकल्प

पश्चिम बंगाल के विधानसभा सोनामुखी (SC) सीट के पर्यवेक्षक बनाए गए पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह, कांग्रेस संगठन को मजबूत करने का लिया संकल्प

कांग्रेस का भरोसा मुन्ना सिंह पर, सोनामुखी (SC) सीट की सौंपी गई कमान

नरेश सोनी प्रधान सम्पादक, न्यूज़ प्रहरी।

हजारीबाग: पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के महासचिव एवं पश्चिम बंगाल प्रभारी गुलाम अहमद मीर के द्वारा शुक्रवार को जारी पत्र के माध्यम से आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए सोनामुखी (SC) विधानसभा सीट का पर्यवेक्षक नियुक्त किया गया है।

Munna Singh profile Photo 

इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने पर मुन्ना सिंह ने गुलाम अहमद मीर के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी नेतृत्व द्वारा उन पर जताया गया विश्वास उनके लिए सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी भी है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि वे पूर्ण निष्ठा, ईमानदारी और समर्पण के साथ इस दायित्व का निर्वहन करेंगे तथा संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने के लिए कार्य करेंगे।

उन्होंने अपने वक्तव्य में कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए कांग्रेस कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर संगठन को मजबूत करना होगा। उन्होंने पार्टी नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं से मिलकर पश्चिम बंगाल में कांग्रेस पार्टी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का आह्वान किया।उन्होंने कहा, यह जिम्मेदारी केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि पूरे संगठन की है।

हम सभी को मिलकर जनता के बीच कांग्रेस की विचारधारा और नीतियों को पहुंचाना है तथा आगामी चुनाव में पार्टी को मजबूत स्थिति में लाना है।

'तानाशाही नहीं चलेगी': एप्सटीन फाइल और बेरोजगारी के मुद्दे पर युवा कांग्रेस का उग्र सड़क संग्राम, पुतला दहन के दौरान भारी हंगामा

'तानाशाही नहीं चलेगी': एप्सटीन फाइल और बेरोजगारी के मुद्दे पर युवा कांग्रेस का उग्र सड़क संग्राम, पुतला दहन के दौरान भारी हंगामा

दारू/हजारीबाग: देश में व्याप्त बेरोजगारी और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बनी कुछ संवेदनशील रिपोर्टों को लेकर राजनीतिक गलियारों की तपिश अब सड़कों पर उग्र रूप धारण कर चुकी है। युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और विशेष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ एक विशाल और आक्रामक विरोध प्रदर्शन किया। "जब-जब मोदी डरता है, पुलिस के आगे झुकता है" और "तानाशाही नहीं चलेगी" जैसे गगनभेदी नारों के साथ प्रदर्शनकारियों ने पूरे इलाके को गुंजायमान कर दिया। हाथों में तख्तियां और चेहरों पर सत्ता के प्रति गहरा आक्रोश लिए, इन युवाओं का यह जत्था अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का उपयोग करते हुए सड़क पर उतर आया।

"सड़क पर उग्र प्रदर्शन करते युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता और 'पीएम इज कॉम्प्रोमाइज्ड' लिखी टी-शर्ट पहने प्रदर्शनकारी नेत्री, पुतला दहन के दौरान उत्पन्न हुआ भारी तनाव।"

​इस उग्र प्रदर्शन का मुख्य केंद्र बिंदु महिलाओं की सुरक्षा, कथित एप्सटीन फाइल से जुड़े विवादित संदर्भ और देश के युवाओं का अंधकारमय होता भविष्य रहा। 'पीएम इज कॉम्प्रोमाइज्ड' (PM IS COMPROMISED) लिखी श्वेत टी-शर्ट पहने युवा कांग्रेस की एक प्रमुख नेत्री ने सत्ता पक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए स्पष्ट किया कि देश का युवा अब मूकदर्शक बनकर नहीं बैठेगा। उनका स्पष्ट आरोप था कि जिस सरकार को रोजगार सृजन और महिला सशक्तिकरण पर ध्यान देना चाहिए था, वह अब सवालों से भाग रही है और विपक्ष की आवाज को कुचलने का कुत्सित प्रयास कर रही है। प्रदर्शनकारियों का यह हुजूम अपने संकल्प पर अडिग था कि वे सत्ता के इस कथित अहंकार को चूर-चूर करके ही दम लेंगे।

​हालाँकि, यह शांतिपूर्ण और पूर्व-अनुमोदित विरोध प्रदर्शन उस वक्त एक हिंसक और अराजक झंझावात में तब्दील हो गया, जब प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री का पुतला दहन कर रहे थे। नेत्री के कड़े शब्दों के अनुसार, उन्होंने अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) से विधिवत अनुमति प्राप्त कर रखी थी, इसके बावजूद कुछ असामाजिक तत्वों और विरोधी विचारधारा के समर्थकों ने आकर माहौल को विषाक्त कर दिया। वीडियो के दृश्यों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि विरोधियों ने धधकते हुए पुतले को सड़क किनारे फेंक दिया, जिसके बाद स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण से बाहर हो गई।

​पुतले को फेंके जाने की इस घटना ने आग में घी का काम किया और दोनों गुटों के बीच तीखी नोकझोंक और धक्का-मुक्की शुरू हो गई। एक ओर जहाँ युवा कांग्रेस के कार्यकर्ता अपने लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाते हुए आक्रोशित थे, वहीं दूसरी ओर से 'जय श्री राम' के गगनभेदी उद्घोष के साथ उन्हें दबाने की पुरजोर कोशिश की गई। बीच सड़क पर हुई यह वैचारिक और शारीरिक भिड़ंत इस बात का ज्वलंत प्रमाण है कि राजनीतिक असहिष्णुता अपने चरम पर पहुँच चुकी है। एक लोकतांत्रिक और धर्मनिरपेक्ष राष्ट्र में, जहाँ अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक मौलिक अधिकार है, वहाँ इस तरह सरेआम विपक्ष की आवाज को बलपूर्वक रोकने का यह कृत्य प्रशासन की कार्यशैली और समाज में बढ़ती राजनीतिक कटुता पर एक अत्यंत गंभीर प्रश्नचिह्न अंकित करता है।

हजारीबाग निकाय महासंग्राम, कांग्रेस ने चला मास्टरस्ट्रोक, मोहम्मद तसलीम अंसारी होंगे महापौर पद के चेहरा, सर्वसम्मति के उद्घोष से गूंजा आश्रम

हजारीबाग निकाय महासंग्राम, कांग्रेस ने चला मास्टरस्ट्रोक, मोहम्मद तसलीम अंसारी होंगे महापौर पद के चेहरा, सर्वसम्मति के उद्घोष से गूंजा आश्रम


हजारीबाग नगर निगम चुनाव की रणभेरी बजते ही शहर का राजनीतिक तापमान अपने उफान पर है। इसी सियासी तपिश के बीच हजारीबाग जिला कांग्रेस कमेटी ने बुधवार को एक ऐतिहासिक और निर्णायक कदम उठाते हुए चुनावी बिसात पर अपनी चाल चल दी है। शहर के हृदय स्थल स्थित कृष्ण बल्लभ आश्रम में जिला कांग्रेस कार्यकारिणी की एक अतिमहत्वपूर्ण बैठक आहूत की गई, जो देर तक चले गहन चिंतन और मंथन का साक्षी बनी। पूर्व मंत्री सह जिला अध्यक्ष जय प्रकाश भाई पटेल की अध्यक्षता में संपन्न हुए इस सांगठनिक महाजूटान में पार्टी ने एक स्वर और एक मत से महापौर पद के लिए मोहम्मद तसलीम अंसारी के नाम पर अपनी अंतिम मुहर लगा दी है। इस घोषणा के साथ ही कांग्रेस ने चुनावी समर में अपने इरादे स्पष्ट कर दिए हैं।

बैठक का वातावरण अभूतपूर्व उत्साह और सांगठनिक एकजुटता से ओत-प्रोत रहा। अध्यक्षीय संबोधन में जय प्रकाश भाई पटेल ने कार्यकर्ताओं में जोश भरते हुए कहा कि पार्टी ने व्यापक विचार-विमर्श और जनभावनाओं को टटोलने के पश्चात ही मोहम्मद तसलीम अंसारी को अपना समर्थन देने का रणनीतिक निर्णय लिया है। उन्होंने हुंकार भरते हुए कहा कि यह निर्णय न केवल शहर के विकास को नई दिशा देगा, बल्कि विपक्षी खेमे में खलबली मचाने के लिए भी पर्याप्त है। सदन में उपस्थित वरिष्ठ नेताओं और सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने करतल ध्वनि और हाथ उठाकर इस प्रस्ताव का पुरजोर स्वागत किया, जिससे यह स्पष्ट हो गया कि पार्टी पूरी शक्ति के साथ अपने प्रत्याशी के पीछे खड़ी है।

इस महत्वपूर्ण अवसर पर पार्टी के शीर्ष नेतृत्व और दिग्गजों का जमावड़ा भी देखने को मिला, जिन्होंने अपनी उपस्थिति से इस निर्णय को और अधिक गुरुत्वाकर्षण प्रदान किया। सदर विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी मुन्ना सिंह, प्रदेश सचिव अवधेश कुमार सिंह, शशि मोहन सिंह, बिनोद सिंह और पूर्व जिला अध्यक्ष आबिद अंसारी जैसे कद्दावर नेताओं ने मंच साझा करते हुए चुनावी रणनीति की रूपरेखा तैयार की। संगठन की रीढ़ माने जाने वाले जिला मीडिया प्रभारी निसार खान, नगर अध्यक्ष परवेज अहमद और सेवादल अध्यक्ष गुड्डू सिंह ने जमीनी स्तर पर किलेबंदी मजबूत करने का आह्वान किया। वहीं, महिला और ओबीसी वर्ग का प्रतिनिधित्व करते हुए प्रदेश सचिव रेणू कुशवाहा और महिला कांग्रेस प्रदेश महासचिव बेबी देवी ने भी अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई।

बैठक में वरिष्ठ कांग्रेसी विरेन्द्र कुमार सिंह, राजू चौरसिया, दिगम्बर प्रसाद मेहता, डॉ. प्रकाश कुमार, लाल बिहारी सिंह, गोविंद राम और कैलाश पति देव जैसे अनुभवी सिपहसालारों के साथ-साथ युवाओं का भी तांता लगा रहा। दिलीप कुमार रवि, राजीव कुमार मेहता, जावेद इकबाल, सदरूल होदा, विजय कुमार सिंह, मनोज मोदी, शारदा रंजन दुबे और सलीम रजा सहित अजय गुप्ता, मोहम्मद वारिस, नरसिंह प्रजापति, अजय कुमार यादव, उषा रानी, अनिल कुमार भुईंया, निसार अहमद भोला, अर्जुन नायक, मुस्ताक अंसारी, दरगाही खान, मनोज मेहता, मंसुर आलम, सैयद अशरफ अली, सतीश प्रसाद मेहता और अजय राणा जैसे निष्ठावान कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ ने आश्रम परिसर को कांग्रेसमय कर दिया। सैकड़ों कांग्रेसियों की यह एकजुटता इस बात का प्रमाण है कि पार्टी ने तसलीम अंसारी के नेतृत्व में नगर निगम पर अपना परचम लहराने के लिए कमर कस ली है।


आम बजट को अंबा प्रसाद ने बताया 'कॉरिडोर बजट', कहा- वित्त मंत्री की साड़ी के रंग से तय हो रही राज्यों की किस्मत

आम बजट को अंबा प्रसाद ने बताया 'कॉरिडोर बजट', कहा- वित्त मंत्री की साड़ी के रंग से तय हो रही राज्यों की किस्मत

रांची/हजारीबाग। कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने केंद्रीय बजट पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए इसे 'कॉरिडोर बजट' करार दिया है। उन्होंने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि वित्त मंत्री का यह वित्तीय दस्तावेज केवल कॉरिडोर्स की घोषणाओं तक सीमित है, जबकि इसमें देश के ज्वलंत मुद्दों जैसे बेरोजगारी और औद्योगिकीकरण के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं है। अंबा प्रसाद ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर तंज कसते हुए कहा कि बजट आवंटन का पैमाना अब आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि वित्त मंत्री की 'साड़ी' बन गई है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि वित्त मंत्री जिस राज्य की वेशभूषा या साड़ी धारण कर सदन में आती हैं, बजट की झोली उसी प्रांत के लिए खुलती है, जबकि अन्य राज्यों के हिस्से केवल निराशा आती है।

​अंबा प्रसाद ने पूर्वी भारत की उपेक्षा पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे खनिज संपदा से परिपूर्ण राज्यों के लिए बजट में कुछ भी नहीं है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर भी सरकार को घेरा और कहा कि तीन नए एम्स खोलने का प्रस्ताव महज कागजी है, क्योंकि दिल्ली को छोड़कर देश के बाकी एम्स की स्थिति आज किसी साधारण जिला अस्पताल से बेहतर नहीं है। आर्थिक मोर्चे पर सरकार की विफलताओं को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत गिरकर 91 रुपये हो गई है, जो अर्थव्यवस्था की नाजुक स्थिति को बयां करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास बैंकिंग और औद्योगिक क्षेत्र में जान फूंकने और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए कोई नीति नहीं है।

​पूर्व विधायक ने केंद्र सरकार पर संघीय ढांचे की धज्जियां उड़ाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बजट में झारखंड के जीएसटी रिफंड के तौर पर बकाये 1.5 लाख करोड़ रुपये की वापसी का कोई जिक्र न होना राज्य के साथ घोर अन्याय है। अंबा प्रसाद ने कहा कि कैग की वार्षिक रिपोर्ट और बजट के आंकड़ों में भारी विरोधाभास है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने आम आदमी को महंगाई से राहत देने के बजाय टैक्स चोरों के लिए सजा को जुर्माने में बदलकर उन्हें अभयदान दिया है। उनके अनुसार, यह बजट केवल भाजपा शासित राज्यों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।

बजट को मुन्ना सिंह ने बताया 'छलावा', कहा- कॉरपोरेट पर मेहरबान और झारखंड के विकास पर कुठाराघात

बजट को मुन्ना सिंह ने बताया 'छलावा', कहा- कॉरपोरेट पर मेहरबान और झारखंड के विकास पर कुठाराघात

रांची। केंद्र सरकार द्वारा संसद के पटल पर रखे गए वित्त वर्ष 2026-27 के आम बजट को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने सिरे से खारिज करते हुए इसे आंकड़ों की बाजीगरी करार दिया है। मुन्ना सिंह ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट आम आवाम की आशाओं पर तुषारापात है और जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वित्त मंत्री का लंबा-चौड़ा भाषण महज एक शब्दजाल साबित हुआ है जिसमें पारदर्शिता का घोर अभाव परिलक्षित होता है। मुन्ना सिंह के अनुसार देश का मध्यम वर्ग, किसान और मजदूर इस बजट से राहत की आस लगाए बैठे थे लेकिन सरकार ने उनकी झोली में केवल मायूसी डाली है।

मुन्ना सिंह ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सुरसा की मुंह की तरह बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के दंश को झेल रहे युवाओं के लिए इस वित्तीय दस्तावेज में कोई भी ठोस रोडमैप नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से आदिवासी बहुल और पिछड़े राज्य झारखंड की उपेक्षा पर रोष जताते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए राज्य को कोई विशेष पैकेज न देना केंद्र के सौतेले व्यवहार को उजागर करता है। उनके मुताबिक यह बजट पूरी तरह से कॉरपोरेट घरानों के हितों को साधने वाला है जबकि इसमें गांव, गरीब और खेत-खलिहान की घोर उपेक्षा की गई है। उन्होंने इसे दिशाहीन और जनविरोधी दस्तावेज बताते हुए कहा कि सरकार ने वास्तविक बजटीय आवंटन को स्पष्ट करने के बजाय केवल लोकलुभावन घोषणाओं का झुनझुना थमाया है जिससे आम आदमी की आर्थिक रीढ़ और कमजोर होगी।


झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री का भाजपा पर तीखा राजनीतिक हमला: अंसारी ने कहा- भाजपा का विमर्श 'मियां, मुसलमान और पाकिस्तान', जबकि कांग्रेस का ध्येय समान- 'रोटी, कपड़ा और मकान'


झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री का भाजपा पर तीखा राजनीतिक हमला: अंसारी ने कहा- भाजपा का विमर्श 'मियां, मुसलमान और पाकिस्तान', जबकि कांग्रेस का ध्येय समान-


'रोटी, कपड़ा और मकान'

रांची: झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो साझा करते हुए भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली और वैचारिक अधिष्ठान पर कड़ा प्रहार किया है। सोशल मीडिया पर जारी इस वीडियो संदेश में मंत्री ने कांग्रेस पार्टी की ऐतिहासिक उपलब्धियों और जन-सरोकार से जुड़ी नीतियों को रेखांकित किया। अपने ओजस्वी संबोधन में उन्होंने जोर देकर कहा कि कांग्रेस का मूल मंत्र सदैव "रोटी, कपड़ा और मकान" रहा है, जो देश के आम नागरिक की बुनियादी आवश्यकताओं और जीवन स्तर के उन्नयन का प्रतीक है।

​सत्तारूढ़ केंद्र सरकार पर तीखा कटाक्ष करते हुए इरफान अंसारी ने आरोप लगाया कि भाजपा ने देश के राजनीतिक विमर्श की दिशा बदल दी है। उन्होंने खेद व्यक्त करते हुए कहा कि जहाँ कांग्रेस विकास, रोजगार और जन-कल्याण की बात करती है, वहीं भाजपा की राजनीति केवल "मियां, मुसलमान और पाकिस्तान" जैसे ध्रुवीकरण करने वाले भावनात्मक मुद्दों के इर्द-गिर्द घूमती है। स्वास्थ्य मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जनता को काम और विकास चाहिए, न कि समाज को बांटने वाले मुद्दे।

​युवा वर्ग को विशेष रूप से संबोधित करते हुए उन्होंने चिंता जाहिर की कि वर्तमान में कुछ युवा भ्रमित होकर भाजपा के प्रभाव में हैं। हालांकि, उन्होंने पूर्ण विश्वास व्यक्त किया कि जैसे ही युवाओं को वास्तविकता का भान होगा और पेट की भूख तथा रोजगार का संकट उनके सामने खड़ा होगा, वे भाजपा की नीतियों को त्याग देंगे। उन्होंने दावा किया कि भविष्य में जनता पुनः कांग्रेस की विकासवादी विचारधारा को अपनाएगी और पार्टी को पूर्ण समर्थन देगी। मंत्री द्वारा साझा किए गए इस वीडियो में उपस्थित जनसमूह उनके विचारों का नारों और तालियों के साथ पुरजोर समर्थन करता दिखाई दे रहा है।

मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना राष्ट्रपिता का अपमान, कांग्रेस ने किया चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान

 मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना राष्ट्रपिता का अपमान, कांग्रेस ने किया चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 


हजारीबाग। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने की खबरों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। हजारीबाग स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय कृष्ण बल्लभ आश्रम में शनिवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान जिला कांग्रेस मीडिया अध्यक्ष निसार खान ने इसे राष्ट्रपिता का घोर अपमान करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मनरेगा का नाम बदलकर 'जी राम जी' करके बापू की विचारधारा और उनके योगदान को मिटाने की साजिश रच रही है, जिसे कांग्रेस पार्टी कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।

निसार खान ने आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि इस निर्णय के खिलाफ कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। विरोध प्रदर्शन का आगाज 11 जनवरी को होगा, जब जिला मुख्यालयों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर महात्मा गांधी या डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष कांग्रेसी कार्यकर्ता एक दिवसीय उपवास रखेंगे। इसके बाद जन-जागरण के लिए 12 जनवरी से 29 जनवरी तक जिले की सभी ग्राम पंचायतों में चौपाल और सघन जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। बापू की पुण्यतिथि 30 जनवरी को वार्ड और ब्लॉक स्तर पर शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा, ताकि सरकार तक जनता की आवाज पहुंचाई जा सके।

विरोध के अगले चरण में 31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला उपायुक्त कार्यालय के समक्ष 'मनरेगा बचाओ' धरना प्रदर्शन किया जाएगा और विधेयक वापस लेने की मांग करते हुए उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा। आंदोलन को और तेज करते हुए 7 फरवरी से 15 फरवरी तक राज्य स्तरीय विधानसभा घेराव का कार्यक्रम तय किया गया है। अंत में 16 फरवरी से 25 फरवरी तक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा चार प्रमुख क्षेत्रीय रैलियों के आयोजन के साथ इस महाअभियान का समापन होगा। प्रेस वार्ता में प्रदेश सचिव बिनोद सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष आबिद अंसारी, युवा कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष कोमल कुमारी और जिला महासचिव दिलीप कुमार रवि ने भी केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की और आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।


कांग्रेस के विचार धारा को जिला, प्रखंड, मंडल, पंचायत तथा बुथ स्तर पर जन-जन तक पहुंचाए : रमा खलको

कांग्रेस के विचार धारा को जिला, प्रखंड, मंडल, पंचायत तथा बुथ स्तर पर जन-जन तक पहुंचाए : रमा खलको

हजारीबाग : संगठन सृजन अभियान 2025 के अंतर्गत जिला कांग्रेस कार्यालय कृष्ण बल्लभ आश्रम में जिला महिला कांग्रेस के तत्वावधान एक महत्वपूर्ण बैठक का आयोजन किया गया । बैठक की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष बेबी देवी ने की । बैठक में मुख्य अतिथि झारखंड प्रदेश महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रमा खलको ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि संगठन सृजन अभियान अपने अंतिम चरण पर है । इसलिए विशेषकर सभी जिम्मेदार पदाधिकारियों को अपना दायित्व तथा कर्तव्य को निष्ठापूर्वक समझना होगा । संगठन के व्यापक हित में उन्होंने जिला, प्रखंड, मंडल, पंचायत तथा बुथ लेवल एजेंट कार्यकर्ताओं को कांग्रेस कि विचारधारा को जन-जन तक पहूंचाने के का कार्य करें । उन्होंने कहा कि कांग्रेस का संगठन कैसे मजबूत हो, समाज के अंतिम व्यक्ति के घर तक संगठन की पहुंच कैसे बढ़े इसी सोच के साथ संगठन ने अधिक जान फुकने के की कवायद चल रही है । देश के तेजतर्रार नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा उठाए जा रहे जन मुद्दों को सांगठनिक रणनीति से सफल बनाना है तब कहीं संगठन को गति और आन्दोलन को सफलता मिलेगी  ।  जिला अध्यक्ष बेबी देवी ने कहा कि जिला कमिटी के नेतृत्व में लगातार भाजपा की केन्द्र सरकार के विरोध में आंदोलन किए जा रहें हैं । प्रखंड स्तर, मंडल स्तर, बुथ स्तर और बीएलए दो गठन का कार्य हो रहा है । संगठन में नए लोंगो को बड़े पैमाने पर जोड़ा जा रहा है । कार्यक्रम का संचालन चौपारण प्रखंड अध्यक्ष प्रिती गुप्ता जबकी धन्यवाद ज्ञापन जिला कांग्रेस के मीडिया अध्यक्ष निसार खान ने किया । मौके पर प्रदेश महासचिव मिनू सिंह, कल्पना भगत, अनस्तसिया मुर्मू, सुनैना देवी, ऊषा रानी, शबाना खातून, कंचन महतो, पूजा कुमारी, रिंकू देवी, गुड़िया देवी, शांति देवी, मुनिया देवी, धनवा देवी, फुलमति देवी, कौशल्या देवी, सरिता देवी, संजू देवी, मंजू देवी, चिंता देवी, रिना देवी, निशा देवी, सुजाता कुमारी, मुनिया देवी, दुलारी देवी, कंचन माला देवी, मुंदरी देवी, रूबी देवी, आरती कुमारी, सुजाता देवी,  कंचन देवी, रीना देवी, मालती देवी, मोसेमात वीणा देवी, रूना देवी, वीणा देवी के अतिरिक्त कई महिला उपस्थित थे ।
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