विकास योजनाओं में लेत-लतीफी बर्दाश्त नहीं, डीडीसी रिया सिंह ने अफसरों को दिया 'डेडलाइन' का अल्टीमेटम
हजारीबाग। जिले में चल रही ग्रामीण विकास की योजनाओं की धीमी रफ्तार अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उपायुक्त शशि प्रकाश सिंह के निर्देश पर सोमवार को हजारीबाग समाहरणालय में आयोजित समीक्षा बैठक में उप विकास आयुक्त (डीडीसी) रिया सिंह के तेवर सख्त नजर आए। उन्होंने जिले के तमाम प्रखंड विकास पदाधिकारियों और कार्यक्रम समन्वयकों के साथ मैराथन बैठक करते हुए स्पष्ट कर दिया कि फाइलों में दबी पुरानी और लंबित योजनाओं को रणनीति बनाकर हर हाल में समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए।
बैठक का मुख्य केंद्र बिंदु आम आदमी से जुड़ी मनरेगा और आवास योजनाएं रहीं। डीडीसी ने प्रधानमंत्री आवास योजना, अबुआ आवास और बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर आवास योजना की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि सालों से अधूरे पड़े आवासों को तत्काल पूर्ण कराया जाए और नए स्वीकृत आवासों के निर्माण की तैयारी युद्धस्तर पर शुरू हो। उन्होंने दो टूक कहा कि पूर्ण हो चुकी योजनाओं की जियो-टैगिंग में कोताही न बरती जाए और सभी प्रखंडों में इसे शत-प्रतिशत सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही एफटीओ जनरेशन और एरिया ऑफिसर की निरीक्षण रिपोर्ट में तेजी लाने का कड़ा निर्देश दिया गया ताकि जमीनी स्तर पर काम दिखता रहे।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के उद्देश्य से डीडीसी ने जेएसएलपीएस के कार्यों की भी गहन समीक्षा की। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के लिए क्रेडिट लिंकेज और मुद्रा लोन की प्रक्रिया में तेजी लाने की हिदायत दी, ताकि ग्रामीणों को स्वरोजगार के अवसर मिल सकें। इसके अलावा विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में बनी 'पोषण वाटिका' की बदहाली पर भी चिंता जताई गई और उनकी समुचित देखभाल के निर्देश दिए गए। पंचायती राज विभाग के तहत 15वें वित्त आयोग के कार्यों और पंचायत भवनों में बुनियादी सुविधाओं की बहाली को लेकर भी अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई। बैठक में प्रशिक्षु आईएएस, सभी बीडीओ और डीपीएम समेत कई विभागीय कर्मी मौजूद रहे, जिन्हें अब 'एक्शन मोड' में काम करने को कहा गया है।
