मनरेगा से महात्मा गांधी का नाम हटाना राष्ट्रपिता का अपमान, कांग्रेस ने किया चरणबद्ध आंदोलन का ऐलान
नरेश सोनी विशेष संवाददाता
हजारीबाग। केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा योजना से महात्मा गांधी का नाम हटाए जाने की खबरों को लेकर कांग्रेस पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। हजारीबाग स्थित जिला कांग्रेस कार्यालय कृष्ण बल्लभ आश्रम में शनिवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता के दौरान जिला कांग्रेस मीडिया अध्यक्ष निसार खान ने इसे राष्ट्रपिता का घोर अपमान करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार मनरेगा का नाम बदलकर 'जी राम जी' करके बापू की विचारधारा और उनके योगदान को मिटाने की साजिश रच रही है, जिसे कांग्रेस पार्टी कभी बर्दाश्त नहीं करेगी।
निसार खान ने आंदोलन की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए कहा कि इस निर्णय के खिलाफ कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी। विरोध प्रदर्शन का आगाज 11 जनवरी को होगा, जब जिला मुख्यालयों और प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर महात्मा गांधी या डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के समक्ष कांग्रेसी कार्यकर्ता एक दिवसीय उपवास रखेंगे। इसके बाद जन-जागरण के लिए 12 जनवरी से 29 जनवरी तक जिले की सभी ग्राम पंचायतों में चौपाल और सघन जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा। बापू की पुण्यतिथि 30 जनवरी को वार्ड और ब्लॉक स्तर पर शांतिपूर्ण धरना दिया जाएगा, ताकि सरकार तक जनता की आवाज पहुंचाई जा सके।
विरोध के अगले चरण में 31 जनवरी से 6 फरवरी तक जिला उपायुक्त कार्यालय के समक्ष 'मनरेगा बचाओ' धरना प्रदर्शन किया जाएगा और विधेयक वापस लेने की मांग करते हुए उपायुक्त को ज्ञापन सौंपा जाएगा। आंदोलन को और तेज करते हुए 7 फरवरी से 15 फरवरी तक राज्य स्तरीय विधानसभा घेराव का कार्यक्रम तय किया गया है। अंत में 16 फरवरी से 25 फरवरी तक अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा चार प्रमुख क्षेत्रीय रैलियों के आयोजन के साथ इस महाअभियान का समापन होगा। प्रेस वार्ता में प्रदेश सचिव बिनोद सिंह, पूर्व जिला अध्यक्ष आबिद अंसारी, युवा कांग्रेस की प्रदेश उपाध्यक्ष कोमल कुमारी और जिला महासचिव दिलीप कुमार रवि ने भी केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की और आंदोलन को सफल बनाने का संकल्प लिया।



