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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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अवैध हथियारों की 'फैक्ट्री' का पर्दाफाश: अनगड़ा में भारी मात्रा में निर्मित व अर्द्धनिर्मित हथियार बरामद


अवैध हथियारों की 'फैक्ट्री' का पर्दाफाश: अनगड़ा में भारी मात्रा में निर्मित व अर्द्धनिर्मित हथियार बरामद

राँची: राजधानी के ग्रामीण इलाकों में अवैध हथियारों के नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में राँची पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। वरीय पुलिस अधीक्षक को प्राप्त गुप्त सूचना के आधार पर अनगड़ा थाना क्षेत्र के सीताडीह गांव में संचालित एक अवैध शस्त्र निर्माण इकाई का भंडाफोड़ किया गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ग्रामीण के कुशल निर्देशन एवं पुलिस निरीक्षक अनगड़ा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम द्वारा की गई।

शुक्रवार की शाम जब पुलिस की टीम ने सीताडीह स्थित संदिग्ध ठिकाने पर अचानक दबिश दी, तो वहाँ का नजारा चौंकाने वाला था। घर की सघन तलाशी के दौरान भारी मात्रा में अवैध अग्नेयास्त्र और उन्हें बनाने वाले उपकरण बरामद किए गए। पुलिस की सख्ती के आगे घुटने टेकते हुए आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और घर के विभिन्न हिस्सों सहित पीछे रखे एल्वेस्टर के नीचे छिपाकर रखे गए हथियारों की जानकारी दी।

इस छापामारी अभियान में पुलिस ने कुल उन्नीस निर्मित सिंगल बैरल देशी बंदूकें बरामद की हैं। इसके अतिरिक्त चार अर्द्धनिर्मित अग्नेयास्त्र और शस्त्र बनाने के कई महत्वपूर्ण उपकरण भी जब्त किए गए हैं। जब पकड़े गए व्यक्ति से इन हथियारों के संबंध में वैध दस्तावेज मांगे गए, तो वह कोई भी कागजात पेश करने में विफल रहा।

पुलिस के अनुसार, यह गिरोह अवैध रूप से हथियारों का निर्माण कर उन्हें विभिन्न क्षेत्रों में खपाने की योजना बना रहा था। वर्तमान में पुलिस ने अभियुक्त के विरुद्ध सुसंगत धाराओं के तहत कांड दर्ज कर उसे हिरासत में ले लिया है। इस सफल उद्भेदन से क्षेत्र में सक्रिय अपराधी तत्वों के मनोबल पर गहरी चोट पहुंची है। फिलहाल पुलिस इस नेटवर्क से जुड़े अन्य संभावित कड़ियों की पड़ताल में जुटी है ताकि हथियारों की इस अवैध तस्करी की जड़ों तक पहुँचा जा सके।


मंईयां सम्मान योजना से स्वावलंबन की नई राह - झारखंड की महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार हेतु सुलभ ऋण

मंईयां सम्मान योजना से स्वावलंबन की नई राह - झारखंड की महिलाओं को मिलेगा स्वरोजगार हेतु सुलभ ऋण

रांची। महिला सशक्तिकरण के संकल्प को धरातल पर उतारते हुए झारखंड सरकार ने राज्य की नारी शक्ति को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक युगांतरकारी निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के नेतृत्व में संचालित 'मंईयां सम्मान योजना' अब केवल मासिक आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि यह प्रदेश की लाखों बहनों के लिए स्वरोजगार का प्रवेश द्वार बनेगी। राज्य सरकार ने योजना की लाभार्थियों को बैंकों के माध्यम से बीस हजार रुपये तक का ऋण उपलब्ध कराने की व्यापक कार्ययोजना तैयार की है ताकि वे लघु उद्योग अथवा छोटे व्यवसाय के माध्यम से अपने भविष्य को स्वर्णिम रूप दे सकें।
वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने इस दूरगामी पहल की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया है कि महिलाओं को आर्थिक सुरक्षा प्रदान करने वाली इस व्यवस्था को आगामी वित्तीय बजट में प्रमुखता से सम्मिलित किया जाएगा। सरकार का यह कदम उन महिलाओं के लिए संजीवनी सिद्ध होगा जो कम पूंजी के अभाव में अपने हुनर को व्यवसाय में परिवर्तित नहीं कर पा रही थीं। प्रति माह दी जाने वाली पच्चीस सौ रुपये की सम्मान राशि के साथ-साथ अब ऋण की यह सुविधा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों की महिलाओं को स्वावलंबी बनाने में मील का पत्थर साबित होगी।
इस ऐतिहासिक निर्णय का मूल उद्देश्य प्रदेश की मातृशक्ति को ऋण के बोझ से मुक्त रखते हुए उन्हें उद्यमिता की मुख्यधारा से जोड़ना है। सरकार की इस पहल से न केवल महिलाओं का आत्मविश्वास जागृत होगा बल्कि राज्य की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी नई गति प्राप्त होगी। मंईयां सम्मान योजना के माध्यम से सशक्त होती ये बहनें अब स्वयं के कौशल से अपने परिवार की आर्थिक सुदृढ़ता का आधार बनेंगी। यह कदम झारखंड सरकार की उस प्रतिबद्धता को दर्शाता है जहाँ जनकल्याणकारी नीतियों के केंद्र में नारी शक्ति का उत्थान और सर्वांगीण विकास समाहित है।

केंद्रीय बजट पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का तीखा प्रहार, बजट को बताया 'हार्ट अटैक' लाने वाला दस्तावेज, कहा- जनता के जख्मों पर मरहम नहीं बल्कि पेट्रोल छिड़का गया


केंद्रीय बजट पर स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी का तीखा प्रहार, बजट को बताया 'हार्ट अटैक' लाने वाला दस्तावेज, कहा- जनता के जख्मों पर मरहम नहीं बल्कि पेट्रोल छिड़का गया

रांची: झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री इरफान अंसारी ने केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट पर अपनी तीखी और आक्रामक प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इस बजट को जनता के साथ एक बड़ा धोखा और गुमराह करने वाला दस्तावेज करार देते हुए कहा कि यह बजट आम आदमी को राहत देने वाला नहीं, बल्कि 'हार्ट अटैक' लाने वाला साबित होगा। मंत्री ने केंद्र सरकार पर झारखंड के साथ सौतेला व्यवहार करने का गंभीर आरोप लगाया और कहा कि राजधानी रांची को एम्स (AIIMS) न देकर केंद्र ने राज्य की जनता की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है। उनका कहना था कि स्वास्थ्य जैसी बुनियादी जरूरतों पर सरकार पूरी तरह विफल रही है और इलाज के लिए तरसते गरीबों के लिए इस बजट में कोई ठोस उपाय नहीं किए गए हैं।

​मंत्री इरफान अंसारी ने बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दे पर केंद्र सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए कहा कि देश का युवा आज खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है क्योंकि बजट में न तो नौकरी की गारंटी है और न ही भर्ती की कोई समय सीमा तय की गई है। उन्होंने कहा कि मध्यम वर्ग से लेकर गरीब तबके तक हर व्यक्ति महंगाई से त्रस्त है, लेकिन सरकार ने टैक्स में कोई छूट न देकर उनकी कमर तोड़ दी है। महिलाओं की रसोई का बजट बिगड़ा हुआ है, गैस सिलेंडर के दाम कम नहीं हुए और दाल-तेल जैसी आवश्यक वस्तुओं की कीमतें आसमान छू रही हैं, जिससे गृहणियों में भारी निराशा है। किसानों की बदहाली का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि खेत में पसीना बहाने वाले अन्नदाता को एमएसपी और सिंचाई के मामले में सरकार की चुप्पी ने निराश किया है।

​अपने बयान के अंत में इरफान अंसारी ने इस बजट को 'विकास का नहीं बल्कि जुमलों का बजट' बताया। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जहां जनता को दवा की जरूरत थी, वहां भाजपा सरकार ने उनके जख्मों पर पेट्रोल छिड़कने का काम किया है। उनके अनुसार, अगर इस बजट से किसी को असली मुनाफा मिला है तो वे केवल अडानी और अंबानी जैसे बड़े उद्योगपति हैं, जबकि आम जनता के हाथ सिर्फ निराशा और आक्रोश ही लगा है। मंत्री ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आने वाले दिनों में यह बजट भाजपा को बहुत महंगा पड़ेगा क्योंकि इसने समाज के हर वर्ग को नजरअंदाज करने का काम किया है।

आम बजट को अंबा प्रसाद ने बताया 'कॉरिडोर बजट', कहा- वित्त मंत्री की साड़ी के रंग से तय हो रही राज्यों की किस्मत

आम बजट को अंबा प्रसाद ने बताया 'कॉरिडोर बजट', कहा- वित्त मंत्री की साड़ी के रंग से तय हो रही राज्यों की किस्मत

रांची/हजारीबाग। कांग्रेस की राष्ट्रीय सचिव और बड़कागांव की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद ने केंद्रीय बजट पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए इसे 'कॉरिडोर बजट' करार दिया है। उन्होंने बजट की आलोचना करते हुए कहा कि वित्त मंत्री का यह वित्तीय दस्तावेज केवल कॉरिडोर्स की घोषणाओं तक सीमित है, जबकि इसमें देश के ज्वलंत मुद्दों जैसे बेरोजगारी और औद्योगिकीकरण के लिए कोई ठोस रोडमैप नहीं है। अंबा प्रसाद ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण पर तंज कसते हुए कहा कि बजट आवंटन का पैमाना अब आर्थिक आवश्यकता नहीं, बल्कि वित्त मंत्री की 'साड़ी' बन गई है। उन्होंने कटाक्ष करते हुए कहा कि वित्त मंत्री जिस राज्य की वेशभूषा या साड़ी धारण कर सदन में आती हैं, बजट की झोली उसी प्रांत के लिए खुलती है, जबकि अन्य राज्यों के हिस्से केवल निराशा आती है।

​अंबा प्रसाद ने पूर्वी भारत की उपेक्षा पर गहरा रोष व्यक्त करते हुए कहा कि झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जैसे खनिज संपदा से परिपूर्ण राज्यों के लिए बजट में कुछ भी नहीं है। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की बदहाली पर भी सरकार को घेरा और कहा कि तीन नए एम्स खोलने का प्रस्ताव महज कागजी है, क्योंकि दिल्ली को छोड़कर देश के बाकी एम्स की स्थिति आज किसी साधारण जिला अस्पताल से बेहतर नहीं है। आर्थिक मोर्चे पर सरकार की विफलताओं को गिनाते हुए उन्होंने कहा कि डॉलर के मुकाबले रुपये की कीमत गिरकर 91 रुपये हो गई है, जो अर्थव्यवस्था की नाजुक स्थिति को बयां करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास बैंकिंग और औद्योगिक क्षेत्र में जान फूंकने और मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने के लिए कोई नीति नहीं है।

​पूर्व विधायक ने केंद्र सरकार पर संघीय ढांचे की धज्जियां उड़ाने का गंभीर आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि बजट में झारखंड के जीएसटी रिफंड के तौर पर बकाये 1.5 लाख करोड़ रुपये की वापसी का कोई जिक्र न होना राज्य के साथ घोर अन्याय है। अंबा प्रसाद ने कहा कि कैग की वार्षिक रिपोर्ट और बजट के आंकड़ों में भारी विरोधाभास है। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार ने आम आदमी को महंगाई से राहत देने के बजाय टैक्स चोरों के लिए सजा को जुर्माने में बदलकर उन्हें अभयदान दिया है। उनके अनुसार, यह बजट केवल भाजपा शासित राज्यों को ध्यान में रखकर बनाया गया है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि केंद्र सरकार गैर-भाजपा शासित राज्यों के साथ सौतेला व्यवहार कर रही है।

बजट को मुन्ना सिंह ने बताया 'छलावा', कहा- कॉरपोरेट पर मेहरबान और झारखंड के विकास पर कुठाराघात

बजट को मुन्ना सिंह ने बताया 'छलावा', कहा- कॉरपोरेट पर मेहरबान और झारखंड के विकास पर कुठाराघात

रांची। केंद्र सरकार द्वारा संसद के पटल पर रखे गए वित्त वर्ष 2026-27 के आम बजट को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व सदर विधानसभा प्रत्याशी मुन्ना सिंह ने सिरे से खारिज करते हुए इसे आंकड़ों की बाजीगरी करार दिया है। मुन्ना सिंह ने अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह बजट आम आवाम की आशाओं पर तुषारापात है और जमीनी हकीकत से कोसों दूर है। उन्होंने जोर देकर कहा कि वित्त मंत्री का लंबा-चौड़ा भाषण महज एक शब्दजाल साबित हुआ है जिसमें पारदर्शिता का घोर अभाव परिलक्षित होता है। मुन्ना सिंह के अनुसार देश का मध्यम वर्ग, किसान और मजदूर इस बजट से राहत की आस लगाए बैठे थे लेकिन सरकार ने उनकी झोली में केवल मायूसी डाली है।

मुन्ना सिंह ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सुरसा की मुंह की तरह बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के दंश को झेल रहे युवाओं के लिए इस वित्तीय दस्तावेज में कोई भी ठोस रोडमैप नहीं है। उन्होंने विशेष रूप से आदिवासी बहुल और पिछड़े राज्य झारखंड की उपेक्षा पर रोष जताते हुए कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास के लिए राज्य को कोई विशेष पैकेज न देना केंद्र के सौतेले व्यवहार को उजागर करता है। उनके मुताबिक यह बजट पूरी तरह से कॉरपोरेट घरानों के हितों को साधने वाला है जबकि इसमें गांव, गरीब और खेत-खलिहान की घोर उपेक्षा की गई है। उन्होंने इसे दिशाहीन और जनविरोधी दस्तावेज बताते हुए कहा कि सरकार ने वास्तविक बजटीय आवंटन को स्पष्ट करने के बजाय केवल लोकलुभावन घोषणाओं का झुनझुना थमाया है जिससे आम आदमी की आर्थिक रीढ़ और कमजोर होगी।


सड़क सुरक्षा में हजारीबाग का परचम, राजधानी में दो प्रतिष्ठित सम्मानों से अलंकृत हुआ जिला परिवहन विभाग

सड़क सुरक्षा में हजारीबाग का परचम, राजधानी में दो प्रतिष्ठित सम्मानों से अलंकृत हुआ जिला परिवहन विभाग


रांची/हजारीबाग: राजधानी रांची के चाणक्य बीएनआर होटल में आयोजित 'राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026' के भव्य समापन समारोह में हजारीबाग जिले ने अपनी उत्कृष्ट कार्यशैली का लोहा मनवाया है। राज्य स्तरीय समारोह में सड़क सुरक्षा के मानकों के बेहतरीन अनुपालन और जन-जागरूकता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए हजारीबाग को दो विशिष्ट पुरस्कारों से नवाजा गया, जो जिले के लिए गौरव का विषय है।

​समारोह के दौरान हजारीबाग जिले को राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के सफल कार्यान्वयन और इसे एक जन-आंदोलन का रूप देते हुए जन-जन तक पहुँचाने के लिए 'प्रथम पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। इस उपलब्धि के लिए विभाग को प्रशस्ति पत्र भी भेंट किया गया। इसके अतिरिक्त, सड़क दुर्घटनाओं के दौरान घायलों की मदद करने वाले 'गुड समरिटन' (नेकदिल मददगार) के प्रचार-प्रसार और उनके चिन्हांकरण की दिशा में किए गए सराहनीय कार्यों के लिए जिले को राज्य स्तर पर 'तृतीय पुरस्कार' प्राप्त हुआ। यह सम्मान इस बात का प्रमाण है कि जिले में न केवल यातायात नियमों का प्रभावी पालन सुनिश्चित किया गया है, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के ठोस प्रयास भी सफल हुए हैं।

​मंच पर यह सम्मान जिला परिवहन पदाधिकारी बैजनाथ कामती, मोटर यान निरीक्षक बिरसू सिंह, रवीना कुमारी, सड़क सुरक्षा प्रबंधक संतोष कुमार, रोड इंजीनियर एनालिस्ट शारिक इकबाल तथा आईटी सहायक अरविंद कुमार ने संयुक्त रूप से ग्रहण किया। इस उपलब्धि पर हर्ष व्यक्त करते हुए जिला परिवहन कार्यालय की सड़क सुरक्षा टीम (डीपीआईयू) ने अपनी सफलता का श्रेय मीडिया के सजग प्रहरी मित्रों को भी दिया है। विभाग ने औपचारिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पत्रकारिता के माध्यम से ही सुरक्षा के संदेश घर-घर तक पहुँचे हैं, जिससे यह अभियान एक सामाजिक सरोकार बन सका। परिवहन विभाग ने मीडिया संस्थानों की सजगता और निरंतर कवरेज के प्रति कृतज्ञता ज्ञापित करते हुए भविष्य में भी ऐसे ही सकारात्मक सहयोग की अपेक्षा जताई है, ताकि सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता की यह मशाल निरंतर जलती रहे।

मुख्यमंत्री ने 'अबुआ दिशोम बजट' के माध्यम से दिया समावेशी विकास का मंत्र, जन-आकांक्षाओं को मिलेगी नई उड़ान

झारखण्ड के स्वर्णिम भविष्य का रोडमैप: मुख्यमंत्री ने 'अबुआ दिशोम बजट' के माध्यम से दिया समावेशी विकास का मंत्र, जन-आकांक्षाओं को मिलेगी नई उड़ान


रांची: झारखण्ड राज्य की रजत जयंती के गौरवशाली अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने राज्य की प्रगति को नई दिशा देने के उद्देश्य से वित्त विभाग द्वारा आयोजित 'अबुआ दिशोम बजट संगोष्ठी 2026-27' में अपनी दूरगामी सोच साझा की। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 25 वर्षों का सफर तय कर चुके इस युवा राज्य को अब एक ऐसे सशक्त और बहुआयामी बजट की आवश्यकता है, जो न केवल वर्तमान चुनौतियों का समाधान करे बल्कि आने वाले दशकों की संभावनाओं को भी मूर्त रूप दे सके। उन्होंने बजट की संरचना को संतुलित, समावेशी और व्यापक बनाने पर बल दिया ताकि राज्य का हर वर्ग और सुदूरवर्ती क्षेत्र विकास की मुख्यधारा से पूरी मजबूती के साथ जुड़ सके।

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस वर्ष का वित्तीय लेखा-जोखा जन-आकांक्षाओं का प्रतिबिंब होना चाहिए। उन्होंने इस बात को रेखांकित किया कि विकास की गति तभी सार्थक है जब वह समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री की मंशा एक ऐसा आर्थिक ढांचा तैयार करने की है जो युवाओं के कौशल, किसानों की समृद्धि और संसाधनों के कुशल प्रबंधन को एक सूत्र में पिरो सके। उनके संबोधन ने यह स्पष्ट कर दिया कि आगामी बजट केवल अंकों का संकलन नहीं होगा, बल्कि झारखण्ड के नवनिर्माण की एक जीवंत रूपरेखा होगी।

जनभागीदारी को बजट निर्माण का आधार बनाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने संगोष्ठी में प्राप्त श्रेष्ठ सुझावों की सराहना की। इस अवसर पर जन-संवाद को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से उन्होंने स्वाति बंका, किशोर प्रसाद वर्मा और गोपी हांसदा को उनके उत्कृष्ट एवं रचनात्मक सुझावों के लिए नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि राज्य की जनता से प्राप्त इन बहुमूल्य विचारों के समावेश से झारखण्ड का आगामी बजट एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा, जो राज्य को आर्थिक आत्मनिर्भरता और सामाजिक न्याय के पथ पर अग्रसर करेगा।


वैश्विक क्षितिज पर झारखंड का उदय- दावोस और लंदन से लौटे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भरी हुंकार, कहा- राज्य की नैसर्गिक संपदा और युवा शक्ति को अब मिलेंगे विकास के अंतहीन आकाश


वैश्विक क्षितिज पर झारखंड का उदय- दावोस और लंदन से लौटे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भरी हुंकार, कहा- राज्य की नैसर्गिक संपदा और युवा शक्ति को अब मिलेंगे विकास के अंतहीन आकाश

नरेश सोनी विशेष संवाददाता झारखंड 

रांची | 28 जनवरी 2026

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी विदेश यात्रा से लौटने के पश्चात रांची हवाई अड्डे पर एक अभूतपूर्व और उत्साहजनक वातावरण के बीच मीडिया से मुखातिब हुए। समर्थकों के गगनभेदी नारों और 'जय झारखंड' के उद्घोष के मध्य मुख्यमंत्री ने अपनी दावोस और लंदन यात्रा को राज्य के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड ने पहली बार वैश्विक पटल पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है और दुनिया के सामने अपनी बात को पूरी प्रबलता के साथ रखा है।

मुख्यमंत्री ने अपनी यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि राज्य गठन के बाद यह प्रथम अवसर है जब झारखंड ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान को इतनी गंभीरता से स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि वे दावोस और लंदन से केवल यादें नहीं, बल्कि राज्य के विकास के लिए "बेहतर अनुभव" और "अपार संभावनाएं" लेकर स्वदेश लौटे हैं। श्री सोरेन ने विश्वास दिलाया कि इन वैश्विक अनुभवों के आधार पर झारखंड के 'जल, जंगल और जमीन' तथा यहाँ की नैसर्गिक संपदा को विकास का एक नया आयाम देने की दिशा में ठोस पहल की जाएगी, जिससे राज्य की आर्थिक रीढ़ और मजबूत होगी।

विशेष रूप से शिक्षा और युवा सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रतिमान गढ़ने का प्रयास किया है, जो सीधे तौर पर राज्य की आने वाली पीढ़ी को मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने उपस्थित जनसमूह और मीडिया को आश्वस्त किया कि इस विदेश यात्रा के दौरान तलाशी गई सभी संभावनाओं का सूक्ष्मता से आकलन कर उन्हें धरातल पर उतारा जाएगा, ताकि झारखंड के युवाओं के लिए एक उज्ज्वल और स्वर्णिम भविष्य का मार्ग प्रशस्त हो सके। हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री के स्वागत में उमड़ा जनसैलाब और उनके वक्तव्य में झलकता आत्मविश्वास यह बताने के लिए पर्याप्त था कि झारखंड अब अपनी स्थानीय सीमाओं से निकलकर वैश्विक मानचित्र पर अपनी अमिट छाप छोड़ने को तत्पर है।





झारखंड में 'शहरी सरकार' के गठन की रणभेरी बजी-23 फरवरी को होगा मतदान, 27 को आएगा जनादेश


झारखंड में 'शहरी सरकार' के गठन की रणभेरी बजी-23 फरवरी को होगा मतदान, 27 को आएगा जनादेश

रांची | 27 जनवरी 2026


राज्य निर्वाचन आयोग, झारखंड ने नगरपालिका (आम) निर्वाचन 2026 की विधिवत घोषणा करते हुए लोकतांत्रिक अनुष्ठान का शंखनाद कर दिया है। आयोग के सचिव द्वारा जारी ताजा अधिसूचना के साथ ही शहरी क्षेत्रों में चुनावी सरगर्मी तेज हो गई है और आदर्श आचार संहिता का प्रभाव तत्काल रूप से लागू माना जा रहा है। आयोग द्वारा निर्धारित समय-सारणी के अनुसार जिला निर्वाचन पदाधिकारी (नगरपालिका) द्वारा 28 जनवरी 2026, दिन बुधवार को प्रपत्र-5 में निर्वाचन की औपचारिक सूचना प्रकाशित की जाएगी, जिसके साथ ही चुनावी समर का आगाज हो जाएगा।

​लोकतंत्र के इस महापर्व में भागीदारी सुनिश्चित करने हेतु प्रत्याशियों के लिए नाम निर्देशन यानी नामांकन की प्रक्रिया 29 जनवरी 2026 (गुरुवार) से प्रारंभ होकर 4 फरवरी 2026 (बुधवार) तक अनवरत चलेगी। इस दौरान पूर्वाह्न 11:00 बजे से अपराह्न 3:00 बजे तक प्रत्याशी अपने नामांकन पत्र दाखिल कर सकेंगे। नामांकन पत्रों की सूक्ष्मता से जाँच यानी संवीक्षा की तिथि 5 फरवरी 2026 (गुरुवार) निर्धारित की गई है। आयोग ने वैसे प्रत्याशियों को जो चुनावी मैदान से हटकर अपना नाम वापस लेना चाहते हैं, उन्हें 6 फरवरी 2026 (शुक्रवार) तक का समय दिया है। इसके ठीक अगले दिन यानी 7 फरवरी 2026 (शनिवार) को चुनाव लड़ने वाले अंतिम रूप से पात्र उम्मीदवारों के बीच निर्वाचन प्रतीक का आवंटन किया जाएगा, जिसके बाद प्रचार-प्रसार का शोर अपने चरम पर होगा।

​शहरी मतदाताओं द्वारा अपने प्रतिनिधियों को चुनने का निर्णायक दिन 23 फरवरी 2026 (सोमवार) तय किया गया है, जिस दिन प्रातः 7:00 बजे से लेकर अपराह्न 5:00 बजे तक मतदान केंद्रों पर मत डाले जाएंगे। प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला और जनता का स्पष्ट जनादेश 27 फरवरी 2026 (शुक्रवार) को मतगणना के साथ सामने आएगा। मतगणना की प्रक्रिया प्रातः 8:00 बजे से प्रारंभ होगी। राज्य निर्वाचन आयोग की इस घोषणा के बाद प्रशासनिक महकमे ने निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने हेतु अपनी कमर कस ली है।


अब घर बैठे सुलझेंगी पिएम किसान सम्मान निधिऔर खेती-किसानी की उलझनें, झारखण्ड सरकार ने अन्नदाताओं की मदद के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर

अब घर बैठे सुलझेंगी पिएम किसान सम्मान निधि

और खेती-किसानी की उलझनें, झारखण्ड सरकार ने अन्नदाताओं की मदद के लिए जारी किया हेल्पलाइन नंबर

रांची: झारखण्ड के किसानों को अब अपनी फसलों, सरकारी योजनाओं या खेती से जुड़ी किसी भी समस्या के समाधान के लिए सरकारी दफ्तरों के बार-बार चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे क्योंकि राज्य सरकार ने अन्नदाताओं की सुविधा के लिए एक समर्पित 'किसान कॉल सेंटर' की शुरुआत की है। कृषि निदेशालय और झारखण्ड सरकार की इस महत्वाकांक्षी पहल का उद्देश्य राज्य के दूर-दराज गांवों में बैठे किसान तक सरकारी मदद पहुँचाना है। मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन और कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के नेतृत्व में शुरू की गई इस व्यवस्था के तहत अब किसान भाई-बहन सोमवार से शनिवार सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक अपनी शिकायतें या जानकारी दर्ज करा सकते हैं।

इस कॉल सेंटर के माध्यम से सरकार ने कृषि से जुड़े लगभग हर पहलू को कवर करने की कोशिश की है। किसान अब घर बैठे ही पीएम किसान योजना, केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड), मृदा जांच, बीज विनिमय और वितरण जैसी बुनियादी सुविधाओं की जानकारी ले सकते हैं। इतना ही नहीं, यदि किसी किसान को खाद या उर्वरक मिलने में दिक्कत हो रही है या कोई डीलर तय कीमत (एमआरपी) से ज्यादा पैसे मांग रहा है, तो उसकी शिकायत भी तुरंत इसी नंबर पर दर्ज कराई जा सकती है। इसके अलावा झारखण्ड कृषि ऋण माफी योजना, किसान समृद्धि योजना, मिलेट मिशन और बिरसा फसल विस्तार योजना जैसी महत्वपूर्ण स्कीमों का लाभ कैसे उठाना है, इसकी भी पूरी जानकारी विशेषज्ञ उपलब्ध कराएंगे।

सरकार ने इस व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए अधिकारियों और कर्मियों के कार्यकलाप से जुड़ी शिकायतों को भी सुनने का प्रावधान रखा है। तकनीकी युग को ध्यान में रखते हुए संपर्क के कई माध्यम जारी किए गए हैं। किसान टोल फ्री नंबर 1800-123-1136 पर कॉल करने के अलावा व्हाट्सप्प या एसएमएस नंबर 8797891222 के जरिए भी जुड़ सकते हैं। पढ़े-लिखे युवा किसान ईमेल info@kccjharkhand.in या वेबसाइट kccjharkhand.in के माध्यम से भी अपनी बात विभाग तक पहुँचा सकते हैं। यह पहल न केवल किसानों के समय और पैसे की बचत करेगी बल्कि राज्य में कृषि व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ और पारदर्शी बनाने में भी मील का पत्थर साबित होगी।


हजारीबाग की सियासत में आजसू की बड़ी सेंधमारी, पूर्व प्रत्याशी अभिषेक कुमार ने सुदेश महतो के समक्ष थामा पार्टी का दामन

 

हजारीबाग की सियासत में आजसू की बड़ी सेंधमारी, पूर्व प्रत्याशी अभिषेक कुमार ने सुदेश महतो के समक्ष थामा पार्टी का दामन



रांची/हजारीबाग। झारखंड की राजधानी रांची के हरमू स्थित आजसू पार्टी के केंद्रीय कार्यालय में शनिवार को हजारीबाग की राजनीति से जुड़ी एक बड़ी हलचल देखने को मिली। हजारीबाग लोकसभा और सदर विधानसभा सीट से चुनाव लड़कर अपनी मजबूत पहचान बना चुके युवा नेता अभिषेक कुमार ने अपने सैकड़ों समर्थकों के साथ आजसू पार्टी की सदस्यता ग्रहण कर ली। इस मिलन समारोह में झारखंड सरकार के पूर्व उपमुख्यमंत्री और आजसू सुप्रीमो सुदेश कुमार महतो ने अभिषेक कुमार और उनके साथियों का पार्टी का अंगवस्त्र पहनाकर गर्मजोशी से स्वागत किया। इसे हजारीबाग में आजसू के विस्तार और संगठन की मजबूती की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।

​हजारीबाग लोकसभा के पूर्व प्रत्याशी और सदर विधानसभा से बसपा के टिकट पर ताल ठोंक चुके अभिषेक कुमार के साथ दर्जनों युवाओं और समाजसेवियों ने भी पार्टी की नीतियों में आस्था जताते हुए 'केला छाप' का झंडा थामा। सुदेश महतो ने नवप्रवेशी सदस्यों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि युवाओं के जुड़ने से पार्टी की विचारधारा जन-जन तक और मजबूती से पहुंचेगी। अभिषेक कुमार के पार्टी में शामिल होने से हजारीबाग के सियासी समीकरणों में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं।

​इस भव्य मिलन समारोह के दौरान पार्टी के शीर्ष नेतृत्व की एकजुटता भी साफ नजर आई। कार्यक्रम में केंद्रीय महासचिव संजय मेहता, केंद्रीय सचिव हरीश कुमार और केंद्रीय मीडिया संयोजक परवाज खान विशेष रूप से मौजूद रहे। इसके अलावा बुद्धिजीवी मंच के रांची जिला अध्यक्ष शहजादा अनवर, आजसू छात्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष ओम वर्मा, केंद्रीय सदस्य डॉ. रोहित महतो, रांची जिला उपाध्यक्ष डॉ. अमित साहू, रांची जिला बुद्धिजीवी संघ के अध्यक्ष मो. सज्जाद, छात्र संघ के प्रताप सिंह, केंद्रीय सदस्य पंकज बर्नवाल और युवा आजसू रांची महानगर अध्यक्ष अमित यादव समेत पार्टी के अनेक वरिष्ठ पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिन्होंने नए साथियों का स्वागत करते हुए संगठन को नई ऊंचाइयों पर ले जाने का संकल्प दोहराया।

13 दिनों का वनवास खत्म: रांची से लापता अंश और अंशिका रामगढ़ के रजरप्पा से सकुशल बरामद, युवाओं की सूझबूझ और पुलिस की तत्परता लाई रंग


 

13 दिनों का वनवास खत्म: रांची से लापता अंश और अंशिका रामगढ़ के रजरप्पा से सकुशल बरामद, युवाओं की सूझबूझ और पुलिस की तत्परता लाई रंग


रांची/रामगढ़:झारखंड की राजधानी रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र स्थित मल्लार टोली मौसीबाड़ी से पिछले 13 दिनों से लापता दो मासूम बच्चों, पांच वर्षीय अंश और चार वर्षीय अंशिका को पुलिस ने सकुशल बरामद कर लिया है। बच्चों के मिलने की खबर से न सिर्फ उनके परिजनों ने बल्कि पूरे रांची शहर ने राहत की सांस ली है। रांची पुलिस और रामगढ़ पुलिस के संयुक्त अभियान में स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ताओं और युवाओं की भूमिका बेहद अहम रही, जिसकी हर तरफ सराहना हो रही है। बच्चों को रामगढ़ जिले के चितरपुर स्थित लाइन पार पहाड़ी इलाके से बरामद किया गया है।

​प्राप्त जानकारी के मुताबिक, मंगलवार की रात पुलिस को सूचना मिली थी कि लापता बच्चों को चितरपुर क्षेत्र में देखा गया है। इस सूचना के आधार पर रांची और रामगढ़ पुलिस ने तुरंत जाल बिछाया, वहीं स्थानीय युवाओं ने भी अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए रात भर इलाके में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान डब्लू साहू, सचिन कुमार, सुनील कुमार, संत्री नायक और अंशु कुमार जैसे युवाओं ने सक्रिय भूमिका निभाई। बुधवार की सुबह करीब साढ़े सात बजे चितरपुर के पहाड़ी क्षेत्र में एक घर के बाहर दोनों बच्चे बैठे हुए मिले। युवाओं ने तुरंत इसकी जानकारी रजरप्पा पुलिस और रांची पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों बच्चों को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया।

​मौके से पुलिस ने बच्चों के साथ मौजूद एक महिला और पुरुष को भी हिरासत में लिया है, जिनसे रामगढ़ एसपी कार्यालय में पूछताछ की जा रही है। बच्चों को वापस लाने के लिए रांची के एसएसपी, सिटी एसपी और ग्रामीण एसपी खुद रामगढ़ पहुंचे। इस पूरे मामले का खुलासा करने के लिए पुलिस मुख्यालय में डीजीपी द्वारा प्रेस वार्ता आयोजित की जा रही है। गौरतलब है कि इन बच्चों की बरामदगी के लिए पुलिस प्रशासन ने पूरी ताकत झोंक दी थी। इसके लिए एसआईटी का गठन किया गया था और बिहार व बंगाल समेत देश के 18 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में छापेमारी की गई थी। बचपन बचाओ आंदोलन और अन्य संगठनों की मदद से देश भर के 439 जिलों में खोजबीन चल रही थी, साथ ही सूचना देने वाले के लिए पुलिस ने चार लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया था। अंततः पुलिस की मेहनत और स्थानीय लोगों की जागरूकता से दोनों बच्चे सुरक्षित मिल गए हैं।

झारखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला, 18 फरवरी से शुरू होगा बजट सत्र, राज्य के सभी थानों में लगेंगे 8 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे, कई महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण को मिली मंजूरी

 झारखंड कैबिनेट का बड़ा फैसला, 18 फरवरी से शुरू होगा बजट सत्र, राज्य के सभी थानों में लगेंगे 8 हजार से अधिक सीसीटीवी कैमरे, कई महत्वपूर्ण सड़कों के निर्माण को मिली मंजूरी





रांची। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में शुक्रवार को संपन्न हुई कैबिनेट की महत्वपूर्ण बैठक में राज्य के विकास, सुरक्षा और प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई ऐतिहासिक निर्णय लिए गए हैं। सरकार ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए बजट सत्र की तारीखों का ऐलान करने के साथ ही पुलिस थानों की निगरानी व्यवस्था को हाईटेक करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। इसके अलावा सड़क, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में भी करोड़ों की योजनाओं पर मुहर लगाई गई है।

राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का अनुपालन करते हुए पुलिस थानों में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से एक बड़ा निर्णय लिया है। इसके तहत राज्य के 606 पुलिस थानों में कुल 8854 सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इस परियोजना के लिए सरकार ने 134 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति दे दी है, जिससे पुलिसिंग में सुधार और मानवाधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सकेगी। वहीं संसदीय कार्यप्रणाली को आगे बढ़ाते हुए कैबिनेट ने षष्ठम झारखंड विधानसभा के पंचम बजट सत्र को आहूत करने की मंजूरी दे दी है। यह बजट सत्र 18 फरवरी 2026 से शुरू होकर 19 मार्च 2026 तक चलेगा, जिसमें राज्य के विकास का नया खाका खींचा जाएगा।

बुनियादी ढांचे को मजबूत करने की दिशा में भी सरकार ने खजाना खोल दिया है। चतरा और हजारीबाग जिले के लोगों के लिए राहत भरी खबर है कि चौपारण-चतरा पथ की राइडिंग क्वालिटी में सुधार के लिए 35 करोड़ रुपये से अधिक की राशि स्वीकृत की गई है। इसी प्रकार बोकारो में नावाडीह से घुटवे हीरक रोड के चौड़ीकरण और मजबूतीकरण के लिए 81 करोड़ रुपये और पलामू में डालटनगंज-राजहारा रेलवे स्टेशन के बीच आरओबी निर्माण के लिए 101 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। जैना मोड़ से फुसरो सड़क के चौड़ीकरण के लिए भी 157 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिससे यातायात सुगम होगा।

शिक्षा और रोजगार के क्षेत्र में भी कई अहम प्रस्ताव पारित किए गए हैं। जमशेदपुर महिला विश्वविद्यालय और झारखंड रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय में शैक्षणिक और गैर-शैक्षणिक पदों के पुनर्गठन को मंजूरी मिल गई है। इसके साथ ही सरायकेला-खरसावां के तितिरबिला में 50 हजार लीटर क्षमता वाले डेयरी प्लांट की स्थापना को भी हरी झंडी दी गई है। महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए केंद्र प्रायोजित 'मिशन शक्ति' के तहत 'नारी अदालत योजना' के कार्यान्वयन पर भी सहमति बनी है।

बैठक में मुख्यमंत्री के विदेश दौरे को भी मंजूरी दी गई है। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल स्विट्जरलैंड के दावोस में होने वाले वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की बैठक और लंदन में आयोजित कार्यक्रमों में हिस्सा लेगा। इसके अतिरिक्त हजारीबाग बंदोबस्त कार्यालय में कार्यरत कर्मियों की सेवा नियमितीकरण और राज्य विधि आयोग की कालावधि को अगले दो वर्षों के लिए विस्तारित करने जैसे प्रशासनिक निर्णयों पर भी कैबिनेट ने अपनी सहमति प्रदान की है।


मुख्यमंत्री आवास पर लगा दिग्गजों का जमावड़ा, हेमंत और कल्पना सोरेन को दी नववर्ष की शुभकामनाएं

 

मुख्यमंत्री आवास पर लगा दिग्गजों का जमावड़ा, हेमंत और कल्पना सोरेन को दी नववर्ष की शुभकामनाएं

रांची। नववर्ष 2026 के आगमन के साथ ही राज्य में शुभकामनाओं के आदान-प्रदान का सिलसिला बदस्तूर जारी है। इसी कड़ी में मंगलवार को रांची के कांके रोड स्थित मुख्यमंत्री आवासीय कार्यालय में राजनीतिक सरगर्मी और सौहार्द का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन से मुलाकात करने के लिए सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई वरिष्ठ नेताओं और जन-प्रतिनिधियों का तांता लगा रहा। इस शिष्टाचार मुलाकात के दौरान उपस्थित सभी नेताओं ने मुख्यमंत्री और उनकी धर्मपत्नी को नए साल की हार्दिक बधाई दी।

​मुलाकात करने वालों में प्रमुख रूप से सांसद सुखदेव भगत और विधायक लुईस मरांडी शामिल थे। इसके अलावा वरिष्ठ नेता एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोध कांत सहाय, पूर्व मंत्री मिथिलेश कुमार ठाकुर, युवा नेता व पूर्व विधायक कुणाल षाडंगी और पूर्व विधायक केदार हाजरा ने भी मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर उन्हें पुष्पगुच्छ भेंट कर अपनी शुभकामनाएं प्रेषित कीं।

​इस अवसर पर मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी आगंतुकों का आत्मीयता से स्वागत किया। उन्होंने बधाई स्वीकार करते हुए सभी नेताओं के मंगलमय जीवन और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सियासी व्यस्तताओं के बीच हुई इस मुलाकात में नेताओं के बीच काफी देर तक खुशनुमा माहौल में बातचीत होती रही। 


मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त आईपीएस अधिकारियों को पहनाया बैच, राज्य पुलिस सेवा के छह अधिकारियों की पदोन्नति पर दी शुभकामनाए

मुख्यमंत्री ने नवनियुक्त आईपीएस अधिकारियों को पहनाया बैच, राज्य पुलिस सेवा के छह अधिकारियों की पदोन्नति पर दी शुभकामनाए

रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से राज्य पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों ने शिष्टाचार भेंट की, जिन्हें हाल ही में भारतीय पुलिस सेवा (IPS) रैंक में पदोन्नति प्रदान की गई है। मुख्यमंत्री आवास में आयोजित इस मिलन समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने गौरवशाली क्षणों के बीच सभी अधिकारियों को स्वयं आईपीएस का बैच पहनाकर सम्मानित किया। पदोन्नत होने वाले अधिकारियों में राम समद, रोशन गुड़िया, अविनाश कुमार, राजेश कुमार, मजरूल होदा और दीपक कुमार शामिल हैं। इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री ने अधिकारियों की अब तक की सेवा और उनके समर्पण की सराहना करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामना की। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई जिम्मेदारी और उच्च रैंक मिलने के बाद ये अधिकारी राज्य में कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने तथा जनसेवा के कार्यों में अपनी प्रतिभा का सर्वश्रेष्ठ योगदान देंगे।

आईपीएस बैच अलंकरण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से संवाद करते हुए कहा कि राज्य की सुरक्षा और न्याय व्यवस्था को बेहतर बनाने में पुलिस अधिकारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। पदोन्नति प्राप्त करने वाले अधिकारियों ने इस सम्मान के लिए मुख्यमंत्री के प्रति आभार व्यक्त किया और विश्वास दिलाया कि वे अपनी नई भूमिका में पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ कर्तव्यों का निर्वहन करेंगे। इस महत्वपूर्ण उपलब्धि पर पुलिस महकमे में भी हर्ष का माहौल है क्योंकि लंबे समय के अनुभव के बाद इन अधिकारियों को आईपीएस कैडर में शामिल होने का गौरव प्राप्त हुआ है। कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने सभी को मिठाई खिलाकर और बधाई देकर भविष्य की चुनौतियों के लिए प्रोत्साहित किया।

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