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Editor EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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दुबई से इजरायल जा रही फ्लाइट में हाईजैक की बड़ी साजिश नाकाम: कॉकपिट में पायलट पर चाकू से हमला, यात्रियों ने दबोचा, सऊदी अरब में आपात लैंडिंग

 

दुबई-इजरायल उड़ान के दौरान हवा में मची चीख-पुकार: कॉकपिट में एक पायलट ने दूसरे को घोंपा चाकू, बहादुर यात्रियों ने हमलावर को दबोचकर टाला बड़ा विमान हादसा; सऊदी अरब में आपात लैंडिंग

​नरेश सोनी, प्रधान संपादक

​यरूशलेम / रियाद (न्यूज़ प्रहरी):

दुबई से इजरायल की ओर आ रही एक अंतरराष्ट्रीय यात्री उड़ान के दौरान हवा में भीषण सुरक्षा संकट उत्पन्न हो गया। विमान जब अपने गंतव्य के निकट पहुंच रहा था, तभी कॉकपिट के भीतर एक पायलट ने दूसरे सह-पायलट पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों और आधिकारिक बयानों के अनुसार, हमलावर विमान के नियंत्रण तंत्र (सिस्टम्स) को नुकसान पहुंचाकर विमान को क्रैश करने का प्रयास कर रहा था। हालांकि, विमान में सवार बहादुर यात्रियों और केबिन क्रू की सूझबूझ और अदम्य साहस से हमलावर को समय रहते काबू कर लिया गया और एक बहुत बड़ा विमान हादसा होने से टल गया।

Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu meeting the heroic passenger who foiled the attack and addressing the nation

​विमान को तुरंत सऊदी अरब के तबुक हवाई अड्डे (Tabuk Airport) की ओर मोड़ा गया, जहां उसकी सुरक्षित आपातकालीन लैंडिंग कराई गई। विमान में सवार सभी यात्री पूरी तरह सुरक्षित हैं।

​हवा में गोते खाने लगा था विमान, यात्रियों ने तोड़ा कॉकपिट का दरवाजा

घटना के संबंध में मिली जानकारी के मुताबिक, जब विमान हवा में था, तभी अचानक अंदर की लाइटें बंद हो गईं और चीख-पुकार मच गई। इसके कुछ ही देर बाद विमान तेजी से नीचे की ओर गोते खाने (डाइव करने) लगा। खतरे को भांपते हुए एक इजरायली यात्री ने क्रू मेंबर की मदद से किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा तोड़ा और अंदर दाखिल हुआ।

​कॉकपिट में एक पायलट खून से लथपथ था और दूसरा हमलावर विमान के कंट्रोल सिस्टम को पूरी तरह निष्क्रिय करने पर तुला हुआ था। यात्री और अन्य क्रू सदस्यों ने अपनी जान जोखिम में डालकर हमलावर पायलट को दबोच लिया और उसे पूरी तरह निष्प्रभावी कर दिया। इसी बीच विमान में मौजूद एक अन्य योग्य एयर-क्रू सदस्य ने नियंत्रण संभाला और लड़खड़ाते विमान को स्थिर किया।

​प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने देश को किया संबोधित, रियल हीरो से की मुलाकात

घटना के तुरंत बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने आपात प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने इसे एक गंभीर सुरक्षा घटना करार देते हुए कहा कि यदि यात्रियों ने अदम्य साहस नहीं दिखाया होता तो सैकड़ों निर्दोष लोगों की जान जा सकती थी।

​प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने उस बहादुर यात्री और उसके परिवार से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात कर उसे गले लगाया और उसकी बहादुरी को राष्ट्रीय गौरव बताया। यात्री के कपड़ों पर संघर्ष के दौरान लगे खून के धब्बे उस भयावह स्थिति की गवाही दे रहे थे। नेतन्याहू ने कहा, "आपने केवल विमान के यात्रियों को ही नहीं बचाया, बल्कि एक भीषण राष्ट्रीय त्रासदी को होने से रोक दिया।"

​हमलावर पायलट सऊदी हिरासत में, जांच जारी

सऊदी अरब के तबुक एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग के उपरांत स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों ने हमलावर पायलट को तुरंत गिरफ्तार कर लिया है और उससे गहन पूछताछ की जा रही है। प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि सभी यात्रियों की सुरक्षित स्वदेश वापसी सुनिश्चित करने के लिए संबंधित अंतरराष्ट्रीय और क्षेत्रीय अधिकारियों के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया जा रहा है। 

यूएन महासभा के बाद लैटिन अमेरिकी देशों के राष्ट्रपतियों से मिले बेंजामिन नेतन्याहू: 'इसाक समझौते' के विस्तार और आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता पर जोर

​यूएन महासभा के बाद लैटिन अमेरिकी नेताओं के साथ इजरायल के प्रधानमंत्री की अहम बैठक: 'इसाक समझौते' के विस्तार और आतंकवाद के खिलाफ सहयोग का आह्वान

​नरेश सोनी, प्रधान संपादक

​यरूशलेम / न्यूयॉर्क (न्यूज़ प्रहरी):

संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) में अपने संबोधन के उपरांत इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने लैटिन अमेरिकी देशों के शीर्ष नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक की। इस बैठक में पराग्वे के राष्ट्रपति, पनामा के राष्ट्रपति और बोलीविया के राष्ट्रपति शामिल हुए। इससे पूर्व नेतन्याहू ने संयुक्त राष्ट्र महासभा के इतर अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली के साथ भी द्विपक्षीय वार्ता की थी।

Israeli Prime Minister Benjamin Netanyahu holding joint meeting with Latin American presidents at UN General Assembly

​'इसाक समझौते' के दायरे को बढ़ाने पर चर्चा

यह उच्चस्तरीय बैठक 'इसाक समझौते' (Isaac Accords) के दायरे को लैटिन अमेरिका तक विस्तारित करने की संभावनाओं के तहत आयोजित की गई। इस समझौते का मूल उद्देश्य इजरायल और लैटिन अमेरिकी देशों के बीच राजनयिक संबंधों को प्रगाढ़ बनाना तथा अर्थव्यवस्था, नवाचार (इनोवेशन), सुरक्षा, प्रौद्योगिकी और अन्य रणनीतिक क्षेत्रों में मजबूत साझेदारी स्थापित करना है।

​प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने इजरायल और कई लैटिन अमेरिकी देशों के बीच निरंतर प्रगाढ़ हो रहे आत्मीय संबंधों का स्वागत किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंचों पर इजरायल की सुरक्षा का समर्थन करने और उसके साथ खड़े रहने के लिए सभी उपस्थित राष्ट्रपतियों का आभार व्यक्त किया। इसके साथ ही उन्होंने इन देशों से 'इसाक समझौते' की पहल से औपचारिक रूप से जुड़ने का आग्रह किया।

​ईरान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ एकजुटता की अपील

प्रधानमंत्री नेतन्याहू ने रेखांकित किया कि वे लैटिन अमेरिकी महाद्वीप के देशों को आतंकवाद के विरुद्ध वैश्विक संघर्ष में अत्यंत महत्वपूर्ण साझेदार मानते हैं। उन्होंने कहा कि ईरान और उसके छद्म (प्रॉक्सी) आतंकी संगठनों ने पूर्व में भी लैटिन अमेरिका की धरती पर अपनी गतिविधियां संचालित की हैं और वर्तमान में भी वे इस पूरे महाद्वीप की संप्रभुता और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बने हुए हैं। ऐसे में क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए खुफिया और रक्षा क्षेत्र में परस्पर समन्वय अत्यंत आवश्यक है।

​(वीडियो साभार: ओमर मिरोन - जीपीओ / विवरण स्रोत: इजरायल के प्रधानमंत्री का आधिकारिक फेसबुक पेज)

पश्चिम एशिया संकट: विदेश मंत्रालय ने स्थापित किया विशेष कंट्रोल रूम, जारी किए हेल्पलाइन नंबर्स

पश्चिम एशिया संकट: विदेश मंत्रालय ने स्थापित किया विशेष कंट्रोल रूम, जारी किए हेल्पलाइन नंबर्स
"भारतीय विदेश मंत्रालय (MEA) द्वारा पश्चिम एशिया और खाड़ी क्षेत्र के लिए जारी विशेष कंट्रोल रूम और दूतावासों के आपातकालीन संपर्क नंबर।"

नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (West Asia) और खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में चल रहे मौजूदा हालातों के मद्देनजर, भारत सरकार के विदेश मंत्रालय (Ministry of External Affairs - MEA) ने भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सहायता के लिए एक 'विशेष कंट्रोल रूम' स्थापित किया है।

बुधवार, 4 मार्च 2026 को जारी एक आधिकारिक सूचना के अनुसार, यह कंट्रोल रूम सुबह 9 बजे से रात 9 बजे तक कार्यरत रहेगा। किसी भी आपात स्थिति या जानकारी के लिए भारतीय नागरिक इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं।

विदेश मंत्रालय (MEA) के विशेष कंट्रोल रूम के नंबर

नागरिक सीधे दिल्ली स्थित मुख्यालय में इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

टोल फ्री नंबर (Toll Free): 1800 11 8797

अन्य फोन नंबर: * +91 11 2301 2113

+91 11 2301 4104

+91 11 2301 7905

खाड़ी और पश्चिम एशियाई देशों में भारतीय दूतावासों के आपातकालीन नंबर

इसके अलावा, मंत्रालय ने क्षेत्र के विभिन्न देशों में स्थित भारतीय दूतावासों (Indian Embassies) के आपातकालीन संपर्क नंबर भी जारी किए हैं, जो इस प्रकार हैं:

बहरीन (Bahrain): +973 39418071

ईरान (Iran): +98 9128109115 / +98 9128109102 / +98 9128109109 / +98 9932179359

इराक (Iraq): +964 771 651 1185 / +964 770444 4899

इजराइल (Israel): +972 54 7520711 / +972 54 2428378

जॉर्डन (Jordan): +962 770 422 276

कुवैत (Kuwait): +965 65501946

लेबनान (Lebanon): +961 76860128

ओमान (Oman): +968 98282270 (WhatsApp) / 80071234 (Toll free)

कतर (Qatar): +974 55647502

रामल्लाह, फिलिस्तीन (Ramallah, Palestine): +970 592916418

सऊदी अरब - रियाद (Saudi Arabia - Riyadh): +966 11 4884697 / 800 247 1234 (Toll free)

सऊदी अरब - जेद्दा (Saudi Arabia - Jeddah): +966 126648660 / +966 12 2614093

संयुक्त अरब अमीरात (United Arab Emirates): +971 543090571 (WhatsApp) / 800 46342 (Toll free)

विदेश मंत्रालय ने अपील की है कि इन क्षेत्रों में रहने वाले भारतीय नागरिक सतर्क रहें और किसी भी आवश्यकता पड़ने पर तुरंत अपने नजदीकी दूतावास या कंट्रोल रूम से संपर्क करें।

वैश्विक क्षितिज पर झारखंड का उदय- दावोस और लंदन से लौटे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भरी हुंकार, कहा- राज्य की नैसर्गिक संपदा और युवा शक्ति को अब मिलेंगे विकास के अंतहीन आकाश


वैश्विक क्षितिज पर झारखंड का उदय- दावोस और लंदन से लौटे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भरी हुंकार, कहा- राज्य की नैसर्गिक संपदा और युवा शक्ति को अब मिलेंगे विकास के अंतहीन आकाश

नरेश सोनी विशेष संवाददाता झारखंड 

रांची | 28 जनवरी 2026

झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन अपनी विदेश यात्रा से लौटने के पश्चात रांची हवाई अड्डे पर एक अभूतपूर्व और उत्साहजनक वातावरण के बीच मीडिया से मुखातिब हुए। समर्थकों के गगनभेदी नारों और 'जय झारखंड' के उद्घोष के मध्य मुख्यमंत्री ने अपनी दावोस और लंदन यात्रा को राज्य के लिए एक ऐतिहासिक मील का पत्थर करार दिया। उन्होंने स्पष्ट किया कि झारखंड ने पहली बार वैश्विक पटल पर अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराई है और दुनिया के सामने अपनी बात को पूरी प्रबलता के साथ रखा है।

मुख्यमंत्री ने अपनी यात्रा के अनुभवों को साझा करते हुए कहा कि राज्य गठन के बाद यह प्रथम अवसर है जब झारखंड ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान को इतनी गंभीरता से स्थापित किया है। उन्होंने बताया कि वे दावोस और लंदन से केवल यादें नहीं, बल्कि राज्य के विकास के लिए "बेहतर अनुभव" और "अपार संभावनाएं" लेकर स्वदेश लौटे हैं। श्री सोरेन ने विश्वास दिलाया कि इन वैश्विक अनुभवों के आधार पर झारखंड के 'जल, जंगल और जमीन' तथा यहाँ की नैसर्गिक संपदा को विकास का एक नया आयाम देने की दिशा में ठोस पहल की जाएगी, जिससे राज्य की आर्थिक रीढ़ और मजबूत होगी।

विशेष रूप से शिक्षा और युवा सशक्तिकरण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में नए प्रतिमान गढ़ने का प्रयास किया है, जो सीधे तौर पर राज्य की आने वाली पीढ़ी को मजबूती प्रदान करेगा। उन्होंने उपस्थित जनसमूह और मीडिया को आश्वस्त किया कि इस विदेश यात्रा के दौरान तलाशी गई सभी संभावनाओं का सूक्ष्मता से आकलन कर उन्हें धरातल पर उतारा जाएगा, ताकि झारखंड के युवाओं के लिए एक उज्ज्वल और स्वर्णिम भविष्य का मार्ग प्रशस्त हो सके। हवाई अड्डे पर मुख्यमंत्री के स्वागत में उमड़ा जनसैलाब और उनके वक्तव्य में झलकता आत्मविश्वास यह बताने के लिए पर्याप्त था कि झारखंड अब अपनी स्थानीय सीमाओं से निकलकर वैश्विक मानचित्र पर अपनी अमिट छाप छोड़ने को तत्पर है।





लंदन की धरती से गूँजी झारखंड की गौरवगाथा,मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रखा समावेशी और हरित भविष्य का रोडमैप

लंदन की धरती से गूँजी झारखंड की गौरवगाथा,मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने रखा समावेशी और हरित भविष्य का रोडमैप

देश-विदेश: झारखंड की स्थापना के गौरवशाली रजत जयंती वर्ष के पावन अवसर पर सात समंदर पार लंदन की धरती एक ऐतिहासिक पल की साक्षी बनी। मुख्यमंत्री  हेमंत सोरेन ने 'Jharkhand@25' के वैश्विक मंच से राज्य की अद्वितीय सांस्कृतिक विरासत, समृद्ध लोक परंपराओं और अदम्य जनजातीय अस्मिता का उद्घोष किया। यह आयोजन मात्र एक उत्सव की औपचारिकता नहीं था, बल्कि दुनिया के सामने एक सशक्त और आत्मनिर्भर झारखंड की संकल्पना को प्रस्तुत करने का एक प्रभावी माध्यम सिद्ध हुआ। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में इस बात पर विशेष बल दिया कि झारखंड का विकास उसकी जड़ों को संरक्षित रखते हुए ही संभव है। उन्होंने वैश्विक समुदाय को यह संदेश दिया कि झारखंड की शक्ति उसके प्राकृतिक संसाधनों और जुझारू मानव श्रम में निहित है, जिसे अब आधुनिक तकनीक और सतत विकास के नए आयामों से जोड़ा जा रहा है।





मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय पटल पर स्पष्ट किया कि झारखंड आगामी वर्षों में न केवल आर्थिक उन्नति के पथ पर अग्रसर होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक समावेश के क्षेत्र में भी विश्व के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण प्रस्तुत करेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि राज्य का भविष्य प्रकृति और प्रगति के बीच एक सुंदर संतुलन स्थापित करने की दिशा में बढ़ रहा है, जहाँ अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। लंदन में उमड़े इस जनसैलाब और मुख्यमंत्री के ओजस्वी विचारों ने यह प्रमाणित कर दिया है कि झारखंड अब केवल खनिज संपदा का केंद्र नहीं, बल्कि वैश्विक निवेश और नवाचार का एक नया केंद्र बनने की दिशा में कदम बढ़ा चुका है। अतीत के प्रति कृतज्ञता और भविष्य के प्रति अडिग विश्वास के साथ शुरू हुई यह यात्रा राज्य के सर्वांगीण उत्थान का नया अध्याय लिखने को आतुर है।

दावोस में गूँजी झारखण्ड की गूँज, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वैश्विक मंच पर रखा 'समृद्ध झारखण्ड 2050' का विजन


दावोस में गूँजी झारखण्ड की गूँज, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वैश्विक मंच पर रखा 'समृद्ध झारखण्ड 2050' का विजन


देश/विदेश: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक झारखण्ड के विकास इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इंडिया पेवेलियन के उद्घाटन समारोह में शिरकत कर राज्य की ओर से वैश्विक निवेश और विकास की नई इबारत लिखी। यह पहला अवसर है जब झारखण्ड ने इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, जिसे मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया। भारत सरकार के प्रतिनिधियों और विभिन्न राज्यों के दिग्गजों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि झारखण्ड अब केवल खनिज संसाधनों तक सीमित नहीं है, बल्कि हरित ऊर्जा और आधुनिक निवेश के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है।


मुख्यमंत्री ने वैश्विक नेताओं और दिग्गज कंपनियों के साथ संवाद करते हुए प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को दोहराया और इसके साथ ही 'समृद्ध झारखण्ड 2050' का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य दुनिया के सामने रखा। उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखण्ड की प्राकृतिक संपदा और यहाँ की कार्यशील शक्ति औद्योगिक क्रांति के अगले चरण के लिए पूरी तरह तैयार है। दावोस में हुई इन सार्थक चर्चाओं से राज्य में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश आने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय रोजगार और बुनियादी ढांचे को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस वैश्विक समागम में शामिल सभी प्रतिभागियों का आभार जताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यहाँ से शुरू हुआ संवाद झारखण्ड को एक नई वैश्विक पहचान दिलाएगा और राज्य की प्रगति के पहिये को और भी तेज करेगा। 

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