दावोस में गूँजी झारखण्ड की गूँज, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने वैश्विक मंच पर रखा 'समृद्ध झारखण्ड 2050' का विजन
देश/विदेश: स्विट्जरलैंड के दावोस में आयोजित वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की वार्षिक बैठक झारखण्ड के विकास इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज हो गई है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इंडिया पेवेलियन के उद्घाटन समारोह में शिरकत कर राज्य की ओर से वैश्विक निवेश और विकास की नई इबारत लिखी। यह पहला अवसर है जब झारखण्ड ने इस प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है, जिसे मुख्यमंत्री ने पूरे राज्य के लिए गर्व का क्षण बताया। भारत सरकार के प्रतिनिधियों और विभिन्न राज्यों के दिग्गजों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि झारखण्ड अब केवल खनिज संसाधनों तक सीमित नहीं है, बल्कि हरित ऊर्जा और आधुनिक निवेश के नए केंद्र के रूप में उभर रहा है।
मुख्यमंत्री ने वैश्विक नेताओं और दिग्गज कंपनियों के साथ संवाद करते हुए प्रधानमंत्री के 'विकसित भारत 2047' के संकल्प को दोहराया और इसके साथ ही 'समृद्ध झारखण्ड 2050' का एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य दुनिया के सामने रखा। उन्होंने जोर देकर कहा कि झारखण्ड की प्राकृतिक संपदा और यहाँ की कार्यशील शक्ति औद्योगिक क्रांति के अगले चरण के लिए पूरी तरह तैयार है। दावोस में हुई इन सार्थक चर्चाओं से राज्य में बड़े पैमाने पर विदेशी निवेश आने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय रोजगार और बुनियादी ढांचे को नई गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने इस वैश्विक समागम में शामिल सभी प्रतिभागियों का आभार जताते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यहाँ से शुरू हुआ संवाद झारखण्ड को एक नई वैश्विक पहचान दिलाएगा और राज्य की प्रगति के पहिये को और भी तेज करेगा।









