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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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Hazaribagh Contractors Protest: हजारीबाग समाहरणालय पर संवेदकों का धरना, रॉयल्टी चालान हटाने और बकाया बिल भुगतान की उठी माँग

हजारीबाग समाहरणालय के समक्ष संवेदक संघ का धरना। रॉयल्टी चालान व्यवस्था खत्म करने व लंबित भुगतान की माँग, दी टेंडर बहिष्कार की चेतावनी।
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Hazaribagh Contractors Protest: हजारीबाग समाहरणालय के समक्ष संवेदक संघ का एकदिवसीय धरना, रॉयल्टी चालान व्यवस्था खत्म करने व बकाया भुगतान की माँग

हजारीबाग: संवेदक संघ (Contractors Association) हजारीबाग के बैनर तले सोमवार को नया समाहरणालय परिसर के मुख्य द्वार के समक्ष एकदिवसीय जोरदार धरना-प्रदर्शन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व संघ के अध्यक्ष दीपक मेहता ने किया, अध्यक्षता संजय उपाध्याय ने की तथा संचालन रविन्द्र गुप्ता ने किया।

Hazaribagh Contractors Association protesting outside Hazaribagh Collectorate with banners and placards

​जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे बड़ी संख्या में संवेदकों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के उपरांत संवेदकों ने उपायुक्त (DC) हजारीबाग के माध्यम से राज्य सरकार को एक माँग पत्र सौंपा और अपनी समस्याओं के त्वरित निष्पादन की माँग की।

रॉयल्टी चालान व्यवस्था बनी विकास कार्यों में बाधा: दीपक मेहता

​धरना को संबोधित करते हुए संघ के अध्यक्ष दीपक मेहता ने कहा कि सड़क, गली, नाली, भवन और बोरिंग सहित विभिन्न निर्माण कार्यों में प्रयुक्त होने वाले बालू, मिट्टी, मोरम और ईंट पर रॉयल्टी चालान अनिवार्य कर दिया गया है।

  • स्पष्ट नीति का अभाव: दीपक मेहता ने कहा कि इन निर्माण सामग्रियों का वैध चालान कहाँ और किस व्यवस्था के तहत उपलब्ध होगा, इसे लेकर कोई स्पष्ट नीति नहीं है। सरकार को पहले इसकी सुलभ व्यवस्था करनी चाहिए, उसके बाद ही चालान की अनिवार्यता लागू करनी चाहिए।
  • पूर्व की व्यवस्था लागू करने की माँग: संघ ने माँग की कि खनिज रॉयल्टी चालान की वर्तमान अव्यवहारिक व्यवस्था को समाप्त कर पूर्व की भाँति रॉयल्टी की वसूली की जाए।

छह माह से लंबित हैं बिल, टेंडर बहिष्कार की चेतावनी

​धरना के दौरान संवेदकों ने सरकार और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ गहरी नाराजगी जताई:

  • आर्थिक संकट में संवेदक: संवेदकों ने आरोप लगाया कि विभिन्न विभागों में पिछले छह माह से अधिक समय से विकास योजनाओं के बिल बकाया हैं। भुगतान न होने के कारण मजदूरों की मजदूरी, बैंक ऋण की किस्तें और निर्माण सामग्री के आपूर्तिकर्ताओं (Suppliers) का बकाया चुकाना दूभर हो गया है।
  • टेंडर बहिष्कार का अल्टीमेटम: संघ के सचिव मुकेश कुमार ने चेतावनी दी कि यदि रॉयल्टी नियमों में व्यावहारिक संशोधन नहीं किया गया और लंबित बिलों का तत्काल भुगतान नहीं हुआ, तो जिले भर के संवेदक आगामी नई निविदाओं (Tenders) में भाग नहीं लेंगे और पूरे राज्य में टेंडर प्रक्रिया का पूर्ण बहिष्कार करेंगे।

संवेदक संघ की प्रमुख माँगों का ब्योरा

  1. रॉयल्टी चालान व्यवस्था रद्द हो: खनिज रॉयल्टी चालान की वर्तमान बाध्यता समाप्त कर पूर्व की तरह रॉयल्टी कटौती/वसूली की जाए।
  2. बकाया बिलों का तुरंत भुगतान: पिछले 6 महीनों से विभागों में अटके सभी विकास कार्यों के बिलों का शीघ्र भुगतान किया जाए।
  3. 10% बिलो (Below Rate) का नियम खत्म हो: अनुमानित लागत (Estimated Cost) से 10 प्रतिशत से अधिक कम दर पर निविदा डालने संबंधी नियम को निरस्त किया जाए।
  4. नया SOR लागू हो: नए एसओआर (Schedule of Rates) को स्वीकृति देने के बाद ही नई निविदा प्रक्रिया शुरू की जाए।

प्रदर्शन में ये प्रमुख संवेदक रहे उपस्थित

​धरना-प्रदर्शन में कोषाध्यक्ष पवन गुप्ता, संजय कुमार, सुरेंद्र कुमार, पुरुषोत्तम कुमार देव, संजय यादव, विजय कुमार, राजेश कुमार, अशोक प्रसाद मेहता, चंद्रधारी प्रसाद मेहता, इंद्रजीत प्रसाद, सुरेंद्र प्रसाद मेहता, अमन कुमार मेहता, कुंदन प्रसाद मेहता, अभिषेक कुमार, दीनानाथ यादव, प्रवीन कुमार सिंह, विपुल नारायण, बादल कुमार, देवेंद्र कुमार पांडे, मिथिलेश कुमार, चंदन कुमार गुप्ता, पंकज कुमार सिंह, नागेंद्र शुक्ला, बृजेश सिंह, मंटू कुमार सिंह, बीरबल मेहता, राजकुमार, मुकेश कुमार सिंह, प्रियांशु चौहान, असलम राजा, राजू प्रसाद, पुरुषोत्तम देव और दीपक देव सहित सैकड़ों की संख्या में संवेदक मौजूद थे।

Press Release - Hazaribagh Contractors Association (Samvedak Sangh)

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