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EDITOR: NARESH PRASAD SONI
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PM Swanidhi Scheme Hazaribagh: नगर निगम और SBI का विशेष शिविर, 50 से अधिक स्ट्रीट वेंडरों का लोन हुआ डिस्बर्स

 

Hazaribagh PM Swanidhi Scheme: हजारीबाग नगर निगम और SBI का विशेष ऋण शिविर; 50 से अधिक स्ट्रीट वेंडरों का लोन डिस्बर्स

हजारीबाग (News Prahari Desk): हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र के फुटपाथ विक्रेताओं (स्ट्रीट वेंडरों) को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने और उनके सूक्ष्म व्यवसायों को गति देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। 28 जुलाई 2026 को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की मुख्य शाखा के ऋण विभाग (Loan Department) में नगर निगम हजारीबाग के तत्वावधान में एक विशेष ऋण निपटान शिविर का आयोजन किया गया।

PM SVANidhi scheme special loan disbursement camp for street vendors at SBI Main Branch Hazaribagh

​यह शिविर मुख्य रूप से उन स्ट्रीट वेंडरों के लिए आयोजित किया गया था, जिन्होंने केंद्र सरकार की पीएम स्वनिधि योजना (PM SVANidhi Scheme) के तहत अपनी कार्यशील पूंजी (Working Capital) बढ़ाने के लिए ₹15,000, ₹25,000 और ₹50,000 के लोन हेतु आवेदन दिया था, लेकिन तकनीकी या प्रशासनिक कारणों से उनका ऋण अब तक स्वीकृत या डिस्बर्स नहीं हो सका था।

एक ही छत के नीचे हुआ 50 से अधिक आवेदनों का त्वरित निष्पादन

​विशेष ऋण शिविर में 50 से अधिक योग्य स्ट्रीट वेंडर उपस्थित हुए। शिविर के दौरान बैंक अधिकारियों ने स्थल पर ही आवेदनों की समीक्षा की और लंबित ऋण राशि का त्वरित निष्पादन करते हुए खातों में लोन डिस्बर्समेंट की प्रक्रिया पूरी की।

​फुटपाथ विक्रेताओं को अलग-अलग बैंक शाखाओं के चक्कर न काटने पड़ें और समय की बचत हो, इसके लिए SBI के रीजनल मैनेजर की विशेष पहल पर हजारीबाग नगर निगम क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली सभी एसबीआई शाखाओं का कार्य एक ही स्थान पर केंद्रित किया गया। इस एकीकृत व्यवस्था से लाभार्थियों को बिना किसी कागजी जटिलता के सीधे ऋण की सुविधा प्राप्त हुई।

पीएम स्वनिधि योजना: छोटे व्यवसायियों को स्वावलंबी बनाने का प्रयास

​नगर निगम प्रशासन और एसबीआई बैंक प्रबंधन ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में भी इस प्रकार के विशेष शिविरों का आयोजन समय-समय पर किया जाएगा, ताकि शहर का कोई भी योग्य रेहड़ी-पटरी वाला या छोटा कारोबारी वित्तीय सहायता से वंचित न रहे।

​पीएम स्वनिधि योजना का उद्देश्य छोटे स्ट्रीट वेंडरों को बिना किसी गारंटी के आसान किस्तों पर कार्यशील पूंजी उपलब्ध कराना है। समय पर ऋण भुगतान करने पर लाभार्थियों को 7% वार्षिक की दर से ब्याज सब्सिडी (Interest Subsidy) दी जाती है और साथ ही डिजिटल लेनदेन पर कैशबैक की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाती है।

शिविर में उपस्थित अधिकारी एवं प्रतिनिधि

​ऋण शिविर के सफल आयोजन और संचालन में नगर निगम तथा बैंक प्रशासन के प्रतिनिधि उपस्थित रहे:

  • नगर निगम प्रतिनिधि: सीएमएम कुमारी कृष्णा, सीआरपी नेहा सहाय, बेबी देवी।
  • SBI बैंक प्रतिनिधि: आरआईएम संजीत कुमार, राम भगत, सुमित कुमार, विशाल कुमार सिन्हा।

​उपस्थित अधिकारियों ने सभी लाभार्थियों को डिजिटल लेनदेन अपनाने और नियत समय पर ऋण की किस्तों का भुगतान करने के लिए प्रेरित किया, ताकि वे भविष्य में योजना के तहत अगली उच्च श्रेणी (Next Tier) की ऋण राशि प्राप्त करने के पात्र बन सकें।

Municipal Corporation Hazaribagh / SBI Main Branch Loan Department Press Release (Dated: 28.07.2026)

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हजारीबाग में बैंककर्मियों की हुंकार, 'फाइव डेज बैंकिंग' की मांग पर हड़ताल से कामकाज ठप, सड़कों पर उतरा आक्रोश

हजारीबाग में बैंककर्मियों की हुंकार, 'फाइव डेज बैंकिंग' की मांग पर हड़ताल से कामकाज ठप, सड़कों पर उतरा आक्रोश

नरेश सोनी विशेष संवाददाता । हजारीबाग | 27 जनवरी 2026

हजारीबाग: यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के आह्वान पर आज हजारीबाग जिले की बैंकिंग व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई। 'फाइव डेज बैंकिंग' यानी सप्ताह में पांच कार्यदिवस की अपनी चिरप्रतीक्षित मांग को लेकर जिले भर के बैंक अधिकारी और कर्मचारी लामबंद होकर सड़कों पर उतर आए। एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल के चलते राष्ट्रीयकृत बैंकों के ताले नहीं खुले और वित्तीय कामकाज पूरी तरह ठप रहा। इस दौरान शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर विशाल रैली निकालकर लगभग 500 बैंककर्मियों ने अपनी एकता का प्रदर्शन किया और सरकार की टालमटोल नीति के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

हड़ताली बैंककर्मियों का स्पष्ट कहना है कि डिजिटल बैंकिंग और ऑनलाइन लेन-देन के तकनीकी विस्तार ने कार्यप्रणाली में आमूलचूल परिवर्तन तो किया है, किंतु इसके विपरीत बैंककर्मियों पर मानसिक और शारीरिक कार्यभार में अप्रत्याशित वृद्धि हुई है। प्रदर्शनकारियों ने रोष व्यक्त करते हुए तर्क दिया कि जब आरबीआई, एलआईसी, जीआईसी और स्टॉक एक्सचेंज जैसी केंद्रीय संस्थाओं में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की व्यवस्था पहले से ही लागू है, तो बैंककर्मियों के साथ यह भेदभावपूर्ण रवैया क्यों अपनाया जा रहा है? वे केवल 'कार्य-जीवन संतुलन' और अपने स्वास्थ्य की रक्षा के लिए यह मांग कर रहे हैं, जो उनका नैसर्गिक अधिकार है।

इस व्यापक विरोध प्रदर्शन की मूल वजह सरकार की वादाखिलाफी मानी जा रही है। मार्च 2024 में इंडियन बैंक्स एसोसिएशन (आईबीए) और यूनियनों के बीच हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते में सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करने पर सैद्धांतिक सहमति बन चुकी थी। विडंबना यह है कि समझौते के लंबे समय बाद भी सरकार ने अब तक इसकी आधिकारिक अधिसूचना जारी नहीं की है। वर्तमान व्यवस्था में केवल दूसरे और चौथे शनिवार को ही अवकाश मिलता है। संगठन ने दो टूक शब्दों में कहा कि वे सप्ताह में पांच दिन कार्य करने के बदले प्रतिदिन 40 मिनट अतिरिक्त समय देने को भी तत्पर हैं, किंतु सरकार की उदासीनता अब धैर्य की परीक्षा ले रही है।

आक्रोशित कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि वित्त मंत्रालय और डीएफएस ने उनकी जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो यह आंदोलन और अधिक उग्र रूप धारण करेगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन की होगी। आज के इस सफल आंदोलन और रैली को नेतृत्व प्रदान करने में बैंक ऑफ इंडिया से अमर कुमार, मनीष बरनवाल, बिंदेश्वर प्रसाद, शिव कुमार यादव, राजेश कुमार, एसबीआई अधिकारी संघ के संगठन सचिव बीरेंद्र कुमार मुंडा, कर्मचारी यूनियन के जिला सचिव पवन कुमार सिन्हा, केनरा बैंक के शशि कुमार बागे और इंडियन बैंक के संतोष कुमार पाण्डेय सहित सैकड़ों अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपनी मुखर भागीदारी सुनिश्चित की।


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