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Editor: Naresh Prasad Soni
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हजारीबाग में शीतलहर का प्रकोप! नौनिहालों की सुरक्षा के लिए प्रशासन का बड़ा फैसला, 10 जनवरी तक आंगनबाड़ी केंद्रों में नहीं लगेगी क्लास

 

हजारीबाग में शीतलहर का प्रकोप! नौनिहालों की सुरक्षा के लिए प्रशासन का बड़ा फैसला, 10 जनवरी तक आंगनबाड़ी केंद्रों में नहीं लगेगी क्लास

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग: जिले में हाड़ कंपा देने वाली ठंड और लगातार जारी शीतलहर को देखते हुए जिला प्रशासन ने नौनिहालों के स्वास्थ्य को लेकर एक संवेदनशील और महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। जिले के सभी आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले 3 से 6 वर्ष के बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए 'शाला पूर्व शिक्षा' यानी प्री-स्कूल गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। महिला, बाल विकास एवं सामाजिक सुरक्षा विभाग के निर्देशों के आलोक में लिया गया यह फैसला 10 जनवरी 2026 तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन का स्पष्ट मानना है कि इस कड़ाके की ठंड में बच्चों को केंद्रों तक बुलाना उनके स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा हो सकता है।

​हालांकि राहत की खबर यह है कि पढ़ाई स्थगित होने के बावजूद बच्चों के पोषण से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट निर्देश दिया है कि बच्चों को मिलने वाला पूरक पोषाहार निर्बाध रूप से जारी रहेगा। आंगनबाड़ी सेविका और सहायिकाएं अब बच्चों के माता-पिता या अभिभावकों को केंद्र पर बुलाकर यह राशन सामग्री उपलब्ध कराएंगी ताकि घर पर रहने के दौरान भी बच्चों के आहार में कोई कमी न आए। इस आदेश का पालन सख्ती से हो इसके लिए सभी बाल विकास परियोजना पदाधिकारियों और महिला पर्यवेक्षिकाओं को नियमित निगरानी का जिम्मा सौंपा गया है। जिला प्रशासन ने दोहराया है कि बच्चों की सेहत उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है और मौसम के मिजाज पर लगातार नजर रखी जा रही है।

डायन कुप्रथा और बाल विवाह पर अब होगा सीधा वार, बरही में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने ली 'सशक्त झारखंड' के निर्माण की शपथ


डायन कुप्रथा और बाल विवाह पर अब होगा सीधा वार, बरही में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने ली 'सशक्त झारखंड' के निर्माण की शपथ

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग: झारखंड को बाल विवाह मुक्त बनाने और डायन कुप्रथा जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए हजारीबाग जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में बरही म एक दिवसीय अनुमंडल स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जहां अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने एक सुर में महिला सशक्तिकरण का शंखनाद किया। इस कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को शपथ दिलाई गई कि वे बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, उनकी शिक्षा को बढ़ावा देंगे और अंधविश्वास के नाम पर होने वाले उत्पीड़न के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएंगे।

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी शिप्रा सिंहा ने मंच से स्पष्ट संदेश दिया कि अंधविश्वास की आड़ में महिलाओं का उत्पीड़न अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि जागरूकता की यह मुहिम अब केवल सभागारों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि जिले के सभी प्लस टू विद्यालयों तक पहुंचेगी ताकि नई पीढ़ी को जागरूक किया जा सके। प्रशासन ने दो टूक चेतावनी दी है कि डायन कुप्रथा को बढ़ावा देने वालों या इसमें संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन कठोरतम कानूनी कार्रवाई करेगा।

कार्यक्रम में सामाजिक बदलाव की जिम्मेदारी घर की दहलीज से शुरू करने की बात भी प्रमुखता से उठी। जिला परिषद अध्यक्ष उमेश मेहता ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि बाल विवाह जैसी कुरीति को रोकने के लिए माताओं को सबसे पहले जागरूक होकर पहल करनी होगी। उन्होंने चिंता जताई कि कच्ची उम्र में विवाह से बच्चियों को न केवल शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है बल्कि उनका पूरा भविष्य अंधकारमय हो जाता है।

इस मौके पर उपस्थित सैकड़ों प्रतिभागियों को 'मिशन शक्ति' और डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम-2001 की जानकारी देने के साथ-साथ मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना और विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना जैसी सरकारी पहलों से भी अवगत कराया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में बरही अनुमंडल पदाधिकारी, यूनिसेफ के प्रतिनिधि और रांची से आए विशेषज्ञों सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं, सहिया और पोषण सखियां मौजूद रहीं जो अब बदलाव के इस संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाए।


अमृतसर से आए रागी जत्थे के शबद-कीर्तन से निहाल हुई संगत, बोले सो निहाल के जयकारों से गूंजा हजारीबाग

अमृतसर से आए रागी जत्थे के शबद-कीर्तन से निहाल हुई संगत, बोले सो निहाल के जयकारों से गूंजा हजारीबाग

हजारीबाग। सिखों के दसवें गुरु, सरबंस दानी धन-धन साहिब श्री गुरु गोबिंद सिंह महाराज का प्रकाश पर्व सोमवार को हजारीबाग में अपार श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया। गुरुद्वारा परिसर में आस्था का ऐसा सैलाब उमड़ा कि हर तरफ भक्ति का माहौल छा गया। सुबह 11 बजे से सजे दीवान में बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगत ने हाजिरी लगाई और गुरु घर का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस पावन अवसर पर पूरा वातावरण 'वाहेगुरु' के सिमरन और जयकारों से गुंजायमान रहा।

​विशेष दीवान की शुरुआत भाई परमजीत सिंह के मधुर शबद-कीर्तन से हुई, जिसने संगत को भावविभोर कर दिया। इसके उपरांत कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण सचखंड हरमंदिर साहिब, दरबार साहिब (अमृतसर) से विशेष रूप से पधारे पंथ-प्रसिद्ध रागी भाई साहिब भाई बलदेव सिंह जी भूलपुर का कीर्तन रहा। उन्होंने अपनी रूहानी आवाज में गुरुवाणी का शबद-कीर्तन प्रस्तुत कर संगत को मंत्रमुग्ध कर दिया। अमृतसर से आए रागी जत्थे की वाणी सुनकर उपस्थित श्रद्धालु निहाल हो उठे और पूरा हॉल जो बोले सो निहाल, सत  अकाल के उद्घोष से गूंज उठा।

​दीवान की समाप्ति के बाद दोपहर दो बजे से गुरु का अटूट लंगर श्रद्धापूर्वक बरताया गया। लंगर में सामाजिक समरसता और भाईचारे की अद्भुत मिसाल देखने को मिली, जहां सदर विधायक प्रदीप प्रसाद सहित सभी धर्मों के लोगों और गणमान्य नागरिकों ने एक साथ पंगत में बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। इस दौरान सेवा और समर्पण की भावना ने सभी का मन मोह लिया। विधायक प्रदीप प्रसाद ने भी मत्था टेका और प्रदेश की खुशहाली की कामना की।

​इस भव्य आयोजन को सफल बनाने में  गुरु सिंह सभा के सदस्यों का अहम योगदान रहा। सभा के अध्यक्ष स. परमवीर सिंह कालरा, उपाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह व नितिन बावा, सचिव आनंद राज सिंह कालरा, कोषाध्यक्ष कुलतार सिंह और जसमीत सिंह ने दीवान में शामिल होने के लिए समस्त संगत का तहे दिल से धन्यवाद किया। कार्यक्रम के दौरान मीडिया प्रभारी रोहित बजाज ने बताया कि गुरु का अटूट लंगर सामूहिक साध संगत की ओर से निरंतर बरताया गया। प्रकाश पर्व के इस आयोजन ने शहर में आपसी भाईचारे और सांप्रदायिक सौहार्द को और मजबूत किया है।

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