-->
होम राशिफल
YouTube
ई-पेपर राज्य चुनें
EDITOR: NARESH PRASAD SONI
--:--
...
🌤
--°C
Special Offer
🎙️ न्यूज़ प्रहरी रिपोर्टर बनें
क्या आप अपने क्षेत्र की आवाज बनना चाहते हैं?
मात्र 5 मिनट में अपनी पत्रकार ID एवं अपॉइंटमेंट लेटर प्राप्त करें!

डायन कुप्रथा और बाल विवाह पर अब होगा सीधा वार, बरही में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने ली 'सशक्त झारखंड' के निर्माण की शपथ

0


डायन कुप्रथा और बाल विवाह पर अब होगा सीधा वार, बरही में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों ने ली 'सशक्त झारखंड' के निर्माण की शपथ

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग: झारखंड को बाल विवाह मुक्त बनाने और डायन कुप्रथा जैसी सामाजिक बुराई को जड़ से उखाड़ फेंकने के लिए हजारीबाग जिला प्रशासन ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में बरही म एक दिवसीय अनुमंडल स्तरीय कार्यशाला का आयोजन किया गया जहां अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने एक सुर में महिला सशक्तिकरण का शंखनाद किया। इस कार्यक्रम में उपस्थित जनसमूह को शपथ दिलाई गई कि वे बेटियों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे, उनकी शिक्षा को बढ़ावा देंगे और अंधविश्वास के नाम पर होने वाले उत्पीड़न के खिलाफ एकजुट होकर आवाज उठाएंगे।

जिला समाज कल्याण पदाधिकारी शिप्रा सिंहा ने मंच से स्पष्ट संदेश दिया कि अंधविश्वास की आड़ में महिलाओं का उत्पीड़न अब किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने एक बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि जागरूकता की यह मुहिम अब केवल सभागारों तक सीमित नहीं रहेगी बल्कि जिले के सभी प्लस टू विद्यालयों तक पहुंचेगी ताकि नई पीढ़ी को जागरूक किया जा सके। प्रशासन ने दो टूक चेतावनी दी है कि डायन कुप्रथा को बढ़ावा देने वालों या इसमें संलिप्त पाए जाने वालों के खिलाफ जिला प्रशासन कठोरतम कानूनी कार्रवाई करेगा।

कार्यक्रम में सामाजिक बदलाव की जिम्मेदारी घर की दहलीज से शुरू करने की बात भी प्रमुखता से उठी। जिला परिषद अध्यक्ष उमेश मेहता ने भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि बाल विवाह जैसी कुरीति को रोकने के लिए माताओं को सबसे पहले जागरूक होकर पहल करनी होगी। उन्होंने चिंता जताई कि कच्ची उम्र में विवाह से बच्चियों को न केवल शारीरिक और मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ती है बल्कि उनका पूरा भविष्य अंधकारमय हो जाता है।

इस मौके पर उपस्थित सैकड़ों प्रतिभागियों को 'मिशन शक्ति' और डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम-2001 की जानकारी देने के साथ-साथ मुख्यमंत्री मंईयां सम्मान योजना, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना और विधवा पुनर्विवाह प्रोत्साहन योजना जैसी सरकारी पहलों से भी अवगत कराया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में बरही अनुमंडल पदाधिकारी, यूनिसेफ के प्रतिनिधि और रांची से आए विशेषज्ञों सहित बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी सेविकाएं, सहिया और पोषण सखियां मौजूद रहीं जो अब बदलाव के इस संदेश को गांव-गांव तक पहुंचाए।


कोई टिप्पणी नहीं

एक टिप्पणी भेजें

© 2025 News Prahari. All Rights Reserved. | Reg No: JH-11-0021972