पथ-सुरक्षा की प्रेरक प्रस्तुति- गणतंत्र दिवस समारोह में हजारीबाग परिवहन विभाग की झांकी ने फहराया विजय परचम
हजारीबाग: गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आयोजित भव्य जिला स्तरीय समारोह में परिवहन विभाग की झांकी ने अपनी रचनात्मकता और जन-जागरूकता के अनूठे संगम से प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर गौरवशाली उपलब्धि हासिल की है। जिला परिवहन कार्यालय द्वारा प्रस्तुत इस झांकी का मूल उद्देश्य न केवल यातायात नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना था, बल्कि आधुनिक सुरक्षा उपकरणों और सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक प्रभावी ढंग से संप्रेषित करना भी था। समारोह के दौरान इस झांकी ने दर्शकों और निर्णायक मंडल का ध्यान अपनी ओर विशेष रूप से आकर्षित किया, जहाँ सड़क सुरक्षा के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।
इस पुरस्कृत झांकी की सबसे बड़ी विशेषता इसका जीवंत प्रदर्शन रहा, जिसमें सड़क दुर्घटना के दृश्यों का अत्यंत मार्मिक और सजीव चित्रण कर आम नागरिकों को यातायात के कड़े नियमों के प्रति सचेत किया गया। विभाग ने विभिन्न कट-आउट्स और कलाकृतियों के माध्यम से 'हिट एंड रन' के कड़े प्रावधानों, दुर्घटना में घायलों की सहायता करने वाले 'नेक मददगार' (गुड सेमेरिटन) और 'सड़क सुरक्षा दूत' जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। झांकी की इस संवेदनात्मक प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा मात्र एक नियम नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा का एक अनिवार्य संकल्प है।
समारोह के मुख्य अतिथियों और उच्चाधिकारियों ने परिवहन विभाग के इस नवाचार की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए इसे सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम बताया। झांकी के माध्यम से राहगीरों को यह बोध कराया गया कि उनकी एक सतर्कता किसी परिवार के चिराग को बुझने से बचा सकती है। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली इस झांकी ने गणतंत्र दिवस की गरिमा को बढ़ाते हुए हजारीबाग वासियों को यह संदेश दिया कि नियमबद्ध परिवहन ही एक सुरक्षित राष्ट्र की नींव है।


