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Editor: Naresh Prasad Soni
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सड़क हादसों के विरुद्ध केंद्र का 'महाकवच': अब मात्र 10 मिनट में पहुंचेगी 'जीवनरक्षक' एम्बुलेंस, मददगारों को सम्मान और घायलों का 1.5 लाख तक मुफ्त इलाज


सड़क हादसों के विरुद्ध केंद्र का 'महाकवच': अब मात्र 10 मिनट में पहुंचेगी 'जीवनरक्षक' एम्बुलेंस, मददगारों को सम्मान और घायलों का 1.5 लाख तक मुफ्त इलाज

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

नई दिल्ली | 27 जनवरी 2026

​केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने संसद के पटल पर सड़क सुरक्षा और दुर्घटनाग्रस्त पीड़ितों के प्राणरक्षा हेतु एक ऐतिहासिक और मानवीय संवेदनाओं से ओत-प्रोत कार्ययोजना की घोषणा की है। सदन में बोलते हुए केंद्रीय मंत्री ने स्वीकार किया कि देश में प्रतिवर्ष होने वाली सड़क दुर्घटनाओं में लाखों लोग अपनी जान गंवाते हैं, जिनमें से एक बड़ा हिस्सा केवल इसलिए काल के गाल में समा जाता है क्योंकि उन्हें 'गोल्डन ऑवर' यानी दुर्घटना के तुरंत बाद के बहुमूल्य समय में उचित चिकित्सा नहीं मिल पाती। इस विभीषिका को समाप्त करने हेतु केंद्र सरकार ने अब 'त्वरित प्रतिक्रिया' और 'निशुल्क उपचार' को अपनी प्राथमिकता बनाया है।

​गडकरी ने सदन को आश्वस्त किया कि अब सड़क दुर्घटना के शिकार किसी भी व्यक्ति को उपचार के अभाव में दम नहीं तोड़ने दिया जाएगा। सरकार ने यह सुनिश्चित करने का निर्णय लिया है कि दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति को अस्पताल पहुँचाने पर उसके इलाज का प्रथम सात दिनों का खर्च, जो कि अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक होगा, वह पूरी तरह से सरकार या एनएचएआई द्वारा वहन किया जाएगा। यह कदम उन निर्धन परिवारों के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं होगा जो पैसों के अभाव में अपने प्रियजनों का इलाज नहीं करा पाते थे। इसके साथ ही, दुर्घटना के समय मदद करने से कतराने वाले आम जनों के मन से पुलिसिया पचड़े का भय निकालने के लिए सरकार ने 'गुड समैरिटन' (नेक राहगीर) नीति को और सशक्त किया है। अब घायलों को अस्पताल पहुँचाने वाले व्यक्ति को न केवल कानूनी झंझटों से मुक्त रखा जाएगा, बल्कि उन्हें 'राहगीर' की उपाधि से विभूषित कर 25,000 रुपये तक की प्रोत्साहन राशि देकर सम्मानित भी किया जाएगा.

​सड़क सुरक्षा के बुनियादी ढांचे में आमूलचूल परिवर्तन की घोषणा करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि अक्सर एम्बुलेंस के देर से पहुँचने या अलग-अलग हेल्पलाइन नंबरों के भ्रम में जान चली जाती है। इस समस्या के स्थाई समाधान हेतु अब पूरे देश में 'एक राष्ट्र-एक हेल्पलाइन' की तर्ज पर एकीकृत नंबर प्रणाली लागू की जाएगी। उन्होंने एक अत्यंत महत्वपूर्ण तकनीकी पहलू को उजागर करते हुए बताया कि कई बार दुर्घटनाग्रस्त बस या कार के पिचक जाने से यात्री मलबे में फंस जाते हैं और सामान्य एम्बुलेंस कर्मियों के पास उन्हें बाहर निकालने के औजार नहीं होते। इस विवशता को दूर करने के लिए एनएचएआई अब राज्यों को अत्याधुनिक उपकरणों से सुसज्जित एम्बुलेंस मुहैया कराएगा। इन एम्बुलेंस में न केवल डॉक्टर, ऑक्सीजन और ईसीजी की सुविधा होगी, बल्कि मलबे को काटकर घायलों को सुरक्षित निकालने वाले 'कटर' और अन्य बचाव उपकरण भी मौजूद होंगे.

​इस महत्वकांक्षी योजना के क्रियान्वयन हेतु केंद्र सरकार राज्यों के साथ एक विशेष समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर करने जा रही है। इसके तहत एनएचएआई राज्यों को निःशुल्क आधुनिक एम्बुलेंस उपलब्ध कराएगा, लेकिन इसके साथ एक अनिवार्य शर्त जुड़ी होगी— किसी भी दुर्घटना की सूचना मिलने के मात्र 10 मिनट के भीतर एम्बुलेंस को घटनास्थल पर पहुँचना होगा। गडकरी ने स्पष्ट किया कि 10 मिनट की यह समय-सीमा जीवन और मृत्यु के बीच का निर्णायक फासला है, जिसे पाटना ही सरकार का अंतिम ध्येय है। इस पहल ने यह सिद्ध कर दिया है कि सरकार अब सड़क सुरक्षा को केवल आंकड़ों के चश्मे से नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं की दृष्टि से देख रही है.

ईचाक में बेतरतीब यातायात और सड़क सुरक्षा पर पुलिस का सख्त रुख, थाना प्रभारी ने जारी की कड़ी चेतावनी, सुगम आवागमन हेतु जनसहयोग की अपील

ईचाक में बेतरतीब यातायात और सड़क सुरक्षा पर पुलिस का सख्त रुख, थाना प्रभारी ने जारी की कड़ी चेतावनी, सुगम आवागमन हेतु जनसहयोग की अपील


ईचाक/हजारीबाग| 27 जनवरी 2026

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

​हजारीबाग/ईचाक थाना क्षेत्र के हृदय स्थल माने जाने वाले मुख्य बाजार, ईचाक मोड़ तथा करियातपुर जैसे व्यस्ततम इलाकों में बढ़ती यातायात अराजकता को लेकर पुलिस प्रशासन अब पूरी तरह से सतर्क और गंभीर मुद्रा में आ गया है। सड़कों पर व्याप्त अव्यवस्था और नियमों की लगातार हो रही अनदेखी के मद्देनजर ईचाक पुलिस ने आम जनमानस की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु एक विशेष जन-जागरूकता अपील जारी की है। थाना प्रभारी गौतम कुमार ने क्षेत्रवासियों को स्पष्ट संदेश दिया है कि सड़क सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

​प्रशासन के संज्ञान में यह विषय प्रमुखता से आया है कि मुख्य मार्गों और बाजार के किनारे लोग अपने दोपहिया, टेम्पो और चारपहिया वाहनों को अत्यंत बेतरतीब ढंग से खड़ा कर रहे हैं। इस अनियंत्रित पार्किंग के कारण सड़कों पर अनावश्यक जाम की स्थिति उत्पन्न हो रही है, जिसका सर्वाधिक खामियाजा स्कूल जाने वाले विद्यार्थियों और आपातकालीन चिकित्सा सेवा की आवश्यकता वाले मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। इसके अतिरिक्त, बिना हेलमेट वाहन चलाना और नाबालिगों के हाथों में स्टेरिंग थमाना जैसी प्रवृतियां दुर्घटनाओं को खुला निमंत्रण दे रही हैं, जो जान-माल के लिए एक आसन्न संकट बन चुका है।

​थाना प्रभारी ने सख्त लहजे में चेतावनी देते हुए कहा है कि पुलिस का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि नागरिकों के बहुमूल्य जीवन की रक्षा करना है। अतः समस्त वाहन चालकों से आग्रह है कि वे अपने वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा करें और यातायात नियमों का अक्षरशः पालन करें। पुलिस ने दो-टूक शब्दों में कहा है कि भविष्य में नियमों का उल्लंघन करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ईचाक को एक सुरक्षित, सुव्यवस्थित और दुर्घटना-मुक्त क्षेत्र बनाने के लिए प्रशासन ने आम जनता से सक्रिय सहयोग और नागरिक दायित्व के निर्वहन की अपेक्षा की है।

पथ-सुरक्षा की प्रेरक प्रस्तुति- गणतंत्र दिवस समारोह में हजारीबाग परिवहन विभाग की झांकी ने फहराया विजय परचम

पथ-सुरक्षा की प्रेरक प्रस्तुति- गणतंत्र दिवस समारोह में हजारीबाग परिवहन विभाग की झांकी ने फहराया विजय परचम

हजारीबाग: गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आयोजित भव्य जिला स्तरीय समारोह में परिवहन विभाग की झांकी ने अपनी रचनात्मकता और जन-जागरूकता के अनूठे संगम से प्रथम पुरस्कार प्राप्त कर गौरवशाली उपलब्धि हासिल की है। जिला परिवहन कार्यालय द्वारा प्रस्तुत इस झांकी का मूल उद्देश्य न केवल यातायात नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना था, बल्कि आधुनिक सुरक्षा उपकरणों और सरकार की लोक-कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक प्रभावी ढंग से संप्रेषित करना भी था। समारोह के दौरान इस झांकी ने दर्शकों और निर्णायक मंडल का ध्यान अपनी ओर विशेष रूप से आकर्षित किया, जहाँ सड़क सुरक्षा के प्रति विभाग की प्रतिबद्धता स्पष्ट रूप से परिलक्षित हुई।

इस पुरस्कृत झांकी की सबसे बड़ी विशेषता इसका जीवंत प्रदर्शन रहा, जिसमें सड़क दुर्घटना के दृश्यों का अत्यंत मार्मिक और सजीव चित्रण कर आम नागरिकों को यातायात के कड़े नियमों के प्रति सचेत किया गया। विभाग ने विभिन्न कट-आउट्स और कलाकृतियों के माध्यम से 'हिट एंड रन' के कड़े प्रावधानों, दुर्घटना में घायलों की सहायता करने वाले 'नेक मददगार' (गुड सेमेरिटन) और 'सड़क सुरक्षा दूत' जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। झांकी की इस संवेदनात्मक प्रस्तुति ने यह संदेश दिया कि सड़क सुरक्षा मात्र एक नियम नहीं, बल्कि जीवन की रक्षा का एक अनिवार्य संकल्प है।

समारोह के मुख्य अतिथियों और उच्चाधिकारियों ने परिवहन विभाग के इस नवाचार की मुक्त कंठ से प्रशंसा करते हुए इसे सामाजिक चेतना का सशक्त माध्यम बताया। झांकी के माध्यम से राहगीरों को यह बोध कराया गया कि उनकी एक सतर्कता किसी परिवार के चिराग को बुझने से बचा सकती है। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली इस झांकी ने गणतंत्र दिवस की गरिमा को बढ़ाते हुए हजारीबाग वासियों को यह संदेश दिया कि नियमबद्ध परिवहन ही एक सुरक्षित राष्ट्र की नींव है।

जीवन रक्षा का संकल्प - डीवीसी चौक पर परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने चलाया सघन जांच व काउंसलिंग अभियान


जीवन रक्षा का संकल्प - डीवीसी चौक पर परिवहन विभाग और यातायात पुलिस ने चलाया सघन जांच व काउंसलिंग अभियान

हजारीबाग: राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 के निमित्त जिला प्रशासन द्वारा जन-मानस को सुरक्षित यातायात के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से चलाए जा रहे अभियान के क्रम में आज स्थानीय डीवीसी चौक पर एक प्रभावी संयुक्त कार्रवाई की गई। जिला परिवहन कार्यालय की सड़क सुरक्षा टीम और यातायात पुलिस ने समन्वय स्थापित करते हुए न केवल नियम विरुद्ध वाहन चलाने वालों पर अंकुश लगाया, बल्कि उन्हें जीवन की महत्ता का बोध भी कराया। इस विशेष अभियान के दौरान बिना हेलमेट, सीट बेल्ट के अभाव और तीव्र गति से वाहन संचालित करने वाले चालकों को चिन्हित कर उनके विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य दंडात्मक कार्रवाई से इतर लोगों के व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाना रहा, जिसके लिए मौके पर ही विशेष काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया गया।

जांच अभियान के दौरान अधिकारियों ने वाहन चालकों को अत्यंत संवेदनशीलता के साथ यह समझाया कि सड़क सुरक्षा नियमों का अनुपालन केवल पुलिसिया दंड या चालान से बचने का माध्यम नहीं है, अपितु यह स्वयं के जीवन और परिजनों की खुशियों को सुरक्षित रखने का एकमात्र मार्ग है। काउंसलिंग में इस बात पर बल दिया गया कि असावधानी के एक क्षण की परिणति गंभीर दुर्घटना के रूप में हो सकती है। ज्ञात हो कि 1 जनवरी से निरंतर संचालित इस जागरूकता माह के अंतर्गत परिवहन कार्यालय द्वारा प्रतिदिन विभिन्न माध्यमों से लोगों को सजग किया जा रहा है, ताकि जिले में दुर्घटनाओं की दर को न्यूनतम स्तर पर लाया जा सके।

इस महत्वपूर्ण अभियान का नेतृत्व यातायात प्रभारी अनूप कुमार, मोटर यान निरीक्षक बिरसू सिंह, सड़क सुरक्षा प्रबंधक संतोष कुमार, रोड इंजीनियर एनालिस्ट शारिक इकबाल और आईटी सहायक अरविंद कुमार ने संयुक्त रूप से किया। अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि सड़क पर अनुशासन ही दुर्घटनाओं के विरुद्ध सबसे सशक्त कवच है। पुलिस और परिवहन विभाग की इस सक्रियता ने राहगीरों के बीच एक सकारात्मक संदेश प्रवाहित किया है। इस संयुक्त कार्रवाई से यह स्पष्ट होता है कि जिला प्रशासन सड़क सुरक्षा को लेकर अत्यंत गंभीर है और भविष्य में भी ऐसे काउंसलिंग सत्रों के माध्यम से नागरिकों को जिम्मेदार चालक बनाने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा।

क्रूर नियति का वज्रपात- हरली में मर्मांतक सड़क हादसे ने बुझाया टटगांवा का इकलौता कुलदीपक, छह माह पूर्व सेहरे से सजे युवक का सुहाग उजड़ा

क्रूर नियति का वज्रपात- हरली में मर्मांतक सड़क हादसे ने बुझाया टटगांवा का इकलौता कुलदीपक, छह माह पूर्व सेहरे से सजे युवक का सुहाग उजड़ा



दारू/हजारीबाग: दारू थाना क्षेत्र अंतर्गत हरली स्थित बीडीजेजे इंटर महाविद्यालय के समीप गुरुवार को घटित एक हृदयविदारक सड़क दुर्घटना ने टटगांवा निवासी रामचंद्र महतो के हंसते-खेलते परिवार को आजीवन अश्रुपूर्ण अंधकार में धकेल दिया है। नियति के इस निष्ठुर खेल में घर का इकलौता चिराग, 30 वर्षीय अरुण कुमार, काल के गाल में समा गया। विडंबना यह रही कि महज छह माह पूर्व ही जुलाई 2025 में परिणय सूत्र में बंधा यह नवविवाहित जोड़ा, सुनहरे भविष्य के सपने संजोए बाइक से परीक्षा देने हजारीबाग की ओर अग्रसर था, तभी काल बनकर आए एक अनियंत्रित ट्रेकर ने उनकी खुशियों को कुचल दिया। ट्रेकर के गार्ड से हुई भीषण टक्कर में दंपति लहूलुहान होकर सड़क पर गिर पड़े।

​स्थानीय ग्रामीणों और पुलिस की तत्परता से दोनों को हजारीबाग भेजा गया, जहाँ से उनकी नाजुक स्थिति को देखते हुए रिम्स, रांची रेफर किया गया, किन्तु चरही पहुंचते-पहुंचते अरुण के प्राण पखेरू उड़ गए, जबकि उसकी अर्धांगिनी अब भी अस्पताल में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्षरत है। पांच बहनों के बीच इकलौते और लाडले भाई के आकस्मिक निधन से टटगांवा में कोहराम मच गया है। परिजनों का करुण क्रंदन और चित्कार सुन पत्थर दिल भी पसीज उठे हैं, वहीं पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।

रफ्तार के सौदागरों पर 'ब्रेक' हजारीबाग में ओवर स्पीडिंग पर प्रशासन का सख्त प्रहार, सड़क पर ही क्लास और ऑनलाइन चालान

रफ्तार के सौदागरों पर 'ब्रेक' हजारीबाग में ओवर स्पीडिंग पर प्रशासन का सख्त प्रहार, सड़क पर ही क्लास और ऑनलाइन चालान


हजारीबाग। सड़कों पर बेलगाम दौड़ने वाले वाहनों और आए दिन हो रही दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए गुरुवार को हजारीबाग परिवहन विभाग ने कड़ा रुख अख्तियार किया। जिला परिवहन पदाधिकारी और मोटर यान निरीक्षक (MVI) की संयुक्त टीम ने सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत एक विशेष और सघन जांच अभियान चलाकर नियम तोड़ने वालों की जमकर खबर ली। प्रशासन का यह अभियान पूरी तरह से 'ओवर स्पीडिंग' यानी तेज गति पर केंद्रित रहा, जिसने फर्राटे भर रहे चालकों के पसीने छुड़ा दिए।

​जांच के दौरान टीम ने तेज रफ्तार में वाहन चलाने वाले दर्जनों चालकों को रंगे हाथों पकड़ा और मौके पर ही उनका ऑनलाइन चालान काट दिया। हालांकि, प्रशासन की यह कार्रवाई केवल जुर्माने तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसमें सुधारात्मक दृष्टिकोण भी अपनाया गया। अधिकारियों ने पकड़े गए चालकों की सड़क किनारे ही काउंसलिंग की और उन्हें समझाया कि उनकी थोड़ी सी जल्दबाजी न केवल उनकी जान ले सकती है, बल्कि दूसरों के लिए भी जानलेवा साबित हो सकती है। चालकों को भविष्य में सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित करते हुए सुरक्षा नियमों से जुड़े पंपलेट भी वितरित किए गए।

​जिला परिवहन पदाधिकारी ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि सड़क हादसों को रोकने के लिए विभाग अब 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रहा है और यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। इस कार्रवाई में जिला परिवहन पदाधिकारी और मोटर यान निरीक्षक के साथ-साथ सड़क सुरक्षा टीम की सक्रिय भूमिका रही, जिससे यह साफ संदेश गया है कि अब हजारीबाग की सड़कों पर नियमों की अनदेखी करने वालों की खैर नहीं है।

सड़क सुरक्षा माह 2026, हजारीबाग उच्च विद्यालय में लगी पाठशाला, छात्रों ने ली यातायात नियमों के पालन की शपथ

सड़क सुरक्षा माह 2026, हजारीबाग उच्च विद्यालय में लगी पाठशाला, छात्रों ने ली यातायात नियमों के पालन की शपथ



हजारीबाग: सड़क सुरक्षा माह 2026 के मद्देनजर जिला परिवहन कार्यालय हजारीबाग की ओर से जागरूकता अभियानों का सिलसिला लगातार जारी है। इसी कड़ी में जिला परिवहन विभाग की सड़क सुरक्षा टीम ने हजारीबाग उच्च विद्यालय में एक विशेष जागरूकता कार्यशाला का आयोजन किया, जिसका मुख्य उद्देश्य स्कूली छात्रों के भीतर कम उम्र से ही यातायात नियमों के प्रति जिम्मेदारी का भाव जगाना था। इस कार्यक्रम में विभाग के अधिकारियों ने छात्रों को न केवल सड़क सुरक्षा के नियम सिखाए, बल्कि उन्हें जीवन रक्षा के लिए हेलमेट और सीट बेल्ट की अनिवार्यता को गंभीरता से समझने का पाठ भी पढ़ाया।

​इस जागरूकता अभियान के दौरान टीम ने विद्यार्थियों को सड़क पर चलते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कार्यक्रम को रोचक और प्रभावकारी बनाने के लिए छात्रों के बीच विशेष पम्पलेट भी वितरित किए गए, ताकि सुरक्षा के संदेश को अनूठे तरीके से उन तक पहुंचाया जा सके और वे इसे अपने दैनिक जीवन में उतार सकें। इस पहल की विद्यालय के प्राचार्य और शिक्षकों ने भूरी-भूरी प्रशंसा की। कार्यक्रम के समापन सत्र में एक भावुक और जिम्मेदार क्षण तब आया जब उपस्थित सभी छात्रों ने एक स्वर में यातायात नियमों का सदैव पालन करने और सुरक्षित सफर को प्राथमिकता देने की शपथ ली।

​इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में परिवहन विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे, जिन्होंने अपने अनुभवों से छात्रों का मार्गदर्शन किया। मुख्य रूप से मोटर यान निरीक्षक, सड़क सुरक्षा प्रबंधक, रोड इंजीनियर एनालिस्ट तथा आईटी सहायक (सड़क सुरक्षा) ने कार्यक्रम में अपनी सक्रिय भूमिका निभाई। अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि सड़क सुरक्षा केवल एक नियम नहीं, बल्कि जीवन जीने का सलीका है और युवा पीढ़ी ही इस बदलाव की असली वाहक बन सकती है। आयोजन का समापन छात्रों द्वारा नियमों के अनुपालन के संकल्प के साथ हुआ, जो सड़क सुरक्षा माह 2026 के उद्देश्यों को सफल बनाने की दिशा में एक सार्थक कदम साबित हुआ।

सड़क सुरक्षा को लेकर बरही में प्रशासन सख्त- डीटीओ और एमवीआई ने चलाया सघन जांच अभियान, चालकों की हुई काउंसलिंग

सड़क सुरक्षा को लेकर बरही में प्रशासन सख्त- डीटीओ और एमवीआई ने चलाया सघन जांच अभियान, चालकों की हुई काउंसलिंग

बरही/हजारीबाग : सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों के प्रति आम जनमानस को जागरूक करने के उद्देश्य से मंगलवार को जिला परिवहन कार्यालय (DTO) और मोटर यान निरीक्षक (MVI) कार्यालय द्वारा बरही में संयुक्त रूप से विशेष वाहन जांच अभियान चलाया गया। इस सघन अभियान के दौरान अधिकारियों ने न केवल नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की बारीकी से पड़ताल की, बल्कि चालकों के लिए एक विशेष काउंसलिंग सत्र का भी आयोजन किया। जांच के दौरान बिना हेलमेट, सीट बेल्ट के अभाव और ओवरलोडिंग जैसे मामलों पर सख्त हिदायत दी गई। अधिकारियों ने मौके पर ही चालकों को सड़क सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाते हुए बताया कि उनकी एक छोटी सी लापरवाही न केवल उनके लिए बल्कि दूसरों के जीवन के लिए भी बड़ा खतरा बन सकती है।

अभियान के दौरान बड़े पैमाने पर सुरक्षा संबंधी पम्पलेट वितरित किए गए, जिसमें यातायात नियमों और सुरक्षित सफर के मानकों की विस्तृत जानकारी दी गई थी। परिवहन विभाग के अधिकारियों ने स्पष्ट संदेश दिया कि यह अभियान केवल चालान काटने के लिए नहीं, बल्कि लोगों के जीवन की रक्षा सुनिश्चित करने के लिए है। प्रशासन की इस सक्रियता से वाहन चालकों के बीच हड़कंप तो रहा, लेकिन स्थानीय नागरिकों ने इसे सुरक्षित यातायात की दिशा में एक सकारात्मक कदम बताया। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि भविष्य में भी इस तरह की जांच जारी रहेगी और नियमों की अनदेखी करने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

हजारीबाग के कोर्रा चौक पर लगी ट्रैफिक की पाठशाला, सड़क पर उतरे सोशल मीडिया स्टार्स ने युवाओं को सिखाए सुरक्षा के पाठ

हजारीबाग के कोर्रा चौक पर लगी ट्रैफिक की पाठशाला, सड़क पर उतरे सोशल मीडिया स्टार्स ने युवाओं को सिखाए सुरक्षा के पाठ


हजारीबाग। राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह-2026 के अंतर्गत जिला परिवहन कार्यालय ने जागरूकता अभियान को एक नया और रोचक आयाम दिया है। इसी कड़ी में शहर के व्यस्ततम कोर्रा चौक पर यातायात नियमों की एक चलती-फिरती पाठशाला देखने को मिली, जहां सोशल मीडिया के चर्चित चेहरों ने वर्चुअल दुनिया से निकलकर सीधे सड़क पर युवाओं और विद्यार्थियों से संवाद किया। जिला परिवहन विभाग की इस अनूठी पहल ने न केवल राहगीरों का ध्यान खींचा बल्कि खेल-खेल में सड़क सुरक्षा का गंभीर संदेश भी जन-जन तक पहुंचाया।

​कार्यक्रम के दौरान स्थानीय सोशल मीडिया इनफ्लुएंसर्स ने युवाओं के साथ 'ट्रैफिक क्विज' का आयोजन किया। इसमें यातायात नियमों, हेलमेट की अनिवार्यता, ट्रैफिक सिग्नल की समझ और सड़क सुरक्षा के मानकों पर आधारित सवाल पूछे गए। सबसे खास बात यह रही कि सही जवाब देने वाले जागरूक विद्यार्थियों और युवाओं को मौके पर ही पुरस्कृत किया गया, जिससे वहां मौजूद लोगों में नियमों को जानने और पालन करने के प्रति खासा उत्साह देखा गया। इस दौरान जिला परिवहन कार्यालय की टीम ने आमजनों के बीच सड़क सुरक्षा संबंधी पम्पलेट का वितरण भी किया ताकि जागरूकता का यह संदेश घर-घर तक पहुंच सके।

​मौके पर उपस्थित मोटर यान निरीक्षक ने बताया कि अक्सर लोग नियमों को बोझ समझते हैं, इसलिए इस बार विभाग ने मनोरंजक तरीके से युवाओं को जोड़ने का प्रयास किया है ताकि वे स्वेच्छा से यातायात नियमों को अपनी आदत में शुमार करें। इस अभियान में मोटर यान निरीक्षक के अलावा जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक, रोड इंजीनियर एनालिस्ट, आईटी सहायक, डिस्ट्रिक्ट रोल आउट मैनेजर और कार्यालय के अन्य कर्मियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन के इस रचनात्मक प्रयास की सराहना करते हुए इसे चालान काटने से बेहतर और प्रभावी तरीका बताया है।

हजारीबाग में रंगों के जरिए नौनिहालों ने दिया जीवन रक्षा का संदेश


हजारीबाग में रंगों के जरिए नौनिहालों ने दिया जीवन रक्षा का संदेश

सड़क सुरक्षा माह के तहत परिवहन विभाग ने दिलाई यातायात नियमों के पालन की शपथ

हजारीबाग: के सिंदूर स्थित होटल विनायक पैलेस में रविवार को रचनात्मकता और जागरूकता का अनूठा संगम देखने को मिला। जिला परिवहन कार्यालय के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में स्कूली बच्चों ने अपनी तूलिका और रंगों के माध्यम से 'सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा' का ऐसा सशक्त संदेश उकेरा कि वहां मौजूद हर शख्स की अंतरात्मा जाग उठी। सड़क सुरक्षा माह के तहत आयोजित इस भव्य कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनों और विशेषकर युवा पीढ़ी को यातायात नियमों के प्रति गंभीर बनाना था ताकि सड़कों पर हो रही असमय मौतों के सिलसिले को रोका जा सके।

कार्यक्रम के दौरान जागरूकता अभियान को धार देते हुए जिला परिवहन कार्यालय और यातायात पुलिस के पदाधिकारियों ने एक सुर में सुरक्षा का मंत्र दिया। इस मौके पर उपस्थित विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने और यातायात के सभी नियमों का कड़ाई से पालन करने की सामूहिक शपथ दिलाई गई। पेंटिंग प्रतियोगिता में विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने अपनी कल्पनाशक्ति का परिचय देते हुए कैनवास पर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के उपाय और सुरक्षित सफर के दृश्य चित्रित किए। इन नन्हे हाथों द्वारा बनाए गए चित्रों में छिपे गहरे संदेशों ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया।

प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को विभाग द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में सड़क सुरक्षा प्रबंधक, रोड इंजीनियर एनालिस्ट, आईटी सहायक सड़क सुरक्षा सहित यातायात पुलिस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे जिन्होंने बच्चों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम का समापन जिला परिवहन पदाधिकारी के उस प्रेरक संदेश के साथ हुआ जिसमें उन्होंने कहा कि सुरक्षित ड्राइविंग न केवल चालक की बल्कि सड़क पर चलने वाले दूसरे निर्दोष लोगों की जान भी बचाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चालान के डर से नहीं बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन करें क्योंकि जागरूकता ही बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है।


हजारीबाग की सड़कों पर उतरा प्रशासन - वाहन जांच के साथ नियमों की दी गई घुट्टी, हिट-एंड-रन के नए मुआवजे से कराया अवगत

 

हजारीबाग की सड़कों पर उतरा प्रशासन - वाहन जांच के साथ नियमों की दी गई घुट्टी, हिट-एंड-रन के नए मुआवजे से कराया अवगत


हजारीबाग: जिले राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत आज जिला परिवहन कार्यालय, सड़क सुरक्षा टीम और यातायात पुलिस ने संयुक्त रूप से एक व्यापक जागरूकता एवं सघन जांच अभियान चलाया। शहर के विभिन्न प्रमुख चौराहों पर चलाए गए इस विशेष अभियान का नेतृत्व करते हुए अधिकारियों ने न केवल नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को रोका, बल्कि मौके पर ही उनकी काउंसलिंग कर सुरक्षित ड्राइविंग की शपथ भी दिलाई। इस पहल का मुख्य उद्देश्य चालान काटने से अधिक नागरिकों के भीतर उत्तरदायित्व की भावना पैदा करना और सड़क दुर्घटनाओं की दर में प्रभावी कमी लाना रहा।


जांच के दौरान जिला सड़क सुरक्षा प्रबंधक ने आमजन को 'हिट एंड रन' दुर्घटनाओं से संबंधित सरकार के नए नियमों और मुआवजा प्रावधानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। टीम ने बताया कि ऐसी दुखद घटनाओं में अब मृतक के आश्रितों को 2 लाख रुपये और गंभीर रूप से घायल व्यक्तियों को 50,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जाती है। सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को अधिक संवेदनशील बनाने के लिए मौके पर पम्पलेट्स का वितरण भी किया गया, जिसमें यातायात संकेतों और जीवन रक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां अंकित थीं।


अभियान के दौरान यातायात पुलिस और परिवहन विभाग की टीम ने स्पष्ट संदेश दिया कि यह मुहिम केवल एक औपचारिकता नहीं है, बल्कि सुरक्षित सफर सुनिश्चित करने की दिशा में एक निरंतर चलने वाली प्रक्रिया है। सड़कों पर मौजूद अधिकारियों ने जोर देकर कहा कि यातायात नियमों का पालन करना न केवल कानूनी अनिवार्यता है बल्कि एक नैतिक जिम्मेदारी भी है। इस अभियान ने न केवल लापरवाह चालकों को सचेत किया, बल्कि शहरवासियों को यह भी अहसास कराया कि उनकी थोड़ी सी जागरूकता कई कीमती जानें बचा सकती है।

एनएच 522 पर बेलसोती पुल बना खूनी गलियारा


 

एनएच 522 पर बेलसोती पुल बना खूनी गलियारा

संकीर्णता और जर्जर गार्डवाल ले रही मासूमों की जान, एनएचएआई की चुप्पी से बढ़ा आक्रोश


दारू/हजारीबाग: हजारीबाग से बगोदर होकर कोलकाता को जोड़ने वाली मुख्य जीवनरेखा एनएच 522 पर स्थित बेलसोती पुल इन दिनों यात्रियों के लिए काल का पर्याय बन चुका है। दारू प्रखंड के अंतर्गत आने वाला यह पुल अपनी बनावट और प्रशासनिक अनदेखी के कारण एक खतरनाक 'डेथ ट्रैप' में तब्दील हो गया है, जहां बीते छह महीनों के भीतर ही तीन से अधिक भीषण वाहन दुर्घटनाएं घटित हो चुकी हैं। प्रत्यक्षदर्शियों की मानें तो तेज रफ्तार गाड़ियां अक्सर अनियंत्रित होकर सीधे पुल के नीचे जा गिरती हैं, जिससे जान-माल का भारी नुकसान हो रहा है।



इस खूनी सिलसिले की सबसे बड़ी वजह पुल का अत्यधिक संकीर्ण होना और फोरलेन सड़क की चौड़ाई के साथ इसका तालमेल न होना है। चकाचक और चौड़ी फोरलेन सड़क पर फर्राटा भरते वाहन जैसे ही इस पुल के समीप पहुंचते हैं, अचानक सड़क के सिमट जाने से चालक भ्रमित हो जाते हैं और दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। रही-सही कसर पुल के जर्जर गार्डवाल ने पूरी कर दी है, जिसका एक हिस्सा पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है और दूसरा हिस्सा किसी भी वक्त गिर सकता है। सुरक्षा मानकों की यह घोर अनदेखी राहगीरों के लिए हर पल मौत का बुलावा साबित हो रही है।

हजारीबाग की सड़कों पर 'मौत की ड्राइविंग' के खिलाफ बड़ा एक्शन - रोंग साइड चलने वालों पर डीटीओ का हंटर, चालान के साथ सड़क पर ही सिखाया सुरक्षा का पाठ

हजारीबाग की सड़कों पर 'मौत की ड्राइविंग' के खिलाफ बड़ा एक्शन - रोंग साइड चलने वालों पर डीटीओ का हंटर, चालान के साथ सड़क पर ही सिखाया सुरक्षा का पाठ


हजारीबाग: जिले की सड़कों को सुरक्षित बनाने और यातायात नियमों की धज्जियां उड़ाकर अपनी और दूसरों की जान जोखिम में डालने वालों के खिलाफ जिला परिवहन विभाग ने अब कमर कस ली है। इसी कड़ी में जिला परिवहन पदाधिकारी और मोटर यान निरीक्षक के नेतृत्व में शहर में एक सघन संयुक्त जांच अभियान चलाया गया जिसका मुख्य केंद्र बिंदु रोंग साइड ड्राइविंग यानी गलत दिशा में वाहन चलाने वाले रहे। इस औचक निरीक्षण ने नियम तोड़ने वालों में हड़कंप मचा दिया और कड़ा संदेश दिया कि अब लापरवाही किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

अभियान के दौरान गलत दिशा से आ रहे कई वाहनों को रोककर मौके पर ही चालान काटा गया लेकिन प्रशासन का यह कदम केवल जुर्माने तक सीमित नहीं था बल्कि इसमें एक सुधारात्मक पहलू भी देखने को मिला। पकड़े गए वाहन चालकों की सड़क पर ही अधिकारियों द्वारा काउंसलिंग की गई और उन्हें सख्ती के साथ समझाया गया कि चंद मिनटों की जल्दबाजी कैसे एक बड़े और जानलेवा हादसे का सबब बन सकती है। सुधार की दिशा में एक सकारात्मक पहल करते हुए अधिकारियों और मौके पर मौजूद सड़क सुरक्षा टीम के कर्मियों ने चालकों के बीच यातायात नियमों से संबंधित पम्पलेट और सुरक्षा पुस्तिकाएं भी वितरित कीं ताकि वे भविष्य में एक जिम्मेदार नागरिक की तरह वाहन चलाएं। प्रशासन की इस सख्ती और जागरूकता के मिले-जुले प्रयास ने स्पष्ट कर दिया है कि हजारीबाग में अब यातायात नियमों का उल्लंघन करना भारी पड़ेगा और यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा।


सड़क सुरक्षा माह-हजारीबाग में नशेड़ी चालकों पर नकेल, नगवां टोल पर चला सघन जांच अभियान, दफ्तरों में गूंजी सुरक्षा की शपथ

सड़क सुरक्षा माह-हजारीबाग में नशेड़ी चालकों पर नकेल, नगवां टोल पर चला सघन जांच अभियान, दफ्तरों में गूंजी सुरक्षा की शपथ

नरेश सोनी विशेष संवाददाता 

हजारीबाग: सड़क सुरक्षा माह 2026 के तहत हजारीबाग प्रशासन अब पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया


है। अभियान के छठे दिन आज शहर से लेकर नेशनल हाईवे तक सुरक्षा और सतर्कता का अनूठा संगम देखने को मिला। जिला परिवहन कार्यालय और मोटर यान निरीक्षक की संयुक्त टीम ने नगवां टोल प्लाजा के समीप एक आकस्मिक और विशेष जांच अभियान चलाया जिससे वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। इस अभियान की कमान खुद जिला परिवहन पदाधिकारी बैद्यनाथ कामती और मोटर यान निरीक्षक विजय गौतम ने संभाल रखी थी। जांच के दौरान टीम ने विशेष रूप से नशे की हालत में वाहन चलाने वाले चालकों पर शिकंजा कसा। खास बात यह रही कि अधिकारियों ने पकड़े गए चालकों के खिलाफ न केवल सख्त कानूनी कार्रवाई की बल्कि मौके पर ही उनकी काउंसलिंग भी की। उन्हें समझाया गया कि उनकी एक लापरवाही कैसे न केवल उनकी जान ले सकती है बल्कि किसी हंसे-खेलते परिवार को भी उजाड़ सकती है।

वहीं दूसरी ओर जागरूकता की मुहिम के तहत जिले के सभी सरकारी और निजी कार्यालयों में आज एक अलग ही नजारा देखने को मिला। सड़क सुरक्षा माह के छठे दिन अधिकारियों और कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से यातायात नियमों के पालन की शपथ ली। जिला परिवहन कार्यालय में आयोजित मुख्य समारोह में एक सुखद तस्वीर तब उभरी जब कार्यालय कर्मियों के साथ-साथ वहां लर्निंग लाइसेंस बनवाने आए युवाओं और आवेदकों ने भी जीवन रक्षा का संकल्प लिया। प्रशासन की इस दोहरी रणनीति यानी हाईवे पर सख्ती और दफ्तरों में जागरूकता का एकमात्र उद्देश्य जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं के ग्राफ को नीचे लाना और आम जनता को एक जिम्मेदार नागरिक बनाना है ताकि सड़कों पर सफर सुरक्षित हो सके।

सड़क सुरक्षा माह- हजारीबाग में गूंजा यातायात नियमों के पालन का संकल्प, सरकारी और निजी कार्यालयों में ली गई सामूहिक शपथ

 

सड़क सुरक्षा माह- हजारीबाग में गूंजा यातायात नियमों के पालन का संकल्प, सरकारी और निजी कार्यालयों में ली गई सामूहिक शपथ

हजारीबाग: सड़क सुरक्षा माह 2026 के छठे दिन मंगलवार को जिले भर में जागरूकता की एक नई लहर देखने को मिली। हजारीबाग के समस्त सरकारी एवं निजी कार्यालयों में एक साथ सड़क सुरक्षा संबंधी सामूहिक शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना और आमजनों को एक जिम्मेदार नागरिक के रूप में गढ़ना है। जिला मुख्यालय से लेकर सुदूर प्रखंडों तक अधिकारियों और कर्मचारियों ने एक स्वर में यातायात नियमों के पालन की प्रतिबद्धता दोहराई।

​जिला परिवहन कार्यालय में इस अभियान का नेतृत्व स्वयं जिला परिवहन पदाधिकारी ने किया। यहाँ आयोजित विशेष कार्यक्रम में मोटर यान निरीक्षक, प्रधान सहायक और सड़क सुरक्षा टीम के साथ-साथ कार्यालय के सभी कर्मियों ने पूर्ण निष्ठा के साथ शपथ ली। विशेष बात यह रही कि वहां मौजूद प्रशिक्षु लाइसेंस धारियों को भी इस मुहिम से जोड़ा गया, ताकि वे भविष्य में सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति सचेत रहें और सड़क पर अपनी तथा दूसरों की सुरक्षा सुनिश्चित कर सकें।

​इस मुहिम का असर प्रखंड स्तर पर भी व्यापक रूप से देखा गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पद्मा में भी चिकित्सकों और स्वास्थ्य कर्मियों ने सामूहिक रूप से सड़क सुरक्षा की शपथ ली। जिले भर में एक साथ चलाए गए इस शपथ ग्रहण अभियान ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह हर नागरिक का नैतिक कर्तव्य है। प्रशासन का मानना है कि इस तरह की सामूहिक भागीदारी से जिले में सड़क दुर्घटनाओं के आंकड़ों में निश्चित रूप से कमी आएगी।


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