हजारीबाग में रंगों के जरिए नौनिहालों ने दिया जीवन रक्षा का संदेश
हजारीबाग: के सिंदूर स्थित होटल विनायक पैलेस में रविवार को रचनात्मकता और जागरूकता का अनूठा संगम देखने को मिला। जिला परिवहन कार्यालय के तत्वावधान में आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला में स्कूली बच्चों ने अपनी तूलिका और रंगों के माध्यम से 'सड़क सुरक्षा जीवन रक्षा' का ऐसा सशक्त संदेश उकेरा कि वहां मौजूद हर शख्स की अंतरात्मा जाग उठी। सड़क सुरक्षा माह के तहत आयोजित इस भव्य कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम जनों और विशेषकर युवा पीढ़ी को यातायात नियमों के प्रति गंभीर बनाना था ताकि सड़कों पर हो रही असमय मौतों के सिलसिले को रोका जा सके।
कार्यक्रम के दौरान जागरूकता अभियान को धार देते हुए जिला परिवहन कार्यालय और यातायात पुलिस के पदाधिकारियों ने एक सुर में सुरक्षा का मंत्र दिया। इस मौके पर उपस्थित विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को दोपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने, चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने और यातायात के सभी नियमों का कड़ाई से पालन करने की सामूहिक शपथ दिलाई गई। पेंटिंग प्रतियोगिता में विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं ने अपनी कल्पनाशक्ति का परिचय देते हुए कैनवास पर सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के उपाय और सुरक्षित सफर के दृश्य चित्रित किए। इन नन्हे हाथों द्वारा बनाए गए चित्रों में छिपे गहरे संदेशों ने सभी को सोचने पर मजबूर कर दिया।
प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले प्रतिभागियों को विभाग द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित कर उनका हौसला बढ़ाया गया। इस महत्वपूर्ण आयोजन में सड़क सुरक्षा प्रबंधक, रोड इंजीनियर एनालिस्ट, आईटी सहायक सड़क सुरक्षा सहित यातायात पुलिस के कई वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे जिन्होंने बच्चों का मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम का समापन जिला परिवहन पदाधिकारी के उस प्रेरक संदेश के साथ हुआ जिसमें उन्होंने कहा कि सुरक्षित ड्राइविंग न केवल चालक की बल्कि सड़क पर चलने वाले दूसरे निर्दोष लोगों की जान भी बचाती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि चालान के डर से नहीं बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए नियमों का पालन करें क्योंकि जागरूकता ही बचाव का सबसे सशक्त माध्यम है।

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