हजारीबाग निकाय चुनाव: सांसद मनीष जायसवाल के परिवार का हुआ 'बंटवारा', 87 वर्षीय पिता ने व्हीलचेयर पर पहुंचकर पेश की मिसाल
हजारीबाग:
झारखंड नगर निकाय चुनाव-2026 के महासमर में सोमवार को हजारीबाग के मतदाताओं ने पूरे उत्साह के साथ हिस्सा लिया। लोकतंत्र के इस महापर्व में हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के भाजपा सांसद मनीष जायसवाल ने भी सुबह सवा नौ बजे अपने मताधिकार का प्रयोग किया। स्काई ब्लू रंग के कुर्ते में मतदान करने पहुंचे सांसद ने जहाँ एक ओर जनता से सुशासन के लिए वोट करने की अपील की, वहीं दूसरी ओर चुनाव आयोग के 'वोटर लिस्ट प्रबंधन' पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
इसी बीच हजारीबाग में लोकतंत्र की एक बेहद प्रेरणादायक तस्वीर भी सामने आई, जब सांसद के 87 वर्षीय पिता ने शारीरिक अस्वस्थता के बावजूद व्हीलचेयर पर मतदान केंद्र पहुंचकर अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
चुनाव आयोग की त्रुटि: एक ही घर के वोटर दो अलग-अलग वार्डों में
वार्ड संख्या 27 स्थित बालिका मध्य विद्यालय, कुम्हारटोली (बूथ संख्या 04) में अपना वोट डालने के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए सांसद मनीष जायसवाल ने एक व्यक्तिगत विडंबना साझा की। उन्होंने बताया कि चुनाव आयोग की वोटर लिस्ट की गड़बड़ी के कारण उनके ही परिवार का विभाजन हो गया है।
सांसद ने चिंता जताते हुए कहा, "मेरा संपूर्ण परिवार वार्ड संख्या 28 में है, जबकि मुझे अकेला वार्ड संख्या 27 में डाल दिया गया है। यह अत्यंत चिंता का विषय है कि एक ही घर दो अलग-अलग वार्डों में कैसे हो सकता है?" उन्होंने कहा कि मतदान एक पारिवारिक उत्सव होता है, लेकिन अकेले वोट देने पर उन्हें मलाल है।
सांसद ने प्रशासन को नसीहत देते हुए कहा कि यदि एक जनप्रतिनिधि के साथ ऐसी त्रुटि हो सकती है, तो आम जनता को अपना बूथ ढूंढने में कितनी परेशानी हो रही होगी, इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने भविष्य में वोटर लिस्ट के पुनरीक्षण को अधिक संजीदगी से करने का आग्रह किया।
बुनियादी सुविधाओं और सुशासन के लिए करें वोट
चुनाव आयोग की इस लापरवाही के बावजूद, सांसद ने हजारीबाग और झारखंड के सभी मतदाताओं से घरों से निकलकर वोट करने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि नगर निकाय चुनाव हमारे दैनिक जीवन की आधारशिला है।
उन्होंने कहा, "हमारी सुबह की स्वच्छता से लेकर रात की स्ट्रीट लाइट और घर के नल में आने वाले पेयजल तक, सब कुछ इसी नगर निकाय से संचालित होता है। लोकतंत्र तभी सशक्त होगा, जब इसके सभी स्तंभ पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ अपनी भूमिका निभाएंगे।"
87 वर्षीय ब्रजकिशोर जायसवाल ने पेश की लोकतंत्र की मिसाल
एक तरफ जहाँ युवा वोटर मतदान केंद्रों पर पहुँच रहे थे, वहीं सांसद मनीष जायसवाल के पूज्य पिता और हजारीबाग के वरिष्ठ समाजसेवी ब्रजकिशोर जायसवाल ने युवाओं के लिए एक नजीर पेश की। 87 वर्ष की उम्र और शारीरिक अस्वस्थता के बावजूद वे व्हीलचेयर पर वार्ड संख्या 28 स्थित उर्दू स्कूल, काजी मुहल्ला के बूथ पर पहुँचे और अपना वोट डाला।
वरिष्ठ राजनेता का रहा है शानदार सफर:
उल्लेखनीय है कि ब्रजकिशोर जायसवाल का हजारीबाग की राजनीति और समाज सेवा में एक लंबा और समर्पित इतिहास रहा है। वे 70 और 80 के दशक में लगातार तीन बार हजारीबाग नगर पालिका के अध्यक्ष रहे हैं। इसके साथ ही, वर्ष 2010 से 2020 तक उन्होंने हजारीबाग जिला परिषद अध्यक्ष के रूप में भी क्षेत्र का कुशलतापूर्वक नेतृत्व किया है। इस उम्र में भी मतदान के प्रति उनका यह जज्बा देख वहां मौजूद चुनाव कर्मी और आम मतदाता बेहद प्रभावित हुए।

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